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200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
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ਜਰਾਸੰਧਿ ਜੁਧ ਕਥਨੰ ॥

जरासंधि जुध कथनं ॥

jaraasa(n)dh judh kathana(n) ||


ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਇਤ ਰਾਜ ਦਯੋ ਨ੍ਰਿਪ ਕਉ ਜਬ ਹੀ ਉਤ ਕੰਸ ਬਧੂ ਪਿਤ ਪਾਸ ਗਈ ॥

इत राज दयो नृप कउ जब ही उत कंस बधू पित पास गई ॥

eit raaj dhayo nirap kau jab hee ut ka(n)s badhoo pit paas giee ||

ਅਤਿ ਦੀਨ ਸੁ ਛੀਨ ਮਲੀਨ ਮਹਾ ਮਨ ਕੇ ਦੁਖ ਸੋ ਸੋਈ ਰੋਤ ਭਈ ॥

अति दीन सु छीन मलीन महा मन के दुख सो सोई रोत भई ॥

at dheen su chheen maleen mahaa man ke dhukh so soiee rot bhiee ||

ਪਤਿ ਭਈਯਨ ਕੇ ਬਧਬੇ ਕੀ ਬ੍ਰਿਥਾ ਜੁ ਹੁਤੀ ਮਨ ਮੈ ਸੋਈ ਭਾਖ ਦਈ ॥

पति भईयन के बधबे की बृथा जु हुती मन मै सोई भाख दई ॥

pat bhieeyan ke badhabe kee birathaa ju hutee man mai soiee bhaakh dhiee ||

ਸੁਨਿ ਕੈ ਮੁਖ ਤੇ ਤਿਹ ਸੰਧਿ ਜਰਾ ਅਤਿ ਕੋਪ ਕੈ ਆਖ ਸਰੋਜ ਤਈ ॥੧੦੨੯॥

सुनि कै मुख ते तिह संधि जरा अति कोप कै आख सरोज तई ॥१०२९॥

sun kai mukh te teh sa(n)dh jaraa at kop kai aakh saroj tiee ||1029||


ਜਰਾਸੰਧਿਓ ਬਾਚ ॥

जरासंधिओ बाच ॥

jaraasa(n)dhio baach ||

ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਹਰਿ ਹਲਧਰਹਿ ਸੰਘਾਰ ਹੋ ਦੁਹਿਤਾ ਪ੍ਰਤਿ ਕਹਿ ਬੈਨ ॥

हरि हलधरहि संघार हो दुहिता प्रति कहि बैन ॥

har haladhareh sa(n)ghaar ho dhuhitaa prat keh bain ||

ਰਾਜਧਾਨੀ ਤੇ ਨਿਸਰਿਯੋ ਮੰਤ੍ਰਿ ਬੁਲਾਏ ਸੈਨ ॥੧੦੩੦॥

राजधानी ते निसरियो मंतृ बुलाए सैन ॥१०३०॥

raajadhaanee te nisariyo ma(n)tr bulaae sain ||1030||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਦੇਸ ਦੇਸ ਪਰਧਾਨ ਪਠਾਏ ॥

देस देस परधान पठाए ॥

dhes dhes paradhaan paThaae ||

ਨਰਪਤਿ ਸਬ ਦੇਸਨ ਤੇ ਲ੍ਯਾਏ ॥

नरपति सब देसन ते ल्याए ॥

narapat sab dhesan te layaae ||

ਆਇ ਨ੍ਰਿਪਤਿ ਕੋ ਕੀਨ ਜੁਹਾਰੂ ॥

आइ नृपति को कीन जुहारू ॥

aai nirapat ko keen juhaaroo ||

ਦਯੋ ਬਹੁਤੁ ਧਨੁ ਤਿਨ ਉਪਹਾਰੂ ॥੧੦੩੧॥

दयो बहुतु धनु तिन उपहारू ॥१०३१॥

dhayo bahut dhan tin upahaaroo ||1031||


ਜਰਾਸੰਧਿ ਬਹੁ ਸੁਭਟ ਬੁਲਾਏ ॥

जरासंधि बहु सुभट बुलाए ॥

jaraasa(n)dh bahu subhaT bulaae ||

ਭਾਤਿ ਭਾਤਿ ਕੇ ਸਸਤ੍ਰ ਬੰਧਾਏ ॥

भाति भाति के ससत्र बंधाए ॥

bhaat bhaat ke sasatr ba(n)dhaae ||

ਗਜ ਬਾਜਨ ਪਰ ਪਾਖਰ ਡਾਰੀ ॥

गज बाजन पर पाखर डारी ॥

gaj baajan par paakhar ddaaree ||

ਸਿਰ ਪਰ ਕੰਚਨ ਸਿਰੀ ਸਵਾਰੀ ॥੧੦੩੨॥

सिर पर कंचन सिरी सवारी ॥१०३२॥

sir par ka(n)chan siree savaaree ||1032||


ਪਾਇਕ ਰਥ ਬਹੁਤੇ ਜੁਰਿ ਆਏ ॥

पाइक रथ बहुते जुरि आए ॥

paik rath bahute jur aae ||

ਭੂਪਤਿ ਆਗੇ ਸੀਸ ਨਿਵਾਏ ॥

भूपति आगे सीस निवाए ॥

bhoopat aage sees nivaae ||

ਅਪਨੀ ਅਪਨੀ ਮਿਸਲ ਸਭ ਗਏ ॥

अपनी अपनी मिसल सभ गए ॥

apanee apanee misal sabh ge ||

ਪਾਤਿ ਜੋਰ ਕਰਿ ਠਾਢੇ ਭਏ ॥੧੦੩੩॥

पाति जोर करि ठाढे भए ॥१०३३॥

paat jor kar Thaadde bhe ||1033||


ਸੋਰਠਾ ॥

सोरठा ॥

soraThaa ||

ਯਹਿ ਸੈਨਾ ਚਤੁਰੰਗ ਜਰਾਸੰਧਿ ਨ੍ਰਿਪ ਕੀ ਬਨੀ ॥

यहि सैना चतुरंग जरासंधि नृप की बनी ॥

yeh sainaa chatura(n)g jaraasa(n)dh nirap kee banee ||

ਸਾਜਿਯੋ ਕਵਚ ਨਿਖੰਗ ਧਨੁਖ ਬਾਨੁ ਲੈ ਰਥਿ ਚਢਿਯੋ ॥੧੦੩੪॥

साजियो कवच निखंग धनुख बानु लै रथि चढियो ॥१०३४॥

saajiyo kavach nikha(n)g dhanukh baan lai rath chaddiyo ||1034||


ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਜੋਰਿ ਚਮੂੰ ਸਬ ਮੰਤ੍ਰ ਲੈ ਤਬ ਯੌ ਰਨ ਸਾਜ ਸਮਾਜ ਬਨਾਯੋ ॥

जोरि चमूँ सब मंत्र लै तब यौ रन साज समाज बनायो ॥

jor chamoo(n) sab ma(n)tr lai tab yau ran saaj samaaj banaayo ||

ਤੇਈਸ ਛੂਹਨ ਲੈ ਦਲ ਸੰਗਿ ਬਜਾਇ ਕੈ ਬੰਬ ਤਹਾ ਕਹੁ ਧਾਯੋ ॥

तेईस छूहन लै दल संगि बजाइ कै बंब तहा कहु धायो ॥

teiees chhoohan lai dhal sa(n)g bajai kai ba(n)b tahaa kahu dhaayo ||

ਬੀਰ ਬਡੇ ਸਮ ਰਾਵਨ ਕੇ ਤਿਨ ਕਉ ਸੰਗ ਲੈ ਮਰਿਬੇ ਕਹੁ ਆਯੋ ॥

बीर बडे सम रावन के तिन कउ संग लै मरिबे कहु आयो ॥

beer badde sam raavan ke tin kau sa(n)g lai maribe kahu aayo ||

ਮਾਨਹੁ ਕਾਲ ਪ੍ਰਲੈ ਦਿਨ ਬਾਰਿਧ ਫੈਲ ਪਰਿਯੋ ਜਲੁ ਯੌ ਦਲੁ ਛਾਯੋ ॥੧੦੩੫॥

मानहु काल प्रलै दिन बारिध फैल परियो जलु यौ दलु छायो ॥१०३५॥

maanahu kaal pralai dhin baaridh fail pariyo jal yau dhal chhaayo ||1035||


ਨਗ ਮਾਨਹੁ ਨਾਗ ਬਡੇ ਤਿਹ ਮੈ ਮਛੁਰੀ ਪੁਨਿ ਪੈਦਲ ਕੀ ਬਲ ਜੇਤੀ ॥

नग मानहु नाग बडे तिह मै मछुरी पुनि पैदल की बल जेती ॥

nag maanahu naag badde teh mai machhuree pun paidhal kee bal jetee ||

ਚਕ੍ਰ ਮਨੋ ਰਥ ਚਕ੍ਰ ਬਨੇ ਉਪਜੀ ਕਵਿ ਕੈ ਮਨ ਮੈ ਕਹੀ ਤੇਤੀ ॥

चक्र मनो रथ चक्र बने उपजी कवि कै मन मै कही तेती ॥

chakr mano rath chakr bane upajee kav kai man mai kahee tetee ||

ਹੈ ਭਏ ਬੋਚਨ ਤੁਲਿ ਮਨੋ ਲਹਰੈ ਬਹਰੈ ਬਰਛੀ ਦੁਤਿ ਸੇਤੀ ॥

है भए बोचन तुलि मनो लहरै बहरै बरछी दुति सेती ॥

hai bhe bochan tul mano laharai baharai barachhee dhut setee ||

ਸਿੰਧੁ ਕਿਧੌ ਦਲ ਸੰਧਿ ਜਰਾ ਰਹਿਗੀ ਮਥੁਰਾ ਜਾ ਤਿਹ ਮਧ ਬਰੇਤੀ ॥੧੦੩੬॥

सिंधु किधौ दल संधि जरा रहिगी मथुरा जा तिह मध बरेती ॥१०३६॥

si(n)dh kidhau dhal sa(n)dh jaraa rahigee mathuraa jaa teh madh baretee ||1036||


ਜੋ ਬਲ ਬੰਡ ਬਡੇ ਦਲ ਮੈ ਤਿਹ ਅਗ੍ਰ ਕਥਾ ਮਹਿ ਨਾਮ ਕਹੈ ਹਉ ॥

जो बल बंड बडे दल मै तिह अग्र कथा महि नाम कहै हउ ॥

jo bal ba(n)dd badde dhal mai teh agr kathaa meh naam kahai hau ||

ਜੋ ਸੰਗਿ ਸ੍ਯਾਮ ਲਰੈ ਰਿਸ ਕੈ ਤਿਨ ਕੇ ਜਸ ਕੋ ਮੁਖ ਤੇ ਉਚਰੈ ਹਉ ॥

जो संगि स्याम लरै रिस कै तिन के जस को मुख ते उचरै हउ ॥

jo sa(n)g sayaam larai ris kai tin ke jas ko mukh te ucharai hau ||

ਜੇ ਬਲਿਭਦ੍ਰ ਕੇ ਸੰਗਿ ਭਿਰੇ ਤਿਨ ਕਉ ਕਥ ਕੈ ਪ੍ਰਭ ਲੋਕ ਰਿਝੈ ਹਉ ॥

जे बलिभद्र के संगि भिरे तिन कउ कथ कै प्रभ लोक रिझै हउ ॥

je balibhadhr ke sa(n)g bhire tin kau kath kai prabh lok rijhai hau ||

ਤ੍ਯਾਗ ਸਭੈ ਗ੍ਰਿਹ ਲਾਲਚ ਕੋ ਹਰਿ ਕੇ ਹਰਿ ਕੇ ਹਰਿ ਕੇ ਗੁਨ ਗੈ ਹਉ ॥੧੦੩੭॥

त्याग सभै गृह लालच को हरि के हरि के हरि के गुन गै हउ ॥१०३७॥

tayaag sabhai gireh laalach ko har ke har ke har ke gun gai hau ||1037||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਜਦੁਬੀਰਨ ਸਬ ਹੂੰ ਸੁਨੀ ਦੂਤ ਕਹੀ ਜਬ ਆਇ ॥

जदुबीरन सब हूँ सुनी दूत कही जब आइ ॥

jadhubeeran sab hoo(n) sunee dhoot kahee jab aai ||

ਮਿਲਿ ਸਬ ਹੂੰ ਨ੍ਰਿਪ ਕੇ ਸਦਨ ਮੰਤ੍ਰ ਬਿਚਾਰਿਯੋ ਜਾਇ ॥੧੦੩੮॥

मिलि सब हूँ नृप के सदन मंत्र बिचारियो जाइ ॥१०३८॥

mil sab hoo(n) nirap ke sadhan ma(n)tr bichaariyo jai ||1038||


ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਤੇਈਸ ਛੂਹਨ ਲੈ ਦਲ ਸੰਗਿ ਚਢਿਯੋ ਹਮ ਪੈ ਅਤਿ ਹੀ ਭਰਿ ਰੋਹੈ ॥

