Pt 57, Charitar Pakhyan,
ਚਰਿਤ੍ਰ ਪਖ੍ਯਾਨ,
चरित्र पख्यान


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Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
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ਕਬਿ ਪ੍ਰਸੰਗ ਪੂਰਨ ਤਬ ਕੀਨੋ ॥੨੧॥

कबि प्रसंग पूरन तब कीनो ॥२१॥

kab prasa(n)g pooran tab keeno ||21||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਪਖ੍ਯਾਨੇ ਤ੍ਰਿਯਾ ਚਰਿਤ੍ਰੇ ਮੰਤ੍ਰੀ ਭੂਪ ਸੰਬਾਦੇ ਦੋਇ ਸੌ ਅਠਾਈਸ ਚਰਿਤ੍ਰ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੨੨੮॥੪੩੩੪॥ਅਫਜੂੰ॥

इति स्री चरित्र पख्याने तृया चरित्रे मंत्री भूप संबादे दोइ सौ अठाईस चरित्र समापतम सतु सुभम सतु ॥२२८॥४३३४॥अफजूँ॥

eit sree charitr pakhayaane tirayaa charitre ma(n)tree bhoop sa(n)baadhe dhoi sau aThaiees charitr samaapatam sat subham sat ||228||4334||afajoo(n)||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਪਲਵਲ ਦੇਸ ਛਤ੍ਰਿਨੀ ਰਹੈ ॥

पलवल देस छतृनी रहै ॥

palaval dhes chhatiranee rahai ||

ਬੁਧਿ ਮਤੀ ਜਾ ਕੋ ਜਗ ਕਹੈ ॥

बुधि मती जा को जग कहै ॥

budh matee jaa ko jag kahai ||

ਜਬ ਤਨ ਤਾਹਿ ਬਿਰਧਤਾ ਆਇਸ ॥

जब तन ताहि बिरधता आइस ॥

jab tan taeh biradhataa aais ||

ਤਬ ਤਿਨ ਏਕ ਚਰਿਤ੍ਰ ਬਨਾਇਸ ॥੧॥

तब तिन एक चरित्र बनाइस ॥१॥

tab tin ek charitr banais ||1||


ਦ੍ਵੈ ਸੰਦੂਕ ਜੂਤਿਯਨ ਭਰੇ ॥

द्वै संदूक जूतियन भरे ॥

dhavai sa(n)dhook jootiyan bhare ||

ਮੁਹਰਨ ਕੇ ਕੁਲਿ ਸੁਨਤ ਉਚਰੇ ॥

मुहरन के कुलि सुनत उचरे ॥

muharan ke kul sunat uchare ||

ਪੁਤ੍ਰ ਪਉਤ੍ਰ ਤਾ ਦਿਨ ਤੇ ਤਾ ਕੇ ॥

पुत्र पउत्र ता दिन ते ता के ॥

putr pautr taa dhin te taa ke ||

ਉਦਿਤ ਭਏ ਸੇਵਾ ਕਹ ਵਾ ਕੇ ॥੨॥

उदित भए सेवा कह वा के ॥२॥

audhit bhe sevaa keh vaa ke ||2||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਜੁ ਕਛੁ ਕਹੈ ਪ੍ਰਿਯ ਮਾਨਹੀ ਸੇਵਾ ਕਰਹਿ ਬਨਾਇ ॥

जु कछु कहै पृय मानही सेवा करहि बनाइ ॥

j kachh kahai piray maanahee sevaa kareh banai ||

ਆਇਸੁ ਮੈ ਸਭ ਹੀ ਚਲੈ ਦਰਬੁ ਹੇਤ ਲਲਚਾਇ ॥੩॥

आइसु मै सभ ही चलै दरबु हेत ललचाइ ॥३॥

aais mai sabh hee chalai dharab het lalachai ||3||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਜੋ ਆਗ੍ਯਾ ਤ੍ਰਿਯ ਕਰੈ ਸੁ ਮਾਨੈ ॥

जो आग्या तृय करै सु मानै ॥

jo aagayaa tiray karai su maanai ||

ਜੂਤਿਨ ਕੋ ਮੁਹਰੈ ਪਹਿਚਾਨੈ ॥

जूतिन को मुहरै पहिचानै ॥

jootin ko muharai pahichaanai ||

ਆਜੁ ਕਾਲਿ ਬੁਢਿਯਾ ਮਰਿ ਜੈ ਹੈ ॥

आजु कालि बुढिया मरि जै है ॥

aaj kaal buddiyaa mar jai hai ||

ਸਭ ਹੀ ਦਰਬੁ ਹਮਾਰੋ ਹ੍ਵੈ ਹੈ ॥੪॥

सभ ही दरबु हमारो ह्वै है ॥४॥

sabh hee dharab hamaaro havai hai ||4||


ਜਬ ਤਿਹ ਨਿਕਟਿ ਕੁਟੰਬ ਸਭਾਵੈ ॥

जब तिह निकटि कुटंब सभावै ॥

jab teh nikaT kuTa(n)b sabhaavai ||

ਤਹ ਬੁਢਿਯਾ ਯੌ ਬਚਨ ਸੁਨਾਵੈ ॥

तह बुढिया यौ बचन सुनावै ॥

teh buddiyaa yau bachan sunaavai ||

ਜਿਯਤ ਲਗੇ ਇਹ ਦਰਬ ਹਮਾਰੋ ॥

जियत लगे इह दरब हमारो ॥

jiyat lage ieh dharab hamaaro ||

ਬਹੁਰਿ ਲੀਜਿਯਹੁ ਪੂਤ ਤਿਹਾਰੋ ॥੫॥

बहुरि लीजियहु पूत तिहारो ॥५॥

bahur leejiyahu poot tihaaro ||5||


ਜਬ ਵਹੁ ਤ੍ਰਿਯਾ ਰੋਗਨੀ ਭਈ ॥

जब वहु तृया रोगनी भई ॥

jab vahu tirayaa roganee bhiee ||

ਕਾਜੀ ਕੁਟਵਾਰਹਿ ਕਹਿ ਗਈ ॥

काजी कुटवारहि कहि गई ॥

kaajee kuTavaareh keh giee ||

ਕਰਮ ਧਰਮ ਜੋ ਪ੍ਰਥਮ ਕਰੈਹੈ ॥

करम धरम जो प्रथम करैहै ॥

karam dharam jo pratham karaihai ||

ਸੋ ਸੁਤ ਬਹੁਰਿ ਖਜਾਨੋ ਲੈਹੈ ॥੬॥

सो सुत बहुरि खजानो लैहै ॥६॥

so sut bahur khajaano laihai ||6||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਕਰਮ ਧਰਮ ਸੁਤ ਜਬ ਲਗੇ ਕਰੈ ਨ ਪ੍ਰਥਮ ਬਨਾਇ ॥

करम धरम सुत जब लगे करै न प्रथम बनाइ ॥

karam dharam sut jab lage karai na pratham banai ||

ਤਬ ਲੌ ਸੁਤਨ ਨ ਦੀਜਿਯਹੁ ਹਮਰੋ ਦਰਬੁ ਬੁਲਾਇ ॥੭॥

तब लौ सुतन न दीजियहु हमरो दरबु बुलाइ ॥७॥

tab lau sutan na dheejiyahu hamaro dharab bulai ||7||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਕਿਤਿਕ ਦਿਨਨ ਬੁਢਿਯਾ ਮਰਿ ਗਈ ॥

कितिक दिनन बुढिया मरि गई ॥

kitik dhinan buddiyaa mar giee ||

ਤਿਨ ਕੇ ਹ੍ਰਿਦਨ ਖੁਸਾਲੀ ਭਈ ॥

तिन के हृदन खुसाली भई ॥

tin ke hiradhan khusaalee bhiee ||

ਕਰਮ ਧਰਮ ਜੋ ਪ੍ਰਥਮ ਕਰੈਹੈ ॥

करम धरम जो प्रथम करैहै ॥

karam dharam jo pratham karaihai ||

ਪੁਨਿ ਇਹ ਬਾਟਿ ਖਜਾਨੋ ਲੈਹੈ ॥੮॥

पुनि इह बाटि खजानो लैहै ॥८॥

pun ieh baaT khajaano laihai ||8||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਕਰਮ ਧਰਮ ਤਾ ਕੇ ਕਰੇ ਅਤਿ ਧਨੁ ਸੁਤਨ ਲਗਾਇ ॥

करम धरम ता के करे अति धनु सुतन लगाइ ॥

karam dharam taa ke kare at dhan sutan lagai ||

ਬਹੁਰਿ ਸੰਦੂਕ ਪਨ੍ਰਹੀਨ ਕੇ ਛੋਰਤ ਭੇ ਮਿਲਿ ਆਇ ॥੯॥

बहुरि संदूक पन्रहीन के छोरत भे मिलि आइ ॥९॥

bahur sa(n)dhook panraheen ke chhorat bhe mil aai ||9||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਇਹ ਚਰਿਤ੍ਰ ਤ੍ਰਿਯ ਸੇਵ ਕਰਾਈ ॥

इह चरित्र तृय सेव कराई ॥

eeh charitr tiray sev karaiee ||

ਸੁਤਨ ਦਰਬੁ ਕੌ ਲੋਭ ਦਿਖਾਈ ॥

सुतन दरबु कौ लोभ दिखाई ॥

sutan dharab kau lobh dhikhaiee ||

ਤਿਨ ਕੇ ਅੰਤ ਨ ਕਛੁ ਕਰ ਆਯੋ ॥

तिन के अंत न कछु कर आयो ॥

tin ke a(n)t na kachh kar aayo ||

ਛਲ ਬਲ ਅਪਨੋ ਮੂੰਡ ਮੁੰਡਾਯੋ ॥੧੦॥

छल बल अपनो मूँड मुँडायो ॥१०॥

chhal bal apano moo(n)dd mu(n)ddaayo ||10||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਪਖਯਾਨੇ ਤ੍ਰਿਯਾ ਚਰਿਤ੍ਰੇ ਮੰਤ੍ਰੀ ਭੂਪ ਸੰਬਾਦੇ ਦੋਇ ਸੌ ਉਨਤੀਸ ਚਰਿਤ੍ਰ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੨੨੯॥੪੩੪੪॥ਅਫਜੂੰ॥

