P-26 Rama Avatar Ramayana (Chaubis Avatar) (hindi punjabi english)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
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ਰਘੁਨਾਥ ਹਰੀ ਸੀਅ ਹੇਰ ਮਨੰ ॥

रघुनाथ हरी सीअ हेर मनं ॥

raghunaath haree seea her mana(n) ||

ਗਹਿ ਬਾਨ ਸਿਲਾ ਸਿਤ ਸੱਜਿ ਧਨੰ ॥

गहि बान सिला सित सज्जि धनं ॥

geh baan silaa sit sa'j dhana(n) ||

ਚਹੂੰ ਓਰ ਸੁਧਾਰ ਨਿਹਾਰ ਫਿਰੇ ॥

चहूँ ओर सुधार निहार फिरे ॥

chahoo(n) or sudhaar nihaar fire ||

ਛਿਤ ਊਪਰ ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਰਾਜ ਗਿਰੇ ॥੩੫੬॥

छित ऊपर स्री रघुराज गिरे ॥३५६॥

chhit uoopar sree raghuraaj gire ||356||


ਲਘੁ ਬੀਰ ਉਠਾਇ ਸੁ ਅੰਕ ਭਰੇ ॥

लघु बीर उठाइ सु अंक भरे ॥

lagh beer uThai su a(n)k bhare ||

ਮੁਖ ਪੋਛ ਤਬੈ ਬਚਨਾ ਉਚਰੇ ॥

मुख पोछ तबै बचना उचरे ॥

mukh pochh tabai bachanaa uchare ||

ਕਸ ਅਧੀਰ ਪਰੇ ਪ੍ਰਭ ਧੀਰ ਧਰੋ ॥

कस अधीर परे प्रभ धीर धरो ॥

kas adheer pare prabh dheer dharo ||

ਸੀਅ ਜਾਇ ਕਹਾ ਤਿਹ ਸੋਧ ਕਰੋ ॥੩੫੭॥

सीअ जाइ कहा तिह सोध करो ॥३५७॥

seea jai kahaa teh sodh karo ||357||


ਉਠ ਠਾਢਿ ਭਏ ਫਿਰਿ ਭੂਮ ਗਿਰੇ ॥

उठ ठाढि भए फिरि भूम गिरे ॥

auTh Thaadd bhe fir bhoom gire ||

ਪਹਰੇਕਕ ਲਉ ਫਿਰ ਪ੍ਰਾਨ ਫਿਰੇ ॥

पहरेकक लउ फिर प्रान फिरे ॥

paharekak lau fir praan fire ||

ਤਨ ਚੇਤ ਸੁਚੇਤ ਉਠੇ ਹਰਿ ਯੌਂ ॥

तन चेत सुचेत उठे हरि यौं ॥

tan chet suchet uThe har yaua(n) ||

ਰਣ ਮੰਡਲ ਮੱਧਿ ਗਿਰਯੋ ਭਟ ਜਯੋਂ ॥੩੫੮॥

रण मंडल मद्धि गिरयो भट जयों ॥३५८॥

ran ma(n)ddal ma'dh girayo bhaT jayo(n) ||358||


ਛਹੂੰ ਓਰ ਪੁਕਾਰ ਬਕਾਰ ਥਕੇ ॥

छहूँ ओर पुकार बकार थके ॥

chhahoo(n) or pukaar bakaar thake ||

ਲਘੁ ਭ੍ਰਾਤ ਬਹੁ ਭਾਤਿ ਝਥੇ ॥

लघु भ्रात बहु भाति झथे ॥

lagh bhraat bahu bhaat jhathe ||

ਉਠ ਕੈ ਪੁਨ ਪ੍ਰਾਤ ਇਸਨਾਨ ਗਏ ॥

उठ कै पुन प्रात इसनान गए ॥

auTh kai pun praat isanaan ge ||

ਜਲ ਜੰਤ ਸਭੈ ਜਰਿ ਛਾਰਿ ਭਏ ॥੩੫੯॥

जल जंत सभै जरि छारि भए ॥३५९॥

jal ja(n)t sabhai jar chhaar bhe ||359||


ਬਿਰਹੀ ਜਿਹ ਓਰ ਸੁ ਦਿਸਟ ਧਰੈ ॥

बिरही जिह ओर सु दिसट धरै ॥

birahee jeh or su dhisaT dharai ||

ਫਲ ਫੂਲ ਪਲਾਸ ਅਕਾਸ ਜਰੈ ॥

फल फूल पलास अकास जरै ॥

fal fool palaas akaas jarai ||

ਕਰ ਸੌ ਧਰ ਜਉਨ ਛੁਅੰਤ ਭਈ ॥

कर सौ धर जउन छुअंत भई ॥

kar sau dhar jaun chhua(n)t bhiee ||

ਕਚ ਬਾਸਨ ਜਯੋਂ ਪਕ ਫੂਟ ਗਈ ॥੩੬੦॥

कच बासन जयों पक फूट गई ॥३६०॥

kach baasan jayo(n) pak fooT giee ||360||


ਜਿਹ ਭੂਮ ਥਲੀ ਪਰ ਰਾਮ ਫਿਰੇ ॥

जिह भूम थली पर राम फिरे ॥

jeh bhoom thalee par raam fire ||

ਦਵ ਜਯੋਂ ਜਲ ਪਾਤ ਪਲਾਸ ਗਿਰੇ ॥

दव जयों जल पात पलास गिरे ॥

dhav jayo(n) jal paat palaas gire ||

ਟੁਟ ਆਸੂ ਆਰਣ ਨੈਨ ਝਰੀ ॥

टुट आसू आरण नैन झरी ॥

TuT aasoo aaran nain jharee ||

ਮਨੋ ਤਾਤ ਤਵਾ ਪਰ ਬੂੰਦ ਪਰੀ ॥੩੬੧॥

मनो तात तवा पर बूँद परी ॥३६१॥

mano taat tavaa par boo(n)dh paree ||361||


ਤਨ ਰਾਘਵ ਭੇਟ ਸਮੀਰ ਜਰੀ ॥

तन राघव भेट समीर जरी ॥

tan raaghav bheT sameer jaree ||

ਤਜ ਧੀਰ ਸਰੋਵਰ ਸਾਝ ਦੁਰੀ ॥

तज धीर सरोवर साझ दुरी ॥

taj dheer sarovar saajh dhuree ||

ਨਹਿ ਤੱਤ੍ਰ ਥਲੀ ਸਤ ਪੱਤ੍ਰ ਰਹੇ ॥

नहि तत्त्र थली सत पत्त्र रहे ॥

neh ta'tr thalee sat pa'tr rahe ||

ਜਲ ਜੰਤ ਪਰਤ੍ਰਿਨ ਪਤ੍ਰ ਦਹੇ ॥੩੬੨॥

जल जंत परतृन पत्र दहे ॥३६२॥

jal ja(n)t paratiran patr dhahe ||362||


ਇਤ ਢੂੰਢ ਬਨੇ ਰਘੁਨਾਥ ਫਿਰੇ ॥

इत ढूँढ बने रघुनाथ फिरे ॥

eit ddoo(n)dd bane raghunaath fire ||

ਉਤ ਰਾਵਨ ਆਨ ਜਟਾਯੁ ਘਿਰੇ ॥

उत रावन आन जटायु घिरे ॥

aut raavan aan jaTaay ghire ||

ਰਣ ਛੋਰ ਹਠੀ ਪਗ ਦੁਐ ਨ ਭਜਯੋ ॥

रण छोर हठी पग दुऐ न भजयो ॥

ran chhor haThee pag dhuaai na bhajayo ||

ਉਡ ਪੱਛ ਗਏ ਪੈ ਨ ਪੱਛ ਤਜਯੋ ॥੩੬੩॥

उड पच्छ गए पै न पच्छ तजयो ॥३६३॥

audd pa'chh ge pai na pa'chh tajayo ||363||


ਗੀਤਾ ਮਾਲਤੀ ਛੰਦ ॥

गीता मालती छंद ॥

geetaa maalatee chha(n)dh ||


ਪਛਰਾਜ ਰਾਵਨ ਮਾਰਿ ਕੈ ਰਘੁਰਾਜ ਸੀਤਹਿ ਲੈ ਗਯੋ ॥

पछराज रावन मारि कै रघुराज सीतहि लै गयो ॥

pachharaaj raavan maar kai raghuraaj seeteh lai gayo ||

ਨਭਿ ਓਰ ਖੋਰ ਨਿਹਾਰ ਕੈ ਸੁ ਜਟਾਉ ਸੀਅ ਸੰਦੇਸ ਦਯੋ ॥

नभि ओर खोर निहार कै सु जटाउ सीअ संदेस दयो ॥

nabh or khor nihaar kai su jaTaau seea sa(n)dhes dhayo ||

ਤਬ ਜਾਨ ਰਾਮ ਗਏ ਬਲੀ ਸੀਅ ਸੱਤ ਰਾਵਨ ਹੀ ਹਰੀ ॥

तब जान राम गए बली सीअ सत्त रावन ही हरी ॥

tab jaan raam ge balee seea sa't raavan hee haree ||

ਹਨਵੰਤ ਮਾਰਗ ਮੋ ਮਿਲੇ ਤਬ ਮਿੱਤ੍ਰਤਾ ਤਾ ਸੋਂ ਕਰੀ ॥੩੬੪॥

हनवंत मारग मो मिले तब मित्त्रता ता सों करी ॥३६४॥

hanava(n)t maarag mo mile tab mi'trataa taa so(n) karee ||364||


ਤਿਨ ਆਨ ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਰਾਜ ਕੇ ਕਪਿਰਾਜ ਪਾਇਨ ਡਾਰਯੋ ॥

तिन आन स्री रघुराज के कपिराज पाइन डारयो ॥

tin aan sree raghuraaj ke kapiraaj pain ddaarayo ||

ਤਿਨ ਬੈਠ ਗੈਠ ਇਕੈਠ ਹ੍ਵੈ ਇਹ ਭਾਤਿ ਮੰਤ੍ਰ ਬਿਚਾਰਯੋ ॥

तिन बैठ गैठ इकैठ ह्वै इह भाति मंत्र बिचारयो ॥

tin baiTh gaiTh ikaiTh havai ieh bhaat ma(n)tr bichaarayo ||

ਕਪਿ ਬੀਰ ਧੀਰ ਸਧੀਰ ਕੇ ਭਟ ਮੰਤ੍ਰ ਬੀਰ ਬਿਚਾਰ ਕੈ ॥

कपि बीर धीर सधीर के भट मंत्र बीर बिचार कै ॥

kap beer dheer sadheer ke bhaT ma(n)tr beer bichaar kai ||

ਅਪਨਾਇ ਸੁਗ੍ਰਿਵ ਕਉ ਚਲੁ ਕਪਿਰਾਜ ਬਾਲ ਸੰਘਾਰ ਕੈ ॥੩੬੫॥

अपनाइ सुगृव कउ चलु कपिराज बाल संघार कै ॥३६५॥

apanai sugirav kau chal kapiraaj baal sa(n)ghaar kai ||365||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ ਗ੍ਰੰਥੇ ਬਾਲ ਬਧਹ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤਮ ॥੮॥

