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200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
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ਧਨੰ ਤਾਣੰ ॥

धनं ताणं ॥

dhana(n) taana(n) ||

ਮਚੇ ਬੀਰੰ ॥

मचे बीरं ॥

mache beera(n) ||

ਭਜੇ ਭੀਰੰ ॥੭੬੭॥

भजे भीरं ॥७६७॥

bhaje bheera(n) ||767||


ਕਟੇ ਅੰਗੰ ॥

कटे अंगं ॥

kaTe a(n)ga(n) ||

ਭਜੇ ਜੰਗੰ ॥

भजे जंगं ॥

bhaje ja(n)ga(n) ||

ਰਣੰ ਰੁੱਝੇ ॥

रणं रुज्झे ॥

rana(n) ru'jhe ||

ਨਰੰ ਜੁੱਝੇ ॥੭੬੮॥

नरं जुज्झे ॥७६८॥

nara(n) ju'jhe ||768||


ਭਜੀ ਸੈਨੰ ॥

भजी सैनं ॥

bhajee saina(n) ||

ਬਿਨਾ ਚੈਨੰ ॥

बिना चैनं ॥

binaa chaina(n) ||

ਲਛਨ ਬੀਰੰ ॥

लछन बीरं ॥

lachhan beera(n) ||

ਫਿਰਯੋ ਧੀਰੰ ॥੭੬੯॥

फिरयो धीरं ॥७६९॥

firayo dheera(n) ||769||


ਇਕੈ ਬਾਣੰ ॥

इकै बाणं ॥

eikai baana(n) ||

ਰਿਪੰ ਤਾਣੰ ॥

रिपं ताणं ॥

ripa(n) taana(n) ||

ਹਣਯੋ ਭਾਲੰ ॥

हणयो भालं ॥

hanayo bhaala(n) ||

ਗਿਰਯੋ ਤਾਲੰ ॥੭੭੦॥

गिरयो तालं ॥७७०॥

girayo taala(n) ||770||


ਇਤਿ ਲਛਮਨ ਬਧਹਿ ਸਮਾਪਤੰ ॥

इति लछमन बधहि समापतं ॥

eit lachhaman badheh samaapata(n) ||

ਅਥ ਭਰਥ ਜੁਧ ਕਥਨੰ ॥

अथ भरथ जुध कथनं ॥

ath bharath judh kathana(n) ||


ਅੜੂਹਾ ਛੰਦ ॥

अड़ूहा छंद ॥

aRoohaa chha(n)dh ||


ਭਾਗ ਗਯੋ ਦਲ ਤ੍ਰਾਮ ਕੈ ਕੈ ॥

भाग गयो दल त्राम कै कै ॥

bhaag gayo dhal traam kai kai ||

ਲਛਮਣੰ ਰਣ ਭੂਮ ਦੈ ਕੈ ॥

लछमणं रण भूम दै कै ॥

lachhamana(n) ran bhoom dhai kai ||

ਖਲੇ ਰਾਮਚੰਦ ਹੁਤੇ ਜਹਾ ॥

खले रामचंद हुते जहा ॥

khale raamacha(n)dh hute jahaa ||

ਭਟ ਭਾਜ ਭੱਗ ਲਗੇ ਤਹਾ ॥੭੭੧॥

भट भाज भग्ग लगे तहा ॥७७१॥

bhaT bhaaj bha'g lage tahaa ||771||


ਜਬ ਜਾਇ ਬਾਤ ਕਹੀ ਉਨੈ ॥

जब जाइ बात कही उनै ॥

jab jai baat kahee unai ||

ਬਹੁ ਭਾਤ ਸੋਕ ਦਯੋ ਤਿਨੈ ॥

बहु भात सोक दयो तिनै ॥

bahu bhaat sok dhayo tinai ||

ਸੁਨਿ ਬੈਨ ਮੋਨ ਰਹੈ ਬਲੀ ॥

सुनि बैन मोन रहै बली ॥

sun bain mon rahai balee ||

ਜਨ ਚਿੱਤ੍ਰ ਪਾਹਨ ਕੀ ਖਲੀ ॥੭੭੨॥

जन चित्त्र पाहन की खली ॥७७२॥

jan chi'tr paahan kee khalee ||772||


ਪੁਨ ਬੈਠ ਮੰਤ੍ਰ ਬਿਚਾਰਯੋ ॥

पुन बैठ मंत्र बिचारयो ॥

pun baiTh ma(n)tr bichaarayo ||

ਤੁਮ ਜਾਹੁ ਭਰਥ ਉਚਾਰਯੋ ॥

तुम जाहु भरथ उचारयो ॥

tum jaahu bharath uchaarayo ||

ਮੁਨ ਬਾਲ ਦ੍ਵੈ ਜਿਨ ਮਾਰੀਯੋ ॥

मुन बाल द्वै जिन मारीयो ॥

mun baal dhavai jin maareeyo ||

ਧਰਿ ਆਨ ਮੋਹਿ ਦਿਖਾਰੀਯੋ ॥੭੭੩॥

धरि आन मोहि दिखारीयो ॥७७३॥

dhar aan moh dhikhaareeyo ||773||


ਸਜ ਸੈਨ ਭਰਥ ਚਲੇ ਤਹਾ ॥

सज सैन भरथ चले तहा ॥

saj sain bharath chale tahaa ||

ਰਣ ਬਾਲ ਬੀਰ ਮੰਡੇ ਜਹਾ ॥

रण बाल बीर मंडे जहा ॥

ran baal beer ma(n)dde jahaa ||

ਬਹੁ ਭਾਤ ਬੀਰ ਸੰਘਾਰਹੀ ॥

बहु भात बीर संघारही ॥

bahu bhaat beer sa(n)ghaarahee ||

ਸਰ ਓਘ ਪ੍ਰਓਘ ਪ੍ਰਹਾਰਹੀ ॥੭੭੪॥

सर ओघ प्रओघ प्रहारही ॥७७४॥

sar ogh progh prahaarahee ||774||


ਸੁਗ੍ਰੀਵ ਔਰ ਭਭੀਛਨੰ ॥

सुग्रीव और भभीछनं ॥

sugreev aauar bhabheechhana(n) ||

ਹਨਵੰਤ ਅੰਗਦ ਰੀਛਨੰ ॥

हनवंत अंगद रीछनं ॥

hanava(n)t a(n)gadh reechhana(n) ||

ਬਹੁ ਭਾਤਿ ਸੈਨ ਬਨਾਇ ਕੈ ॥

