Pt 4, Shastar Naam Mala,
ਸਸਤ੍ਰ ਨਾਮ ਮਾਲਾ (ਪਾਤਿਸਾਹੀ 10),
ससत्र नाम माला (पातिसाही 10)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
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ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਹੁ ਚਤੁਰ ਨਿਧਾਨ ॥੬੦੨॥

नाम तुपक के होत है चीनहु चतुर निधान ॥६०२॥

naam tupak ke hot hai cheenahu chatur nidhaan ||602||


ਸਊਡਿਯਾਤਕ ਧ੍ਵਨਨਿ ਉਚਰਿ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨ ॥

सऊडियातक ध्वननि उचरि रिपु अरि बहुरि बखान ॥

suooddiyaatak dhavainan uchar rip ar bahur bakhaan ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਲੇਹੁ ਮਤਿਵਾਨ ॥੬੦੩॥

नाम तुपक के होत है चीन लेहु मतिवान ॥६०३॥

naam tupak ke hot hai cheen leh mativaan ||603||


ਹਯਨਿਅਰਿ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

हयनिअरि आदि उचारि कै रिपु अरि अंति उचार ॥

hayaniar aadh uchaar kai rip ar a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਕਬਿ ਬਿਚਾਰ ॥੬੦੪॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुकबि बिचार ॥६०४॥

naam tupak ke hot hai leejahu sukab bichaar ||604||


ਹਯਨਿਅਰਿ ਧ੍ਵਨਨੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਪਦ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨ ॥

हयनिअरि ध्वननी आदि कहि रिपु पद बहुरि बखान ॥

hayaniar dhavainanee aadh keh rip padh bahur bakhaan ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਲੇਹੁ ਬੁਧਿਵਾਨ ॥੬੦੫॥

नाम तुपक के होत है चीन लेहु बुधिवान ॥६०५॥

naam tupak ke hot hai cheen leh budhivaan ||605||


ਹਯਨਿਯਾਤਕ ਧ੍ਵਨਨੀ ਉਚਰਿ ਰਿਪੁ ਪਦ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨ ॥

हयनियातक ध्वननी उचरि रिपु पद बहुरि बखान ॥

hayaniyaatak dhavainanee uchar rip padh bahur bakhaan ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸਮਝ ਸੁਜਾਨ ॥੬੦੬॥

नाम तुपक के होत है लीजहु समझ सुजान ॥६०६॥

naam tupak ke hot hai leejahu samajh sujaan ||606||


ਅਸੁਅਰਿ ਧ੍ਵਨਨੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਪਦ ਕੈ ਦੀਨ ॥

असुअरि ध्वननी आदि कहि रिपु अरि पद कै दीन ॥

asuar dhavainanee aadh keh rip ar padh kai dheen ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਸੁਘਰ ਲੀਜੀਅਹੁ ਚੀਨ ॥੬੦੭॥

नाम तुपक के होत है सुघर लीजीअहु चीन ॥६०७॥

naam tupak ke hot hai sughar leejeeahu cheen ||607||


ਤੁਰਯਾਰਿ ਨਾਦਨਿ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਅੰਤ ਉਚਾਰ ॥

तुरयारि नादनि आदि कहि रिपु अरि अंत उचार ॥

turayaar naadhan aadh keh rip ar a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੦੮॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति सु धार ॥६०८॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat su dhaar ||608||


ਤੁਰੰਗਰਿ ਧ੍ਵਨਨੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਪੁਨਿ ਪਦ ਕੈ ਦੀਨ ॥

तुरंगरि ध्वननी आदि कहि रिपु पुनि पद कै दीन ॥

tura(n)gar dhavainanee aadh keh rip pun padh kai dheen ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸਮਝ ਪ੍ਰਬੀਨ ॥੬੦੯॥

नाम तुपक के होत है लीजहु समझ प्रबीन ॥६०९॥

naam tupak ke hot hai leejahu samajh prabeen ||609||


ਘੋਰਾਤਕਨੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਪਦ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

घोरातकनी आदि कहि रिपु पद अंति उचार ॥

ghoraatakanee aadh keh rip padh a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ੧ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੧੦॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति१ सु धार ॥६१०॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumati1 su dhaar ||610||


ਬਾਜਾਤਕਨੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

बाजातकनी आदि कहि रिपु अरि अंति उचार ॥

baajaatakanee aadh keh rip ar a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੬੧੧॥

नाम तुपक के होत है चीन चतुर निरधार ॥६११॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur niradhaar ||611||


ਬਾਹਨਾਤਕੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਪੁਨਿ ਰਿਪੁ ਨਾਦਨਿ ਭਾਖੁ ॥

बाहनातकी आदि कहि पुनि रिपु नादनि भाखु ॥

baahanaatakee aadh keh pun rip naadhan bhaakh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਚਿਤ ਰਾਖੁ ॥੬੧੨॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर चित राखु ॥६१२॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit raakh ||612||


ਸਰਜਜ ਅਰਿ ਧ੍ਵਨਨੀ ਉਚਰਿ ਰਿਪੁ ਪਦ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨ ॥

सरजज अरि ध्वननी उचरि रिपु पद बहुरि बखान ॥

sarajaj ar dhavainanee uchar rip padh bahur bakhaan ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਲੇਹੁ ਮਤਿਵਾਨ ॥੬੧੩॥

नाम तुपक के होत है चीन लेहु मतिवान ॥६१३॥

naam tupak ke hot hai cheen leh mativaan ||613||


ਬਾਜ ਅਰਿ ਧ੍ਵਨਨੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਅੰਤ੍ਯਾਤਕ ਪਦ ਦੀਨ ॥

बाज अरि ध्वननी आदि कहि अंत्यातक पद दीन ॥

baaj ar dhavainanee aadh keh a(n)tayaatak padh dheen ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸਮਝ ਪ੍ਰਬੀਨ ॥੬੧੪॥

नाम तुपक के होत है लीजहु समझ प्रबीन ॥६१४॥

naam tupak ke hot hai leejahu samajh prabeen ||614||


ਸਿੰਧੁਰਰਿ ਪ੍ਰਥਮ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਰਿਪੁ ਪਦ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

सिंधुररि प्रथम उचारि कै रिपु पद अंति उचार ॥

si(n)dhurar pratham uchaar kai rip padh a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੬੧੫॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर निरधार ॥६१५॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur niradhaar ||615||


ਬਾਹਨਿ ਨਾਦਿਨ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਪਦ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

बाहनि नादिन आदि कहि रिपु पद अंति उचार ॥

baahan naadhin aadh keh rip padh a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸੁ ਧਾਰਿ ॥੬੧੬॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सु धारि ॥६१६॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar su dhaar ||616||


ਤੁਰੰਗਰਿ ਆਦਿ ਬਖਾਨਿ ਕੈ ਧ੍ਵਨਨੀ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰ ॥

तुरंगरि आदि बखानि कै ध्वननी बहुरि उचार ॥

tura(n)gar aadh bakhaan kai dhavainanee bahur uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਕਬਿ ਸੁ ਧਾਰਿ ॥੬੧੭॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुकबि सु धारि ॥६१७॥

naam tupak ke hot hai leejahu sukab su dhaar ||617||


ਅਰਬਯਰਿ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰਿ ॥

अरबयरि आदि उचारि कै रिपु अरि बहुरि उचारि ॥

arabayar aadh uchaar kai rip ar bahur uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਕਬਿ ਸਵਾਰਿ ॥੬੧੮॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुकबि सवारि ॥६१८॥

naam tupak ke hot hai leejahu sukab savaar ||618||


ਤੁਰੰਗਰਿ ਧ੍ਵਨਨੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਪੁਨਿ ਪਦ ਦੇਹੁ ॥

तुरंगरि ध्वननी आदि कहि रिपु अरि पुनि पद देहु ॥

tura(n)gar dhavainanee aadh keh rip ar pun padh dheh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਚਿਤਿ ਲੇਹੁ ॥੬੧੯॥

नाम तुपक के होत है चीन चतुर चिति लेहु ॥६१९॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit leh ||619||


ਕਿੰਕਨ ਅਰਿ ਧ੍ਵਨਨੀ ਉਚਰਿ ਰਿਪੁ ਪਦ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

किंकन अरि ध्वननी उचरि रिपु पद अंति उचार ॥

ki(n)kan ar dhavainanee uchar rip padh a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਕਬਿ ਬਿਚਾਰ ॥੬੨੦॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुकबि बिचार ॥६२०॥

naam tupak ke hot hai leejahu sukab bichaar ||620||


ਘੁਰਅਰਿ ਨਾਦਨਿ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

घुरअरि नादनि आदि कहि रिपु अरि अंति उचार ॥

ghurar naadhan aadh keh rip ar a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੨੧॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति सु धार ॥६२१॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat su dhaar ||621||


ਮ੍ਰਿਗ ਅਰਿ ਨਾਦਨਿ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

मृग अरि नादनि आदि कहि रिपु अरि अंति उचार ॥

mirag ar naadhan aadh keh rip ar a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਕਬਿ ਸੁ ਧਾਰਿ ॥੬੨੨॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुकबि सु धारि ॥६२२॥

naam tupak ke hot hai leejahu sukab su dhaar ||622||


ਸਿੰਗੀ ਅਰਿ ਧ੍ਵਨਨੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰਿ ॥

सिंगी अरि ध्वननी आदि कहि रिपु अरि अंति उचारि ॥

si(n)gee ar dhavainanee aadh keh rip ar a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੬੨੩॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर निरधार ॥६२३॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur niradhaar ||623||


ਮ੍ਰਿਗੀ ਅਰਿ ਨਾਦਨਿ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰਿ ॥

मृगी अरि नादनि आदि कहि रिपु अरि अंति उचारि ॥

miragee ar naadhan aadh keh rip ar a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਕਬਿ ਸਵਾਰਿ ॥੬੨੪॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुकबि सवारि ॥६२४॥

naam tupak ke hot hai leejahu sukab savaar ||624||


ਤ੍ਰਿਣ ਅਰਿ ਨਾਦਨਿ ਉਚਰਿ ਕੈ ਰਿਪੁ ਪਦ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨ ॥

