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200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
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ਅਥ ਨਰਸਿੰਘ ਅਵਤਾਰ ਕਥਨੰ ॥

अथ नरसिंघ अवतार कथनं ॥

ath narasi(n)gh avataar kathana(n) ||


ਸ੍ਰੀ ਭਗਉਤੀ ਜੀ ਸਹਾਇ ॥

स्री भगउती जी सहाइ ॥

sree bhagautee jee sahai ||


ਪਾਧਰੀ ਛੰਦ ॥

पाधरी छंद ॥

paadharee chha(n)dh ||


ਇਹ ਭਾਤਿ ਕੀਯੋ ਦਿਵਰਾਜ ਰਾਜ ॥

इह भाति कीयो दिवराज राज ॥

eeh bhaat keeyo dhivaraaj raaj ||

ਭੰਡਾਰ ਭਰੇ ਸੁਭ ਸਰਬ ਸਾਜ ॥

भंडार भरे सुभ सरब साज ॥

bha(n)ddaar bhare subh sarab saaj ||

ਜਬ ਦੇਵਤਾਨ ਬਢਿਯੋ ਗਰੂਰ ॥

जब देवतान बढियो गरूर ॥

jab dhevataan baddiyo garoor ||

ਬਲਵੰਤ ਦੈਤ ਉਠੇ ਕਰੂਰ ॥੧॥

बलवंत दैत उठे करूर ॥१॥

balava(n)t dhait uThe karoor ||1||


ਲਿਨੋ ਛਿਨਾਇ ਦਿਵਰਾਜ ਰਾਜ ॥

लिनो छिनाइ दिवराज राज ॥

lino chhinai dhivaraaj raaj ||

ਬਾਜਿਤ੍ਰ ਨੇਕ ਉਠੇ ਸੁ ਬਾਜਿ ॥

बाजित्र नेक उठे सु बाजि ॥

baajitr nek uThe su baaj ||

ਇਹ ਭਾਤਿ ਜਗਤਿ ਦੋਹੀ ਫਿਰਾਇ ॥

इह भाति जगति दोही फिराइ ॥

eeh bhaat jagat dhohee firai ||

ਜਲੰ ਬਾ ਥਲੇਅੰ ਹਿਰਿਨਾਛ ਰਾਇ ॥੨॥

जलं बा थलेअं हिरिनाछ राइ ॥२॥

jala(n) baa thalea(n) hirinaachh rai ||2||


ਇਕ ਦ੍ਯੋਸ ਗਯੋ ਨਿਜ ਨਾਰਿ ਤੀਰ ॥

इक द्योस गयो निज नारि तीर ॥

eik dhayos gayo nij naar teer ||

ਸਜਿ ਸੁਧ ਸਾਜ ਨਿਜ ਅੰਗਿ ਬੀਰ ॥

सजि सुध साज निज अंगि बीर ॥

saj sudh saaj nij a(n)g beer ||

ਕਿਹ ਭਾਤਿ ਸ੍ਵਤ੍ਰਿਯ ਮੋ ਭਯੋ ਨਿਰੁਕਤ ॥

किह भाति स्वतृय मो भयो निरुकत ॥

keh bhaat savaitiray mo bhayo nirukat ||

ਤਬ ਭਯੋ ਦੁਸਟ ਕੋ ਬੀਰਜ ਮੁਕਤ ॥੩॥

तब भयो दुसट को बीरज मुकत ॥३॥

tab bhayo dhusaT ko beeraj mukat ||3||


ਪ੍ਰਹਲਾਦ ਭਗਤ ਲੀਨੋ ਵਤਾਰ ॥

प्रहलाद भगत लीनो वतार ॥

prahalaadh bhagat leeno vataar ||

ਸਬ ਕਰਨਿ ਕਾਜ ਸੰਤਨ ਉਧਾਰ ॥

सब करनि काज संतन उधार ॥

sab karan kaaj sa(n)tan udhaar ||

ਚਟਸਾਰ ਪੜਨਿ ਸਉਪ੍ਯੋ ਨ੍ਰਿਪਾਲਿ ॥

चटसार पड़नि सउप्यो नृपालि ॥

chaTasaar paRan saupayo nirapaal ||

ਪਟੀਯਹਿ ਕਹਿਯੋ ਲਿਖਿ ਦੈ ਗੁਪਾਲ ॥੪॥

पटीयहि कहियो लिखि दै गुपाल ॥४॥

paTeeyeh kahiyo likh dhai gupaal ||4||


ਤੋਟਕ ਛੰਦ ॥

तोटक छंद ॥

toTak chha(n)dh ||


ਇਕਿ ਦਿਵਸ ਗਯੋ ਚਟਸਾਰਿ ਨ੍ਰਿਪੰ ॥

इकि दिवस गयो चटसारि नृपं ॥

eik dhivas gayo chaTasaar nirapa(n) ||

ਚਿਤਿ ਚੌਕ ਰਹਿਯੋ ਸੁਭਿ ਦੇਖਿ ਸੁਤੰ ॥

चिति चौक रहियो सुभि देखि सुतं ॥

chit chauak rahiyo subh dhekh suta(n) ||

