Pt 7, Zafarnama +Hikayat,
ਜ਼ਫ਼ਰਨਾਮਹ +ਹਿਕਾਇਤਾ (ਪਾਤਸਾਹੀ 10),
ज़फ़रनामह +हिकाइता (पातसाही 10)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Gurbani LangMeanings
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ੴ ਵਾਹਗੁਰੂ ਜੀ ਕੀ ਫ਼ਤਹ ॥

ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥

ikOankaar vaahaguroo jee kee phateh ||


ਖ਼ੁਦਾਵੰਦ ਬਖ਼ਸ਼ਿੰਦਹੇ ਬੇਸ਼ੁਮਾਰ ॥

ख़ुदावंद बख़शिंदहे बेशुमार ॥

khhudhaava(n)dh bakhhashi(n)dhahe beshumaar ||

ਕਿ ਜ਼ਾਹਰ ਜ਼ਹੂਰ ਅਸਤ ਸਾਹਿਬ ਦਿਯਾਰ ॥੧॥

कि ज़ाहर ज़हूर असत साहिब दियार ॥१॥

k zaahar zahoor asat saahib dhiyaar ||1||


ਤਬੀਅਤ ਬਹਾਲਸਤ ਹੁਸਨਲ ਜਮਾਲ ॥

तबीअत बहालसत हुसनल जमाल ॥

tabeeat bahaalasat husanal jamaal ||

ਚੁ ਹੁਸਨਲ ਜਮਾਲੋ ਫ਼ਜ਼ੀਲਤ ਕਮਾਲ ॥੨॥

चु हुसनल जमालो फ़ज़ीलत कमाल ॥२॥

ch husanal jamaalo phazeelat kamaal ||2||


ਕਿ ਇਸਫ਼ੰਦ ਯਾਰ ਅਜ਼ ਜਹਾ ਰਖ਼ਤ ਬੁਰਦ ॥

कि इसफ़ंद यार अज़ जहा रख़त बुरद ॥

k isapha(n)dh yaar az jahaa rakhhat buradh ||

ਨਸਬ ਨਾਮਹੇ ਖ਼ੁਦ ਬ ਬਹਿਮਨ ਸਪੁਰਦ ॥੩॥

नसब नामहे ख़ुद ब बहिमन सपुरद ॥३॥

nasab naamahe khhudh b bahiman sapuradh ||3||


ਅਜ਼ਾ ਦੁਖ਼ਤਰੇ ਹਮ ਚੁ ਪਰਰੇ ਹੁਮਾਇ ॥

अज़ा दुख़तरे हम चु पररे हुमाइ ॥

azaa dhukhhatare ham ch parare humai ||

ਚੁ ਹੁਸਨਲ ਜਮਾਲ ਅਸਤ ਦਉਲਤ ਫ਼ਿਜ਼ਾਇ ॥੪॥

चु हुसनल जमाल असत दउलत फ़िज़ाइ ॥४॥

ch husanal jamaal asat dhaulat phizai ||4||


ਚੁ ਬਹਮਨ ਸ਼ਹ ਅਜ਼ ਈਂ ਜਹਾ ਬੁਰਦ ਰਖ਼ਤ ॥

चु बहमन शह अज़ ईं जहा बुरद रख़त ॥

ch bahaman sheh az iee(n) jahaa buradh rakhhat ||

ਬ ਦੁਖ਼ਤਰ ਸੁਪਰਦੰਦ ਆਂ ਤਾਜ ਤਖ਼ਤ ॥੫॥

ब दुख़तर सुपरदंद आँ ताज तख़त ॥५॥