इति स्री बचित्र नाटक ग्रंथे बाल बधह धिआइ समापतम ॥८॥

eit sree bachitr naaTak gra(n)the baal badheh dhiaai samaapatam ||8||


ਅਥ ਹਨੂਮਾਨ ਸੋਧ ਕੋ ਪਠੈਬੋ ॥

अथ हनूमान सोध को पठैबो ॥

ath hanoomaan sodh ko paThaibo ||

ਗੀਤਾ ਮਾਲਤੀ ਛੰਦ ॥

गीता मालती छंद ॥

geetaa maalatee chha(n)dh ||


ਦਲ ਬਾਟ ਚਾਰ ਦਿਸਾ ਪਠਯੋ ਹਨਵੰਤ ਲੰਕ ਪਠੈ ਦਏ ॥

दल बाट चार दिसा पठयो हनवंत लंक पठै दए ॥

dhal baaT chaar dhisaa paThayo hanava(n)t la(n)k paThai dhe ||

ਲੈ ਮੁਦ੍ਰਕਾ ਲਖ ਬਾਰਿਧੈ ਜਹ ਸੀ ਹੁਤੀ ਤਹ ਜਾਤ ਭੇ ॥

लै मुद्रका लख बारिधै जह सी हुती तह जात भे ॥

lai mudhrakaa lakh baaridhai jeh see hutee teh jaat bhe ||

ਪੁਰ ਜਾਰਿ ਅੱਛ ਕੁਮਾਰ ਛੈ ਬਨ ਟਾਰਿ ਕੈ ਫਿਰ ਆਇਯੋ ॥

पुर जारि अच्छ कुमार छै बन टारि कै फिर आइयो ॥

pur jaar a'chh kumaar chhai ban Taar kai fir aaiyo ||

ਕ੍ਰਿਤ ਚਾਰ ਜੋ ਅਮਰਾਰਿ ਕੋ ਸਭ ਰਾਮ ਤੀਰ ਜਤਾਇਯੋ ॥੩੬੬॥

कृत चार जो अमरारि को सभ राम तीर जताइयो ॥३६६॥

kirat chaar jo amaraar ko sabh raam teer jataiyo ||366||


ਦਲ ਜੋਰ ਕੋਰ ਕਰੋਰ ਲੈ ਬਡ ਘੋਰ ਤੋਰ ਸਭੈ ਚਲੇ ॥

दल जोर कोर करोर लै बड घोर तोर सभै चले ॥

dhal jor kor karor lai badd ghor tor sabhai chale ||

ਰਾਮਚੰਦ੍ਰ ਸੁਗ੍ਰੀਵ ਲਛਮਨ ਅਉਰ ਸੂਰ ਭਲੇ ਭਲੇ ॥

रामचंद्र सुग्रीव लछमन अउर सूर भले भले ॥

raamacha(n)dhr sugreev lachhaman aaur soor bhale bhale ||

ਜਾਮਵੰਤ ਸੁਖੈਨ ਨੀਲ ਹਣਵੰਤ ਅੰਗਦ ਕੇਸਰੀ ॥

जामवंत सुखैन नील हणवंत अंगद केसरी ॥

jaamava(n)t sukhain neel hanava(n)t a(n)gadh kesaree ||

ਕਪਿ ਪੂਤ ਜੂਥ ਪਜੂਥ ਲੈ ਉਮਡੇ ਚਹੂੰ ਦਿਸ ਕੈ ਝਰੀ ॥੩੬੭॥

कपि पूत जूथ पजूथ लै उमडे चहूँ दिस कै झरी ॥३६७॥

kap poot jooth pajooth lai umadde chahoo(n) dhis kai jharee ||367||


ਪਾਟਿ ਬਾਰਿਧ ਰਾਜ ਕਉ ਕਰਿ ਬਾਟਿ ਲਾਘ ਗਏ ਜਬੈ ॥

पाटि बारिध राज कउ करि बाटि लाघ गए जबै ॥

paaT baaridh raaj kau kar baaT laagh ge jabai ||

ਦੂਤ ਦਈਤਨ ਕੇ ਹੁਤੇ ਤਬ ਦਉਰ ਰਾਵਨ ਪੈ ਗਏ ॥

दूत दईतन के हुते तब दउर रावन पै गए ॥

dhoot dhieetan ke hute tab dhaur raavan pai ge ||

ਰਨ ਸਾਜ ਬਾਜ ਸਭੈ ਕਰੋ ਇਕ ਬੇਨਤੀ ਮਨ ਮਾਨੀਐ ॥

रन साज बाज सभै करो इक बेनती मन मानीऐ ॥

ran saaj baaj sabhai karo ik benatee man maaneeaai ||

ਗੜ ਲੰਕ ਬੰਕ ਸੰਭਾਰੀਐ ਰਘੁਬੀਰ ਆਗਮ ਜਾਨੀਐ ॥੩੬੮॥

गड़ लंक बंक संभारीऐ रघुबीर आगम जानीऐ ॥३६८॥

gaR la(n)k ba(n)k sa(n)bhaareeaai raghubeer aagam jaaneeaai ||368||


ਧੂਮ੍ਰ ਅੱਛ ਸੁ ਜਾਬਮਾਲ ਬੁਲਾਇ ਵੀਰ ਪਠੈ ਦਏ ॥

धूम्र अच्छ सु जाबमाल बुलाइ वीर पठै दए ॥

dhoomr a'chh su jaabamaal bulai veer paThai dhe ||

ਸੋਰ ਕੋਰ ਕ੍ਰੋਰ ਕੈ ਜਹਾ ਰਾਮ ਥੇ ਤਹਾ ਜਾਤ ਭੇ ॥

सोर कोर क्रोर कै जहा राम थे तहा जात भे ॥

sor kor kror kai jahaa raam the tahaa jaat bhe ||

ਰੋਸ ਕੈ ਹਨਵੰਤ ਥਾ ਪਗ ਰੋਪ ਪਾਵ ਪ੍ਰਹਾਰੀਯੰ ॥

रोस कै हनवंत था पग रोप पाव प्रहारीयं ॥

ros kai hanava(n)t thaa pag rop paav prahaareeya(n) ||

ਜੂਝਿ ਭੂਮਿ ਗਿਰਯੋ ਬਲੀ ਸੁਰ ਲੋਕ ਮਾਝਿ ਬਿਹਾਰੀਯੰ ॥੩੬੯॥

जूझि भूमि गिरयो बली सुर लोक माझि बिहारीयं ॥३६९॥

joojh bhoom girayo balee sur lok maajh bihaareeya(n) ||369||


ਜਾਬਮਾਲ ਭਿਰੇ ਕਛੂ ਪੁਨ ਮਾਰਿ ਐਸੇ ਈ ਕੈ ਲਏ ॥

जाबमाल भिरे कछू पुन मारि ऐसे ई कै लए ॥

jaabamaal bhire kachhoo pun maar aaise iee kai le ||

ਭਾਜ ਕੀਨ ਪ੍ਰਵੇਸ ਲੰਕ ਸੰਦੇਸ ਰਾਵਨ ਸੋ ਦਏ ॥

भाज कीन प्रवेस लंक संदेस रावन सो दए ॥

bhaaj keen praves la(n)k sa(n)dhes raavan so dhe ||

ਧੂਮਰਾਛ ਸੁ ਜਾਬਮਾਲ ਦੁਹਹੂੰ ਰਾਘਵ ਜੂ ਹਰਿਓ ॥

धूमराछ सु जाबमाल दुहहूँ राघव जू हरिओ ॥

dhoomaraachh su jaabamaal dhuhahoo(n) raaghav joo hario ||

ਹੈ ਕਛੂ ਪ੍ਰਭੁ ਕੇ ਹੀਏ ਸੁਭ ਮੰਤ੍ਰ ਆਵਤ ਸੋ ਕਰੋ ॥੩੭੦॥

है कछू प्रभु के हीए सुभ मंत्र आवत सो करो ॥३७०॥

hai kachhoo prabh ke he'ee subh ma(n)tr aavat so karo ||370||


ਪੇਖ ਤੀਰ ਅਕੰਪਨੈ ਦਲ ਸੰਗਿ ਦੈ ਸੁ ਪਠੈ ਦਯੋ ॥

पेख तीर अकंपनै दल संगि दै सु पठै दयो ॥

pekh teer aka(n)panai dhal sa(n)g dhai su paThai dhayo ||

ਭਾਤਿ ਭਾਤਿ ਬਜੇ ਬਜੰਤ੍ਰ ਨਿਨੱਦ ਸੱਦ ਪੁਰੀ ਭਯੋ ॥

भाति भाति बजे बजंत्र निनद्द सद्द पुरी भयो ॥

bhaat bhaat baje baja(n)tr nina'dh sa'dh puree bhayo ||

ਸੁਰ ਰਾਇ ਆਦਿ ਪ੍ਰਹਸਤ ਤੇ ਇਹ ਭਾਤਿ ਮੰਤ੍ਰ ਬਿਚਾਰਿਯੋ ॥

सुर राइ आदि प्रहसत ते इह भाति मंत्र बिचारियो ॥

sur rai aadh prahasat te ieh bhaat ma(n)tr bichaariyo ||

ਸੀਅ ਦੇ ਮਿਲੋ ਰਘੁਰਾਜ ਕੋ ਕਸ ਰੋਸ ਰਾਵ ਸੰਭਾਰਿਯੋ ॥੩੭੧॥

सीअ दे मिलो रघुराज को कस रोस राव संभारियो ॥३७१॥

seea dhe milo raghuraaj ko kas ros raav sa(n)bhaariyo ||371||


ਛਪਯ ਛੰਦ ॥

छपय छंद ॥

chhapay chha(n)dh ||


ਝਲ ਹਲੰਤ ਤਰਵਾਰ ਬਜਤ ਬਾਜੰਤ੍ਰ ਮਹਾ ਧੁਨ ॥

झल हलंत तरवार बजत बाजंत्र महा धुन ॥

jhal hala(n)t taravaar bajat baaja(n)tr mahaa dhun ||

ਖੜ ਹੜੰਤ ਖਹ ਖੋਲ ਧਯਾਨ ਤਜਿ ਪਰਤ ਚਵਧ ਮੁਨ ॥

खड़ हड़ंत खह खोल धयान तजि परत चवध मुन ॥

khaR haRa(n)t kheh khol dhayaan taj parat chavadh mun ||

ਇੱਕ ਇੱਕ ਲੈ ਚਲੈ ਇੱਕ ਤਨ ਇੱਕ ਅਰੁੱਝੈ ॥

इक्क इक्क लै चलै इक्क तन इक्क अरुज्झै ॥

ei'k i'k lai chalai i'k tan i'k aru'jhai ||

ਅੰਧ ਧੁੰਧ ਪਰ ਗਈ ਹੱਥਿ ਅਰ ਮੁੱਖ ਨ ਸੁੱਝੈ ॥

अंध धुँध पर गई हत्थि अर मुक्ख न सुज्झै ॥

a(n)dh dhu(n)dh par giee ha'th ar mu'kh na su'jhai ||

ਸੁਮੁਹੇ ਸੂਰ ਸਾਵੰਤ ਸਭ ਫਉਜ ਰਾਜ ਅੰਗਦ ਸਮਰ ॥

सुमुहे सूर सावंत सभ फउज राज अंगद समर ॥

sumuhe soor saava(n)t sabh fauj raaj a(n)gadh samar ||

ਜੈ ਸੱਦ ਨਿਨੱਦ ਬਿਹੱਦ ਹੂਅ ਧਨੁ ਜੰਪਤ ਸੁਰਪੁਰ ਅਮਰ ॥੩੭੨॥

जै सद्द निनद्द बिहद्द हूअ धनु जंपत सुरपुर अमर ॥३७२॥

jai sa'dh nina'dh biha'dh hooa dhan ja(n)pat surapur amar ||372||


ਇਤ ਅੰਗਦ ਯੁਵਰਾਜ ਦੁਤੀਅ ਦਿਸ ਬੀਰ ਅਕੰਪਨ ॥