तृण अरि नादनि उचरि कै रिपु पद बहुरि बखान ॥

tiran ar naadhan uchar kai rip padh bahur bakhaan ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚਤੁਰ ਚਿਤ ਪਹਿਚਾਨ ॥੬੨੫॥

नाम तुपक के होत है चतुर चित पहिचान ॥६२५॥

naam tupak ke hot hai chatur chit pahichaan ||625||


ਭੂਚਰਿ ਆਦਿ ਬਖਾਨਿ ਕੈ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

भूचरि आदि बखानि कै रिपु अरि अंति उचार ॥

bhoochar aadh bakhaan kai rip ar a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ ਸਵਾਰ ॥੬੨੬॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति सवार ॥६२६॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat savaar ||626||


ਸੁਭਟ ਆਦਿ ਸਬਦ ਉਚਰਿ ਕੈ ਅੰਤਿ ਸਤ੍ਰੁ ਪਦ ਦੀਨ ॥

सुभट आदि सबद उचरि कै अंति सत्रु पद दीन ॥

subhaT aadh sabadh uchar kai a(n)t satr padh dheen ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸੁ ਚੀਨ ॥੬੨੭॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सु चीन ॥६२७॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar su cheen ||627||


ਆਦਿ ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਉਚਰਿ ਕੈ ਅੰਤ੍ਯਾਤਕ ਪਦ ਭਾਖੁ ॥

आदि सत्रु सबद उचरि कै अंत्यातक पद भाखु ॥

aadh satr sabadh uchar kai a(n)tayaatak padh bhaakh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਚਿਤਿ ਰਾਖੁ ॥੬੨੮॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर चिति राखु ॥६२८॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit raakh ||628||


ਸਤ੍ਰੁ ਆਦਿ ਸਬਦ ਉਚਰੀਐ ਸੂਲਨਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

सत्रु आदि सबद उचरीऐ सूलनि अंति उचार ॥

satr aadh sabadh uchareeaai soolan a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੬੨੯॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर निरधार ॥६२९॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur niradhaar ||629||


ਆਦਿ ਜੁਧਨੀ ਭਾਖੀਐ ਅੰਤਕਨੀ ਪਦ ਭਾਖੁ ॥

आदि जुधनी भाखीऐ अंतकनी पद भाखु ॥

aadh judhanee bhaakheeaai a(n)takanee padh bhaakh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਚਿਤਿ ਰਾਖੁ ॥੬੩੦॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर चिति राखु ॥६३०॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit raakh ||630||


ਬਰਮ ਆਦਿ ਸਬਦ ਉਚਰਿ ਕੈ ਬੇਧਨਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

बरम आदि सबद उचरि कै बेधनि अंति उचार ॥

baram aadh sabadh uchar kai bedhan a(n)t uchaar ||

ਬਰਮ ਬੇਧਨੀ ਤੁਪਕ ਕੋ ਲੀਜਹੁ ਨਾਮ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੩੧॥

बरम बेधनी तुपक को लीजहु नाम सु धार ॥६३१॥

baram bedhanee tupak ko leejahu naam su dhaar ||631||


ਚਰਮ ਆਦਿ ਪਦ ਭਾਖਿ ਕੈ ਘਾਇਨਿ ਪਦ ਕੈ ਦੀਨ ॥

चरम आदि पद भाखि कै घाइनि पद कै दीन ॥

charam aadh padh bhaakh kai ghain padh kai dheen ||

ਚਰਮ ਘਾਇਨੀ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਲੀਜੀਅਹੁ ਚੀਨ ॥੬੩੨॥

चरम घाइनी तुपक के नाम लीजीअहु चीन ॥६३२॥

charam ghainee tupak ke naam leejeeahu cheen ||632||


ਦ੍ਰੁਜਨ ਆਦਿ ਸਬਦ ਉਚਰਿ ਕੈ ਭਛਨੀ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

द्रुजन आदि सबद उचरि कै भछनी अंति उचार ॥

dhrujan aadh sabadh uchar kai bhachhanee a(n)t uchaar ||

ਦ੍ਰੁਜਨ ਭਛਨੀ ਤੁਪਕ ਕੋ ਲੀਜਹੁ ਨਾਮ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੩੩॥

द्रुजन भछनी तुपक को लीजहु नाम सु धार ॥६३३॥

dhrujan bhachhanee tupak ko leejahu naam su dhaar ||633||


ਖਲ ਪਦ ਆਦਿ ਬਖਾਨਿ ਕੈ ਹਾ ਪਦ ਪੁਨਿ ਕੈ ਦੀਨ ॥

खल पद आदि बखानि कै हा पद पुनि कै दीन ॥

khal padh aadh bakhaan kai haa padh pun kai dheen ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸਮਝ ਪ੍ਰਬੀਨ ॥੬੩੪॥

नाम तुपक के होत है लीजहु समझ प्रबीन ॥६३४॥

naam tupak ke hot hai leejahu samajh prabeen ||634||


ਦੁਸਟਨ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਰਿਪੁਣੀ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨ ॥

दुसटन आदि उचारि कै रिपुणी अंति बखान ॥

dhusaTan aadh uchaar kai ripunee a(n)t bakhaan ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੇਹੁ ਪ੍ਰਬੀਨ ਪਛਾਨ ॥੬੩੫॥

नाम तुपक के होत है लेहु प्रबीन पछान ॥६३५॥

naam tupak ke hot hai leh prabeen pachhaan ||635||


ਰਿਪੁਣੀ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਖਿਪਣੀ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨ ॥

रिपुणी आदि उचारि कै खिपणी बहुरि बखान ॥

ripunee aadh uchaar kai khipanee bahur bakhaan ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸਮਝ ਸਯਾਨ ॥੬੩੬॥

नाम तुपक के होत है लीजहु समझ सयान ॥६३६॥

naam tupak ke hot hai leejahu samajh sayaan ||636||


ਨਾਲ ਸੈਫਨੀ ਤੁਪਕ ਭਨਿ ਜਬਰਜੰਗ ਹਥ ਨਾਲ ॥

नाल सैफनी तुपक भनि जबरजंग हथ नाल ॥

naal saifanee tupak bhan jabaraja(n)g hath naal ||

ਸੁਤਰ ਨਾਲ ਘੁੜ ਨਾਲ ਭਨਿ ਚੂਰਣਿ ਪੁਨਿ ਪਰ ਜੁਆਲ ॥੬੩੭॥

सुतर नाल घुड़ नाल भनि चूरणि पुनि पर जुआल ॥६३७॥

sutar naal ghuR naal bhan chooran pun par juaal ||637||


ਜੁਆਲ ਆਦਿ ਸਬਦੁਚਰਿ ਕੈ ਧਰਣੀ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

जुआल आदि सबदुचरि कै धरणी अंति उचार ॥

juaal aadh sabadhuchar kai dharanee a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੩੮॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति सु धार ॥६३८॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat su dhaar ||638||


ਅਨਲੁ ਆਦਿ ਸਬਦੁਚਰਿ ਕੈ ਛੋਡਣਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

अनलु आदि सबदुचरि कै छोडणि अंति उचार ॥

anal aadh sabadhuchar kai chhoddan a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੬੩੯॥

नाम तुपक के होत है चीन चतुर निरधार ॥६३९॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur niradhaar ||639||


ਜੁਆਲਾ ਬਮਨੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਮਨ ਮੈ ਸੁਘਰ ਬਿਚਾਰ ॥

जुआला बमनी आदि कहि मन मै सुघर बिचार ॥

juaalaa bamanee aadh keh man mai sughar bichaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਜਾਨਿ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੬੪੦॥

नाम तुपक के होत है जानि चतुर निरधार ॥६४०॥

naam tupak ke hot hai jaan chatur niradhaar ||640||


ਘਨ ਪਦ ਆਦਿ ਬਖਾਨਿ ਕੈ ਧ੍ਵਨਨੀ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

घन पद आदि बखानि कै ध्वननी अंति उचार ॥

ghan padh aadh bakhaan kai dhavainanee a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਹੁ ਚਤੁਰ ਅਪਾਰ ॥੬੪੧॥

नाम तुपक के होत है चीनहु चतुर अपार ॥६४१॥

naam tupak ke hot hai cheenahu chatur apaar ||641||


ਘਨ ਪਦ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਨਾਦਨਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

घन पद आदि उचारि कै नादनि अंति उचार ॥

ghan padh aadh uchaar kai naadhan a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੬੪੨॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर निरधार ॥६४२॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur niradhaar ||642||


ਬਾਰਿਦ ਆਦਿ ਬਖਾਨਿ ਕੈ ਸਬਦਨਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

बारिद आदि बखानि कै सबदनि अंति उचार ॥

baaridh aadh bakhaan kai sabadhan a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੬੪੩॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर निरधार ॥६४३॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur niradhaar ||643||


ਮੇਘਨ ਧ੍ਵਨਨੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਰਿਪੁ ਅਰਿ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰ ॥

मेघन ध्वननी आदि कहि रिपु अरि बहुरि उचार ॥

meghan dhavainanee aadh keh rip ar bahur uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਹੁ ਚਤੁਰ ਅਪਾਰ ॥੬੪੪॥

नाम तुपक के होत है चीनहु चतुर अपार ॥६४४॥

naam tupak ke hot hai cheenahu chatur apaar ||644||


ਮੇਘਨ ਸਬਦਨੀ ਬਕਤ੍ਰ ਤੇ ਪ੍ਰਥਮੈ ਸਬਦ ਉਚਾਰ ॥

मेघन सबदनी बकत्र ते प्रथमै सबद उचार ॥

meghan sabadhanee bakatr te prathamai sabadh uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ ਸਵਾਰ ॥੬੪੫॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति सवार ॥६४५॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat savaar ||645||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਆਲਯ ਅੰਤ ਉਚਾਰ ॥

गोला आदि उचारि कै आलय अंत उचार ॥

golaa aadh uchaar kai aalay a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੬੪੬॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर निरधार ॥६४६॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur niradhaar ||646||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਧਰਨੀ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

गोला आदि उचारि कै धरनी अंति उचार ॥

golaa aadh uchaar kai dharanee a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ ਸਵਾਰ ॥੬੪੭॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति सवार ॥६४७॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat savaar ||647||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਅਸਤ੍ਰਣਿ ਪੁਨਿ ਪਦ ਦੇਹੁ ॥

