Pt 7, Shastar Naam Mala,
ਸਸਤ੍ਰ ਨਾਮ ਮਾਲਾ (ਪਾਤਿਸਾਹੀ 10),
ससत्र नाम माला (पातिसाही 10)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


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ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
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ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

सत्रु सबद कहु ता के अंति बखानीऐ ॥

satr sabadh kahu taa ke a(n)t bakhaaneeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਬੁਧਿ ਪ੍ਰਮਾਨੀਐ ॥੯੩੮॥

हो सकल तुपक के नाम सुबुधि प्रमानीऐ ॥९३८॥

ho sakal tupak ke naam subudh pramaaneeaai ||938||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਮਯੰਕ ਅਨੁਜਨਿਨਿ ਆਦਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

मयंक अनुजनिनि आदि बखानहु ॥

maya(n)k anujanin aadh bakhaanahu ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥

जा चर कहि पति सबद प्रमानहु ॥

jaa char keh pat sabadh pramaanahu ||

ਅਰਿ ਪਦ ਅੰਤਿ ਤਵਨ ਕੇ ਦਿਜੈ ॥

अरि पद अंति तवन के दिजै ॥

ar padh a(n)t tavan ke dhijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਲਹਿ ਲਿਜੈ ॥੯੩੯॥

नाम तुपक के सभ लहि लिजै ॥९३९॥

naam tupak ke sabh leh lijai ||939||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਮਯੰਕ ਸਹੋਦਰਨਿਨਿ ਸਬਦਾਦਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

मयंक सहोदरनिनि सबदादि बखानीऐ ॥

maya(n)k sahodharanin sabadhaadh bakhaaneeaai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਕਰਿ ਨਾਥ ਸਬਦ ਕਹੁ ਠਾਨੀਐ ॥

जा चर कहि करि नाथ सबद कहु ठानीऐ ॥

jaa char keh kar naath sabadh kahu Thaaneeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਭਣੀਜੀਐ ॥

सत्रु सबद कहु ता के अंति भणीजीऐ ॥

satr sabadh kahu taa ke a(n)t bhaneejeeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਕਬਿ ਲਹਿ ਲੀਜੀਐ ॥੯੪੦॥

हो सकल तुपक के नाम सुकबि लहि लीजीऐ ॥९४०॥

ho sakal tupak ke naam sukab leh leejeeaai ||940||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਅਜ ਅਨੁਜਨਨਿਨਿ ਆਦਿ ਕਹਿਜੈ ॥

अज अनुजननिनि आदि कहिजै ॥

aj anujananin aadh kahijai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਭਣਿਜੈ ॥

जा चर कहि पति सबद भणिजै ॥

jaa char keh pat sabadh bhanijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु अंति उचारहु ॥

satr sabadh kahu a(n)t uchaarahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਬਿਚਾਰਹੁ ॥੯੪੧॥

सकल तुपक के नाम बिचारहु ॥९४१॥

sakal tupak ke naam bichaarahu ||941||


ਨਿਸਿਸ ਅਨੁਜਨਨਿਨਿ ਆਦਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

निसिस अनुजननिनि आदि बखानहु ॥

nisis anujananin aadh bakhaanahu ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦਿ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥

जा चर कहि पति सबदि प्रमानहु ॥

jaa char keh pat sabadh pramaanahu ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਉਚਰੀਐ ॥

सत्रु सबद को बहुरि उचरीऐ ॥

satr sabadh ko bahur uchareeaai ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਬਿਚਰੀਐ ॥੯੪੨॥

सकल तुपक के नाम बिचरीऐ ॥९४२॥

sakal tupak ke naam bichareeaai ||942||


ਨਿਸਿ ਇਸਰਨਨਿਨਿ ਆਦਿ ਕਹਿਜੈ ॥

निसि इसरननिनि आदि कहिजै ॥

nis isarananin aadh kahijai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਭਣਿਜੈ ॥

जा चर कहि पति सबद भणिजै ॥

jaa char keh pat sabadh bhanijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh kahu bahur bakhaanahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪਛਾਨਹੁ ॥੯੪੩॥

सकल तुपक के नाम पछानहु ॥९४३॥

sakal tupak ke naam pachhaanahu ||943||


ਰੈਨਾਧਿਪਨੀ ਆਦਿ ਬਖਾਨੋ ॥

रैनाधिपनी आदि बखानो ॥

rainaadhipanee aadh bakhaano ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਠਾਨੋ ॥

जा चर कहि नाइक पद ठानो ॥

jaa char keh naik padh Thaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि भणिजै ॥

satr sabadh kahu bahur bhanijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਲਖਿ ਲਿਜੈ ॥੯੪੪॥

नाम तुपक के सभ लखि लिजै ॥९४४॥

naam tupak ke sabh lakh lijai ||944||


ਰੈਨ ਰਾਟਨਿਨਿ ਆਦਿ ਉਚਰੀਐ ॥

रैन राटनिनि आदि उचरीऐ ॥

rain raaTanin aadh uchareeaai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਧਰੀਐ ॥

जा चर कहि नाइक पद धरीऐ ॥

jaa char keh naik padh dhareeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh kahu bahur bakhaanahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਜਾਨਹੁ ॥੯੪੫॥

नाम तुपक के सभ जीअ जानहु ॥९४५॥

naam tupak ke sabh jeea jaanahu ||945||


ਰੈਨਰਾਜਨੀ ਆਦਿ ਕਹਿਜੈ ॥

रैनराजनी आदि कहिजै ॥

rainaraajanee aadh kahijai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਭਣਿਜੈ ॥

जा चर कहि पति सबद भणिजै ॥

jaa char keh pat sabadh bhanijai ||

ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਸਤ੍ਰੁ ਪਦ ਕਹੀਐ ॥

ता के अंति सत्रु पद कहीऐ ॥

taa ke a(n)t satr padh kaheeaai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਲਹੀਐ ॥੯੪੬॥

नाम तुपक के सभ जीअ लहीऐ ॥९४६॥

naam tupak ke sabh jeea laheeaai ||946||


ਨਿਸ ਨਾਇਕਨਿਨਿ ਆਦਿ ਉਚਰੀਐ ॥

निस नाइकनिनि आदि उचरीऐ ॥

nis naikanin aadh uchareeaai ||

ਸੂਨ ਉਚਰਿ ਚਰ ਪਤਿ ਪਦ ਡਰੀਐ ॥

सून उचरि चर पति पद डरीऐ ॥

soon uchar char pat padh ddareeaai ||

ਅਰਿ ਪਦ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

अरि पद ता के अंति बखानहु ॥

ar padh taa ke a(n)t bakhaanahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥੯੪੭॥

सकल तुपक के नाम प्रमानहु ॥९४७॥

sakal tupak ke naam pramaanahu ||947||


ਨਿਸਿਇਸਨੀ ਸਬਦਾਦਿ ਬਖਾਨੋ ॥

निसिइसनी सबदादि बखानो ॥

nisiisanee sabadhaadh bakhaano ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਠਾਨੋ ॥

जा चर कहि नाइक पद ठानो ॥

jaa char keh naik padh Thaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि उचारहु ॥

satr sabadh kahu bahur uchaarahu ||

ਸੁਕਬਿ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਬਿਚਾਰਹੁ ॥੯੪੮॥

सुकबि तुपक के नाम बिचारहु ॥९४८॥

sukab tupak ke naam bichaarahu ||948||


ਨਿਸਿ ਪਤਿਨਿਨਿ ਸਬਦਾਦਿ ਉਚਰੀਐ ॥

निसि पतिनिनि सबदादि उचरीऐ ॥

nis patinin sabadhaadh uchareeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਅਰਿ ਅੰਤਹਿ ਪਦ ਧਰੀਐ ॥

सुत चर अरि अंतहि पद धरीऐ ॥

sut char ar a(n)teh padh dhareeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु अंति बखानहु ॥

satr sabadh kahu a(n)t bakhaanahu ||

ਸੁਕਬਿ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪਛਾਨਹੁ ॥੯੪੯॥

सुकबि तुपक के नाम पछानहु ॥९४९॥

sukab tupak ke naam pachhaanahu ||949||


ਨਿਸ ਧਨਿਨੀ ਸਬਦਾਦਿ ਕਹਿਜੈ ॥

निस धनिनी सबदादि कहिजै ॥

nis dhaninee sabadhaadh kahijai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਅਰਿ ਪਦਹਿ ਭਣਿਜੈ ॥