b dhukhhatar suparadha(n)dh aa(n) taaj takhhat ||5||


ਨਿਸ਼ਸਤੰਦ ਬਰ ਤਖ਼ਤ ਰੂਮੀ ਹੁਮਾਇ ॥

निशसतंद बर तख़त रूमी हुमाइ ॥

nishasata(n)dh bar takhhat roomee humai ||

ਕਿ ਬੁਸਤਾ ਬਹਾਰ ਅਸਤੁ ਸੂਰਤ ਫ਼ਿਜ਼ਾਇ ॥੬॥

कि बुसता बहार असतु सूरत फ़िज़ाइ ॥६॥

k busataa bahaar asat soorat phizai ||6||


ਚੁ ਬੁਗ਼ਜ਼ਸ਼ਤ ਬਰ ਵੈ ਜ਼ਿ ਦਹ ਸਾਲ ਚਾਰ ॥

चु बुग़ज़शत बर वै ज़ि दह साल चार ॥

ch bug(h)zashat bar vai z dheh saal chaar ||

ਕਿ ਪੈਦਾ ਸ਼ੁਦਹ ਸਬਜ਼ਹੇ ਨੌਬਹਾਰ ॥੭॥

कि पैदा शुदह सबज़हे नौबहार ॥७॥

k paidhaa shudheh sabazahe nauabahaar ||7||


ਬਹਾਰੇ ਜਵਾਨੀ ਬ ਨਉਬਤ ਰਸੀਦ ॥

बहारे जवानी ब नउबत रसीद ॥

bahaare javaanee b naubat raseedh ||

ਚੁ ਬੁਸਤਾ ਗੁਲੇ ਸੁਰਖ਼ ਬੇਰੂੰ ਕਸ਼ੀਦ ॥੮॥

चु बुसता गुले सुरख़ बेरूँ कशीद ॥८॥

ch busataa gule surakhh beroo(n) kasheedh ||8||


ਬ ਹੁਸਨ ਅਮਦਸ਼ ਤੂਤੀਏ ਨੌਬਹਾਰ ॥

ब हुसन अमदश तूतीए नौबहार ॥

b husan amadhash toote'ee nauabahaar ||

ਚੁ ਮਾਹੇ ਕਿ ਬਰਖ਼ੁਦ ਕੁਨਦ ਨੌਬਹਾਰ ॥੯॥

चु माहे कि बरख़ुद कुनद नौबहार ॥९॥

ch maahe k barakhhudh kunadh nauabahaar ||9||


ਮਿਜ਼ਾਜ਼ਸ਼ ਜ਼ਿ ਤਿਫ਼ਲੀ ਬਰੂੰ ਦਰ ਰਸੀਦ ॥

मिज़ाज़श ज़ि तिफ़ली बरूँ दर रसीद ॥

mizaazash z tiphalee baroo(n) dhar raseedh ||

ਜਵਾਨੀ ਜ਼ਿ ਆਗ਼ਾਜ਼ ਬਰਵੈ ਕਸ਼ੀਦ ॥੧੦॥

जवानी ज़ि आग़ाज़ बरवै कशीद ॥१०॥

javaanee z aag(h)aaz baravai kasheedh ||10||


ਵਿਦਾ ਸ਼ੁਦ ਅਜ਼ੋ ਹਾਲ ਤਿਫ਼ਲੀ ਮਿਜ਼ਾਜ ॥

विदा शुद अज़ो हाल तिफ़ली मिज़ाज ॥

vidhaa shudh azo haal tiphalee mizaaj ||

ਬਹਾਰੇ ਜਵਾਨੀ ਦਰਾਮਦ ਬੁਬਾਜ਼ ॥੧੧॥

बहारे जवानी दरामद बुबाज़ ॥११॥

bahaare javaanee dharaamadh bubaaz ||11||


ਕਿ ਬਿਨਸ਼ਸਤ ਬਰ ਤਖ਼ਤ ਸ਼ਾਹਨ ਸ਼ਹੀ ॥