इत अंगद युवराज दुतीअ दिस बीर अकंपन ॥

eit a(n)gadh yuvaraaj dhuteea dhis beer aka(n)pan ||

ਕਰਤ ਬ੍ਰਿਸਟ ਸਰ ਧਾਰ ਤਜਤ ਨਹੀ ਨੈਕ ਅਯੋਧਨ ॥

करत बृसट सर धार तजत नही नैक अयोधन ॥

karat birasaT sar dhaar tajat nahee naik ayodhan ||

ਹੱਥ ਬੱਥ ਮਿਲ ਗਈ ਲੁੱਥ ਬਿੱਥਰੀ ਅਹਾੜੰ ॥

हत्थ बत्थ मिल गई लुत्थ बित्थरी अहाड़ं ॥

ha'th ba'th mil giee lu'th bi'tharee ahaaRa(n) ||

ਘੁੱਮੇ ਘਾਇ ਅਘਾਇ ਬੀਰ ਬੰਕੜੇ ਬਬਾੜੰ ॥

घुम्मे घाइ अघाइ बीर बंकड़े बबाड़ं ॥

ghu'me ghai aghai beer ba(n)kaRe babaaRa(n) ||

ਪਿੱਖਤ ਬੈਠ ਬਿਬਾਣ ਬਰ ਧੰਨ ਧੰਨ ਜੰਪਤ ਅਮਰ ॥

पिक्खत बैठ बिबाण बर धंन धंन जंपत अमर ॥

pi'khat baiTh bibaan bar dha(n)n dha(n)n ja(n)pat amar ||

ਭਵ ਭੂਤ ਭਵਿੱਖਯ ਭਵਾਨ ਮੋ ਅਬ ਲਗ ਲਖਯੋ ਨ ਅਸ ਸਮਰ ॥੩੭੩॥

भव भूत भविक्खय भवान मो अब लग लखयो न अस समर ॥३७३॥

bhav bhoot bhavi'khay bhavaan mo ab lag lakhayo na as samar ||373||


ਕਹੂੰ ਮੁੰਡ ਪਿਖੀਅਹ ਕਹੂੰ ਭਕ ਰੁੰਡ ਪਰੇ ਧਰ ॥

कहूँ मुँड पिखीअह कहूँ भक रुँड परे धर ॥

kahoo(n) mu(n)dd pikhe'eeh kahoo(n) bhak ru(n)dd pare dhar ||

ਕਿਤਹੀ ਜਾਘ ਤਰਫੰਤ ਕਹੂੰ ਉਛਰੰਤ ਸੁ ਛਬ ਕਰ ॥

कितही जाघ तरफंत कहूँ उछरंत सु छब कर ॥

kitahee jaagh tarafa(n)t kahoo(n) uchhara(n)t su chhab kar ||

ਭਰਤ ਪੱਤ੍ਰ ਖੇਚਰੰ ਕਹੂੰ ਚਾਵੰਡ ਚਿਕਾਰੈਂ ॥

भरत पत्त्र खेचरं कहूँ चावंड चिकारैं ॥

bharat pa'tr khechara(n) kahoo(n) chaava(n)dd chikaarai(n) ||

ਕਿਲਕਤ ਕਤਹ ਮਸਾਨ ਕਹੂੰ ਭੈਰਵ ਭਭਕਾਰੈਂ ॥

किलकत कतह मसान कहूँ भैरव भभकारैं ॥

kilakat kateh masaan kahoo(n) bhairav bhabhakaarai(n) ||

ਇਹ ਭਾਤਿ ਬਿਜੈ ਕਪਿ ਕੀ ਭਈ ਹਣਯੋ ਅਸੁਰ ਰਾਵਣ ਤਣਾ ॥

इह भाति बिजै कपि की भई हणयो असुर रावण तणा ॥

eeh bhaat bijai kap kee bhiee hanayo asur raavan tanaa ||

ਭੈ ਦੱਗ ਅਦੱਗ ਭੱਗੇ ਹਠੀ ਗਹਿ ਗਹਿ ਕਰ ਦਾਤਨ ਤ੍ਰਿਣਾ ॥੩੭੪॥

भै दग्ग अदग्ग भग्गे हठी गहि गहि कर दातन तृणा ॥३७४॥

bhai dha'g adha'g bha'ge haThee geh geh kar dhaatan tiranaa ||374||


ਉਤੈ ਦੂਤ ਰਾਵਣੈ ਜਾਇ ਹਤ ਬੀਰ ਸੁਣਾਯੋ ॥

उतै दूत रावणै जाइ हत बीर सुणायो ॥

autai dhoot raavanai jai hat beer sunaayo ||

ਇਤ ਕਪਿਪਤ ਅਰੁ ਰਾਮ ਦੂਤ ਅੰਗਦਹਿ ਪਠਾਯੋ ॥

इत कपिपत अरु राम दूत अंगदहि पठायो ॥

eit kapipat ar raam dhoot a(n)gadheh paThaayo ||

ਕਹੀ ਕੱਥ ਤਿਹ ਸੱਥ ਗੱਥ ਕਰਿ ਤੱਥ ਸੁਨਾਯੋ ॥

कही कत्थ तिह सत्थ गत्थ करि तत्थ सुनायो ॥

kahee ka'th teh sa'th ga'th kar ta'th sunaayo ||

ਮਿਲਹੁ ਦੇਹੁ ਜਾਨਕੀ ਕਾਲ ਨਾਤਰ ਤੁਹਿ ਆਯੋ ॥

मिलहु देहु जानकी काल नातर तुहि आयो ॥

milahu dheh jaanakee kaal naatar tuh aayo ||

ਪਗ ਭੇਟ ਚਲਤ ਭਯੋ ਬਾਲ ਸੁਤ ਪ੍ਰਿਸਟ ਪਾਨ ਰਘੁਬਰ ਧਰੇ ॥

पग भेट चलत भयो बाल सुत पृसट पान रघुबर धरे ॥

pag bheT chalat bhayo baal sut pirasaT paan raghubar dhare ||

ਭਰ ਅੰਕ ਪੁਲਕਤ ਨ ਸਪਜਿਯੋ ਭਾਤ ਅਨਿਕ ਆਸਿਖ ਕਰੇ ॥੩੭੫॥

भर अंक पुलकत न सपजियो भात अनिक आसिख करे ॥३७५॥

bhar a(n)k pulakat na sapajiyo bhaat anik aasikh kare ||375||


ਪ੍ਰਤਿ ਉੱਤਰ ਸੰਬਾਦ ॥

प्रति उत्तर संबाद ॥

prat u'tar sa(n)baadh ||

ਛਪੈ ਛੰਦ ॥

छपै छंद ॥

chhapai chha(n)dh ||


ਦੇਹ ਸੀਆ ਦਸਕੰਧ ਛਾਹਿ ਨਹੀ ਦੇਖਨ ਪੈਹੋ ॥

देह सीआ दसकंध छाहि नही देखन पैहो ॥

dheh seeaa dhasaka(n)dh chhaeh nahee dhekhan paiho ||

ਲੰਕ ਛੀਨ ਲੀਜੀਐ ਲੰਕ ਲਖਿ ਜੀਤ ਨ ਜੈਹੋ ॥

लंक छीन लीजीऐ लंक लखि जीत न जैहो ॥

la(n)k chheen leejeeaai la(n)k lakh jeet na jaiho ||

ਕ੍ਰੁੱਧ ਬਿਖੈ ਜਿਨ ਘੋਰੁ ਪਿਖ ਕਸ ਜੁੱਧੁ ਮਚੈ ਹੈ ॥

क्रुद्ध बिखै जिन घोरु पिख कस जुद्धु मचै है ॥

kru'dh bikhai jin ghor pikh kas ju'dh machai hai ||

ਰਾਮ ਸਹਿਤ ਕਪਿ ਕਟਕ ਆਜ ਮ੍ਰਿਗ ਸਯਾਰ ਖਵੈ ਹੈ ॥

राम सहित कपि कटक आज मृग सयार खवै है ॥

raam sahit kap kaTak aaj mirag sayaar khavai hai ||

ਜਿਨ ਕਰ ਸੁ ਗਰਬੁ ਸੁਣ ਮੂੜ ਮਤ ਗਰਬ ਗਵਾਇ ਘਨੇਰ ਘਰ ॥

जिन कर सु गरबु सुण मूड़ मत गरब गवाइ घनेर घर ॥

jin kar su garab sun mooR mat garab gavai ghaner ghar ||

ਬਸ ਕਰੇ ਸਰਬ ਘਰ ਗਰਬ ਹਮ ਏ ਕਿਨ ਮਹਿ ਦ੍ਵੈ ਦੀਨ ਨਰ ॥੩੭੬॥

बस करे सरब घर गरब हम ए किन महि द्वै दीन नर ॥३७६॥

bas kare sarab ghar garab ham e kin meh dhavai dheen nar ||376||


ਰਾਵਨ ਬਾਚ ਅੰਗਦ ਸੋ ॥

रावन बाच अंगद सो ॥

raavan baach a(n)gadh so ||

ਛਪੈ ਛੰਦ ॥

छपै छंद ॥

chhapai chha(n)dh ||


ਅਗਨ ਪਾਕ ਕਹ ਕਰੈ ਪਵਨ ਮੁਰ ਬਾਰ ਬੁਹਾਰੈ ॥

अगन पाक कह करै पवन मुर बार बुहारै ॥

agan paak keh karai pavan mur baar buhaarai ||

ਚਵਰ ਚੰਦ੍ਰਮਾ ਧਰੈ ਸੂਰ ਛੱਤ੍ਰਹਿ ਸਿਰ ਢਾਰੈ ॥

चवर चंद्रमा धरै सूर छत्त्रहि सिर ढारै ॥

chavar cha(n)dhramaa dharai soor chha'treh sir ddaarai ||

ਮਦ ਲਛਮੀ ਪਿਆਵੰਤ ਬੇਦ ਮੁਖ ਬ੍ਰਹਮੁ ਉਚਾਰਤ ॥

मद लछमी पिआवंत बेद मुख ब्रहमु उचारत ॥

madh lachhamee piaava(n)t bedh mukh braham uchaarat ||

ਬਰਨ ਬਾਰ ਨਿਤ ਭਰੇ ਔਰ ਕੁਲੁਦੇਵ ਜੁਹਾਰਤ ॥

बरन बार नित भरे और कुलुदेव जुहारत ॥

baran baar nit bhare aauar kuludhev juhaarat ||

ਨਿਜ ਕਹਤਿ ਸੁ ਬਲ ਦਾਨਵ ਪ੍ਰਬਲ ਦੇਤ ਧਨੁਦਿ ਜਛ ਮੋਹਿ ਕਰ ॥

निज कहति सु बल दानव प्रबल देत धनुदि जछ मोहि कर ॥

nij kahat su bal dhaanav prabal dhet dhanudh jachh moh kar ||

ਵੇ ਜੁੱਧ ਜੀਤ ਤੇ ਜਾਹਿਗੇ ਕਹਾ ਦੋਇ ਤੇ ਦੀਨ ਨਰ ॥੩੭੭॥

वे जुद्ध जीत ते जाहिगे कहा दोइ ते दीन नर ॥३७७॥

ve ju'dh jeet te jaahige kahaa dhoi te dheen nar ||377||


ਕਹਿ ਹਾਰਯੋ ਕਪਿ ਕੋਟਿ ਦਈਤ ਪਤਿ ਏਕ ਨ ਮਾਨੀ ॥

कहि हारयो कपि कोटि दईत पति एक न मानी ॥

keh haarayo kap koT dhieet pat ek na maanee ||

ਉਠਤ ਪਾਵ ਰੁਪਿਯੋ ਸਭਾ ਮਧਿ ਸੋ ਅਭਿਮਾਨੀ ॥

उठत पाव रुपियो सभा मधि सो अभिमानी ॥

auThat paav rupiyo sabhaa madh so abhimaanee ||

ਥਕੇ ਸਕਲ ਅਸੁਰਾਰ ਪਾਵ ਕਿਨਹੂੰ ਨ ਉਚੱਕਯੋ ॥