ਜੋ ਪੜਿਯੋ ਦਿਜ ਤੇ ਸੁਨ ਤਾਹਿ ਰੜੋ ॥

जो पड़ियो दिज ते सुन ताहि रड़ो ॥

jo paRiyo dhij te sun taeh raRo ||

ਨਿਰਭੈ ਸਿਸੁ ਨਾਮੁ ਗੁਪਾਲ ਪੜੋ ॥੫॥

निरभै सिसु नामु गुपाल पड़ो ॥५॥

nirabhai sis naam gupaal paRo ||5||


ਸੁਨਿ ਨਾਮੁ ਗੁਪਾਲ ਰਿਸ੍ਰਯੋ ਅਸੁਰੰ ॥

सुनि नामु गुपाल रिस्रयो असुरं ॥

sun naam gupaal risrayo asura(n) ||

ਬਿਨੁ ਮੋਹਿ ਸੁ ਕਉਣੁ ਭਜੋ ਦੁਸਰੰ ॥

बिनु मोहि सु कउणु भजो दुसरं ॥

bin moh su kaun bhajo dhusara(n) ||

ਜੀਯ ਮਾਹਿ ਧਰੋ ਸਿਸੁ ਯਾਹਿ ਹਨੋ ॥

जीय माहि धरो सिसु याहि हनो ॥

jeey maeh dharo sis yaeh hano ||

ਜੜ ਕਿਉ ਭਗਵਾਨ ਕੋ ਨਾਮ ਭਨੋ ॥੬॥

जड़ किउ भगवान को नाम भनो ॥६॥

jaR kiau bhagavaan ko naam bhano ||6||


ਜਲ ਅਉਰ ਥਲੰ ਇਕ ਬੀਰ ਮਨੰ ॥

जल अउर थलं इक बीर मनं ॥

jal aaur thala(n) ik beer mana(n) ||

ਇਹ ਕਾਹਿ ਗੁਪਾਲ ਕੋ ਨਾਮੁ ਭਨੰ ॥

इह काहि गुपाल को नामु भनं ॥

eeh kaeh gupaal ko naam bhana(n) ||

ਤਬ ਹੀ ਤਿਹ ਬਾਧਤ ਥੰਮ ਭਏ ॥

तब ही तिह बाधत थंम भए ॥

tab hee teh baadhat tha(n)m bhe ||

ਸੁਨਿ ਸ੍ਰਵਨਨ ਦਾਨਵ ਬੈਨ ਧਏ ॥੭॥

सुनि स्रवनन दानव बैन धए ॥७॥

sun sravanan dhaanav bain dhe ||7||


ਗਹਿ ਮੂੜ ਚਲੇ ਸਿਸੁ ਮਾਰਨ ਕੋ ॥

गहि मूड़ चले सिसु मारन को ॥

geh mooR chale sis maaran ko ||

ਨਿਕਸ੍ਰਯੋ ਬ ਗੁਪਾਲ ਉਬਾਰਨ ਕੋ ॥

निकस्रयो ब गुपाल उबारन को ॥

nikasrayo b gupaal ubaaran ko ||

ਚਕਚਉਧ ਰਹੇ ਜਨ ਦੇਖਿ ਸਬੈ ॥

चकचउध रहे जन देखि सबै ॥

chakachaudh rahe jan dhekh sabai ||

ਨਿਕਸ੍ਰਯੋ ਹਰਿ ਫਾਰਿ ਕਿਵਾਰ ਜਬੈ ॥੮॥

निकस्रयो हरि फारि किवार जबै ॥८॥

nikasrayo har faar kivaar jabai ||8||


ਲਖਿ ਦੇਵ ਦਿਵਾਰ ਸਬੈ ਥਹਰੇ ॥

लखि देव दिवार सबै थहरे ॥

lakh dhev dhivaar sabai thahare ||

ਅਵਿਲੋਕਿ ਚਰਾਚਰ ਹੂੰਹਿ ਹਿਰੇ ॥

अविलोकि चराचर हूँहि हिरे ॥

avilok charaachar hoo(n)h hire ||

ਗਰਜੇ ਨਰਸਿੰਘ ਨਰਾਤ ਕਰੰ ॥

गरजे नरसिंघ नरात करं ॥

garaje narasi(n)gh naraat kara(n) ||

ਦ੍ਰਿਗ ਰਤ ਕੀਏ ਮੁਖ ਸ੍ਰੋਣ ਭਰੰ ॥੯॥

दृग रत कीए मुख स्रोण भरं ॥९॥

dhirag rat ke'ee mukh sron bhara(n) ||9||


ਲਖਿ ਦਾਨਵ ਭਾਜ ਚਲੇ ਸਬ ਹੀ ॥

लखि दानव भाज चले सब ही ॥

lakh dhaanav bhaaj chale sab hee ||

ਗਰਜਿਯੋ ਨਰਸਿੰਘ ਰਣੰ ਜਬ ਹੀ ॥

गरजियो नरसिंघ रणं जब ही ॥

garajiyo narasi(n)gh rana(n) jab hee ||

ਇਕ ਭੂਪਤਿ ਠਾਢਿ ਰਹਿਯੋ ਰਣ ਮੈ ॥

इक भूपति ठाढि रहियो रण मै ॥

eik bhoopat Thaadd rahiyo ran mai ||

ਗਹਿ ਹਾਥਿ ਗਦਾ ਨਿਰਭੈ ਮਨ ਮੈ ॥੧੦॥

गहि हाथि गदा निरभै मन मै ॥१०॥

geh haath gadhaa nirabhai man mai ||10||


ਲਰਜੇ ਸਬ ਸੂਰ ਨ੍ਰਿਪੰ ਗਰਜੇ ॥