बहु भाति सैन बनाइ कै ॥

bahu bhaat sain banai kai ||

ਤਿਨ ਪੈ ਚਲਯੋ ਸਮੁਹਾਇ ਕੈ ॥੭੭੫॥

तिन पै चलयो समुहाइ कै ॥७७५॥

tin pai chalayo samuhai kai ||775||


ਰਣ ਭੂਮਿ ਭਰਥ ਗਏ ਜਬੈ ॥

रण भूमि भरथ गए जबै ॥

ran bhoom bharath ge jabai ||

ਮੁਨ ਬਾਲ ਦੋਇ ਲਖੇ ਤਬੈ ॥

मुन बाल दोइ लखे तबै ॥

mun baal dhoi lakhe tabai ||

ਦੁਇ ਕਾਕ ਪੱਛਾ ਸੋਭਹੀ ॥

दुइ काक पच्छा सोभही ॥

dhui kaak pa'chhaa sobhahee ||

ਲਖਿ ਦੇਵ ਦਾਨੋ ਲੋਭਹੀ ॥੭੭੬॥

लखि देव दानो लोभही ॥७७६॥

lakh dhev dhaano lobhahee ||776||


ਭਰਥ ਬਾਚ ਲਵ ਸੋ ॥

भरथ बाच लव सो ॥

bharath baach lav so ||

ਅਕੜਾ ਛੰਦ ॥

अकड़ा छंद ॥

akaRaa chha(n)dh ||


ਮੁਨਿ ਬਾਲ ਛਾਡਹੁ ਗਰਬ ॥

मुनि बाल छाडहु गरब ॥

mun baal chhaaddahu garab ||

ਮਿਲਿ ਆਨ ਮੋਹੂ ਸਰਬ ॥

मिलि आन मोहू सरब ॥

mil aan mohoo sarab ||

ਲੈ ਜਾਹਿ ਰਾਘਵ ਤੀਰ ॥

लै जाहि राघव तीर ॥

lai jaeh raaghav teer ||

ਤੁਹਿ ਨੈਕ ਦੈ ਕੈ ਚੀਰ ॥੭੭੭॥

तुहि नैक दै कै चीर ॥७७७॥

tuh naik dhai kai cheer ||777||


ਸੁਨਤੇ ਭਰੇ ਸਿਸ ਮਾਨ ॥

सुनते भरे सिस मान ॥

sunate bhare sis maan ||

ਕਰ ਕੋਪ ਤਾਨ ਕਮਾਨ ॥

कर कोप तान कमान ॥

kar kop taan kamaan ||

ਬਹੁ ਭਾਤਿ ਸਾਇਕ ਛੋਰਿ ॥

बहु भाति साइक छोरि ॥

bahu bhaat saik chhor ||

ਜਨ ਅਭ੍ਰ ਸਾਵਣ ਓਰ ॥੭੭੮॥

जन अभ्र सावण ओर ॥७७८॥

jan abhr saavan or ||778||


ਲਾਗੇ ਸੁ ਸਾਇਕ ਅੰਗ ॥

लागे सु साइक अंग ॥

laage su saik a(n)g ||

ਗਿਰਗੇ ਸੁ ਬਾਹ ਉਤੰਗ ॥

गिरगे सु बाह उतंग ॥

girage su baeh uta(n)g ||

ਕਹੂੰ ਅੰਗ ਭੰਗ ਸੁਬਾਹ ॥

कहूँ अंग भंग सुबाह ॥

kahoo(n) a(n)g bha(n)g subaeh ||

ਕਹੂੰ ਚਉਰ ਚੀਰ ਸਨਾਹ ॥੭੭੯॥

कहूँ चउर चीर सनाह ॥७७९॥

kahoo(n) chaur cheer sanaeh ||779||


ਕਹੂੰ ਚਿੱਤ੍ਰ ਚਾਰ ਕਮਾਨ ॥

कहूँ चित्त्र चार कमान ॥

kahoo(n) chi'tr chaar kamaan ||

ਕਹੂੰ ਅੰਗ ਜੋਧਨ ਬਾਨ ॥

कहूँ अंग जोधन बान ॥

kahoo(n) a(n)g jodhan baan ||

ਕਹੂੰ ਅੰਗ ਘਾਇ ਭਭੱਕ ॥

कहूँ अंग घाइ भभक्क ॥

kahoo(n) a(n)g ghai bhabha'k ||

ਕਹੂੰ ਸ੍ਰੋਣ ਸਰਤ ਛਲੱਕ ॥੭੮੦॥

कहूँ स्रोण सरत छलक्क ॥७८०॥

kahoo(n) sron sarat chhala'k ||780||


ਕਹੂੰ ਭੂਤ ਪ੍ਰੇਤ ਭਕੰਤ ॥

कहूँ भूत प्रेत भकंत ॥

kahoo(n) bhoot pret bhaka(n)t ||

ਸੁ ਕਹੂੰ ਕਮੱਧ ਉਠੰਤ ॥

सु कहूँ कमद्ध उठंत ॥

s kahoo(n) kama'dh uTha(n)t ||

ਕਹੂੰ ਨਾਚ ਬੀਰ ਬੈਤਾਲ ॥

कहूँ नाच बीर बैताल ॥

kahoo(n) naach beer baitaal ||

ਸੋ ਬਮਤ ਡਾਕਣਿ ਜੁਆਲ ॥੭੮੧॥

सो बमत डाकणि जुआल ॥७८१॥

so bamat ddaakan juaal ||781||


ਰਣ ਘਾਇ ਘਾਏ ਵੀਰ ॥

रण घाइ घाए वीर ॥

ran ghai ghaae veer ||

ਸਭ ਸ੍ਰੋਣ ਭੀਗੇ ਚੀਰ ॥

सभ स्रोण भीगे चीर ॥

sabh sron bheege cheer ||

ਇਕ ਬੀਰ ਭਾਜਿ ਚਲੰਤ ॥

इक बीर भाजि चलंत ॥

eik beer bhaaj chala(n)t ||

ਇਕ ਆਨ ਜੁੱਧ ਜੁਟੰਤ ॥੭੮੨॥

इक आन जुद्ध जुटंत ॥७८२॥

eik aan ju'dh juTa(n)t ||782||


ਇਕ ਐਂਚ ਐਂਚ ਕਮਾਨ ॥

इक ऐंच ऐंच कमान ॥

eik aai(n)ch aai(n)ch kamaan ||

ਤਕ ਵੀਰ ਮਾਰਤ ਬਾਨ ॥

तक वीर मारत बान ॥

tak veer maarat baan ||

ਇਕ ਭਾਜ ਭਾਜ ਮਰੰਤ ॥

इक भाज भाज मरंत ॥

eik bhaaj bhaaj mara(n)t ||

ਨਹੀ ਸੁਰਗ ਤਉਨ ਬਸੰਤ ॥੭੮੩॥

नही सुरग तउन बसंत ॥७८३॥

nahee surag taun basa(n)t ||783||