जा चर कहि अरि पदहि भणिजै ॥

jaa char keh ar padheh bhanijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh kahu bahur bakhaanahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਜਾਨਹੁ ॥੯੫੦॥

नाम तुपक के सभ जीअ जानहु ॥९५०॥

naam tupak ke sabh jeea jaanahu ||950||


ਰੈਨ ਨਾਇਕਨਿ ਆਦਿ ਸੁ ਕਹੀਐ ॥

रैन नाइकनि आदि सु कहीऐ ॥

rain naikan aadh su kaheeaai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਪਦ ਦੈ ਰਹੀਐ ॥

जा चर कहि पति पद दै रहीऐ ॥

jaa char keh pat padh dhai raheeaai ||

ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਸਤ੍ਰੁ ਪਦ ਭਾਖਹੁ ॥

ता के अंति सत्रु पद भाखहु ॥

taa ke a(n)t satr padh bhaakhahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਲਖਿ ਰਾਖਹੁ ॥੯੫੧॥

नाम तुपक के सभ लखि राखहु ॥९५१॥

naam tupak ke sabh lakh raakhahu ||951||


ਨਿਸ ਚਰਨਿਨਿ ਪ੍ਰਥਮੈ ਪਦ ਭਾਖਹੁ ॥

निस चरनिनि प्रथमै पद भाखहु ॥

nis charanin prathamai padh bhaakhahu ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪੁਨਿ ਰਾਖਹੁ ॥

सुत चर कहि नाइक पुनि राखहु ॥

sut char keh naik pun raakhahu ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh kahu bahur bakhaanahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪਛਾਨਹੁ ॥੯੫੨॥

सकल तुपक के नाम पछानहु ॥९५२॥

sakal tupak ke naam pachhaanahu ||952||


ਆਦਿ ਨਿਸਾਚਰਿਨਨਿ ਕਹੁ ਭਾਖੋ ॥

आदि निसाचरिननि कहु भाखो ॥

aadh nisaacharinan kahu bhaakho ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਰਾਖੋ ॥

सुत चर कहि नाइक पद राखो ॥

sut char keh naik padh raakho ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि भणिजै ॥

satr sabadh kahu bahur bhanijai ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਕਹਿਜੈ ॥੯੫੩॥

सकल तुपक के नाम कहिजै ॥९५३॥

sakal tupak ke naam kahijai ||953||


ਰੈਨ ਰਮਨਿ ਸਬਦਾਦਿ ਭਣਿਜੈ ॥

रैन रमनि सबदादि भणिजै ॥

rain raman sabadhaadh bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਕਹਿਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद कहिजै ॥

sut char keh pat sabadh kahijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद को अंति बखानहु ॥

satr sabadh ko a(n)t bakhaanahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥੯੫੪॥

सकल तुपक के नाम प्रमानहु ॥९५४॥

sakal tupak ke naam pramaanahu ||954||


ਰੈਨ ਰਾਜਨਿਨਿ ਪ੍ਰਥਮ ਉਚਾਰੋ ॥

रैन राजनिनि प्रथम उचारो ॥

rain raajanin pratham uchaaro ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਪਦਹਿ ਸਵਾਰੋ ॥

सुत चर कहि पति पदहि सवारो ॥

sut char keh pat padheh savaaro ||

ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਸਤ੍ਰੁ ਪਦ ਕਹੀਐ ॥

ता के अंति सत्रु पद कहीऐ ॥

taa ke a(n)t satr padh kaheeaai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਹੀ ਲਹੀਐ ॥੯੫੫॥

नाम तुपक के सभ ही लहीऐ ॥९५५॥

naam tupak ke sabh hee laheeaai ||955||


ਨਿਸਾਰਵਨਿਨਿ ਆਦਿ ਭਣਿਜੈ ॥

निसारवनिनि आदि भणिजै ॥

nisaaravanin aadh bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरिजै ॥

sut char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਾ ਪਾਛੇ ਕਹੀਐ ॥

सत्रु सबद ता पाछे कहीऐ ॥

satr sabadh taa paachhe kaheeaai ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਲਹੀਐ ॥੯੫੬॥

सभ स्री नाम तुपक के लहीऐ ॥९५६॥

sabh sree naam tupak ke laheeaai ||956||


ਦਿਨ ਅਰਿ ਰਵਨਿਨਿ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

दिन अरि रवनिनि आदि उचारो ॥

dhin ar ravanin aadh uchaaro ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਬਿਚਾਰੋ ॥

सुत चर कहि पति सबद बिचारो ॥

sut char keh pat sabadh bichaaro ||

ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਸਤ੍ਰੁ ਪਦ ਭਾਖੋ ॥

ता के अंति सत्रु पद भाखो ॥

taa ke a(n)t satr padh bhaakho ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਜੂ ਕੇ ਲਖਿ ਰਾਖੋ ॥੯੫੭॥

नाम तुपक जू के लखि राखो ॥९५७॥

naam tupak joo ke lakh raakho ||957||


ਹਰਿਜ ਅਰਿ ਰਵਨਿਨਿ ਆਦਿ ਬਖਾਨੋ ॥

हरिज अरि रवनिनि आदि बखानो ॥

harij ar ravanin aadh bakhaano ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨੋ ॥

सुत चर कहि पति सबद प्रमानो ॥

sut char keh pat sabadh pramaano ||

ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਸਤ੍ਰੁ ਪਦ ਕਹੋ ॥

ता के अंति सत्रु पद कहो ॥

taa ke a(n)t satr padh kaho ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਲਹੋ ॥੯੫੮॥

सभ स्री नाम तुपक के लहो ॥९५८॥

sabh sree naam tupak ke laho ||958||


ਤਿਮ੍ਰਿਯਰਿ ਸੋ ਰਵਨਨਿ ਪਦ ਕਹੀਐ ॥

तिमृयरि सो रवननि पद कहीऐ ॥

timirayar so ravanan padh kaheeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਗਹੀਐ ॥

सुत चर कहि नाइक पद गहीऐ ॥

sut char keh naik padh gaheeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਕਹਿਜੈ ॥

सत्रु सबद तिह अंति कहिजै ॥

satr sabadh teh a(n)t kahijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਲਹਿ ਲਿਜੈ ॥੯੫੯॥

नाम तुपक के सभ लहि लिजै ॥९५९॥

naam tupak ke sabh leh lijai ||959||


ਹਰਿਜਰਿ ਰਵਨਿਨਿ ਆਦਿ ਬਖਾਨੋ ॥

हरिजरि रवनिनि आदि बखानो ॥

harijar ravanin aadh bakhaano ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਠਾਨੋ ॥

जा चर कहि नाइक पद ठानो ॥

jaa char keh naik padh Thaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਉਚਰੀਐ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि उचरीऐ ॥

satr sabadh kahu bahur uchareeaai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸੁਕਬਿ ਬਿਚਰੀਐ ॥੯੬੦॥

नाम तुपक के सुकबि बिचरीऐ ॥९६०॥

naam tupak ke sukab bichareeaai ||960||


ਰਵਿਜਰਿ ਰਵਨਿਨਿ ਆਦਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

रविजरि रवनिनि आदि बखानहु ॥

ravijar ravanin aadh bakhaanahu ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥

जा चर कहि पति सबद प्रमानहु ॥

jaa char keh pat sabadh pramaanahu ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰੋ ਭਾਖਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरो भाखहु ॥

satr sabadh kahu bahuro bhaakhahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਲਖਿ ਰਾਖਹੁ ॥੯੬੧॥

सभ स्री नाम तुपक लखि राखहु ॥९६१॥

sabh sree naam tupak lakh raakhahu ||961||


ਭਾਨੁਜ ਅਰਿ ਕਹਿ ਰਵਨਿ ਭਨੀਜੈ ॥

भानुज अरि कहि रवनि भनीजै ॥

bhaanuj ar keh ravan bhaneejai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

जा चर कहि नाइक पद दीजै ॥

jaa char keh naik padh dheejai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh kahu bahur bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਹੁ ॥੯੬੨॥

सभ स्री नाम तुपक के जानहु ॥९६२॥

sabh sree naam tupak ke jaanahu ||962||


ਸੂਰਜਰਿ ਰਵਨਿ ਆਦਿ ਪਦ ਕਹੀਐ ॥

सूरजरि रवनि आदि पद कहीऐ ॥

soorajar ravan aadh padh kaheeaai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਗਹੀਐ ॥

