P-33 Rama Avatar Ramayana (Chaubis Avatar) (hindi punjabi english)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates ADVERTISE HERE


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
---

ਬੈਸ ਲਖੈ ਛੱਤ੍ਰੀ ਕਹ ਦੇਵਾ ॥੮੩੮॥

बैस लखै छत्त्री कह देवा ॥८३८॥

bais lakhai chha'tree keh dhevaa ||838||


ਸੂਦ੍ਰ ਸਭਨ ਕੀ ਸੇਵ ਕਮਾਵੈ ॥

सूद्र सभन की सेव कमावै ॥

soodhr sabhan kee sev kamaavai ||

ਜਹ ਕੋਈ ਕਹੈ ਤਹੀ ਵਹ ਧਾਵੈ ॥

जह कोई कहै तही वह धावै ॥

jeh koiee kahai tahee veh dhaavai ||

ਜੈਸਕ ਹੁਤੀ ਬੇਦ ਸਾਸਨਾ ॥

जैसक हुती बेद सासना ॥

jaisak hutee bedh saasanaa ||

ਨਿਕਸਾ ਤੈਸ ਰਾਮ ਕੀ ਰਸਨਾ ॥੮੩੯॥

निकसा तैस राम की रसना ॥८३९॥

nikasaa tais raam kee rasanaa ||839||


ਰਾਵਣਾਦਿ ਰਣਿ ਹਾਕ ਸੰਘਾਰੇ ॥

रावणादि रणि हाक संघारे ॥

raavanaadh ran haak sa(n)ghaare ||

ਭਾਤਿ ਭਾਤਿ ਸੇਵਕ ਗਣ ਤਾਰੇ ॥

भाति भाति सेवक गण तारे ॥

bhaat bhaat sevak gan taare ||

ਲੰਕਾ ਦਈ ਟੰਕ ਜਨੁ ਦੀਨੋ ॥

लंका दई टंक जनु दीनो ॥

la(n)kaa dhiee Ta(n)k jan dheeno ||

ਇਹ ਬਿਧਿ ਰਾਜ ਜਗਤ ਮੈ ਕੀਨੋ ॥੮੪੦॥

इह बिधि राज जगत मै कीनो ॥८४०॥

eeh bidh raaj jagat mai keeno ||840||


ਦੋਹਰਾ ਛੰਦ ॥

दोहरा छंद ॥

dhoharaa chha(n)dh ||


ਬਹੁ ਬਰਖਨ ਲਉ ਰਾਮ ਜੀ ਰਾਜ ਕਰਾ ਅਰ ਟਾਲ ॥

बहु बरखन लउ राम जी राज करा अर टाल ॥

bahu barakhan lau raam jee raaj karaa ar Taal ||

ਬ੍ਰਹਮਰੰਧ੍ਰ ਕਹ ਫੋਰ ਕੈ ਭਯੋ ਕਉਸਲਿਆ ਕਾਲ ॥੮੪੧॥

ब्रहमरंध्र कह फोर कै भयो कउसलिआ काल ॥८४१॥

brahamara(n)dhr keh for kai bhayo kausaliaa kaal ||841||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਜੈਸ ਮ੍ਰਿਤਕ ਕੇ ਹੁਤੇ ਪ੍ਰਕਾਰਾ ॥