ਗਜ ਰਾਜ ਬਾਜ ਅਨੇਕ ॥

गज राज बाज अनेक ॥

gaj raaj baaj anek ||

ਜੁੱਝੇ ਨ ਬਾਚਾ ਏਕ ॥

जुज्झे न बाचा एक ॥

ju'jhe na baachaa ek ||

ਤਬ ਆਨ ਲੰਕਾ ਨਾਥ ॥

तब आन लंका नाथ ॥

tab aan la(n)kaa naath ||

ਜੁੱਝਯੋ ਸਿਸਨ ਕੇ ਸਾਥ ॥੭੮੪॥

जुज्झयो सिसन के साथ ॥७८४॥

ju'jhayo sisan ke saath ||784||


ਬਹੋੜਾ ਛੰਦ ॥

बहोड़ा छंद ॥

bahoRaa chha(n)dh ||


ਲੰਕੇਸ ਕੇ ਉਰ ਮੋ ਤਕ ਬਾਨ ॥

लंकेस के उर मो तक बान ॥

la(n)kes ke ur mo tak baan ||

ਮਾਰਯੋ ਰਾਮ ਸਿਸਤ ਜਿ ਕਾਨ ॥

मारयो राम सिसत जि कान ॥

maarayo raam sisat j kaan ||

ਤਬ ਗਿਰਯੋ ਦਾਨਵ ਸੁ ਭੂਮਿ ਮੱਧ ॥

तब गिरयो दानव सु भूमि मद्ध ॥

tab girayo dhaanav su bhoom ma'dh ||

ਤਿਹ ਬਿਸੁਧ ਜਾਣ ਨਹੀ ਕੀਯੋ ਬੱਧ ॥੭੮੫॥

तिह बिसुध जाण नही कीयो बद्ध ॥७८५॥

teh bisudh jaan nahee keeyo ba'dh ||785||


ਤਬ ਰੁਕਯੋ ਤਾਸ ਸੁਗ੍ਰੀਵ ਆਨ ॥

तब रुकयो तास सुग्रीव आन ॥

tab rukayo taas sugreev aan ||

ਕਹਾ ਜਾਤ ਬਾਲ ਨਹੀ ਪੈਸ ਜਾਨ ॥

कहा जात बाल नही पैस जान ॥

kahaa jaat baal nahee pais jaan ||

ਤਬ ਹਣਯੋ ਬਾਣ ਤਿਹ ਭਾਲ ਤੱਕ ॥

तब हणयो बाण तिह भाल तक्क ॥

tab hanayo baan teh bhaal ta'k ||

ਤਿਹ ਲਗਯੋ ਭਾਲ ਮੋ ਰਹਯੋ ਚੱਕ ॥੭੮੬॥

तिह लगयो भाल मो रहयो चक्क ॥७८६॥

teh lagayo bhaal mo rahayo cha'k ||786||


ਚਪ ਚਲੀ ਸੈਣ ਕਪਣੀ ਸੁ ਕ੍ਰੁੱਧ ॥

चप चली सैण कपणी सु क्रुद्ध ॥

chap chalee sain kapanee su kru'dh ||

ਨਲ ਨੀਲ ਹਨੂ ਅੰਗਦ ਸੁ ਜੁੱਧ ॥

नल नील हनू अंगद सु जुद्ध ॥

nal neel hanoo a(n)gadh su ju'dh ||

ਤਬ ਤੀਨ ਤੀਨ ਲੈ ਬਾਲ ਬਾਨ ॥

तब तीन तीन लै बाल बान ॥

tab teen teen lai baal baan ||

ਤਿਹ ਹਣੋ ਭਾਲ ਮੋ ਰੋਸ ਠਾਨ ॥੭੮੭॥

तिह हणो भाल मो रोस ठान ॥७८७॥

teh hano bhaal mo ros Thaan ||787||


ਜੋ ਗਏ ਸੂਰ ਸੋ ਰਹੇ ਖੇਤ ॥

जो गए सूर सो रहे खेत ॥

jo ge soor so rahe khet ||

ਜੋ ਬਚੇ ਭਾਜ ਤੇ ਹੁਇ ਅਚੇਤ ॥

जो बचे भाज ते हुइ अचेत ॥

jo bache bhaaj te hui achet ||

ਤਬ ਤਕਿ ਤਕਿ ਸਿਸ ਕੱਸਿ ਬਾਣ ॥

तब तकि तकि सिस कस्सि बाण ॥

tab tak tak sis ka's baan ||

ਦਲ ਹਤਯੋ ਰਾਘਵੀ ਤੱਜਿ ਕਾਣਿ ॥੭੮੮॥

दल हतयो राघवी तज्जि काणि ॥७८८॥

dhal hatayo raaghavee ta'j kaan ||788||


ਅਨੂਪ ਨਰਾਜ ਛੰਦ ॥

अनूप नराज छंद ॥

anoop naraaj chha(n)dh ||


ਸੁ ਕੋਪਿ ਦੇਖਿ ਕੈ ਬਲੰ ਸੁ ਕ੍ਰੁੱਧ ਰਾਘਵੀ ਸਿਸੰ ॥

सु कोपि देखि कै बलं सु क्रुद्ध राघवी सिसं ॥

s kop dhekh kai bala(n) su kru'dh raaghavee sisa(n) ||

ਬਚਿੱਤ੍ਰ ਚਿੱਤ੍ਰਤ ਸਰੰ ਬਬਰਖ ਬਰਖਣੋ ਰਣੰ ॥

बचित्त्र चित्त्रत सरं बबरख बरखणो रणं ॥

bachi'tr chi'trat sara(n) babarakh barakhano rana(n) ||

ਭਭੱਜਿ ਆਸੁਰੀ ਸੁਤੰ ਉਠੰਤ ਭੇਕਰੀ ਧੁਨੰ ॥

भभज्जि आसुरी सुतं उठंत भेकरी धुनं ॥

bhabha'j aasuree suta(n) uTha(n)t bhekaree dhuna(n) ||

ਭ੍ਰਮੰਤ ਕੁੰਡਲੀ ਕ੍ਰਿਤੰ ਪਪੀੜ ਦਾਰਣੰ ਸਰੰ ॥੭੮੯॥

भ्रमंत कुँडली कृतं पपीड़ दारणं सरं ॥७८९॥

bhrama(n)t ku(n)ddalee kirata(n) papeeR dhaarana(n) sara(n) ||789||


ਘੁਮੰਤ ਘਾਇਲੋ ਘਣੰ ਤਤੱਛ ਬਾਣਣੋ ਬਰੰ ॥

घुमंत घाइलो घणं ततच्छ बाणणो बरं ॥

ghuma(n)t ghailo ghana(n) tata'chh baanano bara(n) ||

ਭਭੱਜ ਕਾਤਰੋ ਕਿਤੰ ਗਜੰਤ ਜੋਧਣੋ ਜੁੱਧੰ ॥

भभज्ज कातरो कितं गजंत जोधणो जुद्धं ॥