कि बिनशसत बर तख़त शाहन शही ॥

k binashasat bar takhhat shaahan shahee ||

ਬ ਕਲਮ ਅੰਦਰ ਆਵੇਖ਼ਤ ਕਾਗ਼ਜ਼ ਮਹੀ ॥੧੨॥

ब कलम अंदर आवेख़त काग़ज़ मही ॥१२॥

b kalam a(n)dhar aavekhhat kaag(h)z mahee ||12||


ਨਜ਼ਰ ਕਰਦ ਬਰ ਬਚਹ ਗੌਹਰ ਨਿਗਾਰ ॥

नज़र करद बर बचह गौहर निगार ॥

nazar karadh bar bacheh gauahar nigaar ||

ਕਿ ਬੁਰਦ ਅੰਦਰੂੰਨ ਸ਼ਬ ਵਕਤੇ ਗ਼ੁਬਾਰ ॥੧੩॥

कि बुरद अंदरूँन शब वकते ग़ुबार ॥१३॥

k buradh a(n)dharoo(n)n shab vakate g(h)ubaar ||13||


ਬਿਆਵੇਖ਼ਤ ਬਾ ਓ ਦੁ ਸੇ ਚਾਰ ਮਾਹ ॥

बिआवेख़त बा ओ दु से चार माह ॥

biaavekhhat baa o dh se chaar maeh ||

ਕਿ ਸ਼ਿਕਮਸ਼ ਫ਼ਰੋਮਾਦ ਅਜ਼ ਤੁਖ਼ਮਿ ਸ਼ਾਹ ॥੧੪॥

कि शिकमश फ़रोमाद अज़ तुख़मि शाह ॥१४॥

k shikamash pharomaadh az tukhham shaeh ||14||


ਚੁ ਨਹ ਮਾਹ ਗਸ਼ਤਹ ਬ ਆਂ ਬਿਸਤਨੀ ॥

चु नह माह गशतह ब आँ बिसतनी ॥

ch neh maeh gashateh b aa(n) bisatanee ||

ਬ ਕੋਸ਼ਸ਼ ਦਰਾਮਦ ਰਗੇ ਖ਼ੁਸ਼ਤਨੀ ॥੧੫॥

ब कोशश दरामद रगे ख़ुशतनी ॥१५॥

b koshash dharaamadh rage khhushatanee ||15||


ਤਵੱਲਦ ਸ਼ੁਦਸ਼ ਕੋਦਕੇ ਸ਼ੀਰ ਖ਼ਾਰ ॥

तवल्लद शुदश कोदके शीर ख़ार ॥

tava'ladh shudhash kodhake sheer khhaar ||

ਕਿ ਖ਼ੁਦ ਸ਼ਹਿ ਵ ਸ਼ਾਹ ਅਫ਼ਕਨੋ ਨਾਮਦਾਰ ॥੧੬॥

कि ख़ुद शहि व शाह अफ़कनो नामदार ॥१६॥

k khhudh sheh v shaeh aphakano naamadhaar ||16||


ਕਿ ਜ਼ਾਹਰ ਨ ਕਰਦੰਦ ਸਿਰਰੇ ਜਹਾ ॥

कि ज़ाहर न करदंद सिररे जहा ॥

k zaahar na karadha(n)dh sirare jahaa ||

ਬ ਸੰਦੂਕ ਓ ਰਾ ਨਿਗਹ ਦਾਸ਼ਤ ਆਂ ॥੧੭॥

ब संदूक ओ रा निगह दाशत आँ ॥१७॥

b sa(n)dhook o raa nigeh dhaashat aa(n) ||17||


ਜ਼ਿ ਮੁਸ਼ਕੋ ਫ਼ਿਤਰ ਅੰਬਰ ਆਵੇਖ਼ਤੰਦ ॥

ज़ि मुशको फ़ितर अंबर आवेख़तंद ॥

z mushako phitar a(n)bar aavekhhata(n)dh ||