लरजे सब सूर नृपं गरजे ॥

laraje sab soor nirapa(n) garaje ||

ਸਮੁਹਾਤ ਭਏ ਭਟ ਕੇਹਰਿ ਕੇ ॥

समुहात भए भट केहरि के ॥

samuhaat bhe bhaT kehar ke ||

ਜੁ ਗਏ ਸਮੁਹੇ ਛਿਤ ਤੈ ਪਟਕੇ ॥

जु गए समुहे छित तै पटके ॥

j ge samuhe chhit tai paTake ||

ਰਣਿ ਭੈ ਰਣਧੀਰ ਬਟਾ ਨਟ ਕੇ ॥੧੧॥

रणि भै रणधीर बटा नट के ॥११॥

ran bhai ranadheer baTaa naT ke ||11||


ਬਬਕੇ ਰਣਧੀਰ ਸੁ ਬੀਰ ਘਣੇ ॥

बबके रणधीर सु बीर घणे ॥

babake ranadheer su beer ghane ||

ਰਹਿਗੇ ਮਨੋ ਕਿੰਸਕ ਸ੍ਰੋਣ ਸਣੇ ॥

रहिगे मनो किंसक स्रोण सणे ॥

rahige mano ki(n)sak sron sane ||

ਉਮਗੇ ਚਹੂੰ ਓਰਨ ਤੇ ਰਿਪੁ ਯੌ ॥

उमगे चहूँ ओरन ते रिपु यौ ॥

aumage chahoo(n) oran te rip yau ||

ਬਰਸਾਤਿ ਬਹਾਰਨ ਅਭ੍ਰਨ ਜਿਯੋ ॥੧੨॥

बरसाति बहारन अभ्रन जियो ॥१२॥

barasaat bahaaran abhran jiyo ||12||


ਬਰਖੈ ਸਰ ਸੁਧ ਸਿਲਾ ਸਿਤਿਯੰ ॥

बरखै सर सुध सिला सितियं ॥

barakhai sar sudh silaa sitiya(n) ||

ਉਮਡੇ ਬਰਬੀਰ ਦਸੋ ਦਿਸਿਯੰ ॥

उमडे बरबीर दसो दिसियं ॥

aumadde barabeer dhaso dhisiya(n) ||

ਚਮਕੰਤ ਕ੍ਰਿਪਾਣ ਸੁ ਬਾਣ ਜੁਧੰ ॥

चमकंत कृपाण सु बाण जुधं ॥

chamaka(n)t kirapaan su baan judha(n) ||

ਫਹਰੰਤ ਧੁਜਾ ਜਨੁ ਬੀਰ ਕ੍ਰੁਧੰ ॥੧੩॥

फहरंत धुजा जनु बीर क्रुधं ॥१३॥

fahara(n)t dhujaa jan beer krudha(n) ||13||


ਹਹਰੰਤ ਹਠੀ ਬਰਖੰਤ ਸਰੰ ॥

हहरंत हठी बरखंत सरं ॥

hahara(n)t haThee barakha(n)t sara(n) ||

ਜਨੁ ਸਾਵਨ ਮੇਘ ਬੁਠਿਯੋ ਦੁਸਰੰ ॥

जनु सावन मेघ बुठियो दुसरं ॥

jan saavan megh buThiyo dhusara(n) ||

ਫਰਹੰਤ ਧੁਜਾ ਹਹਰੰਤ ਹਯੰ ॥

फरहंत धुजा हहरंत हयं ॥

faraha(n)t dhujaa hahara(n)t haya(n) ||

ਉਪਜਿਯੋ ਜੀਅ ਦਾਨਵ ਰਾਇ ਭਯੰ ॥੧੪॥

उपजियो जीअ दानव राइ भयं ॥१४॥

aupajiyo jeea dhaanav rai bhaya(n) ||14||


ਹਿਹਨਾਤ ਹਯੰ ਗਰਜੰਤ ਗਜੰ ॥

हिहनात हयं गरजंत गजं ॥

hihanaat haya(n) garaja(n)t gaja(n) ||

ਭਟ ਬਾਹ ਕਟੀ ਜਨੁ ਇੰਦ੍ਰ ਧੁਜੰ ॥

भट बाह कटी जनु इंद्र धुजं ॥

bhaT baeh kaTee jan i(n)dhr dhuja(n) ||

ਤਰਫੰਤ ਭਟੰ ਗਰਜੰ ਗਜੰ ॥

तरफंत भटं गरजं गजं ॥

tarafa(n)t bhaTa(n) garaja(n) gaja(n) ||

ਸੁਨ ਕੈ ਧੁਨਿ ਸਾਵਣ ਮੇਘ ਲਜੰ ॥੧੫॥

सुन कै धुनि सावण मेघ लजं ॥१५॥

sun kai dhun saavan megh laja(n) ||15||


ਬਿਚਲ੍ਰਯੋ ਪਗ ਦ੍ਵੈਕੁ ਫਿਰਿਯੋ ਪੁਨਿ ਜਿਯੋ ॥

बिचल्रयो पग द्वैकु फिरियो पुनि जियो ॥

bichalrayo pag dhavaik firiyo pun jiyo ||

ਕਰਿ ਪੁੰਛ ਲਗੇ ਅਹਿ ਕ੍ਰੁਧਤ ਜਿਯੋ ॥

करि पुँछ लगे अहि क्रुधत जियो ॥

kar pu(n)chh lage eh krudhat jiyo ||

ਰਣਰੰਗ ਸਮੈ ਮੁਖ ਯੋ ਚਮਕ੍ਯੋ ॥