जा चर कहि नाइक पद गहीऐ ॥

jaa char keh naik padh gaheeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰੋ ॥

सत्रु सबद को बहुरि उचारो ॥

satr sabadh ko bahur uchaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਧਾਰੋ ॥੯੬੩॥

नाम तुपक के सभ जीअ धारो ॥९६३॥

naam tupak ke sabh jeea dhaaro ||963||


ਭਾਨੁਜਾਰਿ ਰਵਨਿਨਿ ਪਦ ਭਾਖੋ ॥

भानुजारि रवनिनि पद भाखो ॥

bhaanujaar ravanin padh bhaakho ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਪਦ ਪੁਨਿ ਰਾਖੋ ॥

सुत चर कहि पति पद पुनि राखो ॥

sut char keh pat padh pun raakho ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh kahu bahur bakhaanahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥੯੬੪॥

नाम तुपक के सकल प्रमानहु ॥९६४॥

naam tupak ke sakal pramaanahu ||964||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਦਿਨਧੁਜ ਅਰਿ ਰਵਨਿਨਿ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਾਰੀਐ ॥

दिनधुज अरि रवनिनि को आदि उचारीऐ ॥

dhinadhuj ar ravanin ko aadh uchaareeaai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਕੈ ਨਾਥ ਸਬਦ ਦੇ ਡਾਰੀਐ ॥

जा चर कहि कै नाथ सबद दे डारीऐ ॥

jaa char keh kai naath sabadh dhe ddaareeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

सत्रु सबद को ता के अंति बखानीऐ ॥

satr sabadh ko taa ke a(n)t bakhaaneeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪ੍ਰਬੀਨ ਪ੍ਰਮਾਨੀਐ ॥੯੬੫॥

हो सकल तुपक के नाम प्रबीन प्रमानीऐ ॥९६५॥

ho sakal tupak ke naam prabeen pramaaneeaai ||965||


ਦਿਨਰਾਜਿ ਅਰਿ ਰਵਨਿਨੀ ਸੁ ਆਦਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

दिनराजि अरि रवनिनी सु आदि बखानीऐ ॥

dhinaraaj ar ravaninee su aadh bakhaaneeaai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਕੈ ਨਾਥ ਸਬਦ ਪੁਨਿ ਠਾਨੀਐ ॥

जा चर कहि कै नाथ सबद पुनि ठानीऐ ॥

jaa char keh kai naath sabadh pun Thaaneeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰੀਐ ॥

सत्रु सबद कहु ता के अंति उचारीऐ ॥

satr sabadh kahu taa ke a(n)t uchaareeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਬੁਧ ਬਿਚਾਰੀਐ ॥੯੬੬॥

हो सकल तुपक के नाम सुबुध बिचारीऐ ॥९६६॥

ho sakal tupak ke naam subudh bichaareeaai ||966||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਦਿਨਿਸ ਅਰਿ ਰਵਨਿਨਿ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

दिनिस अरि रवनिनि आदि उचारो ॥

dhinis ar ravanin aadh uchaaro ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਡਾਰੋ ॥

जा चर कहि नाइक पद डारो ॥

jaa char keh naik padh ddaaro ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਪੁਨਿ ਕਹਿ ਲੀਜੈ ॥

सत्रु सबद कहु पुनि कहि लीजै ॥

satr sabadh kahu pun keh leejai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਪਤੀਜੈ ॥੯੬੭॥

नाम तुपक के सकल पतीजै ॥९६७॥

naam tupak ke sakal pateejai ||967||


ਤਮ ਅਰਿ ਜਰਿ ਰਵਨਿਨਿ ਪਦ ਭਾਖੋ ॥

तम अरि जरि रवनिनि पद भाखो ॥

tam ar jar ravanin padh bhaakho ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਰਾਖੋ ॥

जा चर कहि नाइक पद राखो ॥

jaa char keh naik padh raakho ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सत्रु सबद तिह अंति भणिजै ॥

satr sabadh teh a(n)t bhanijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਪਤਿਜੈ ॥੯੬੮॥

नाम तुपक के सकल पतिजै ॥९६८॥

naam tupak ke sakal patijai ||968||


ਚੰਦ੍ਰ ਜੋਨਨੀ ਆਦਿ ਬਖਾਨੋ ॥

चंद्र जोननी आदि बखानो ॥

cha(n)dhr jonanee aadh bakhaano ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਠਾਨੋ ॥

जा चर कहि नाइक पद ठानो ॥

jaa char keh naik padh Thaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि भणिजै ॥

satr sabadh kahu bahur bhanijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਪਤਿਜੈ ॥੯੬੯॥

नाम तुपक के सकल पतिजै ॥९६९॥

naam tupak ke sakal patijai ||969||


ਸਸਿ ਉਪਸਖਿਨੀ ਆਦਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

ससि उपसखिनी आदि बखानहु ॥

sas upasakhinee aadh bakhaanahu ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥

जा चर कहि पति सबद प्रमानहु ॥

jaa char keh pat sabadh pramaanahu ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨੋ ॥

सत्रु सबद को बहुरि बखानो ॥

satr sabadh ko bahur bakhaano ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨੋ ॥੯੭੦॥

सभ स्री नाम तुपक के जानो ॥९७०॥

sabh sree naam tupak ke jaano ||970||


ਨਿਸ ਇਸ ਭਗਨੀ ਆਦਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

निस इस भगनी आदि बखानहु ॥

nis is bhaganee aadh bakhaanahu ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥

जा चर कहि पति सबद प्रमानहु ॥

jaa char keh pat sabadh pramaanahu ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सत्रु सबद को बहुरि भणिजै ॥

satr sabadh ko bahur bhanijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਪਤਿਜੈ ॥੯੭੧॥

नाम तुपक के सकल पतिजै ॥९७१॥

naam tupak ke sakal patijai ||971||


ਸਸਿ ਭਗਨੀ ਸਬਦਾਦਿ ਬਖਾਨੋ ॥

ससि भगनी सबदादि बखानो ॥

sas bhaganee sabadhaadh bakhaano ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥

जा चर कहि पति सबद प्रमानहु ॥

jaa char keh pat sabadh pramaanahu ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰਹੁ ॥

सत्रु सबद को बहुरि उचारहु ॥

satr sabadh ko bahur uchaarahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਬਿਚਾਰਹੁ ॥੯੭੨॥

नाम तुपक के सकल बिचारहु ॥९७२॥

naam tupak ke sakal bichaarahu ||972||


ਨਿਸਿਸ ਭਗਾ ਸਬਦਾਦਿ ਭਣਿਜੈ ॥

निसिस भगा सबदादि भणिजै ॥

nisis bhagaa sabadhaadh bhanijai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਕਹਿਜੈ ॥

जा चर कहि पति सबद कहिजै ॥

jaa char keh pat sabadh kahijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh kahu bahur bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਹੁ ॥੯੭੩॥

सभ स्री नाम तुपक के जानहु ॥९७३॥

sabh sree naam tupak ke jaanahu ||973||


ਰੈਨ ਰਾਟ ਕਹਿ ਭਗਾ ਬਖਾਨੋ ॥

रैन राट कहि भगा बखानो ॥

rain raaT keh bhagaa bakhaano ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨੋ ॥

जा चर कहि पति सबद प्रमानो ॥

jaa char keh pat sabadh pramaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਅੰਤਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सत्रु सबद को अंति भणिजै ॥

satr sabadh ko a(n)t bhanijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਪਤਿਜੈ ॥੯੭੪॥

नाम तुपक के सकल पतिजै ॥९७४॥

naam tupak ke sakal patijai ||974||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਰੈਨ ਰਾਵਨਿ ਕਹਿ ਭਗਾ ਸਬਦ ਬਖਾਨੀਐ ॥

रैन रावनि कहि भगा सबद बखानीऐ ॥

rain raavan keh bhagaa sabadh bakhaaneeaai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਕਰ ਨਾਥ ਸਬਦ ਕੋ ਠਾਨੀਐ ॥

जा चर कहि कर नाथ सबद को ठानीऐ ॥

jaa char keh kar naath sabadh ko Thaaneeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਭਨੀਜੀਐ ॥

सत्रु सबद को ता के अंति भनीजीऐ ॥

satr sabadh ko taa ke a(n)t bhaneejeeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਚਹੋ ਤਹ ਦੀਜੀਐ ॥੯੭੫॥

हो सकल तुपक के नाम चहो तह दीजीऐ ॥९७५॥

ho sakal tupak ke naam chaho teh dheejeeaai ||975||


ਰੈਨ ਰਾਜ ਕਹਿ ਭਗਾ ਬਖਾਨਨ ਕੀਜੀਐ ॥

रैन राज कहि भगा बखानन कीजीऐ ॥

rain raaj keh bhagaa bakhaanan keejeeaai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਕਰਿ ਨਾਥ ਸਬਦ ਕੋ ਦੀਜੀਐ ॥

जा चर कहि करि नाथ सबद को दीजीऐ ॥

jaa char keh kar naath sabadh ko dheejeeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰੀਐ ॥

सत्रु सबद को ता के अंति उचारीऐ ॥

satr sabadh ko taa ke a(n)t uchaareeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਬੁਧਿ ਮਨ ਧਾਰੀਐ ॥੯੭੬॥

हो सकल तुपक के नाम सुबुधि मन धारीऐ ॥९७६॥

ho sakal tupak ke naam subudh man dhaareeaai ||976||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਰੈਨ ਰਾਵ ਕਹਿ ਭਗਾ ਬਖਾਨੋ ॥

रैन राव कहि भगा बखानो ॥

rain raav keh bhagaa bakhaano ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨੋ ॥

जा चर कहि पति सबद प्रमानो ॥

jaa char keh pat sabadh pramaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सत्रु सबद तिह अंति भणिजै ॥

satr sabadh teh a(n)t bhanijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਜਹ ਚਹੋ ਕਹਿਜੈ ॥੯੭੭॥

नाम तुपक जह चहो कहिजै ॥९७७॥

naam tupak jeh chaho kahijai ||977||


ਦਿਨ ਅਰਿ ਕਹਿ ਭਗ ਸਬਦ ਬਖਾਨੋ ॥

दिन अरि कहि भग सबद बखानो ॥

dhin ar keh bhag sabadh bakhaano ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਠਾਨੋ ॥

जा चर कहि नाइक पद ठानो ॥

jaa char keh naik padh Thaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਸੁ ਕਹੀਐ ॥

सत्रु सबद तिह अंति सु कहीऐ ॥

satr sabadh teh a(n)t su kaheeaai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਉਚਰਹੁ ਜਹ ਚਹੀਐ ॥੯੭੮॥

नाम तुपक उचरहु जह चहीऐ ॥९७८॥

naam tupak ucharahu jeh chaheeaai ||978||


ਤਮਚਰ ਕਹਿ ਭਗ ਸਬਦ ਬਖਾਨੋ ॥

तमचर कहि भग सबद बखानो ॥

tamachar keh bhag sabadh bakhaano ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਠਾਨੋ ॥

जा चर कहि नाइक पद ठानो ॥

jaa char keh naik padh Thaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सत्रु सबद को बहुरि भणिजै ॥

satr sabadh ko bahur bhanijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਲਹਿ ਲਿਜੈ ॥੯੭੯॥

नाम तुपक के सभ लहि लिजै ॥९७९॥

naam tupak ke sabh leh lijai ||979||


ਰੈਣ ਰਾਵਿ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਕਹੀਜੈ ॥

रैण रावि कहि भगणि कहीजै ॥

rain raav keh bhagan kaheejai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

जा चर कहि नाइक पद दीजै ॥

jaa char keh naik padh dheejai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰਹੁ ॥

सत्रु सबद को बहुरि उचारहु ॥

satr sabadh ko bahur uchaarahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਬਿਚਾਰਹੁ ॥੯੮੦॥

सकल तुपक के नाम बिचारहु ॥९८०॥

sakal tupak ke naam bichaarahu ||980||


ਜਉਨ ਕਰਣ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਬਖਾਨੋ ॥

जउन करण कहि भगणि बखानो ॥

jaun karan keh bhagan bakhaano ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਠਾਨੋ ॥

जा चर कहि नाइक पद ठानो ॥

jaa char keh naik padh Thaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सत्रु सबद को बहुरि भणिजै ॥

satr sabadh ko bahur bhanijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਲਹਿ ਲੀਜੈ ॥੯੮੧॥

नाम तुपक के सभ लहि लीजै ॥९८१॥

naam tupak ke sabh leh leejai ||981||


ਕਿਰਣ ਧਰਣ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਕਹੀਜੈ ॥

किरण धरण कहि भगणि कहीजै ॥

kiran dharan keh bhagan kaheejai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰੀਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरीजै ॥

sut char keh pat sabadh dhareejai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh kahu bahur bakhaanahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਅਨੁਮਾਨਹੁ ॥੯੮੨॥

नाम तुपक के सभ अनुमानहु ॥९८२॥

naam tupak ke sabh anumaanahu ||982||


ਮਯੰਕ ਸਬਦ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਭਣਿਜੈ ॥

मयंक सबद कहि भगणि भणिजै ॥

maya(n)k sabadh keh bhagan bhanijai ||

ਸਤੁ ਚਰ ਕਹਿ ਪਦ ਨਾਥ ਧਰਿਜੈ ॥

सतु चर कहि पद नाथ धरिजै ॥

sat char keh padh naath dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਉਚਰੀਐ ॥

सत्रु सबद को बहुरि उचरीऐ ॥

satr sabadh ko bahur uchareeaai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਸੁ ਧਰੀਐ ॥੯੮੩॥

नाम तुपक के सकल सु धरीऐ ॥९८३॥

naam tupak ke sakal su dhareeaai ||983||


ਮ੍ਰਿਗ ਬਾਹਨਿ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਬਖਾਨੋ ॥

मृग बाहनि कहि भगणि बखानो ॥

mirag baahan keh bhagan bakhaano ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨੋ ॥

सुत चर कहि पति सबद प्रमानो ॥

sut char keh pat sabadh pramaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति उचारहु ॥

satr sabadh teh a(n)t uchaarahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਚਿਤਿ ਧਾਰਹੁ ॥੯੮੪॥

सभ स्री नाम तुपक चिति धारहु ॥९८४॥

sabh sree naam tupak chit dhaarahu ||984||


ਹਿਰਣ ਰਾਟ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਉਚਾਰਹੁ ॥

हिरण राट कहि भगणि उचारहु ॥

hiran raaT keh bhagan uchaarahu ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਡਾਰਹੁ ॥

सुत चर कहि नाइक पद डारहु ॥

sut char keh naik padh ddaarahu ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सत्रु सबद को बहुरि भणिजै ॥

satr sabadh ko bahur bhanijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਲਹਿਜੈ ॥੯੮੫॥

नाम तुपक के सकल लहिजै ॥९८५॥

naam tupak ke sakal lahijai ||985||


ਸ੍ਰਿੰਗ ਬਾਹਣੀ ਭਗਾ ਭਣਿਜੈ ॥

सृंग बाहणी भगा भणिजै ॥

sira(n)g baahanee bhagaa bhanijai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

जा चर कहि पति सबद धरिजै ॥

jaa char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद को बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh ko bahur bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਹੁ ॥੯੮੬॥

सभ स्री नाम तुपक के जानहु ॥९८६॥

sabh sree naam tupak ke jaanahu ||986||


ਮ੍ਰਿਗ ਪਤਿਣੀ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਭਣਿਜੈ ॥

मृग पतिणी कहि भगणि भणिजै ॥

mirag patinee keh bhagan bhanijai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

जा चर कहि पति सबद धरिजै ॥

jaa char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद को बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh ko bahur bakhaanahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥੯੮੭॥

सकल तुपक के नाम प्रमानहु ॥९८७॥

sakal tupak ke naam pramaanahu ||987||


ਪ੍ਰਜਾਪਤਿ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਭਣਿਜੈ ॥

प्रजापति कहि भगणि भणिजै ॥

prajaapat keh bhagan bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरिजै ॥

sut char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद को बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh ko bahur bakhaanahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥੯੮੮॥