ਬਰੋ ਊਦ ਅਜ਼ ਜ਼ਾਫ਼ਰਾ ਰੇਖ਼ਤੰਦ ॥੧੮॥

बरो ऊद अज़ ज़ाफ़रा रेख़तंद ॥१८॥

baro uoodh az zaapharaa rekhhata(n)dh ||18||


ਬ ਦਸਤ ਅੰਦਰੂੰ ਦਾਸ਼ਤ ਓ ਰਾ ਅਕੀਕ ॥

ब दसत अंदरूँ दाशत ओ रा अकीक ॥

b dhasat a(n)dharoo(n) dhaashat o raa akeek ||

ਰਵਾ ਕਰਦ ਸੰਦੂਕ ਦਰਯਾ ਅਮੀਕ ॥੧੯॥

रवा करद संदूक दरया अमीक ॥१९॥

ravaa karadh sa(n)dhook dharayaa ameek ||19||


ਰਵਾ ਕਰਦ ਓ ਰਾ ਕੁਨਦ ਜਾਮਹ ਚਾਕ ॥

रवा करद ओ रा कुनद जामह चाक ॥

ravaa karadh o raa kunadh jaameh chaak ||

ਨਜ਼ਰ ਦਾਸ਼ਤ ਬਰੁ ਸ਼ੁਕਰ ਯਜ਼ਦਾਨ ਪਾਕ ॥੨੦॥

नज़र दाशत बरु शुकर यज़दान पाक ॥२०॥

nazar dhaashat bar shukar yazadhaan paak ||20||


ਨਿਸ਼ਸਤੰਦ ਬਰ ਰੋਦ ਲਬੇ ਗਾਜ਼ਰਾ ॥

निशसतंद बर रोद लबे गाज़रा ॥

nishasata(n)dh bar rodh labe gaazaraa ||

ਨਜ਼ਰ ਕਰਦ ਸੰਦੂਕ ਦਰੀਯਾ ਰਵਾ ॥੨੧॥

नज़र करद संदूक दरीया रवा ॥२१॥

nazar karadh sa(n)dhook dhareeyaa ravaa ||21||


ਹਮੀ ਖ਼ਾਸਤ ਕਿ ਓ ਰਾ ਬਦਸਤ ਆਵਰੰਦ ॥

हमी ख़ासत कि ओ रा बदसत आवरंद ॥

hamee khhaasat k o raa badhasat aavara(n)dh ||

ਕਿ ਸੰਦੂਕ ਬਸਤਹ ਸ਼ਿਕਸਤ ਆਵਰੰਦ ॥੨੨॥

कि संदूक बसतह शिकसत आवरंद ॥२२॥

k sa(n)dhook basateh shikasat aavara(n)dh ||22||


ਚੁ ਬਾਜੂ ਬ ਕੋਸ਼ਸ਼ ਦਰਾਮਦ ਕਿਰਾ ॥

चु बाजू ब कोशश दरामद किरा ॥

ch baajoo b koshash dharaamadh kiraa ||

ਬ ਦਸਤ ਅੰਦਰ ਆਮਦ ਮਤਾਏ ਗਿਰਾ ॥੨੩॥

ब दसत अंदर आमद मताए गिरा ॥२३॥

b dhasat a(n)dhar aamadh mataae giraa ||23||


ਸ਼ਿਕਸਤੰਦ ਮੁਹਰਸ਼ ਬਰਾਏ ਮਤਾ ॥

शिकसतंद मुहरश बराए मता ॥

shikasata(n)dh muharash baraae mataa ||

ਪਦੀਦ ਆਮਦਹ ਜ਼ਾ ਚੁ ਬਖ਼ਸ਼ਿੰਦਹ ਮਾਹ ॥੨੪॥

पदीद आमदह ज़ा चु बख़शिंदह माह ॥२४॥