तेईस छूहन लै दल संगि चढियो हम पै अति ही भरि रोहै ॥

teiees chhoohan lai dhal sa(n)g chaddiyo ham pai at hee bhar rohai ||

ਜਾਇ ਲਰੈ ਅਰਿ ਕੇ ਸਮੁਹੇ ਇਹ ਲਾਇਕ ਯਾ ਪੁਰ ਮੈ ਅਬ ਕੋ ਹੈ ॥

जाइ लरै अरि के समुहे इह लाइक या पुर मै अब को है ॥

jai larai ar ke samuhe ieh laik yaa pur mai ab ko hai ||

ਜੋ ਭਜਿ ਹੈ ਡਰੁ ਮਾਨਿ ਘਨੋ ਰਿਸ ਕੈ ਸਬ ਕੋ ਤਬ ਮਾਰਤ ਸੋ ਹੈ ॥

जो भजि है डरु मानि घनो रिस कै सब को तब मारत सो है ॥

jo bhaj hai ddar maan ghano ris kai sab ko tab maarat so hai ||

ਤਾ ਤੇ ਨਿਸੰਕ ਭਿਰੋ ਇਨ ਸੋ ਜਿਤ ਹੈ ਤੁ ਭਲੋ ਮ੍ਰਿਤ ਏ ਜਸੁ ਹੋ ਹੈ ॥੧੦੩੯॥

ता ते निसंक भिरो इन सो जित है तु भलो मृत ए जसु हो है ॥१०३९॥

taa te nisa(n)k bhiro in so jit hai ta bhalo mirat e jas ho hai ||1039||


ਤਉ ਜਦੁਬੀਰ ਕਹਿਯੋ ਉਠਿ ਕੈ ਰਿਸਿ ਬੀਚ ਸਭਾ ਅਪੁਨੇ ਬਲ ਸੋ ॥

तउ जदुबीर कहियो उठि कै रिसि बीच सभा अपुने बल सो ॥

tau jadhubeer kahiyo uTh kai ris beech sabhaa apune bal so ||

ਅਬ ਕੋ ਬਲਵੰਡ ਬਡੋ ਹਮ ਮੈ ਚਲਿ ਆਗੇ ਹੀ ਜਾਇ ਲਰੈ ਦਲ ਸੋ ॥

अब को बलवंड बडो हम मै चलि आगे ही जाइ लरै दल सो ॥

ab ko balava(n)dd baddo ham mai chal aage hee jai larai dhal so ||

ਅਪਨੋ ਬਲ ਧਾਰਿ ਸੰਘਾਰ ਕੈ ਦਾਨਵ ਦੂਰ ਕਰੈ ਸਭ ਭੂ ਤਲ ਸੋ ॥

अपनो बल धारि संघार कै दानव दूर करै सभ भू तल सो ॥

apano bal dhaar sa(n)ghaar kai dhaanav dhoor karai sabh bhoo tal so ||

ਬਹੁ ਭੂਤ ਪਿਸਾਚਨ ਕਾਕਨਿ ਡਾਕਨਿ ਤੋਖ ਕਰੈ ਪਲ ਮੈ ਪਲ ਸੋ ॥੧੦੪੦॥

बहु भूत पिसाचन काकनि डाकनि तोख करै पल मै पल सो ॥१०४०॥

bahu bhoot pisaachan kaakan ddaakan tokh karai pal mai pal so ||1040||


ਜਬ ਯਾ ਬਿਧਿ ਸੋ ਜਦੁਬੀਰ ਕਹਿਯੋ ਕਿਨਹੂੰ ਮਨ ਮੈ ਨਹੀ ਧੀਰ ਧਰਿਯੋ ॥

जब या बिधि सो जदुबीर कहियो किनहूँ मन मै नही धीर धरियो ॥

jab yaa bidh so jadhubeer kahiyo kinahoo(n) man mai nahee dheer dhariyo ||

ਹਰਿ ਦੇਖਿ ਤਬੈ ਮੁਖਿ ਬਾਇ ਰਹੇ ਸਭ ਹੂੰ ਭਜਬੇ ਕਹੁ ਚਿਤ ਕਰਿਯੋ ॥

हरि देखि तबै मुखि बाइ रहे सभ हूँ भजबे कहु चित करियो ॥

har dhekh tabai mukh bai rahe sabh hoo(n) bhajabe kahu chit kariyo ||

ਜੋਊ ਮਾਨ ਹੁਤੋ ਮਨਿ ਛਤ੍ਰਿਨ ਕੇ ਸੋਊ ਓਰਨਿ ਕੀ ਸਮ ਤੁਲ ਗਰਿਯੋ ॥

जोऊ मान हुतो मनि छतृन के सोऊ ओरनि की सम तुल गरियो ॥

jouoo maan huto man chhatiran ke souoo oran kee sam tul gariyo ||

ਕੋਊ ਜਾਇ ਨ ਸਾਮੁਹੈ ਸਤ੍ਰਨ ਕੇ ਨ੍ਰਿਪ ਨੇ ਮੁਖ ਤੇ ਬਿਧਿ ਯਾ ਉਚਰਿਯੋ ॥੧੦੪੧॥

कोऊ जाइ न सामुहै सत्रन के नृप ने मुख ते बिधि या उचरियो ॥१०४१॥

kouoo jai na saamuhai satran ke nirap ne mukh te bidh yaa uchariyo ||1041||


ਕਿਨਹੂੰ ਨਹਿ ਧੀਰਜੁ ਬਾਧਿ ਸਕਿਯੋ ਲਰਬੇ ਤੇ ਡਰੇ ਸਭ ਕੋ ਮਨੁ ਭਾਜਿਯੋ ॥

किनहूँ नहि धीरजु बाधि सकियो लरबे ते डरे सभ को मनु भाजियो ॥

kinahoo(n) neh dheeraj baadh sakiyo larabe te ddare sabh ko man bhaajiyo ||

ਭਾਜਨ ਕੀ ਸਬ ਹੂੰ ਬਿਧ ਕੀ ਕਿਨਹੂੰ ਨਹੀ ਕੋਪਿ ਸਰਾਸਨੁ ਸਾਜਿਯੋ ॥

भाजन की सब हूँ बिध की किनहूँ नही कोपि सरासनु साजियो ॥

bhaajan kee sab hoo(n) bidh kee kinahoo(n) nahee kop saraasan saajiyo ||

ਯੌ ਹਰਿ ਜੂ ਪੁਨਿ ਬੋਲਿ ਉਠਿਓ ਗਜ ਕੋ ਬਧਿ ਕੈ ਜਿਮ ਕੇਹਰਿ ਗਾਜਿਯੋ ॥

यौ हरि जू पुनि बोलि उठिओ गज को बधि कै जिम केहरि गाजियो ॥

yau har joo pun bol uThio gaj ko badh kai jim kehar gaajiyo ||

ਅਉਰ ਭਲੀ ਉਪਮਾ ਉਪਜੀ ਧੁਨਿ ਕੋ ਸੁਨ ਕੈ ਘਨ ਸਾਵਨ ਲਾਜਿਯੋ ॥੧੦੪੨॥

अउर भली उपमा उपजी धुनि को सुन कै घन सावन लाजियो ॥१०४२॥

aaur bhalee upamaa upajee dhun ko sun kai ghan saavan laajiyo ||1042||


ਕਾਨ੍ਰਹ ਜੂ ਬਾਚ ॥

कान्रह जू बाच ॥

kaanreh joo baach ||

ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਰਾਜ ਨ ਚਿੰਤ ਕਰੋ ਮਨ ਮੈ ਹਮਹੂੰ ਦੋਊ ਭ੍ਰਾਤ ਸੁ ਜਾਇ ਲਰੈਗੇ ॥

राज न चिंत करो मन मै हमहूँ दोऊ भ्रात सु जाइ लरैगे ॥

raaj na chi(n)t karo man mai hamahoo(n) dhouoo bhraat su jai laraige ||

ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਗਦਾ ਗਹਿ ਕੈ ਰਨ ਭੀਤਰ ਜੁਧ ਕਰੈਗੇ ॥

बान कमान कृपान गदा गहि कै रन भीतर जुध करैगे ॥

baan kamaan kirapaan gadhaa geh kai ran bheetar judh karaige ||

ਜੋ ਹਮ ਊਪਰਿ ਕੋਪ ਕੈ ਆਇ ਹੈ ਤਾਹਿ ਕੇ ਅਸਤ੍ਰ ਸਿਉ ਪ੍ਰਾਨ ਹਰੈਗੇ ॥

जो हम ऊपरि कोप कै आइ है ताहि के असत्र सिउ प्रान हरैगे ॥

jo ham uoopar kop kai aai hai taeh ke asatr siau praan haraige ||

ਪੈ ਉਨ ਕੋ ਮਰਿ ਹੈ ਡਰ ਹੈ ਨਹੀ ਆਹਵ ਤੇ ਪਗ ਦੁਇ ਨ ਟਰੈਗੇ ॥੧੦੪੩॥

पै उन को मरि है डर है नही आहव ते पग दुइ न टरैगे ॥१०४३॥

pai un ko mar hai ddar hai nahee aahav te pag dhui na Taraige ||1043||


ਇਉ ਕਹਿ ਕੈ ਯੌ ਦੋਊ ਠਾਢ ਭਏ ਚਲ ਕੈ ਨਿਜੁ ਮਾਤ ਪਿਤਾ ਪਹਿ ਆਏ ॥

इउ कहि कै यौ दोऊ ठाढ भए चल कै निजु मात पिता पहि आए ॥

eiau keh kai yau dhouoo Thaadd bhe chal kai nij maat pitaa peh aae ||

ਆਵਤ ਹੀ ਦੁਹੂੰ ਹਾਥਨ ਜੋਰਿ ਕੈ ਪਾਇਨ ਊਪਰ ਮਾਥ ਲੁਡਾਏ ॥

आवत ही दुहूँ हाथन जोरि कै पाइन ऊपर माथ लुडाए ॥

aavat hee dhuhoo(n) haathan jor kai pain uoopar maath luddaae ||

ਮੋਹੁ ਬਢਿਯੋ ਬਸੁਦੇਵ ਅਉ ਦੇਵਕੀ ਲੈ ਅਪੁਨੇ ਸੁਤ ਕੰਠਿ ਲਗਾਏ ॥

मोहु बढियो बसुदेव अउ देवकी लै अपुने सुत कंठि लगाए ॥

moh baddiyo basudhev aau dhevakee lai apune sut ka(n)Th lagaae ||

ਜੀਤਹੁਗੇ ਤੁਮ ਦੈਤਨ ਸਿਉ ਭਜਿ ਹੈ ਅਰਿ ਜ੍ਯੋ ਘਨ ਬਾਤ ਉਡਾਏ ॥੧੦੪੪॥

जीतहुगे तुम दैतन सिउ भजि है अरि ज्यो घन बात उडाए ॥१०४४॥

jeetahuge tum dhaitan siau bhaj hai ar jayo ghan baat uddaae ||1044||


ਮਾਤ ਪਿਤਾ ਕਉ ਪ੍ਰਨਾਮ ਦੋਊ ਕਰਿ ਕੈ ਤਜਿ ਧਾਮ ਸੁ ਬਾਹਰਿ ਆਏ ॥

मात पिता कउ प्रनाम दोऊ करि कै तजि धाम सु बाहरि आए ॥

maat pitaa kau pranaam dhouoo kar kai taj dhaam su baahar aae ||

ਆਵਤ ਹੀ ਸਭ ਆਯੁਧ ਲੈ ਪੁਰ ਬੀਰ ਜਿਤੇ ਸਭ ਹੀ ਸੁ ਬੁਲਾਏ ॥

आवत ही सभ आयुध लै पुर बीर जिते सभ ही सु बुलाए ॥

aavat hee sabh aayudh lai pur beer jite sabh hee su bulaae ||

ਦਾਨ ਘਨੇ ਦਿਜ ਕਉ ਦਏ ਸ੍ਯਾਮ ਦੁਹੂੰ ਮਿਲਿ ਆਨੰਦ ਚਿਤ ਬਢਾਏ ॥

दान घने दिज कउ दए स्याम दुहूँ मिलि आनंद चित बढाए ॥

dhaan ghane dhij kau dhe sayaam dhuhoo(n) mil aana(n)dh chit baddaae ||

ਆਸਿਖ ਦੇਤ ਭਏ ਦਿਜ ਇਉ ਗ੍ਰਿਹ ਆਇ ਹੋ ਜੀਤਿ ਘਨੇ ਅਰਿ ਘਾਏ ॥੧੦੪੫॥

आसिख देत भए दिज इउ गृह आइ हो जीति घने अरि घाए ॥१०४५॥

aasikh dhet bhe dhij iau gireh aai ho jeet ghane ar ghaae ||1045||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਦੇਖਿ ਚਮੂੰ ਸਭ ਜਾਦਵੀ ਹਰਿ ਜੂ ਅਪੁਨੇ ਸਾਥ ॥

देखि चमूँ सभ जादवी हरि जू अपुने साथ ॥

dhekh chamoo(n) sabh jaadhavee har joo apune saath ||

ਘਨ ਸੁਰ ਸਿਉ ਸੰਗ ਸਾਰਥੀ ਬੋਲਿਯੋ ਸ੍ਰੀ ਬ੍ਰਿਜਨਾਥ ॥੧੦੪੬॥

घन सुर सिउ संग सारथी बोलियो स्री बृजनाथ ॥१०४६॥

ghan sur siau sa(n)g saarathee boliyo sree birajanaath ||1046||


ਕਾਨ੍ਰਹ ਜੂ ਬਾਚ ਦਾਰੁਕ ਸੋ ॥

कान्रह जू बाच दारुक सो ॥

kaanreh joo baach dhaaruk so ||

ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਹਮਰੋ ਰਥ ਦਾਰੁਕ ਤੈ ਕਰਿ ਸਾਜ ਭਲੀ ਬਿਧਿ ਸਿਉ ਅਬ ਤਾ ਰਨ ਕਉ ॥

हमरो रथ दारुक तै करि साज भली बिधि सिउ अब ता रन कउ ॥

hamaro rath dhaaruk tai kar saaj bhalee bidh siau ab taa ran kau ||

ਅਸਿ ਤਾ ਮਹਿ ਚਕ੍ਰ ਗਦਾ ਧਰੀਯੋ ਰਿਪੁ ਕੀ ਧੁਜਨੀ ਸੁ ਬਿਦਾਰਨ ਕਉ ॥

असि ता महि चक्र गदा धरीयो रिपु की धुजनी सु बिदारन कउ ॥

as taa meh chakr gadhaa dhareeyo rip kee dhujanee su bidhaaran kau ||

ਸਬ ਜਾਦਵ ਲੈ ਅਪਨੇ ਸੰਗ ਹਉ ਸੁ ਪਧਾਰਤ ਦੈਤ ਸੰਘਾਰਨ ਕਉ ॥

सब जादव लै अपने संग हउ सु पधारत दैत संघारन कउ ॥

sab jaadhav lai apane sa(n)g hau su padhaarat dhait sa(n)ghaaran kau ||

ਕਿਹ ਹੇਤ ਚਲਿਯੋ ਸੁਨ ਲੈ ਹਮ ਪੈ ਅਪੁਨੇ ਨ੍ਰਿਪ ਕੇ ਦੁਖ ਟਾਰਨ ਕਉ ॥੧੦੪੭॥

किह हेत चलियो सुन लै हम पै अपुने नृप के दुख टारन कउ ॥१०४७॥

keh het chaliyo sun lai ham pai apune nirap ke dhukh Taaran kau ||1047||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਯੌ ਕਹਿ ਕੈ ਗੋਬਿੰਦ ਤਬਿ ਕਟ ਸਿਉ ਕਸਿਯੋ ਨਿਖੰਗ ॥

यौ कहि कै गोबिंद तबि कट सिउ कसियो निखंग ॥

yau keh kai gobi(n)dh tab kaT siau kasiyo nikha(n)g ||

ਹਲ ਮੂਸਲ ਹਲਧਰਿ ਗਹਿਯੋ ਕਛੁ ਜਾਦਵ ਲੈ ਸੰਗਿ ॥੧੦੪੮॥

हल मूसल हलधरि गहियो कछु जादव लै संगि ॥१०४८॥

hal moosal haladhar gahiyo kachh jaadhav lai sa(n)g ||1048||


ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਦੈਤਨ ਮਾਰਨ ਹੇਤ ਚਲੇ ਅਪੁਨੇ ਸੰਗ ਲੈ ਸਭ ਹੀ ਭਟ ਦਾਨੀ ॥

दैतन मारन हेत चले अपुने संग लै सभ ही भट दानी ॥

dhaitan maaran het chale apune sa(n)g lai sabh hee bhaT dhaanee ||

ਸ੍ਰੀ ਬਲਿਭਦ੍ਰਹਿ ਸੰਗ ਲਏ ਜਿਹ ਕੇ ਬਲ ਕੀ ਗਤਿ ਸ੍ਰੀਪਤਿ ਜਾਨੀ ॥

स्री बलिभद्रहि संग लए जिह के बल की गति स्रीपति जानी ॥

sree balibhadhreh sa(n)g le jeh ke bal kee gat sreepat jaanee ||

ਕੋ ਸਮ ਭੀਖਮ ਹੈ ਇਨ ਕੇ ਅਰੁ ਕੋ ਭ੍ਰਿਗੁ ਨੰਦਨੁ ਰਾਵਨੁ ਬਾਨੀ ॥

को सम भीखम है इन के अरु को भृगु नंदनु रावनु बानी ॥

ko sam bheekham hai in ke ar ko bhirag na(n)dhan raavan baanee ||

ਸਤ੍ਰਨ ਕੇ ਬਧ ਕਾਰਨ ਸ੍ਯਾਮ ਚਲੇ ਮੁਸਲੀ ਧਰਿ ਜੂ ਅਭਿਮਾਨੀ ॥੧੦੪੯॥

सत्रन के बध कारन स्याम चले मुसली धरि जू अभिमानी ॥१०४९॥

satran ke badh kaaran sayaam chale musalee dhar joo abhimaanee ||1049||


ਬਾਧਿ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਸਰਾਸਨ ਲੈ ਚੜਿ ਸਯੰਦਨ ਪੈ ਜਦੁਬੀਰ ਸਿਧਾਰੇ ॥