गोला आदि उचारि कै असत्रणि पुनि पद देहु ॥

golaa aadh uchaar kai asatran pun padh dheh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਚਿਤ ਲੇਹੁ ॥੬੪੮॥

नाम तुपक के होत है चीन चतुर चित लेहु ॥६४८॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit leh ||648||


ਗੋਲਾਲਯਣੀ ਆਦਿ ਕਹਿ ਮੁਖ ਤੇ ਸਬਦ ਉਚਾਰ ॥

गोलालयणी आदि कहि मुख ते सबद उचार ॥

golaalayanee aadh keh mukh te sabadh uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ ਸਵਾਰ ॥੬੪੯॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति सवार ॥६४९॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat savaar ||649||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਆਲਯਣੀ ਪੁਨਿ ਭਾਖੁ ॥

गोला आदि उचारि कै आलयणी पुनि भाखु ॥

golaa aadh uchaar kai aalayanee pun bhaakh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਚਿਤਿ ਰਾਖੁ ॥੬੫੦॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर चिति राखु ॥६५०॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit raakh ||650||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਬਖਾਨਿ ਕੈ ਸਦਨਨਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

गोला आदि बखानि कै सदननि अंति उचार ॥

golaa aadh bakhaan kai sadhanan a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਕਬਿ ਬਿਚਾਰ ॥੬੫੧॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुकबि बिचार ॥६५१॥

naam tupak ke hot hai leejahu sukab bichaar ||651||


ਗੋਲਾ ਪਦ ਪ੍ਰਥਮੈ ਉਚਰਿ ਕੈ ਕੇਤਨਿ ਪਦ ਕਹੁ ਅੰਤਿ ॥

गोला पद प्रथमै उचरि कै केतनि पद कहु अंति ॥

golaa padh prathamai uchar kai ketan padh kahu a(n)t ||

ਨਾਮ ਸਕਲ ਸ੍ਰੀ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਿਕਸਤ ਚਲਤ ਅਨੰਤ ॥੬੫੨॥

नाम सकल स्री तुपक के निकसत चलत अनंत ॥६५२॥

naam sakal sree tupak ke nikasat chalat ana(n)t ||652||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਕੇਤਨਿ ਪਦ ਕੈ ਦੀਨ ॥

गोला आदि उचारि कै केतनि पद कै दीन ॥

golaa aadh uchaar kai ketan padh kai dheen ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸਮਝ ਪ੍ਰਬੀਨ ॥੬੫੩॥

नाम तुपक के होत है लीजहु समझ प्रबीन ॥६५३॥

naam tupak ke hot hai leejahu samajh prabeen ||653||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਸਦਨੀ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

गोला आदि उचारि कै सदनी अंति उचार ॥

golaa aadh uchaar kai sadhanee a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੬੫੪॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर निरधार ॥६५४॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur niradhaar ||654||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰੀਐ ਧਾਮਿਨ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

गोला आदि उचारीऐ धामिन अंति उचार ॥

golaa aadh uchaareeaai dhaamin a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤ ਸਵਾਰ ॥੬੫੫॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमत सवार ॥६५५॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat savaar ||655||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਨਈਵਾਸਨ ਕਹਿ ਅੰਤਿ ॥

गोला आदि उचारि कै नईवासन कहि अंति ॥

golaa aadh uchaar kai nieevaasan keh a(n)t ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਨਿਕਸਤ ਚਲਤ ਬਿਅੰਤ ॥੬੫੬॥

नाम तुपक के होत है निकसत चलत बिअंत ॥६५६॥

naam tupak ke hot hai nikasat chalat bia(n)t ||656||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਲਿਆਲੀ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

गोला आदि उचारि कै लिआली अंति उचार ॥

golaa aadh uchaar kai liaalee a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸਵਾਰ ॥੬੫੭॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सवार ॥६५७॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar savaar ||657||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਮੁਕਤਨਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

गोला आदि उचारि कै मुकतनि अंति उचार ॥

golaa aadh uchaar kai mukatan a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਕਹਿ ਕਬੋ ਲੀਜਹੁ ਸਕਲ ਬੀਚਾਰ ॥੬੫੮॥

नाम तुपक के कहि कबो लीजहु सकल बीचार ॥६५८॥

naam tupak ke keh kabo leejahu sakal beechaar ||658||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਦਾਤੀ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

गोला आदि उचारि कै दाती अंति उचार ॥

golaa aadh uchaar kai dhaatee a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੬੫੯॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर निरधार ॥६५९॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur niradhaar ||659||


ਗੋਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਤਜਨੀ ਪੁਨਿ ਪਦ ਦੇਹੁ ॥

गोला आदि उचारि कै तजनी पुनि पद देहु ॥

golaa aadh uchaar kai tajanee pun padh dheh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਚਿਤਿ ਲੇਹੁ ॥੬੬੦॥

नाम तुपक के होत है चीन चतुर चिति लेहु ॥६६०॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit leh ||660||


ਜੁਆਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਛਡਨਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

जुआला आदि उचारि कै छडनि अंति उचार ॥

juaalaa aadh uchaar kai chhaddan a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ ਸਵਾਰ ॥੬੬੧॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति सवार ॥६६१॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat savaar ||661||


ਜੁਆਲਾ ਸਕਤਨੀ ਬਕਤ੍ਰ ਤੇ ਪ੍ਰਥਮੈ ਕਰੋ ਬਖਿਆਨ ॥

जुआला सकतनी बकत्र ते प्रथमै करो बखिआन ॥

juaalaa sakatanee bakatr te prathamai karo bakhiaan ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਪਛਾਨ ॥੬੬੨॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर पछान ॥६६२॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar pachhaan ||662||


ਜੁਆਲਾ ਤਜਣੀ ਬਕਤ੍ਰ ਤੇ ਪ੍ਰਥਮੈ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

जुआला तजणी बकत्र ते प्रथमै करो उचार ॥

juaalaa tajanee bakatr te prathamai karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਚਤੁਰ ਬਿਚਾਰ ॥੬੬੩॥

नाम तुपक के होत है लीजहु चतुर बिचार ॥६६३॥

naam tupak ke hot hai leejahu chatur bichaar ||663||


ਜੁਆਲਾ ਛਾਡਣਿ ਪ੍ਰਥਮ ਹੀ ਮੁਖ ਤੇ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

जुआला छाडणि प्रथम ही मुख ते करो उचार ॥

juaalaa chhaaddan pratham hee mukh te karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੬੪॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सु धार ॥६६४॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar su dhaar ||664||


ਜੁਆਲਾ ਦਾਇਨਿ ਪ੍ਰਥਮ ਹੀ ਮੁਖ ਤੇ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

जुआला दाइनि प्रथम ही मुख ते करो उचार ॥

juaalaa dhain pratham hee mukh te karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੬੫॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सु धार ॥६६५॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar su dhaar ||665||


ਜੁਆਲਾ ਬਕਤ੍ਰਣਿ ਪ੍ਰਥਮ ਹੀ ਮੁਖ ਤੇ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

जुआला बकत्रणि प्रथम ही मुख ते करो उचार ॥

juaalaa bakatran pratham hee mukh te karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸਵਾਰ ॥੬੬੬॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सवार ॥६६६॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar savaar ||666||


ਜੁਆਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਪ੍ਰਗਟਾਇਨਿ ਪਦ ਦੇਹੁ ॥

जुआला आदि उचारि कै प्रगटाइनि पद देहु ॥

juaalaa aadh uchaar kai pragaTain padh dheh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਚਿਤਿ ਲੇਹੁ ॥੬੬੭॥

नाम तुपक के होत है चीन चतुर चिति लेहु ॥६६७॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit leh ||667||


ਜੁਆਲਾ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਧਰਣੀ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

जुआला आदि उचारि कै धरणी अंति उचार ॥

juaalaa aadh uchaar kai dharanee a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸਵਾਰ ॥੬੬੮॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सवार ॥६६८॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar savaar ||668||


ਦੁਰਜਨ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਦਾਹਨਿ ਪੁਨਿ ਪਦ ਦੇਹੁ ॥

दुरजन आदि उचारि कै दाहनि पुनि पद देहु ॥

dhurajan aadh uchaar kai dhaahan pun padh dheh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਚਿਤ ਲੇਹੁ ॥੬੬੯॥

नाम तुपक के होत है चीन चतुर चित लेहु ॥६६९॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit leh ||669||


ਦ੍ਰੁਜਨ ਆਦਿ ਸਬਦ ਉਚਰਿ ਕੈ ਦਰਰਨਿ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰ ॥

द्रुजन आदि सबद उचरि कै दररनि अंति उचार ॥

dhrujan aadh sabadh uchar kai dhararan a(n)t uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੭੦॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सु धार ॥६७०॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar su dhaar ||670||


ਗੋਲੀ ਧਰਣੀ ਬਕਤ੍ਰ ਤੇ ਪ੍ਰਥਮੈ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

गोली धरणी बकत्र ते प्रथमै करो उचार ॥

golee dharanee bakatr te prathamai karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੭੧॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सु धार ॥६७१॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar su dhaar ||671||


ਦੁਸਟ ਆਦਿ ਸਬਦ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਦਾਹਨਿ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰ ॥

दुसट आदि सबद उचारि कै दाहनि बहुरि उचार ॥

dhusaT aadh sabadh uchaar kai dhaahan bahur uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੭੨॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सु धार ॥६७२॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar su dhaar ||672||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਕਾਸਟ ਪ੍ਰਿਸਠਣੀ ਆਦਿ ਉਚਾਰਹੁ ॥

कासट पृसठणी आदि उचारहु ॥

kaasaT pirasaThanee aadh uchaarahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਬਿਚਾਰਹੁ ॥

नाम तुपक के सकल बिचारहु ॥

naam tupak ke sakal bichaarahu ||

ਭੂਮਿਜ ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪੁਨਿ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

भूमिज पृसठनि पुनि पद दीजै ॥

bhoomij pirasaThan pun padh dheejai ||

ਨਾਮ ਚੀਨ ਤੁਪਕ ਕੋ ਲੀਜੈ ॥੬੭੩॥

नाम चीन तुपक को लीजै ॥६७३॥

naam cheen tupak ko leejai ||673||


ਕਾਸਠਿ ਪ੍ਰਿਸਠਣੀ ਆਦਿ ਉਚਾਰ ॥

कासठि पृसठणी आदि उचार ॥

kaasaTh pirasaThanee aadh uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਬਿਚਾਰ ॥