इति स्री चरित्र पखयाने तृया चरित्रे मंत्री भूप संबादे दोइ सौ उनतीस चरित्र समापतम सतु सुभम सतु ॥२२९॥४३४४॥अफजूँ॥

eit sree charitr pakhayaane tirayaa charitre ma(n)tree bhoop sa(n)baadhe dhoi sau unatees charitr samaapatam sat subham sat ||229||4344||afajoo(n)||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਮਾਲਨੇਰ ਕੇ ਦੇਸ ਮੈ ਮਰਗਜ ਪੁਰ ਇਕ ਗਾਉਾਂ ॥

मालनेर के देस मै मरगज पुर इक गाउाँ ॥

maalaner ke dhes mai maragaj pur ik gaauaa(n) ||

ਸਾਹ ਏਕ ਤਿਹ ਠਾ ਬਸਤ ਮਦਨ ਸਾਹ ਤਿਹ ਨਾਉ ॥੧॥

साह एक तिह ठा बसत मदन साह तिह नाउ ॥१॥

saeh ek teh Thaa basat madhan saeh teh naau ||1||


ਮਦਨ ਮਤੀ ਤਾ ਕੀ ਤ੍ਰਿਯਾ ਜਾ ਕੋ ਰੂਪ ਅਪਾਰ ॥

मदन मती ता की तृया जा को रूप अपार ॥

madhan matee taa kee tirayaa jaa ko roop apaar ||

ਆਪੁ ਮਦਨ ਠਠਕੇ ਰਹੈ ਤਿਹ ਰਤਿ ਰੂਪ ਬਿਚਾਰ ॥੨॥

आपु मदन ठठके रहै तिह रति रूप बिचार ॥२॥

aap madhan ThaThake rahai teh rat roop bichaar ||2||


ਚੇਲਾ ਰਾਮ ਤਹਾ ਹੁਤੋ ਏਕ ਸਾਹ ਕੋ ਪੂਤ ॥

चेला राम तहा हुतो एक साह को पूत ॥

chelaa raam tahaa huto ek saeh ko poot ||

ਸਗਲ ਗੁਨਨ ਭੀਤਰ ਚਤੁਰ ਸੁੰਦਰ ਮਦਨ ਸਰੂਪ ॥੩॥

सगल गुनन भीतर चतुर सुँदर मदन सरूप ॥३॥

sagal gunan bheetar chatur su(n)dhar madhan saroop ||3||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਚੇਲਾ ਰਾਮ ਜਬੈ ਤ੍ਰਿਯ ਲਹਿਯੋ ॥

चेला राम जबै तृय लहियो ॥

chelaa raam jabai tiray lahiyo ||

ਤਾ ਕੋ ਤਬੈ ਮਦਨ ਤਨ ਗਹਿਯੋ ॥

ता को तबै मदन तन गहियो ॥

taa ko tabai madhan tan gahiyo ||

ਤਰੁਨਿ ਤਦਿਨ ਤੇ ਰਹਤ ਲੁਭਾਈ ॥

तरुनि तदिन ते रहत लुभाई ॥

tarun tadhin te rahat lubhaiee ||

ਨਿਰਖਿ ਸਜਨ ਛਬਿ ਰਹੀ ਬਿਕਾਈ ॥੪॥

निरखि सजन छबि रही बिकाई ॥४॥

nirakh sajan chhab rahee bikaiee ||4||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਦੂਤੀ ਪਠੈ ਤਾਹਿ ਗ੍ਰਿਹ ਬੋਲਿ ਪਠਾਇਯੋ ॥

दूती पठै ताहि गृह बोलि पठाइयो ॥

dhootee paThai taeh gireh bol paThaiyo ||

ਕਾਮ ਭੋਗ ਤਾ ਸੌ ਬਹੁ ਭਾਤਿ ਕਮਾਇਯੋ ॥

काम भोग ता सौ बहु भाति कमाइयो ॥

kaam bhog taa sau bahu bhaat kamaiyo ||

ਸੋਇ ਸਾਹ ਜਬ ਜਾਇ ਤੇ ਤਾਹਿ ਬੁਲਾਵਈ ॥

सोइ साह जब जाइ ते ताहि बुलावई ॥

soi saeh jab jai te taeh bulaaviee ||

ਹੋ ਤਾਹਿ ਭਏ ਰਸ ਰੀਤਿ ਪ੍ਰੀਤਿ ਉਪਜਾਵਈ ॥੫॥

हो ताहि भए रस रीति प्रीति उपजावई ॥५॥

ho taeh bhe ras reet preet upajaaviee ||5||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਤਰੁਨੀ ਉਠਤ ਸਾਹ ਹੂ ਜਾਗਿਯੋ ॥

तरुनी उठत साह हू जागियो ॥

tarunee uThat saeh hoo jaagiyo ||

ਪੂਛਨ ਤਾਹਿ ਆਪੁ ਯੌ ਲਾਗਿਯੋ ॥

पूछन ताहि आपु यौ लागियो ॥

poochhan taeh aap yau laagiyo ||

ਜਾਤ ਹੁਤੀ ਕਹ ਤਰੁਨਿ ਬਤਾਵਹੁ ॥

जात हुती कह तरुनि बतावहु ॥

jaat hutee keh tarun bataavahu ||

ਹਮਰੋ ਚਿਤ ਕੋ ਭਰਮੁ ਮਿਟਾਵਹੁ ॥੬॥

हमरो चित को भरमु मिटावहु ॥६॥

hamaro chit ko bharam miTaavahu ||6||


ਸੁਨਹੁ ਸਾਹ ਮੈ ਬਚਨ ਉਚਾਰੋਂ ॥

सुनहु साह मै बचन उचारों ॥

sunahu saeh mai bachan uchaaro(n) ||

ਤੁਮਰੇ ਚਿਤ ਕੋ ਭਰਮ ਉਤਾਰੋਂ ॥

तुमरे चित को भरम उतारों ॥

tumare chit ko bharam utaaro(n) ||

ਮੋਹੂ ਟੂਟਿ ਕੈਫ ਜਬ ਗਈ ॥

मोहू टूटि कैफ जब गई ॥

mohoo TooT kaif jab giee ||

ਲੇਤ ਤਬੈ ਪਸਵਾਰਨ ਭਈ ॥੭॥

लेत तबै पसवारन भई ॥७॥

let tabai pasavaaran bhiee ||7||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਐਸ ਨਿਸਾ ਕਰਿ ਸਾਹ ਕੀ ਦੀਨੋ ਬਹੁਰਿ ਸਵਾਇ ॥

ऐस निसा करि साह की दीनो बहुरि सवाइ ॥

aais nisaa kar saeh kee dheeno bahur savai ||

ਤੁਰਤ ਮੀਤ ਪੈ ਚਲਿ ਗਈ ਯਾਰ ਭਜੀ ਲਪਟਾਇ ॥੮॥

तुरत मीत पै चलि गई यार भजी लपटाइ ॥८॥

turat meet pai chal giee yaar bhajee lapaTai ||8||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਪਖ੍ਯਾਨੇ ਤ੍ਰਿਯਾ ਚਰਿਤ੍ਰੇ ਮੰਤ੍ਰੀ ਭੂਪ ਸੰਬਾਦੇ ਦੋਇ ਸੌ ਤੀਸਵੋ ਚਰਿਤ੍ਰ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੨੩੦॥੪੩੫੨॥ਅਫਜੂੰ॥

इति स्री चरित्र पख्याने तृया चरित्रे मंत्री भूप संबादे दोइ सौ तीसवो चरित्र समापतम सतु सुभम सतु ॥२३०॥४३५२॥अफजूँ॥

eit sree charitr pakhayaane tirayaa charitre ma(n)tree bhoop sa(n)baadhe dhoi sau teesavo charitr samaapatam sat subham sat ||230||4352||afajoo(n)||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਦੇਸ ਬਾਵਨੀ ਕੇ ਰਹੈ ਮਾਲਵ ਨਾਮ ਗਵਾਰ ॥

देस बावनी के रहै मालव नाम गवार ॥

dhes baavanee ke rahai maalav naam gavaar ||

ਮੈਨ ਕਲਾ ਤਾ ਕੀ ਤਰੁਨਿ ਜਾ ਕੋ ਰੂਪ ਅਪਾਰ ॥੧॥

मैन कला ता की तरुनि जा को रूप अपार ॥१॥

main kalaa taa kee tarun jaa ko roop apaar ||1||


ਦੀਰਘ ਦੇਹ ਤਾ ਕੋ ਰਹੈ ਪੁਸਟ ਅੰਗ ਸਭ ਠੌਰ ॥

दीरघ देह ता को रहै पुसट अंग सभ ठौर ॥

dheeragh dheh taa ko rahai pusaT a(n)g sabh Thauar ||

ਦਿਰਘ ਪੁਸਟ ਤਾ ਸਮ ਤਰੁਨਿ ਦੁਤਿਯ ਨ ਜਗ ਮੈ ਔਰ ॥੨॥

दिरघ पुसट ता सम तरुनि दुतिय न जग मै और ॥२॥

dhiragh pusaT taa sam tarun dhutiy na jag mai aauar ||2||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਫੌਜਦਾਰ ਇਕ ਗਾਉ ਤਵਨ ਕੇ ਆਇਯੋ ॥