रणरंग समै मुख यो चमक्यो ॥

ranara(n)g samai mukh yo chamakayo ||

ਲਖਿ ਸੂਰ ਸਰੋਰਹੁ ਸੋ ਦਮਕ੍ਰਯੋ ॥੧੬॥

लखि सूर सरोरहु सो दमक्रयो ॥१६॥

lakh soor sarorahu so dhamakrayo ||16||


ਰਣ ਰੰਗ ਤੁਰੰਗਨ ਐਸ ਭਯੋ ॥

रण रंग तुरंगन ऐस भयो ॥

ran ra(n)g tura(n)gan aais bhayo ||

ਸਿਵ ਧਿਆਨ ਛੁਟ੍ਰਯੋ ਬ੍ਰਹਮੰਡ ਗਿਰਿਯੋ ॥

सिव धिआन छुट्रयो ब्रहमंड गिरियो ॥

siv dhiaan chhuTrayo brahama(n)dd giriyo ||

ਸਰ ਸੇਲ ਸਿਲਾ ਸਿਤ ਐਸ ਬਹੇ ॥

सर सेल सिला सित ऐस बहे ॥

sar sel silaa sit aais bahe ||

ਨਭ ਅਉਰ ਧਰਾ ਦੋਊ ਪੂਰਿ ਰਹੇ ॥੧੭॥

नभ अउर धरा दोऊ पूरि रहे ॥१७॥

nabh aaur dharaa dhouoo poor rahe ||17||


ਗਣ ਗੰਧ੍ਰਬ ਦੇਖਿ ਦੋਊ ਹਰਖੇ ॥

गण गंध्रब देखि दोऊ हरखे ॥

gan ga(n)dhrab dhekh dhouoo harakhe ||

ਪੁਹਪਾਵਲਿ ਦੇਵ ਸਭੈ ਬਰਖੇ ॥

पुहपावलि देव सभै बरखे ॥

puhapaaval dhev sabhai barakhe ||

ਮਿਲ ਗੇ ਭਟ ਆਪ ਬਿਖੈ ਦੋਊ ਯੋ ॥

मिल गे भट आप बिखै दोऊ यो ॥

mil ge bhaT aap bikhai dhouoo yo ||

ਸਿਸ ਖੇਲਤ ਰੈਣਿ ਹੁਡੂਹੁਡ ਜਿਯੋ ॥੧੮॥

सिस खेलत रैणि हुडूहुड जियो ॥१८॥

sis khelat rain huddoohudd jiyo ||18||


ਬੇਲੀ ਬ੍ਰਿੰਦਮ ਛੰਦ ॥

बेली बृंदम छंद ॥

belee bira(n)dham chha(n)dh ||


ਰਣਧੀਰ ਬੀਰ ਸੁ ਗਜਹੀ ॥

रणधीर बीर सु गजही ॥

ranadheer beer su gajahee ||

ਲਖਿ ਦੇਵ ਅਦੇਵ ਸੁ ਲਜਹੀ ॥

लखि देव अदेव सु लजही ॥

lakh dhev adhev su lajahee ||

ਇਕ ਸੂਰ ਘਾਇਲ ਘੂੰਮਹੀ ॥

इक सूर घाइल घूँमही ॥

eik soor ghail ghoo(n)mahee ||

ਜਨੁ ਧੂਮਿ ਅਧੋਮੁਖ ਧੂਮਹੀ ॥੧੯॥

जनु धूमि अधोमुख धूमही ॥१९॥

jan dhoom adhomukh dhoomahee ||19||


ਭਟ ਏਕ ਅਨੇਕ ਪ੍ਰਕਾਰ ਹੀ ॥

भट एक अनेक प्रकार ही ॥

bhaT ek anek prakaar hee ||

ਜੁਝੇ ਅਜੁਝ ਜੁਝਾਰ ਹੀ ॥

जुझे अजुझ जुझार ही ॥

jujhe ajujh jujhaar hee ||

ਫਹਰੰਤ ਬੈਰਕ ਬਾਣਯੰ ॥

फहरंत बैरक बाणयं ॥

fahara(n)t bairak baanaya(n) ||

ਥਹਰੰਤ ਜੋਧ ਕਿਕਾਣਯੰ ॥੨੦॥

थहरंत जोध किकाणयं ॥२०॥

thahara(n)t jodh kikaanaya(n) ||20||


ਤੋਮਰ ਛੰਦ ॥

तोमर छंद ॥

tomar chha(n)dh ||


ਹਿਰਣਾਤ ਕੋਟ ਕਿਕਾਨ ॥

हिरणात कोट किकान ॥

hiranaat koT kikaan ||

ਬਰਖੰਤ ਸੇਲ ਜੁਆਨ ॥

बरखंत सेल जुआन ॥

barakha(n)t sel juaan ||

ਛੁਟਕੰਤ ਸਾਇਕ ਸੁਧ ॥

छुटकंत साइक सुध ॥

chhuTaka(n)t saik sudh ||

ਮਚਿਯੋ ਅਨੂਪਮ ਜੁਧ ॥੨੧॥

मचियो अनूपम जुध ॥२१॥

machiyo anoopam judh ||21||


ਭਟ ਏਕ ਅਨੇਕ ਪ੍ਰਕਾਰ ॥

भट एक अनेक प्रकार ॥

bhaT ek anek prakaar ||

ਜੁਝੇ ਅਨੰਤ ਸ੍ਵਾਰ ॥

जुझे अनंत स्वार ॥

jujhe ana(n)t savaiaar ||

ਬਾਹੈ ਕ੍ਰਿਪਾਣ ਨਿਸੰਗ ॥