नाम तुपक के सकल बिचार ॥

naam tupak ke sakal bichaar ||

ਦ੍ਰੁਮਜ ਬਾਸਨੀ ਪੁਨਿ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

द्रुमज बासनी पुनि पद दीजै ॥

dhrumaj baasanee pun padh dheejai ||

ਚੀਨ ਨਾਮ ਨਾਲੀ ਕੋ ਲੀਜੈ ॥੬੭੪॥

चीन नाम नाली को लीजै ॥६७४॥

cheen naam naalee ko leejai ||674||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਕਾਸਠਿ ਪ੍ਰਿਸਠਣੀ ਬਕਤ੍ਰ ਤੇ ਪ੍ਰਥਮੈ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

कासठि पृसठणी बकत्र ते प्रथमै करो उचार ॥

kaasaTh pirasaThanee bakatr te prathamai karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਜਨ ਸਵਾਰ ॥੬੭੫॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुजन सवार ॥६७५॥

naam tupak ke hot hai leejahu sujan savaar ||675||


ਜਲਜ ਪ੍ਰਿਸਠਣੀ ਪ੍ਰਿਥਮ ਹੀ ਮੁਖ ਤੇ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

जलज पृसठणी पृथम ही मुख ते करो उचार ॥

jalaj pirasaThanee piratham hee mukh te karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੭੬॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सु धार ॥६७६॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar su dhaar ||676||


ਬਾਰਜ ਪ੍ਰਿਸਠਣ ਆਦਿ ਹੀ ਮੁਖ ਤੇ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

बारज पृसठण आदि ही मुख ते करो उचार ॥

baaraj pirasaThan aadh hee mukh te karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਕਬਿ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੭੭॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुकबि सु धार ॥६७७॥

naam tupak ke hot hai leejahu sukab su dhaar ||677||


ਨੀਰਜਾਲਯਣਿ ਬਕਤ੍ਰ ਤੇ ਪ੍ਰਿਥਮੈ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

नीरजालयणि बकत्र ते पृथमै करो उचार ॥

neerajaalayan bakatr te pirathamai karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ ਸਵਾਰ ॥੬੭੮॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति सवार ॥६७८॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat savaar ||678||


ਅੰਬੁਜ ਪ੍ਰਿਸਠਣੀ ਪ੍ਰਿਥਮ ਹੀ ਮੁਖ ਤੇ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

अंबुज पृसठणी पृथम ही मुख ते करो उचार ॥

a(n)buj pirasaThanee piratham hee mukh te karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ ਸਵਾਰ ॥੬੭੯॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति सवार ॥६७९॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat savaar ||679||


ਘਨਜਜ ਪ੍ਰਿਸਠਣ ਪ੍ਰਿਥਮ ਹੀ ਮੁਖ ਤੇ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

घनजज पृसठण पृथम ही मुख ते करो उचार ॥

ghanajaj pirasaThan piratham hee mukh te karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸਵਾਰ ॥੬੮੦॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सवार ॥६८०॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar savaar ||680||


ਜਲ ਤਰ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਪ੍ਰਿਸਠਣਿ ਧਰ ਪਦ ਦੇਹੁ ॥

जल तर आदि उचारि कै पृसठणि धर पद देहु ॥

jal tar aadh uchaar kai pirasaThan dhar padh dheh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਚਿਤਿ ਲੇਹੁ ॥੬੮੧॥

नाम तुपक के होत है चीन चतुर चिति लेहु ॥६८१॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit leh ||681||


ਬਾਰ ਆਦਿ ਸਬਦ ਉਚਰਿ ਕੈ ਤਰ ਪ੍ਰਿਸਠਣ ਪੁਨਿ ਭਾਖੁ ॥

बार आदि सबद उचरि कै तर पृसठण पुनि भाखु ॥

baar aadh sabadh uchar kai tar pirasaThan pun bhaakh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਚਿਤਿ ਰਾਖੁ ॥੬੮੨॥

नाम तुपक के होत है चीन चतुर चिति राखु ॥६८२॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit raakh ||682||


ਨੀਰ ਆਦਿ ਸਬਦ ਉਚਰਿ ਕੈ ਤਰ ਪਦ ਪ੍ਰਿਸਠਣ ਦੇਹੁ ॥

नीर आदि सबद उचरि कै तर पद पृसठण देहु ॥

neer aadh sabadh uchar kai tar padh pirasaThan dheh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਚਿਤਿ ਲੇਹੁ ॥੬੮੩॥

नाम तुपक के होत है चीन चतुर चिति लेहु ॥६८३॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit leh ||683||


ਹਰਜ ਪ੍ਰਿਸਠਣੀ ਆਦਿ ਹੀ ਮੁਖ ਤੇ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

हरज पृसठणी आदि ही मुख ते करो उचार ॥

haraj pirasaThanee aadh hee mukh te karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਘਰ ਸਵਾਰ ॥੬੮੪॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुघर सवार ॥६८४॥

naam tupak ke hot hai leejahu sughar savaar ||684||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਬਾਰਿਜ ਪ੍ਰਿਸਠਣੀ ਆਦਿ ਉਚਾਰ ॥

बारिज पृसठणी आदि उचार ॥

baarij pirasaThanee aadh uchaar ||

ਨਾਮ ਨਾਲਿ ਕੇ ਸਕਲ ਬਿਚਾਰ ॥

नाम नालि के सकल बिचार ॥

naam naal ke sakal bichaar ||

ਭੂਰਹ ਪ੍ਰਿਸਠਣਿ ਪੁਨਿ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

भूरह पृसठणि पुनि पद दीजै ॥

bhooreh pirasaThan pun padh dheejai ||

ਨਾਮ ਜਾਨ ਤੁਪਕ ਕੋ ਲੀਜੈ ॥੬੮੫॥

नाम जान तुपक को लीजै ॥६८५॥

naam jaan tupak ko leejai ||685||


ਭੂਮਿ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

भूमि सबद को आदि उचारो ॥

bhoom sabadh ko aadh uchaaro ||

ਰੁਹ ਪ੍ਰਿਸਠਣਿ ਤੁਮ ਬਹੁਰਿ ਸਵਾਰੋ ॥

रुह पृसठणि तुम बहुरि सवारो ॥

ruh pirasaThan tum bahur savaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਹੀ ਹੋਹੀ ॥

नाम तुपक के सभ ही होही ॥

naam tupak ke sabh hee hohee ||

ਜੋ ਕੋਊ ਚਤੁਰ ਚੀਨ ਕਰ ਜੋਹੀ ॥੬੮੬॥

जो कोऊ चतुर चीन कर जोही ॥६८६॥

jo kouoo chatur cheen kar johee ||686||


ਤਰੁ ਰੁਹ ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਆਦਿ ਉਚਰੀਅਹੁ ॥

तरु रुह पृसठनि आदि उचरीअहु ॥

tar ruh pirasaThan aadh uchareeahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਬਿਚਰੀਅਹੁ ॥

नाम तुपक के सकल बिचरीअहु ॥

naam tupak ke sakal bichareeahu ||

ਕਾਸਠ ਕੁੰਦਨੀ ਆਦਿ ਬਖਾਨੋ ॥

कासठ कुँदनी आदि बखानो ॥

kaasaTh ku(n)dhanee aadh bakhaano ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਜਾਨੋ ॥੬੮੭॥

नाम तुपक के सभ जीअ जानो ॥६८७॥

naam tupak ke sabh jeea jaano ||687||


ਭੂਮਿ ਸਬਦ ਕਹੁ ਆਦਿ ਉਚਾਰਹੁ ॥

भूमि सबद कहु आदि उचारहु ॥

bhoom sabadh kahu aadh uchaarahu ||

ਰੁਹ ਸੁ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰ ਬਿਚਾਰਹੁ ॥

रुह सु सबद को बहुर बिचारहु ॥

ruh su sabadh ko bahur bichaarahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਜੂ ਕੇ ਸਭ ਮਾਨਹੁ ॥

नाम तुपक जू के सभ मानहु ॥

naam tupak joo ke sabh maanahu ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਜਾਨਹੁ ॥੬੮੮॥

या मै कछू भेद नही जानहु ॥६८८॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee jaanahu ||688||


ਪ੍ਰਿਥੀ ਸਬਦ ਕੋ ਪ੍ਰਿਥਮੈ ਦੀਜੈ ॥

पृथी सबद को पृथमै दीजै ॥

pirathee sabadh ko pirathamai dheejai ||

ਰੁਹ ਪਦ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰਨ ਕੀਜੈ ॥

रुह पद बहुरि उचारन कीजै ॥

ruh padh bahur uchaaran keejai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਜਾਨੋ ॥

नाम तुपक के सभ जीअ जानो ॥

naam tupak ke sabh jeea jaano ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਮਾਨੋ ॥੬੮੯॥

या मै कछू भेद नही मानो ॥६८९॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee maano ||689||


ਬਿਰਛ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

बिरछ सबद को आदि उचारो ॥

birachh sabadh ko aadh uchaaro ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਕਹਿ ਜੀਅ ਬਿਚਾਰੋ ॥

पृसठनि पद कहि जीअ बिचारो ॥

pirasaThan padh keh jeea bichaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਹਿ ਅਪਾਰਾ ॥

नाम तुपक के होहि अपारा ॥

naam tupak ke hoh apaaraa ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੁ ਨ ਭੇਦ ਨਿਹਾਰਾ ॥੬੯੦॥

या मै कछु न भेद निहारा ॥६९०॥

yaa mai kachh na bhedh nihaaraa ||690||


ਦ੍ਰੁਮਜ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

द्रुमज सबद को आदि उचारो ॥

dhrumaj sabadh ko aadh uchaaro ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਕਹਿ ਹੀਏ ਬਿਚਾਰੋ ॥