फौजदार इक गाउ तवन के आइयो ॥

fauajadhaar ik gaau tavan ke aaiyo ||

ਪ੍ਯਾਸ ਘਾਮ ਤੇ ਅਧਿਕ ਤਵਨ ਦੁਖ ਪਾਇਯੋ ॥

प्यास घाम ते अधिक तवन दुख पाइयो ॥

payaas ghaam te adhik tavan dhukh paiyo ||

ਪਾਨਿ ਚਹਿਯੋ ਜਟਿਯਾ ਤਿਨ ਦਯੋ ਉਠਾਇ ਕੈ ॥

पानि चहियो जटिया तिन दयो उठाइ कै ॥

paan chahiyo jaTiyaa tin dhayo uThai kai ||

ਹੋ ਨਿਰਖ ਤਵਨਿ ਕੋ ਰੂਪ ਰਹਿਯੋ ਉਰਝਾਇ ਕੈ ॥੩॥

हो निरख तवनि को रूप रहियो उरझाइ कै ॥३॥

ho nirakh tavan ko roop rahiyo urajhai kai ||3||


ਚਿਤ ਮੈ ਕਿਯਾ ਬਿਚਾਰ ਜੁ ਯਾ ਕੋ ਪਾਇਯੈ ॥

चित मै किया बिचार जु या को पाइयै ॥

chit mai kiyaa bichaar ju yaa ko paiyai ||

ਏਕ ਪੁਤ੍ਰ ਯਾ ਤੈ ਭਜਿ ਕੈ ਉਪਜਾਇਯੈ ॥

एक पुत्र या तै भजि कै उपजाइयै ॥

ek putr yaa tai bhaj kai upajaiyai ||

ਅਧਿਕ ਬਲੀ ਸੋ ਹ੍ਵੈ ਹੈ ਸਭ ਜਗ ਜਾਨਿਯੈ ॥

अधिक बली सो ह्वै है सभ जग जानियै ॥

adhik balee so havai hai sabh jag jaaniyai ||

ਹੋ ਤਾ ਕੇ ਡੀਲ ਸਮਾਨ ਨ ਔਰ ਬਖਾਨਿਯੈ ॥੪॥

हो ता के डील समान न और बखानियै ॥४॥

ho taa ke ddeel samaan na aauar bakhaaniyai ||4||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਫੌਜਦਾਰ ਇਕ ਸਹਿਚਰੀ ਤਾ ਕੇ ਦਈ ਪਠਾਇ ॥

फौजदार इक सहिचरी ता के दई पठाइ ॥

fauajadhaar ik sahicharee taa ke dhiee paThai ||

ਨਿਸਾ ਕਰੀ ਧਨੁ ਦੇ ਘਨੋ ਭੇਦ ਸਕਲ ਸਮੁਝਾਇ ॥੫॥

निसा करी धनु दे घनो भेद सकल समुझाइ ॥५॥

nisaa karee dhan dhe ghano bhedh sakal samujhai ||5||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਸੁਨਤ ਸਹਚਰੀ ਬਚਨ ਤਹਾ ਕੌ ਜਾਤ ਭੀ ॥

सुनत सहचरी बचन तहा कौ जात भी ॥

sunat sahacharee bachan tahaa kau jaat bhee ||

ਭਾਤਿ ਭਾਤਿ ਸੋ ਤਾਹਿ ਤਰੁਨਿ ਸਮੁਝਾਤ ਭੀ ॥

भाति भाति सो ताहि तरुनि समुझात भी ॥

bhaat bhaat so taeh tarun samujhaat bhee ||

ਪਲਟਿ ਪਿਯਹਿ ਇਹ ਭਾਤ ਕਹਿਯੋ ਸਮਝਾਇ ਕੈ ॥

पलटि पियहि इह भात कहियो समझाइ कै ॥

palaT piyeh ieh bhaat kahiyo samajhai kai ||

ਹੋ ਮਿਲਿ ਹੈ ਤੁਮ ਸੌ ਆਜੁ ਸੁ ਰਾਤੀ ਆਇ ਕੈ ॥੬॥

हो मिलि है तुम सौ आजु सु राती आइ कै ॥६॥

ho mil hai tum sau aaju su raatee aai kai ||6||


ਫੌਜਦਾਰ ਪਰ ਨਾਰਿ ਵਹੈ ਅਟਕਤ ਭਈ ॥

फौजदार पर नारि वहै अटकत भई ॥

fauajadhaar par naar vahai aTakat bhiee ||

ਅਰਧ ਰਾਤ੍ਰਿ ਤਿਹ ਤੀਰ ਮਿਲਨ ਕੇ ਹਿਤ ਗਈ ॥

अरध रातृ तिह तीर मिलन के हित गई ॥

aradh raatr teh teer milan ke hit giee ||

ਫੂਲ ਪਾਨ ਮਦ ਪਾਨ ਸੇਜ ਸੁਭ ਕੌ ਰਚਿਯੋ ॥

फूल पान मद पान सेज सुभ कौ रचियो ॥

fool paan madh paan sej subh kau rachiyo ||

ਹੋ ਭਜੀ ਸਿਗਰ ਨਿਸੁ ਤ੍ਰਿਯਾ ਸੁਰਤਿ ਐਸੀ ਮਚਿਯੋ ॥੭॥

हो भजी सिगर निसु तृया सुरति ऐसी मचियो ॥७॥

ho bhajee sigar nis tirayaa surat aaisee machiyo ||7||


ਨਿਸੁ ਸਿਗਰੀ ਕੋ ਕੇਲ ਤਰੁਨਿ ਦ੍ਰਿੜ ਪਾਇ ਕੈ ॥

निसु सिगरी को केल तरुनि दृड़ पाइ कै ॥

nis sigaree ko kel tarun dhiraR pai kai ||

ਬਿਨੁ ਦਾਮਨ ਕੇ ਦਏ ਰਹੀ ਉਰਝਾਇ ਕੈ ॥

बिनु दामन के दए रही उरझाइ कै ॥

bin dhaaman ke dhe rahee urajhai kai ||

ਕਹਿਯੋ ਬਿਹਸਿ ਪਿਯ ਮੈ ਇਕ ਚਰਿਤ ਦਿਖਾਇ ਹੌ ॥

कहियो बिहसि पिय मै इक चरित दिखाइ हौ ॥

kahiyo bihas piy mai ik charit dhikhai hau ||

ਹੋ ਨਿਜੁ ਨਾਇਕ ਕੌ ਮਾਰਿ ਤਿਹਾਰੇ ਆਇ ਹੌ ॥੮॥

हो निजु नाइक कौ मारि तिहारे आइ हौ ॥८॥

ho nij naik kau maar tihaare aai hau ||8||


ਦੁਹੂੰ ਹਾਥ ਦ੍ਰਿੜ ਬਦਨ ਧਰਤ ਭੀ ਜਾਇ ਕੈ ॥

दुहूँ हाथ दृड़ बदन धरत भी जाइ कै ॥

dhuhoo(n) haath dhiraR badhan dharat bhee jai kai ||

ਬਾਇ ਭਈ ਮੁਰਰਾਯੌ ਦਈ ਉਡਾਇ ਕੈ ॥

बाइ भई मुररायौ दई उडाइ कै ॥

bai bhiee muraraayau dhiee uddai kai ||

ਮੂੰਦਿ ਮੂੰਦਿ ਮੁਖ ਰਖਤ ਕਹਾਊਾਂ ਕਰਤ ਹੈ ॥

मूँदि मूँदि मुख रखत कहाऊाँ करत है ॥

moo(n)dh moo(n)dh mukh rakhat kahaauooaa(n) karat hai ||

ਹੋ ਦੇਖਹੁ ਲੋਗ ਸਭਾਇ ਪਿਯਾ ਮੁਰ ਮਰਤ ਹੈ ॥੯॥

हो देखहु लोग सभाइ पिया मुर मरत है ॥९॥

ho dhekhahu log sabhai piyaa mur marat hai ||9||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਜ੍ਯੋਂ ਉਹ ਚਹਤ ਕਿ ਹਾਇ ਪੁਕਾਰੈ ॥

ज्यों उह चहत कि हाइ पुकारै ॥

jayo(n) uh chahat k hai pukaarai ||

ਮੋਰਿ ਆਨਿ ਕੋਊ ਪ੍ਰਾਨ ਉਬਾਰੈ ॥

मोरि आनि कोऊ प्रान उबारै ॥

mor aan kouoo praan ubaarai ||

ਤ੍ਯੋਂ ਤ੍ਰਿਯ ਮੂੰਦਿ ਮੂੰਦਿ ਮੁਖ ਲੇਈ ॥

त्यों तृय मूँदि मूँदि मुख लेई ॥

tayo(n) tiray moo(n)dh moo(n)dh mukh leiee ||

ਨਿਕਸ ਨ ਸ੍ਵਾਸਨ ਬਾਹਰ ਦੇਈ ॥੧੦॥

निकस न स्वासन बाहर देई ॥१०॥

nikas na savaiaasan baahar dheiee ||10||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਸ੍ਵਾਸਾਕੁਲ ਹ੍ਵੈ ਭੂਮਿ ਮੁਰਛਨਾ ਹ੍ਵੈ ਗਿਰਿਯੋ ॥

स्वासाकुल ह्वै भूमि मुरछना ह्वै गिरियो ॥

savaiaasaakul havai bhoom murachhanaa havai giriyo ||

ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਸਿਯਨ ਆਨਿ ਧਰਿਯੋ ਆਂਖਿਨ ਹਿਰਿਯੋ ॥