बाधि कृपान सरासन लै चड़ि सयंदन पै जदुबीर सिधारे ॥

baadh kirapaan saraasan lai chaR saya(n)dhan pai jadhubeer sidhaare ||

ਭਾਖਤ ਬੈਨ ਸੁਧਾ ਮੁਖ ਤੇ ਸੁ ਕਹਾ ਹੈ ਸਭੈ ਸੁਤ ਬੰਧ ਹਮਾਰੇ ॥

भाखत बैन सुधा मुख ते सु कहा है सभै सुत बंध हमारे ॥

bhaakhat bain sudhaa mukh te su kahaa hai sabhai sut ba(n)dh hamaare ||

ਸ੍ਰੀ ਪ੍ਰਭ ਪਾਇਨ ਕੇ ਸਬ ਸਾਥ ਸੁ ਯੌ ਕਹਿ ਕੈ ਇਕ ਬੀਰ ਪੁਕਾਰੇ ॥

स्री प्रभ पाइन के सब साथ सु यौ कहि कै इक बीर पुकारे ॥

sree prabh pain ke sab saath su yau keh kai ik beer pukaare ||

ਧਾਇ ਪਰੇ ਅਰਿ ਕੇ ਦਲ ਮੈ ਬਲਿ ਸਿਉ ਬਲਿਦੇਵ ਹਲਾਯੁਧ ਧਾਰੇ ॥੧੦੫੦॥

धाइ परे अरि के दल मै बलि सिउ बलिदेव हलायुध धारे ॥१०५०॥

dhai pare ar ke dhal mai bal siau balidhev halaayudh dhaare ||1050||


ਦੇਖਤ ਹੀ ਅਰਿ ਕੀ ਪਤਨਾ ਹਰਿ ਜੂ ਮਨ ਮੋ ਅਤਿ ਕੋਪ ਭਰੇ ॥

देखत ही अरि की पतना हरि जू मन मो अति कोप भरे ॥

dhekhat hee ar kee patanaa har joo man mo at kop bhare ||

ਸੁ ਧਵਾਇ ਤਹਾ ਰਥੁ ਜਾਇ ਪਰੇ ਧੁਜਨੀ ਪਤ ਤੇ ਨਹੀ ਨੈਕੁ ਡਰੇ ॥

सु धवाइ तहा रथु जाइ परे धुजनी पत ते नही नैकु डरे ॥

s dhavai tahaa rath jai pare dhujanee pat te nahee naik ddare ||

ਸਿਤ ਬਾਨਨ ਸੋ ਗਜ ਬਾਜ ਹਨੇ ਜੋਊ ਸਾਜ ਜਰਾਇਨ ਸਾਥ ਜਰੇ ॥

सित बानन सो गज बाज हने जोऊ साज जराइन साथ जरे ॥

sit baanan so gaj baaj hane jouoo saaj jarain saath jare ||

ਮਨੋ ਇੰਦ੍ਰ ਕੇ ਬਜ੍ਰ ਲਗੇ ਟੁਟ ਕੈ ਧਰਨੀ ਗਿਰ ਸ੍ਰਿੰਗ ਸੁਮੇਰ ਪਰੇ ॥੧੦੫੧॥

मनो इंद्र के बज्र लगे टुट कै धरनी गिर सृंग सुमेर परे ॥१०५१॥

mano i(n)dhr ke bajr lage TuT kai dharanee gir sira(n)g sumer pare ||1051||


ਸ੍ਰੀ ਜਦੁਬੀਰ ਸਰਾਸਨ ਤੇ ਬਹੁ ਤੀਰ ਛੁਟੇ ਛੁਟ ਕੈ ਭਟ ਘਾਏ ॥

स्री जदुबीर सरासन ते बहु तीर छुटे छुट कै भट घाए ॥

sree jadhubeer saraasan te bahu teer chhuTe chhuT kai bhaT ghaae ||

ਪੈਦਲ ਮਾਰਿ ਰਥੀ ਬਿਰਥੀ ਕਰਿ ਸਤ੍ਰ ਘਨੇ ਜਮਲੋਕਿ ਪਠਾਏ ॥

पैदल मारि रथी बिरथी करि सत्र घने जमलोकि पठाए ॥

paidhal maar rathee birathee kar satr ghane jamalok paThaae ||

ਭਾਜਿ ਅਨੇਕ ਗਏ ਰਨ ਤੇ ਜੋਊ ਲਾਜ ਭਰੇ ਹਰਿ ਪੈ ਪੁਨਿ ਆਏ ॥

भाजि अनेक गए रन ते जोऊ लाज भरे हरि पै पुनि आए ॥

bhaaj anek ge ran te jouoo laaj bhare har pai pun aae ||

ਤੇ ਬ੍ਰਿਜਨਾਥ ਕੇ ਹਾਥ ਲਗੇ ਗ੍ਰਿਹ ਕਉ ਫਿਰਿ ਜੀਵਤ ਜਾਨ ਨ ਪਾਏ ॥੧੦੫੨॥

ते बृजनाथ के हाथ लगे गृह कउ फिरि जीवत जान न पाए ॥१०५२॥

te birajanaath ke haath lage gireh kau fir jeevat jaan na paae ||1052||


ਕੋਪ ਭਰੇ ਰਨ ਮੈ ਭਟ ਯੌ ਚਹੂੰ ਓਰਨ ਤੇ ਲਲਕਾਰ ਪਰੇ ॥

कोप भरे रन मै भट यौ चहूँ ओरन ते ललकार परे ॥

kop bhare ran mai bhaT yau chahoo(n) oran te lalakaar pare ||

ਕਰਿ ਚਉਪ ਭਿਰੇ ਅਪਨੇ ਮਨ ਮੈ ਨੰਦ ਨੰਦਨ ਤੇ ਨ ਰਤੀ ਕੁ ਡਰੇ ॥

करि चउप भिरे अपने मन मै नंद नंदन ते न रती कु डरे ॥

kar chaup bhire apane man mai na(n)dh na(n)dhan te na ratee k ddare ||

ਤਬ ਹੀ ਬ੍ਰਿਜਨਾਥ ਸਰਾਸਨ ਲੈ ਛਿਨ ਮੈ ਉਨ ਕੇ ਅਭਿਮਾਨ ਹਰੇ ॥

तब ही बृजनाथ सरासन लै छिन मै उन के अभिमान हरे ॥

tab hee birajanaath saraasan lai chhin mai un ke abhimaan hare ||

ਜੋਊ ਆਵਤ ਭੇ ਧਨ ਬਾਨ ਧਰੇ ਹਰਿ ਜੂ ਸਿਗਰੇ ਬਿਨੁ ਪ੍ਰਾਣ ਕਰੇ ॥੧੦੫੩॥

जोऊ आवत भे धन बान धरे हरि जू सिगरे बिनु प्राण करे ॥१०५३॥

jouoo aavat bhe dhan baan dhare har joo sigare bin praan kare ||1053||


ਕਬਿਤੁ ॥

कबितु ॥

kabit ||

ਸ੍ਰਉਨਤ ਤਰੰਗਨੀ ਉਠਤ ਕੋਪਿ ਬਲ ਬੀਰ ਮਾਰਿ ਮਾਰਿ ਤੀਰ ਰਿਪੁ ਖੰਡ ਕੀਏ ਰਨ ਮੈ ॥

स्रउनत तरंगनी उठत कोपि बल बीर मारि मारि तीर रिपु खंड कीए रन मै ॥

sraunat tara(n)ganee uThat kop bal beer maar maar teer rip kha(n)dd ke'ee ran mai ||

ਬਾਜ ਗਜ ਮਾਰੇ ਰਥੀ ਬ੍ਰਿਥੀ ਕਰਿ ਡਾਰੇ ਕੇਤੇ ਪੈਦਲ ਬਿਦਾਰੇ ਸਿੰਘ ਜੈਸੇ ਮ੍ਰਿਗ ਬਨ ਮੈ ॥

बाज गज मारे रथी बृथी करि डारे केते पैदल बिदारे सिंघ जैसे मृग बन मै ॥

baaj gaj maare rathee birathee kar ddaare kete paidhal bidhaare si(n)gh jaise mirag ban mai ||

ਜੈਸੇ ਸਿਵ ਕੋਪ ਕੈ ਜਗਤ ਜੀਵ ਮਾਰਿ ਪ੍ਰਲੈ ਤੈਸੇ ਹਰਿ ਅਰਿ ਯੌ ਸੰਘਾਰੇ ਆਈ ਮਨ ਮੈ ॥

जैसे सिव कोप कै जगत जीव मारि प्रलै तैसे हरि अरि यौ संघारे आई मन मै ॥

jaise siv kop kai jagat jeev maar pralai taise har ar yau sa(n)ghaare aaiee man mai ||

ਏਕ ਮਾਰਿ ਡਾਰੇ ਏਕ ਘਾਇ ਛਿਤਿ ਪਾਰੇ ਏਕ ਤ੍ਰਸੇ ਏਕ ਹਾਰੇ ਜਾ ਕੇ ਤਾਕਤ ਨ ਤਨ ਮੈ ॥੧੦੫੪॥

एक मारि डारे एक घाइ छिति पारे एक त्रसे एक हारे जा के ताकत न तन मै ॥१०५४॥

ek maar ddaare ek ghai chhit paare ek trase ek haare jaa ke taakat na tan mai ||1054||


ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਬਹੁਰੋ ਘਨਿ ਸ੍ਯਾਮ ਘਨ ਸੁਰ ਕੈ ਬਰਖਿਯੋ ਸਰ ਬੂੰਦਨ ਜਿਉ ਮਗਵਾ ॥

बहुरो घनि स्याम घन सुर कै बरखियो सर बूँदन जिउ मगवा ॥

bahuro ghan sayaam ghan sur kai barakhiyo sar boo(n)dhan jiau magavaa ||

ਚਤੁਰੰਗ ਚਮੂੰ ਹਨਿ ਸ੍ਰਉਨ ਬਹਿਯੋ ਸੁ ਭਇਓ ਰਨ ਈਗਰ ਕੇ ਰੰਗਵਾ ॥

चतुरंग चमूँ हनि स्रउन बहियो सु भइओ रन ईगर के रंगवा ॥

chatura(n)g chamoo(n) han sraun bahiyo su bhio ran ieegar ke ra(n)gavaa ||

ਕਹੂੰ ਮੁੰਡ ਝਰੇ ਰਥ ਪੁੰਜ ਢਰੇ ਗਜ ਸੁੰਡ ਪਰੇ ਕਹੂੰ ਹੈ ਤੰਗਵਾ ॥

कहूँ मुँड झरे रथ पुँज ढरे गज सुँड परे कहूँ है तंगवा ॥

kahoo(n) mu(n)dd jhare rath pu(n)j ddare gaj su(n)dd pare kahoo(n) hai ta(n)gavaa ||

ਜਦੁਬੀਰ ਜੁ ਕੋਪ ਕੈ ਤੀਰ ਹਨੇ ਕਹੂੰ ਬੀਰ ਗਿਰੇ ਸੁ ਕਹੂੰ ਅੰਗਵਾ ॥੧੦੫੫॥

जदुबीर जु कोप कै तीर हने कहूँ बीर गिरे सु कहूँ अंगवा ॥१०५५॥

jadhubeer ju kop kai teer hane kahoo(n) beer gire su kahoo(n) a(n)gavaa ||1055||


ਬਹੁ ਜੂਝਿ ਪਰੇ ਛਿਤ ਪੈ ਭਟ ਯੌ ਅਰਿ ਕੈ ਬਰ ਕੈ ਹਰਿ ਸਿਉ ਲਰਿ ਕੈ ॥

बहु जूझि परे छित पै भट यौ अरि कै बर कै हरि सिउ लरि कै ॥

bahu joojh pare chhit pai bhaT yau ar kai bar kai har siau lar kai ||

ਧਨੁ ਬਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਗਦਾ ਗਹਿ ਪਾਨਿ ਗਿਰੇ ਰਨ ਬੀਚ ਇਤੀ ਕਰਿ ਕੈ ॥