पृसठनि पद कहि हीए बिचारो ॥

pirasaThan padh keh he'ee bichaaro ||

ਸਭ ਹੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਵੈ ॥

सभ ही नाम तुपक के होवै ॥

sabh hee naam tupak ke hovai ||

ਜਉ ਕੋਊ ਚਤੁਰ ਚਿਤ ਮੈ ਜੋਵੈ ॥੬੯੧॥

जउ कोऊ चतुर चित मै जोवै ॥६९१॥

jau kouoo chatur chit mai jovai ||691||


ਤਰੁ ਪਦ ਮੁਖ ਤੇ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

तरु पद मुख ते आदि उचारो ॥

tar padh mukh te aadh uchaaro ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਕੌ ਬਹੁਰਿ ਬਿਚਾਰੋ ॥

पृसठनि पद कौ बहुरि बिचारो ॥

pirasaThan padh kau bahur bichaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਬ ਜੀਅ ਜਾਨੋ ॥

नाम तुपक के सब जीअ जानो ॥

naam tupak ke sab jeea jaano ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਮਾਨੋ ॥੬੯੨॥

या मै कछू भेद नही मानो ॥६९२॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee maano ||692||


ਰੁਖ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

रुख सबद को आदि उचारो ॥

rukh sabadh ko aadh uchaaro ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਕਹਿ ਬਹੁਰਿ ਬਿਚਾਰੋ ॥

पृसठनि पद कहि बहुरि बिचारो ॥

pirasaThan padh keh bahur bichaaro ||

ਸਭ ਹੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਈ ॥

सभ ही नाम तुपक के होई ॥

sabh hee naam tupak ke hoiee ||

ਯਾ ਮੈ ਕਹੂੰ ਭੇਦ ਨਹੀ ਕੋਈ ॥੬੯੩॥

या मै कहूँ भेद नही कोई ॥६९३॥

yaa mai kahoo(n) bhedh nahee koiee ||693||


ਉਤਭੁਜ ਪਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

उतभुज पद को आदि उचारो ॥

autabhuj padh ko aadh uchaaro ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਕਹਿ ਹੀਏ ਬਿਚਾਰੋ ॥

पृसठनि पद कहि हीए बिचारो ॥

pirasaThan padh keh he'ee bichaaro ||

ਸਭ ਹੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨੋ ॥

सभ ही नाम तुपक के जानो ॥

sabh hee naam tupak ke jaano ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਮਾਨੋ ॥੬੯੪॥

या मै कछू भेद नही मानो ॥६९४॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee maano ||694||


ਤਰੁ ਸੁਤ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

तरु सुत सबद को आदि उचारो ॥

tar sut sabadh ko aadh uchaaro ||

ਬਹੁਰਿ ਪ੍ਰਿਸਠਣੀ ਸਬਦ ਬਿਚਾਰੋ ॥

बहुरि पृसठणी सबद बिचारो ॥

bahur pirasaThanee sabadh bichaaro ||

ਸਭ ਹੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨੋ ॥

सभ ही नाम तुपक के जानो ॥

sabh hee naam tupak ke jaano ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨ ਪਛਾਨੋ ॥੬੯੫॥

या मै कछू भेद न पछानो ॥६९५॥

yaa mai kachhoo bhedh na pachhaano ||695||


ਪਤ੍ਰੀ ਪਦ ਕੋ ਆਦਿ ਬਖਾਨੋ ॥

पत्री पद को आदि बखानो ॥

patree padh ko aadh bakhaano ||

ਪ੍ਰਿਸਠਣਿ ਸਬਦ ਸੁ ਬਹੁਰਿ ਪ੍ਰਮਾਨੋ ॥

पृसठणि सबद सु बहुरि प्रमानो ॥

pirasaThan sabadh su bahur pramaano ||

ਸਭ ਹੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਹੁ ॥

सभ ही नाम तुपक के जानहु ॥

sabh hee naam tupak ke jaanahu ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਮਾਨਹੁ ॥੬੯੬॥

या मै कछू भेद नही मानहु ॥६९६॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee maanahu ||696||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਧਰਾਧਾਰ ਪਦ ਪ੍ਰਥਮ ਉਚਾਰਨ ਕੀਜੀਐ ॥

धराधार पद प्रथम उचारन कीजीऐ ॥

dharaadhaar padh pratham uchaaran keejeeaai ||

ਪ੍ਰਿਸਠਣਿ ਪਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਠਉਰ ਤਹ ਦੀਜੀਐ ॥

पृसठणि पद को बहुरि ठउर तह दीजीऐ ॥

pirasaThan padh ko bahur Thaur teh dheejeeaai ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਚਤੁਰ ਜੀ ਜਾਨੀਐ ॥

सकल तुपक के नाम चतुर जी जानीऐ ॥

sakal tupak ke naam chatur jee jaaneeaai ||

ਹੋ ਯਾ ਕੇ ਭੀਤਰ ਭੇਦ ਨੈਕ ਨਹੀ ਮਾਨੀਐ ॥੬੯੭॥

हो या के भीतर भेद नैक नही मानीऐ ॥६९७॥

ho yaa ke bheetar bhedh naik nahee maaneeaai ||697||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਧਰਾਰਾਜ ਪ੍ਰਥਮੈ ਉਚਰਿ ਪੁਨਿ ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਦੇਹੁ ॥

धराराज प्रथमै उचरि पुनि पृसठनि पद देहु ॥

dharaaraaj prathamai uchar pun pirasaThan padh dheh ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਚਿਤਿ ਲੇਹੁ ॥੬੯੮॥

नाम तुपक के होत है चीन चतुर चिति लेहु ॥६९८॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur chit leh ||698||


ਧਰਾ ਆਦਿ ਸਬਦ ਉਚਰਿ ਕੈ ਨਾਇਕ ਅੰਤ ਉਚਾਰ ॥

धरा आदि सबद उचरि कै नाइक अंत उचार ॥

dharaa aadh sabadh uchar kai naik a(n)t uchaar ||

ਪ੍ਰਿਸਠ ਭਾਖਿ ਬੰਦੂਕ ਕੇ ਲੀਜਹੁ ਨਾਮ ਸੁ ਧਾਰ ॥੬੯੯॥

पृसठ भाखि बंदूक के लीजहु नाम सु धार ॥६९९॥

pirasaTh bhaakh ba(n)dhook ke leejahu naam su dhaar ||699||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਧਰਾ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

धरा सबद को आदि बखानहु ॥

dharaa sabadh ko aadh bakhaanahu ||

ਨਾਇਕ ਸਬਦ ਤਹਾ ਫੁਨਿ ਠਾਨਹੁ ॥

नाइक सबद तहा फुनि ठानहु ॥

naik sabadh tahaa fun Thaanahu ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਉਚਰੀਐ ॥

पृसठनि पद को बहुरि उचरीऐ ॥

pirasaThan padh ko bahur uchareeaai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੈ ਸਭੈ ਬਿਚਰੀਐ ॥੭੦੦॥

नाम तुपक कै सभै बिचरीऐ ॥७००॥

naam tupak kai sabhai bichareeaai ||700||


ਧਰਨੀ ਪਦ ਪ੍ਰਥਮੈ ਲਿਖਿ ਡਾਰੋ ॥

धरनी पद प्रथमै लिखि डारो ॥

dharanee padh prathamai likh ddaaro ||

ਰਾਵ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰੋ ॥

राव सबद तिह अंति उचारो ॥

raav sabadh teh a(n)t uchaaro ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਬਹੁਰਿ ਸਬਦ ਕੋ ਦੀਜੈ ॥

पृसठनि बहुरि सबद को दीजै ॥

pirasaThan bahur sabadh ko dheejai ||

ਨਾਮ ਪਛਾਨ ਤੁਪਕ ਕੋ ਲੀਜੈ ॥੭੦੧॥

नाम पछान तुपक को लीजै ॥७०१॥

naam pachhaan tupak ko leejai ||701||


ਧਰਨੀਪਤਿ ਪਦ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

धरनीपति पद आदि उचारो ॥

dharaneepat padh aadh uchaaro ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਸਬਦਹਿ ਬਹੁਰਿ ਸਵਾਰੋ ॥

पृसठनि सबदहि बहुरि सवारो ॥

pirasaThan sabadheh bahur savaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਜਾਨੋ ॥

नाम तुपक के सभ जीअ जानो ॥

naam tupak ke sabh jeea jaano ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਮਾਨੋ ॥੭੦੨॥

या मै कछू भेद नही मानो ॥७०२॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee maano ||702||


ਧਰਾਰਾਟ ਪਦ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

धराराट पद आदि उचारो ॥

dharaaraaT padh aadh uchaaro ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਸੁ ਧਾਰੋ ॥

पृसठनि पद को बहुरि सु धारो ॥

pirasaThan padh ko bahur su dhaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਜਾਨੋ ਮਨ ਮਾਹੀ ॥

नाम तुपक जानो मन माही ॥

naam tupak jaano man maahee ||

ਯਾ ਮੈ ਭੇਦ ਨੈਕ ਹੂੰ ਨਾਹੀ ॥੭੦੩॥

या मै भेद नैक हूँ नाही ॥७०३॥

yaa mai bhedh naik hoo(n) naahee ||703||


ਧਰਾਰਾਜ ਪੁਨਿ ਆਦਿ ਉਚਰੀਐ ॥

धराराज पुनि आदि उचरीऐ ॥

dharaaraaj pun aadh uchareeaai ||

ਤਾਹਿ ਪ੍ਰਿਸਠਣੀ ਬਹੁਰਿ ਸੁ ਧਰੀਐ ॥

ताहि पृसठणी बहुरि सु धरीऐ ॥

taeh pirasaThanee bahur su dhareeaai ||

ਸਭ ਸ੍ਰੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਵਹਿ ॥

सभ स्री नाम तुपक के होवहि ॥

sabh sree naam tupak ke hoveh ||

ਜਾ ਕੇ ਸਭ ਗੁਨਿਜਨ ਗੁਨ ਜੋਵਹਿ ॥੭੦੪॥

जा के सभ गुनिजन गुन जोवहि ॥७०४॥

jaa ke sabh gunijan gun joveh ||704||


ਧਰਾ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

धरा सबद को आदि उचारो ॥

dharaa sabadh ko aadh uchaaro ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਸਬਦ ਸੁ ਅੰਤਿ ਸੁ ਧਾਰੋ ॥