padheedh aamadheh zaa ch bakhhashi(n)dheh maeh ||24||


ਵਜ਼ਾ ਗਾਜਰਾ ਖ਼ਾਨਹ ਕੋਦਕ ਚੁ ਨੇਸਤ ॥

वज़ा गाजरा ख़ानह कोदक चु नेसत ॥

vazaa gaajaraa khhaaneh kodhak ch nesat ||

ਖ਼ੁਦਾ ਮਨ ਪਿਸਰ ਦਾਦ ਈਂ ਹਸਬ ਸੇਸਤ ॥੨੫॥

ख़ुदा मन पिसर दाद ईं हसब सेसत ॥२५॥

khhudhaa man pisar dhaadh iee(n) hasab sesat ||25||


ਬਿਯਾਵੁਰਦ ਓ ਰਾ ਗਿਰਿਫ਼ਤ ਆਂ ਅਕੀਕ ॥

बियावुरद ओ रा गिरिफ़त आँ अकीक ॥

biyaavuradh o raa giriphat aa(n) akeek ||

ਸ਼ੁਕਰ ਕਰਦ ਯਜ਼ਦਾਨ ਆਜ਼ਮ ਅਮੀਕ ॥੨੬॥

शुकर करद यज़दान आज़म अमीक ॥२६॥

shukar karadh yazadhaan aazam ameek ||26||


ਕੁਨਦ ਪਰਵਰਿਸ਼ ਰਾ ਚੁ ਪਿਸਰੇ ਅਜ਼ੀਮ ॥

कुनद परवरिश रा चु पिसरे अज़ीम ॥

kunadh paravarish raa ch pisare azeem ||

ਬ ਯਾਦੇ ਖ਼ੁਦਾ ਕਬਿਲਹ ਕਾਬਹ ਕਰੀਮ ॥੨੭॥

ब यादे ख़ुदा कबिलह काबह करीम ॥२७॥

b yaadhe khhudhaa kabileh kaabeh kareem ||27||


ਚੁ ਬੁਗਜ਼ਸ਼ਤ ਬਰ ਵੈ ਦੁ ਸੇ ਸਾਲ ਮਾਹ ॥

चु बुगज़शत बर वै दु से साल माह ॥

ch bugazashat bar vai dh se saal maeh ||

ਕਜ਼ੋ ਦੁਖ਼ਤਰੇ ਖ਼ਾਨਹ ਆਵੁਰਦ ਸ਼ਾਹ ॥੨੮॥

कज़ो दुख़तरे ख़ानह आवुरद शाह ॥२८॥

kazo dhukhhatare khhaaneh aavuradh shaeh ||28||


ਨਜ਼ਰ ਕਰਦ ਬਰ ਵੈ ਹੁਮਾਏ ਅਜ਼ੀਮ ॥

नज़र करद बर वै हुमाए अज़ीम ॥

nazar karadh bar vai humaae azeem ||

ਬ ਯਾਦ ਆਮਦਸ਼ ਪਿਸਰ ਗਾਜ਼ਰ ਕਰੀਮ ॥੨੯॥

ब याद आमदश पिसर गाज़र करीम ॥२९॥

b yaadh aamadhash pisar gaazar kareem ||29||


ਬਪੁਰਸ਼ੀਦ ਓ ਰਾ ਕਿ ਏ ਨੇਕ ਜ਼ਨ ॥

बपुरशीद ओ रा कि ए नेक ज़न ॥

bapurasheedh o raa k e nek zan ||

ਕੁਜਾ ਯਾਫ਼ਤੀ ਪਿਸਰ ਖ਼ੁਸ਼ ਖ਼ੋਇ ਤਨ ॥੩੦॥

कुजा याफ़ती पिसर ख़ुश ख़ोइ तन ॥३०॥

kujaa yaaphatee pisar khhush khhoi tan ||30||


ਬਿਦਾਨੇਮ ਖ਼ਾਨੇਮ ਸ਼ਨਾਸੇਮ ਮਨ ॥

बिदानेम ख़ानेम शनासेम मन ॥