ग्राम बासियन आनि धरियो आँखिन हिरियो ॥

graam baasiyan aan dhariyo aa(n)khin hiriyo ||

ਜਿਯਤ ਕਛੂ ਤ੍ਰਿਯ ਜਾਨਿ ਗਈ ਲਪਟਾਇ ਕੈ ॥

जियत कछू तृय जानि गई लपटाइ कै ॥

jiyat kachhoo tiray jaan giee lapaTai kai ||

ਹੋ ਮਲਿ ਦਲ ਚੂਤ੍ਰਨ ਸੌ ਪਿਯ ਦਯੋ ਖਪਾਇ ਕੈ ॥੧੧॥

हो मलि दल चूत्रन सौ पिय दयो खपाइ कै ॥११॥

ho mal dhal chootran sau piy dhayo khapai kai ||11||


ਅਰਧ ਦੁਪਹਰੀ ਜਿਨ ਕਰ ਪਿਯਹਿ ਸੰਘਾਰਿਯੋ ॥

अरध दुपहरी जिन कर पियहि संघारियो ॥

aradh dhupaharee jin kar piyeh sa(n)ghaariyo ||

ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਸਿਯਨ ਠਾਢੇ ਚਰਿਤ ਨਿਹਾਰਿਯੋ ॥

ग्राम बासियन ठाढे चरित निहारियो ॥

graam baasiyan Thaadde charit nihaariyo ||

ਮੂੰਦਿ ਮੂੰਦਿ ਮੁਖ ਨਾਕ ਹਹਾ ਕਹਿ ਕੈ ਰਹੀ ॥

मूँदि मूँदि मुख नाक हहा कहि कै रही ॥

moo(n)dh moo(n)dh mukh naak hahaa keh kai rahee ||

ਹੋ ਬਾਤ ਰੋਗ ਪਤਿ ਮਰੇ ਨ ਬੈਦ ਮਿਲ੍ਯੋ ਦਈ ॥੧੨॥

हो बात रोग पति मरे न बैद मिल्यो दई ॥१२॥

ho baat rog pat mare na baidh milayo dhiee ||12||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਸਭਹਿਨ ਦੇਖਤ ਪਤਿ ਕੋ ਮਾਰਿਯੋ ॥

सभहिन देखत पति को मारियो ॥

sabhahin dhekhat pat ko maariyo ||

ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਸਿਯਨ ਕਛੂ ਨ ਬਿਚਾਰਿਯੋ ॥

ग्राम बासियन कछू न बिचारियो ॥

graam baasiyan kachhoo na bichaariyo ||

ਪਤਿ ਕੇ ਬ੍ਰਯੋਗ ਸਦਨ ਤਜਿ ਗਈ ॥

पति के ब्रयोग सदन तजि गई ॥

pat ke brayog sadhan taj giee ||

ਤਾ ਕੇ ਰਹਤ ਜਾਇ ਗ੍ਰਿਹ ਭਈ ॥੧੩॥

ता के रहत जाइ गृह भई ॥१३॥

taa ke rahat jai gireh bhiee ||13||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਪਖ੍ਯਾਨੇ ਤ੍ਰਿਯਾ ਚਰਿਤ੍ਰੇ ਮੰਤ੍ਰੀ ਭੂਪ ਸੰਬਾਦੇ ਦੋਇ ਸੌ ਇਕਤੀਸ ਚਰਿਤ੍ਰ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੨੩੧॥੪੩੬੫॥ਅਫਜੂੰ॥

इति स्री चरित्र पख्याने तृया चरित्रे मंत्री भूप संबादे दोइ सौ इकतीस चरित्र समापतम सतु सुभम सतु ॥२३१॥४३६५॥अफजूँ॥

eit sree charitr pakhayaane tirayaa charitre ma(n)tree bhoop sa(n)baadhe dhoi sau ikatees charitr samaapatam sat subham sat ||231||4365||afajoo(n)||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਇਕ ਰਾਜਾ ਮੁਲਤਾਨ ਕੋ ਬਿਰਧ ਛਤ੍ਰ ਤਿਹ ਨਾਮ ॥

इक राजा मुलतान को बिरध छत्र तिह नाम ॥

eik raajaa mulataan ko biradh chhatr teh naam ||

ਬਿਰਧ ਦੇਹ ਤਾ ਕੋ ਰਹੈ ਜਾਨਤ ਸਿਗਰੋ ਗ੍ਰਾਮ ॥੧॥

बिरध देह ता को रहै जानत सिगरो ग्राम ॥१॥

biradh dheh taa ko rahai jaanat sigaro graam ||1||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਤਾ ਕੇ ਧਾਮ ਪੁਤ੍ਰ ਨਹਿ ਭਯੋ ॥

ता के धाम पुत्र नहि भयो ॥

taa ke dhaam putr neh bhayo ||

ਰਾਜਾ ਅਧਿਕ ਬਿਰਧ ਹ੍ਵੈ ਗਯੋ ॥

राजा अधिक बिरध ह्वै गयो ॥

raajaa adhik biradh havai gayo ||

ਏਕ ਨਾਰਿ ਤਬ ਔਰ ਬ੍ਯਾਹੀ ॥

एक नारि तब और ब्याही ॥

ek naar tab aauar bayaahee ||

ਅਧਿਕ ਰੂਪ ਜਾ ਕੇ ਤਨ ਆਹੀ ॥੨॥

अधिक रूप जा के तन आही ॥२॥

adhik roop jaa ke tan aahee ||2||


ਸ੍ਰੀ ਬਡਡ੍ਰਯਾਛ ਮਤੀ ਜਗ ਕਹੈ ॥

स्री बडड्रयाछ मती जग कहै ॥

sree baddaddrayaachh matee jag kahai ||

ਜਿਹ ਲਖਿ ਮਦਨ ਥਕਿਤ ਹ੍ਵੈ ਰਹੈ ॥

जिह लखि मदन थकित ह्वै रहै ॥

jeh lakh madhan thakit havai rahai ||

ਸੋ ਰਾਨੀ ਤਰੁਨੀ ਜਬ ਭਈ ॥

सो रानी तरुनी जब भई ॥

so raanee tarunee jab bhiee ||

ਮਦਨ ਕੁਮਾਰ ਨਿਰਖਿ ਕਰ ਲਈ ॥੩॥

मदन कुमार निरखि कर लई ॥३॥

madhan kumaar nirakh kar liee ||3||


ਤਾ ਦਿਨ ਤੇ ਹਰ ਅਰਿ ਬਸ ਭਈ ॥

ता दिन ते हर अरि बस भई ॥

taa dhin te har ar bas bhiee ||

ਗ੍ਰਿਹ ਕੀ ਭੂਲਿ ਸਕਲ ਸੁਧਿ ਗਈ ॥

गृह की भूलि सकल सुधि गई ॥

gireh kee bhool sakal sudh giee ||

ਪਠੈ ਸਹਚਰੀ ਤਾਹਿ ਬੁਲਾਯੋ ॥

पठै सहचरी ताहि बुलायो ॥

paThai sahacharee taeh bulaayo ||

ਕਾਮ ਭੋਗ ਰੁਚਿ ਮਾਨਿ ਕਮਾਯੋ ॥੪॥

काम भोग रुचि मानि कमायो ॥४॥

kaam bhog ruch maan kamaayo ||4||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਤਰੁਨ ਪੁਰਖ ਕੌ ਤਰੁਨਿ ਜਦਿਨ ਤ੍ਰਿਯ ਪਾਵਈ ॥

तरुन पुरख कौ तरुनि जदिन तृय पावई ॥

tarun purakh kau tarun jadhin tiray paaviee ||

ਤਨਿਕ ਨ ਛੋਰਿਯੋ ਚਹਤ ਗਰੇ ਲਪਟਾਵਈ ॥

तनिक न छोरियो चहत गरे लपटावई ॥

tanik na chhoriyo chahat gare lapaTaaviee ||

ਨਿਰਖਿ ਮਗਨ ਹ੍ਵੈ ਰਹਤ ਸਜਨ ਕੇ ਰੂਪ ਮੈ ॥

निरखि मगन ह्वै रहत सजन के रूप मै ॥

nirakh magan havai rahat sajan ke roop mai ||

ਹੋ ਜਨੁ ਧਨੁ ਚਲਿਯੋ ਹਰਾਇ ਜੁਆਰੀ ਜੂਪ ਮੈ ॥੫॥

हो जनु धनु चलियो हराइ जुआरी जूप मै ॥५॥

ho jan dhan chaliyo harai juaaree joop mai ||5||


ਬਿਰਧ ਛਤ੍ਰ ਤਬ ਲਗੇ ਪਹੂਚ੍ਯੋ ਆਨਿ ਕਰਿ ॥

बिरध छत्र तब लगे पहूच्यो आनि करि ॥

biradh chhatr tab lage pahoochayo aan kar ||

ਰਾਨੀ ਲਯੋ ਦੁਰਾਇ ਮਿਤ੍ਰ ਹਿਤ ਮਾਨਿ ਕਰਿ ॥

रानी लयो दुराइ मित्र हित मानि करि ॥

raanee layo dhurai mitr hit maan kar ||

ਤਰੇ ਖਾਟ ਕੇ ਬਾਧਿ ਤਾਹਿ ਦ੍ਰਿੜ ਰਾਖਿਯੋ ॥

तरे खाट के बाधि ताहि दृड़ राखियो ॥

tare khaaT ke baadh taeh dhiraR raakhiyo ||

ਹੋ ਟਰਿ ਆਗੇ ਨਿਜੁ ਪਤਿ ਕੋ ਇਹ ਬਿਧਿ ਭਾਖਿਯੋ ॥੬॥

हो टरि आगे निजु पति को इह बिधि भाखियो ॥६॥

ho Tar aage nij pat ko ieh bidh bhaakhiyo ||6||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਜਨਿਯਤ ਰਾਵ ਬਿਰਧ ਤੁਮ ਭਏ ॥