bhabha'j kaataro kita(n) gaja(n)t jodhano ju'dha(n) ||

ਚਲੰਤ ਤੀਛਣੋ ਅਸੰ ਖਿਮੰਤ ਧਾਰ ਉੱਜਲੰ ॥

चलंत तीछणो असं खिमंत धार उज्जलं ॥

chala(n)t teechhano asa(n) khima(n)t dhaar u'jala(n) ||

ਪਪਾਤ ਅੰਗਦ ਕੇਸਰੀ ਹਨੂ ਵ ਸੁਗ੍ਰਿਵੰ ਬਲੰ ॥੭੯੦॥

पपात अंगद केसरी हनू व सुगृवं बलं ॥७९०॥

papaat a(n)gadh kesaree hanoo v sugirava(n) bala(n) ||790||


ਗਿਰੰਤ ਆਮੁਰੰ ਰਣੰ ਭਭਰਮ ਆਸੁਰੀ ਸਿਸੰ ॥

गिरंत आमुरं रणं भभरम आसुरी सिसं ॥

gira(n)t aamura(n) rana(n) bhabharam aasuree sisa(n) ||

ਤਜੰਤ ਸੁਆਮਣੋ ਘਰੰ ਭਜੰਤ ਪ੍ਰਾਨ ਲੇ ਭਟੰ ॥

तजंत सुआमणो घरं भजंत प्रान ले भटं ॥

taja(n)t suaamano ghara(n) bhaja(n)t praan le bhaTa(n) ||

ਉਠੰਤ ਅੰਧ ਧੁੰਧਣੋ ਕਬੰਧ ਬੰਧਤੰ ਕਟੰ ॥

उठंत अंध धुँधणो कबंध बंधतं कटं ॥

auTha(n)t a(n)dh dhu(n)dhano kaba(n)dh ba(n)dhata(n) kaTa(n) ||

ਲਗੰਤ ਬਾਣਾਣੋ ਬਰੰ ਗਿਰੰਤ ਭੂਮਿ ਅਹਵਯੰ ॥੭੯੧॥

लगंत बाणाणो बरं गिरंत भूमि अहवयं ॥७९१॥

laga(n)t baanaano bara(n) gira(n)t bhoom ahavaya(n) ||791||


ਪਪਾਤ ਬ੍ਰਿਛਣੰ ਧਰੰ ਬਬੇਗ ਮਾਰ ਤੁੱਜਣੰ ॥

पपात बृछणं धरं बबेग मार तुज्जणं ॥

papaat birachhana(n) dhara(n) babeg maar tu'jana(n) ||

ਭਰੰਤ ਧੂਰ ਭੂਰਣੰ ਬਮੰਤ ਸ੍ਰੋਣਤੰ ਮੁਖੰ ॥

भरंत धूर भूरणं बमंत स्रोणतं मुखं ॥

bhara(n)t dhoor bhoorana(n) bama(n)t sronata(n) mukha(n) ||

ਚਿਕਾਰ ਚਾਵਡੀ ਨਭੰ ਫਿਕੰਤ ਫਿੰਕਰੀ ਫਿਰੰ ॥

चिकार चावडी नभं फिकंत फिंकरी फिरं ॥

chikaar chaavaddee nabha(n) fika(n)t fi(n)karee fira(n) ||

ਭਕਾਰ ਭੂਤ ਪ੍ਰੇਤਣੰ ਡਿਕਾਰ ਡਾਕਣੀ ਡੁਲੰ ॥੭੯੨॥

भकार भूत प्रेतणं डिकार डाकणी डुलं ॥७९२॥

bhakaar bhoot pretana(n) ddikaar ddaakanee ddula(n) ||792||


ਗਿਰੈ ਧਰੰ ਧੁਰੰ ਧਰੰ ਧਰਾ ਧਰੰ ਧਰੰ ਜਿਵੰ ॥

गिरै धरं धुरं धरं धरा धरं धरं जिवं ॥

girai dhara(n) dhura(n) dhara(n) dharaa dhara(n) dhara(n) jiva(n) ||

ਭਭੱਜਿ ਸ੍ਰਉਣਤੰ ਤਣੈ ਉਠੰਤ ਭੈ ਕਰੀ ਧੁਨੰ ॥

भभज्जि स्रउणतं तणै उठंत भै करी धुनं ॥

bhabha'j sraunata(n) tanai uTha(n)t bhai karee dhuna(n) ||

ਉਠੰਤ ਗੱਦ ਸੱਦਣੰ ਨਨੱਦ ਨਿਫਿਰੰ ਰਣੰ ॥

उठंत गद्द सद्दणं ननद्द निफिरं रणं ॥

auTha(n)t ga'dh sa'dhana(n) nana'dh nifira(n) rana(n) ||

ਬਬਰਖ ਸਾਇਕੰ ਸਿਤੰ ਘੁਮੰਤ ਜੋਧਣੋ ਬ੍ਰਣੰ ॥੭੯੩॥

बबरख साइकं सितं घुमंत जोधणो ब्रणं ॥७९३॥

babarakh saika(n) sita(n) ghuma(n)t jodhano brana(n) ||793||


ਭਜੰਤ ਭੈ ਧਰੰ ਭਟੰ ਬਿਲੋਕ ਭਰਥਣੋ ਰਣੰ ॥

भजंत भै धरं भटं बिलोक भरथणो रणं ॥

bhaja(n)t bhai dhara(n) bhaTa(n) bilok bharathano rana(n) ||

ਚਲਯੋ ਚਿਰਾਇ ਕੈ ਚਪੀ ਬਬਰਖ ਸਾਇਕੋ ਸਿਤੰ ॥

चलयो चिराइ कै चपी बबरख साइको सितं ॥

chalayo chirai kai chapee babarakh saiko sita(n) ||

ਸੁ ਕ੍ਰੁੱਧ ਸਾਇਕੰ ਸਿਸੰ ਬਬੱਧ ਭਾਲਣੋ ਭਟੰ ॥

सु क्रुद्ध साइकं सिसं बबद्ध भालणो भटं ॥

s kru'dh saika(n) sisa(n) baba'dh bhaalano bhaTa(n) ||

ਪਪਾਤ ਪ੍ਰਿਥਵੀਯੰ ਹਠੀ ਮਮੋਹ ਆਸ੍ਰ ਮੰਗਤੰ ॥੭੯੪॥

पपात पृथवीयं हठी ममोह आस्र मंगतं ॥७९४॥

papaat pirathaveeya(n) haThee mamoh aasr ma(n)gata(n) ||794||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕੇ ਰਾਮਾਵਤਾਰੇ ਭਰਥ ਬਧਹਿ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤੰ ॥