bidhaanem khhaanem shanaasem man ||

ਯਕੇ ਮਨ ਸ਼ਨਾਸ਼ਮ ਨ ਦੀਗ਼ਰ ਸੁਖ਼ਨ ॥੩੧॥

यके मन शनाशम न दीग़र सुख़न ॥३१॥

yake man shanaasham na dheeg(h)r sukhhan ||31||


ਦਵੀਦੰਦ ਮਰਦਮ ਬਖ਼ਾਦੰਮ ਕਜ਼ੋ ॥

दवीदंद मरदम बख़ादंम कज़ो ॥

dhaveedha(n)dh maradham bakhhaadha(n)m kazo ||

ਕਿ ਅਜ਼ ਖ਼ਾਨਹੇ ਗਾਜ਼ਰਾਨਸ਼ ਅਜ਼ੋ ॥੩੨॥

कि अज़ ख़ानहे गाज़रानश अज़ो ॥३२॥

k az khhaanahe gaazaraanash azo ||32||


ਬੁਖ਼ਾਦੰਦ ਓ ਰਾ ਬੁਬਸਤੰਦ ਸਖ਼ਤ ॥

बुख़ादंद ओ रा बुबसतंद सख़त ॥

bukhhaadha(n)dh o raa bubasata(n)dh sakhhat ||

ਬ ਪੁਰਸ਼ੀਦ ਓ ਰਾ ਕਿ ਏ ਨੇਕ ਬਖ਼ਤ ॥੩੩॥

ब पुरशीद ओ रा कि ए नेक बख़त ॥३३॥

b purasheedh o raa k e nek bakhhat ||33||


ਬਿਗੋਯਮ ਤੁਰਾ ਹਮ ਚੁ ਈਂ ਯਾਫ਼ਤਮ ॥

बिगोयम तुरा हम चु ईं याफ़तम ॥

bigoyam turaa ham ch iee(n) yaaphatam ||

ਨੁਮਾਯਮ ਬ ਤੋ ਹਾਲ ਚੂੰ ਸਾਖ਼ਤਮ ॥੩੪॥

नुमायम ब तो हाल चूँ साख़तम ॥३४॥

numaayam b to haal choo(n) saakhhatam ||34||


ਕਿ ਸਾਲੇ ਫ਼ਲਾ ਮਾਹ ਦਰ ਵਕਤ ਸ਼ਾਮ ॥

कि साले फ़ला माह दर वकत शाम ॥

k saale phalaa maeh dhar vakat shaam ||

ਕਿ ਈਂ ਕਾਰ ਰਾ ਕਰਦਅਮ ਮਨ ਤਮਾਮ ॥੩੫॥

कि ईं कार रा करदअम मन तमाम ॥३५॥

k iee(n) kaar raa karadham man tamaam ||35||


ਗ਼ਿਰਿਫ਼ਤੇਮ ਸੰਦੂਕ ਦਰੀਯਾ ਅਮੀਕ ॥

ग़िरिफ़तेम संदूक दरीया अमीक ॥

g(h)iriphatem sa(n)dhook dhareeyaa ameek ||

ਯਕੇ ਦਸਤ ਜ਼ੋ ਯਾਫ਼ਤਮ ਈਂ ਅਕੀਕ ॥੩੬॥

यके दसत ज़ो याफ़तम ईं अकीक ॥३६॥

yake dhasat zo yaaphatam iee(n) akeek ||36||


ਬਦੀਦੰਦ ਗੌਹਰਿ ਗ਼ਿਰਫ਼ਤੰਦ ਅਜ਼ਾ ॥

बदीदंद गौहरि ग़िरफ़तंद अज़ा ॥

badheedha(n)dh gauahar g(h)iraphata(n)dh azaa ||

ਸ਼ਨਾਸਦ ਕਿ ਈਂ ਪਿਸਰ ਹਸਤ ਆਂ ਹੁਮਾ ॥੩੭॥