थके सकल असुरार पाव किनहूँ न उचक्कयो ॥

thake sakal asuraar paav kinahoo(n) na ucha'kayo ||

ਗਿਰੇ ਧਰਨ ਮੁਰਛਾਇ ਬਿਮਨ ਦਾਨਵ ਦਲ ਥੱਕਯੋ ॥

गिरे धरन मुरछाइ बिमन दानव दल थक्कयो ॥

gire dharan murachhai biman dhaanav dhal tha'kayo ||

ਲੈ ਚਲਯੋ ਬਭੀਛਨ ਭ੍ਰਾਤ ਤਿਹ ਬਾਲ ਪੁਤ੍ਰ ਧੂਸਰ ਬਰਨ ॥

लै चलयो बभीछन भ्रात तिह बाल पुत्र धूसर बरन ॥

lai chalayo babheechhan bhraat teh baal putr dhoosar baran ||

ਭਟ ਹਟਕ ਬਿਕਟ ਤਿਹ ਨਾ ਸਕੇ ਚਲਿ ਆਯੋ ਜਿਤ ਰਾਮ ਰਨ ॥੩੭੮॥

भट हटक बिकट तिह ना सके चलि आयो जित राम रन ॥३७८॥

bhaT haTak bikaT teh naa sake chal aayo jit raam ran ||378||


ਕਹਿ ਬੁਲਯੋ ਲੰਕੇਸ ਤਾਹਿ ਪ੍ਰਭ ਰਾਜੀਵ ਲੋਚਨ ॥

कहि बुलयो लंकेस ताहि प्रभ राजीव लोचन ॥

keh bulayo la(n)kes taeh prabh raajeev lochan ||

ਕੁਟਲ ਅਲਕ ਮੁਖ ਛਕੇ ਸਕਲ ਸੰਤਨ ਦੁਖ ਮੋਚਨ ॥

कुटल अलक मुख छके सकल संतन दुख मोचन ॥

kuTal alak mukh chhake sakal sa(n)tan dhukh mochan ||

ਕੁਪੈ ਸਰਬ ਕਪਿਰਾਜ ਬਿਜੈ ਪਹਲੀ ਰਣ ਚੱਖੀ ॥

कुपै सरब कपिराज बिजै पहली रण चक्खी ॥

kupai sarab kapiraaj bijai pahalee ran cha'khee ||

ਫਿਰੈ ਲੰਕ ਗੜਿ ਘੇਰਿ ਦਿਸਾ ਦੱਛਣੀ ਪਰੱਖੀ ॥

फिरै लंक गड़ि घेरि दिसा दच्छणी परक्खी ॥

firai la(n)k gaR gher dhisaa dha'chhanee para'khee ||

ਪ੍ਰਭ ਕਰੈ ਬਭੀਛਨ ਲੰਕਪਤਿ ਸੁਣੀ ਬਾਤਿ ਰਾਵਣ ਘਰਣਿ ॥

प्रभ करै बभीछन लंकपति सुणी बाति रावण घरणि ॥

prabh karai babheechhan la(n)kapat sunee baat raavan gharan ||

ਸੁੱਧਿ ਸੱਤ ਤੱਬਿ ਬਿਸਰਤ ਭਈ ਗਿਰੀ ਧਰਣ ਪਰ ਹੁਐ ਬਿਮਣ ॥੩੭੯॥

सुद्धि सत्त तब्बि बिसरत भई गिरी धरण पर हुऐ बिमण ॥३७९॥

su'dh sa't ta'b bisarat bhiee giree dharan par huaai biman ||379||


ਮਦੋਦਰੀ ਬਾਚ ॥

मदोदरी बाच ॥

madhodharee baach ||

ਉਟੰਙਣ ਛੰਦ ॥

उटंङण छंद ॥

auTa(n)n(g)n chha(n)dh ||


ਸੂਰਬੀਰਾ ਸਜੇ ਘੋਰ ਬਾਜੇ ਬਜੇ ਭਾਜ ਕੰਤਾ ਸੁਣੇ ਰਾਮ ਆਏ ॥

सूरबीरा सजे घोर बाजे बजे भाज कंता सुणे राम आए ॥

soorabeeraa saje ghor baaje baje bhaaj ka(n)taa sune raam aae ||

ਬਾਲ ਮਾਰਯੋ ਬਲੀ ਸਿੰਧ ਪਾਟਯੋ ਜਿਨੈ ਤਾਹਿ ਸੌ ਬੈਰਿ ਕੈਸੇ ਰਚਾਏ ॥

बाल मारयो बली सिंध पाटयो जिनै ताहि सौ बैरि कैसे रचाए ॥

baal maarayo balee si(n)dh paaTayo jinai taeh sau bair kaise rachaae ||

ਬਯਾਧ ਜੀਤਯੋ ਜਿਨੈ ਜੰਭ ਮਾਰਯੋ ਉਨੈ ਰਾਮ ਅਉਤਾਰ ਸੋਈ ਸੁਹਾਏ ॥

बयाध जीतयो जिनै जंभ मारयो उनै राम अउतार सोई सुहाए ॥

bayaadh jeetayo jinai ja(n)bh maarayo unai raam aautaar soiee suhaae ||

ਦੇ ਮਿਲੋ ਜਾਨਕੀ ਬਾਤ ਹੈ ਸਿਆਨ ਕੀ ਚਾਮ ਕੇ ਦਾਮ ਕਾਹੇ ਚਲਾਏ ॥੩੮੦॥

दे मिलो जानकी बात है सिआन की चाम के दाम काहे चलाए ॥३८०॥

dhe milo jaanakee baat hai siaan kee chaam ke dhaam kaahe chalaae ||380||


ਰਾਵਣ ਬਾਚ ॥

रावण बाच ॥

raavan baach ||

ਬਯੂਹ ਸੈਨਾ ਸਜੋ ਘੋਰ ਬਾਜੇ ਬਜੋ ਕੋਟਿ ਜੋਧਾ ਗਜੋ ਆਨ ਨੇਰੇ ॥

बयूह सैना सजो घोर बाजे बजो कोटि जोधा गजो आन नेरे ॥

bayooh sainaa sajo ghor baaje bajo koT jodhaa gajo aan nere ||

ਸਾਜ ਸੰਜੋਅ ਸੰਬੂਹ ਸੈਨਾ ਸਭੈ ਆਜ ਮਾਰੋ ਤਰੈ ਦ੍ਰਿਸਟਿ ਤੇਰੇ ॥

साज संजोअ संबूह सैना सभै आज मारो तरै दृसटि तेरे ॥

saaj sa(n)joa sa(n)booh sainaa sabhai aaj maaro tarai dhirasaT tere ||

ਇੰਦ੍ਰ ਜੀਤੋ ਕਰੋ ਜੱਛ ਰੀਤੋ ਧਨੰ ਨਾਰਿ ਸੀਤਾ ਬਰੰ ਜੀਤ ਜੁੱਧੈ ॥

इंद्र जीतो करो जच्छ रीतो धनं नारि सीता बरं जीत जुद्धै ॥

ei(n)dhr jeeto karo ja'chh reeto dhana(n) naar seetaa bara(n) jeet ju'dhai ||

ਸੁਰਗ ਪਾਤਾਲ ਆਕਾਸ ਜੁਆਲਾ ਜਰੈ ਬਾਚਿ ਹੈ ਰਾਮ ਕਾ ਮੋਰ ਕ੍ਰੂੱਧੈ ॥੩੮੧॥

सुरग पाताल आकास जुआला जरै बाचि है राम का मोर क्रूद्धै ॥३८१॥

surag paataal aakaas juaalaa jarai baach hai raam kaa mor kraoo'dhai ||381||


ਮਦੋਦਰੀ ਬਾਚ ॥

मदोदरी बाच ॥

madhodharee baach ||

ਤਾਰਕਾ ਜਾਤ ਹੀ ਘਾਤ ਕੀਨੀ ਜਿਨੈ ਅਉਰ ਸੁਬਾਹ ਮਾਰੀਚ ਮਾਰੇ ॥

तारका जात ही घात कीनी जिनै अउर सुबाह मारीच मारे ॥

taarakaa jaat hee ghaat keenee jinai aaur subaeh maareech maare ||

ਬਯਾਧ ਬੱਧਯੋ ਖਰੰਦੂਖਣੰ ਖੇਤ ਥੈ ਏਕ ਹੀ ਬਾਣ ਸੋਂ ਬਾਲ ਮਾਰੇ ॥

बयाध बद्धयो खरंदूखणं खेत थै एक ही बाण सों बाल मारे ॥

bayaadh ba'dhayo khara(n)dhookhana(n) khet thai ek hee baan so(n) baal maare ||

ਧੁਮ੍ਰ ਅੱਛਾਦ ਅਉ ਜਾਬੁਮਾਲੀ ਬਲੀ ਪ੍ਰਾਣ ਹੀਣੰ ਕਰਯੋ ਜੁੱਧ ਜੈ ਕੈ ॥

धुम्र अच्छाद अउ जाबुमाली बली प्राण हीणं करयो जुद्ध जै कै ॥

dhumr a'chhaadh aau jaabumaalee balee praan heena(n) karayo ju'dh jai kai ||

ਮਾਰਿਹੈਂ ਤੋਹਿ ਯੌ ਸਯਾਰ ਕੇ ਸਿੰਘ ਜਯੋ ਲੇਹਿਗੇ ਲੰਕ ਕੋ ਡੰਕ ਦੈ ਕੈ ॥੩੮੨॥

मारिहैं तोहि यौ सयार के सिंघ जयो लेहिगे लंक को डंक दै कै ॥३८२॥

maarihai(n) toh yau sayaar ke si(n)gh jayo lehige la(n)k ko dda(n)k dhai kai ||382||


ਰਾਵਣ ਬਾਚ ॥

रावण बाच ॥

raavan baach ||

ਚਉਰ ਚੰਦ੍ਰੰ ਕਰੰ ਛੱਤ੍ਰ ਸੂਰੰ ਧਰੰ ਬੇਦ ਬ੍ਰਹਮਾ ਰਰੰ ਦੁਆਰ ਮੇਰੇ ॥

चउर चंद्रं करं छत्त्र सूरं धरं बेद ब्रहमा ररं दुआर मेरे ॥

chaur cha(n)dhra(n) kara(n) chha'tr soora(n) dhara(n) bedh brahamaa rara(n) dhuaar mere ||

ਪਾਕ ਪਾਵਕ ਕਰੰ ਨੀਰ ਬਰਣੰ ਭਰੰ ਜੱਛ ਬਿੱਦਿਆਧਰੰ ਕੀਨ ਚੇਰੇ ॥

पाक पावक करं नीर बरणं भरं जच्छ बिद्दिआधरं कीन चेरे ॥

paak paavak kara(n) neer barana(n) bhara(n) ja'chh bi'dhiaadhara(n) keen chere ||

ਅਰਬ ਖਰਬੰ ਪੁਰੰ ਚਰਬ ਸਰਬੰ ਕਰੇ ਦੇਖੁ ਕੈਸੇ ਕਰੌ ਬੀਰ ਖੇਤੰ ॥

अरब खरबं पुरं चरब सरबं करे देखु कैसे करौ बीर खेतं ॥

arab kharaba(n) pura(n) charab saraba(n) kare dhekh kaise karau beer kheta(n) ||

ਚਿੰਕ ਹੈ ਚਾਵਡਾ ਫਿੰਕ ਹੈ ਫਿੱਕਰੀ ਨਾਚ ਹੈ ਬੀਰ ਬੈਤਾਲ ਪ੍ਰੇਤੰ ॥੩੮੩॥

चिंक है चावडा फिंक है फिक्करी नाच है बीर बैताल प्रेतं ॥३८३॥

chi(n)k hai chaavaddaa fi(n)k hai fi'karee naach hai beer baitaal preta(n) ||383||