सकल तुपक के नाम प्रमानहु ॥९८८॥

sakal tupak ke naam pramaanahu ||988||


ਛੰਦ ॥

छंद ॥

chha(n)dh ||

ਮ੍ਰਿਗ ਨਾਥ ਭਗਣਣਿ ਭਾਖੁ ॥

मृग नाथ भगणणि भाखु ॥

mirag naath bhaganan bhaakh ||

ਰਿਪੁ ਨਾਥ ਚਰ ਪਤਿ ਰਾਖੁ ॥

रिपु नाथ चर पति राखु ॥

rip naath char pat raakh ||

ਰਿਪੁ ਸਬਦ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨ ॥

रिपु सबद बहुरि बखान ॥

rip sabadh bahur bakhaan ||

ਸਭ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਪ੍ਰਮਾਨ ॥੯੮੯॥

सभ नाम तुपक प्रमान ॥९८९॥

sabh naam tupak pramaan ||989||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਨਦੀ ਰਾਟ ਸੁਤ ਭਗਣਿ ਭਣਿਜੈ ॥

नदी राट सुत भगणि भणिजै ॥

nadhee raaT sut bhagan bhanijai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

जा चर कहि पति सबद धरिजै ॥

jaa char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानहु ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਅਨੁਮਾਨਹੁ ॥੯੯੦॥

सभ स्री नाम तुपक अनुमानहु ॥९९०॥

sabh sree naam tupak anumaanahu ||990||


ਸਾਮੁੰਦ੍ਰਜ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सामुँद्रज कहि भगणि भणिजै ॥

saamu(n)dhraj keh bhagan bhanijai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

जा चर कहि पति सबद धरिजै ॥

jaa char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰੋ ॥

सत्रु सबद तिह अंति उचारो ॥

satr sabadh teh a(n)t uchaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਧਾਰੋ ॥੯੯੧॥

नाम तुपक के सभ जीअ धारो ॥९९१॥

naam tupak ke sabh jeea dhaaro ||991||


ਨਦੀ ਰਾਟ ਸੁਤ ਭਗਣਿ ਉਚਾਰੋ ॥

नदी राट सुत भगणि उचारो ॥

nadhee raaT sut bhagan uchaaro ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਪਦ ਦੇ ਡਾਰੋ ॥

जा चर कहि पति पद दे डारो ॥

jaa char keh pat padh dhe ddaaro ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh kahu bahur bakhaanahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਅਨੁਮਾਨਹੁ ॥੯੯੨॥

सकल तुपक के नाम अनुमानहु ॥९९२॥

sakal tupak ke naam anumaanahu ||992||


ਸਮੁਦ੍ਰਜ ਭਗਣਿਨਿ ਆਦਿ ਭਣਿਜੈ ॥

समुद्रज भगणिनि आदि भणिजै ॥

samudhraj bhaganin aadh bhanijai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

जा चर कहि पति सबद धरिजै ॥

jaa char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानहु ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਹੁ ॥੯੯੩॥

सभ स्री नाम तुपक के जानहु ॥९९३॥

sabh sree naam tupak ke jaanahu ||993||


ਮ੍ਰਿਗਜਾ ਭਗਣਿਨਿ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

मृगजा भगणिनि आदि उचारो ॥

miragajaa bhaganin aadh uchaaro ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਪਦ ਦੇ ਡਾਰੋ ॥

जा चर कहि पति पद दे डारो ॥

jaa char keh pat padh dhe ddaaro ||

ਰਿਪੁ ਪਦ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

रिपु पद ता के अंति बखानहु ॥

rip padh taa ke a(n)t bakhaanahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਅਨੁਮਾਨਹੁ ॥੯੯੪॥

सकल तुपक के नाम अनुमानहु ॥९९४॥

sakal tupak ke naam anumaanahu ||994||


ਨਦਿਸਜ ਭਗਣਿ ਆਦਿ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

नदिसज भगणि आदि पद दीजै ॥

nadhisaj bhagan aadh padh dheejai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰੀਜੈ ॥

जा चर कहि पति सबद धरीजै ॥

jaa char keh pat sabadh dhareejai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद को बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh ko bahur bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਹੁ ॥੯੯੫॥

सभ स्री नाम तुपक के जानहु ॥९९५॥

sabh sree naam tupak ke jaanahu ||995||


ਨਦਿ ਨਾਇਕ ਕਹਿ ਭਗਣਿਨਿ ਭਾਖੋ ॥

नदि नाइक कहि भगणिनि भाखो ॥

nadh naik keh bhaganin bhaakho ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਰਾਖੋ ॥

सुत चर कहि नाइक पद राखो ॥

sut char keh naik padh raakho ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨੋ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानो ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaano ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੋ ਜਾਨੋ ॥੯੯੬॥

सभ स्री नाम तुपक को जानो ॥९९६॥

sabh sree naam tupak ko jaano ||996||


ਸਰਿਤਿਸ ਭਗਣਿਨਿ ਆਦਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सरितिस भगणिनि आदि भणिजै ॥

saritis bhaganin aadh bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरिजै ॥

sut char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानहु ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਹੁ ॥੯੯੭॥

सभ स्री नाम तुपक के जानहु ॥९९७॥

sabh sree naam tupak ke jaanahu ||997||


ਸਰਿਤ ਇੰਦ੍ਰ ਭਗਣਨੀ ਭਣਿਜੈ ॥

सरित इंद्र भगणनी भणिजै ॥

sarit i(n)dhr bhagananee bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरिजै ॥

sut char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद को बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh ko bahur bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਪਹਿਚਾਨਹੁ ॥੯੯੮॥

सभ स्री नाम तुपक पहिचानहु ॥९९८॥

sabh sree naam tupak pahichaanahu ||998||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਨਿਸਸਿਣਿ ਕਹਿ ਭਗਣਿਨਿ ਪਦ ਆਦਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

निससिणि कहि भगणिनि पद आदि बखानीऐ ॥

nisasin keh bhaganin padh aadh bakhaaneeaai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਬਹੁਰਿ ਪ੍ਰਮਾਨੀਐ ॥

जा चर कहि नाइक पद बहुरि प्रमानीऐ ॥

jaa char keh naik padh bahur pramaaneeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਭਨੀਜੀਐ ॥

सत्रु सबद कहु ता के अंति भनीजीऐ ॥

satr sabadh kahu taa ke a(n)t bhaneejeeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਕਬਿ ਲਖਿ ਲੀਜੀਐ ॥੯੯੯॥

हो सकल तुपक के नाम सुकबि लखि लीजीऐ ॥९९९॥

ho sakal tupak ke naam sukab lakh leejeeaai ||999||


ਤਮ ਹਰ ਭਗਣਿਨਿ ਮੁਖ ਤੇ ਆਦਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

तम हर भगणिनि मुख ते आदि बखानीऐ ॥

tam har bhaganin mukh te aadh bakhaaneeaai ||

ਜਾ ਚਰ ਕਹਿ ਕੇ ਪਤਿ ਪਦ ਬਹੁਰਿ ਪ੍ਰਮਾਨੀਐ ॥

जा चर कहि के पति पद बहुरि प्रमानीऐ ॥

jaa char keh ke pat padh bahur pramaaneeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰੀਐ ॥

सत्रु सबद को ता के अंति उचारीऐ ॥

satr sabadh ko taa ke a(n)t uchaareeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਬੁਧਿ ਬਿਚਾਰੀਐ ॥੧੦੦੦॥

हो सकल तुपक के नाम सुबुधि बिचारीऐ ॥१०००॥

ho sakal tupak ke naam subudh bichaareeaai ||1000||


ਤਮ ਹਰ ਭਗਣਿਨਿ ਆਦਿ ਬਖਾਨਨ ਕੀਜੀਐ ॥

तम हर भगणिनि आदि बखानन कीजीऐ ॥

tam har bhaganin aadh bakhaanan keejeeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਕੈ ਪਤਿ ਪਦ ਅੰਤਿ ਭਣੀਜੀਐ ॥

सुत चर कहि कै पति पद अंति भणीजीऐ ॥

sut char keh kai pat padh a(n)t bhaneejeeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਸੁਬੁਧਿ ਕਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु ता के अंति सुबुधि कहु ॥

satr sabadh kahu taa ke a(n)t subudh kahu ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਅਨੇਕ ਪ੍ਰਬੀਨ ਲਹੁ ॥੧੦੦੧॥