पृसठनि सबद सु अंति सु धारो ॥

pirasaThan sabadh su a(n)t su dhaaro ||

ਸਕਲ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨੋ ॥

सकल नाम तुपक के जानो ॥

sakal naam tupak ke jaano ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਮਾਨੋ ॥੭੦੫॥

या मै कछू भेद नही मानो ॥७०५॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee maano ||705||


ਧਰਾ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਭਨੀਜੈ ॥

धरा सबद को आदि भनीजै ॥

dharaa sabadh ko aadh bhaneejai ||

ਇੰਦ੍ਰ ਸਬਦ ਤਾ ਪਾਛੇ ਦੀਜੈ ॥

इंद्र सबद ता पाछे दीजै ॥

ei(n)dhr sabadh taa paachhe dheejai ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰੋ ॥

पृसठनि पद को बहुरि उचारो ॥

pirasaThan padh ko bahur uchaaro ||

ਸਕਲ ਤੁਪਕ ਕੇ ਨਾਮ ਬੀਚਾਰੋ ॥੭੦੬॥

सकल तुपक के नाम बीचारो ॥७०६॥

sakal tupak ke naam beechaaro ||706||


ਧਰਾ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਰੀਐ ॥

धरा सबद को आदि उचरीऐ ॥

dharaa sabadh ko aadh uchareeaai ||

ਪਾਲਕ ਸਬਦ ਸੁ ਅੰਤਿ ਬਿਚਰੀਐ ॥

पालक सबद सु अंति बिचरीऐ ॥

paalak sabadh su a(n)t bichareeaai ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨੋ ॥

पृसठनि पद को बहुरि बखानो ॥

pirasaThan padh ko bahur bakhaano ||

ਸਭ ਹੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨੋ ॥੭੦੭॥

सभ ही नाम तुपक के जानो ॥७०७॥

sabh hee naam tupak ke jaano ||707||


ਤਰੁਜ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਬਖਾਨੋ ॥

तरुज सबद को आदि बखानो ॥

taruj sabadh ko aadh bakhaano ||

ਨਾਥ ਸਬਦ ਤਿਹ ਅੰਤਿ ਪ੍ਰਮਾਨੋ ॥

नाथ सबद तिह अंति प्रमानो ॥

naath sabadh teh a(n)t pramaano ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਸਬਦ ਸੁ ਬਹੁਰਿ ਭਨੀਜੈ ॥

पृसठनि सबद सु बहुरि भनीजै ॥

pirasaThan sabadh su bahur bhaneejai ||

ਨਾਮ ਜਾਨ ਤੁਪਕ ਕੋ ਲੀਜੈ ॥੭੦੮॥

नाम जान तुपक को लीजै ॥७०८॥

naam jaan tupak ko leejai ||708||


ਦ੍ਰੁਮਜ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਸੁ ਦੀਜੈ ॥

द्रुमज सबद को आदि सु दीजै ॥

dhrumaj sabadh ko aadh su dheejai ||

ਨਾਇਕ ਪਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਭਨੀਜੈ ॥

नाइक पद को बहुरि भनीजै ॥

naik padh ko bahur bhaneejai ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਸਬਦ ਸੁ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

पृसठनि सबद सु अंति बखानहु ॥

pirasaThan sabadh su a(n)t bakhaanahu ||

ਸਭ ਹੀ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਮਾਨਹੁ ॥੭੦੯॥

सभ ही नाम तुपक के मानहु ॥७०९॥

sabh hee naam tupak ke maanahu ||709||


ਫਲ ਪਦ ਆਦਿ ਉਚਾਰਨ ਕੀਜੈ ॥

फल पद आदि उचारन कीजै ॥

fal padh aadh uchaaran keejai ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਨਾਇਕ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

ता पाछे नाइक पद दीजै ॥

taa paachhe naik padh dheejai ||

ਪੁਨਿ ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਤੁਮ ਸਬਦ ਉਚਾਰੋ ॥

पुनि पृसठनि तुम सबद उचारो ॥

pun pirasaThan tum sabadh uchaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਬਿਚਾਰੋ ॥੭੧੦॥

नाम तुपक के सकल बिचारो ॥७१०॥

naam tupak ke sakal bichaaro ||710||


ਤਰੁਜ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਰੀਐ ॥

तरुज सबद को आदि उचरीऐ ॥

taruj sabadh ko aadh uchareeaai ||

ਰਾਜ ਸਬਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਸੁ ਧਰੀਐ ॥

राज सबद को बहुरि सु धरीऐ ॥

raaj sabadh ko bahur su dhareeaai ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

ता पाछे पृसठनि पद दीजै ॥

taa paachhe pirasaThan padh dheejai ||

ਨਾਮ ਤੁਫੰਗ ਜਾਨ ਜੀਅ ਲੀਜੈ ॥੭੧੧॥

नाम तुफंग जान जीअ लीजै ॥७११॥

naam tufa(n)g jaan jeea leejai ||711||


ਧਰਨੀਜਾ ਪਦ ਆਦਿ ਭਨਿਜੈ ॥

धरनीजा पद आदि भनिजै ॥

dharaneejaa padh aadh bhanijai ||

ਰਾਟ ਸਬਦ ਤਾ ਪਾਛੇ ਦਿਜੈ ॥

राट सबद ता पाछे दिजै ॥

raaT sabadh taa paachhe dhijai ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪਦ ਕੋ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨੋ ॥

पृसठनि पद को अंति बखानो ॥

pirasaThan padh ko a(n)t bakhaano ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਸਭ ਭੇਦ ਨ ਮਾਨੋ ॥੭੧੨॥

नाम तुपक सभ भेद न मानो ॥७१२॥

naam tupak sabh bhedh na maano ||712||


ਬ੍ਰਿਛਜ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਭਨੀਜੈ ॥

बृछज सबद को आदि भनीजै ॥

birachhaj sabadh ko aadh bhaneejai ||

ਤਾ ਪਾਛੈ ਰਾਜਾ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

ता पाछै राजा पद दीजै ॥

taa paachhai raajaa padh dheejai ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਸਬਦ ਸੁ ਅੰਤਿ ਉਚਾਰੋ ॥

पृसठनि सबद सु अंति उचारो ॥

pirasaThan sabadh su a(n)t uchaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਬਿਚਾਰੋ ॥੭੧੩॥

नाम तुपक के सकल बिचारो ॥७१३॥

naam tupak ke sakal bichaaro ||713||


ਤਰੁ ਰੁਹ ਅਨੁਜ ਆਦਿ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥

तरु रुह अनुज आदि पद दीजै ॥

tar ruh anuj aadh padh dheejai ||

ਨਾਇਕ ਪਦ ਕੋ ਬਹੁਰਿ ਭਨੀਜੈ ॥

नाइक पद को बहुरि भनीजै ॥

naik padh ko bahur bhaneejai ||

ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਸਬਦ ਅੰਤ ਕੋ ਦੀਨੇ ॥

पृसठनि सबद अंत को दीने ॥

pirasaThan sabadh a(n)t ko dheene ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਹਿੰ ਨਵੀਨੇ ॥੭੧੪॥

नाम तुपक के होहिं नवीने ॥७१४॥

naam tupak ke hohi(n) naveene ||714||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਤਰੁ ਰੁਹ ਪ੍ਰਿਸਠਨਿ ਪ੍ਰਥਮ ਹੀ ਮੁਖ ਤੇ ਕਰੌ ਉਚਾਰ ॥

तरु रुह पृसठनि प्रथम ही मुख ते करौ उचार ॥

tar ruh pirasaThan pratham hee mukh te karau uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਚੀਨਿ ਚਤੁਰ ਨਿਰਧਾਰ ॥੭੧੫॥

नाम तुपक के होत है चीनि चतुर निरधार ॥७१५॥

naam tupak ke hot hai cheen chatur niradhaar ||715||


ਸੁਕਬਿ ਬਕਤ੍ਰ ਤੇ ਕੁੰਦਣੀ ਪ੍ਰਥਮੈ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

सुकबि बकत्र ते कुँदणी प्रथमै करो उचार ॥

sukab bakatr te ku(n)dhanee prathamai karo uchaar ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਹੋਤ ਹੈ ਲੀਜਹੁ ਸੁਮਤਿ ਸਵਾਰ ॥੭੧੬॥

नाम तुपक के होत है लीजहु सुमति सवार ॥७१६॥

naam tupak ke hot hai leejahu sumat savaar ||716||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਕਾਸਟ ਕੁੰਦਨੀ ਆਦਿ ਉਚਾਰਨ ਕੀਜੀਐ ॥

कासट कुँदनी आदि उचारन कीजीऐ ॥

kaasaT ku(n)dhanee aadh uchaaran keejeeaai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਚੀਨ ਚਤੁਰ ਚਿਤ ਲੀਜੀਐ ॥

नाम तुपक के चीन चतुर चित लीजीऐ ॥

naam tupak ke cheen chatur chit leejeeaai ||

ਬ੍ਰਿਛਜ ਬਾਸਨੀ ਸਬਦ ਬਕਤ੍ਰ ਤੇ ਭਾਖੀਐ ॥

बृछज बासनी सबद बकत्र ते भाखीऐ ॥

birachhaj baasanee sabadh bakatr te bhaakheeaai ||

ਹੋ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨਿ ਹ੍ਰਿਦੈ ਮੈ ਰਾਖੀਐ ॥੭੧੭॥

हो नाम तुपक के जानि हृदै मै राखीऐ ॥७१७॥

ho naam tupak ke jaan hiradhai mai raakheeaai ||717||


ਧਰਏਸ ਰਜਾ ਸਬਦ ਸੁ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

धरएस रजा सबद सु अंति बखानीऐ ॥

dhares rajaa sabadh su a(n)t bakhaaneeaai ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਕੁੰਦਨੀ ਬਹੁਰਿ ਪਦ ਠਾਨੀਐ ॥