बाहै कृपाण निसंग ॥

baahai kirapaan nisa(n)g ||

ਮਚਿਯੋ ਅਪੂਰਬ ਜੰਗ ॥੨੨॥

मचियो अपूरब जंग ॥२२॥

machiyo apoorab ja(n)g ||22||


ਦੋਧਕ ਛੰਦ ॥

दोधक छंद ॥

dhodhak chha(n)dh ||


ਬਾਹਿ ਕ੍ਰਿਪਾਣ ਸੁ ਬਾਣ ਭਟ ਗਣ ॥

बाहि कृपाण सु बाण भट गण ॥

baeh kirapaan su baan bhaT gan ||

ਅੰਤਿ ਗਿਰੈ ਪੁਨਿ ਜੂਝਿ ਮਹਾ ਰਣਿ ॥

अंति गिरै पुनि जूझि महा रणि ॥

a(n)t girai pun joojh mahaa ran ||

ਘਾਇ ਲਗੈ ਇਮ ਘਾਇਲ ਝੂਲੈ ॥

घाइ लगै इम घाइल झूलै ॥

ghai lagai im ghail jhoolai ||

ਫਾਗੁਨਿ ਅੰਤਿ ਬਸੰਤ ਸੇ ਫੂਲੈ ॥੨੩॥

फागुनि अंति बसंत से फूलै ॥२३॥

faagun a(n)t basa(n)t se foolai ||23||


ਬਾਹਿ ਕਟੀ ਭਟ ਏਕਨ ਐਸੀ ॥

बाहि कटी भट एकन ऐसी ॥

baeh kaTee bhaT ekan aaisee ||

ਸੁੰਡ ਮਨੋ ਗਜ ਰਾਜਨ ਜੈਸੀ ॥

सुँड मनो गज राजन जैसी ॥

su(n)dd mano gaj raajan jaisee ||

ਸੋਹਤ ਏਕ ਅਨੇਕ ਪ੍ਰਕਾਰੰ ॥

सोहत एक अनेक प्रकारं ॥

sohat ek anek prakaara(n) ||

ਫੂਲ ਖਿਲੇ ਜਨੁ ਮਧਿ ਫੁਲਵਾਰੰ ॥੨੪॥

फूल खिले जनु मधि फुलवारं ॥२४॥

fool khile jan madh fulavaara(n) ||24||


ਸ੍ਰੋਣ ਰੰਗੇ ਅਰਿ ਏਕ ਅਨੇਕੰ ॥

स्रोण रंगे अरि एक अनेकं ॥

sron ra(n)ge ar ek aneka(n) ||

ਫੂਲ ਰਹੇ ਜਨੁ ਕਿੰਸਕ ਨੇਕੰ ॥

फूल रहे जनु किंसक नेकं ॥

fool rahe jan ki(n)sak neka(n) ||

ਧਾਵਤ ਘਾਵ ਕ੍ਰਿਪਾਣ ਪ੍ਰਹਾਰੰ ॥

धावत घाव कृपाण प्रहारं ॥

dhaavat ghaav kirapaan prahaara(n) ||

ਜਾਨੁ ਕਿ ਕੋਪ ਪ੍ਰਤਛ ਦਿਖਾਰੰ ॥੨੫॥

जानु कि कोप प्रतछ दिखारं ॥२५॥

jaan k kop pratachh dhikhaara(n) ||25||


ਤੋਟਕ ਛੰਦ ॥

तोटक छंद ॥

toTak chha(n)dh ||


ਜੂਝਿ ਗਿਰੇ ਅਰਿ ਏਕ ਅਨੇਕੰ ॥

जूझि गिरे अरि एक अनेकं ॥

joojh gire ar ek aneka(n) ||

ਘਾਇ ਲਗੇ ਬਿਸੰਭਾਰ ਬਿਸੇਖੰ ॥

घाइ लगे बिसंभार बिसेखं ॥

ghai lage bisa(n)bhaar bisekha(n) ||

ਕਾਟਿ ਗਿਰੇ ਭਟ ਏਕਹਿ ਵਾਰੰ ॥

काटि गिरे भट एकहि वारं ॥

kaaT gire bhaT ekeh vaara(n) ||

ਸਾਬੁਨ ਜਾਨੁ ਗਈ ਬਹਿ ਤਾਰੰ ॥੨੬॥

साबुन जानु गई बहि तारं ॥२६॥

saabun jaan giee beh taara(n) ||26||


ਪੂਰ ਪਰੇ ਭਏ ਚੂਰ ਸਿਪਾਹੀ ॥

पूर परे भए चूर सिपाही ॥

poor pare bhe choor sipaahee ||

ਸੁਆਮਿ ਕੇ ਕਾਜ ਕੀ ਲਾਜ ਨਿਬਾਹੀ ॥

सुआमि के काज की लाज निबाही ॥

suaam ke kaaj kee laaj nibaahee ||

ਬਾਹਿ ਕ੍ਰਿਪਾਣਨ ਬਾਣ ਸੁ ਬੀਰੰ ॥

बाहि कृपाणन बाण सु बीरं ॥

baeh kirapaanan baan su beera(n) ||

ਅੰਤਿ ਭਜੇ ਭਯ ਮਾਨਿ ਅਧੀਰੰ ॥੨੭॥

अंति भजे भय मानि अधीरं ॥२७॥

a(n)t bhaje bhay maan adheera(n) ||27||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਤ੍ਯਾਗਿ ਚਲੈ ਰਣ ਕੋ ਸਬ ਬੀਰਾ ॥

