(भट्टा के) सवईए महले पहिले के, (Bhatt) Savaiye Mahalle 1 Ke Path in Hindi Gurbani online


100+ गुरबाणी पाठ (हिंदी) सुन्दर गुटका साहिब (Download PDF) Daily Updates


सवईए महले पहिले के १
ੴ सतिगुर प्रसादि ॥

इक मनि पुरखु धिआइ बरदाता ॥ संत सहारु सदा बिखिआता ॥ तासु चरन ले रिदै बसावउ ॥ तउ परम गुरू नानक गुन गावउ ॥१॥

गावउ गुन परम गुरू सुख सागर दुरत निवारण सबद सरे ॥ गावहि ग्मभीर धीर मति सागर जोगी जंगम धिआनु धरे ॥ गावहि इंद्रादि भगत प्रहिलादिक आतम रसु जिनि जाणिओ ॥ कबि कल सुजसु गावउ गुर नानक राजु जोगु जिनि माणिओ ॥२॥

गावहि जनकादि जुगति जोगेसुर हरि रस पूरन सरब कला ॥ गावहि सनकादि साध सिधादिक मुनि जन गावहि अछल छला ॥ गावै गुण धोमु अटल मंडलवै भगति भाइ रसु जाणिओ ॥ कबि कल सुजसु गावउ गुर नानक राजु जोगु जिनि माणिओ ॥३॥

गावहि कपिलादि आदि जोगेसुर अपर्मपर अवतार वरो ॥ गावै जमदगनि परसरामेसुर कर कुठारु रघु तेजु हरिओ ॥ उधौ अक्रूरु बिदरु गुण गावै सरबातमु जिनि जाणिओ ॥ कबि कल सुजसु गावउ गुर नानक राजु जोगु जिनि माणिओ ॥४॥

गावहि गुण बरन चारि खट दरसन ब्रहमादिक सिमरंथि गुना ॥ गावै गुण सेसु सहस जिहबा रस आदि अंति लिव लागि धुना ॥ गावै गुण महादेउ बैरागी जिनि धिआन निरंतरि जाणिओ ॥ कबि कल सुजसु गावउ गुर नानक राजु जोगु जिनि माणिओ ॥५॥

राजु जोगु माणिओ बसिओ निरवैरु रिदंतरि ॥ स्रिसटि सगल उधरी नामि ले तरिओ निरंतरि ॥ गुण गावहि सनकादि आदि जनकादि जुगह लगि ॥ धंनि धंनि गुरु धंनि जनमु सकयथु भलौ जगि ॥ पाताल पुरी जैकार धुनि कबि जन कल वखाणिओ ॥ हरि नाम रसिक नानक गुर राजु जोगु तै माणिओ ॥६॥

सतजुगि तै माणिओ छलिओ बलि बावन भाइओ ॥ त्रेतै तै माणिओ रामु रघुवंसु कहाइओ ॥ दुआपुरि क्रिसन मुरारि कंसु किरतारथु कीओ ॥ उग्रसैण कउ राजु अभै भगतह जन दीओ ॥ कलिजुगि प्रमाणु नानक गुरु अंगदु अमरु कहाइओ ॥ स्री गुरू राजु अबिचलु अटलु आदि पुरखि फुरमाइओ ॥७॥

गुण गावै रविदासु भगतु जैदेव त्रिलोचन ॥ नामा भगतु कबीरु सदा गावहि सम लोचन ॥ भगतु बेणि गुण रवै सहजि आतम रंगु माणै ॥ जोग धिआनि गुर गिआनि बिना प्रभ अवरु न जाणै ॥ सुखदेउ परीख्यतु गुण रवै गोतम रिखि जसु गाइओ ॥ कबि कल सुजसु नानक गुर नित नवतनु जगि छाइओ ॥८॥

गुण गावहि पायालि भगत नागादि भुयंगम ॥ महादेउ गुण रवै सदा जोगी जति जंगम ॥ गुण गावै मुनि ब्यासु जिनि बेद ब्याकरण बीचारिअ ॥ ब्रहमा गुण उचरै जिनि हुकमि सभ स्रिसटि सवारीअ ॥ ब्रहमंड खंड पूरन ब्रहमु गुण निरगुण सम जाणिओ ॥ जपु कल सुजसु नानक गुर सहजु जोगु जिनि माणिओ ॥९॥

गुण गावहि नव नाथ धंनि गुरु साचि समाइओ ॥ मांधाता गुण रवै जेन चक्रवै कहाइओ ॥ गुण गावै बलि राउ सपत पातालि बसंतौ ॥ भरथरि गुण उचरै सदा गुर संगि रहंतौ ॥ दूरबा परूरउ अंगरै गुर नानक जसु गाइओ ॥ कबि कल सुजसु नानक गुर घटि घटि सहजि समाइओ ॥१०॥


100+ गुरबाणी पाठ (हिंदी) सुन्दर गुटका साहिब (Download PDF) Daily Updates