ता पाछे कुँदनी बहुरि पद ठानीऐ ॥

taa paachhe ku(n)dhanee bahur padh Thaaneeaai ||

ਸੁਕਬਿ ਸਭੈ ਚਿਤ ਮਾਝ ਸੁ ਸਾਚ ਬਿਚਾਰੀਯੋ ॥

सुकबि सभै चित माझ सु साच बिचारीयो ॥

sukab sabhai chit maajh su saach bichaareeyo ||

ਹੋ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਨਿਸੰਕ ਉਚਾਰੀਯੋ ॥੭੧੮॥

हो नाम तुपक के सकल निसंक उचारीयो ॥७१८॥

ho naam tupak ke sakal nisa(n)k uchaareeyo ||718||


ਤਰੁਜ ਬਾਸਨੀ ਆਦਿ ਸੁ ਸਬਦ ਬਖਾਨੀਐ ॥

तरुज बासनी आदि सु सबद बखानीऐ ॥

taruj baasanee aadh su sabadh bakhaaneeaai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਸੁਕਬਿ ਮਨ ਮਾਨੀਐ ॥

नाम तुपक के सकल सुकबि मन मानीऐ ॥

naam tupak ke sakal sukab man maaneeaai ||

ਯਾ ਮੈ ਸੰਕ ਨ ਕਛੂ ਹ੍ਰਿਦੈ ਮੈ ਕੀਜੀਐ ॥

या मै संक न कछू हृदै मै कीजीऐ ॥

yaa mai sa(n)k na kachhoo hiradhai mai keejeeaai ||

ਹੋ ਜਹਾ ਜਹਾ ਇਹ ਨਾਮ ਚਹੋ ਤਹ ਦੀਜੀਐ ॥੭੧੯॥

हो जहा जहा इह नाम चहो तह दीजीऐ ॥७१९॥

ho jahaa jahaa ieh naam chaho teh dheejeeaai ||719||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਭੂਮਿ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

भूमि सबद को आदि उचारो ॥

bhoom sabadh ko aadh uchaaro ||

ਜਾ ਪਦ ਤਿਹ ਪਾਛੇ ਦੈ ਡਾਰੋ ॥

जा पद तिह पाछे दै डारो ॥

jaa padh teh paachhe dhai ddaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਜਾਨੋ ॥

नाम तुपक के सभ जीअ जानो ॥

naam tupak ke sabh jeea jaano ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਮਾਨੋ ॥੭੨੦॥

या मै कछू भेद नही मानो ॥७२०॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee maano ||720||


ਪ੍ਰਿਥੀ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

पृथी सबद को आदि उचारो ॥

pirathee sabadh ko aadh uchaaro ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਜਾ ਪਦ ਦੈ ਡਾਰੋ ॥

ता पाछे जा पद दै डारो ॥

taa paachhe jaa padh dhai ddaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਫੰਗ ਜਾਨ ਜੀਯ ਲੀਜੈ ॥

नाम तुफंग जान जीय लीजै ॥

naam tufa(n)g jaan jeey leejai ||

ਚਹੀਐ ਜਹਾ ਤਹੀ ਪਦ ਦੀਜੈ ॥੭੨੧॥

चहीऐ जहा तही पद दीजै ॥७२१॥

chaheeaai jahaa tahee padh dheejai ||721||


ਬਸੁਧਾ ਸਬਦ ਸੁ ਆਦਿ ਬਖਾਨਹੁ ॥

बसुधा सबद सु आदि बखानहु ॥

basudhaa sabadh su aadh bakhaanahu ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਜਾ ਪਦ ਕਹੁ ਠਾਨਹੁ ॥

ता पाछे जा पद कहु ठानहु ॥

taa paachhe jaa padh kahu Thaanahu ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਜਾਨੋ ॥

नाम तुपक के सभ जीअ जानो ॥

naam tupak ke sabh jeea jaano ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਮਾਨੋ ॥੭੨੨॥

या मै कछू भेद नही मानो ॥७२२॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee maano ||722||


ਪ੍ਰਥਮ ਬਸੁੰਧ੍ਰਾ ਸਬਦ ਉਚਰੀਐ ॥

प्रथम बसुँध्रा सबद उचरीऐ ॥

pratham basu(n)dhraa sabadh uchareeaai ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਜਾ ਪਦ ਦੈ ਡਰੀਐ ॥

ता पाछे जा पद दै डरीऐ ॥

taa paachhe jaa padh dhai ddareeaai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭਿ ਜੀਅ ਲਹੀਐ ॥

नाम तुपक के सभि जीअ लहीऐ ॥

naam tupak ke sabh jeea laheeaai ||

ਚਹੀਐ ਜਹਾ ਤਹੀ ਪਦ ਕਹੀਐ ॥੭੨੩॥

चहीऐ जहा तही पद कहीऐ ॥७२३॥

chaheeaai jahaa tahee padh kaheeaai ||723||


ਤਰਨੀ ਪਦ ਕੋ ਆਦਿ ਬਖਾਨੋ ॥

तरनी पद को आदि बखानो ॥

taranee padh ko aadh bakhaano ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਜਾ ਪਦ ਕੋ ਠਾਨੋ ॥

ता पाछे जा पद को ठानो ॥

taa paachhe jaa padh ko Thaano ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਹੀ ਲਹੀਐ ॥

नाम तुपक के सभ ही लहीऐ ॥

naam tupak ke sabh hee laheeaai ||

ਚਹੀਐ ਜਹਾ ਤਹੀ ਪਦ ਕਹੀਐ ॥੭੨੪॥

चहीऐ जहा तही पद कहीऐ ॥७२४॥

chaheeaai jahaa tahee padh kaheeaai ||724||


ਛੰਦ ॥

छंद ॥

chha(n)dh ||

ਬਲੀਸ ਆਦਿ ਬਖਾਨ ॥

बलीस आदि बखान ॥

balees aadh bakhaan ||

ਬਾਸਨੀ ਪੁਨਿ ਪਦ ਠਾਨ ॥

बासनी पुनि पद ठान ॥

baasanee pun padh Thaan ||

ਨਾਮੈ ਤੁਪਕ ਸਭ ਹੋਇ ॥

नामै तुपक सभ होइ ॥

naamai tupak sabh hoi ||

ਨਹੀ ਭੇਦ ਯਾ ਮਹਿ ਕੋਇ ॥੭੨੫॥

नही भेद या महि कोइ ॥७२५॥

nahee bhedh yaa meh koi ||725||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਸਿੰਘ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਬਖਾਨ ॥

सिंघ सबद को आदि बखान ॥

si(n)gh sabadh ko aadh bakhaan ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਅਰਿ ਸਬਦ ਸੁ ਠਾਨ ॥

ता पाछे अरि सबद सु ठान ॥

taa paachhe ar sabadh su Thaan ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਪਛਾਨਹੁ ॥

नाम तुपक के सकल पछानहु ॥

naam tupak ke sakal pachhaanahu ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਮਾਨਹੁ ॥੭੨੬॥

या मै कछू भेद नही मानहु ॥७२६॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee maanahu ||726||


ਪੁੰਡਰੀਕ ਪਦ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

पुँडरीक पद आदि उचारो ॥

pu(n)ddareek padh aadh uchaaro ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਅਰਿ ਪਦ ਦੈ ਡਾਰੋ ॥

ता पाछे अरि पद दै डारो ॥

taa paachhe ar padh dhai ddaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਲਹਿ ਲੀਜੈ ॥

नाम तुपक के सभ लहि लीजै ॥

naam tupak ke sabh leh leejai ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਕੀਜੈ ॥੭੨੭॥

या मै कछू भेद नही कीजै ॥७२७॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee keejai ||727||


ਆਦਿ ਸਬਦ ਹਰ ਜਛ ਉਚਾਰੋ ॥

आदि सबद हर जछ उचारो ॥

aadh sabadh har jachh uchaaro ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਅਰਿ ਪਦ ਦੈ ਡਾਰੋ ॥

ता पाछे अरि पद दै डारो ॥

taa paachhe ar padh dhai ddaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਲਹੀਯੋ ॥

नाम तुपक के सभ जीअ लहीयो ॥

naam tupak ke sabh jeea laheeyo ||

ਚਹੀਐ ਨਾਮ ਜਹਾ ਤਹ ਕਹੀਯੋ ॥੭੨੮॥

चहीऐ नाम जहा तह कहीयो ॥७२८॥

chaheeaai naam jahaa teh kaheeyo ||728||


ਛੰਦ ॥

छंद ॥

chha(n)dh ||

ਮ੍ਰਿਗਰਾਜ ਆਦਿ ਉਚਾਰ ॥

मृगराज आदि उचार ॥

miragaraaj aadh uchaar ||

ਅਰਿ ਸਬਦ ਬਹੁਰਿ ਸੁ ਧਾਰ ॥

अरि सबद बहुरि सु धार ॥

ar sabadh bahur su dhaar ||

ਤਊਫੰਗ ਨਾਮ ਪਛਾਨ ॥

तऊफंग नाम पछान ॥

tuoofa(n)g naam pachhaan ||

ਨਹੀ ਭੇਦ ਯਾ ਮਹਿ ਮਾਨ ॥੭੨੯॥

नही भेद या महि मान ॥७२९॥

nahee bhedh yaa meh maan ||729||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਆਦਿ ਸਬਦ ਮ੍ਰਿਗਰਾਜ ਉਚਾਰੋ ॥

आदि सबद मृगराज उचारो ॥

aadh sabadh miragaraaj uchaaro ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਰਿਪੁ ਪਦ ਦੈ ਡਾਰੋ ॥

ता पाछे रिपु पद दै डारो ॥

taa paachhe rip padh dhai ddaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਪਛਾਨੋ ॥

नाम तुपक के सकल पछानो ॥

naam tupak ke sakal pachhaano ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਜਾਨੋ ॥੭੩੦॥

या मै कछू भेद नही जानो ॥७३०॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee jaano ||730||


ਪਸੁ ਪਤੇਸ ਪਦ ਪ੍ਰਥਮ ਭਨਿਜੈ ॥

पसु पतेस पद प्रथम भनिजै ॥

pas pates padh pratham bhanijai ||

ਤਾ ਪਾਛੈ ਅਰਿ ਪਦ ਕੋ ਦਿਜੈ ॥

ता पाछै अरि पद को दिजै ॥

taa paachhai ar padh ko dhijai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਜੀਅ ਜਾਨੋ ॥