ਮਦੋਦਰੀ ਬਾਚ ॥

मदोदरी बाच ॥

madhodharee baach ||

ਤਾਸ ਨੇਜੇ ਢੁਲੈ ਘੋਰ ਬਾਜੇ ਬਜੈ ਰਾਮ ਲੀਨੇ ਦਲੈ ਆਨ ਢੂਕੇ ॥

तास नेजे ढुलै घोर बाजे बजै राम लीने दलै आन ढूके ॥

taas neje ddulai ghor baaje bajai raam leene dhalai aan ddooke ||

ਬਾਨਰੀ ਪੂਤ ਚਿੰਕਾਰ ਅਪਾਰੰ ਕਰੰ ਮਾਰ ਮਾਰੰ ਚਹੂੰ ਓਰ ਕੂਕੇ ॥

बानरी पूत चिंकार अपारं करं मार मारं चहूँ ओर कूके ॥

baanaree poot chi(n)kaar apaara(n) kara(n) maar maara(n) chahoo(n) or kooke ||

ਭੀਮ ਭੇਰੀ ਬਜੈ ਜੰਗ ਜੋਧਾ ਗਜੈ ਬਾਨ ਚਾਪੈ ਚਲੈ ਨਾਹਿ ਜਉ ਲੌ ॥

भीम भेरी बजै जंग जोधा गजै बान चापै चलै नाहि जउ लौ ॥

bheem bheree bajai ja(n)g jodhaa gajai baan chaapai chalai naeh jau lau ||

ਬਾਤ ਕੋ ਮਾਨੀਐ ਘਾਤੁ ਪਹਿਚਾਨੀਐ ਰਾਵਰੀ ਦੇਹ ਕੀ ਸਾਤ ਤਉ ਲੌ ॥੩੮੪॥

बात को मानीऐ घातु पहिचानीऐ रावरी देह की सात तउ लौ ॥३८४॥

baat ko maaneeaai ghaat pahichaaneeaai raavaree dheh kee saat tau lau ||384||


ਘਾਟ ਘਾਟੈ ਰੁਕੌ ਬਾਟ ਬਾਟੈ ਤੁਪੋ ਐਂਠ ਬੈਠੇ ਕਹਾ ਰਾਮ ਆਏ ॥

घाट घाटै रुकौ बाट बाटै तुपो ऐंठ बैठे कहा राम आए ॥

ghaaT ghaaTai rukau baaT baaTai tupo aai(n)Th baiThe kahaa raam aae ||

ਖੋਰ ਹਰਾਮ ਹਰੀਫ ਕੀ ਆਂਖ ਤੈ ਚਾਮ ਕੇ ਜਾਤ ਕੈਸੇ ਚਲਾਏ ॥

खोर हराम हरीफ की आँख तै चाम के जात कैसे चलाए ॥

khor haraam hareef kee aa(n)kh tai chaam ke jaat kaise chalaae ||

ਹੋਇਗੋ ਖੁਆਰ ਬਿਸੀਆਰ ਖਾਨਾ ਤੁਰਾ ਬਾਨਰੀ ਪੂਤ ਜਉ ਲੌ ਨ ਗਜਿ ਹੈ ॥

होइगो खुआर बिसीआर खाना तुरा बानरी पूत जउ लौ न गजि है ॥

hoigo khuaar biseeaar khaanaa turaa baanaree poot jau lau na gaj hai ||

ਲੰਕ ਕੋ ਛਾਡਿ ਕੈ ਕੋਟਿ ਕੇ ਫਾਧ ਕੈ ਆਸੁਰੀ ਪੂਤ ਲੈ ਘਾਸਿ ਭਜਿ ਹੈ ॥੩੮੫॥

लंक को छाडि कै कोटि के फाध कै आसुरी पूत लै घासि भजि है ॥३८५॥

la(n)k ko chhaadd kai koT ke faadh kai aasuree poot lai ghaas bhaj hai ||385||


ਰਾਵਣ ਬਾਚ ॥

रावण बाच ॥

raavan baach ||

ਬਾਵਰੀ ਰਾਡ ਕਿਆ ਭਾਡਿ ਬਾਤੈ ਬਕੈ ਰੰਕ ਸੇ ਰਾਮ ਕਾ ਛੋਡ ਰਾਸਾ ॥

बावरी राड किआ भाडि बातै बकै रंक से राम का छोड रासा ॥

baavaree raadd kiaa bhaadd baatai bakai ra(n)k se raam kaa chhodd raasaa ||

ਕਾਢਹੋ ਬਾਸਿ ਦੈ ਬਾਨ ਬਾਜੀਗਰੀ ਦੇਖਿਹੋ ਆਜ ਤਾ ਕੋ ਤਮਾਸਾ ॥

काढहो बासि दै बान बाजीगरी देखिहो आज ता को तमासा ॥

kaaddaho baas dhai baan baajeegaree dhekhiho aaj taa ko tamaasaa ||

ਬੀਸ ਬਾਹੇ ਧਰੰ ਸੀਸ ਦਸਯੰ ਸਿਰੰ ਸੈਣ ਸੰਬੂਹ ਹੈ ਸੰਗਿ ਮੇਰੇ ॥

बीस बाहे धरं सीस दसयं सिरं सैण संबूह है संगि मेरे ॥

bees baahe dhara(n) sees dhasaya(n) sira(n) sain sa(n)booh hai sa(n)g mere ||

ਭਾਜ ਜੈ ਹੈ ਕਹਾ ਬਾਟਿ ਪੈਹੈਂ ਊਹਾ ਮਾਰਿਹੌ ਬਾਜ ਜੈਸੇ ਬਟੇਰੇ ॥੩੮੬॥

भाज जै है कहा बाटि पैहैं ऊहा मारिहौ बाज जैसे बटेरे ॥३८६॥

bhaaj jai hai kahaa baaT paihai(n) uoohaa maarihau baaj jaise baTere ||386||


ਏਕ ਏਕੰ ਹਿਰੈਂ ਝੂਮ ਝੂਮੰ ਮਰੈਂ ਆਪੁ ਆਪੰ ਗਿਰੈਂ ਹਾਕੁ ਮਾਰੇ ॥

एक एकं हिरैं झूम झूमं मरैं आपु आपं गिरैं हाकु मारे ॥

ek eka(n) hirai(n) jhoom jhooma(n) marai(n) aap aapa(n) girai(n) haak maare ||

ਲਾਗ ਜੈਹੱਉ ਤਹਾ ਭਾਜ ਜੈਹੈ ਜਹਾ ਫੂਲ ਜੈਹੈ ਕਹਾ ਤੈ ਉਬਾਰੇ ॥

लाग जैहउ्उ तहा भाज जैहै जहा फूल जैहै कहा तै उबारे ॥

laag jaiha'au tahaa bhaaj jaihai jahaa fool jaihai kahaa tai ubaare ||

ਸਾਜ ਬਾਜੇ ਸਭੈ ਆਜ ਲੈਹੱਉਾਂ ਤਿਨੈ ਰਾਜ ਕੈਸੋ ਕਰੈ ਕਾਜ ਮੋ ਸੋ ॥

साज बाजे सभै आज लैहउ्उाँ तिनै राज कैसो करै काज मो सो ॥

saaj baaje sabhai aaj laiha'auaa(n) tinai raaj kaiso karai kaaj mo so ||

ਬਾਨਰੰ ਛੈ ਕਰੋ ਰਾਮ ਲੱਛੈ ਹਰੋ ਜੀਤ ਹੌ ਹੋਡ ਤਉ ਤਾਨ ਤੋ ਸੋ ॥੩੮੭॥

बानरं छै करो राम लच्छै हरो जीत हौ होड तउ तान तो सो ॥३८७॥

baanara(n) chhai karo raam la'chhai haro jeet hau hodd tau taan to so ||387||


ਕੋਟਿ ਬਾਤੈ ਗੁਨੀ ਏਕ ਕੈ ਨਾ ਸੁਨੀ ਕੋਪਿ ਮੁੰਡੀ ਧੁਨੀ ਪੁੱਤ ਪੱਠੈ ॥

कोटि बातै गुनी एक कै ना सुनी कोपि मुँडी धुनी पुत्त पट्ठै ॥

koT baatai gunee ek kai naa sunee kop mu(n)ddee dhunee pu't pa'Thai ||

ਏਕ ਨਾਰਾਤ ਦੇਵਾਤ ਦੂਜੋ ਬਲੀ ਭੂਮ ਕੰਪੀ ਰਣੰਬੀਰ ਉੱਠੈ ॥

एक नारात देवात दूजो बली भूम कंपी रणंबीर उट्ठै ॥

ek naaraat dhevaat dhoojo balee bhoom ka(n)pee rana(n)beer u'Thai ||

ਸਾਰ ਭਾਰੰ ਪਰੇ ਧਾਰ ਧਾਰੰ ਬਜੀ ਕ੍ਰੋਹ ਕੈ ਲੋਹ ਕੀ ਛਿੱਟ ਛੁੱਟੈਂ ॥

सार भारं परे धार धारं बजी क्रोह कै लोह की छिट्ट छुट्टैं ॥

saar bhaara(n) pare dhaar dhaara(n) bajee kroh kai loh kee chhi'T chhu'Tai(n) ||

ਰੁੰਡ ਧੁਕਧੁਕ ਪਰੈ ਘਾਇ ਭਕਭਕ ਕਰੈ ਬਿੱਥਰੀ ਜੁੱਥ ਸੋ ਲੁੱਥ ਲੁੱਟੈਂ ॥੩੮੮॥

रुँड धुकधुक परै घाइ भकभक करै बित्थरी जुत्थ सो लुत्थ लुट्टैं ॥३८८॥

ru(n)dd dhukadhuk parai ghai bhakabhak karai bi'tharee ju'th so lu'th lu'Tai(n) ||388||


ਪੱਤ੍ਰ ਜੁੱਗਣ ਭਰੈ ਸੱਦ ਦੇਵੀ ਕਰੈ ਨੱਦ ਭੈਰੋ ਰਰੈ ਗੀਤ ਗਾਵੈ ॥

पत्त्र जुग्गण भरै सद्द देवी करै नद्द भैरो ररै गीत गावै ॥

pa'tr ju'gan bharai sa'dh dhevee karai na'dh bhairo rarai geet gaavai ||

ਭੂਤ ਔ ਪ੍ਰੇਤ ਬੈਤਾਲ ਬੀਰੰ ਬਲੀ ਮਾਸ ਅਹਾਰ ਤਾਰੀ ਬਜਾਵੈ ॥

भूत औ प्रेत बैताल बीरं बली मास अहार तारी बजावै ॥

bhoot aau pret baitaal beera(n) balee maas ahaar taaree bajaavai ||

ਜੱਛ ਗੰਧ੍ਰਬ ਅਉ ਸਰਬ ਬਿੱਦਿਆਧਰੰ ਮੱਧਿ ਆਕਾਸ ਭਯੋ ਸੱਦ ਦੇਵੰ ॥

जच्छ गंध्रब अउ सरब बिद्दिआधरं मद्धि आकास भयो सद्द देवं ॥

ja'chh ga(n)dhrab aau sarab bi'dhiaadhara(n) ma'dh aakaas bhayo sa'dh dheva(n) ||

ਲੁੱਥ ਬਿਦੁੱਥਰੀ ਹੂਹ ਕੂਹੰ ਭਰੀ ਮੱਚੀਯੰ ਜੁੱਧ ਅਨੂਪ ਅਤੇਵੰ ॥੩੮੯॥

लुत्थ बिदुत्थरी हूह कूहं भरी मच्चीयं जुद्ध अनूप अतेवं ॥३८९॥

lu'th bidhu'tharee hooh kooha(n) bharee ma'cheeya(n) ju'dh anoop ateva(n) ||389||