त्यागि चलै रण को सब बीरा ॥

tayaag chalai ran ko sab beeraa ||

ਲਾਜ ਬਿਸਰ ਗਈ ਭਏ ਅਧੀਰਾ ॥

लाज बिसर गई भए अधीरा ॥

laaj bisar giee bhe adheeraa ||

ਹਿਰਿਨਾਛਸ ਤਬ ਆਪੁ ਰਿਸਾਨਾ ॥

हिरिनाछस तब आपु रिसाना ॥

hirinaachhas tab aap risaanaa ||

ਬਾਧਿ ਚਲ੍ਯੋ ਰਣ ਕੋ ਕਰਿ ਗਾਨਾ ॥੨੮॥

बाधि चल्यो रण को करि गाना ॥२८॥

baadh chalayo ran ko kar gaanaa ||28||


ਭਰਿਯੋ ਰੋਸ ਨਰਸਿੰਘ ਸਰੂਪੰ ॥

भरियो रोस नरसिंघ सरूपं ॥

bhariyo ros narasi(n)gh saroopa(n) ||

ਆਵਤ ਦੇਖਿ ਸਮੁਹੇ ਰਣਿ ਭੂਪੰ ॥

आवत देखि समुहे रणि भूपं ॥

aavat dhekh samuhe ran bhoopa(n) ||

ਨਿਜ ਘਾਵਨ ਕੋ ਰੋਸ ਨ ਮਾਨਾ ॥

निज घावन को रोस न माना ॥

nij ghaavan ko ros na maanaa ||

ਨਿਰਖਿ ਸੇਵਕਹਿ ਦੁਖੀ ਰਿਸਾਨਾ ॥੨੯॥

निरखि सेवकहि दुखी रिसाना ॥२९॥

nirakh sevakeh dhukhee risaanaa ||29||


ਭੁਜੰਗ ਪ੍ਰਯਾਤ ਛੰਦ ॥

भुजंग प्रयात छंद ॥

bhuja(n)g prayaat chha(n)dh ||


ਕੰਪਾਈ ਸਟਾ ਸਿੰਘ ਗਰਜ੍ਯੋ ਕ੍ਰੂਰੰ ॥

कंपाई सटा सिंघ गरज्यो क्रूरं ॥

ka(n)paiee saTaa si(n)gh garajayo kraoora(n) ||

ਉਡ੍ਯੋ ਹੇਰਿ ਬੀਰਾਨ ਕੇ ਮੁਖਿ ਨੂਰੰ ॥

उड्यो हेरि बीरान के मुखि नूरं ॥

auddayo her beeraan ke mukh noora(n) ||

ਉਠ੍ਯੋ ਨਾਦ ਬੰਕੇ ਛੁਹੀ ਗੈਣਿ ਰਜੰ ॥

उठ्यो नाद बंके छुही गैणि रजं ॥

auThayo naadh ba(n)ke chhuhee gain raja(n) ||

ਹਸੇ ਦੇਵ ਸਰਬੰ ਭਏ ਦੈਤ ਲਜੰ ॥੩੦॥

हसे देव सरबं भए दैत लजं ॥३०॥

hase dhev saraba(n) bhe dhait laja(n) ||30||


ਮਚ੍ਯੰ ਦੁੰਦ ਜੁਧੰ ਮਚੇ ਦੁਇ ਜੁਆਣੰ ॥

मच्यं दुँद जुधं मचे दुइ जुआणं ॥

machaya(n) dhu(n)dh judha(n) mache dhui juaana(n) ||

ਤੜੰਕਾਰ ਤੇਗੰ ਕੜਕੇ ਕਮਾਣੰ ॥

तड़ंकार तेगं कड़के कमाणं ॥

taRa(n)kaar tega(n) kaRake kamaana(n) ||

ਭਿਰਿਯੋ ਕੋਪ ਕੈ ਦਾਨਵੰ ਸੁਲਤਾਨੰ ॥

भिरियो कोप कै दानवं सुलतानं ॥

bhiriyo kop kai dhaanava(n) sulataana(n) ||

ਹੜੰ ਸ੍ਰੋਣ ਚਲੇ ਮਧੰ ਮੁਲਤਾਣੰ ॥੩੧॥

हड़ं स्रोण चले मधं मुलताणं ॥३१॥

haRa(n) sron chale madha(n) mulataana(n) ||31||


ਕੜਕਾਰ ਤੇਗੰ ਤੜਕਾਰ ਤੀਰੰ ॥

कड़कार तेगं तड़कार तीरं ॥

kaRakaar tega(n) taRakaar teera(n) ||

ਭਏ ਟੂਕ ਟੂਕੰ ਰਣੰ ਬੀਰ ਧੀਰੰ ॥

भए टूक टूकं रणं बीर धीरं ॥

bhe Took Tooka(n) rana(n) beer dheera(n) ||

ਬਜੇ ਸੰਖ ਭੂਰੰ ਸੁ ਢੋਲੰ ਢਮੰਕੇ ॥

बजे संख भूरं सु ढोलं ढमंके ॥

baje sa(n)kh bhoora(n) su ddola(n) ddama(n)ke ||

ਰੜੰ ਕੰਕ ਬੰਕੇ ਡਹੈ ਬੀਰ ਬੰਕੇ ॥੩੨॥

रड़ं कंक बंके डहै बीर बंके ॥३२॥

raRa(n) ka(n)k ba(n)ke ddahai beer ba(n)ke ||32||


ਭਜੇ ਬਾਜਿ ਗਾਜੀ ਸਿਪਾਹੀ ਅਨੇਕੰ ॥

भजे बाजि गाजी सिपाही अनेकं ॥

bhaje baaj gaajee sipaahee aneka(n) ||

ਰਹੇ ਠਾਢਿ ਭੂਪਾਲ ਆਗੇ ਨ ਏਕੰ ॥

रहे ठाढि भूपाल आगे न एकं ॥

rahe Thaadd bhoopaal aage na eka(n) ||

ਫਿਰਿਯੋ ਸਿੰਘ ਸੂਰੰ ਸੁ ਕ੍ਰੂਰੰ ਕਰਾਲੰ ॥

फिरियो सिंघ सूरं सु क्रूरं करालं ॥

firiyo si(n)gh soora(n) su kraoora(n) karaala(n) ||

ਕੰਪਾਈ ਸਟਾ ਪੂਛ ਫੇਰੀ ਬਿਸਾਲੰ ॥੩੩॥

कंपाई सटा पूछ फेरी बिसालं ॥३३॥

ka(n)paiee saTaa poochh feree bisaala(n) ||33||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਗਰਜਤ ਰਣਿ ਨਰਸਿੰਘ ਕੇ ਭਜੇ ਸੂਰ ਅਨੇਕ ॥

गरजत रणि नरसिंघ के भजे सूर अनेक ॥

garajat ran narasi(n)gh ke bhaje soor anek ||

ਏਕ ਟਿਕਿਯੋ ਹਿਰਿਨਾਛ ਤਹ ਅਵਰ ਨ ਜੋਧਾ ਏਕੁ ॥੩੪॥

एक टिकियो हिरिनाछ तह अवर न जोधा एकु ॥३४॥

ek Tikiyo hirinaachh teh avar na jodhaa ek ||34||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਮੁਸਟ ਜੁਧ ਜੁੱਟੇ ਭਟ ਦੋਊ ॥