शनासद कि ईं पिसर हसत आँ हुमा ॥३७॥

shanaasadh k iee(n) pisar hasat aa(n) humaa ||37||


ਬਰੋ ਤਾਜ਼ਹ ਸ਼ੁਦ ਸ਼ੀਰ ਪਿਸਤਾ ਅਜ਼ੋ ॥

बरो ताज़ह शुद शीर पिसता अज़ो ॥

baro taazeh shudh sheer pisataa azo ||

ਬਿਜ਼ਦ ਸੀਨਹ ਖ਼ੁਦ ਹਰਦੋ ਦਸਤਾ ਅਜ਼ੋ ॥੩੮॥

बिज़द सीनह ख़ुद हरदो दसता अज़ो ॥३८॥

bizadh seeneh khhudh haradho dhasataa azo ||38||


ਸ਼ਨਾਸਦ ਅਜ਼ੋ ਹਰ ਦੁ ਲਬ ਬਰ ਕੁਸ਼ਾਦ ॥

शनासद अज़ो हर दु लब बर कुशाद ॥

shanaasadh azo har dh lab bar kushaadh ||

ਕਿ ਜ਼ਾਹਰ ਨ ਕਰਦਸ਼ ਦਿਲ ਅੰਦਰ ਨਿਹਾਦ ॥੩੯॥

कि ज़ाहर न करदश दिल अंदर निहाद ॥३९॥

k zaahar na karadhash dhil a(n)dhar nihaadh ||39||


ਦਿਗ਼ਰ ਰੋਜ਼ ਰਫ਼ਤੰਦ ਜ਼ਉਜਹ ਫਲਾ ॥

दिग़र रोज़ रफ़तंद ज़उजह फला ॥

dhig(h)r roz raphata(n)dh zaujeh falaa ||

ਮਰਾ ਖ਼ਾਬ ਦਾਦਹ ਬਜ਼ੁਰਗੇ ਹੁਮਾ ॥੪੦॥

मरा ख़ाब दादह बज़ुरगे हुमा ॥४०॥

maraa khhaab dhaadheh bazurage humaa ||40||


ਤੁਰਾ ਮਨ ਕਿ ਫ਼ਰਜ਼ੰਦ ਬਖ਼ਸ਼ੀਦਹਅਮ ॥

तुरा मन कि फ़रज़ंद बख़शीदहअम ॥

turaa man k pharaza(n)dh bakhhasheedhaham ||

ਚਰਾਗ਼ੇ ਕਯਾਰਾ ਦਰਖ਼ਸ਼ੀਦਹਅਮ ॥੪੧॥

चराग़े कयारा दरख़शीदहअम ॥४१॥

charaag(h)e kayaaraa dharakhhasheedhaham ||41||


ਜ਼ਿ ਗੰਜੋ ਜ਼ਰ ਸ਼ ਗੌਹਰੋ ਤਖ਼ਤ ਦਾਦ ॥

ज़ि गंजो ज़र श गौहरो तख़त दाद ॥

z ga(n)jo zar sh gauaharo takhhat dhaadh ||

ਵਜ਼ਾ ਪਿਸਰ ਰਾ ਖ਼ਾਨਹੇ ਖ਼ੁਦ ਨਿਹਾਦ ॥੪੨॥

वज़ा पिसर रा ख़ानहे ख़ुद निहाद ॥४२॥

vazaa pisar raa khhaanahe khhudh nihaadh ||42||


ਬ ਗੁਫ਼ਤਸ਼ ਕਿ ਈਂ ਰਾ ਜ਼ਿ ਦਰੀਆਫ਼ਤਮ ॥

ब गुफ़तश कि ईं रा ज़ि दरीआफ़तम ॥

b guphatash k iee(n) raa z dhareeaaphatam ||

ਕਿ ਦਾਰਾਬ ਨਾਮਸ਼ ਅਜ਼ੋ ਸਾਖ਼ਤਮ ॥੪੩॥

कि दाराब नामश अज़ो साख़तम ॥४३॥

k dhaaraab naamash azo saakhhatam ||43||