ਸੰਗੀਤ ਛਪੈ ਛੰਦ ॥

संगीत छपै छंद ॥

sa(n)geet chhapai chha(n)dh ||


ਕਾਗੜਦੀ ਕੁੱਪਯੋ ਕਪਿ ਕਟਕ ਬਾਗੜਦੀ ਬਾਜਨ ਰਣ ਬੱਜਿਯ ॥

कागड़दी कुप्पयो कपि कटक बागड़दी बाजन रण बज्जिय ॥

kaagaRadhee ku'payo kap kaTak baagaRadhee baajan ran ba'jiy ||

ਤਾਗੜਦੀ ਤੇਗ ਝਲਹਲੀ ਗਾਗੜਦੀ ਜੋਧਾ ਗਲ ਗੱਜਿਯ ॥

तागड़दी तेग झलहली गागड़दी जोधा गल गज्जिय ॥

taagaRadhee teg jhalahalee gaagaRadhee jodhaa gal ga'jiy ||

ਸਾਗੜਦੀ ਸੂਰ ਸੰਮੁਹੇ ਨਾਗੜਦੀ ਨਾਰਦ ਮੁਨਿ ਨੱਚਯੋ ॥

सागड़दी सूर संमुहे नागड़दी नारद मुनि नच्चयो ॥

saagaRadhee soor sa(n)muhe naagaRadhee naaradh mun na'chayo ||

ਬਾਗੜਦੀ ਬੀਰ ਬੈਤਾਲ ਆਗੜਦੀ ਆਰਣ ਰੰਗ ਰੱਚਯੋ ॥

बागड़दी बीर बैताल आगड़दी आरण रंग रच्चयो ॥

baagaRadhee beer baitaal aagaRadhee aaran ra(n)g ra'chayo ||

ਸੰਸਾਗੜਦੀ ਸੁਭਟ ਨੱਚੇ ਸਮਰ ਫਾਗੜਦੀ ਫੁੰਕ ਫਣੀਅਰ ਕਰੈਂ ॥

संसागड़दी सुभट नच्चे समर फागड़दी फुँक फणीअर करैं ॥

sa(n)saagaRadhee subhaT na'che samar faagaRadhee fu(n)k faneear karai(n) ||

ਸੰਸਾਗੜਦੀ ਸਮਟੈ ਸੁੰਕੜੈ ਫਣਪਤਿ ਫਣਿ ਫਿਰਿ ਫਿਰਿ ਧਰੈਂ ॥੩੯੦॥

संसागड़दी समटै सुँकड़ै फणपति फणि फिरि फिरि धरैं ॥३९०॥

sa(n)saagaRadhee samaTai su(n)kaRai fanapat fan fir fir dharai(n) ||390||


ਫਾਗੜਦੀ ਫੁੰਕ ਫਿੰਕਰੀ ਰਾਗੜਦੀ ਰਣ ਗਿੱਧ ਰੜੱਕੈ ॥

फागड़दी फुँक फिंकरी रागड़दी रण गिद्ध रड़क्कै ॥

faagaRadhee fu(n)k fi(n)karee raagaRadhee ran gi'dh raRa'kai ||

ਲਾਗੜਦੀ ਲੁੱਥ ਬਿੱਥੁਰੀ ਭਾਗੜਦੀ ਭਟ ਘਾਇ ਭਭੱਕੈ ॥

लागड़दी लुत्थ बित्थुरी भागड़दी भट घाइ भभक्कै ॥

laagaRadhee lu'th bi'thuree bhaagaRadhee bhaT ghai bhabha'kai ||

ਬਾਗੜਦੀ ਬਰੱਖਤ ਬਾਣ ਝਾਗੜਦੀ ਝਲਮਲਤ ਕ੍ਰਿਪਾਣੰ ॥

बागड़दी बरक्खत बाण झागड़दी झलमलत कृपाणं ॥

baagaRadhee bara'khat baan jhaagaRadhee jhalamalat kirapaana(n) ||

ਗਾਗੜਦੀ ਗੱਜ ਸੰਜਰੈ ਕਾਗੜਦੀ ਕੱਛੇ ਕਿੰਕਾਣੰ ॥

गागड़दी गज्ज संजरै कागड़दी कच्छे किंकाणं ॥

gaagaRadhee ga'j sa(n)jarai kaagaRadhee ka'chhe ki(n)kaana(n) ||

ਬੰਬਾਗੜਦੀ ਬਹਤ ਬੀਰਨ ਸਿਰਨ ਤਾਗੜਦੀ ਤਮਕਿ ਤੇਗੰ ਕੜੀਅ ॥

बंबागड़दी बहत बीरन सिरन तागड़दी तमकि तेगं कड़ीअ ॥

ba(n)baagaRadhee bahat beeran siran taagaRadhee tamak tega(n) kaReea ||

ਝੰਝਾਗੜਦੀ ਝੜਕ ਦੈ ਝੜ ਸਮੈ ਝਲਮਲ ਝੁਕਿ ਬਿੱਜੁਲ ਝੜੀਅ ॥੩੯੧॥

झंझागड़दी झड़क दै झड़ समै झलमल झुकि बिज्जुल झड़ीअ ॥३९१॥

jha(n)jhaagaRadhee jhaRak dhai jhaR samai jhalamal jhuk bi'jul jhaReea ||391||


ਨਾਗੜਦੀ ਨਾਰਾਤਕ ਗਿਰਤ ਦਾਗੜਦੀ ਦੇਵਾਤਕ ਧਾਯੋ ॥

नागड़दी नारातक गिरत दागड़दी देवातक धायो ॥

naagaRadhee naaraatak girat dhaagaRadhee dhevaatak dhaayo ||

ਜਾਗੜਦੀ ਜੁੱਧ ਕਰਿ ਤੁਮਲ ਸਾਗੜਦੀ ਸੁਰਲੋਕ ਸਿਧਾਯੋ ॥

जागड़दी जुद्ध करि तुमल सागड़दी सुरलोक सिधायो ॥

jaagaRadhee ju'dh kar tumal saagaRadhee suralok sidhaayo ||

ਦਾਗੜਦੀ ਦੇਵ ਰਹਸੰਤ ਆਗੜਦੀ ਆਸੁਰਣ ਰਣ ਸੋਗੰ ॥

दागड़दी देव रहसंत आगड़दी आसुरण रण सोगं ॥

dhaagaRadhee dhev rahasa(n)t aagaRadhee aasuran ran soga(n) ||

ਸਾਗੜਦੀ ਸਿੱਧ ਸਰ ਸੰਤ ਨਾਗੜਦੀ ਨਾਚਤ ਤਜਿ ਜੋਗੰ ॥

सागड़दी सिद्ध सर संत नागड़दी नाचत तजि जोगं ॥

saagaRadhee si'dh sar sa(n)t naagaRadhee naachat taj joga(n) ||

ਖੰਖਾਗੜਦੀ ਖਯਾਹ ਭਏ ਪ੍ਰਾਪਤਿ ਖਲ ਪਾਗੜਦੀ ਪੁਹਪ ਡਾਰਤ ਅਮਰ ॥

खंखागड़दी खयाह भए प्रापति खल पागड़दी पुहप डारत अमर ॥

kha(n)khaagaRadhee khayaeh bhe praapat khal paagaRadhee puhap ddaarat amar ||

ਜੰਜਾਗੜਦੀ ਸਕਲ ਜੈ ਜੈ ਜਪੈ ਸਾਗੜਦੀ ਸੁਰਪੁਰਹਿ ਨਾਰ ਨਰ ॥੩੯੨॥

जंजागड़दी सकल जै जै जपै सागड़दी सुरपुरहि नार नर ॥३९२॥

ja(n)jaagaRadhee sakal jai jai japai saagaRadhee surapureh naar nar ||392||


ਰਾਗੜਦੀ ਰਾਵਣਹਿ ਸੁਨਯੋ ਸਾਗੜਦੀ ਦੋਊ ਸੁਤ ਰਣ ਜੁੱਝੇ ॥

रागड़दी रावणहि सुनयो सागड़दी दोऊ सुत रण जुज्झे ॥

raagaRadhee raavaneh sunayo saagaRadhee dhouoo sut ran ju'jhe ||

ਬਾਗੜਦੀ ਬੀਰ ਬਹੁ ਗਿਰੇ ਆਗੜਦੀ ਆਹਵਹਿ ਅਰੁੱਝੇ ॥

बागड़दी बीर बहु गिरे आगड़दी आहवहि अरुज्झे ॥

baagaRadhee beer bahu gire aagaRadhee aahaveh aru'jhe ||

ਲਾਗੜਦੀ ਲੁੱਥ ਬਿੱਥੁਰੀ ਚਾਗੜਦੀ ਚਾਵੰਡ ਚਿੰਕਾਰੰ ॥

लागड़दी लुत्थ बित्थुरी चागड़दी चावंड चिंकारं ॥

laagaRadhee lu'th bi'thuree chaagaRadhee chaava(n)dd chi(n)kaara(n) ||

ਨਾਗੜਦੀ ਨੱਦ ਭਏ ਗੱਦ ਕਾਗੜਦੀ ਕਾਲੀ ਕਿਲਕਾਰੰ ॥

नागड़दी नद्द भए गद्द कागड़दी काली किलकारं ॥

naagaRadhee na'dh bhe ga'dh kaagaRadhee kaalee kilakaara(n) ||

ਭੰਭਾਗੜਦੀ ਭਯੰਕਰ ਜੁੱਧ ਭਯੋ ਜਾਗੜਦੀ ਜੂਹ ਜੁੱਗਣ ਜੁਰੀਅ ॥

भंभागड़दी भयंकर जुद्ध भयो जागड़दी जूह जुग्गण जुरीअ ॥

bha(n)bhaagaRadhee bhaya(n)kar ju'dh bhayo jaagaRadhee jooh ju'gan jureea ||

ਕੰਕਾਗੜਦੀ ਕਿਲੱਕਤ ਕੁਹਰ ਕਰ ਪਾਗੜਦੀ ਪੱਤ੍ਰ ਸ੍ਰੋਣਤ ਭਰੀਅ ॥੩੯੩॥

कंकागड़दी किलक्कत कुहर कर पागड़दी पत्त्र स्रोणत भरीअ ॥३९३॥

ka(n)kaagaRadhee kila'kat kuhar kar paagaRadhee pa'tr sronat bhareea ||393||


ਇਤਿ ਦੇਵਾਤਕ ਨਰਾਤਕ ਬਧਹਿ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ॥੯॥

इति देवातक नरातक बधहि धिआइ समापतम सतु ॥९॥

eit dhevaatak naraatak badheh dhiaai samaapatam sat ||9||


ਅਥ ਪ੍ਰਹਸਤ ਜੁੱਧ ਕਥਨੰ ॥

अथ प्रहसत जुद्ध कथनं ॥

ath prahasat ju'dh kathana(n) ||


ਸੰਗੀਤ ਛਪੈ ਛੰਦ ॥

संगीत छपै छंद ॥

sa(n)geet chhapai chha(n)dh ||


ਪਾਗੜਦੀ ਪ੍ਰਹਸਤ ਪਠਿਯੋ ਦਾਗੜਦੀ ਦੈਕੈ ਦਲ ਅਨਗਨ ॥

पागड़दी प्रहसत पठियो दागड़दी दैकै दल अनगन ॥

paagaRadhee prahasat paThiyo dhaagaRadhee dhaikai dhal anagan ||

ਕਾਗੜਦੀ ਕੰਪ ਭੂਅ ਉਠੀ ਬਾਗੜਦੀ ਬਾਜੀਯ ਖੁਰੀਅਨ ਤਨ ॥

कागड़दी कंप भूअ उठी बागड़दी बाजीय खुरीअन तन ॥

kaagaRadhee ka(n)p bhooa uThee baagaRadhee baajeey khureean tan ||

ਨਾਗੜਦੀ ਨੀਲ ਤਿਹ ਝਿਣਯੋ ਭਾਗੜਦੀ ਗਹਿ ਭੂਮਿ ਪਛਾੜੀਅ ॥

नागड़दी नील तिह झिणयो भागड़दी गहि भूमि पछाड़ीअ ॥

naagaRadhee neel teh jhinayo bhaagaRadhee geh bhoom pachhaaReea ||

ਸਾਗੜਦੀ ਸਮਰ ਹਹਕਾਰ ਦਾਗੜਦੀ ਦਾਨਵ ਦਲ ਭਾਰੀਅ ॥

सागड़दी समर हहकार दागड़दी दानव दल भारीअ ॥

saagaRadhee samar hahakaar dhaagaRadhee dhaanav dhal bhaareea ||

ਘੰਘਾਗੜਦੀ ਘਾਇ ਭਕਭਕ ਕਰਤ ਰਾਗੜਦੀ ਰੁਹਿਰ ਰਣ ਰੰਗ ਬਹਿ ॥

घंघागड़दी घाइ भकभक करत रागड़दी रुहिर रण रंग बहि ॥

gha(n)ghaagaRadhee ghai bhakabhak karat raagaRadhee ruhir ran ra(n)g beh ||

ਜੰਜਾਗੜਦੀ ਜੁਯਹ ਜੁੱਗਣ ਜਪੈ ਕਾਗੜਦੀ ਕਾਕ ਕਰ ਕਰਕਕਹ ॥੩੯੪॥

जंजागड़दी जुयह जुग्गण जपै कागड़दी काक कर करककह ॥३९४॥

ja(n)jaagaRadhee juyeh ju'gan japai kaagaRadhee kaak kar karakakeh ||394||


ਫਾਗੜਦੀ ਪ੍ਰਹਸਤ ਜੁਝੰਤ ਲਾਗੜਦੀ ਲੈ ਚਲਯੋ ਅੱਪ ਦਲ ॥

फागड़दी प्रहसत जुझंत लागड़दी लै चलयो अप्प दल ॥

faagaRadhee prahasat jujha(n)t laagaRadhee lai chalayo a'p dhal ||

ਭਾਗੜਦੀ ਭੂਮਿ ਭੜਹੜੀ ਕਾਗੜਦੀ ਕੰਪੀ ਦੋਈ ਜਲ ਥਲ ॥

भागड़दी भूमि भड़हड़ी कागड़दी कंपी दोई जल थल ॥

bhaagaRadhee bhoom bhaRahaRee kaagaRadhee ka(n)pee dhoiee jal thal ||

ਨਾਗੜਦੀ ਨਾਦ ਨਿੱਹ ਨੱਦ ਭਾਗੜਦੀ ਰਣ ਭੇਰਿ ਭਯੰਕਰ ॥

नागड़दी नाद निह्ह नद्द भागड़दी रण भेरि भयंकर ॥

naagaRadhee naadh ni'h na'dh bhaagaRadhee ran bher bhaya(n)kar ||

ਸਾਗੜਦੀ ਸਾਗ ਝਲਹਲਤ ਚਾਗੜਦੀ ਚਮਕੰਤ ਚਲਤ ਸਰ ॥

सागड़दी साग झलहलत चागड़दी चमकंत चलत सर ॥

saagaRadhee saag jhalahalat chaagaRadhee chamaka(n)t chalat sar ||

ਖੰਖਾਗੜਦੀ ਖੇਤਿ ਖੜਗ ਖਿਮਕਤ ਖਹਤ ਚਾਗੜਦੀ ਚਟਕ ਚਿਨਗੈਂ ਕਢੈ ॥

खंखागड़दी खेति खड़ग खिमकत खहत चागड़दी चटक चिनगैं कढै ॥

kha(n)khaagaRadhee khet khaRag khimakat khahat chaagaRadhee chaTak chinagai(n) kaddai ||

ਠੰਠਾਗੜਦੀ ਠਾਟ ਠੱਟ ਕਰ ਮਨੋ ਠਾਗੜਦੀ ਠਣਕ ਠਠਿਅਰ ਗਢੈ ॥੩੯੫॥

ठंठागड़दी ठाट ठट्ट कर मनो ठागड़दी ठणक ठठिअर गढै ॥३९५॥

Tha(n)ThaagaRadhee ThaaT Tha'T kar mano ThaagaRadhee Thanak ThaThiar gaddai ||395||