धनु बान कृपान गदा गहि पानि गिरे रन बीच इती करि कै ॥

dhan baan kirapaan gadhaa geh paan gire ran beech itee kar kai ||

ਤਿਹ ਮਾਸ ਗਿਰਾਸ ਮਵਾਸ ਉਦਾਸ ਹੁਇ ਗੀਧ ਸੁ ਮੋਨ ਰਹੀ ਧਰਿ ਕੈ ॥

तिह मास गिरास मवास उदास हुइ गीध सु मोन रही धरि कै ॥

teh maas giraas mavaas udhaas hui geedh su mon rahee dhar kai ||

ਸੁ ਮਨੋ ਬੁਟੀਆ ਬਰ ਬੀਰਨ ਕੀ ਨ ਪਚੀ ਉਰ ਮੈ ਬਰਿ ਕੈ ਫਰਿਕੈ ॥੧੦੫੬॥

सु मनो बुटीआ बर बीरन की न पची उर मै बरि कै फरिकै ॥१०५६॥

s mano buTeeaa bar beeran kee na pachee ur mai bar kai farikai ||1056||


ਅਸਿ ਕੋਪਿ ਹਲਾਯੁਧ ਪਾਨਿ ਲੀਯੋ ਸੁ ਧਸਿਯੋ ਦਲ ਮੈ ਅਤਿ ਰੋਸ ਭਰਿਯੋ ॥

असि कोपि हलायुध पानि लीयो सु धसियो दल मै अति रोस भरियो ॥

as kop halaayudh paan leeyo su dhasiyo dhal mai at ros bhariyo ||

ਬਹੁ ਬੀਰ ਹਨੇ ਰਨ ਭੂਮਿ ਬਿਖੈ ਪ੍ਰਤਨਾਪਤਿ ਤੇ ਨ ਰਤੀ ਕੁ ਡਰਿਯੋ ॥

बहु बीर हने रन भूमि बिखै प्रतनापति ते न रती कु डरियो ॥

bahu beer hane ran bhoom bikhai pratanaapat te na ratee k ddariyo ||

ਗਜ ਬਾਜ ਰਥੀ ਅਰੁ ਪਤਿ ਚਮੂੰ ਹਨਿ ਕੈ ਉਨ ਬੀਰਨ ਤੇਜ ਹਰਿਯੋ ॥

गज बाज रथी अरु पति चमूँ हनि कै उन बीरन तेज हरियो ॥

gaj baaj rathee ar pat chamoo(n) han kai un beeran tej hariyo ||

ਜਿਮ ਤਾਤ ਧਰਾ ਸੁਰਪਤਿ ਲਰਿਯੋ ਹਰਿ ਭ੍ਰਾਤ ਬਲੀ ਇਮ ਜੁਧ ਕਰਿਯੋ ॥੧੦੫੭॥

जिम तात धरा सुरपति लरियो हरि भ्रात बली इम जुध करियो ॥१०५७॥

jim taat dharaa surapat lariyo har bhraat balee im judh kariyo ||1057||


ਜੁਧ ਜੁਰੇ ਜਦੁਰਾਇ ਸਖਾ ਕਿਧੋ ਕ੍ਰੋਧ ਭਰੇ ਦੁਰਜੋਧਨ ਸੋਹੈ ॥

जुध जुरे जदुराइ सखा किधो क्रोध भरे दुरजोधन सोहै ॥

judh jure jadhurai sakhaa kidho krodh bhare dhurajodhan sohai ||

ਭੀਰ ਪਰੇ ਰਨਿ ਰਾਵਨ ਸੋ ਸੁਤ ਰਾਵਨ ਕੋ ਤਿਹ ਕੀ ਸਮ ਕੋ ਹੈ ॥

भीर परे रनि रावन सो सुत रावन को तिह की सम को है ॥

bheer pare ran raavan so sut raavan ko teh kee sam ko hai ||

ਭੀਖਮ ਸੋ ਮਰਬੇ ਕਹੁ ਹੈ ਲਰਿਬੇ ਕਹੁ ਰਾਮ ਬਲੀ ਬਰਿ ਜੋ ਹੈ ॥

भीखम सो मरबे कहु है लरिबे कहु राम बली बरि जो है ॥

bheekham so marabe kahu hai laribe kahu raam balee bar jo hai ||

ਅੰਗਦ ਹੈ ਕਿ ਹਨੂ ਜਮੁ ਹੈ ਕਿ ਭਰਿਯੋ ਬਲਿਭਦ੍ਰ ਭਯਾਨਕ ਰੋਹੈ ॥੧੦੫੮॥

अंगद है कि हनू जमु है कि भरियो बलिभद्र भयानक रोहै ॥१०५८॥

a(n)gadh hai k hanoo jam hai k bhariyo balibhadhr bhayaanak rohai ||1058||


ਦ੍ਰਿੜ ਕੈ ਬਲਿ ਕੋਪਿ ਹਲਾਯੁਧ ਲੈ ਅਰਿ ਕੇ ਦਲ ਭੀਤਰ ਧਾਇ ਗਯੋ ॥

दृड़ कै बलि कोपि हलायुध लै अरि के दल भीतर धाइ गयो ॥

dhiraR kai bal kop halaayudh lai ar ke dhal bheetar dhai gayo ||

ਗਜ ਬਾਜ ਰਥੀ ਬਿਰਥੀ ਕਰਿ ਕੈ ਬਹੁ ਪੈਦਲ ਕੋ ਦਲੁ ਕੋਪਿ ਛਯੋ ॥

गज बाज रथी बिरथी करि कै बहु पैदल को दलु कोपि छयो ॥

gaj baaj rathee birathee kar kai bahu paidhal ko dhal kop chhayo ||

ਕਲਿ ਨਾਰਦ ਭੂਤ ਪਿਸਾਚ ਘਨੇ ਸਿਵ ਰੀਝ ਰਹਿਯੋ ਰਨ ਦੇਖਿ ਨਯੋ ॥

कलि नारद भूत पिसाच घने सिव रीझ रहियो रन देखि नयो ॥

kal naaradh bhoot pisaach ghane siv reejh rahiyo ran dhekh nayo ||

ਅਰਿ ਯੌ ਸਟਕੇ ਮ੍ਰਿਗ ਕੇ ਗਨ ਜ੍ਯੋ ਮੁਸਲੀਧਰਿ ਮਾਨਹੁ ਸਿੰਘ ਭਯੋ ॥੧੦੫੯॥

अरि यौ सटके मृग के गन ज्यो मुसलीधरि मानहु सिंघ भयो ॥१०५९॥

ar yau saTake mirag ke gan jayo musaleedhar maanahu si(n)gh bhayo ||1059||


ਇਕ ਓਰਿ ਹਲਾਯੁਧ ਜੁਧ ਕਰੈ ਇਕ ਓਰਿ ਗੋਬਿੰਦਹ ਖਗ ਸੰਭਾਰਿਯੋ ॥

इक ओरि हलायुध जुध करै इक ओरि गोबिंदह खग संभारियो ॥

eik or halaayudh judh karai ik or gobi(n)dheh khag sa(n)bhaariyo ||

ਬਾਜ ਰਥੀ ਗਜਪਤਿ ਹਨੇ ਅਤਿ ਰੋਸ ਭਰੇ ਦਲ ਕੋ ਲਲਕਾਰਿਯੋ ॥

बाज रथी गजपति हने अति रोस भरे दल को ललकारियो ॥

baaj rathee gajapat hane at ros bhare dhal ko lalakaariyo ||

ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਗਦਾ ਗਹਿ ਸ੍ਰੀ ਹਰਿ ਸੈਥਨ ਸਿਉ ਅਰਿ ਪੁੰਜ ਬਿਡਾਰਿਯੋ ॥

बान कमान गदा गहि स्री हरि सैथन सिउ अरि पुँज बिडारियो ॥

baan kamaan gadhaa geh sree har saithan siau ar pu(n)j biddaariyo ||

ਮਾਰੁਤ ਹ੍ਵੈ ਘਨ ਸ੍ਯਾਮ ਕਿਧੋ ਉਮਡਿਯੋ ਦਲ ਪਾਵਸ ਮੇਘ ਨਿਵਾਰਿਯੋ ॥੧੦੬੦॥

मारुत ह्वै घन स्याम किधो उमडियो दल पावस मेघ निवारियो ॥१०६०॥

maarut havai ghan sayaam kidho umaddiyo dhal paavas megh nivaariyo ||1060||


ਸ੍ਰੀ ਨੰਦ ਲਾਲ ਸਦਾ ਰਿਪੁ ਘਾਲ ਕਰਾਲ ਬਿਸਾਲ ਸਬੈ ਧਨੁ ਲੀਨੋ ॥

स्री नंद लाल सदा रिपु घाल कराल बिसाल सबै धनु लीनो ॥

sree na(n)dh laal sadhaa rip ghaal karaal bisaal sabai dhan leeno ||

ਇਉ ਸਰ ਜਾਲ ਚਲੇ ਤਿਹ ਕਾਲ ਤਬੈ ਅਰਿ ਸਾਲ ਰਿਸੈ ਇਹ ਕੀਨੋ ॥

इउ सर जाल चले तिह काल तबै अरि साल रिसै इह कीनो ॥

eiau sar jaal chale teh kaal tabai ar saal risai ieh keeno ||

ਘਾਇਨ ਸੰਗਿ ਗਿਰੀ ਚਤੁਰੰਗ ਚਮੂੰ ਸਭ ਕੋ ਤਨ ਸ੍ਰਉਨਤ ਭੀਨੋ ॥

घाइन संगि गिरी चतुरंग चमूँ सभ को तन स्रउनत भीनो ॥

ghain sa(n)g giree chatura(n)g chamoo(n) sabh ko tan sraunat bheeno ||

ਮਾਨਹੁ ਪੰਦ੍ਰਸਵੋ ਬਿਧ ਨੇ ਸੁ ਰਚਿਯੋ ਰੰਗ ਆਰੁਨ ਲੋਕ ਨਵੀਨੋ ॥੧੦੬੧॥

मानहु पंद्रसवो बिध ने सु रचियो रंग आरुन लोक नवीनो ॥१०६१॥

maanahu pa(n)dhrasavo bidh ne su rachiyo ra(n)g aarun lok naveeno ||1061||


ਬ੍ਰਿਜਭੂਖਨ ਦੂਖਨ ਦੈਤਨ ਕੇ ਰਿਪੁ ਸਾਥ ਰਿਸੈ ਅਤਿ ਮਾਨ ਭਰਿਯੋ ॥

बृजभूखन दूखन दैतन के रिपु साथ रिसै अति मान भरियो ॥

birajabhookhan dhookhan dhaitan ke rip saath risai at maan bhariyo ||

ਸੁ ਧਵਾਇ ਤਹਾ ਰਥ ਜਾਇ ਪਰਿਯੋ ਲਖਿ ਦਾਨਵ ਸੈਨ ਨ ਨੈਕੁ ਡਰਿਯੋ ॥

सु धवाइ तहा रथ जाइ परियो लखि दानव सैन न नैकु डरियो ॥

s dhavai tahaa rath jai pariyo lakh dhaanav sain na naik ddariyo ||

ਧਨੁ ਬਾਨ ਸੰਭਾਰਿ ਅਯੋਧਨ ਮੈ ਹਰਿ ਕੇਹਰਿ ਕੀ ਬਿਧਿ ਜਿਉ ਬਿਚਰਿਯੋ ॥

धनु बान संभारि अयोधन मै हरि केहरि की बिधि जिउ बिचरियो ॥

dhan baan sa(n)bhaar ayodhan mai har kehar kee bidh jiau bichariyo ||

ਭੁਜ ਦੰਡ ਅਦੰਡਨ ਖੰਡਨ ਕੈ ਰਿਸ ਕੈ ਦਲ ਖੰਡਨਿ ਖੰਡ ਕਰਿਯੋ ॥੧੦੬੨॥

भुज दंड अदंडन खंडन कै रिस कै दल खंडनि खंड करियो ॥१०६२॥

bhuj dha(n)dd adha(n)ddan kha(n)ddan kai ris kai dhal kha(n)ddan kha(n)dd kariyo ||1062||


ਮਧੁਸੂਦਨ ਬੀਚ ਅਯੋਧਨ ਕੇ ਬਹੁਰੋ ਕਰ ਮੈ ਧਨੁ ਬਾਨ ਲਯੋ ॥

मधुसूदन बीच अयोधन के बहुरो कर मै धनु बान लयो ॥

madhusoodhan beech ayodhan ke bahuro kar mai dhan baan layo ||

ਸੁ ਨਿਸੰਕ ਤਬੈ ਰਨ ਬੀਚ ਪਰਿਯੋ ਅਰਿ ਕੋ ਬਰ ਕੈ ਹਨਿ ਸੈਨ ਦਯੋ ॥

सु निसंक तबै रन बीच परियो अरि को बर कै हनि सैन दयो ॥

s nisa(n)k tabai ran beech pariyo ar ko bar kai han sain dhayo ||

ਧਨੁ ਸੋ ਜਿਮ ਤੂਲਿ ਧੁਨੈ ਧੁਨੀਯਾ ਦਲ ਤ੍ਰਯੋ ਸਿਤ ਬਾਨਨ ਸੋ ਧੁਨਿਯੋ ॥

धनु सो जिम तूलि धुनै धुनीया दल त्रयो सित बानन सो धुनियो ॥

dhan so jim tool dhunai dhuneeyaa dhal trayo sit baanan so dhuniyo ||

ਬਹੁ ਸ੍ਰਉਨ ਪ੍ਰਵਾਹ ਬਹਿਯੋ ਰਨ ਮੈ ਤਿਹ ਠਾ ਮਨੋ ਆਠਵੋ ਸਿੰਧੁ ਭਯੋ ॥੧੦੬੩॥

बहु स्रउन प्रवाह बहियो रन मै तिह ठा मनो आठवो सिंधु भयो ॥१०६३॥

bahu sraun pravaeh bahiyo ran mai teh Thaa mano aaThavo si(n)dh bhayo ||1063||


ਇਤ ਤੇ ਹਰਿ ਕੀ ਉਮਡੀ ਪ੍ਰਤਨਾ ਉਤ ਤੇ ਉਮਡਿਯੋ ਨ੍ਰਿਪ ਲੈ ਬਲ ਸੰਗਾ ॥

इत ते हरि की उमडी प्रतना उत ते उमडियो नृप लै बल संगा ॥

eit te har kee umaddee pratanaa ut te umaddiyo nirap lai bal sa(n)gaa ||

ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਲੈ ਪਾਨਿ ਭਿਰੇ ਕਟਿ ਗੇ ਭਟਿ ਅੰਗ ਪ੍ਰਤੰਗਾ ॥

बान कमान कृपान लै पानि भिरे कटि गे भटि अंग प्रतंगा ॥

baan kamaan kirapaan lai paan bhire kaT ge bhaT a(n)g prata(n)gaa ||

ਪਤਿ ਗਿਰੇ ਗਜਿ ਬਾਜ ਕਹੂੰ ਕਹੂੰ ਬੀਰ ਗਿਰੇ ਤਿਨ ਕੇ ਕਹੂੰ ਅੰਗਾ ॥

पति गिरे गजि बाज कहूँ कहूँ बीर गिरे तिन के कहूँ अंगा ॥

pat gire gaj baaj kahoo(n) kahoo(n) beer gire tin ke kahoo(n) a(n)gaa ||

ਐਸੇ ਗਏ ਮਿਲਿ ਆਪਸਿ ਮੈ ਦਲ ਜੈਸੇ ਮਿਲੇ ਜਮੁਨਾ ਅਰੁ ਗੰਗਾ ॥੧੦੬੪॥

ऐसे गए मिलि आपसि मै दल जैसे मिले जमुना अरु गंगा ॥१०६४॥

aaise ge mil aapas mai dhal jaise mile jamunaa ar ga(n)gaa ||1064||


ਸ੍ਵਾਮਿ ਕੇ ਕਾਜ ਕਉ ਲਾਜ ਭਰੇ ਦੁਹੂੰ ਓਰਨ ਤੇ ਭਟ ਯੌ ਉਮਗੇ ਹੈ ॥

स्वामि के काज कउ लाज भरे दुहूँ ओरन ते भट यौ उमगे है ॥

savaiaam ke kaaj kau laaj bhare dhuhoo(n) oran te bhaT yau umage hai ||

ਜੁਧੁ ਕਰਿਯੋ ਰਨ ਕੋਪਿ ਦੁਹੂੰ ਰਸ ਰੁਦ੍ਰ ਹੀ ਕੇ ਪੁਨਿ ਸੰਗ ਪਗੇ ਹੈ ॥

जुधु करियो रन कोपि दुहूँ रस रुद्र ही के पुनि संग पगे है ॥

judh kariyo ran kop dhuhoo(n) ras rudhr hee ke pun sa(n)g page hai ||

ਜੂਝਿ ਪਰੇ ਸਮੁਹੇ ਲਰਿ ਕੈ ਰਨ ਕੀ ਛਿਤ ਤੇ ਨਹੀ ਪੈਗ ਭਗੇ ਹੈ ॥

जूझि परे समुहे लरि कै रन की छित ते नही पैग भगे है ॥

joojh pare samuhe lar kai ran kee chhit te nahee paig bhage hai ||

ਉਜਲ ਗਾਤ ਮੈ ਸਾਗ ਲਗੀ ਮਨੋ ਚੰਦਨ ਰੂਖ ਮੈ ਨਾਗ ਲਗੇ ਹੈ ॥੧੦੬੫॥

उजल गात मै साग लगी मनो चंदन रूख मै नाग लगे है ॥१०६५॥

aujal gaat mai saag lagee mano cha(n)dhan rookh mai naag lage hai ||1065||


ਜੁਧੁ ਕਰਿਯੋ ਰਿਸ ਆਪਸਿ ਮੈ ਦੁਹੂੰ ਓਰਨ ਤੇ ਨਹੀ ਕੋਊ ਟਰੇ ॥

जुधु करियो रिस आपसि मै दुहूँ ओरन ते नही कोऊ टरे ॥

judh kariyo ris aapas mai dhuhoo(n) oran te nahee kouoo Tare ||

ਬਰਛੀ ਗਹਿ ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਗਦਾ ਅਸਿ ਲੈ ਕਰ ਮੈ ਇਹ ਭਾਤਿ ਟਰੇ ॥