इति स्री बचित्र नाटके रामावतारे भरथ बधहि धिआइ समापतं ॥

eit sree bachitr naaTake raamaavataare bharath badheh dhiaai samaapata(n) ||


ਅਨੂਪ ਨਰਾਜ ਛੰਦ

अनूप नराज छंद

anoop naraaj chha(n)dh

ਭਭੱਜਿ ਭੀਤਣੋ ਭਟੰ ਤਤੱਜਿ ਭਰਥਣੋ ਭੂਅੰ ॥

भभज्जि भीतणो भटं ततज्जि भरथणो भूअं ॥

bhabha'j bheetano bhaTa(n) tata'j bharathano bhooa(n) ||

ਗਿਰੰਤ ਲੁੱਥਤੰ ਉਠੰ ਰੁਰੋਦ ਰਾਘਵੰ ਤਟੰ ॥

गिरंत लुत्थतं उठं रुरोद राघवं तटं ॥

gira(n)t lu'thata(n) uTha(n) rurodh raaghava(n) taTa(n) ||

ਜੁਝੇ ਸੁ ਭ੍ਰਾਤ ਭਰਥਣੋ ਸੁਣੰਤ ਜਾਨਕੀ ਪਤੰ ॥

जुझे सु भ्रात भरथणो सुणंत जानकी पतं ॥

jujhe su bhraat bharathano suna(n)t jaanakee pata(n) ||

ਪਪਾਤ ਭੂਮਿਣੋ ਤਲੰ ਅਪੀੜ ਪੀੜਤੰ ਦੁਖੰ ॥੭੯੫॥

पपात भूमिणो तलं अपीड़ पीड़तं दुखं ॥७९५॥

papaat bhoomino tala(n) apeeR peeRata(n) dhukha(n) ||795||


ਸਸੱਜ ਜੋਧਣੰ ਜੁਧੀ ਸੁ ਕ੍ਰੁੱਧ ਬੱਧਣੋ ਬਰੰ ॥

ससज्ज जोधणं जुधी सु क्रुद्ध बद्धणो बरं ॥

sasa'j jodhana(n) judhee su kru'dh ba'dhano bara(n) ||

ਤਤੱਜਿ ਜੱਗ ਮੰਡਲੰ ਅਦੰਡ ਦੰਡਣੋ ਨਰੰ ॥

ततज्जि जग्ग मंडलं अदंड दंडणो नरं ॥

tata'j ja'g ma(n)ddala(n) adha(n)dd dha(n)ddano nara(n) ||

ਸੁ ਗੱਜ ਬੱਜ ਬਾਜਣੋ ਉਠੰਤ ਭੈ ਧਰੀ ਸੁਰੰ ॥

सु गज्ज बज्ज बाजणो उठंत भै धरी सुरं ॥

s ga'j ba'j baajano uTha(n)t bhai dharee sura(n) ||

ਸਨੱਧ ਬੱਧ ਖੈ ਦਲੰ ਸਬੱਧ ਜੋਧਣੋ ਬਰੰ ॥੭੯੬॥

सनद्ध बद्ध खै दलं सबद्ध जोधणो बरं ॥७९६॥

sana'dh ba'dh khai dhala(n) saba'dh jodhano bara(n) ||796||


ਚਚੱਕ ਚਾਵਡੀ ਨਭੰ ਫਿਕੰਤ ਫਿੰਕਰੀ ਧਰੰ ॥

चचक्क चावडी नभं फिकंत फिंकरी धरं ॥

chacha'k chaavaddee nabha(n) fika(n)t fi(n)karee dhara(n) ||

ਭਖੰਤ ਮਾਸ ਹਾਰਣੰ ਬਮੰਤ ਜ੍ਵਾਲ ਦੁਰਗਯੰ ॥

भखंत मास हारणं बमंत ज्वाल दुरगयं ॥

bhakha(n)t maas haarana(n) bama(n)t javaiaal dhuragaya(n) ||

ਪੁਅੰਤ ਪਾਰਬਤੀ ਸਿਰੰ ਨਚੰਤ ਈਸਣੋ ਰਣੰ ॥

पुअंत पारबती सिरं नचंत ईसणो रणं ॥

pua(n)t paarabatee sira(n) nacha(n)t ieesano rana(n) ||

ਭਕੰਤ ਭੂਤ ਪ੍ਰੇਤਣੋ ਬਕੰਤ ਬੀਰ ਬੈਤਲੰ ॥੭੯੭॥

भकंत भूत प्रेतणो बकंत बीर बैतलं ॥७९७॥

bhaka(n)t bhoot pretano baka(n)t beer baitala(n) ||797||


ਤਿਲਕਾ ਛੰਦ ॥

तिलका छंद ॥

tilakaa chha(n)dh ||


ਜੁੱਟੇ ਵੀਰੰ ॥

जुट्टे वीरं ॥

ju'Te veera(n) ||

ਛੁੱਟੇ ਤੀਰੰ ॥

छुट्टे तीरं ॥

chhu'Te teera(n) ||

ਫੁੱਟੇ ਅੰਗੰ ॥

फुट्टे अंगं ॥

fu'Te a(n)ga(n) ||

ਤੁੱਟੇ ਤੰਗੰ ॥੭੯੮॥

तुट्टे तंगं ॥७९८॥

tu'Te ta(n)ga(n) ||798||


ਭੱਗੇ ਵੀਰੰ ॥

भग्गे वीरं ॥

bha'ge veera(n) ||

ਲੱਗੇ ਤੀਰੰ ॥

लग्गे तीरं ॥

la'ge teera(n) ||

ਪਿੱਖੇ ਰਾਮੰ ॥

पिक्खे रामं ॥

pi'khe raama(n) ||

ਧਰਮੰ ਧਾਮੰ ॥੭੯੯॥

धरमं धामं ॥७९९॥

dharama(n) dhaama(n) ||799||


ਜੁੱਝੇ ਜੋਧੰ ॥

जुज्झे जोधं ॥

ju'jhe jodha(n) ||

ਮੱਚੇ ਕ੍ਰੋਧੰ ॥

मच्चे क्रोधं ॥

ma'che krodha(n) ||

ਬੰਧੋ ਬਾਲੰ ॥

बंधो बालं ॥

ba(n)dho baala(n) ||

ਬੀਰ ਉਤਾਲੰ ॥੮੦੦॥

बीर उतालं ॥८००॥

beer utaala(n) ||800||


ਢੁੱਕੇ ਫੇਰ ॥

ढुक्के फेर ॥

ddu'ke fer ||

ਲਿੱਨੇ ਘੇਰ ॥

लिन्ने घेर ॥

li'ne gher ||

ਵੀਰੈਂ ਬਾਲ ॥

वीरैं बाल ॥

veerai(n) baal ||

ਜਿਉ ਦ੍ਵੈਕਾਲ ॥੮੦੧॥

जिउ द्वैकाल ॥८०१॥

jiau dhavaikaal ||801||


ਤੱਜੀ ਕਾਣ ॥

तज्जी काण ॥

ta'jee kaan ||

ਮਾਰੇ ਬਾਣ ॥

मारे बाण ॥

maare baan ||

ਡਿੱਗੇ ਵੀਰ ॥

डिग्गे वीर ॥

ddi'ge veer ||

ਭੱਗੇ ਧੀਰ ॥੮੦੨॥

भग्गे धीर ॥८०२॥

bha'ge dheer ||802||


ਕੱਟੇ ਅੰਗ ॥

कट्टे अंग ॥

ka'Te a(n)g ||

ਡਿੱਗੇ ਜੰਗ ॥

डिग्गे जंग ॥

ddi'ge ja(n)g ||

ਸੁੱਧੰ ਸੂਰ ॥

सुद्धं सूर ॥

su'dha(n) soor ||

ਭਿੱਨੇ ਨੂਰ ॥੮੦੩॥

भिन्ने नूर ॥८०३॥

bhi'ne noor ||803||


ਲੱਖੈ ਨਾਹਿ ॥

लक्खै नाहि ॥

la'khai naeh ||

ਭੱਗੇ ਜਾਹਿ ॥

भग्गे जाहि ॥

bha'ge jaeh ||

ਤੱਜੇ ਰਾਮ ॥

तज्जे राम ॥

ta'je raam ||

ਧਰਮੰ ਧਾਮ ॥੮੦੪॥

धरमं धाम ॥८०४॥

dharama(n) dhaam ||804||


ਅਉਰੈ ਭੇਸ ॥

अउरै भेस ॥

aaurai bhes ||

ਖੁੱਲੇ ਕੇਸ ॥

खुल्ले केस ॥

khu'le kes ||

ਸਸਤ੍ਰੰ ਛੋਰ ॥

ससत्रं छोर ॥

sasatra(n) chhor ||

ਦੈ ਦੈ ਕੋਰ ॥੮੦੫॥

दै दै कोर ॥८०५॥

dhai dhai kor ||805||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਦੁਹੂੰ ਦਿਸਨ ਜੋਧਾ ਹਰੈ ਪਰਯੋ ਜੁੱਧ ਦੁਐ ਜਾਮ ॥