जनियत राव बिरध तुम भए ॥

janiyat raav biradh tum bhe ||

ਖਿਲਤ ਅਖੇਟ ਹੁਤੇ ਰਹਿ ਗਏ ॥

खिलत अखेट हुते रहि गए ॥

khilat akheT hute reh ge ||

ਤੁਮ ਕੌ ਆਨ ਜਰਾ ਗਹਿ ਲੀਨੋ ॥

तुम कौ आन जरा गहि लीनो ॥

tum kau aan jaraa geh leeno ||

ਤਾ ਤੇ ਤੁਮ ਸਭ ਕਛੁ ਤਜਿ ਦੀਨੋ ॥੭॥

ता ते तुम सभ कछु तजि दीनो ॥७॥

taa te tum sabh kachh taj dheeno ||7||


ਸੁਨਿ ਤ੍ਰਿਯ ਮੈ ਨ ਬਿਰਧ ਹ੍ਵੈ ਗਯੋ ॥

सुनि तृय मै न बिरध ह्वै गयो ॥

sun tiray mai na biradh havai gayo ||

ਜਰਾ ਨ ਆਨਿ ਬ੍ਯਾਪਕ ਭਯੋ ॥

जरा न आनि ब्यापक भयो ॥

jaraa na aan bayaapak bhayo ||

ਕਹੈ ਤੁ ਅਬ ਹੀ ਜਾਉ ਸਿਕਾਰਾ ॥

कहै तु अब ही जाउ सिकारा ॥

kahai ta ab hee jaau sikaaraa ||

ਮਾਰੌ ਰੋਝ ਰੀਛ ਝੰਖਾਰਾ ॥੮॥

मारौ रोझ रीछ झंखारा ॥८॥

maarau rojh reechh jha(n)khaaraa ||8||


ਯੌ ਕਹਿ ਬਚਨ ਅਖੇਟਕ ਗਯੋ ॥

यौ कहि बचन अखेटक गयो ॥

yau keh bachan akheTak gayo ||

ਰਾਨੀ ਟਾਰ ਜਾਰ ਕੋ ਦਯੋ ॥

रानी टार जार को दयो ॥

raanee Taar jaar ko dhayo ||

ਨਿਸੁ ਭੇ ਖੇਲਿ ਅਖੇਟਕ ਆਯੋ ॥

निसु भे खेलि अखेटक आयो ॥

nis bhe khel akheTak aayo ||

ਭੇਦ ਅਭੇਦ ਜੜ ਕਛੂ ਨ ਪਾਯੋ ॥੯॥

भेद अभेद जड़ कछू न पायो ॥९॥

bhedh abhedh jaR kachhoo na paayo ||9||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਪਖ੍ਯਾਨੇ ਤ੍ਰਿਯਾ ਚਰਿਤ੍ਰੇ ਮੰਤ੍ਰੀ ਭੂਪ ਸੰਬਾਦੇ ਦੋਇ ਸੌ ਬਤੀਸ ਚਰਿਤ੍ਰ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੨੩੨॥੪੩੭੪॥ਅਫਜੂੰ॥

इति स्री चरित्र पख्याने तृया चरित्रे मंत्री भूप संबादे दोइ सौ बतीस चरित्र समापतम सतु सुभम सतु ॥२३२॥४३७४॥अफजूँ॥

eit sree charitr pakhayaane tirayaa charitre ma(n)tree bhoop sa(n)baadhe dhoi sau batees charitr samaapatam sat subham sat ||232||4374||afajoo(n)||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸਹਿਰ ਬਿਚਛਨ ਪੁਰ ਬਿਖੈ ਸਿੰਘ ਬਿਚਛਨ ਰਾਇ ॥

सहिर बिचछन पुर बिखै सिंघ बिचछन राइ ॥

sahir bichachhan pur bikhai si(n)gh bichachhan rai ||

ਮਤੀ ਬਿਚਛਨ ਭਾਰਜਾ ਜਾਹਿ ਬਿਚਛਨ ਕਾਇ ॥੧॥

मती बिचछन भारजा जाहि बिचछन काइ ॥१॥

matee bichachhan bhaarajaa jaeh bichachhan kai ||1||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਸਰਵਰ ਕੂਪ ਜਹਾ ਫੁਲਵਾਰੀ ॥

सरवर कूप जहा फुलवारी ॥

saravar koop jahaa fulavaaree ||

ਬਾਇ ਬਿਲਾਸ ਭਲੀ ਹਿਤਕਾਰੀ ॥

बाइ बिलास भली हितकारी ॥

bai bilaas bhalee hitakaaree ||

ਸਰਿਤਾ ਨਿਕਟਿ ਨਰਬਦਾ ਬਹੈ ॥

सरिता निकटि नरबदा बहै ॥

saritaa nikaT narabadhaa bahai ||

ਲਖਿ ਛਬਿ ਇੰਦ੍ਰ ਥਕਿਤ ਹ੍ਵੈ ਰਹੈ ॥੨॥

लखि छबि इंद्र थकित ह्वै रहै ॥२॥

lakh chhab i(n)dhr thakit havai rahai ||2||


ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਬਾਲ ਹੁਤੀ ਬ੍ਰਿਖਭਾਨ ਕਲਾ ਇਕ ਰੂਪ ਲਸੈ ਜਿਹ ਕੋ ਜਗ ਭਾਰੀ ॥

बाल हुती बृखभान कला इक रूप लसै जिह को जग भारी ॥

baal hutee birakhabhaan kalaa ik roop lasai jeh ko jag bhaaree ||

ਖੇਲ ਅਖੇਟਕ ਆਵਤ ਹੂੰ ਇਨ ਰਾਇ ਕਹੂੰ ਵਹੁ ਨਾਰਿ ਨਿਹਾਰੀ ॥

खेल अखेटक आवत हूँ इन राइ कहूँ वहु नारि निहारी ॥

khel akheTak aavat hoo(n) in rai kahoo(n) vahu naar nihaaree ||

ਐਚਿ ਬਰਿਯੋ ਗਹਿ ਕੈ ਬਹੀਯਾ ਤਿਨ ਬਾਤ ਸੁਨੀ ਇਨ ਰਾਜ ਦੁਲਾਰੀ ॥

ऐचि बरियो गहि कै बहीया तिन बात सुनी इन राज दुलारी ॥

aaich bariyo geh kai baheeyaa tin baat sunee in raaj dhulaaree ||

ਕੋਪ ਭਰੀ ਬਿਨੁ ਆਗਿ ਜਰੀ ਮੁਖ ਨ੍ਯਾਇ ਰਹੀ ਨ ਉਚਾਵਤ ਨਾਰੀ ॥੩॥

कोप भरी बिनु आगि जरी मुख न्याइ रही न उचावत नारी ॥३॥

kop bharee bin aag jaree mukh nayai rahee na uchaavat naaree ||3||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਤਾ ਸੌ ਬ੍ਰਯਾਹੁ ਨ੍ਰਿਪਤਿ ਜਬ ਕੀਯੋ ॥

ता सौ ब्रयाहु नृपति जब कीयो ॥

taa sau brayaahu nirapat jab keeyo ||

ਭਾਤਿ ਭਾਤਿ ਤਾ ਕੋ ਰਸੁ ਲੀਯੋ ॥

भाति भाति ता को रसु लीयो ॥

bhaat bhaat taa ko ras leeyo ||

ਰੈਨਿ ਦਿਵਸ ਤ੍ਰਿਯ ਧਾਮ ਬਿਹਾਰੈ ॥

रैनि दिवस तृय धाम बिहारै ॥

rain dhivas tiray dhaam bihaarai ||

ਔਰ ਰਾਨਿਯਨ ਕੌ ਨ ਨਿਹਾਰੈ ॥੪॥

और रानियन कौ न निहारै ॥४॥

aauar raaniyan kau na nihaarai ||4||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਤਬ ਰਾਨੀ ਬਿਚਛਨ ਮਤੀ ਕੋਪ ਭਰੀ ਮਨ ਮਾਹਿ ॥

तब रानी बिचछन मती कोप भरी मन माहि ॥

tab raanee bichachhan matee kop bharee man maeh ||

ਪੀਤ ਬਰਨ ਤਨ ਕੋ ਭਯੋ ਪਾਨ ਚਬਾਵਤ ਨਾਹਿ ॥੫॥

पीत बरन तन को भयो पान चबावत नाहि ॥५॥

peet baran tan ko bhayo paan chabaavat naeh ||5||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਰਾਜਾ ਸਹਿਤ ਆਜੁ ਹਨਿ ਡਰਿਹੋ ॥

राजा सहित आजु हनि डरिहो ॥

raajaa sahit aaj han ddariho ||

ਨਾਥ ਜਾਨਿ ਜਿਯ ਨੈਕ ਨ ਟਰਿਹੋ ॥

नाथ जानि जिय नैक न टरिहो ॥

naath jaan jiy naik na Tariho ||

ਇਨ ਦੁਹੂੰ ਮਾਰਿ ਪੂਤ ਨ੍ਰਿਪ ਕੈਹੌ ॥

इन दुहूँ मारि पूत नृप कैहौ ॥

ein dhuhoo(n) maar poot nirap kaihau ||

ਪਾਨੀ ਪਾਨ ਤਬੈ ਮੁਖ ਦੈਹੌ ॥੬॥

पानी पान तबै मुख दैहौ ॥६॥

paanee paan tabai mukh dhaihau ||6||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਦਾਬਿ ਖਾਟ ਤਰ ਗਈ ਗੁਡਾਨ ਬਨਾਇ ਕੈ ॥