बरछी गहि बान कमान गदा असि लै कर मै इह भाति टरे ॥

barachhee geh baan kamaan gadhaa as lai kar mai ieh bhaat Tare ||

ਕੋਊ ਜੂਝਿ ਗਿਰੇ ਕੋਊ ਰੀਝਿ ਭਿਰੇ ਛਿਤਿ ਦੇਖਿ ਡਰੇ ਕੋਊ ਧਾਇ ਪਰੇ ॥

कोऊ जूझि गिरे कोऊ रीझि भिरे छिति देखि डरे कोऊ धाइ परे ॥

kouoo joojh gire kouoo reejh bhire chhit dhekh ddare kouoo dhai pare ||

ਮਨਿ ਯੌ ਉਪਜੀ ਉਪਮਾ ਰਨ ਦੀਪ ਕੇ ਊਪਰ ਆਇ ਪਤੰਗ ਜਰੇ ॥੧੦੬੬॥

मनि यौ उपजी उपमा रन दीप के ऊपर आइ पतंग जरे ॥१०६६॥

man yau upajee upamaa ran dheep ke uoopar aai pata(n)g jare ||1066||


ਪ੍ਰਿਥਮੇ ਸੰਗਿ ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਭਿਰਿਯੋ ਬਰਛੀ ਬਰ ਲੈ ਪੁਨਿ ਭ੍ਰਾਤ ਮੁਰਾਰੀ ॥

पृथमे संगि बान कमान भिरियो बरछी बर लै पुनि भ्रात मुरारी ॥

pirathame sa(n)g baan kamaan bhiriyo barachhee bar lai pun bhraat muraaree ||

ਫੇਰਿ ਲਰਿਯੋ ਅਸਿ ਲੈ ਕਰ ਮੈ ਧਸ ਕੈ ਰਿਪੁ ਕੀ ਬਹੁ ਸੈਨ ਸੰਘਾਰੀ ॥

फेरि लरियो असि लै कर मै धस कै रिपु की बहु सैन संघारी ॥

fer lariyo as lai kar mai dhas kai rip kee bahu sain sa(n)ghaaree ||

ਫੇਰਿ ਗਦਾ ਗਹਿ ਕੈ ਸੁ ਹਤੇ ਬਹੁਰੋ ਜੁ ਹੁਤੇ ਗਹਿ ਪਾਨਿ ਕਟਾਰੀ ॥

फेरि गदा गहि कै सु हते बहुरो जु हुते गहि पानि कटारी ॥

fer gadhaa geh kai su hate bahuro ju hute geh paan kaTaaree ||

ਐਚਤ ਯੌ ਹਲ ਸੋ ਦਲ ਕੋ ਜਿਮ ਖੈਚਤ ਦੁਇ ਕਰਿ ਝੀਵਰ ਜਾਰੀ ॥੧੦੬੭॥

ऐचत यौ हल सो दल को जिम खैचत दुइ करि झीवर जारी ॥१०६७॥

aaichat yau hal so dhal ko jim khaichat dhui kar jheevar jaaree ||1067||


ਜੋ ਭਟ ਸਾਮੁਹੇ ਆਇ ਅਰਿਯੋ ਬਰ ਕੈ ਹਰਿ ਜੂ ਸੋਊ ਮਾਰਿ ਗਿਰਾਯੋ ॥

जो भट सामुहे आइ अरियो बर कै हरि जू सोऊ मारि गिरायो ॥

jo bhaT saamuhe aai ariyo bar kai har joo souoo maar giraayo ||

ਲਾਜ ਭਰੇ ਜੋਊ ਜੋਰਿ ਭਿਰੇ ਤਿਨ ਤੇ ਕੋਊ ਜੀਵਤ ਜਾਨ ਨ ਪਾਯੋ ॥

लाज भरे जोऊ जोरि भिरे तिन ते कोऊ जीवत जान न पायो ॥

laaj bhare jouoo jor bhire tin te kouoo jeevat jaan na paayo ||

ਪੈਠਿ ਤਬੈ ਪ੍ਰਤਨਾ ਅਰਿ ਕੀ ਮਧਿ ਸ੍ਯਾਮ ਘਨੋ ਪੁਨਿ ਜੁਧੁ ਮਚਾਯੋ ॥

पैठि तबै प्रतना अरि की मधि स्याम घनो पुनि जुधु मचायो ॥

paiTh tabai pratanaa ar kee madh sayaam ghano pun judh machaayo ||

ਸ੍ਰੀ ਬਲਬੀਰ ਸੁ ਧੀਰ ਗਹਿਯੋ ਰਿਪੁ ਕੋ ਸਬ ਹੀ ਦਲੁ ਮਾਰਿ ਭਗਾਯੋ ॥੧੦੬੮॥

स्री बलबीर सु धीर गहियो रिपु को सब ही दलु मारि भगायो ॥१०६८॥

sree balabeer su dheer gahiyo rip ko sab hee dhal maar bhagaayo ||1068||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਭਗੀ ਚਮੂੰ ਚਤੁਰੰਗਨੀ ਨ੍ਰਿਪਤਿ ਨਿਹਾਰੀ ਨੈਨ ॥

भगी चमूँ चतुरंगनी नृपति निहारी नैन ॥

bhagee chamoo(n) chatura(n)ganee nirapat nihaaree nain ||

ਨਿਕਟਿ ਬਿਕਟਿ ਭਟ ਜੋ ਹੁਤੇ ਤਿਨ ਪ੍ਰਤਿ ਬੋਲਿਯੋ ਬੈਨ ॥੧੦੬੯॥

निकटि बिकटि भट जो हुते तिन प्रति बोलियो बैन ॥१०६९॥

nikaT bikaT bhaT jo hute tin prat boliyo bain ||1069||


ਨ੍ਰਿਪ ਜਰਾਸੰਧਿ ਬਾਚ ਸੈਨਾ ਪ੍ਰਤਿ ॥

नृप जरासंधि बाच सैना प्रति ॥

nirap jaraasa(n)dh baach sainaa prat ||

ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਜੁਧ ਕਰੈ ਘਨਿ ਸ੍ਯਾਮ ਜਹਾ ਤੁਮ ਹੂੰ ਦਲੁ ਲੈ ਉਨ ਓਰਿ ਸਿਧਾਰੋ ॥

जुध करै घनि स्याम जहा तुम हूँ दलु लै उन ओरि सिधारो ॥

judh karai ghan sayaam jahaa tum hoo(n) dhal lai un or sidhaaro ||

ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਗਦਾ ਕਰਿ ਲੈ ਜਦੁਬੀਰ ਕੋ ਦੇਹ ਪ੍ਰਹਾਰੋ ॥

बान कमान कृपान गदा करि लै जदुबीर को देह प्रहारो ॥

baan kamaan kirapaan gadhaa kar lai jadhubeer ko dheh prahaaro ||

ਜਾਇ ਨ ਜੀਵਤ ਜਾਦਵ ਕੋ ਤਿਨ ਕੋ ਰਨ ਭੂਮਿ ਮੈ ਜਾਇ ਸੰਘਾਰੋ ॥

जाइ न जीवत जादव को तिन को रन भूमि मै जाइ संघारो ॥

jai na jeevat jaadhav ko tin ko ran bhoom mai jai sa(n)ghaaro ||

ਯੌ ਜਬ ਬੈਨ ਕਹੈ ਨ੍ਰਿਪ ਸੈਨ ਚਲੀ ਚਤੁਰੰਗ ਜਹਾ ਰਨ ਭਾਰੋ ॥੧੦੭੦॥

यौ जब बैन कहै नृप सैन चली चतुरंग जहा रन भारो ॥१०७०॥

yau jab bain kahai nirap sain chalee chatura(n)g jahaa ran bhaaro ||1070||


ਆਇਸ ਪਾਵਤ ਹੀ ਨ੍ਰਿਪ ਕੋ ਘਨ ਜਿਉ ਉਮਡੇ ਭਟ ਓਘ ਘਟਾ ਘਟ ॥

आइस पावत ही नृप को घन जिउ उमडे भट ओघ घटा घट ॥

aais paavat hee nirap ko ghan jiau umadde bhaT ogh ghaTaa ghaT ||

ਬਾਨਨ ਬੂੰਦਨ ਜਿਉ ਬਰਖੇ ਚਪਲਾ ਅਸਿ ਕੀ ਧੁਨਿ ਹੋਤ ਸਟਾ ਸਟ ॥

बानन बूँदन जिउ बरखे चपला असि की धुनि होत सटा सट ॥

baanan boo(n)dhan jiau barakhe chapalaa as kee dhun hot saTaa saT ||

ਭੂਮਿ ਪਰੇ ਇਕ ਸਾਸ ਭਰੇ ਇਕ ਜੂਝਿ ਮਰੇ ਰਨਿ ਅੰਗ ਕਟਾ ਕਟ ॥

भूमि परे इक सास भरे इक जूझि मरे रनि अंग कटा कट ॥

bhoom pare ik saas bhare ik joojh mare ran a(n)g kaTaa kaT ||

ਘਾਇਲ ਏਕ ਪਰੇ ਰਨ ਮੈ ਮੁਖ ਮਾਰ ਹੀ ਮਾਰ ਪੁਕਾਰਿ ਰਟਾ ਰਟ ॥੧੦੭੧॥

घाइल एक परे रन मै मुख मार ही मार पुकारि रटा रट ॥१०७१॥

ghail ek pare ran mai mukh maar hee maar pukaar raTaa raT ||1071||


ਜਦੁਬੀਰ ਸਰਾਸਨ ਲੈ ਕਰਿ ਮੈ ਰਿਪੁ ਬੀਰ ਜਿਤੇ ਰਨ ਮਾਝਿ ਸੰਘਾਰੇ ॥

जदुबीर सरासन लै करि मै रिपु बीर जिते रन माझि संघारे ॥

jadhubeer saraasan lai kar mai rip beer jite ran maajh sa(n)ghaare ||

ਮਤਿ ਕਰੀ ਬਰ ਬਾਜ ਹਨੇ ਰਥ ਕਾਟਿ ਰਥੀ ਬਿਰਥੀ ਕਰਿ ਡਾਰੇ ॥

मति करी बर बाज हने रथ काटि रथी बिरथी करि डारे ॥

mat karee bar baaj hane rath kaaT rathee birathee kar ddaare ||

ਘਾਇਲ ਦੇਖ ਕੈ ਕਾਇਰ ਜੇ ਡਰੁ ਮਾਨਿ ਰਨੇ ਛਿਤਿ ਤ੍ਯਾਗਿ ਸਿਧਾਰੇ ॥

घाइल देख कै काइर जे डरु मानि रने छिति त्यागि सिधारे ॥

ghail dhekh kai kair je ddar maan rane chhit tayaag sidhaare ||

ਸ੍ਰੀ ਹਰਿ ਪੁੰਨ ਕੇ ਅਗ੍ਰਜ ਮਾਨਹੁ ਪਾਪਨ ਕੇ ਬਹੁ ਪੁੰਜ ਪਧਾਰੇ ॥੧੦੭੨॥

स्री हरि पुँन के अग्रज मानहु पापन के बहु पुँज पधारे ॥१०७२॥

sree har pu(n)n ke agraj maanahu paapan ke bahu pu(n)j padhaare ||1072||


ਸੀਸ ਕਟੇ ਕਿਤਨੇ ਰਨ ਮੈ ਮੁਖ ਤੇ ਤੇਊ ਮਾਰ ਹੀ ਮਾਰ ਪੁਕਾਰੈ ॥

सीस कटे कितने रन मै मुख ते तेऊ मार ही मार पुकारै ॥

sees kaTe kitane ran mai mukh te teuoo maar hee maar pukaarai ||

ਦਉਰਤ ਬੀਚ ਕਬੰਧ ਫਿਰੈ ਜਹ ਸ੍ਯਾਮ ਲਰੈ ਤਿਹ ਓਰਿ ਪਧਾਰੈ ॥

दउरत बीच कबंध फिरै जह स्याम लरै तिह ओरि पधारै ॥

dhaurat beech kaba(n)dh firai jeh sayaam larai teh or padhaarai ||

ਜੋ ਭਟ ਆਇ ਭਿਰੈ ਇਨ ਸੋ ਤਿਨ ਕਉ ਹਰਿ ਜਾਨ ਕੈ ਘਾਇ ਪ੍ਰਹਾਰੈ ॥

जो भट आइ भिरै इन सो तिन कउ हरि जान कै घाइ प्रहारै ॥

jo bhaT aai bhirai in so tin kau har jaan kai ghai prahaarai ||

ਜੋ ਗਿਰਿ ਭੂਮਿ ਪਰੈ ਮਰ ਕੈ ਕਰ ਤੇ ਕਰਵਾਰ ਨ ਭੂ ਪਰ ਡਾਰੈ ॥੧੦੭੩॥

जो गिरि भूमि परै मर कै कर ते करवार न भू पर डारै ॥१०७३॥

jo gir bhoom parai mar kai kar te karavaar na bhoo par ddaarai ||1073||


ਕਬਿਤੁ ॥

कबितु ॥

kabit ||

ਕੋਪ ਅਤਿ ਭਰੇ ਰਨ ਭੂਮਿ ਤੇ ਨ ਟਰੇ ਦੋਊ ਰੀਝਿ ਰੀਝਿ ਲਰੇ ਦਲ ਦੁੰਦਭੀ ਬਜਾਇ ਕੈ ॥

कोप अति भरे रन भूमि ते न टरे दोऊ रीझि रीझि लरे दल दुँदभी बजाइ कै ॥

kop at bhare ran bhoom te na Tare dhouoo reejh reejh lare dhal dhu(n)dhabhee bajai kai ||

ਦੇਵ ਦੇਖੈ ਖਰੇ ਗਨ ਜਛ ਜਸੁ ਰਰੇ ਨਭ ਤੇ ਪੁਹਪ ਢਰੇ ਮੇਘ ਬੂੰਦਨ ਜਿਉ ਆਇ ਕੈ ॥

देव देखै खरे गन जछ जसु ररे नभ ते पुहप ढरे मेघ बूँदन जिउ आइ कै ॥

dhev dhekhai khare gan jachh jas rare nabh te puhap ddare megh boo(n)dhan jiau aai kai ||

ਕੇਤੇ ਜੂਝਿ ਮਰੇ ਕੇਤੇ ਅਪਛਰਨ ਬਰੇ ਕੇਤੇ ਗੀਧਨਨ ਚਰੇ ਕੇਤੇ ਗਿਰੇ ਘਾਇ ਖਾਇ ਕੈ ॥

केते जूझि मरे केते अपछरन बरे केते गीधनन चरे केते गिरे घाइ खाइ कै ॥

kete joojh mare kete apachharan bare kete geedhanan chare kete gire ghai khai kai ||

ਕੇਹਰਿ ਜਿਉ ਅਰੇ ਕੇਤੇ ਖੇਤ ਦੇਖਿ ਡਰੇ ਕੇਤੇ ਲਾਜ ਭਾਰਿ ਭਰੇ ਦਉਰਿ ਪਰੇ ਅਰਿਰਾਇ ਕੈ ॥੧੦੭੪॥

केहरि जिउ अरे केते खेत देखि डरे केते लाज भारि भरे दउरि परे अरिराइ कै ॥१०७४॥

kehar jiau are kete khet dhekh ddare kete laaj bhaar bhare dhaur pare arirai kai ||1074||


ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਭੂਮਿ ਗਿਰੇ ਭਟ ਘਾਇਲ ਹੁਇ ਉਠ ਕੈ ਫਿਰਿ ਜੁਧ ਕੇ ਕਾਜ ਪਧਾਰੇ ॥

भूमि गिरे भट घाइल हुइ उठ कै फिरि जुध के काज पधारे ॥

bhoom gire bhaT ghail hui uTh kai fir judh ke kaaj padhaare ||

ਸ੍ਯਾਮ ਕਹਾ ਦੁਰ ਕੈ ਜੁ ਰਹੇ ਅਤਿ ਕੋਪ ਭਰੇ ਇਹ ਭਾਤਿ ਪੁਕਾਰੇ ॥

स्याम कहा दुर कै जु रहे अति कोप भरे इह भाति पुकारे ॥

sayaam kahaa dhur kai ju rahe at kop bhare ieh bhaat pukaare ||

ਯੌ ਉਨ ਕੈ ਮੁਖ ਤੇ ਸੁਨਿ ਬੈਨ ਭਯੋ ਹਰਿ ਸਾਮੁਹਿ ਖਗ ਸੰਭਾਰੇ ॥

यौ उन कै मुख ते सुनि बैन भयो हरि सामुहि खग संभारे ॥

yau un kai mukh te sun bain bhayo har saamuh khag sa(n)bhaare ||

ਦਉਰ ਕੈ ਸੀਸ ਕਟੇ ਨ ਹਟੇ ਰਿਸ ਕੈ ਬਲਿਬੀਰ ਕੀ ਓਰਿ ਸਿਧਾਰੇ ॥੧੦੭੫॥

दउर कै सीस कटे न हटे रिस कै बलिबीर की ओरि सिधारे ॥१०७५॥

dhaur kai sees kaTe na haTe ris kai balibeer kee or sidhaare ||1075||


ਮਾਰ ਹੀ ਮਾਰ ਪੁਕਾਰ ਤਬੈ ਰਨ ਮੈ ਅਸਿ ਲੈ ਲਲਕਾਰ ਪਰੇ ॥

मार ही मार पुकार तबै रन मै असि लै ललकार परे ॥

maar hee maar pukaar tabai ran mai as lai lalakaar pare ||

ਹਰਿ ਰਾਮ ਕੋ ਘੇਰਿ ਲਯੋ ਚਹੁੰ ਓਰ ਤੈ ਮਲਹਿ ਕੀ ਪਿਰ ਸੋਭ ਧਰੇ ॥

हरि राम को घेरि लयो चहुँ ओर तै मलहि की पिर सोभ धरे ॥

har raam ko gher layo chahu(n) or tai maleh kee pir sobh dhare ||

ਧਨੁ ਬਾਨ ਜਬੈ ਕਰਿ ਸ੍ਯਾਮ ਲਯੋ ਲਖਿ ਕਾਤੁਰ ਖੇਤ ਹੂੰ ਤੇ ਬਿਡਰੇ ॥

धनु बान जबै करि स्याम लयो लखि कातुर खेत हूँ ते बिडरे ॥

dhan baan jabai kar sayaam layo lakh kaatur khet hoo(n) te biddare ||

ਰੰਗ ਭੂਮਿ ਕੋ ਮਾਨੋ ਉਝਾਰ ਭਯੋ ਚਲੇ ਕਉਤੁਕ ਦੇਖਨਹਾਰ ਘਰੇ ॥੧੦੭੬॥

रंग भूमि को मानो उझार भयो चले कउतुक देखनहार घरे ॥१०७६॥

ra(n)g bhoom ko maano ujhaar bhayo chale kautuk dhekhanahaar ghare ||1076||


ਜੇ ਭਟ ਲੈ ਅਸਿ ਹਾਥਨ ਮੈ ਅਤਿ ਕੋਪ ਭਰੇ ਹਰਿ ਊਪਰ ਧਾਵੈ ॥

जे भट लै असि हाथन मै अति कोप भरे हरि ऊपर धावै ॥

je bhaT lai as haathan mai at kop bhare har uoopar dhaavai ||

ਕਉਤਕ ਸੋ ਦਿਖ ਕੈ ਸਿਵ ਕੇ ਗਨ ਆਨੰਦ ਸੋ ਮਿਲਿ ਮੰਗਲ ਗਾਵੈ ॥

कउतक सो दिख कै सिव के गन आनंद सो मिलि मंगल गावै ॥

kautak so dhikh kai siv ke gan aana(n)dh so mil ma(n)gal gaavai ||

ਕੋਊ ਕਹੈ ਹਰਿ ਜੂ ਜਿਤ ਹੈ ਕੋਊ ਇਉ ਕਹਿ ਏ ਜਿਤ ਹੈ ਬਹਸਾਵੈ ॥

कोऊ कहै हरि जू जित है कोऊ इउ कहि ए जित है बहसावै ॥

kouoo kahai har joo jit hai kouoo iau keh e jit hai bahasaavai ||

ਰਾਰਿ ਕਰੈ ਤਬ ਲਉ ਜਬ ਲਉ ਉਨ ਕਉ ਹਰਿ ਮਾਰਿ ਨ ਭੂਮਿ ਗਿਰਾਵੈ ॥੧੦੭੭॥

रारि करै तब लउ जब लउ उन कउ हरि मारि न भूमि गिरावै ॥१०७७॥

raar karai tab lau jab lau un kau har maar na bhoom giraavai ||1077||


ਕਬਿਤੁ ॥

कबितु ॥

kabit ||

ਬਡੇ ਈ ਬਨੈਤ ਬੀਰ ਸਬੈ ਪਖਰੈਤ ਗਜ ਦਲ ਸੋ ਅਰੈਤ ਧਾਏ ਤੁਰੰਗਨ ਨਚਾਇ ਕੈ ॥

बडे ई बनैत बीर सबै पखरैत गज दल सो अरैत धाए तुरंगन नचाइ कै ॥

badde iee banait beer sabai pakharait gaj dhal so arait dhaae tura(n)gan nachai kai ||

ਜੁਧ ਮੈ ਅਡੋਲ ਸ੍ਵਾਮ ਕਾਰਜੀ ਅਮੋਲ ਅਤਿ ਗੋਲ ਤੇ ਨਿਕਸਿ ਲਰੇ ਦੁੰਦਭਿ ਬਜਾਇ ਕੈ ॥

जुध मै अडोल स्वाम कारजी अमोल अति गोल ते निकसि लरे दुँदभि बजाइ कै ॥

judh mai addol savaiaam kaarajee amol at gol te nikas lare dhu(n)dhabh bajai kai ||

ਸੈਥਨ ਸੰਭਾਰ ਕੈ ਨਿਕਾਰ ਕੈ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਮਾਰ ਮਾਰ ਹੀ ਉਚਾਰਿ ਐਸੇ ਪਰੇ ਰਨਿ ਆਇ ਕੈ ॥

सैथन संभार कै निकार कै कृपान मार मार ही उचारि ऐसे परे रनि आइ कै ॥

saithan sa(n)bhaar kai nikaar kai kirapaan maar maar hee uchaar aaise pare ran aai kai ||

ਹਰਿ ਜੂ ਸੋ ਲਰੇ ਤੇ ਵੈ ਠਉਰ ਤੇ ਨ ਟਰੇ ਗਿਰ ਭੂਮਿ ਹੂੰ ਮੈ ਪਰੇ ਉਠਿ ਅਰੇ ਘਾਇ ਖਾਇ ਕੈ ॥੧੦੭੮॥

हरि जू सो लरे ते वै ठउर ते न टरे गिर भूमि हूँ मै परे उठि अरे घाइ खाइ कै ॥१०७८॥

har joo so lare te vai Thaur te na Tare gir bhoom hoo(n) mai pare uTh are ghai khai kai ||1078||


ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਕੋਪ ਭਰੇ ਅਰਰਾਇ ਪਰੇ ਨ ਡਰੇ ਹਰਿ ਸਿਉ ਹਥਿਯਾਰ ਕਰੇ ਹੈ ॥

कोप भरे अरराइ परे न डरे हरि सिउ हथियार करे है ॥

kop bhare ararai pare na ddare har siau hathiyaar kare hai ||

ਘਾਇ ਭਰੇ ਬਹੁ ਸ੍ਰਉਨ ਝਰੇ ਅਸਿ ਪਾਨਿ ਧਰੇ ਬਲ ਕੈ ਜੁ ਅਰੇ ਹੈ ॥

घाइ भरे बहु स्रउन झरे असि पानि धरे बल कै जु अरे है ॥

ghai bhare bahu sraun jhare as paan dhare bal kai ju are hai ||

ਮੂਸਲ ਲੈ ਬਲਦੇਵ ਤਬੈ ਸਬੈ ਚਾਵਰ ਜਿਉ ਰਨ ਮਾਹਿ ਛਰੇ ਹੈ ॥

मूसल लै बलदेव तबै सबै चावर जिउ रन माहि छरे है ॥

moosal lai baladhev tabai sabai chaavar jiau ran maeh chhare hai ||

ਫੇਰਿ ਪ੍ਰਹਾਰ ਕੀਯੋ ਹਲ ਸੋ ਮਰਿ ਭੂਮਿ ਗਿਰੇ ਨਹੀ ਸਾਸ ਭਰੇ ਹੈ ॥੧੦੭੯॥

फेरि प्रहार कीयो हल सो मरि भूमि गिरे नही सास भरे है ॥१०७९॥

fer prahaar keeyo hal so mar bhoom gire nahee saas bhare hai ||1079||


ਸ੍ਰੀ ਜਦੁਬੀਰ ਕੇ ਬੀਰ ਜਿਤੇ ਅਸਿ ਹਾਥਨ ਲੈ ਅਰਿ ਊਪਰਿ ਧਾਏ ॥

स्री जदुबीर के बीर जिते असि हाथन लै अरि ऊपरि धाए ॥

sree jadhubeer ke beer jite as haathan lai ar uoopar dhaae ||

ਜੁਧ ਕਰਿਯੋ ਕਤਿ ਕੋਪੁ ਦੁਹੂੰ ਦਿਸਿ ਜੰਬੁਕ ਜੋਗਿਨ ਗ੍ਰਿਝ ਅਘਾਏ ॥

जुध करियो कति कोपु दुहूँ दिसि जंबुक जोगिन गृझ अघाए ॥

judh kariyo kat kop dhuhoo(n) dhis ja(n)buk jogin girajh aghaae ||

ਬੀਰ ਗਿਰੇ ਦੁਹੂੰ ਓਰਨ ਕੇ ਗਹਿ ਫੇਟ ਕਟਾਰਿਨ ਸਿਉ ਲਰਿ ਘਾਏ ॥

बीर गिरे दुहूँ ओरन के गहि फेट कटारिन सिउ लरि घाए ॥

beer gire dhuhoo(n) oran ke geh feT kaTaarin siau lar ghaae ||

ਕਉਤਕ ਦੇਖ ਕੈ ਦੇਵ ਕਹੈ ਧੰਨ ਵੇ ਜਨਨੀ ਜਿਨ ਏ ਸੁਤ ਜਾਏ ॥੧੦੮੦॥

कउतक देख कै देव कहै धंन वे जननी जिन ए सुत जाए ॥१०८०॥

kautak dhekh kai dhev kahai dha(n)n ve jananee jin e sut jaae ||1080||


ਅਉਰ ਜਿਤੇ ਬਰਬੀਰ ਹੁਤੇ ਅਤਿ ਰੋਸ ਭਰੇ ਰਨ ਭੂਮਹਿ ਆਏ ॥

अउर जिते बरबीर हुते अति रोस भरे रन भूमहि आए ॥

aaur jite barabeer hute at ros bhare ran bhoomeh aae ||

ਜਾਦਵ ਸੈਨ ਚਲੀ ਇਤ ਤੇ ਤਿਨ ਹੂੰ ਮਿਲ ਕੈ ਅਤਿ ਜੁਧੁ ਮਚਾਏ ॥

जादव सैन चली इत ते तिन हूँ मिल कै अति जुधु मचाए ॥

jaadhav sain chalee it te tin hoo(n) mil kai at judh machaae ||

ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਗਦਾ ਬਰਛੇ ਬਹੁ ਆਪਸ ਬੀਚ ਚਲਾਏ ॥

बान कमान कृपान गदा बरछे बहु आपस बीच चलाए ॥

baan kamaan kirapaan gadhaa barachhe bahu aapas beech chalaae ||

ਭੇਦ ਚਮੂੰ ਜਦੁ ਬੀਰਨ ਕੀ ਸਭ ਹੀ ਜਦੁਰਾਇ ਕੇ ਊਪਰ ਧਾਏ ॥੧੦੮੧॥

भेद चमूँ जदु बीरन की सभ ही जदुराइ के ऊपर धाए ॥१०८१॥

bhedh chamoo(n) jadh beeran kee sabh hee jadhurai ke uoopar dhaae ||1081||


ਚਕ੍ਰ ਤ੍ਰਿਸੂਲ ਗਦਾ ਗਹਿ ਬੀਰ ਕਰੰ ਧਰ ਕੈ ਅਸਿ ਅਉਰ ਕਟਾਰੀ ॥

चक्र तृसूल गदा गहि बीर करं धर कै असि अउर कटारी ॥

chakr tirasool gadhaa geh beer kara(n) dhar kai as aaur kaTaaree ||

ਮਾਰ ਹੀ ਮਾਰ ਪੁਕਾਰਿ ਪਰੇ ਲਰੇ ਘਾਇ ਕਰੇ ਨ ਟਰੇ ਬਲ ਭਾਰੀ ॥

मार ही मार पुकारि परे लरे घाइ करे न टरे बल भारी ॥

maar hee maar pukaar pare lare ghai kare na Tare bal bhaaree ||

ਸ੍ਯਾਮ ਬਿਦਾਰ ਦਈ ਧੁਜਨੀ ਤਿਹ ਕੀ ਉਪਮਾ ਇਹ ਭਾਤਿ ਬਿਚਾਰੀ ॥

स्याम बिदार दई धुजनी तिह की उपमा इह भाति बिचारी ॥

sayaam bidhaar dhiee dhujanee teh kee upamaa ieh bhaat bichaaree ||

ਮਾਨਹੁ ਖੇਤ ਸਰੋਵਰ ਮੈ ਧਸਿ ਕੈ ਗਜਿ ਬਾਰਜ ਬ੍ਰਯੂਹ ਬਿਡਾਰੀ ॥੧੦੮੨॥

मानहु खेत सरोवर मै धसि कै गजि बारज ब्रयूह बिडारी ॥१०८२॥

maanahu khet sarovar mai dhas kai gaj baaraj brayooh biddaaree ||1082||


ਸ੍ਰੀ ਜਦੁਨਾਥ ਕੇ ਬਾਨਨ ਅਗ੍ਰ ਡਰੈ ਅਰਿ ਇਉ ਕਿਹੂੰ ਧੀਰ ਧਰਿਯੋ ਨਾ ॥

स्री जदुनाथ के बानन अग्र डरै अरि इउ किहूँ धीर धरियो ना ॥

sree jadhunaath ke baanan agr ddarai ar iau kihoo(n) dheer dhariyo naa ||

ਬੀਰ ਸਬੈ ਹਟ ਕੇ ਠਟਕੇ ਭਟਕੇ ਰਨ ਭੀਤਰ ਜੁਧ ਕਰਿਯੋ ਨਾ ॥

बीर सबै हट के ठटके भटके रन भीतर जुध करियो ना ॥

beer sabai haT ke ThaTake bhaTake ran bheetar judh kariyo naa ||

ਮੂਸਲ ਅਉ ਹਲ ਪਾਨਿ ਲਯੋ ਬਲਿ ਪੇਖਿ ਭਜੇ ਦਲ ਕੋਊ ਅਰਿਯੋ ਨਾ ॥

मूसल अउ हल पानि लयो बलि पेखि भजे दल कोऊ अरियो ना ॥

moosal aau hal paan layo bal pekh bhaje dhal kouoo ariyo naa ||

ਜਿਉ ਮ੍ਰਿਗ ਕੇ ਗਨ ਛਾਡਿ ਚਲੈ ਬਨ ਡੀਠ ਪਰਿਯੋ ਮ੍ਰਿਗਰਾਜ ਕੋ ਛਉਨਾ ॥੧੦੮੩॥

जिउ मृग के गन छाडि चलै बन डीठ परियो मृगराज को छउना ॥१०८३॥

jiau mirag ke gan chhaadd chalai ban ddeeTh pariyo miragaraaj ko chhaunaa ||1083||