हो सकल तुपक के नाम अनेक प्रबीन लहु ॥१००१॥

ho sakal tupak ke naam anek prabeen lahu ||1001||


ਤਮ ਅਰਿ ਭਗਣਾਣਨਿ ਪਦ ਪ੍ਰਿਥਮ ਕਹੀਜੀਐ ॥

तम अरि भगणाणनि पद पृथम कहीजीऐ ॥

tam ar bhaganaanan padh piratham kaheejeeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਅੰਤਿ ਤਿਹੁ ਦੀਜੀਐ ॥

सुत चर कहि पति सबद अंति तिहु दीजीऐ ॥

sut char keh pat sabadh a(n)t tih dheejeeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

सत्रु सबद को ता के अंति बखानीऐ ॥

satr sabadh ko taa ke a(n)t bakhaaneeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਬੁਧਿ ਪ੍ਰਮਾਨੀਐ ॥੧੦੦੨॥

हो सकल तुपक के नाम सुबुधि प्रमानीऐ ॥१००२॥

ho sakal tupak ke naam subudh pramaaneeaai ||1002||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਤਿਮਰਰਿ ਭਗਣਣਿ ਆਦਿ ਭਣਿਜੈ ॥

तिमररि भगणणि आदि भणिजै ॥

timarar bhaganan aadh bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरिजै ॥

sut char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨੋ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानो ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaano ||

ਸਕਲ ਤੁਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪਛਾਨੋ ॥੧੦੦੩॥

सकल तुक के नाम पछानो ॥१००३॥

sakal tuk ke naam pachhaano ||1003||


ਤਿਮਰ ਨਾਸ ਕਰਿ ਭਗਣਨਿ ਭਾਖੋ ॥

तिमर नास करि भगणनि भाखो ॥

timar naas kar bhaganan bhaakho ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਰਾਖੋ ॥

सुत चर कहि नाइक पद राखो ॥

sut char keh naik padh raakho ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद को बहुरि बखानहु ॥

satr sabadh ko bahur bakhaanahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥੧੦੦੪॥

सकल तुपक के नाम प्रमानहु ॥१००४॥

sakal tupak ke naam pramaanahu ||1004||


ਤਿਮਰ ਰਦਨ ਭਗਣਨੀ ਬਖਾਨੋ ॥

तिमर रदन भगणनी बखानो ॥

timar radhan bhagananee bakhaano ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਠਾਨੋ ॥

सुत चर कहि नाइक पद ठानो ॥

sut char keh naik padh Thaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਭਣੀਜੈ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि भणीजै ॥

satr sabadh kahu bahur bhaneejai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਲਹਿ ਲੀਜੈ ॥੧੦੦੫॥

नाम तुपक के सभ लहि लीजै ॥१००५॥

naam tupak ke sabh leh leejai ||1005||


ਤਿਮਰ ਉਚਰਿ ਹਾ ਭਗਣ ਬਖਾਨਹੁ ॥

तिमर उचरि हा भगण बखानहु ॥

timar uchar haa bhagan bakhaanahu ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥

सुत चर कहि पति सबद प्रमानहु ॥

sut char keh pat sabadh pramaanahu ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਭਣੀਜੈ ॥

सत्रु सबद तिह अंति भणीजै ॥

satr sabadh teh a(n)t bhaneejai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਲਹਿ ਲੀਜੈ ॥੧੦੦੬॥

नाम तुपक के सभ लहि लीजै ॥१००६॥

naam tupak ke sabh leh leejai ||1006||


ਤਿਮਰ ਨਿਕੰਦਨਿ ਆਦਿ ਉਚਰੀਐ ॥

तिमर निकंदनि आदि उचरीऐ ॥

timar nika(n)dhan aadh uchareeaai ||

ਭਗਣਿਨਿ ਸੁਤ ਚਰ ਪੁਨਿ ਪਤਿ ਧਰੀਐ ॥

भगणिनि सुत चर पुनि पति धरीऐ ॥

bhaganin sut char pun pat dhareeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानहु ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaanahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥੧੦੦੭॥

सकल तुपक के नाम प्रमानहु ॥१००७॥

sakal tupak ke naam pramaanahu ||1007||


ਤਿਮਰਮੰਦ ਭਗਣਿਨੀ ਭਣਿਜੈ ॥

तिमरमंद भगणिनी भणिजै ॥

timarama(n)dh bhaganinee bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरिजै ॥

sut char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानहु ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaanahu ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਅਨੁਮਾਨਹੁ ॥੧੦੦੮॥

सकल तुपक के नाम अनुमानहु ॥१००८॥

sakal tupak ke naam anumaanahu ||1008||


ਤਿਮਰਯਾਤ ਕਹਿ ਭਗਣਿਨਿ ਭਾਖੋ ॥

तिमरयात कहि भगणिनि भाखो ॥

timarayaat keh bhaganin bhaakho ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਰਾਖੋ ॥

सुत चर कहि नाइक पद राखो ॥

sut char keh naik padh raakho ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानहु ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaanahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥੧੦੦੯॥

नाम तुपक के सकल प्रमानहु ॥१००९॥

naam tupak ke sakal pramaanahu ||1009||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਤਿਮਰ ਨਾਸ ਕਰਿ ਭਗਣਿਨਿ ਆਦਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

तिमर नास करि भगणिनि आदि बखानीऐ ॥

timar naas kar bhaganin aadh bakhaaneeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਕਰ ਨਾਥ ਸਬਦ ਕਹੁ ਠਾਨੀਐ ॥

सुत चर कहि कर नाथ सबद कहु ठानीऐ ॥

sut char keh kar naath sabadh kahu Thaaneeaai ||

ਰਿਪੁ ਪਦ ਕੋ ਤਾ ਕੇ ਪੁਨਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰੀਐ ॥

रिपु पद को ता के पुनि अंति उचारीऐ ॥

rip padh ko taa ke pun a(n)t uchaareeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਬੁਧਿ ਬਿਚਾਰੀਐ ॥੧੦੧੦॥

हो सकल तुपक के नाम सुबुधि बिचारीऐ ॥१०१०॥

ho sakal tupak ke naam subudh bichaareeaai ||1010||


ਉਡਗਰਾਜ ਕਹਿ ਭਗਣਿਨਿ ਆਦਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

उडगराज कहि भगणिनि आदि बखानीऐ ॥

auddagaraaj keh bhaganin aadh bakhaaneeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਕੇ ਨਾਥ ਸਬਦ ਕਹੁ ਠਾਨੀਐ ॥

सुत चर कहि के नाथ सबद कहु ठानीऐ ॥

sut char keh ke naath sabadh kahu Thaaneeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰੀਐ ॥

सत्रु सबद कहु ता के अंति उचारीऐ ॥

satr sabadh kahu taa ke a(n)t uchaareeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਮੰਤ੍ਰ ਬਿਚਾਰੀਐ ॥੧੦੧੧॥

हो सकल तुपक के नाम सुमंत्र बिचारीऐ ॥१०११॥

ho sakal tupak ke naam suma(n)tr bichaareeaai ||1011||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਉਡਗਿਸ ਕਹਿ ਭਗਣਿਨੀ ਭਣਿਜੈ ॥

उडगिस कहि भगणिनी भणिजै ॥

auddagis keh bhaganinee bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਦਿਜੈ ॥

सुत चर कहि नाइक पद दिजै ॥

sut char keh naik padh dhijai ||

ਅਰਿ ਪਦ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

अरि पद ता के अंति बखानहु ॥

ar padh taa ke a(n)t bakhaanahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਜਾਨਹੁ ॥੧੦੧੨॥

नाम तुपक के सभ जीअ जानहु ॥१०१२॥

naam tupak ke sabh jeea jaanahu ||1012||


ਉਡਗ ਨਾਥ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਉਚਾਰੋ ॥

उडग नाथ कहि भगणि उचारो ॥

auddag naath keh bhagan uchaaro ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਪਦ ਕਹੁ ਡਾਰੋ ॥

सुत चर कहि पति पद कहु डारो ॥

sut char keh pat padh kahu ddaaro ||

ਰਿਪੁ ਪਦ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

रिपु पद ता के अंति बखानहु ॥

rip padh taa ke a(n)t bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਜੀਅ ਜਾਨਹੁ ॥੧੦੧੩॥