जैस मृतक के हुते प्रकारा ॥

jais mritak ke hute prakaaraa ||

ਤੈਸੇਈ ਕਰੇ ਬੇਦ ਅਨੁਸਾਰਾ ॥

तैसेई करे बेद अनुसारा ॥

taiseiee kare bedh anusaaraa ||

ਰਾਮ ਸਪੂਤ ਜਾਹਿੰ ਘਰ ਮਾਹੀ ॥

राम सपूत जाहिं घर माही ॥

raam sapoot jaahi(n) ghar maahee ||

ਤਾਕਹੁ ਤੋਟ ਕੋਊ ਕਹ ਨਾਹੀ ॥੮੪੨॥

ताकहु तोट कोऊ कह नाही ॥८४२॥

taakahu toT kouoo keh naahee ||842||


ਬਹੁ ਬਿਧਿ ਗਤਿ ਕੀਨੀ ਪ੍ਰਭ ਮਾਤਾ ॥

बहु बिधि गति कीनी प्रभ माता ॥

bahu bidh gat keenee prabh maataa ||

ਤਬ ਲਉ ਭਈ ਕੈਕਈ ਸਾਤਾ ॥

तब लउ भई कैकई साता ॥

tab lau bhiee kaikiee saataa ||

ਤਾ ਕੇ ਮਰਤ ਸੁਮਿਤ੍ਰਾ ਮਰੀ ॥

ता के मरत सुमित्रा मरी ॥

taa ke marat sumitraa maree ||

ਦੇਖਹੁ ਕਾਲ ਕ੍ਰਿਆ ਕਸ ਕਰੀ ॥੮੪੩॥

देखहु काल कृआ कस करी ॥८४३॥

dhekhahu kaal kriaa kas karee ||843||


ਏਕ ਦਿਵਸ ਜਾਨਕਿ ਤ੍ਰਿਯ ਸਿਖਾ ॥

एक दिवस जानकि तृय सिखा ॥

ek dhivas jaanak tiray sikhaa ||

ਭੀਤ ਭਏ ਰਾਵਣ ਕਹ ਲਿਖਾ ॥

भीत भए रावण कह लिखा ॥

bheet bhe raavan keh likhaa ||

ਜਬ ਰਘੁਬਰ ਤਿਹ ਆਨ ਨਿਹਾਰਾ ॥

जब रघुबर तिह आन निहारा ॥

jab raghubar teh aan nihaaraa ||

ਕਛੁਕ ਕੋਪ ਇਮ ਬਚਨ ਉਚਾਰਾ ॥੮੪੪॥

कछुक कोप इम बचन उचारा ॥८४४॥

kachhuk kop im bachan uchaaraa ||844||


ਰਾਮ ਬਾਚ ਮਨ ਮੈ ॥

राम बाच मन मै ॥

raam baach man mai ||

ਯਾ ਕੋ ਕਛੁ ਰਾਵਨ ਸੋ ਹੋਤਾ ॥

या को कछु रावन सो होता ॥

yaa ko kachh raavan so hotaa ||

ਤਾ ਤੇ ਚਿੱਤ੍ਰ ਚਿਤ੍ਰਕੈ ਦੇਖਾ ॥

ता ते चित्त्र चित्रकै देखा ॥

taa te chi'tr chitrakai dhekhaa ||

ਬਚਨ ਸੁਨਤ ਸੀਤਾ ਭਈ ਰੋਖਾ ॥

बचन सुनत सीता भई रोखा ॥

bachan sunat seetaa bhiee rokhaa ||

ਪ੍ਰਭ ਮੁਹਿ ਅਜਹੂੰ ਲਗਾਵਤ ਦੋਖਾ ॥੮੪੫॥

प्रभ मुहि अजहूँ लगावत दोखा ॥८४५॥

prabh muh ajahoo(n) lagaavat dhokhaa ||845||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਜਉ ਮੇਰੇ ਬਚ ਕਰਮ ਕਰਿ ਹ੍ਰਿਦੈ ਬਸਤ ਰਘੁਰਾਇ ॥

जउ मेरे बच करम करि हृदै बसत रघुराइ ॥

jau mere bach karam kar hiradhai basat raghurai ||

ਪ੍ਰਿਥੀ ਪੈਂਡ ਮੁਹਿ ਦੀਜੀਐ ਲੀਜੈ ਮੋਹਿ ਮਿਲਾਇ ॥੮੪੬॥

पृथी पैंड मुहि दीजीऐ लीजै मोहि मिलाइ ॥८४६॥

pirathee pai(n)dd muh dheejeeaai leejai moh milai ||846||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਸੁਨਤ ਬਚਨ ਧਰਨੀ ਫਟ ਗਈ ॥

सुनत बचन धरनी फट गई ॥

sunat bachan dharanee faT giee ||

ਲੋਪ ਸੀਆ ਤਿਹ ਭੀਤਰ ਭਈ ॥

लोप सीआ तिह भीतर भई ॥

lop seeaa teh bheetar bhiee ||

ਚੱਕ੍ਰਤ ਰਹੇ ਨਿਰਖ ਰਘੁਰਾਈ ॥

चक्क्रत रहे निरख रघुराई ॥

cha'krat rahe nirakh raghuraiee ||

ਰਾਜ ਕਰਨ ਕੀ ਆਸ ਚੁਕਾਈ ॥੮੪੭॥

राज करन की आस चुकाई ॥८४७॥

raaj karan kee aas chukaiee ||847||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਇਹ ਜਗੁ ਧੂਅਰੋ ਧਉਲਹਰਿ ਕਿਹ ਕੇ ਆਯੋ ਕਾਮ ॥

