राग कलिआनु भोपाली - बाणी शब्द, Raag Kalyan Bhopali - Bani Quotes Shabad Path in Hindi Gurbani online


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(गुरू रामदास जी -- SGGS 1321) कलिआनु भोपाली महला ४
ੴ सतिगुर प्रसादि ॥
पारब्रहमु परमेसुरु सुआमी दूख निवारणु नाराइणे ॥ सगल भगत जाचहि सुख सागर भव निधि तरण हरि चिंतामणे ॥१॥ रहाउ ॥

दीन दइआल जगदीस दमोदर हरि अंतरजामी गोबिंदे ॥ ते निरभउ जिन स्रीरामु धिआइआ गुरमति मुरारि हरि मुकंदे ॥१॥

जगदीसुर चरन सरन जो आए ते जन भव निधि पारि परे ॥ भगत जना की पैज हरि राखै जन नानक आपि हरि क्रिपा करे ॥२॥१॥७॥


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