नाम तुपक के सभ जीअ जानो ॥

naam tupak ke sabh jeea jaano ||

ਯਾ ਮੈ ਕਛੂ ਭੇਦ ਨਹੀ ਮਾਨੋ ॥੭੩੧॥

या मै कछू भेद नही मानो ॥७३१॥

yaa mai kachhoo bhedh nahee maano ||731||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸਕਲ ਪਸੁਨ ਕੇ ਨਾਮ ਲੈ ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹਿ ਅੰਤਿ ॥

सकल पसुन के नाम लै सत्रु सबद कहि अंति ॥

sakal pasun ke naam lai satr sabadh keh a(n)t ||

ਸਭ ਹੀ ਨਾਮ ਤੁਫੰਗ ਕੇ ਨਿਕਸਤ ਚਲਤ ਅਨੰਤ ॥੭੩੨॥

सभ ही नाम तुफंग के निकसत चलत अनंत ॥७३२॥

sabh hee naam tufa(n)g ke nikasat chalat ana(n)t ||732||


ਮ੍ਰਿਗ ਪਦ ਆਦਿ ਬਖਾਨਿ ਕੈ ਪਤਿ ਪਦ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰ ॥

मृग पद आदि बखानि कै पति पद बहुरि उचार ॥

mirag padh aadh bakhaan kai pat padh bahur uchaar ||

ਅਰਿ ਕਹਿ ਨਾਮ ਤੁਫੰਗ ਕੇ ਲੀਜੈ ਸੁਕਬਿ ਸੁ ਧਾਰ ॥੭੩੩॥

अरि कहि नाम तुफंग के लीजै सुकबि सु धार ॥७३३॥

ar keh naam tufa(n)g ke leejai sukab su dhaar ||733||


ਛੰਦ ॥

छंद ॥

chha(n)dh ||

ਮ੍ਰਿਗ ਸਬਦ ਆਦਿ ਬਖਾਨ ॥

मृग सबद आदि बखान ॥

mirag sabadh aadh bakhaan ||

ਪਾਛੈ ਸੁ ਪਤਿ ਪਦ ਠਾਨ ॥

पाछै सु पति पद ठान ॥

paachhai su pat padh Thaan ||

ਰਿਪੁ ਸਬਦ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰ ॥

रिपु सबद बहुरि उचार ॥

rip sabadh bahur uchaar ||

ਸਭ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਬਿਚਾਰ ॥੭੩੪॥

सभ नाम तुपक बिचार ॥७३४॥

sabh naam tupak bichaar ||734||


ਸਿੰਗੀ ਪ੍ਰਿਥਮ ਪਦ ਭਾਖੁ ॥

सिंगी पृथम पद भाखु ॥

si(n)gee piratham padh bhaakh ||

ਅਰਿ ਸਬਦ ਕਹਿ ਲਖਿ ਰਾਖੁ ॥

अरि सबद कहि लखि राखु ॥

ar sabadh keh lakh raakh ||

ਅਰਿ ਸਬਦ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨ ॥

अरि सबद बहुरि बखान ॥

ar sabadh bahur bakhaan ||

ਸਭ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਪਛਾਨ ॥੭੩੫॥

सभ नाम तुपक पछान ॥७३५॥

sabh naam tupak pachhaan ||735||


ਛੰਦ ਵਡਾ ॥

छंद वडा ॥

chha(n)dh vaddaa ||

ਪਤਿ ਸਬਦ ਆਦਿ ਉਚਾਰਿ ਕੈ ਮ੍ਰਿਗ ਸਬਦ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

पति सबद आदि उचारि कै मृग सबद बहुरि बखानीऐ ॥

pat sabadh aadh uchaar kai mirag sabadh bahur bakhaaneeaai ||

ਅਰਿ ਸਬਦ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰ ਕੈ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਪਹਿਚਾਨੀਐ ॥

अरि सबद बहुरि उचार कै नाम तुपक पहिचानीऐ ॥

ar sabadh bahur uchaar kai naam tupak pahichaaneeaai ||

ਨਹੀ ਭੇਦ ਯਾ ਮੈ ਨੈਕੁ ਹੈ ਸਭ ਸੁਕਬਿ ਮਾਨਹੁ ਚਿਤ ਮੈ ॥

नही भेद या मै नैकु है सभ सुकबि मानहु चित मै ॥

nahee bhedh yaa mai naik hai sabh sukab maanahu chit mai ||

ਜਹ ਜਾਨੀਐ ਤਹ ਦੀਜੀਐ ਪਦ ਅਉਰ ਛੰਦ ਕਬਿਤ ਮੈ ॥੭੩੬॥

जह जानीऐ तह दीजीऐ पद अउर छंद कबित मै ॥७३६॥

jeh jaaneeaai teh dheejeeaai padh aaur chha(n)dh kabit mai ||736||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਹਰਣ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਭਣਿਜੈ ॥

हरण सबद को आदि भणिजै ॥

haran sabadh ko aadh bhanijai ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਪਤਿ ਪਦ ਕੋ ਦਿਜੈ ॥

ता पाछे पति पद को दिजै ॥

taa paachhe pat padh ko dhijai ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਅਰਿ ਸਬਦ ਉਚਾਰੋ ॥

ता पाछे अरि सबद उचारो ॥

taa paachhe ar sabadh uchaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਬਿਚਾਰੋ ॥੭੩੭॥

नाम तुपक के सकल बिचारो ॥७३७॥

naam tupak ke sakal bichaaro ||737||


ਸਿੰਗੀ ਆਦਿ ਉਚਾਰਨ ਕੀਜੈ ॥

सिंगी आदि उचारन कीजै ॥

si(n)gee aadh uchaaran keejai ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਪਤਿ ਪਦ ਕਹੁ ਦੀਜੈ ॥

ता पाछे पति पद कहु दीजै ॥

taa paachhe pat padh kahu dheejai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਬਖਾਨੋ ॥

सत्रु सबद कहु बहुरि बखानो ॥

satr sabadh kahu bahur bakhaano ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਕਲ ਪਛਾਨੋ ॥੭੩੮॥

नाम तुपक के सकल पछानो ॥७३८॥

naam tupak ke sakal pachhaano ||738||


ਕ੍ਰਿਸਨਾਜਿਨ ਪਦ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

कृसनाजिन पद आदि उचारो ॥

kirasanaajin padh aadh uchaaro ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਪਤਿ ਪਦ ਦੈ ਡਾਰੋ ॥

ता पाछे पति पद दै डारो ॥

taa paachhe pat padh dhai ddaaro ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਸਭ ਪਹਿਚਾਨੋ ॥

नाम तुपक के सभ पहिचानो ॥

naam tupak ke sabh pahichaano ||

ਯਾ ਮੈ ਭੇਦ ਨ ਕੋਊ ਜਾਨੋ ॥੭੩੯॥

या मै भेद न कोऊ जानो ॥७३९॥

yaa mai bhedh na kouoo jaano ||739||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਨੈਨੋਤਮ ਪਦ ਬਕਤ੍ਰ ਤੇ ਪ੍ਰਥਮੈ ਕਰੋ ਉਚਾਰ ॥

नैनोतम पद बकत्र ते प्रथमै करो उचार ॥

nainotam padh bakatr te prathamai karo uchaar ||

ਪਤਿ ਅਰਿ ਕਹਿ ਕਰ ਤੁਪਕ ਕੇ ਲੀਜੋ ਨਾਮ ਸੁ ਧਾਰ ॥੭੪੦॥

पति अरि कहि कर तुपक के लीजो नाम सु धार ॥७४०॥

pat ar keh kar tupak ke leejo naam su dhaar ||740||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਸ੍ਵੇਤਾਸ੍ਵੇਤ ਤਨਿ ਆਦਿ ਉਚਾਰੋ ॥

स्वेतास्वेत तनि आदि उचारो ॥

savaietaasavaiet tan aadh uchaaro ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਪਤਿ ਸਬਦ ਸਵਾਰੋ ॥

ता पाछे पति सबद सवारो ॥

taa paachhe pat sabadh savaaro ||

ਰਿਪੁ ਪਦ ਬਹੁਰਿ ਉਚਾਰਨ ਕੀਜੈ ॥

रिपु पद बहुरि उचारन कीजै ॥

rip padh bahur uchaaran keejai ||

ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੋ ਸਭ ਲਖਿ ਲੀਜੈ ॥੭੪੧॥

नाम तुपक को सभ लखि लीजै ॥७४१॥

naam tupak ko sabh lakh leejai ||741||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਮ੍ਰਿਗੀ ਸਬਦ ਕੋ ਆਦਿ ਉਚਾਰਨ ਕੀਜੀਐ ॥

मृगी सबद को आदि उचारन कीजीऐ ॥

miragee sabadh ko aadh uchaaran keejeeaai ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਨਾਇਕ ਸੁ ਸਬਦ ਕਹੁ ਦੀਜੀਐ ॥

ता पाछे नाइक सु सबद कहु दीजीऐ ॥

taa paachhe naik su sabadh kahu dheejeeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕਹਿ ਨਾਮ ਤੁਪਕ ਕੇ ਜਾਨੀਐ ॥

सत्रु सबद कहि नाम तुपक के जानीऐ ॥

satr sabadh keh naam tupak ke jaaneeaai ||

ਹੋ ਜਉਨ ਠਉਰ ਪਦ ਰੁਚੈ ਸੁ ਤਹੀ ਬਖਾਨੀਐ ॥੭੪੨॥

हो जउन ठउर पद रुचै सु तही बखानीऐ ॥७४२॥

ho jaun Thaur padh ruchai su tahee bakhaaneeaai ||742||


ਸੇਤ ਅਸਿਤ ਅਜਿਨਾ ਕੇ ਆਦਿ ਉਚਾਰੀਐ ॥

सेत असित अजिना के आदि उचारीऐ ॥

set asit ajinaa ke aadh uchaareeaai ||

ਤਾ ਪਾਛੇ ਪਤਿ ਸਬਦ ਸੁ ਬਹੁਰਿ ਸੁਧਾਰੀਐ ॥

ता पाछे पति सबद सु बहुरि सुधारीऐ ॥

taa paachhe pat sabadh su bahur sudhaareeaai ||

ਸਤ੍ਰੁ ਸਬਦ ਕੋ ਤਾ ਕੇ ਅੰਤਿ ਬਖਾਨੀਐ ॥

सत्रु सबद को ता के अंति बखानीऐ ॥

satr sabadh ko taa ke a(n)t bakhaaneeaai ||


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