ਢਾਗੜਦੀ ਢਾਲ ਉਛਲਹਿ ਬਾਗੜਦੀ ਰਣ ਬੀਰ ਬਬੱਕਹਿ ॥

ढागड़दी ढाल उछलहि बागड़दी रण बीर बबक्कहि ॥

ddaagaRadhee ddaal uchhaleh baagaRadhee ran beer baba'keh ||

ਆਗੜਦੀ ਇਕ ਲੈ ਚਲੈਂ ਇਕ ਕਹੁ ਇਕ ਉਚੱਕਹਿ ॥

आगड़दी इक लै चलैं इक कहु इक उचक्कहि ॥

aagaRadhee ik lai chalai(n) ik kahu ik ucha'keh ||

ਤਾਗੜਦੀ ਤਾਲ ਤੰਬੂਰੰ ਬਾਗੜਦੀ ਰਣ ਬੀਨ ਸੁ ਬੱਜੈ ॥

तागड़दी ताल तंबूरं बागड़दी रण बीन सु बज्जै ॥

taagaRadhee taal ta(n)boora(n) baagaRadhee ran been su ba'jai ||

ਸਾਗੜਦੀ ਸੰਖ ਕੇ ਸਬਦ ਗਾਗੜਦੀ ਗੈਵਰ ਗਲ ਗੱਜੈ ॥

सागड़दी संख के सबद गागड़दी गैवर गल गज्जै ॥

saagaRadhee sa(n)kh ke sabadh gaagaRadhee gaivar gal ga'jai ||

ਧੰਧਾਗੜਦੀ ਧਰਣਿ ਧੜ ਧੁਕਿ ਪਰਤ ਚਾਗੜਦੀ ਚਕਤ ਚਿਤ ਮਹਿ ਅਮਰ ॥

धंधागड़दी धरणि धड़ धुकि परत चागड़दी चकत चित महि अमर ॥

dha(n)dhaagaRadhee dharan dhaR dhuk parat chaagaRadhee chakat chit meh amar ||

ਪੰਪਾਗੜਦੀ ਪੁਹਪ ਬਰਖਾ ਕਰਤ ਜਾਗੜਦੀ ਜੱਛ ਗੰਧ੍ਰਬ ਬਰ ॥੩੯੬॥

पंपागड़दी पुहप बरखा करत जागड़दी जच्छ गंध्रब बर ॥३९६॥

pa(n)paagaRadhee puhap barakhaa karat jaagaRadhee ja'chh ga(n)dhrab bar ||396||


ਝਾਗੜਦੀ ਝੁੱਝ ਭਟ ਗਿਰੈਂ ਮਾਗੜਦੀ ਮੁਖ ਮਾਰ ਉਚਾਰੈ ॥

झागड़दी झुज्झ भट गिरैं मागड़दी मुख मार उचारै ॥

jhaagaRadhee jhu'jh bhaT girai(n) maagaRadhee mukh maar uchaarai ||

ਸਾਗੜਦੀ ਸੰਜ ਪੰਜਰੇ ਘਾਗੜਦੀ ਘਣੀਅਰ ਜਣੁ ਕਾਰੈ ॥

सागड़दी संज पंजरे घागड़दी घणीअर जणु कारै ॥

saagaRadhee sa(n)j pa(n)jare ghaagaRadhee ghaneear jan kaarai ||

ਤਾਗੜਦੀ ਤੀਰ ਬਰਖੰਤ ਗਾਗੜਦੀ ਗਹਿ ਗਦਾ ਗਰਿਸਟੰ ॥

तागड़दी तीर बरखंत गागड़दी गहि गदा गरिसटं ॥

taagaRadhee teer barakha(n)t gaagaRadhee geh gadhaa garisaTa(n) ||

ਮਾਗੜਦੀ ਮੰਤ੍ਰ ਮੁਖ ਜਪੈ ਆਗੜਦੀ ਅੱਛਰ ਬਰ ਇਸਟੰ ॥

मागड़दी मंत्र मुख जपै आगड़दी अच्छर बर इसटं ॥

maagaRadhee ma(n)tr mukh japai aagaRadhee a'chhar bar isaTa(n) ||

ਸੰਸਾਗੜਦੀ ਸਦਾ ਸਿਵ ਸਿਮਰ ਕਰ ਜਾਗੜਦੀ ਜੂਝ ਜੋਧਾ ਮਰਤ ॥

संसागड़दी सदा सिव सिमर कर जागड़दी जूझ जोधा मरत ॥

sa(n)saagaRadhee sadhaa siv simar kar jaagaRadhee joojh jodhaa marat ||

ਸੰਸਾਗੜਦੀ ਸੁਭਟ ਸਨਮੁਖ ਗਿਰਤ ਆਗੜਦੀ ਅਪੱਛਰਨ ਕਹ ਬਰਤ ॥੩੯੭॥

संसागड़दी सुभट सनमुख गिरत आगड़दी अपच्छरन कह बरत ॥३९७॥

sa(n)saagaRadhee subhaT sanamukh girat aagaRadhee apa'chharan keh barat ||397||


ਭੁਜੰਗ ਪ੍ਰਯਾਤ ਛੰਦ ॥

भुजंग प्रयात छंद ॥

bhuja(n)g prayaat chha(n)dh ||


ਇਤੈ ਉੱਚਰੇ ਰਾਮ ਲੰਕੇਸ ਬੈਣੰ ॥

इतै उच्चरे राम लंकेस बैणं ॥

eitai u'chare raam la(n)kes baina(n) ||

ਉਤੈ ਦੇਵ ਦੇਖੈ ਚੜੈ ਰਥ ਗੈਣੰ ॥

उतै देव देखै चड़ै रथ गैणं ॥

autai dhev dhekhai chaRai rath gaina(n) ||

ਕਹੋ ਏਕ ਏਕੰ ਅਨੇਕੰ ਪ੍ਰਕਾਰੰ ॥

कहो एक एकं अनेकं प्रकारं ॥

kaho ek eka(n) aneka(n) prakaara(n) ||

ਮਿਲੇ ਜੁੱਧ ਜੇਤੇ ਸਮੰਤੰ ਲੁੱਝਾਰੰ ॥੩੯੮॥

मिले जुद्ध जेते समंतं लुज्झारं ॥३९८॥

mile ju'dh jete sama(n)ta(n) lu'jhaara(n) ||398||


ਬਭੀਛਣ ਬਾਚ ਰਾਮ ਸੋ ॥

बभीछण बाच राम सो ॥

babheechhan baach raam so ||

ਧੁੰਨੰ ਮੰਡਲਾਕਾਰ ਜਾ ਕੋ ਬਿਰਾਜੈ ॥

धुँनं मंडलाकार जा को बिराजै ॥

dhu(n)na(n) ma(n)ddalaakaar jaa ko biraajai ||

ਸਿਰੰ ਜੈਤ ਪੱਤ੍ਰੰ ਸਿਤੰ ਛੱਤ੍ਰ ਛਾਜੈ ॥

सिरं जैत पत्त्रं सितं छत्त्र छाजै ॥

sira(n) jait pa'tra(n) sita(n) chha'tr chhaajai ||

ਰਥੰ ਬਿਸਟਤੰ ਬਯਾਘ੍ਰ ਚਰਮੰ ਅਭੀਤੰ ॥

रथं बिसटतं बयाघ्र चरमं अभीतं ॥

ratha(n) bisaTata(n) bayaaghr charama(n) abheeta(n) ||

ਤਿਸੈ ਨਾਥ ਜਾਨੋ ਹਠੀ ਇੰਦ੍ਰ ਜੀਤੰ ॥੩੯੯॥

तिसै नाथ जानो हठी इंद्र जीतं ॥३९९॥

tisai naath jaano haThee i(n)dhr jeeta(n) ||399||


ਨਹੈ ਪਿੰਗ ਬਾਜੀ ਰਥੰ ਜੇਨ ਸੋਭੈਂ ॥

नहै पिंग बाजी रथं जेन सोभैं ॥

nahai pi(n)g baajee ratha(n) jen sobhai(n) ||

ਮਹਾ ਕਾਇ ਪੇਖੇ ਸਭੈ ਦੇਵ ਛੋਭੈਂ ॥

महा काइ पेखे सभै देव छोभैं ॥

mahaa kai pekhe sabhai dhev chhobhai(n) ||

ਹਰੇ ਸਰਬ ਗਰਬੰ ਧਨੰ ਪਾਲ ਦੇਵੰ ॥

हरे सरब गरबं धनं पाल देवं ॥

hare sarab garaba(n) dhana(n) paal dheva(n) ||

ਮਹਾਕਾਇ ਨਾਮਾ ਮਹਾਬੀਰ ਜੇਵੰ ॥੪੦੦॥

महाकाइ नामा महाबीर जेवं ॥४००॥

mahaakai naamaa mahaabeer jeva(n) ||400||


ਲਗੇ ਮਯੂਰ ਬਰਣੰ ਰਥੰ ਜੇਨ ਬਾਜੀ ॥

लगे मयूर बरणं रथं जेन बाजी ॥

lage mayoor barana(n) ratha(n) jen baajee ||

ਬਕੈ ਮਾਰ ਮਾਰੰ ਤਜੈ ਬਾਣ ਰਾਜੀ ॥

बकै मार मारं तजै बाण राजी ॥

bakai maar maara(n) tajai baan raajee ||

ਮਹਾ ਜੁੱਧ ਕੋ ਕਰ ਮਹੋਦਰ ਬਖਾਨੋ ॥

महा जुद्ध को कर महोदर बखानो ॥

mahaa ju'dh ko kar mahodhar bakhaano ||

ਤਿਸੈ ਜੁੱਧ ਕਰਤਾ ਬਡੋ ਰਾਮ ਜਾਨੋ ॥੪੦੧॥

तिसै जुद्ध करता बडो राम जानो ॥४०१॥

tisai ju'dh karataa baddo raam jaano ||401||


ਲਗੇ ਮੁਖਕੰ ਬਰਣ ਬਾਜੀ ਰਥੇਸੰ ॥

लगे मुखकं बरण बाजी रथेसं ॥

lage mukhaka(n) baran baajee rathesa(n) ||

ਹਸੈ ਪਉਨ ਕੇ ਗਉਨ ਕੋ ਚਾਰ ਦੇਸੰ ॥

हसै पउन के गउन को चार देसं ॥

hasai paun ke gaun ko chaar dhesa(n) ||

ਧਰੇ ਬਾਣ ਪਾਣੰ ਕਿਧੋ ਕਾਲ ਰੂਪੰ ॥

धरे बाण पाणं किधो काल रूपं ॥

dhare baan paana(n) kidho kaal roopa(n) ||

ਤਿਸੈ ਰਾਮ ਜਾਨੋ ਸਹੀ ਦਈਤ ਭੂਪੰ ॥੪੦੨॥

तिसै राम जानो सही दईत भूपं ॥४०२॥

tisai raam jaano sahee dhieet bhoopa(n) ||402||


ਫਿਰੈ ਮੋਰ ਪੁੱਛੰ ਢੁਰੈ ਚਉਰ ਚਾਰੰ ॥

फिरै मोर पुच्छं ढुरै चउर चारं ॥

firai mor pu'chha(n) ddurai chaur chaara(n) ||

ਰੜੈ ਕਿੱਤ ਬੰਦੀ ਅਨੰਤੰ ਅਪਾਰੰ ॥

रड़ै कित्त बंदी अनंतं अपारं ॥

raRai ki't ba(n)dhee ana(n)ta(n) apaara(n) ||

ਰਥੰ ਸੁਵਰਣ ਕੀ ਕਿੰਕਣੀ ਚਾਰ ਸੋਹੈ ॥

रथं सुवरण की किंकणी चार सोहै ॥

ratha(n) suvaran kee ki(n)kanee chaar sohai ||

ਲਖੇ ਦੇਵ ਕੰਨਿਆ ਮਹਾ ਤੇਜ ਮੋਹੈ ॥੪੦੩॥

लखे देव कंनिआ महा तेज मोहै ॥४०३॥

lakhe dhev ka(n)niaa mahaa tej mohai ||403||


ਛਕੈ ਮੱਧ ਜਾ ਕੀ ਧੁਜਾ ਸਾਰਦੂਲੰ ॥

छकै मद्ध जा की धुजा सारदूलं ॥

chhakai ma'dh jaa kee dhujaa saaradhoola(n) ||

ਇਹੈ ਦਈਤ ਰਾਜੰ ਦੁਰੰ ਦ੍ਰੋਹ ਮੂਲੰ ॥

इहै दईत राजं दुरं द्रोह मूलं ॥

eihai dhieet raaja(n) dhura(n) dhroh moola(n) ||

ਲਸੈ ਕ੍ਰੀਟ ਸੀਸੰ ਕਸੈ ਚੰਦ੍ਰ ਭਾ ਕੋ ॥

लसै क्रीट सीसं कसै चंद्र भा को ॥

lasai kreeT seesa(n) kasai cha(n)dhr bhaa ko ||

ਰਮਾ ਨਾਥ ਚੀਨੋ ਦਸੰ ਗ੍ਰੀਵ ਤਾ ਕੋ ॥੪੦੪॥

रमा नाथ चीनो दसं ग्रीव ता को ॥४०४॥

ramaa naath cheeno dhasa(n) greev taa ko ||404||


ਦੁਹੂੰ ਓਰ ਬੱਜੇ ਬਜੰਤ੍ਰੰ ਅਪਾਰੰ ॥

दुहूँ ओर बज्जे बजंत्रं अपारं ॥

dhuhoo(n) or ba'je baja(n)tra(n) apaara(n) ||

ਮਚੇ ਸੂਰਬੀਰੰ ਮਹਾ ਸਸਤ੍ਰ ਧਾਰੰ ॥

मचे सूरबीरं महा ससत्र धारं ॥

mache soorabeera(n) mahaa sasatr dhaara(n) ||