दाबि खाट तर गई गुडान बनाइ कै ॥

dhaab khaaT tar giee guddaan banai kai ||

ਨਿਜੁ ਨਾਥਹਿ ਭੋਜਨ ਮੈ ਮਕਰੀ ਖ੍ਵਾਇ ਕੈ ॥

निजु नाथहि भोजन मै मकरी ख्वाइ कै ॥

nij naatheh bhojan mai makaree khavaiai kai ||

ਰੀਝਿ ਰੀਝਿ ਵਹ ਮਰਿਯੋ ਤਬੈ ਤ੍ਰਿਯ ਯੌ ਕਿਯੋ ॥

रीझि रीझि वह मरियो तबै तृय यौ कियो ॥

reejh reejh veh mariyo tabai tiray yau kiyo ||

ਹੋ ਜਾਰਿ ਬਾਰਿ ਕਰਿ ਨਾਥ ਸਵਤ ਕਹ ਗਹਿ ਲਿਯੋ ॥੭॥

हो जारि बारि करि नाथ सवत कह गहि लियो ॥७॥

ho jaar baar kar naath savat keh geh liyo ||7||


ਇਨ ਰਾਜਾ ਕੇ ਗੁਡਿਯਨ ਕੀਯਾ ਬਨਾਇ ਕੈ ॥

इन राजा के गुडियन कीया बनाइ कै ॥

ein raajaa ke guddiyan keeyaa banai kai ||

ਤਾ ਤੇ ਮੁਰ ਪਤਿ ਮਰਿਯੋ ਅਧਿਕ ਦੁਖ ਪਾਇ ਕੈ ॥

ता ते मुर पति मरियो अधिक दुख पाइ कै ॥

taa te mur pat mariyo adhik dhukh pai kai ||

ਯਾ ਕੁਤੀਯਾ ਕੀ ਅਬ ਹੀ ਕ੍ਰਿਆ ਉਘਾਰਿਯੌ ॥

या कुतीया की अब ही कृआ उघारियौ ॥

yaa kuteeyaa kee ab hee kriaa ughaariyau ||

ਹੋ ਪ੍ਰਥਮ ਮੂੰਡਿ ਕੈ ਮੂੰਡ ਬਹੁਰਿ ਇਹ ਮਾਰਿਹੌ ॥੮॥

हो प्रथम मूँडि कै मूँड बहुरि इह मारिहौ ॥८॥

ho pratham moo(n)dd kai moo(n)dd bahur ieh maarihau ||8||


ਲਏ ਪ੍ਰਜਾ ਸਭ ਸੰਗ ਤਹੀ ਆਵਤ ਭਈ ॥

लए प्रजा सभ संग तही आवत भई ॥

le prajaa sabh sa(n)g tahee aavat bhiee ||

ਜਹਾ ਖਾਟ ਤਟ ਗਾਡਿ ਦੋਊ ਗੁਡਿਯਨ ਗਈ ॥

जहा खाट तट गाडि दोऊ गुडियन गई ॥

jahaa khaaT taT gaadd dhouoo guddiyan giee ||

ਸਭਨ ਲਹਿਤ ਖਨ ਭੂਮਿ ਲਏ ਤੇ ਕਾਢਿ ਕੈ ॥

सभन लहित खन भूमि लए ते काढि कै ॥

sabhan lahit khan bhoom le te kaadd kai ||

ਹੋ ਮੂੰਡਿ ਸਵਤਿ ਕੋ ਮੂੰਡ ਨਾਕ ਪੁਨਿ ਬਾਢਿ ਕੈ ॥੯॥

हो मूँडि सवति को मूँड नाक पुनि बाढि कै ॥९॥

ho moo(n)dd savat ko moo(n)dd naak pun baadd kai ||9||


ਮੂੰਡਿ ਮੂੰਡਿ ਕਟਿ ਨਾਕ ਬਹੁਰਿ ਤਿਹ ਮਾਰਿਯੋ ॥

मूँडि मूँडि कटि नाक बहुरि तिह मारियो ॥

moo(n)dd moo(n)dd kaT naak bahur teh maariyo ||

ਉਹਿ ਬਿਧਿ ਪਤਿ ਹਨਿ ਇਹ ਛਲ ਯਾ ਕਹ ਟਾਰਿਯੋ ॥

उहि बिधि पति हनि इह छल या कह टारियो ॥

auh bidh pat han ieh chhal yaa keh Taariyo ||

ਚੰਚਲਾਨ ਕੇ ਭੇਦ ਨਾਹਿ ਕਿਨਹੂੰ ਲਹਿਯੋ ॥

चंचलान के भेद नाहि किनहूँ लहियो ॥

cha(n)chalaan ke bhedh naeh kinahoo(n) lahiyo ||

ਹੋ ਸਾਸਤ੍ਰ ਸਿੰਮ੍ਰਿਤ ਰੁ ਬੇਦ ਪੁਰਾਨਨ ਮੈ ਕਹਿਯੋ ॥੧੦॥

हो सासत्र सिंमृत रु बेद पुरानन मै कहियो ॥१०॥

ho saasatr si(n)mirat r bedh puraanan mai kahiyo ||10||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਪਖ੍ਯਾਨੇ ਤ੍ਰਿਯਾ ਚਰਿਤ੍ਰੇ ਮੰਤ੍ਰੀ ਭੂਪ ਸੰਬਾਦੇ ਦੋਇ ਸੌ ਤੇਤੀਸ ਚਰਿਤ੍ਰ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੨੩੩॥੪੩੮੪॥ਅਫਜੂੰ॥

इति स्री चरित्र पख्याने तृया चरित्रे मंत्री भूप संबादे दोइ सौ तेतीस चरित्र समापतम सतु सुभम सतु ॥२३३॥४३८४॥अफजूँ॥

eit sree charitr pakhayaane tirayaa charitre ma(n)tree bhoop sa(n)baadhe dhoi sau tetees charitr samaapatam sat subham sat ||233||4384||afajoo(n)||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸਹਿਰ ਟੰਕ ਟੋਡਾ ਬਿਖੈ ਨ੍ਰਿਪਤਿ ਕਲਾ ਇਕ ਬਾਲ ॥

सहिर टंक टोडा बिखै नृपति कला इक बाल ॥

sahir Ta(n)k Toddaa bikhai nirapat kalaa ik baal ||

ਕਟਿ ਜਾ ਕੀ ਮ੍ਰਿਗਰਾਜ ਸੀ ਮ੍ਰਿਗ ਸੇ ਨੈਨ ਬਿਸਾਲ ॥੧॥

कटि जा की मृगराज सी मृग से नैन बिसाल ॥१॥

kaT jaa kee miragaraaj see mirag se nain bisaal ||1||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਨ੍ਰਿਪਬਰ ਸੈਨ ਤਹਾ ਕੋ ਨ੍ਰਿਪ ਬਰ ॥

नृपबर सैन तहा को नृप बर ॥

nirapabar sain tahaa ko nirap bar ||

ਅਧਿਕ ਦਰਬੁ ਸੁਨਿਯਤ ਜਾ ਕੇ ਘਰ ॥

अधिक दरबु सुनियत जा के घर ॥

adhik dharab suniyat jaa ke ghar ||

ਭਾਤਿ ਭਾਤਿ ਕੇ ਭੋਗ ਕਮਾਵੈ ॥

भाति भाति के भोग कमावै ॥

bhaat bhaat ke bhog kamaavai ||

ਨਿਰਖਿ ਪ੍ਰਭਾ ਦੇਵੇਸ ਲਜਾਵੈ ॥੨॥

निरखि प्रभा देवेस लजावै ॥२॥

nirakh prabhaa dheves lajaavai ||2||


ਐਂਡੋ ਰਾਇ ਭਾਟ ਕੋ ਸੁਤ ਤਹ ॥

ऐंडो राइ भाट को सुत तह ॥

aai(n)ddo rai bhaaT ko sut teh ||

ਤਾ ਕੈ ਰੂਪ ਨ ਸਮ ਕੋਊ ਮਹਿ ਮਹ ॥

ता कै रूप न सम कोऊ महि मह ॥

taa kai roop na sam kouoo meh meh ||

ਅਧਿਕ ਤਰੁਨ ਕੋ ਰੂਪ ਸੁਹਾਵੈ ॥

अधिक तरुन को रूप सुहावै ॥

adhik tarun ko roop suhaavai ||

ਨਿਰਖਿ ਕਾਇ ਕੰਚਨ ਸਿਰ ਨ੍ਯਾਵੈ ॥੩॥

निरखि काइ कंचन सिर न्यावै ॥३॥

nirakh kai ka(n)chan sir nayaavai ||3||


ਜਬ ਤ੍ਰਿਯ ਤਿਨ ਤਰੁਨੀ ਨਰ ਲਹਾ ॥

जब तृय तिन तरुनी नर लहा ॥

jab tiray tin tarunee nar lahaa ||

ਮਨ ਕ੍ਰਮ ਬਚ ਮਨ ਮੈ ਯੌ ਕਹਾ ॥

मन क्रम बच मन मै यौ कहा ॥

man kram bach man mai yau kahaa ||

ਪਠੈ ਸਹਚਰੀ ਯਾਹਿ ਬੁਲਾਊਾਂ ॥

पठै सहचरी याहि बुलाऊाँ ॥

paThai sahacharee yaeh bulaauooaa(n) ||

ਕਾਮ ਭੋਗ ਤਿਹ ਸਾਥ ਕਮਾਊਾਂ ॥੪॥

काम भोग तिह साथ कमाऊाँ ॥४॥

kaam bhog teh saath kamaauooaa(n) ||4||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਪਰਮ ਪਾਟ ਕੀ ਝੂਲਨਿ ਏਕ ਸਵਾਰਿ ਕੈ ॥