इह जगु धूअरो धउलहरि किह के आयो काम ॥

eeh jag dhooaro dhaulahar keh ke aayo kaam ||

ਰਘੁਬਰ ਬਿਨੁ ਸੀਅ ਨਾ ਜੀਐ ਸੀਅ ਬਿਨ ਜੀਐ ਨ ਰਾਮ ॥੮੪੮॥

रघुबर बिनु सीअ ना जीऐ सीअ बिन जीऐ न राम ॥८४८॥

raghubar bin seea naa jeeaai seea bin jeeaai na raam ||848||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਦੁਆਰੇ ਕਹਯੋ ਬੈਠ ਲਛਮਨਾ ॥

दुआरे कहयो बैठ लछमना ॥

dhuaare kahayo baiTh lachhamanaa ||

ਪੈਠ ਨ ਕੋਊ ਪਾਵੈ ਜਨਾ ॥

पैठ न कोऊ पावै जना ॥

paiTh na kouoo paavai janaa ||

ਅੰਤਹਿ ਪੁਰਹਿ ਆਪ ਪਗੁ ਧਾਰਾ ॥

अंतहि पुरहि आप पगु धारा ॥

a(n)teh pureh aap pag dhaaraa ||

ਦੇਹਿ ਛੋਰਿ ਮ੍ਰਿਤ ਲੋਕ ਸਿਧਾਰਾ ॥੮੪੯॥

देहि छोरि मृत लोक सिधारा ॥८४९॥

dheh chhor mirat lok sidhaaraa ||849||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਇੰਦ੍ਰ ਮਤੀ ਹਿਤ ਅਜ ਨ੍ਰਿਪਤ ਜਿਮ ਗ੍ਰਿਹ ਤਜ ਲੀਅ ਜੋਗ ॥

इंद्र मती हित अज नृपत जिम गृह तज लीअ जोग ॥

ei(n)dhr matee hit aj nirapat jim gireh taj leea jog ||

ਤਿਮ ਰਘੁਬਰ ਤਨ ਕੋ ਤਜਾ ਸ੍ਰੀ ਜਾਨਕੀ ਬਿਯੋਗ ॥੮੫੦॥

तिम रघुबर तन को तजा स्री जानकी बियोग ॥८५०॥

tim raghubar tan ko tajaa sree jaanakee biyog ||850||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ ਰਾਮਵਤਾਰੇ ਸੀਤਾ ਕੇ ਹੇਤ ਮ੍ਰਿਤ ਲੋਕ ਸੇ ਗਏ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤੰ ॥

इति स्री बचित्र नाटक रामवतारे सीता के हेत मृत लोक से गए धिआइ समापतं ॥

eit sree bachitr naaTak raamavataare seetaa ke het mirat lok se ge dhiaai samaapata(n) ||


ਅਥ ਤੀਨੋ ਭ੍ਰਾਤਾ ਤ੍ਰੀਅਨ ਸਹਿਤ ਮਰਬੋ ਕਥਨੰ ॥

अथ तीनो भ्राता त्रीअन सहित मरबो कथनं ॥

ath teeno bhraataa treean sahit marabo kathana(n) ||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਰਉਰ ਪਰੀ ਸਗਰੇ ਪੁਰ ਮਾਹੀ ॥