ਕਰੈ ਅੱਤ੍ਰ ਪਾਤੰ ਨਿਪਾਤੰਤ ਸੂਰੰ ॥

करै अत्त्र पातं निपातंत सूरं ॥

karai a'tr paata(n) nipaata(n)t soora(n) ||

ਉਠੇ ਮੱਧ ਜੁੱਧੰ ਕਮੱਧੰ ਕਰੂਰੰ ॥੪੦੫॥

उठे मद्ध जुद्धं कमद्धं करूरं ॥४०५॥

auThe ma'dh ju'dha(n) kama'dha(n) karoora(n) ||405||


ਗਿਰੈ ਰੁੰਡ ਮੁੰਡੰ ਭਸੁੰਡੰ ਅਪਾਰੰ ॥

गिरै रुँड मुँडं भसुँडं अपारं ॥

girai ru(n)dd mu(n)dda(n) bhasu(n)dda(n) apaara(n) ||

ਰੁਲੇ ਅੰਗ ਭੰਗੰ ਸਮੰਤੰ ਲੁਝਾਰੰ ॥

रुले अंग भंगं समंतं लुझारं ॥

rule a(n)g bha(n)ga(n) sama(n)ta(n) lujhaara(n) ||

ਪਰੀ ਕੂਹ ਜੂਹੰ ਉਠੇ ਗੱਦ ਸੱਦੰ ॥

परी कूह जूहं उठे गद्द सद्दं ॥

paree kooh jooha(n) uThe ga'dh sa'dha(n) ||

ਜਕੇ ਸੂਰਬੀਰੰ ਛਕੇ ਜਾਣ ਮੱਦੰ ॥੪੦੬॥

जके सूरबीरं छके जाण मद्दं ॥४०६॥

jake soorabeera(n) chhake jaan ma'dha(n) ||406||


ਗਿਰੇ ਝੂਮ ਭੂਮੰ ਅਘੂਮੇਤਿ ਘਾਯੰ ॥

गिरे झूम भूमं अघूमेति घायं ॥

gire jhoom bhooma(n) aghoomet ghaaya(n) ||

ਉਠੇ ਗੱਦ ਸੱਦੰ ਚੜੇ ਚਉਪ ਚਾਯੰ ॥

उठे गद्द सद्दं चड़े चउप चायं ॥

auThe ga'dh sa'dha(n) chaRe chaup chaaya(n) ||

ਜੁਝੈ ਬੀਰ ਏਕੰ ਅਨੇਕੰ ਪ੍ਰਕਾਰੰ ॥

जुझै बीर एकं अनेकं प्रकारं ॥

jujhai beer eka(n) aneka(n) prakaara(n) ||

ਕਟੇ ਅੰਗ ਜੰਗੰ ਰਟੈਂ ਮਾਰ ਮਾਰੰ ॥੪੦੭॥

कटे अंग जंगं रटैं मार मारं ॥४०७॥

kaTe a(n)g ja(n)ga(n) raTai(n) maar maara(n) ||407||


ਛੁਟੈ ਬਾਣ ਪਾਣੰ ਉਠੈਂ ਗੱਦ ਸੱਦੰ ॥

छुटै बाण पाणं उठैं गद्द सद्दं ॥

chhuTai baan paana(n) uThai(n) ga'dh sa'dha(n) ||

ਰੁਲੇ ਝੂਮ ਭੂਮੰ ਸੁ ਬੀਰੰ ਬਿਹੱਦੰ ॥

रुले झूम भूमं सु बीरं बिहद्दं ॥

rule jhoom bhooma(n) su beera(n) biha'dha(n) ||

ਨਚੇ ਜੰਗ ਰੰਗੰ ਤਤੱਥਈ ਤਤੱਥਿਯੰ ॥

नचे जंग रंगं ततत्थई ततत्थियं ॥

nache ja(n)g ra(n)ga(n) tata'thiee tata'thiya(n) ||

ਛੁਟੈ ਬਾਨ ਰਾਜੀ ਫਿਰੈ ਛੂਛ ਹੱਥਿਯੰ ॥੪੦੮॥

छुटै बान राजी फिरै छूछ हत्थियं ॥४०८॥

chhuTai baan raajee firai chhoochh ha'thiya(n) ||408||


ਗਿਰੇ ਅੰਕੁਸੰ ਬਾਰਣੰ ਬੀਰ ਖੇਤੰ ॥

गिरे अंकुसं बारणं बीर खेतं ॥

gire a(n)kusa(n) baarana(n) beer kheta(n) ||

ਨਚੇ ਕੰਧ ਹੀਣੰ ਕਬੰਧੰ ਅਚੇਤੰ ॥

नचे कंध हीणं कबंधं अचेतं ॥

nache ka(n)dh heena(n) kaba(n)dha(n) acheta(n) ||

ਭਰੈਂ ਖੇਚਰੀ ਪੱਤ੍ਰ ਚਉਸਠ ਚਾਰੀ ॥

भरैं खेचरी पत्त्र चउसठ चारी ॥

bharai(n) khecharee pa'tr chausaTh chaaree ||

ਚਲੇ ਸਰਬ ਆਨੰਦਿ ਹੁਐ ਮਾਸਹਾਰੀ ॥੪੦੯॥

चले सरब आनंदि हुऐ मासहारी ॥४०९॥

chale sarab aana(n)dh huaai maasahaaree ||409||


ਗਿਰੇ ਬੰਕੁੜੇ ਬੀਰ ਬਾਜੀ ਸੁਦੇਸੰ ॥

गिरे बंकुड़े बीर बाजी सुदेसं ॥

gire ba(n)kuRe beer baajee sudhesa(n) ||

ਪਰੇ ਪੀਲਵਾਨੰ ਛੁਟੇ ਚਾਰ ਕੇਸੰ ॥

परे पीलवानं छुटे चार केसं ॥

pare peelavaana(n) chhuTe chaar kesa(n) ||

ਕਰੈ ਪੈਜ ਵਾਰੰ ਪ੍ਰਚਾਰੰਤ ਬੀਰੰ ॥

करै पैज वारं प्रचारंत बीरं ॥

karai paij vaara(n) prachaara(n)t beera(n) ||

ਉਠੈ ਸ੍ਰੋਣਧਾਰੰ ਅਪਾਰੰ ਹਮੀਰੰ ॥੪੧੦॥

उठै स्रोणधारं अपारं हमीरं ॥४१०॥

auThai sronadhaara(n) apaara(n) hameera(n) ||410||


ਛੁਟੈਂ ਚਾਰਿ ਚਿਤ੍ਰੰ ਬਚਿਤ੍ਰੰਤ ਬਾਣੰ ॥

छुटैं चारि चित्रं बचित्रंत बाणं ॥

chhuTai(n) chaar chitra(n) bachitra(n)t baana(n) ||

ਚਲੇ ਬੈਠ ਕੈ ਸੂਰਬੀਰੰ ਬਿਮਾਣੰ ॥

चले बैठ कै सूरबीरं बिमाणं ॥

chale baiTh kai soorabeera(n) bimaana(n) ||

ਗਿਰੇ ਬਾਰੁਣੰ ਬਿੱਥਰੀ ਲੁੱਥ ਜੁੱਥੰ ॥

गिरे बारुणं बित्थरी लुत्थ जुत्थं ॥

gire baaruna(n) bi'tharee lu'th ju'tha(n) ||

ਖੁਲੇ ਸੁਰਗ ਦੁਆਰੰ ਗਏ ਵੀਰ ਅਛੁੱਥੰ ॥੪੧੧॥

खुले सुरग दुआरं गए वीर अछुत्थं ॥४११॥

khule surag dhuaara(n) ge veer achhu'tha(n) ||411||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਇਹ ਬਿਧਿ ਹਤ ਸੈਨਾ ਭਈ ਰਾਵਣ ਰਾਮ ਬਿਰੁੱਧ ॥

इह बिधि हत सैना भई रावण राम बिरुद्ध ॥

eeh bidh hat sainaa bhiee raavan raam biru'dh ||

ਲੰਕ ਬੰਕ ਪ੍ਰਾਪਤ ਭਯੋ ਦਸਸਿਰ ਮਹਾ ਸਕ੍ਰੁੱਧ ॥੪੧੨॥

लंक बंक प्रापत भयो दससिर महा सक्रुद्ध ॥४१२॥

la(n)k ba(n)k praapat bhayo dhasasir mahaa sakru'dh ||412||


ਭੁਜੰਗ ਪ੍ਰਯਾਤ ਛੰਦ ॥

भुजंग प्रयात छंद ॥

bhuja(n)g prayaat chha(n)dh ||


ਤਬੈ ਮੁੱਕਲੇ ਦੂਤ ਲੰਕੇਸ ਅੱਪੰ ॥

तबै मुक्कले दूत लंकेस अप्पं ॥

tabai mu'kale dhoot la(n)kes a'pa(n) ||

ਮਨੰ ਬਚ ਕਰਮੰ ਸਿਵੰ ਜਾਪ ਜੱਪੰ ॥

मनं बच करमं सिवं जाप जप्पं ॥

mana(n) bach karama(n) siva(n) jaap ja'pa(n) ||

ਸਭੈ ਮੰਤ੍ਰ ਹੀਣੰ ਸਮੈ ਅੰਤ ਕਾਲੰ ॥

सभै मंत्र हीणं समै अंत कालं ॥

sabhai ma(n)tr heena(n) samai a(n)t kaala(n) ||

ਭਜੋ ਏਕ ਚਿੱਤੰ ਸੁ ਕਾਲੰ ਕ੍ਰਿਪਾਲੰ ॥੪੧੩॥

भजो एक चित्तं सु कालं कृपालं ॥४१३॥

bhajo ek chi'ta(n) su kaala(n) kirapaala(n) ||413||


ਰਥੀ ਪਾਇਕੰ ਦੰਤ ਪੰਤੀ ਅਨੰਤੰ ॥

रथी पाइकं दंत पंती अनंतं ॥

rathee paika(n) dha(n)t pa(n)tee ana(n)ta(n) ||

ਚਲੇ ਪੱਖਰੇ ਬਾਜ ਰਾਜੰ ਸੁ ਭੰਤੰ ॥

चले पक्खरे बाज राजं सु भंतं ॥

chale pa'khare baaj raaja(n) su bha(n)ta(n) ||

ਧਸੇ ਨਾਸਕਾ ਸ੍ਰੋਣ ਮੱਝੰ ਸੁ ਬੀਰੰ ॥

धसे नासका स्रोण मज्झं सु बीरं ॥

dhase naasakaa sron ma'jha(n) su beera(n) ||

ਬੱਜੇ ਕਾਨ੍ਰਹਰੇ ਡੰਕ ਡਉਰੂ ਨਫੀਰੰ ॥੪੧੪॥

बज्जे कान्रहरे डंक डउरू नफीरं ॥४१४॥

ba'je kaanrahare dda(n)k ddauroo nafeera(n) ||414||


ਬਜੈ ਲਾਗ ਬਾਦੰ ਨਿਨਾਦੰਤਿ ਵੀਰੰ ॥

बजै लाग बादं निनादंति वीरं ॥

bajai laag baadha(n) ninaadha(n)t veera(n) ||

ਉਠੈ ਗੱਦ ਸੱਦੰ ਨਿਨੱਦੰ ਨਫੀਰੰ ॥

उठै गद्द सद्दं निनद्दं नफीरं ॥

auThai ga'dh sa'dha(n) nina'dha(n) nafeera(n) ||

ਭਏ ਆਕੁਲੰ ਬਿਆਕਲੰ ਛੋਰਿ ਭਾਗਿਅੰ ॥

भए आकुलं बिआकलं छोरि भागिअं ॥

bhe aakula(n) biaakala(n) chhor bhaagia(n) ||

ਬਲੀ ਕੁੰਭਕਾਨੰ ਤਊ ਨਾਹਿ ਜਾਗਿਅੰ ॥੪੧੫॥

बली कुँभकानं तऊ नाहि जागिअं ॥४१५॥

balee ku(n)bhakaana(n) tuoo naeh jaagia(n) ||415||


ਚਲੇ ਛਾਡਿ ਕੈ ਆਸ ਪਾਸੰ ਨਿਰਾਸੰ ॥

चले छाडि कै आस पासं निरासं ॥

chale chhaadd kai aas paasa(n) niraasa(n) ||

ਭਏ ਭ੍ਰਾਤ ਕੇ ਜਾਗਬੇ ਤੇ ਉਦਾਸੰ ॥

भए भ्रात के जागबे ते उदासं ॥

bhe bhraat ke jaagabe te udhaasa(n) ||

ਤਬੈ ਦੇਵਕੰਨਿਆ ਕਰਿਯੋ ਗੀਤ ਗਾਨੰ ॥

तबै देवकंनिआ करियो गीत गानं ॥

tabai dhevaka(n)niaa kariyo geet gaana(n) ||

ਉਠਯੋ ਦੇਵ ਦੋਖੀ ਗਦਾ ਲੀਸ ਪਾਨੰ ॥੪੧੬॥

उठयो देव दोखी गदा लीस पानं ॥४१६॥

auThayo dhev dhokhee gadhaa lees paana(n) ||416||


ਕਰੋ ਲੰਕ ਦੇਸੰ ਪ੍ਰਵੇਸੰਤਿ ਸੂਰੰ ॥

करो लंक देसं प्रवेसंति सूरं ॥

karo la(n)k dhesa(n) pravesa(n)t soora(n) ||

ਬਲੀ ਬੀਸ ਬਾਹੰ ਮਹਾ ਸਸਤ੍ਰ ਪੂਰੰ ॥

बली बीस बाहं महा ससत्र पूरं ॥

balee bees baaha(n) mahaa sasatr poora(n) ||


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