ਕਿ ਸ਼ਾਹੀ ਜਹਾ ਰਾ ਬਦੋ ਮੇ ਦਿਹੰਮ ॥

कि शाही जहा रा बदो मे दिहंम ॥

k shaahee jahaa raa badho me dhiha(n)m ||

ਵਜ਼ਾ ਤਾਜ ਇਕਬਾਲ ਬਰ ਸਰ ਨਿਹਮ ॥੪੪॥

वज़ा ताज इकबाल बर सर निहम ॥४४॥

vazaa taaj ikabaal bar sar niham ||44||


ਮਰਾ ਖ਼ੁਸ਼ ਤਰ ਆਮਦ ਅਜ਼ਾ ਸੂਰਤਸ਼ ॥

मरा ख़ुश तर आमद अज़ा सूरतश ॥

maraa khhush tar aamadh azaa sooratash ||

ਕਿ ਹੁਸਨਲ ਜਮਾਲ ਅਸਤ ਖ਼ੁਸ਼ ਸੂਰਤਸ਼ ॥੪੫॥

कि हुसनल जमाल असत ख़ुश सूरतश ॥४५॥

k husanal jamaal asat khhush sooratash ||45||


ਕਿ ਅਜ਼ ਸ਼ਾਹਿ ਓ ਚੂੰ ਖ਼ਬਰ ਯਾਫ਼ਤਸ਼ ॥

कि अज़ शाहि ओ चूँ ख़बर याफ़तश ॥

k az shaeh o choo(n) khhabar yaaphatash ||

ਕਿ ਦਾਰਾਬ ਨਾਮੇ ਮੁਕਰਰਾ ਸ਼ੁਦਸ਼ ॥੪੬॥

कि दाराब नामे मुकररा शुदश ॥४६॥

k dhaaraab naame mukararaa shudhash ||46||


ਅਜ਼ਾ ਸ਼ੇਰ ਸ਼ੁਦ ਸ਼ਾਹਿ ਦਾਰਾਇ ਦੀਂ ॥

अज़ा शेर शुद शाहि दाराइ दीं ॥

azaa sher shudh shaeh dhaarai dhee(n) ||

ਹਕੀਕਤ ਸ਼ਨਾਸ ਅਸਤੁ ਐਨੁਲ ਯਕੀਂ ॥੪੭॥

हकीकत शनास असतु ऐनुल यकीं ॥४७॥

hakeekat shanaas asat aainul yakee(n) ||47||


ਬਿਦਿਹ ਸਾਕੀਯਾ ਸਾਗ਼ਰੇ ਸੁਰਖ਼ ਫ਼ਾਮ ॥

बिदिह साकीया साग़रे सुरख़ फ़ाम ॥

bidheh saakeeyaa saag(h)re surakhh phaam ||

ਕਿ ਮਾਰਾ ਬ ਕਾਰ ਅਸਤ ਵਕਤੇ ਮੁਦਾਮ ॥੪੮॥

कि मारा ब कार असत वकते मुदाम ॥४८॥

k maaraa b kaar asat vakate mudhaam ||48||


ਬਿਦਿਹ ਪਿਯਾਲਹ ਫ਼ੇਰੋਜ਼ ਰੰਗੀਨ ਰੰਗ ॥

बिदिह पियालह फ़ेरोज़ रंगीन रंग ॥

bidheh piyaaleh pheroz ra(n)geen ra(n)g ||

ਕਿ ਮਾਰਾ ਖ਼ੁਸ਼ ਆਮਦ ਬਸੇ ਵਕਤ ਜੰਗ ॥੪੯॥੭॥

कि मारा ख़ुश आमद बसे वकत जंग ॥४९॥७॥

k maaraa khhush aamadh base vakat ja(n)g ||49||7||



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