परम पाट की झूलनि एक सवारि कै ॥

param paaT kee jhoolan ek savaar kai ||

ਤਾ ਪਰ ਝੂਲਤਿ ਭਈ ਬਿਚਾਰ ਬਿਚਾਰ ਕੈ ॥

ता पर झूलति भई बिचार बिचार कै ॥

taa par jhoolat bhiee bichaar bichaar kai ||

ਯਾਹੀ ਚੜਿ ਪੀਰੀ ਪਰ ਪਿਯਹਿ ਬੁਲਾਇ ਹੌ ॥

याही चड़ि पीरी पर पियहि बुलाइ हौ ॥

yaahee chaR peeree par piyeh bulai hau ||

ਹੋ ਅਰਧ ਰਾਤ੍ਰਿ ਗੇ ਘਰ ਕੌ ਤਾਹਿ ਬਹਾਇ ਹੌ ॥੫॥

हो अरध रातृ गे घर कौ ताहि बहाइ हौ ॥५॥

ho aradh raatr ge ghar kau taeh bahai hau ||5||


ਯਾ ਪੀਰੀ ਕਹ ਦੈਹੌ ਤਰੇ ਬਹਾਇ ਕੈ ॥

या पीरी कह दैहौ तरे बहाइ कै ॥

yaa peeree keh dhaihau tare bahai kai ||

ਰੇਸਮ ਕੀ ਦ੍ਰਿੜ ਡੋਰੈ ਚਾਰ ਲਗਾਇ ਕੈ ॥

रेसम की दृड़ डोरै चार लगाइ कै ॥

resam kee dhiraR ddorai chaar lagai kai ||

ਸੋ ਜਾ ਕੋ ਨ੍ਰਿਪ ਹੂੰ ਕਬਹੂੰ ਲਹਿ ਜਾਇ ਹੈ ॥

सो जा को नृप हूँ कबहूँ लहि जाइ है ॥

so jaa ko nirap hoo(n) kabahoo(n) leh jai hai ||

ਹੋ ਜਾਨਿ ਪੀਂਘ ਚੁਪਿ ਰਹਿ ਹੈ ਕਹਾ ਰਿਸਾਇ ਹੈ ॥੬॥

हो जानि पींघ चुपि रहि है कहा रिसाइ है ॥६॥

ho jaan pee(n)gh chup reh hai kahaa risai hai ||6||


ਅਰਧ ਰਾਤ੍ਰਿ ਪੀਰੀ ਗ੍ਰਿਹ ਤਰੇ ਬਹਾਇ ਕੈ ॥

अरध रातृ पीरी गृह तरे बहाइ कै ॥

aradh raatr peeree gireh tare bahai kai ||

ਡੋਰਹਿ ਖੈਂਚਿ ਪ੍ਰੀਤਮਹਿ ਲੇਤ ਚੜਾਇ ਕੈ ॥

डोरहि खैंचि प्रीतमहि लेत चड़ाइ कै ॥

ddoreh khai(n)ch preetameh let chaRai kai ||

ਰਾਨੀ ਸੰਗ ਤਿਹ ਆਨਿ ਮਿਲਾਵਾ ਦੇਤ ਕਰਿ ॥

रानी संग तिह आनि मिलावा देत करि ॥

raanee sa(n)g teh aan milaavaa dhet kar ||

ਹੋ ਜਾਨਿ ਕੇਲ ਕੀ ਸਮੈ ਸਖੀ ਸਭ ਜਾਹਿ ਟਰਿ ॥੭॥

हो जानि केल की समै सखी सभ जाहि टरि ॥७॥

ho jaan kel kee samai sakhee sabh jaeh Tar ||7||


ਤਵਨ ਭਾਟ ਕੌ ਨਿਤ ਪ੍ਰਤਿ ਲੇਤ ਬੁਲਾਇ ਕੈ ॥

तवन भाट कौ नित प्रति लेत बुलाइ कै ॥

tavan bhaaT kau nit prat let bulai kai ||

ਏਕ ਦਿਵਸ ਗ੍ਰਿਹ ਰਹਨ ਨ ਦੇਹਿ ਬਹਾਇ ਕੈ ॥

एक दिवस गृह रहन न देहि बहाइ कै ॥

ek dhivas gireh rahan na dheh bahai kai ||

ਐਚਿ ਐਚਿ ਤਿਹ ਲੇਤ ਨ ਛੋਰਤ ਏਕ ਛਿਨ ॥

ऐचि ऐचि तिह लेत न छोरत एक छिन ॥

aaich aaich teh let na chhorat ek chhin ||

ਹੋ ਆਨਿ ਤ੍ਰਿਯਾ ਕੇ ਧਾਮ ਸੋਯੋ ਨ੍ਰਿਪ ਏਕ ਦਿਨ ॥੮॥

हो आनि तृया के धाम सोयो नृप एक दिन ॥८॥

ho aan tirayaa ke dhaam soyo nirap ek dhin ||8||


ਰਾਵ ਨ ਲਹਿਯੋ ਚੇਰਿਯਨ ਭਾਟ ਬੁਲਾਇਯੋ ॥

राव न लहियो चेरियन भाट बुलाइयो ॥

raav na lahiyo cheriyan bhaaT bulaiyo ||

ਬਿਨ ਰਾਨੀ ਕੇ ਕਹੇ ਸੁ ਜਾਰ ਮੰਗਾਇਯੋ ॥

बिन रानी के कहे सु जार मंगाइयो ॥

bin raanee ke kahe su jaar ma(n)gaiyo ||

ਨਿਰਖਿ ਰਾਇ ਤਿਹ ਕਹਿ ਤਸਕਰ ਜਾਗਤ ਭਯੋ ॥

निरखि राइ तिह कहि तसकर जागत भयो ॥

nirakh rai teh keh tasakar jaagat bhayo ||

ਹੋ ਯਾਹਿ ਨ ਦੈ ਹੌ ਜਾਨਿ ਕਾਢਿ ਅਸਿ ਕਰ ਲਯੋ ॥੯॥

हो याहि न दै हौ जानि काढि असि कर लयो ॥९॥

ho yaeh na dhai hau jaan kaadd as kar layo ||9||


ਨ੍ਰਿਪ ਜਾਗਤ ਸਭ ਜਗੇ ਪਕਰਿ ਤਾ ਕੋ ਲਿਯੋ ॥

नृप जागत सभ जगे पकरि ता को लियो ॥

nirap jaagat sabh jage pakar taa ko liyo ||

ਆਨਿ ਰਾਵ ਕੇ ਤੀਰ ਬਾਧਿ ਠਾਢੋ ਕਿਯੋ ॥

आनि राव के तीर बाधि ठाढो कियो ॥

aan raav ke teer baadh Thaaddo kiyo ||

ਸੁਨਤ ਸੋਰ ਤ੍ਰਿਯ ਉਠੀ ਨੀਂਦ ਤੇ ਜਾਗਿ ਕੈ ॥

सुनत सोर तृय उठी नींद ते जागि कै ॥

sunat sor tiray uThee nee(n)dh te jaag kai ||

ਹੋ ਰਾਜਾ ਤੇ ਡਰ ਪਾਇ ਮਿਤ੍ਰ ਹਿਤ ਤ੍ਯਾਗਿ ਕੈ ॥੧੦॥

हो राजा ते डर पाइ मित्र हित त्यागि कै ॥१०॥

ho raajaa te ddar pai mitr hit tayaag kai ||10||


ਰਾਨੀ ਬਾਚ ॥

रानी बाच ॥

raanee baach ||

ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸੁਨੁ ਰਾਜਾ ਆਯੋ ਹੁਤੋ ਤੋਹਿ ਹਨਨ ਇਹ ਚੋਰ ॥

सुनु राजा आयो हुतो तोहि हनन इह चोर ॥

sun raajaa aayo huto toh hanan ieh chor ||

ਅਬ ਹੀ ਯਾ ਕੌ ਮਾਰਿਯੈ ਹੋਨ ਨ ਦੀਜੇ ਭੋਰ ॥੧੧॥

अब ही या कौ मारियै होन न दीजे भोर ॥११॥

ab hee yaa kau maariyai hon na dheeje bhor ||11||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਤ੍ਰਿਯ ਕੋ ਬਚਨ ਚੋਰ ਸੁਨ ਪਾਇਯੋ ॥

तृय को बचन चोर सुन पाइयो ॥

tiray ko bachan chor sun paiyo ||

ਨ੍ਰਿਪਤਿ ਭਏ ਕਹਿ ਸਾਚ ਸੁਨਾਯੋ ॥

नृपति भए कहि साच सुनायो ॥

nirapat bhe keh saach sunaayo ||

ਯਹ ਰਾਨੀ ਮੋਰੇ ਸੰਗ ਰਹਈ ॥

यह रानी मोरे संग रहई ॥

yeh raanee more sa(n)g rahiee ||

ਅਬ ਮੋ ਕੌ ਤਸਕਰ ਕਰਿ ਕਹਈ ॥੧੨॥

अब मो कौ तसकर करि कहई ॥१२॥

ab mo kau tasakar kar kahiee ||12||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਜਾਰ ਚੋਰ ਕੋ ਬਚਨ ਨ ਸਾਚੁ ਪਛਾਨਿਯੈ ॥