दुहूँ दिसन जोधा हरै परयो जुद्ध दुऐ जाम ॥

dhuhoo(n) dhisan jodhaa harai parayo ju'dh dhuaai jaam ||

ਜੂਝ ਸਕਲ ਸੈਨਾ ਗਈ ਰਹਿਗੇ ਏਕਲ ਰਾਮ ॥੮੦੬॥

जूझ सकल सैना गई रहिगे एकल राम ॥८०६॥

joojh sakal sainaa giee rahige ekal raam ||806||


ਤਿਹੂ ਭ੍ਰਾਤ ਬਿਨੁ ਭੈ ਹਨਯੋ ਅਰ ਸਭ ਦਲਹਿ ਸੰਘਾਰ ॥

तिहू भ्रात बिनु भै हनयो अर सभ दलहि संघार ॥

tihoo bhraat bin bhai hanayo ar sabh dhaleh sa(n)ghaar ||

ਲਵ ਅਰੁ ਕੁਸ ਜੂਝਨ ਨਿਮਿਤ ਲੀਨੋ ਰਾਮ ਹਕਾਰ ॥੮੦੭॥

लव अरु कुस जूझन निमित लीनो राम हकार ॥८०७॥

lav ar kus joojhan nimit leeno raam hakaar ||807||


ਸੈਨਾ ਸਕਲ ਜੁਝਾਇ ਕੈ ਕਤਿ ਬੈਠੇ ਛਪ ਜਾਇ ॥

सैना सकल जुझाइ कै कति बैठे छप जाइ ॥

sainaa sakal jujhai kai kat baiThe chhap jai ||

ਅਬ ਹਮ ਸੋ ਤੁਮਹੂੰ ਲਰੋ ਸੁਨਿ ਸੁਨਿ ਕਉਸਲ ਰਾਇ ॥੮੦੮॥

अब हम सो तुमहूँ लरो सुनि सुनि कउसल राइ ॥८०८॥

ab ham so tumahoo(n) laro sun sun kausal rai ||808||


ਨਿਰਖ ਬਾਲ ਨਿਜ ਰੂਪ ਪ੍ਰਭ ਕਹੇ ਬੈਨ ਮੁਸਕਾਇ ॥

निरख बाल निज रूप प्रभ कहे बैन मुसकाइ ॥

nirakh baal nij roop prabh kahe bain musakai ||

ਕਵਨ ਤਾਤ ਬਾਲਕ ਤੁਮੈ ਕਵਨ ਤਿਹਾਰੀ ਮਾਇ ॥੮੦੯॥

कवन तात बालक तुमै कवन तिहारी माइ ॥८०९॥

kavan taat baalak tumai kavan tihaaree mai ||809||


ਅਕਰਾ ਛੰਦ ॥

अकरा छंद ॥

akaraa chha(n)dh ||


ਮਿਥਲਾ ਪੁਰ ਰਾਜਾ ॥

मिथला पुर राजा ॥

mithalaa pur raajaa ||

ਜਨਕ ਸੁਭਾਜਾ ॥

जनक सुभाजा ॥

janak subhaajaa ||

ਤਿਹ ਸਿਸ ਸੀਤਾ ॥

तिह सिस सीता ॥

teh sis seetaa ||

ਅਤਿ ਸੁਭ ਗੀਤਾ ॥੮੧੦॥

अति सुभ गीता ॥८१०॥

at subh geetaa ||810||


ਸੋ ਬਨਿ ਆਏ ॥

सो बनि आए ॥

so ban aae ||

ਤਿਹ ਹਮ ਜਾਏ ॥

तिह हम जाए ॥

teh ham jaae ||

ਹੈਂ ਦੁਇ ਭਾਈ ॥

हैं दुइ भाई ॥

hai(n) dhui bhaiee ||

ਸੁਨਿ ਰਘੁਰਾਈ ॥੮੧੧॥

सुनि रघुराई ॥८११॥

sun raghuraiee ||811||


ਸੁਨਿ ਸੀਅ ਰਾਨੀ ॥

सुनि सीअ रानी ॥

sun seea raanee ||

ਰਘੁਬਰ ਜਾਨੀ ॥

रघुबर जानी ॥

raghubar jaanee ||

ਚਿਤ ਪਹਿਚਾਨੀ ॥

चित पहिचानी ॥

chit pahichaanee ||

ਮੁਖ ਨ ਬਖਾਨੀ ॥੮੧੨॥

मुख न बखानी ॥८१२॥

mukh na bakhaanee ||812||


ਤਿਹ ਸਿਸ ਮਾਨਯੋ ॥

तिह सिस मानयो ॥

teh sis maanayo ||

ਅਤਿ ਬਲ ਜਾਨਯੋ ॥

अति बल जानयो ॥

at bal jaanayo ||

ਹਠਿ ਰਣ ਕੀਨੋ ॥

हठि रण कीनो ॥

haTh ran keeno ||

ਕਹ ਨਹੀ ਦੀਨੋ ॥੮੧੩॥

कह नही दीनो ॥८१३॥

keh nahee dheeno ||813||


ਕਸਿ ਸਰ ਮਾਰੇ ॥

कसि सर मारे ॥

kas sar maare ||

ਸਿਸ ਨਹੀ ਹਾਰੇ ॥

सिस नही हारे ॥

sis nahee haare ||

ਬਹੁ ਬਿਧਿ ਬਾਣੰ ॥

बहु बिधि बाणं ॥

bahu bidh baana(n) ||

ਅਤਿ ਧਨੁ ਤਾਣੰ ॥੮੧੪॥

अति धनु ताणं ॥८१४॥

at dhan taana(n) ||814||


ਅੰਗ ਅੰਗ ਬੇਧੇ ॥

अंग अंग बेधे ॥

a(n)g a(n)g bedhe ||

ਸਭ ਤਨ ਛੇਦੇ ॥

सभ तन छेदे ॥

sabh tan chhedhe ||

ਸਭ ਦਲ ਸੂਝੇ ॥

सभ दल सूझे ॥

sabh dhal soojhe ||

ਰਘੁਬਰ ਜੂਝੇ ॥੮੧੫॥

रघुबर जूझे ॥८१५॥

raghubar joojhe ||815||


ਜਬ ਪ੍ਰਭ ਮਾਰੇ ॥

जब प्रभ मारे ॥

jab prabh maare ||

ਸਭ ਦਲ ਹਾਰੇ ॥

सभ दल हारे ॥

sabh dhal haare ||

ਬਹੁ ਬਿਧਿ ਭਾਗੇ ॥

बहु बिधि भागे ॥

bahu bidh bhaage ||

ਦੁਐ ਸਿਸ ਆਗੇ ॥੮੧੬॥

दुऐ सिस आगे ॥८१६॥

dhuaai sis aage ||816||


ਫਿਰਿ ਨ ਨਿਹਾਰੈਂ ॥

फिरि न निहारैं ॥

fir na nihaarai(n) ||

ਪ੍ਰਭੂ ਨ ਚਿਤਾਰੈਂ ॥

प्रभू न चितारैं ॥

prabhoo na chitaarai(n) ||

ਗ੍ਰਹ ਦਿਸਿ ਲੀਨਾ ॥

ग्रह दिसि लीना ॥

greh dhis leenaa ||

ਅਸ ਰਣ ਕੀਨਾ ॥੮੧੭॥

अस रण कीना ॥८१७॥

as ran keenaa ||817||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਤਬ ਦੁਹੂੰ ਬਾਲ ਅਯੋਧਨ ਦੇਖਾ ॥

तब दुहूँ बाल अयोधन देखा ॥

tab dhuhoo(n) baal ayodhan dhekhaa ||

ਮਨੋ ਰੁਦ੍ਰ ਕੀੜਾ ਬਨਿ ਪੇਖਾ ॥

मनो रुद्र कीड़ा बनि पेखा ॥

mano rudhr keeRaa ban pekhaa ||

ਕਾਟਿ ਧੁਜਨ ਕੇ ਬ੍ਰਿੱਛ ਸਵਾਰੇ ॥

काटि धुजन के बृच्छ सवारे ॥

kaaT dhujan ke bira'chh savaare ||

ਭੂਖਨ ਅੰਗ ਅਨੂਪ ਉਤਾਰੇ ॥੮੧੮॥

भूखन अंग अनूप उतारे ॥८१८॥

bhookhan a(n)g anoop utaare ||818||


ਮੂਰਛ ਭਏ ਸਭ ਲਏ ਉਠਈ ॥

मूरछ भए सभ लए उठई ॥

moorachh bhe sabh le uThiee ||

ਬਾਜ ਸਹਿਤ ਤਹ ਗੇ ਜਹ ਮਾਈ ॥

बाज सहित तह गे जह माई ॥

baaj sahit teh ge jeh maiee ||

ਦੇਖਿ ਸੀਆ ਪਤਿ ਮੁਖ ਰੋ ਦੀਨਾ ॥

देखि सीआ पति मुख रो दीना ॥

dhekh seeaa pat mukh ro dheenaa ||

ਕਹਯੋ ਪੂਤ ਬਿਧਵਾ ਮੁਹਿ ਕੀਨਾ ॥੮੧੯॥

कहयो पूत बिधवा मुहि कीना ॥८१९॥

kahayo poot bidhavaa muh keenaa ||819||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕੇ ਰਾਮਵਤਾਰ ਲਵ ਬਾਜ ਬਾਧਵੇ ਰਾਮ ਬਧਹ ॥