रउर परी सगरे पुर माही ॥

raur paree sagare pur maahee ||

ਕਾਹੂੰ ਰਹੀ ਕਛੂ ਸੁਧ ਨਾਹੀ ॥

काहूँ रही कछू सुध नाही ॥

kaahoo(n) rahee kachhoo sudh naahee ||

ਨਰ ਨਾਰੀ ਡੋਲਤ ਦੁਖਿਆਰੇ ॥

नर नारी डोलत दुखिआरे ॥

nar naaree ddolat dhukhiaare ||

ਜਾਨੁਕ ਗਿਰੇ ਜੂਝਿ ਜੁਝਿਆਰੇ ॥੮੫੧॥

जानुक गिरे जूझि जुझिआरे ॥८५१॥

jaanuk gire joojh jujhiaare ||851||


ਸਗਰ ਨਗਰ ਮਹਿ ਪਰ ਗਈ ਰਉਰਾ ॥

सगर नगर महि पर गई रउरा ॥

sagar nagar meh par giee rauraa ||

ਬਯਾਕੁਲ ਗਿਰੇ ਹਸਤ ਅਰੁ ਘੋਰਾ ॥

बयाकुल गिरे हसत अरु घोरा ॥

bayaakul gire hasat ar ghoraa ||

ਨਰ ਨਾਰੀ ਮਨ ਰਹਤ ਉਦਾਸਾ ॥

नर नारी मन रहत उदासा ॥

nar naaree man rahat udhaasaa ||

ਕਹਾ ਰਾਮ ਕਰ ਗਏ ਤਮਾਸਾ ॥੮੫੨॥

कहा राम कर गए तमासा ॥८५२॥

kahaa raam kar ge tamaasaa ||852||


ਭਰਥਊ ਜੋਗ ਸਾਧਨਾ ਸਾਜੀ ॥

भरथऊ जोग साधना साजी ॥

bharathuoo jog saadhanaa saajee ||

ਜੋਗ ਅਗਨ ਤਨ ਤੇ ਉਪਰਾਜੀ ॥

जोग अगन तन ते उपराजी ॥

jog agan tan te uparaajee ||

ਬ੍ਰਹਮਰੰਧ੍ਰ ਝਟ ਦੈ ਕਰ ਫੋਰਾ ॥

ब्रहमरंध्र झट दै कर फोरा ॥

brahamara(n)dhr jhaT dhai kar foraa ||

ਪ੍ਰਭ ਸੌ ਚਲਤ ਅੰਗ ਨਹੀ ਮੋਰਾ ॥੮੫੩॥

प्रभ सौ चलत अंग नही मोरा ॥८५३॥

prabh sau chalat a(n)g nahee moraa ||853||


ਸਕਲ ਜੋਗ ਕੇ ਕੀਏ ਬਿਧਾਨਾ ॥

सकल जोग के कीए बिधाना ॥

sakal jog ke ke'ee bidhaanaa ||

ਲਛਮਨ ਤਜੇ ਤੈਸ ਹੀ ਪ੍ਰਾਨਾ ॥

लछमन तजे तैस ही प्राना ॥

lachhaman taje tais hee praanaa ||

ਬ੍ਰਹਮਰੰਧ੍ਰ ਲਵ ਅਰਿ ਫੁਨ ਫੂਟਾ ॥

ब्रहमरंध्र लव अरि फुन फूटा ॥

brahamara(n)dhr lav ar fun fooTaa ||

ਪ੍ਰਭ ਚਰਨਨ ਤਰ ਪ੍ਰਾਨ ਨਿਖੂਟਾ ॥੮੫੪॥

प्रभ चरनन तर प्रान निखूटा ॥८५४॥

prabh charanan tar praan nikhooTaa ||854||


ਲਵ ਕੁਸ ਦੋਊ ਤਹਾ ਚਲ ਗਏ ॥

लव कुस दोऊ तहा चल गए ॥

lav kus dhouoo tahaa chal ge ||

ਰਘੁਬਰ ਸੀਅਹਿ ਜਰਾਵਤ ਭਏ ॥

रघुबर सीअहि जरावत भए ॥

raghubar se'eeh jaraavat bhe ||

ਅਰ ਪਿਤ ਭ੍ਰਾਤ ਤਿਹੂੰ ਕਹ ਦਹਾ ॥

अर पित भ्रात तिहूँ कह दहा ॥

ar pit bhraat tihoo(n) keh dhahaa ||

ਰਾਜ ਛਤ੍ਰ ਲਵ ਕੇ ਸਿਰ ਰਹਾ ॥੮੫੫॥

राज छत्र लव के सिर रहा ॥८५५॥

raaj chhatr lav ke sir rahaa ||855||


ਤਿਹੂੰਅਨ ਕੀ ਇਸਤ੍ਰੀ ਤਿਹ ਆਈ ॥

तिहूँअन की इसत्री तिह आई ॥

tihoo(n)an kee isatree teh aaiee ||

ਸੰਗਿ ਸਤੀ ਹ੍ਵੈ ਸੁਰਗ ਸਿਧਾਈ ॥

संगि सती ह्वै सुरग सिधाई ॥

sa(n)g satee havai surag sidhaiee ||

ਲਵ ਸਿਰ ਧਰਾ ਰਾਜ ਕਾ ਸਾਜਾ ॥

लव सिर धरा राज का साजा ॥

lav sir dharaa raaj kaa saajaa ||