ਭਾਗਿ ਤਬੈ ਸਭ ਹੀ ਰਨ ਤੇ ਗਿਰਤੇ ਪਰਤੇ ਨ੍ਰਿਪ ਤੀਰ ਪੁਕਾਰੇ ॥

भागि तबै सभ ही रन ते गिरते परते नृप तीर पुकारे ॥

bhaag tabai sabh hee ran te girate parate nirap teer pukaare ||

ਤੇਰੇ ਹੀ ਜੀਵਤ ਹੇ ਪ੍ਰਭ ਜੂ ਸਿਗਰੇ ਰਿਸ ਕੈ ਬਲ ਸ੍ਯਾਮ ਸੰਘਾਰੇ ॥

तेरे ही जीवत हे प्रभ जू सिगरे रिस कै बल स्याम संघारे ॥

tere hee jeevat he prabh joo sigare ris kai bal sayaam sa(n)ghaare ||

ਮਾਰੇ ਅਨੇਕ ਨ ਏਕ ਬਚਿਯੋ ਬਹੁ ਬੀਰ ਗਿਰੇ ਰਨ ਭੂਮਿ ਮਝਾਰੇ ॥

मारे अनेक न एक बचियो बहु बीर गिरे रन भूमि मझारे ॥

maare anek na ek bachiyo bahu beer gire ran bhoom majhaare ||

ਤਾ ਤੇ ਸੁਨੋ ਬਿਨਤੀ ਹਮਰੀ ਉਨ ਜੀਤ ਭਈ ਤੁਮਰੇ ਦਲ ਹਾਰੇ ॥੧੦੮੪॥

ता ते सुनो बिनती हमरी उन जीत भई तुमरे दल हारे ॥१०८४॥

taa te suno binatee hamaree un jeet bhiee tumare dhal haare ||1084||


ਕੋਪ ਕਰਿਯੋ ਤਬ ਸੰਧਿ ਜਰਾ ਅਰਿ ਮਾਰਨ ਕਉ ਬਹੁ ਬੀਰ ਬੁਲਾਏ ॥

कोप करियो तब संधि जरा अरि मारन कउ बहु बीर बुलाए ॥

kop kariyo tab sa(n)dh jaraa ar maaran kau bahu beer bulaae ||

ਆਇਸ ਪਾਵਤ ਹੀ ਨ੍ਰਿਪ ਕੈ ਮਿਲਿ ਕੈ ਹਰਿ ਕੇ ਬਧਬੇ ਕਹੁ ਧਾਏ ॥

आइस पावत ही नृप कै मिलि कै हरि के बधबे कहु धाए ॥

aais paavat hee nirap kai mil kai har ke badhabe kahu dhaae ||

ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਗਦਾ ਗਹਿ ਕੈ ਉਮਡੇ ਘਨ ਜਿਉ ਘਨ ਸ੍ਯਾਮ ਪੈ ਆਏ ॥

बान कमान गदा गहि कै उमडे घन जिउ घन स्याम पै आए ॥

baan kamaan gadhaa geh kai umadde ghan jiau ghan sayaam pai aae ||

ਆਇ ਪਰੇ ਹਰਿ ਊਪਰ ਸੋ ਮਿਲਿ ਕੈ ਬਗ ਮੇਲਿ ਤੁਰੰਗ ਉਠਾਏ ॥੧੦੮੫॥

आइ परे हरि ऊपर सो मिलि कै बग मेलि तुरंग उठाए ॥१०८५॥

aai pare har uoopar so mil kai bag mel tura(n)g uThaae ||1085||


ਰੋਸ ਭਰੇ ਮਿਲਿ ਆਨਿ ਪਰੇ ਹਰਿ ਕਉ ਲਲਕਾਰ ਕੇ ਜੁਧ ਮਚਾਯੋ ॥

रोस भरे मिलि आनि परे हरि कउ ललकार के जुध मचायो ॥

ros bhare mil aan pare har kau lalakaar ke judh machaayo ||

ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਗਦਾ ਗਹਿ ਯੌ ਤਿਨ ਸਾਰ ਸੋ ਸਾਰ ਬਜਾਯੋ ॥

बान कमान कृपान गदा गहि यौ तिन सार सो सार बजायो ॥

baan kamaan kirapaan gadhaa geh yau tin saar so saar bajaayo ||

ਘਾਇਲ ਆਪ ਭਏ ਭਟ ਸੋ ਅਰੁ ਸਸਤ੍ਰਨ ਸੋ ਹਰਿ ਕੋ ਤਨੁ ਘਾਯੋ ॥

घाइल आप भए भट सो अरु ससत्रन सो हरि को तनु घायो ॥

ghail aap bhe bhaT so ar sasatran so har ko tan ghaayo ||

ਦਉਰ ਪਰੇ ਹਲ ਮੂਸਲ ਲੈ ਬਲਿ ਬੈਰਨ ਕੋ ਦਲੁ ਮਾਰਿ ਗਿਰਾਯੋ ॥੧੦੮੬॥

दउर परे हल मूसल लै बलि बैरन को दलु मारि गिरायो ॥१०८६॥

dhaur pare hal moosal lai bal bairan ko dhal maar giraayo ||1086||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਜੂਝ ਪਰੈ ਜੇ ਨ੍ਰਿਪ ਬਲੀ ਹਰਿ ਸਿਉ ਜੁਧੁ ਮਚਾਇ ॥

