राग मारू काफी - बाणी शब्द, Raag Maru Kafi - Bani Quotes Shabad Path in Hindi Gurbani online


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(गुरू नानक देव जी -- SGGS 1014) ੴ सतिगुर प्रसादि ॥
मारू काफी महला १ घरु २ ॥
आवउ वंञउ डुमणी किती मित्र करेउ ॥ सा धन ढोई न लहै वाढी किउ धीरेउ ॥१॥

मैडा मनु रता आपनड़े पिर नालि ॥ हउ घोलि घुमाई खंनीऐ कीती हिक भोरी नदरि निहालि ॥१॥ रहाउ ॥

पेईअड़ै डोहागणी साहुरड़ै किउ जाउ ॥ मै गलि अउगण मुठड़ी बिनु पिर झूरि मराउ ॥२॥

पेईअड़ै पिरु समला साहुरड़ै घरि वासु ॥ सुखि सवंधि सोहागणी पिरु पाइआ गुणतासु ॥३॥

लेफु निहाली पट की कापड़ु अंगि बणाइ ॥ पिरु मुती डोहागणी तिन डुखी रैणि विहाइ ॥४॥

किती चखउ साडड़े किती वेस करेउ ॥ पिर बिनु जोबनु बादि गइअमु वाढी झूरेदी झूरेउ ॥५॥

सचे संदा सदड़ा सुणीऐ गुर वीचारि ॥ सचे सचा बैहणा नदरी नदरि पिआरि ॥६॥

गिआनी अंजनु सच का डेखै डेखणहारु ॥ गुरमुखि बूझै जाणीऐ हउमै गरबु निवारि ॥७॥

तउ भावनि तउ जेहीआ मू जेहीआ कितीआह ॥ नानक नाहु न वीछुड़ै तिन सचै रतड़ीआह ॥८॥१॥९॥


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