ਤਿਹੂੰਅਨ ਤਿਹੂੰ ਕੁੰਟ ਕੀਅ ਰਾਜਾ ॥੮੫੬॥

तिहूँअन तिहूँ कुँट कीअ राजा ॥८५६॥

tihoo(n)an tihoo(n) ku(n)T keea raajaa ||856||


ਉੱਤਰ ਦੇਸ ਆਪੁ ਕੁਸ ਲੀਆ ॥

उत्तर देस आपु कुस लीआ ॥

au'tar dhes aap kus leeaa ||

ਭਰਥ ਪੁੱਤ੍ਰ ਕਹ ਪੂਰਬ ਦੀਆ ॥

भरथ पुत्त्र कह पूरब दीआ ॥

bharath pu'tr keh poorab dheeaa ||

ਦੱਛਨ ਦੀਅ ਲੱਛਨ ਕੇ ਬਾਲਾ ॥

दच्छन दीअ लच्छन के बाला ॥

dha'chhan dheea la'chhan ke baalaa ||

ਪੱਛਮ ਸੱਤ੍ਰੁਘਨ ਸੁਤ ਬੈਠਾਲਾ ॥੮੫੭॥

पच्छम सत्त्रुघन सुत बैठाला ॥८५७॥

pa'chham sa'trughan sut baiThaalaa ||857||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਰਾਮ ਕਥਾ ਜੁਗ ਜੁਗ ਅਟਲ ਸਭ ਕੋਈ ਭਾਖਤ ਨੇਤ ॥

राम कथा जुग जुग अटल सभ कोई भाखत नेत ॥

raam kathaa jug jug aTal sabh koiee bhaakhat net ||

ਸੁਰਗ ਬਾਸ ਰਘੁਬਰ ਕਰਾ ਸਗਰੀ ਪੁਰੀ ਸਮੇਤ ॥੮੫੮॥

सुरग बास रघुबर करा सगरी पुरी समेत ॥८५८॥

surag baas raghubar karaa sagaree puree samet ||858||


ਇਤਿ ਰਾਮ ਭਿਰਾਤ ਤ੍ਰੀਅਨ ਸਹਿਤ ਸੁਰਗ ਗਏ ਅਰ ਸਗਰੀ ਪੁਰੀ ਸਹਿਤ ਸੁਰਗ ਗਏ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤਮ ॥

इति राम भिरात त्रीअन सहित सुरग गए अर सगरी पुरी सहित सुरग गए धिआइ समापतम ॥

eit raam bhiraat treean sahit surag ge ar sagaree puree sahit surag ge dhiaai samaapatam ||

ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਜੋ ਇਹ ਕਥਾ ਸੁਨੈ ਅਰੁ ਗਾਵੈ ॥

जो इह कथा सुनै अरु गावै ॥

jo ieh kathaa sunai ar gaavai ||

ਦੂਖ ਪਾਪ ਤਿਹ ਨਿਕਟਿ ਨ ਆਵੈ ॥

दूख पाप तिह निकटि न आवै ॥

dhookh paap teh nikaT na aavai ||

ਬਿਸਨ ਭਗਤਿ ਕੀ ਏ ਫਲ ਹੋਈ ॥

बिसन भगति की ए फल होई ॥

bisan bhagat kee e fal hoiee ||

ਆਧਿ ਬਯਾਧਿ ਛ੍ਵੈ ਸਕੈ ਨ ਕੋਇ ॥੮੫੯॥

आधि बयाधि छ्वै सकै न कोइ ॥८५९॥

aadh bayaadh chhavai sakai na koi ||859||


ਸੰਮਤ ਸੱਤ੍ਰਹ ਸਹਸ ਪਚਾਵਨ ॥

संमत सत्त्रह सहस पचावन ॥

sa(n)mat sa'treh sahas pachaavan ||

ਹਾੜ ਵਦੀ ਪ੍ਰਿਥਮੈ ਸੁਖ ਦਾਵਨ ॥

हाड़ वदी पृथमै सुख दावन ॥

haaR vadhee pirathamai sukh dhaavan ||

ਤ੍ਵ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ਕਰਿ ਗ੍ਰੰਥ ਸੁਧਾਰਾ ॥

त्व प्रसादि करि ग्रंथ सुधारा ॥

tavai prasaadh kar gra(n)th sudhaaraa ||

ਭੂਲ ਪਰੀ ਲਹੁ ਲੇਹੁ ਸੁਧਾਰਾ ॥੮੬੦॥

भूल परी लहु लेहु सुधारा ॥८६०॥

bhool paree lahu leh sudhaaraa ||860||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਨੇਤ੍ਰ ਤੁੰਗ ਕੇ ਚਰਨ ਤਰ ਸਤਦ੍ਰੱਵ ਤੀਰ ਤਰੰਗ ॥