मुसट जुध जुट्टे भट दोऊ ॥

musaT judh ju'Te bhaT dhouoo ||

ਤੀਸਰ ਤਾਹਿ ਨ ਪੇਖੀਅਤ ਕੋਊ ॥

तीसर ताहि न पेखीअत कोऊ ॥

teesar taeh na pekheeat kouoo ||

ਭਏ ਦੁਹੁਨ ਕੇ ਰਾਤੇ ਨੈਣਾ ॥

भए दुहुन के राते नैणा ॥

bhe dhuhun ke raate nainaa ||

ਦੇਖਤ ਦੇਵ ਤਮਾਸੇ ਗੈਣਾ ॥੩੫॥

देखत देव तमासे गैणा ॥३५॥

dhekhat dhev tamaase gainaa ||35||


ਅਸਟ ਦਿਵਸ ਅਸਟੇ ਨਿਸਿ ਜੁਧਾ ॥

असट दिवस असटे निसि जुधा ॥

asaT dhivas asaTe nis judhaa ||

ਕੀਨੋ ਦੁਹੂੰ ਭਟਨ ਮਿਲਿ ਕ੍ਰੁਧਾ ॥

कीनो दुहूँ भटन मिलि क्रुधा ॥

keeno dhuhoo(n) bhaTan mil krudhaa ||

ਬਹੁਰੋ ਅਸੁਰ ਕਿਛੁ ਕੁ ਮੁਰਝਾਨਾ ॥

बहुरो असुर किछु कु मुरझाना ॥

bahuro asur kichh k murajhaanaa ||

ਗਿਰਿਯੋ ਭੂਮਿ ਜਨੁ ਬ੍ਰਿਛ ਪੁਰਾਨਾ ॥੩੬॥

गिरियो भूमि जनु बृछ पुराना ॥३६॥

giriyo bhoom jan birachh puraanaa ||36||


ਸੀਚਿ ਬਾਰਿ ਪੁਨਿ ਤਾਹਿ ਜਗਾਯੋ ॥

सीचि बारि पुनि ताहि जगायो ॥

seech baar pun taeh jagaayo ||

ਜਗੋ ਮੂਰਛਨਾ ਪੁਨਿ ਜੀਯ ਆਯੋ ॥

जगो मूरछना पुनि जीय आयो ॥

jago moorachhanaa pun jeey aayo ||

ਬਹੁਰੋ ਭਿਰੇ ਸੂਰ ਦੋਈ ਕ੍ਰੁਧਾ ॥

बहुरो भिरे सूर दोई क्रुधा ॥

bahuro bhire soor dhoiee krudhaa ||

ਮੰਡਿਯੋ ਬਹੁਰਿ ਆਪ ਮਹਿ ਜੁਧਾ ॥੩੭॥

मंडियो बहुरि आप महि जुधा ॥३७॥

ma(n)ddiyo bahur aap meh judhaa ||37||


ਭੁਜੰਗ ਪ੍ਰਯਾਤ ਛੰਦ ॥

भुजंग प्रयात छंद ॥

bhuja(n)g prayaat chha(n)dh ||


ਹਲਾ ਚਾਲ ਕੈ ਕੈ ਪੁਨਰ ਬੀਰ ਢੂਕੇ ॥

हला चाल कै कै पुनर बीर ढूके ॥

halaa chaal kai kai punar beer ddooke ||

ਮਚਿਯੋ ਜੁਧ ਜਿਯੋ ਕਰਨ ਸੰਗੰ ਘੜੂਕੇ ॥

मचियो जुध जियो करन संगं घड़ूके ॥

machiyo judh jiyo karan sa(n)ga(n) ghaRooke ||

ਨਖੰ ਪਾਤ ਦੋਊ ਕਰੇ ਦੈਤ ਘਾਤੰ ॥

नखं पात दोऊ करे दैत घातं ॥

nakha(n) paat dhouoo kare dhait ghaata(n) ||

ਮਨੋ ਗਜ ਜੁਟੇ ਬਨੰ ਮਸਤਿ ਮਾਤੰ ॥੩੮॥

मनो गज जुटे बनं मसति मातं ॥३८॥

mano gaj juTe bana(n) masat maata(n) ||38||


ਪੁਨਰ ਨਰਸਿੰਘੰ ਧਰਾ ਤਾਹਿ ਮਾਰਿਯੋ ॥

पुनर नरसिंघं धरा ताहि मारियो ॥

punar narasi(n)gha(n) dharaa taeh maariyo ||

ਪੁਰਾਨੋ ਪਲਾਸੀ ਮਨੋ ਬਾਇ ਡਾਰਿਯੋ ॥

पुरानो पलासी मनो बाइ डारियो ॥