सभ स्री नाम तुपक जीअ जानहु ॥१०१३॥

sabh sree naam tupak jeea jaanahu ||1013||


ਉਡਗ ਨ੍ਰਿਪਤਿ ਕਹਿ ਭਗਣਿਨੀ ਭਣੀਜੈ ॥

उडग नृपति कहि भगणिनी भणीजै ॥

auddag nirapat keh bhaganinee bhaneejai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

सुत चर कहि नाइक पद दीजै ॥

sut char keh naik padh dheejai ||

ਅਰਿ ਪਦ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

अरि पद ता के अंति बखानहु ॥

ar padh taa ke a(n)t bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਹੁ ॥੧੦੧੪॥

सभ स्री नाम तुपक के जानहु ॥१०१४॥

sabh sree naam tupak ke jaanahu ||1014||


ਉਡਗ ਨ੍ਰਿਪਤਿ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਭਣੀਜੈ ॥

उडग नृपति कहि भगणि भणीजै ॥

auddag nirapat keh bhagan bhaneejai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

सुत चर कहि नाइक पद दीजै ॥

sut char keh naik padh dheejai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨੋ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानो ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaano ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨੋ ॥੧੦੧੫॥

सभ स्री नाम तुपक के जानो ॥१०१५॥

sabh sree naam tupak ke jaano ||1015||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਉਡਗਏਸ ਭਗਣਿਨਿ ਸਬਦਾਦਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

उडगएस भगणिनि सबदादि बखानीऐ ॥

auddages bhaganin sabadhaadh bakhaaneeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਕਰ ਨਾਥ ਸਬਦ ਕੋ ਠਾਨੀਐ ॥

सुत चर कहि कर नाथ सबद को ठानीऐ ॥

sut char keh kar naath sabadh ko Thaaneeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰੀਐ ॥

सत्रु सबद को ता के अंति उचारीऐ ॥

satr sabadh ko taa ke a(n)t uchaareeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਬੁਧਿ ਜੀਅ ਧਾਰੀਐ ॥੧੦੧੬॥

हो सकल तुपक के नाम सुबुधि जीअ धारीऐ ॥१०१६॥

ho sakal tupak ke naam subudh jeea dhaareeaai ||1016||


ਉਡਪਤਿ ਭਗਣਿਨਿ ਆਦਿ ਉਚਾਰਨ ਕੀਜੀਐ ॥

उडपति भगणिनि आदि उचारन कीजीऐ ॥

auddapat bhaganin aadh uchaaran keejeeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਕਰ ਨਾਥ ਸਬਦ ਕੋ ਦੀਜੀਐ ॥

सुत चर कहि कर नाथ सबद को दीजीऐ ॥

sut char keh kar naath sabadh ko dheejeeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

सत्रु सबद कहु ता के अंति बखानीऐ ॥

satr sabadh kahu taa ke a(n)t bakhaaneeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਪ੍ਰਬੀਨ ਪ੍ਰਮਾਨੀਐ ॥੧੦੧੭॥

हो सकल तुपक के नाम प्रबीन प्रमानीऐ ॥१०१७॥

ho sakal tupak ke naam prabeen pramaaneeaai ||1017||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਉਡਗ ਭੂਪਣੀ ਭੂਪਿ ਬਖਾਨੋ ॥

उडग भूपणी भूपि बखानो ॥

auddag bhoopanee bhoop bakhaano ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਠਾਨੋ ॥

सुत चर कहि नाइक पद ठानो ॥

sut char keh naik padh Thaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि भणिजै ॥

satr sabadh kahu bahur bhanijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਲਹਿ ਲਿਜੈ ॥੧੦੧੮॥

नाम तुपक के सभ लहि लिजै ॥१०१८॥

naam tupak ke sabh leh lijai ||1018||


ਤਾਰਾਪਤਿ ਕਹਿ ਭਗਣਿਨਿ ਭਾਖੋ ॥

तारापति कहि भगणिनि भाखो ॥

taaraapat keh bhaganin bhaakho ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਰਾਖੋ ॥

सुत चर कहि नाइक पद राखो ॥

sut char keh naik padh raakho ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰਹੁ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि उचारहु ॥

satr sabadh kahu bahur uchaarahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਜੀਅ ਧਾਰਹੁ ॥੧੦੧੯॥

सभ स्री नाम तुपक जीअ धारहु ॥१०१९॥

sabh sree naam tupak jeea dhaarahu ||1019||


ਤਾਰੇਸਰ ਕਹਿ ਭਗਣਿ ਉਚਾਰੋ ॥

तारेसर कहि भगणि उचारो ॥

taaresar keh bhagan uchaaro ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਡਾਰੋ ॥

सुत चर कहि नाइक पद डारो ॥

sut char keh naik padh ddaaro ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानहु ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਹੁ ॥੧੦੨੦॥

सभ स्री नाम तुपक के जानहु ॥१०२०॥

sabh sree naam tupak ke jaanahu ||1020||


ਤਾਰਾਲਯਇਸ ਭਗਣਿ ਬਖਾਨੋ ॥

तारालयइस भगणि बखानो ॥

taaraalayis bhagan bakhaano ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨੋ ॥

सुत चर कहि पति सबद प्रमानो ॥

sut char keh pat sabadh pramaano ||

ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਸਤ੍ਰੁ ਪਦ ਕਹੀਐ ॥

ता के अंति सत्रु पद कहीऐ ॥

taa ke a(n)t satr padh kaheeaai ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਲਹੀਐ ॥੧੦੨੧॥

सभ स्री नाम तुपक के लहीऐ ॥१०२१॥

sabh sree naam tupak ke laheeaai ||1021||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਤਾਰਾ ਗ੍ਰਿਹਣਿਸ ਭਗਣੀ ਆਦਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

तारा गृहणिस भगणी आदि बखानीऐ ॥

taaraa girahanis bhaganee aadh bakhaaneeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਕਰ ਨਾਥ ਸਬਦ ਕੋ ਠਾਨੀਐ ॥

सुत चर कहि कर नाथ सबद को ठानीऐ ॥

sut char keh kar naath sabadh ko Thaaneeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਹਿ ਦੀਜੀਐ ॥

सत्रु सबद कहु ता के अंतहि दीजीऐ ॥

satr sabadh kahu taa ke a(n)teh dheejeeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਬੁਧਿ ਲਹਿ ਲੀਜੀਐ ॥੧੦੨੨॥

हो सकल तुपक के नाम सुबुधि लहि लीजीऐ ॥१०२२॥

ho sakal tupak ke naam subudh leh leejeeaai ||1022||


ਉਡਗ ਨਿਕੇਤਿਸ ਭਗਨੀ ਆਦਿ ਭਣੀਜੀਐ ॥

उडग निकेतिस भगनी आदि भणीजीऐ ॥

auddag niketis bhaganee aadh bhaneejeeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਕਰ ਨਾਥ ਬਹੁਰਿ ਪਦ ਦੀਜੀਐ ॥

सुत चर कहि कर नाथ बहुरि पद दीजीऐ ॥

sut char keh kar naath bahur padh dheejeeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰੀਐ ॥

सत्रु सबद को ता के अंति उचारीऐ ॥

satr sabadh ko taa ke a(n)t uchaareeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਬੁਧਿ ਬਿਚਾਰੀਐ ॥੧੦੨੩॥

हो सकल तुपक के नाम सुबुधि बिचारीऐ ॥१०२३॥

ho sakal tupak ke naam subudh bichaareeaai ||1023||


ਉਡਗ ਨਾਥ ਭਗਣਿਨੀ ਪ੍ਰਿਥਮ ਪਦ ਭਾਖੀਐ ॥

उडग नाथ भगणिनी पृथम पद भाखीऐ ॥

auddag naath bhaganinee piratham padh bhaakheeaai ||

ਸੁਤੁ ਚਰ ਕਹਿ ਕਰਿ ਨਾਥ ਬਹੁਰਿ ਪਦ ਰਾਖੀਐ ॥

सुतु चर कहि करि नाथ बहुरि पद राखीऐ ॥

sut char keh kar naath bahur padh raakheeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

सत्रु सबद को ता के अंति बखानीऐ ॥

satr sabadh ko taa ke a(n)t bakhaaneeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਬੁਧਿ ਪਹਿਚਾਨੀਐ ॥੧੦੨੪॥