इति स्री बचित्र नाटके रामवतार लव बाज बाधवे राम बधह ॥

eit sree bachitr naaTake raamavataar lav baaj baadhave raam badheh ||


ਅਥ ਸੀਤਾ ਨੇ ਸਭ ਜੀਵਾਏ ਕਥਨੰ ॥

अथ सीता ने सभ जीवाए कथनं ॥

ath seetaa ne sabh jeevaae kathana(n) ||


ਸੀਤਾ ਬਾਚ ਪੁਤ੍ਰਨ ਸੋ ॥

सीता बाच पुत्रन सो ॥

seetaa baach putran so ||

ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਅਬ ਮੋ ਕਉ ਕਾਸਟ ਦੇ ਆਨਾ ॥

अब मो कउ कासट दे आना ॥

ab mo kau kaasaT dhe aanaa ||

ਜਰਉ ਲਾਗਿ ਪਹਿ ਹੋਊਾਂ ਮਸਾਨਾ ॥

जरउ लागि पहि होऊाँ मसाना ॥

jarau laag peh houooaa(n) masaanaa ||

ਸੁਨਿ ਮੁਨਿ ਰਾਜ ਬਹੁਤ ਬਿਧਿ ਰੋਏ ॥

सुनि मुनि राज बहुत बिधि रोए ॥

sun mun raaj bahut bidh roe ||

ਇਨ ਬਾਲਨ ਹਮਰੇ ਸੁਖ ਖੋਏ ॥੮੨੦॥

इन बालन हमरे सुख खोए ॥८२०॥

ein baalan hamare sukh khoe ||820||


ਜਬ ਸੀਤਾ ਤਨ ਚਹਾ ਕਿ ਕਾਢੂੰ ॥

जब सीता तन चहा कि काढूँ ॥

jab seetaa tan chahaa k kaaddoo(n) ||

ਜੋਗ ਅਗਨਿ ਉਪਰਾਜ ਸੁ ਛਾਡੂੰ ॥

जोग अगनि उपराज सु छाडूँ ॥

jog agan uparaaj su chhaaddoo(n) ||

ਤਬ ਇਮ ਭਈ ਗਗਨ ਤੇ ਬਾਨੀ ॥

तब इम भई गगन ते बानी ॥

tab im bhiee gagan te baanee ||

ਕਹਾ ਭਈ ਸੀਤਾ ਤੈ ਇਯਾਨੀ ॥੮੨੧॥

कहा भई सीता तै इयानी ॥८२१॥

kahaa bhiee seetaa tai iyaanee ||821||


ਅਰੂਪਾ ਛੰਦ ॥

अरूपा छंद ॥

aroopaa chha(n)dh ||


ਸੁਨੀ ਬਾਨੀ ॥

सुनी बानी ॥

sunee baanee ||

ਸੀਆ ਰਾਨੀ ॥

सीआ रानी ॥

seeaa raanee ||

ਲਯੋ ਆਨੀ ॥

लयो आनी ॥

layo aanee ||

ਕਰੈ ਪਾਨੀ ॥੮੨੨॥

करै पानी ॥८२२॥

karai paanee ||822||


ਸੀਤਾ ਬਾਚ ਮਨ ਮੈ ॥

सीता बाच मन मै ॥

seetaa baach man mai ||

ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਜਉ ਮਨ ਬਚ ਕਰਮਨ ਸਹਿਤ ਰਾਮ ਬਿਨਾ ਨਹੀ ਅਉਰ ॥

जउ मन बच करमन सहित राम बिना नही अउर ॥

jau man bach karaman sahit raam binaa nahee aaur ||

ਤਉ ਏ ਰਾਮ ਸਹਿਤ ਜੀਐ ਕਹਯੋ ਸੀਆ ਤਿਹ ਠਉਰ ॥੮੨੩॥

तउ ए राम सहित जीऐ कहयो सीआ तिह ठउर ॥८२३॥

tau e raam sahit jeeaai kahayo seeaa teh Thaur ||823||


ਅਰੂਪਾ ਛੰਦ ॥

अरूपा छंद ॥

aroopaa chha(n)dh ||


ਸਭੈ ਜਾਗੇ ॥

सभै जागे ॥

sabhai jaage ||

ਭ੍ਰਮੰ ਭਾਗੇ ॥

भ्रमं भागे ॥

bhrama(n) bhaage ||

ਹਠੰ ਤਯਾਗੇ ॥

हठं तयागे ॥

haTha(n) tayaage ||

ਪਗੰ ਲਾਗੇ ॥੮੨੪॥

पगं लागे ॥८२४॥

paga(n) laage ||824||


ਸੀਆ ਆਨੀ ॥

सीआ आनी ॥

seeaa aanee ||

ਜਗੰ ਰਾਨੀ ॥

जगं रानी ॥

jaga(n) raanee ||

ਧਰਮ ਧਾਨੀ ॥

धरम धानी ॥

dharam dhaanee ||

ਸਤੀ ਮਾਨੀ ॥੮੨੫॥

सती मानी ॥८२५॥

satee maanee ||825||


ਮਨੰ ਭਾਈ ॥

मनं भाई ॥

mana(n) bhaiee ||

ਉਰੰ ਲਾਈ ॥

उरं लाई ॥

aura(n) laiee ||

ਸਤੀ ਜਾਨੀ ॥

सती जानी ॥

satee jaanee ||

ਮਨੈ ਮਾਨੀ ॥੮੨੬॥

मनै मानी ॥८२६॥

manai maanee ||826||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਬਹੁ ਬਿਧਿ ਸੀਅਹਿ ਸਮੋਧ ਕਰਿ ਚਲੇ ਅਜੁਧਿਆ ਦੇਸ ॥

बहु बिधि सीअहि समोध करि चले अजुधिआ देस ॥

bahu bidh se'eeh samodh kar chale ajudhiaa dhes ||

ਲਵ ਕੁਸ ਦੋਊ ਪੁਤ੍ਰਨਿ ਸਹਿਤ ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਬੀਰ ਨਰੇਸ ॥੮੨੭॥

लव कुस दोऊ पुत्रनि सहित स्री रघुबीर नरेस ॥८२७॥

lav kus dhouoo putran sahit sree raghubeer nares ||827||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਬਹੁਤੁ ਭਾਤਿ ਕਰ ਸਿਸਨ ਸਮੋਧਾ ॥

बहुतु भाति कर सिसन समोधा ॥

bahut bhaat kar sisan samodhaa ||

ਸੀਯ ਰਘੁਬੀਰ ਚਲੇ ਪੁਰਿ ਅਉਧਾ ॥

सीय रघुबीर चले पुरि अउधा ॥

seey raghubeer chale pur aaudhaa ||

ਅਨਿਕ ਬੇਖ ਸੇ ਸਸਤ੍ਰ ਸੁਹਾਏ ॥

अनिक बेख से ससत्र सुहाए ॥

anik bekh se sasatr suhaae ||

ਜਾਨਤ ਤੀਨ ਰਾਮ ਬਨ ਆਏ ॥੮੨੮॥

जानत तीन राम बन आए ॥८२८॥

jaanat teen raam ban aae ||828||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕੇ ਰਾਮਵਤਾਰੇ ਤਿਹੂ ਭਿਰਾਤਨ ਸੈਨਾ ਸਹਿਤ ਜੀਬੋ ॥

इति स्री बचित्र नाटके रामवतारे तिहू भिरातन सैना सहित जीबो ॥

eit sree bachitr naaTake raamavataare tihoo bhiraatan sainaa sahit jeebo ||


ਸੀਤਾ ਦੁਹੂ ਪੁਤ੍ਰਨ ਸਹਿਤ ਪੁਰੀ ਅਵਧ ਪ੍ਰਵੇਸ ਕਥਨੰ ॥

सीता दुहू पुत्रन सहित पुरी अवध प्रवेस कथनं ॥

seetaa dhuhoo putran sahit puree avadh praves kathana(n) ||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਤਿਹੂੰ ਮਾਤ ਕੰਠਨ ਸੋ ਲਾਏ ॥