puraano palaasee mano bai ddaariyo ||

ਹਨ੍ਯੋ ਦੇਖਿ ਦੁਸਟੰ ਭਈ ਪੁਹਪ ਬਰਖੰ ॥

हन्यो देखि दुसटं भई पुहप बरखं ॥

hanayo dhekh dhusaTa(n) bhiee puhap barakha(n) ||

ਕੀਏ ਦੇਵਤਿਯੋ ਆਨ ਕੈ ਜੀਤ ਕਰਖੰ ॥੩੯॥

कीए देवतियो आन कै जीत करखं ॥३९॥

ke'ee dhevatiyo aan kai jeet karakha(n) ||39||


ਪਾਧਰੀ ਛੰਦ ॥

पाधरी छंद ॥

paadharee chha(n)dh ||


ਕੀਨੋ ਨਰਸਿੰਘ ਦੁਸਟੰ ਸੰਘਾਰ ॥

कीनो नरसिंघ दुसटं संघार ॥

keeno narasi(n)gh dhusaTa(n) sa(n)ghaar ||

ਧਰਿਯੋ ਸੁ ਬਿਸਨ ਸਪਤਮ ਵਤਾਰ ॥

धरियो सु बिसन सपतम वतार ॥

dhariyo su bisan sapatam vataar ||

ਲਿਨੋ ਸੁ ਭਗਤ ਅਪਨੋ ਛਿਨਾਇ ॥

लिनो सु भगत अपनो छिनाइ ॥

lino su bhagat apano chhinai ||

ਸਬ ਸਿਸਟਿ ਧਰਮ ਕਰਮਨ ਚਲਾਇ ॥੪੦॥

सब सिसटि धरम करमन चलाइ ॥४०॥

sab sisaT dharam karaman chalai ||40||


ਪ੍ਰਹਲਾਦ ਕਰਿਯੋ ਨ੍ਰਿਪ ਛਤ੍ਰ ਫੇਰਿ ॥

प्रहलाद करियो नृप छत्र फेरि ॥

prahalaadh kariyo nirap chhatr fer ||

ਦੀਨੋ ਸੰਘਾਰ ਸਬ ਇਮ ਅੰਧੇਰ ॥

दीनो संघार सब इम अंधेर ॥

dheeno sa(n)ghaar sab im a(n)dher ||

ਸਬ ਦੁਸਟ ਅਰਿਸਟ ਦਿਨੇ ਖਪਾਇ ॥

सब दुसट अरिसट दिने खपाइ ॥

sab dhusaT arisaT dhine khapai ||

ਪੁਨਿ ਲਈ ਜੋਤਿ ਜੋਤਹਿ ਮਿਲਾਇ ॥੪੧॥

पुनि लई जोति जोतहि मिलाइ ॥४१॥

pun liee jot joteh milai ||41||


ਸਭ ਦੁਸਟ ਮਾਰਿ ਕੀਨੇ ਅਭੇਖ ॥

सभ दुसट मारि कीने अभेख ॥

sabh dhusaT maar keene abhekh ||

ਪੁਨ ਮਿਲ੍ਯੋ ਜਾਇ ਭੀਤਰ ਅਲੇਖ ॥

पुन मिल्यो जाइ भीतर अलेख ॥

pun milayo jai bheetar alekh ||

ਕਬਿ ਜਥਾਮਤਿ ਕਥ੍ਯੋ ਬਿਚਾਰੁ ॥

कबि जथामति कथ्यो बिचारु ॥

kab jathaamat kathayo bichaar ||

ਇਮ ਧਰਿਯੋ ਬਿਸਨੁ ਸਪਤਮ ਵਤਾਰ ॥੪੨॥

इम धरियो बिसनु सपतम वतार ॥४२॥

eim dhariyo bisan sapatam vataar ||42||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ ਗ੍ਰੰਥੇ ਨਰਸਿੰਘ ਸਪਤਮੋ ਅਵਤਾਰ ਸਮਾਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੭॥

इति स्री बचित्र नाटक ग्रंथे नरसिंघ सपतमो अवतार समातम सतु सुभम सतु ॥७॥

eit sree bachitr naaTak gra(n)the narasi(n)gh sapatamo avataar samaatam sat subham sat ||7||



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