नेत्र तुँग के चरन तर सतद्रव्व तीर तरंग ॥

netr tu(n)g ke charan tar satadhra'v teer tara(n)g ||

ਸ੍ਰੀ ਭਗਵਤ ਪੂਰਨ ਕੀਯੋ ਰਘੁਬਰ ਕਥਾ ਪ੍ਰਸੰਗ ॥੮੬੧॥

स्री भगवत पूरन कीयो रघुबर कथा प्रसंग ॥८६१॥

sree bhagavat pooran keeyo raghubar kathaa prasa(n)g ||861||


ਸਾਧ ਅਸਾਧ ਜਾਨੋ ਨਹੀ ਬਾਦ ਸੁਬਾਦ ਬਿਬਾਦਿ ॥

साध असाध जानो नही बाद सुबाद बिबादि ॥

saadh asaadh jaano nahee baadh subaadh bibaadh ||

ਗ੍ਰੰਥ ਸਕਲ ਪੂਰਣ ਕੀਯੋ ਭਗਵਤ ਕ੍ਰਿਪਾ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ॥੮੬੨॥

ग्रंथ सकल पूरण कीयो भगवत कृपा प्रसादि ॥८६२॥

gra(n)th sakal pooran keeyo bhagavat kirapaa prasaadh ||862||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਪਾਇ ਗਹੇ ਜਬ ਤੇ ਤੁਮਰੇ ਤਬ ਤੇ ਕੋਊ ਆਂਖ ਤਰੇ ਨਹੀ ਆਨਯੋ ॥

पाइ गहे जब ते तुमरे तब ते कोऊ आँख तरे नही आनयो ॥

pai gahe jab te tumare tab te kouoo aa(n)kh tare nahee aanayo ||

ਰਾਮ ਰਹੀਮ ਪੁਰਾਨ ਕੁਰਾਨ ਅਨੇਕ ਕਹੈਂ ਮਤ ਏਕ ਨ ਮਾਨਯੋ ॥

राम रहीम पुरान कुरान अनेक कहैं मत एक न मानयो ॥

raam raheem puraan kuraan anek kahai(n) mat ek na maanayo ||

ਸਿੰਮ੍ਰਿਤਿ ਸਾਸਤ੍ਰ ਬੇਦ ਸਭੈ ਬਹੁ ਭੇਦ ਕਹੈ ਹਮ ਏਕ ਨ ਜਾਨਯੋ ॥

सिंमृति सासत्र बेद सभै बहु भेद कहै हम एक न जानयो ॥

si(n)mirat saasatr bedh sabhai bahu bhedh kahai ham ek na jaanayo ||

ਸ੍ਰੀ ਅਸਿਪਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾ ਤੁਮਰੀ ਕਰਿ ਮੈ ਨ ਕਹਯੋ ਸਭ ਤੋਹਿ ਬਖਾਨਯੋ ॥੮੬੩॥

स्री असिपान कृपा तुमरी करि मै न कहयो सभ तोहि बखानयो ॥८६३॥

sree asipaan kirapaa tumaree kar mai na kahayo sabh toh bakhaanayo ||863||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸਗਲ ਦੁਆਰ ਕਉ ਛਾਡਿ ਕੈ ਗਹਯੋ ਤੁਹਾਰੋ ਦੁਆਰ ॥

सगल दुआर कउ छाडि कै गहयो तुहारो दुआर ॥

sagal dhuaar kau chhaadd kai gahayo tuhaaro dhuaar ||

ਬਾਹਿ ਗਹੇ ਕੀ ਲਾਜ ਅਸਿ ਗੋਬਿੰਦ ਦਾਸ ਤੁਹਾਰ ॥੮੬੪॥

बाहि गहे की लाज असि गोबिंद दास तुहार ॥८६४॥

baeh gahe kee laaj as gobi(n)dh dhaas tuhaar ||864||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਰਾਮਾਇਣ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥

इति स्री रामाइण समापतम सतु सुभम सतु ॥

eit sree raamain samaapatam sat subham sat ||


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates ADVERTISE HERE