जार चोर को बचन न साचु पछानियै ॥

jaar chor ko bachan na saach pachhaaniyai ||

ਪ੍ਰਾਨ ਲੋਭ ਤੇ ਬਕਤ ਸਭਨ ਪਰ ਜਾਨਿਯੈ ॥

प्रान लोभ ते बकत सभन पर जानियै ॥

praan lobh te bakat sabhan par jaaniyai ||

ਇਨ ਕੇ ਕਹੇ ਨ ਕੋਪ ਕਿਸੂ ਪਰ ਕੀਜਿਯੈ ॥

इन के कहे न कोप किसू पर कीजियै ॥

ein ke kahe na kop kisoo par keejiyai ||

ਹੋ ਰਾਵ ਬਚਨ ਯਹ ਸਾਚੁ ਜਾਨਿ ਜਿਯ ਲੀਜਿਯੈ ॥੧੩॥

हो राव बचन यह साचु जानि जिय लीजियै ॥१३॥

ho raav bachan yeh saach jaan jiy leejiyai ||13||


ਸਾਚੁ ਸਾਚੁ ਸੁਨਿ ਰਾਵ ਬਚਨ ਭਾਖਤ ਭਯੋ ॥

साचु साचु सुनि राव बचन भाखत भयो ॥

saach saach sun raav bachan bhaakhat bhayo ||

ਪ੍ਰਾਨ ਲੋਭ ਤੇ ਨਾਮ ਤ੍ਰਿਯਾ ਕੋ ਇਨ ਲਯੋ ॥

प्रान लोभ ते नाम तृया को इन लयो ॥

praan lobh te naam tirayaa ko in layo ||

ਤਾ ਤੇ ਯਾ ਤਸਕਰ ਕਹ ਅਬ ਹੀ ਮਾਰਿਯੈ ॥

ता ते या तसकर कह अब ही मारियै ॥

taa te yaa tasakar keh ab hee maariyai ||

ਹੋ ਇਹੀ ਭੋਹਰਾ ਭੀਤਰ ਗਹਿ ਕੈ ਡਾਰਿਯੈ ॥੧੪॥

हो इही भोहरा भीतर गहि कै डारियै ॥१४॥

ho ihee bhoharaa bheetar geh kai ddaariyai ||14||


ਪ੍ਰਥਮਹਿ ਤ੍ਰਿਯਾ ਸੁ ਤਾ ਸੌ ਭੋਗ ਕਮਾਇਯੋ ॥

प्रथमहि तृया सु ता सौ भोग कमाइयो ॥

prathameh tirayaa su taa sau bhog kamaiyo ||

ਭੂਲ ਜਬੈ ਵਹੁ ਧਾਮ ਨ੍ਰਿਪਤਿ ਕੇ ਆਇਯੋ ॥

भूल जबै वहु धाम नृपति के आइयो ॥

bhool jabai vahu dhaam nirapat ke aaiyo ||

ਜਿਯ ਲਜਾ ਕੇ ਤ੍ਰਾਸ ਚੋਰ ਤਿਹ ਭਾਖਿਯੋ ॥

जिय लजा के त्रास चोर तिह भाखियो ॥

jiy lajaa ke traas chor teh bhaakhiyo ||

ਹੋ ਪ੍ਰੀਤਿ ਪਛਾਨੀ ਚਿਤ ਨ ਮਾਰਿ ਤਿਹ ਰਾਖਿਯੋ ॥੧੫॥

हो प्रीति पछानी चित न मारि तिह राखियो ॥१५॥

ho preet pachhaanee chit na maar teh raakhiyo ||15||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਪਖ੍ਯਾਨੇ ਤ੍ਰਿਯਾ ਚਰਿਤ੍ਰੇ ਮੰਤ੍ਰੀ ਭੂਪ ਸੰਬਾਦੇ ਦੋਇ ਸੌ ਚੌਤੀਸ ਚਰਿਤ੍ਰ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੨੩੪॥੪੩੯੯॥ਅਫਜੂੰ॥

इति स्री चरित्र पख्याने तृया चरित्रे मंत्री भूप संबादे दोइ सौ चौतीस चरित्र समापतम सतु सुभम सतु ॥२३४॥४३९९॥अफजूँ॥

eit sree charitr pakhayaane tirayaa charitre ma(n)tree bhoop sa(n)baadhe dhoi sau chauatees charitr samaapatam sat subham sat ||234||4399||afajoo(n)||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਕਰਮ ਸਿੰਘ ਰਾਜਾ ਹੁਤੋ ਕਸਟਵਾਰ ਕੈ ਦੇਸ ॥

करम सिंघ राजा हुतो कसटवार कै देस ॥

karam si(n)gh raajaa huto kasaTavaar kai dhes ||

ਅਛਲ ਮਤੀ ਤਾ ਕੀ ਤਰੁਨਿ ਸੁੰਦਰਿ ਜਾ ਕੇ ਕੇਸ ॥੧॥

अछल मती ता की तरुनि सुँदरि जा के केस ॥१॥

achhal matee taa kee tarun su(n)dhar jaa ke kes ||1||


ਬਜ੍ਰ ਕੇਤੁ ਇਕ ਸਾਹੁ ਕੋ ਪੂਤ ਹੁਤੋ ਸੁਕੁਮਾਰ ॥

बज्र केतु इक साहु को पूत हुतो सुकुमार ॥

bajr ket ik saahu ko poot huto sukumaar ||

ਨਵੌ ਬ੍ਯਾਕਰਨ ਸਾਸਤ੍ਰ ਖਟ ਜਿਨ ਦ੍ਰਿੜ ਪੜੇ ਸੁਧਾਰ ॥੨॥

नवौ ब्याकरन सासत्र खट जिन दृड़ पड़े सुधार ॥२॥

navau bayaakaran saasatr khaT jin dhiraR paRe sudhaar ||2||


ਏਕ ਦਿਵਸ ਸੁ ਤਵਨ ਕੋ ਨਿਰਖਿਯੋ ਅਛਲ ਕੁਮਾਰਿ ॥

एक दिवस सु तवन को निरखियो अछल कुमारि ॥

ek dhivas su tavan ko nirakhiyo achhal kumaar ||

ਅਬ ਹੀ ਰਤਿ ਯਾ ਸੌ ਕਰੌ ਯੌ ਕਹਿ ਭਈ ਸੁ ਮਾਰਿ ॥੩॥

अब ही रति या सौ करौ यौ कहि भई सु मारि ॥३॥

ab hee rat yaa sau karau yau keh bhiee su maar ||3||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਏਕ ਸਖੀ ਤਹ ਚਤੁਰਿ ਪਹੂਚੀ ਆਇ ਕੈ ॥

एक सखी तह चतुरि पहूची आइ कै ॥

ek sakhee teh chatur pahoochee aai kai ||

ਅਛਲ ਮਤੀ ਕੋ ਲਯੋ ਗਰੇ ਸੋ ਲਾਇ ਕੈ ॥

अछल मती को लयो गरे सो लाइ कै ॥

achhal matee ko layo gare so lai kai ||

ਸੀਚਿ ਸੀਚਿ ਕੈ ਬਾਰਿ ਜਗਾਵਤ ਜਬ ਭਈ ॥

सीचि सीचि कै बारि जगावत जब भई ॥

seech seech kai baar jagaavat jab bhiee ||

ਹੋ ਸਕਲ ਚਿਤ ਕੀ ਬਾਤ ਕੁਅਰਿ ਕੀ ਲਹਿ ਗਈ ॥੪॥

हो सकल चित की बात कुअरि की लहि गई ॥४॥

ho sakal chit kee baat kuar kee leh giee ||4||


ਕੁਅਰਿ ਚਿਤ ਕੀ ਬਾਤ ਸਕਲ ਮੁਹਿ ਭਾਖਿਯੈ ॥

कुअरि चित की बात सकल मुहि भाखियै ॥

kuar chit kee baat sakal muh bhaakhiyai ||

ਪੀਰ ਪਿਯਾ ਕੀ ਗੂੜ ਨ ਮਨ ਮੈ ਰਾਖਿਯੈ ॥

पीर पिया की गूड़ न मन मै राखियै ॥

peer piyaa kee gooR na man mai raakhiyai ||

ਜੋ ਤੁਮਰੇ ਜਿਯ ਰੁਚੈ ਸੁ ਮੋਹਿ ਕਹੀਜਿਯੈ ॥

जो तुमरे जिय रुचै सु मोहि कहीजियै ॥

jo tumare jiy ruchai su moh kaheejiyai ||

ਹੋ ਬਿਰਹ ਬਿਕਲ ਹ੍ਵੈ ਪ੍ਰਾਨ ਹਿਤੂ ਜਿਨਿ ਦੀਜਿਯੈ ॥੫॥

हो बिरह बिकल ह्वै प्रान हितू जिनि दीजियै ॥५॥

ho bireh bikal havai praan hitoo jin dheejiyai ||5||


ਕਹਾ ਕਹੋ ਸਖਿ ਤੋਹਿ ਕਹਨ ਨਹਿ ਆਵਈ ॥

कहा कहो सखि तोहि कहन नहि आवई ॥

kahaa kaho sakh toh kahan neh aaviee ||

ਹੇਰਿ ਮੀਤ ਕੋ ਰੂਪ ਹੀਯਾ ਲਲਚਾਵਈ ॥

हेरि मीत को रूप हीया ललचावई ॥

her meet ko roop heeyaa lalachaaviee ||

ਕੈ ਵਾ ਕੋ ਅਬ ਹੀ ਮੁਹਿ ਆਨਿ ਮਿਲਾਇਯੈ ॥

कै वा को अब ही मुहि आनि मिलाइयै ॥

kai vaa ko ab hee muh aan milaiyai ||

ਹੋ ਨਾਤਰ ਮੋਰ ਜਿਯਨ ਕੀ ਆਸ ਚੁਕਾਇਯੈ ॥੬॥

हो नातर मोर जियन की आस चुकाइयै ॥६॥

ho naatar mor jiyan kee aas chukaiyai ||6||


ਜੋ ਕਛੁ ਕਹੋ ਸਖਿ ਮੋਹਿ ਵਹੈ ਕਾਰਜ ਕਰੋ ॥

जो कछु कहो सखि मोहि वहै कारज करो ॥

jo kachh kaho sakh moh vahai kaaraj karo ||

ਪ੍ਰਾਨ ਲੇਤ ਤਵ ਹੇਤ ਨ ਹਿਯ ਮੇ ਮੈ ਡਰੋ ॥

प्रान लेत तव हेत न हिय मे मै डरो ॥

praan let tav het na hiy me mai ddaro ||

ਜੋ ਤੁਮਰੇ ਚਿਤ ਚੁਭੈ ਸੁ ਹਮੈ ਬਤਾਇਯੈ ॥

जो तुमरे चित चुभै सु हमै बताइयै ॥

jo tumare chit chubhai su hamai bataiyai ||

ਹੋ ਰੋਇ ਰੋਇ ਕਰਿ ਨੀਰ ਨ ਬ੍ਰਿਥਾ ਗਵਾਇਯੈ ॥੭॥

हो रोइ रोइ करि नीर न बृथा गवाइयै ॥७॥

ho roi roi kar neer na birathaa gavaiyai ||7||


ਸੁਨਹੁ ਮਿਤ੍ਰਨੀ ਆਜ ੁ ਜੁਗਨਿ ਮੈ ਹੋਇ ਹੌ ॥

सुनहु मित्रनी आज ु जुगनि मै होइ हौ ॥

sunahu mitranee aaj jugan mai hoi hau ||


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