हो सकल तुपक के नाम सुबुधि पहिचानीऐ ॥१०२४॥

ho sakal tupak ke naam subudh pahichaaneeaai ||1024||


ਉਡਗਏਸਰ ਭਗਣਿਨਿ ਸਬਦਾਦਿ ਉਚਾਰੀਐ ॥

उडगएसर भगणिनि सबदादि उचारीऐ ॥

auddagesar bhaganin sabadhaadh uchaareeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਕਰਿ ਨਾਥ ਸਬਦ ਦੈ ਡਾਰੀਐ ॥

सुत चर कहि करि नाथ सबद दै डारीऐ ॥

sut char keh kar naath sabadh dhai ddaareeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਭਣੀਜੀਐ ॥

सत्रु सबद कहु ता के अंति भणीजीऐ ॥

satr sabadh kahu taa ke a(n)t bhaneejeeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਕਬਿ ਲਹਿ ਲੀਜੀਐ ॥੧੦੨੫॥

हो सकल तुपक के नाम सुकबि लहि लीजीऐ ॥१०२५॥

ho sakal tupak ke naam sukab leh leejeeaai ||1025||


ਉਡਗ ਏਸਰ ਭਗਣਿਨਿ ਸਬਦਾਦਿ ਭਣੀਜੀਐ ॥

उडग एसर भगणिनि सबदादि भणीजीऐ ॥

auddag esar bhaganin sabadhaadh bhaneejeeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਕਰ ਨਾਥ ਸਬਦ ਕੋ ਦੀਜੀਐ ॥

सुत चर कहि कर नाथ सबद को दीजीऐ ॥

sut char keh kar naath sabadh ko dheejeeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰੀਐ ॥

सत्रु सबद कहु ता के अंति उचारीऐ ॥

satr sabadh kahu taa ke a(n)t uchaareeaai ||

ਹੋ ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਸੁਬੁਧਿ ਜੀਅ ਧਾਰੀਐ ॥੧੦੨੬॥

हो सकल तुपक के नाम सुबुधि जीअ धारीऐ ॥१०२६॥

ho sakal tupak ke naam subudh jeea dhaareeaai ||1026||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਉਡਗਾਸ੍ਰੈ ਭਗਣਿਨੀ ਬਖਾਨੋ ॥

उडगास्रै भगणिनी बखानो ॥

auddagaasrai bhaganinee bakhaano ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਠਾਨੋ ॥

सुत चर कहि नाइक पद ठानो ॥

sut char keh naik padh Thaano ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਉਚਰੀਐ ॥

सत्रु सबद तिह अंति उचरीऐ ॥

satr sabadh teh a(n)t uchareeaai ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਜੀਅ ਧਰੀਐ ॥੧੦੨੭॥

सभ स्री नाम तुपक जीअ धरीऐ ॥१०२७॥

sabh sree naam tupak jeea dhareeaai ||1027||


ਰਿਖਿਜ ਭਗਣਿਨੀ ਆਦਿ ਭਣਿਜੈ ॥

रिखिज भगणिनी आदि भणिजै ॥

rikhij bhaganinee aadh bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरिजै ॥

sut char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानहु ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਹੁ ॥੧੦੨੮॥

सभ स्री नाम तुपक के जानहु ॥१०२८॥

sabh sree naam tupak ke jaanahu ||1028||


ਮੁਨਿਜ ਭਗਣਿਨੀ ਆਦਿ ਭਣਿਜੈ ॥

मुनिज भगणिनी आदि भणिजै ॥

munij bhaganinee aadh bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरिजै ॥

sut char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति उचारहु ॥

satr sabadh teh a(n)t uchaarahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹ੍ਰਿਦੈ ਬਿਚਾਰਹੁ ॥੧੦੨੯॥

नाम तुपक के हृदै बिचारहु ॥१०२९॥

naam tupak ke hiradhai bichaarahu ||1029||


ਬ੍ਰਿਤਿ ਉਤਮਜ ਭਗਣਿਨੀ ਭਾਖੋ ॥

बृति उतमज भगणिनी भाखो ॥

birat utamaj bhaganinee bhaakho ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਰਾਖੋ ॥

सुत चर कहि नाइक पद राखो ॥

sut char keh naik padh raakho ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਸੁ ਕਹੀਐ ॥

सत्रु सबद तिह अंति सु कहीऐ ॥

satr sabadh teh a(n)t su kaheeaai ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮਨ ਲਹੀਐ ॥੧੦੩੦॥

सकल तुपक के नामन लहीऐ ॥१०३०॥

sakal tupak ke naaman laheeaai ||1030||


ਤਪਿਸ ਉਚਰਿ ਭਗਣਿਨੀ ਭਣਿਜੈ ॥

तपिस उचरि भगणिनी भणिजै ॥

tapis uchar bhaganinee bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरिजै ॥

sut char keh pat sabadh dharijai ||

ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਸਤ੍ਰੁ ਪਦ ਠਾਨਹੁ ॥

ता के अंति सत्रु पद ठानहु ॥

taa ke a(n)t satr padh Thaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਹੁ ॥੧੦੩੧॥

सभ स्री नाम तुपक के जानहु ॥१०३१॥

sabh sree naam tupak ke jaanahu ||1031||


ਕਸਿਪ ਸੁਤ ਕਹਿ ਭਗਣਿਨਿ ਭਾਖੀਐ ॥

कसिप सुत कहि भगणिनि भाखीऐ ॥

kasip sut keh bhaganin bhaakheeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਰਾਖੀਐ ॥

सुत चर कहि नाइक पद राखीऐ ॥

sut char keh naik padh raakheeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਉਚਰੀਐ ॥

सत्रु सबद तिह अंति उचरीऐ ॥

satr sabadh teh a(n)t uchareeaai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਧਰੀਐ ॥੧੦੩੨॥

नाम तुपक के सभ जीअ धरीऐ ॥१०३२॥

naam tupak ke sabh jeea dhareeaai ||1032||


ਜਵਨ ਕਰਣ ਭਗਣਿਨੀ ਬਖਾਨਹੁ ॥

जवन करण भगणिनी बखानहु ॥

javan karan bhaganinee bakhaanahu ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਪ੍ਰਮਾਨਹੁ ॥

सुत चर कहि पति सबद प्रमानहु ॥

sut char keh pat sabadh pramaanahu ||

ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਸਤ੍ਰੁ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

ता के अंति सत्रु पद दीजै ॥

taa ke a(n)t satr padh dheejai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਲਹਿ ਲੀਜੈ ॥੧੦੩੩॥

नाम तुपक के सभ लहि लीजै ॥१०३३॥

naam tupak ke sabh leh leejai ||1033||


ਕ੍ਰਿਸਨਿਨਿ ਆਦਿ ਬਖਾਨਨ ਕੀਜੈ ॥

कृसनिनि आदि बखानन कीजै ॥

kirasanin aadh bakhaanan keejai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰੀਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरीजै ॥

sut char keh pat sabadh dhareejai ||

ਰਿਪੁ ਪਦ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

रिपु पद ता के अंति बखानहु ॥

rip padh taa ke a(n)t bakhaanahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਅਨੁਮਾਨਹੁ ॥੧੦੩੪॥

नाम तुपक के सभ अनुमानहु ॥१०३४॥

naam tupak ke sabh anumaanahu ||1034||


ਸਿਆਮ ਮੂਰਤਿਨਿਨਿ ਆਦਿ ਭਣਿਜੈ ॥

सिआम मूरतिनिनि आदि भणिजै ॥

siaam mooratinin aadh bhanijai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਪਤਿ ਸਬਦ ਧਰਿਜੈ ॥

सुत चर कहि पति सबद धरिजै ॥

sut char keh pat sabadh dharijai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानहु ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaanahu ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਅਨੁਮਾਨਹੁ ॥੧੦੩੫॥

सभ स्री नाम तुपक अनुमानहु ॥१०३५॥

sabh sree naam tupak anumaanahu ||1035||


ਪ੍ਰਥਮ ਤਪਤਿਨੀ ਸਬਦ ਉਚਰੀਐ ॥

प्रथम तपतिनी सबद उचरीऐ ॥

pratham tapatinee sabadh uchareeaai ||

ਸੁਤ ਚਰ ਕਹਿ ਨਾਇਕ ਪਦ ਧਰੀਐ ॥

सुत चर कहि नाइक पद धरीऐ ॥

sut char keh naik padh dhareeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

सत्रु सबद तिह अंति बखानहु ॥

satr sabadh teh a(n)t bakhaanahu ||


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