तिहूँ मात कंठन सो लाए ॥

tihoo(n) maat ka(n)Than so laae ||

ਦੋਊ ਪੁਤ੍ਰ ਪਾਇਨ ਲਪਟਾਏ ॥

दोऊ पुत्र पाइन लपटाए ॥

dhouoo putr pain lapaTaae ||

ਬਹੁਰ ਆਨਿ ਸੀਤਾ ਪਗ ਪਰੀ ॥

बहुर आनि सीता पग परी ॥

bahur aan seetaa pag paree ||

ਮਿਟ ਗਈ ਤਹੀਂ ਦੁਖਨ ਕੀ ਘਰੀ ॥੮੨੯॥

मिट गई तहीं दुखन की घरी ॥८२९॥

miT giee tahee(n) dhukhan kee gharee ||829||


ਬਾਜ ਮੇਧ ਪੂਰਨ ਕੀਅ ਜੱਗਾ ॥

बाज मेध पूरन कीअ जग्गा ॥

baaj medh pooran keea ja'gaa ||

ਕਉਸਲੇਸ ਰਘੁਬੀਰ ਅਭੱਗਾ ॥

कउसलेस रघुबीर अभग्गा ॥

kausales raghubeer abha'gaa ||

ਗ੍ਰਿਹ ਸਪੂਤ ਦੋ ਪੂਤ ਸੁਹਾਏ ॥

गृह सपूत दो पूत सुहाए ॥

gireh sapoot dho poot suhaae ||

ਦੇਸ ਬਿਦੇਸ ਜੀਤ ਗ੍ਰਹ ਆਏ ॥੮੩੦॥

देस बिदेस जीत ग्रह आए ॥८३०॥

dhes bidhes jeet greh aae ||830||


ਜੇਤਿਕ ਕਹੇ ਸੁ ਜੱਗ ਬਿਧਾਨਾ ॥

जेतिक कहे सु जग्ग बिधाना ॥

jetik kahe su ja'g bidhaanaa ||

ਬਿਧ ਪੂਰਬ ਕੀਨੇ ਤੇ ਨਾਨਾ ॥

बिध पूरब कीने ते नाना ॥

bidh poorab keene te naanaa ||

ਏਕ ਘਾਟ ਸਤ ਕੀਨੇ ਜੱਗਾ ॥

एक घाट सत कीने जग्गा ॥

ek ghaaT sat keene ja'gaa ||

ਚਟ ਪਟ ਚਕ੍ਰ ਇੰਦ੍ਰ ਉਠਿ ਭੱਗਾ ॥੮੩੧॥

चट पट चक्र इंद्र उठि भग्गा ॥८३१॥

chaT paT chakr i(n)dhr uTh bha'gaa ||831||


ਰਾਜਸੁਇ ਕੀਨੇ ਦਸ ਬਾਰਾ ॥

राजसुइ कीने दस बारा ॥

raajasui keene dhas baaraa ||

ਬਾਜ ਮੇਧਿ ਇੱਕੀਸ ਪ੍ਰਕਾਰਾ ॥

बाज मेधि इक्कीस प्रकारा ॥

baaj medh i'kees prakaaraa ||

ਗਵਾਲੰਭ ਅਜਮੇਧ ਅਨੇਕਾ ॥

गवालंभ अजमेध अनेका ॥

gavaala(n)bh ajamedh anekaa ||

ਭੂਮਿ ਮੱਧ ਕਰਮ ਕੀਏ ਅਨੇਕਾ ॥੮੩੨॥

भूमि मद्ध करम कीए अनेका ॥८३२॥

bhoom ma'dh karam ke'ee anekaa ||832||


ਨਾਗਮੇਧ ਖਟ ਜੱਗ ਕਰਾਏ ॥

नागमेध खट जग्ग कराए ॥

naagamedh khaT ja'g karaae ||

ਜਉਨ ਕਰੇ ਜਨਮੇ ਜਯ ਪਾਏ ॥

जउन करे जनमे जय पाए ॥

jaun kare janame jay paae ||

ਅਉਰੈ ਗਨਤ ਕਹਾ ਲਗ ਜਾਊਾਂ ॥

अउरै गनत कहा लग जाऊाँ ॥

aaurai ganat kahaa lag jaauooaa(n) ||

ਗ੍ਰੰਥ ਬਢਨ ਤੇ ਹੀਏ ਡਰਾਊਾਂ ॥੮੩੩॥

ग्रंथ बढन ते हीए डराऊाँ ॥८३३॥

gra(n)th baddan te he'ee ddaraauooaa(n) ||833||


ਦਸ ਸਹੰਸ੍ਰ ਦਸ ਬਰਖ ਪ੍ਰਮਾਨਾ ॥

दस सहंस्र दस बरख प्रमाना ॥

dhas saha(n)sr dhas barakh pramaanaa ||

ਰਾਜ ਕਰਾ ਪੁਰ ਅਉਧ ਨਿਧਾਨਾ ॥

राज करा पुर अउध निधाना ॥

raaj karaa pur aaudh nidhaanaa ||

ਤਬ ਲਉ ਕਾਲ ਦਸਾ ਨੀਅਰਾਈ ॥

तब लउ काल दसा नीअराई ॥

tab lau kaal dhasaa neearaiee ||

ਰਘੁਬਰ ਸਿਰਿ ਮ੍ਰਿਤ ਡੰਕ ਬਜਾਈ ॥੮੩੪॥

रघुबर सिरि मृत डंक बजाई ॥८३४॥

raghubar sir mirat dda(n)k bajaiee ||834||


ਨਮਸਕਾਰ ਤਿਹ ਬਿਬਿਧਿ ਪ੍ਰਕਾਰਾ ॥

नमसकार तिह बिबिधि प्रकारा ॥

namasakaar teh bibidh prakaaraa ||

ਜਿਨ ਜਗ ਜੀਤ ਕਰਯੋ ਬਸ ਸਾਰਾ ॥

जिन जग जीत करयो बस सारा ॥

jin jag jeet karayo bas saaraa ||

ਸਭਹਨ ਸੀਸ ਡੰਕ ਤਿਹ ਬਾਜਾ ॥

सभहन सीस डंक तिह बाजा ॥

sabhahan sees dda(n)k teh baajaa ||

ਜੀਤ ਨ ਸਕਾ ਰੰਕ ਅਰੁ ਰਾਜਾ ॥੮੩੫॥

जीत न सका रंक अरु राजा ॥८३५॥

jeet na sakaa ra(n)k ar raajaa ||835||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਜੇ ਤਿਨ ਕੀ ਸਰਨੀ ਪਰੇ ਕਰ ਦੈ ਲਏ ਬਚਾਇ ॥

जे तिन की सरनी परे कर दै लए बचाइ ॥

je tin kee saranee pare kar dhai le bachai ||

ਜੌ ਨਹੀ ਕੋਊ ਬਾਚਿਆ ਕਿਸਨ ਬਿਸਨ ਰਘੁਰਾਇ ॥੮੩੬॥

जौ नही कोऊ बाचिआ किसन बिसन रघुराइ ॥८३६॥

jau nahee kouoo baachiaa kisan bisan raghurai ||836||


ਚੌਪਈ ਛੰਦ ॥

चौपई छंद ॥

chauapiee chha(n)dh ||


ਬਹੁ ਬਿਧਿ ਕਰੋ ਰਾਜ ਕੋ ਸਾਜਾ ॥

बहु बिधि करो राज को साजा ॥

bahu bidh karo raaj ko saajaa ||

ਦੇਸ ਦੇਸ ਕੇ ਜੀਤੇ ਰਾਜਾ ॥

देस देस के जीते राजा ॥

dhes dhes ke jeete raajaa ||

ਸਾਮ ਦਾਮ ਅਰੁ ਦੰਡ ਸਭੇਦਾ ॥

साम दाम अरु दंड सभेदा ॥

saam dhaam ar dha(n)dd sabhedhaa ||

ਜਿਹ ਬਿਧਿ ਹੁਤੀ ਸਾਸਨਾ ਬੇਦਾ ॥੮੩੭॥

जिह बिधि हुती सासना बेदा ॥८३७॥

jeh bidh hutee saasanaa bedhaa ||837||


ਬਰਨ ਬਰਨ ਅਪਨੀ ਕ੍ਰਿਤ ਲਾਏ ॥

बरन बरन अपनी कृत लाए ॥

baran baran apanee kirat laae ||

ਚਾਰ ਚਾਰ ਹੀ ਬਰਨ ਚਲਾਏ ॥

चार चार ही बरन चलाए ॥

chaar chaar hee baran chalaae ||

ਛਤ੍ਰੀ ਕਰੈਂ ਬਿੱਪ੍ਰ ਕੀ ਸੇਵਾ ॥

छत्री करैं बिप्प्र की सेवा ॥

chhatree karai(n) bi'pr kee sevaa ||


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