जूझ परै जे नृप बली हरि सिउ जुधु मचाइ ॥

joojh parai je nirap balee har siau judh machai ||

ਤਿਨ ਬੀਰਨ ਕੇ ਨਾਮ ਸਬ ਸੋ ਕਬਿ ਕਹਤ ਸੁਨਾਇ ॥੧੦੮੭॥

तिन बीरन के नाम सब सो कबि कहत सुनाइ ॥१०८७॥

tin beeran ke naam sab so kab kahat sunai ||1087||


ਸਵੈਯਾ ॥

सवैया ॥

savaiyaa ||

ਸ੍ਰੀ ਨਰ ਸਿੰਘ ਬਲੀ ਗਜ ਸਿੰਘ ਚਲਿਯੋ ਧਨ ਸਿੰਘ ਸਰਾਸਨ ਲੈ ॥

स्री नर सिंघ बली गज सिंघ चलियो धन सिंघ सरासन लै ॥

sree nar si(n)gh balee gaj si(n)gh chaliyo dhan si(n)gh saraasan lai ||

ਹਰੀ ਸਿੰਘ ਬਡੋ ਰਨ ਸਿੰਘ ਨਰੇਸ ਤਹਾ ਕੋ ਚਲਿਯੋ ਦਿਜ ਕੋ ਧਨ ਦੈ ॥

हरी सिंघ बडो रन सिंघ नरेस तहा को चलियो दिज को धन दै ॥

haree si(n)gh baddo ran si(n)gh nares tahaa ko chaliyo dhij ko dhan dhai ||

ਜਦੁਬੀਰ ਸੋ ਜਾਇ ਕੈ ਜੁਧ ਕਰਿਯੋ ਬਹੁਬੀਰ ਚਮੂੰ ਸੁ ਘਨੀ ਹਨਿ ਕੈ ॥

जदुबीर सो जाइ कै जुध करियो बहुबीर चमूँ सु घनी हनि कै ॥

jadhubeer so jai kai judh kariyo bahubeer chamoo(n) su ghanee han kai ||

ਹਰਿ ਊਪਰਿ ਬਾਨ ਅਨੇਕ ਹਨੇ ਇਹ ਭਾਤਿ ਕਹਿਯੋ ਹਮਰੀ ਰਨਿ ਜੈ ॥੧੦੮੮॥

हरि ऊपरि बान अनेक हने इह भाति कहियो हमरी रनि जै ॥१०८८॥

har uoopar baan anek hane ieh bhaat kahiyo hamaree ran jai ||1088||


ਹੋਇ ਇਕਤ੍ਰ ਇਤੇ ਨ੍ਰਿਪ ਯੌ ਹਰਿ ਊਪਰ ਬਾਨ ਚਲਾਵਨ ਲਾਗੇ ॥

होइ इकत्र इते नृप यौ हरि ऊपर बान चलावन लागे ॥

hoi ikatr ite nirap yau har uoopar baan chalaavan laage ||

ਕੋਪ ਕੈ ਜੁਧ ਕਰਿਯੋ ਤਿਨ ਹੂੰ ਬ੍ਰਿਜਨਾਇਕ ਤੇ ਪਗ ਦੁਇ ਕਰਿ ਆਗੇ ॥

कोप कै जुध करियो तिन हूँ बृजनाइक ते पग दुइ करि आगे ॥

kop kai judh kariyo tin hoo(n) birajanaik te pag dhui kar aage ||

ਜੀਵ ਕੀ ਆਸ ਕਉ ਤ੍ਯਾਗਿ ਤਬੈ ਸਬ ਹੀ ਰਸ ਰੁਦ੍ਰ ਬਿਖੈ ਅਨੁਰਾਗੇ ॥

जीव की आस कउ त्यागि तबै सब ही रस रुद्र बिखै अनुरागे ॥

jeev kee aas kau tayaag tabai sab hee ras rudhr bikhai anuraage ||

ਚੀਰ ਧਰੇ ਸਿਤ ਆਏ ਹੁਤੇ ਛਿਨ ਬੀਚ ਭਏ ਸਭ ਆਰੁਨ ਬਾਗੇ ॥੧੦੮੯॥

चीर धरे सित आए हुते छिन बीच भए सभ आरुन बागे ॥१०८९॥

cheer dhare sit aae hute chhin beech bhe sabh aarun baage ||1089||


ਜੁਧ ਕਰਿਯੋ ਤਿਨ ਬੀਰਨ ਸ੍ਯਾਮ ਸੋ ਪਾਰਥ ਜ੍ਯੋ ਰਿਸ ਕੈ ਕਰਨੈ ਸੇ ॥

जुध करियो तिन बीरन स्याम सो पारथ ज्यो रिस कै करनै से ॥

judh kariyo tin beeran sayaam so paarath jayo ris kai karanai se ||

ਕੋਪ ਭਰਿਯੋ ਬਹੁ ਸੈਨ ਹਨੀ ਬਲਿਭਦ੍ਰ ਅਰਿਯੋ ਰਨ ਭੂ ਮਧਿ ਐਸੇ ॥

कोप भरियो बहु सैन हनी बलिभद्र अरियो रन भू मधि ऐसे ॥

kop bhariyo bahu sain hanee balibhadhr ariyo ran bhoo madh aaise ||

ਬੀਰ ਫਿਰੈ ਕਰਿ ਸਾਗਨਿ ਲੈ ਤਿਹ ਘੇਰਿ ਲਯੋ ਬਲਦੇਵਹਿ ਕੈਸੇ ॥

बीर फिरै करि सागनि लै तिह घेरि लयो बलदेवहि कैसे ॥

beer firai kar saagan lai teh gher layo baladheveh kaise ||

ਜੋਰਿ ਸੋ ਸਾਕਰਿ ਤੋਰਿ ਘਿਰਿਯੋ ਮਦ ਮਤ ਕਰੀ ਗਢਦਾਰਨ ਜੈਸੇ ॥੧੦੯੦॥

जोरि सो साकरि तोरि घिरियो मद मत करी गढदारन जैसे ॥१०९०॥

jor so saakar tor ghiriyo madh mat karee gaddadhaaran jaise ||1090||


ਰਨਭੂਮਿ ਮੈ ਜੁਧ ਭਯੋ ਅਤਿ ਹੀ ਤਤਕਾਲ ਮਰੇ ਰਿਪੁ ਆਏ ਹੈ ਜੋਊ ॥

रनभूमि मै जुध भयो अति ही ततकाल मरे रिपु आए है जोऊ ॥

ranabhoom mai judh bhayo at hee tatakaal mare rip aae hai jouoo ||

ਜੁਧ ਕਰਿਯੋ ਘਨਿ ਸ੍ਯਾਮ ਘਨੋ ਉਤ ਕੋਪ ਭਰੇ ਮਨ ਮੈ ਭਟ ਓਊ ॥

जुध करियो घनि स्याम घनो उत कोप भरे मन मै भट ओऊ ॥

judh kariyo ghan sayaam ghano ut kop bhare man mai bhaT ouoo ||

ਸ੍ਰੀ ਨਰਸਿੰਘ ਜੂ ਬਾਨ ਹਨ੍ਯੋ ਹਰਿ ਕੋ ਜਿਹ ਕੀ ਸਮ ਅਉਰ ਨ ਕੋਊ ॥

स्री नरसिंघ जू बान हन्यो हरि को जिह की सम अउर न कोऊ ॥

sree narasi(n)gh joo baan hanayo har ko jeh kee sam aaur na kouoo ||

ਯੌ ਉਪਮਾ ਉਪਜੀ ਜੀਯ ਮੈ ਜਿਵ ਸੋਵਤ ਸਿੰਘ ਜਗਾਵਤ ਕੋਊ ॥੧੦੯੧॥

यौ उपमा उपजी जीय मै जिव सोवत सिंघ जगावत कोऊ ॥१०९१॥

yau upamaa upajee jeey mai jiv sovat si(n)gh jagaavat kouoo ||1091||


ਸ੍ਯਾਮ ਕੇ ਬਾਨ ਲਗਿਯੋ ਉਰ ਮੈ ਗਡ ਕੈ ਸੋਊ ਪੰਖਨ ਲਉ ਸੁ ਗਯੋ ਹੈ ॥

स्याम के बान लगियो उर मै गड कै सोऊ पंखन लउ सु गयो है ॥

sayaam ke baan lagiyo ur mai gadd kai souoo pa(n)khan lau su gayo hai ||

ਸ੍ਰਉਨ ਕੇ ਸੰਗਿ ਭਰਿਯੋ ਸਰ ਅੰਗ ਬਿਲੋਕਿ ਤਬੈ ਹਰਿ ਕੋਪ ਭਯੋ ਹੈ ॥

स्रउन के संगि भरियो सर अंग बिलोकि तबै हरि कोप भयो है ॥

sraun ke sa(n)g bhariyo sar a(n)g bilok tabai har kop bhayo hai ||

ਤਾ ਛਬਿ ਕੋ ਜਸੁ ਉਚ ਮਹਾ ਕਬਿ ਨੇ ਕਹਿ ਕੈ ਇਹ ਭਾਤ ਦਯੋ ਹੈ ॥

ता छबि को जसु उच महा कबि ने कहि कै इह भात दयो है ॥

taa chhab ko jas uch mahaa kab ne keh kai ieh bhaat dhayo hai ||

ਮਾਨਹੁ ਤਛਕ ਕੋ ਲਰਿਕਾ ਖਗਰਾਜ ਲਖਿਯੋ ਗਹਿ ਨੀਲ ਲਯੋ ਹੈ ॥੧੦੯੨॥

मानहु तछक को लरिका खगराज लखियो गहि नील लयो है ॥१०९२॥

maanahu tachhak ko larikaa khagaraaj lakhiyo geh neel layo hai ||1092||


ਸ੍ਰੀ ਬ੍ਰਿਜਨਾਥ ਸਰਾਸਨ ਲੈ ਰਿਸ ਕੈ ਸਰੁ ਰਾਜਨ ਬੀਚ ਕਸਾ ॥

स्री बृजनाथ सरासन लै रिस कै सरु राजन बीच कसा ॥

sree birajanaath saraasan lai ris kai sar raajan beech kasaa ||

ਗਜ ਸਿੰਘ ਕੋ ਬਾਨ ਅਚਾਨ ਹਨ੍ਯੋ ਗਿਰ ਭੂਮਿ ਪਰਿਯੋ ਜਨ ਸਾਪ ਡਸਾ ॥

गज सिंघ को बान अचान हन्यो गिर भूमि परियो जन साप डसा ॥

gaj si(n)gh ko baan achaan hanayo gir bhoom pariyo jan saap ddasaa ||

ਹਰਿ ਸਿੰਘ ਜੁ ਠਾਢੋ ਹੁਤੋ ਤਿਹ ਪੈ ਸੋਊ ਭਾਜ ਗਯੋ ਤਿਹ ਪੇਖਿ ਦਸਾ ॥

हरि सिंघ जु ठाढो हुतो तिह पै सोऊ भाज गयो तिह पेखि दसा ॥

har si(n)gh ju Thaaddo huto teh pai souoo bhaaj gayo teh pekh dhasaa ||

ਮਨੋ ਸਿੰਘ ਕੋ ਰੂਪ ਨਿਹਾਰਤ ਹੀ ਨ ਟਿਕਿਯੋ ਜੁ ਚਲਿਯੋ ਸਟਕਾਇ ਸਸਾ ॥੧੦੯੩॥

मनो सिंघ को रूप निहारत ही न टिकियो जु चलियो सटकाइ ससा ॥१०९३॥

mano si(n)gh ko roop nihaarat hee na Tikiyo ju chaliyo saTakai sasaa ||1093||


ਹਰਿ ਸਿੰਘ ਜਬੈ ਤਜਿ ਖੇਤ ਚਲਿਯੋ ਰਨ ਸਿੰਘ ਉਠਿਯੋ ਪੁਨਿ ਕੋਪ ਭਰਿਯੋ ॥

हरि सिंघ जबै तजि खेत चलियो रन सिंघ उठियो पुनि कोप भरियो ॥

har si(n)gh jabai taj khet chaliyo ran si(n)gh uThiyo pun kop bhariyo ||

ਧਨੁ ਬਾਨ ਸੰਭਾਰ ਕੈ ਪਾਨਿ ਲਯੋ ਬਹੁਰੋ ਬਲਿ ਕੋ ਰਨਿ ਜੁਧੁ ਕਰਿਯੋ ॥

धनु बान संभार कै पानि लयो बहुरो बलि को रनि जुधु करियो ॥

dhan baan sa(n)bhaar kai paan layo bahuro bal ko ran judh kariyo ||

ਉਨ ਹੂੰ ਪੁਨਿ ਬੀਚ ਅਯੋਧਨ ਕੇ ਹਰਿ ਕੋ ਲਲਕਾਰ ਕੈ ਇਉ ਉਚਰਿਯੋ ॥

उन हूँ पुनि बीच अयोधन के हरि को ललकार कै इउ उचरियो ॥

aun hoo(n) pun beech ayodhan ke har ko lalakaar kai iau uchariyo ||

ਅਬ ਜਾਤ ਕਹਾ ਥਿਰੁ ਹੋਹੁ ਘਰੀ ਹਮਰੇ ਅਸਿ ਕਾਲ ਕੇ ਹਾਥ ਪਰਿਯੋ ॥੧੦੯੪॥

अब जात कहा थिरु होहु घरी हमरे असि काल के हाथ परियो ॥१०९४॥

ab jaat kahaa thir hoh gharee hamare as kaal ke haath pariyo ||1094||


ਇਹ ਭਾਤਿ ਕਹਿਯੋ ਰਨ ਸਿੰਘ ਜਬੈ ਹਰਿ ਸਿੰਘ ਤਬੈ ਸੁਨਿ ਕੈ ਮੁਸਕਾਨ੍ਰਯੋ ॥

इह भाति कहियो रन सिंघ जबै हरि सिंघ तबै सुनि कै मुसकान्रयो ॥

eeh bhaat kahiyo ran si(n)gh jabai har si(n)gh tabai sun kai musakaanrayo ||

ਆਇ ਅਰਿਯੋ ਹਰਿ ਸਿਉ ਧਨੁ ਲੈ ਰਨ ਕੀ ਛਿਤ ਤੇ ਨਹੀ ਪੈਗ ਪਰਾਨ੍ਰਯੋ ॥

आइ अरियो हरि सिउ धनु लै रन की छित ते नही पैग परान्रयो ॥

aai ariyo har siau dhan lai ran kee chhit te nahee paig paraanrayo ||

ਕੋਪ ਕੈ ਬਾਤ ਕਹੀ ਜਦੁਬੀਰ ਸੋ ਮੈ ਇਹ ਲਛਨ ਤੇ ਪਹਚਾਨ੍ਯੋ ॥

कोप कै बात कही जदुबीर सो मै इह लछन ते पहचान्यो ॥

kop kai baat kahee jadhubeer so mai ieh lachhan te pahachaanayo ||

ਆਇ ਕੈ ਜੁਧ ਕੀਓ ਹਮ ਸੋ ਸੁ ਭਲੀ ਬਿਧਿ ਕਾਲ ਕੇ ਹਾਥ ਬਿਕਾਨ੍ਰਯੋ ॥੧੦੯੫॥

आइ कै जुध कीओ हम सो सु भली बिधि काल के हाथ बिकान्रयो ॥१०९५॥

aai kai judh keeo ham so su bhalee bidh kaal ke haath bikaanrayo ||1095||


ਯੌ ਸੁਨ ਕੈ ਬਤੀਆ ਤਿਹ ਕੀ ਹਰਿ ਜੂ ਧਨੁ ਲੈ ਕਰ ਮੈ ਮੁਸਕ੍ਰਯੋ ਹੈ ॥

यौ सुन कै बतीआ तिह की हरि जू धनु लै कर मै मुसक्रयो है ॥

yau sun kai bateeaa teh kee har joo dhan lai kar mai musakrayo hai ||

ਦੀਰਘੁ ਗਾਤ ਲਖਿਯੋ ਤਬ ਹੀ ਸਰ ਛਾਡਿ ਦਯੋ ਅਰ ਸੀਸ ਤਕ੍ਰਯੋ ਹੈ ॥

दीरघु गात लखियो तब ही सर छाडि दयो अर सीस तक्रयो है ॥

dheeragh gaat lakhiyo tab hee sar chhaadd dhayo ar sees takrayo hai ||

ਬਾਨ ਲਗਿਯੋ ਹਰਿ ਸਿੰਘ ਤਬੈ ਸਿਰ ਟੂਟਿ ਪਰਿਯੋ ਧਰ ਠਾਢੋ ਰਹਿਯੋ ਹੈ ॥

बान लगियो हरि सिंघ तबै सिर टूटि परियो धर ठाढो रहियो है ॥

baan lagiyo har si(n)gh tabai sir TooT pariyo dhar Thaaddo rahiyo hai ||

ਮੇਰੁ ਕੇ ਸ੍ਰਿੰਗਹੁ ਤੇ ਉਤਰਿਯੋ ਸੁ ਮਨੋ ਰਵਿ ਅਸਤ ਕੋ ਪ੍ਰਾਤਿ ਭਯੋ ਹੈ ॥੧੦੯੬॥

मेरु के सृंगहु ते उतरियो सु मनो रवि असत को प्राति भयो है ॥१०९६॥

mer ke sira(n)gahu te utariyo su mano rav asat ko praat bhayo hai ||1096||


ਮਾਰ ਲਯੋ ਹਰਿ ਸਿੰਘ ਜਬੈ ਰਨ ਸਿੰਘ ਤਬੈ ਹਰਿ ਊਪਰਿ ਧਾਯੋ ॥

मार लयो हरि सिंघ जबै रन सिंघ तबै हरि ऊपरि धायो ॥

maar layo har si(n)gh jabai ran si(n)gh tabai har uoopar dhaayo ||

ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਗਦਾ ਗਹਿ ਕੈ ਕਰ ਮੈ ਅਤਿ ਜੁਧ ਮਚਾਯੋ ॥

बान कमान कृपान गदा गहि कै कर मै अति जुध मचायो ॥

baan kamaan kirapaan gadhaa geh kai kar mai at judh machaayo ||

ਕੌਚ ਸਜੇ ਨਿਜ ਅੰਗ ਮਹਾ ਲਖਿ ਕੈ ਕਬਿ ਨੇ ਇਹ ਬਾਤ ਸੁਨਾਯੋ ॥

कौच सजे निज अंग महा लखि कै कबि ने इह बात सुनायो ॥

kauach saje nij a(n)g mahaa lakh kai kab ne ieh baat sunaayo ||

ਮਾਨਹੁ ਮਤ ਕਰੀ ਬਨ ਮੈ ਰਿਸ ਕੈ ਮ੍ਰਿਗਰਾਜ ਕੇ ਊਪਰ ਆਯੋ ॥੧੦੯੭॥

मानहु मत करी बन मै रिस कै मृगराज के ऊपर आयो ॥१०९७॥

maanahu mat karee ban mai ris kai miragaraaj ke uoopar aayo ||1097||


ਆਇ ਕੇ ਸ੍ਯਾਮ ਸੋ ਜੁਧੁ ਕਰਿਯੋ ਰਨ ਕੀ ਛਿਤਿ ਤੇ ਪਗੁ ਏਕ ਨ ਭਾਗਿਯੋ ॥

आइ के स्याम सो जुधु करियो रन की छिति ते पगु एक न भागियो ॥

aai ke sayaam so judh kariyo ran kee chhit te pag ek na bhaagiyo ||

ਫੇਰਿ ਗਦਾ ਗਹਿ ਕੈ ਕਰ ਮੈ ਬ੍ਰਿਜਭੂਖਨ ਕੋ ਤਨੁ ਤਾੜਨ ਲਾਗਿਯੋ ॥

फेरि गदा गहि कै कर मै बृजभूखन को तनु ताड़न लागियो ॥

fer gadhaa geh kai kar mai birajabhookhan ko tan taaRan laagiyo ||

ਸੋ ਮਧਸੂਦਨ ਜੂ ਲਖਿਯੋ ਰਸ ਰੁਦ੍ਰ ਬਿਖੈ ਅਤਿ ਇਹ ਪਾਗਿਯੋ ॥

सो मधसूदन जू लखियो रस रुद्र बिखै अति इह पागियो ॥

so madhasoodhan joo lakhiyo ras rudhr bikhai at ieh paagiyo ||

ਸ੍ਰੀ ਹਰਿ ਚਕ੍ਰ ਲਯੋ ਕਰ ਮੈ ਭੂਅ ਬਕ੍ਰ ਕਰੀ ਰਿਸ ਸੋ ਅਨੁਰਾਗਿਯੋ ॥੧੦੯੮॥

स्री हरि चक्र लयो कर मै भूअ बक्र करी रिस सो अनुरागियो ॥१०९८॥

sree har chakr layo kar mai bhooa bakr karee ris so anuraagiyo ||1098||


ਲੈ ਬਰਛੀ ਰਨ ਸਿੰਘ ਤਬੈ ਜਦੁਬੀਰ ਕੇ ਮਾਰਨ ਕਾਜ ਚਲਾਈ ॥

लै बरछी रन सिंघ तबै जदुबीर के मारन काज चलाई ॥

lai barachhee ran si(n)gh tabai jadhubeer ke maaran kaaj chalaiee ||

ਜਾਇ ਲਗੀ ਹਰਿ ਕੋ ਅਨਚੇਤ ਦਈ ਭੁਜ ਫੋਰ ਕੈ ਪਾਰਿ ਦਿਖਾਈ ॥

जाइ लगी हरि को अनचेत दई भुज फोर कै पारि दिखाई ॥

jai lagee har ko anachet dhiee bhuj for kai paar dhikhaiee ||

ਲਾਗ ਰਹੀ ਪ੍ਰਭ ਕੇ ਤਨ ਸਿਉ ਉਪਮਾ ਤਿਹ ਕੀ ਕਬਿ ਭਾਖਿ ਸੁਨਾਈ ॥

लाग रही प्रभ के तन सिउ उपमा तिह की कबि भाखि सुनाई ॥

laag rahee prabh ke tan siau upamaa teh kee kab bhaakh sunaiee ||

ਮਾਨਹੁ ਗ੍ਰੀਖਮ ਕੀ ਰੁਤਿ ਭੀਤਰ ਨਾਗਨਿ ਚੰਦਨ ਸਿਉ ਲਪਟਾਈ ॥੧੦੯੯॥

मानहु ग्रीखम की रुति भीतर नागनि चंदन सिउ लपटाई ॥१०९९॥

maanahu greekham kee rut bheetar naagan cha(n)dhan siau lapaTaiee ||1099||


ਸ੍ਯਾਮ ਉਖਾਰ ਕੈ ਸੋ ਬਰਛੀ ਭੁਜ ਤੇ ਅਰਿ ਮਾਰਨ ਹੇਤ ਚਲਾਈ ॥

स्याम उखार कै सो बरछी भुज ते अरि मारन हेत चलाई ॥

sayaam ukhaar kai so barachhee bhuj te ar maaran het chalaiee ||

ਬਾਨਨ ਕੇ ਘਨ ਬੀਚ ਚਲੀ ਚਪਲਾ ਕਿਧੌ ਹੰਸ ਕੀ ਅੰਸ ਤਚਾਈ ॥

बानन के घन बीच चली चपला किधौ हंस की अंस तचाई ॥

baanan ke ghan beech chalee chapalaa kidhau ha(n)s kee a(n)s tachaiee ||

ਜਾਇ ਲਗੀ ਤਿਹ ਕੇ ਤਨ ਮੈ ਉਰਿ ਫੋਰਿ ਦਈ ਉਹਿ ਓਰ ਦਿਖਾਈ ॥

जाइ लगी तिह के तन मै उरि फोरि दई उहि ओर दिखाई ॥

jai lagee teh ke tan mai ur for dhiee uh or dhikhaiee ||


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