P-25 Rama Avatar Ramayana (Chaubis Avatar) (hindi punjabi english)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
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ਕੰਠ ਅਭੂਖਨ ਛੰਦ ॥

कंठ अभूखन छंद ॥

ka(n)Th abhookhan chha(n)dh ||


ਜਾਉ ਕਹਾ ਪਗ ਭੇਟ ਕਹਉ ਤੁਹ ॥

जाउ कहा पग भेट कहउ तुह ॥

jaau kahaa pag bheT kahau tuh ||

ਲਾਜ ਨ ਲਾਗਤ ਰਾਮ ਕਹੋ ਮੁਹ ॥

लाज न लागत राम कहो मुह ॥

laaj na laagat raam kaho muh ||

ਮੈ ਅਤਿ ਦੀਨ ਮਲੀਨ ਬਿਨਾ ਗਤ ॥

मै अति दीन मलीन बिना गत ॥

mai at dheen maleen binaa gat ||

ਰਾਖ ਲੈ ਰਾਜ ਬਿਖੈ ਚਰਨਾਮ੍ਰਿਤ ॥੨੮੭॥

राख लै राज बिखै चरनामृत ॥२८७॥

raakh lai raaj bikhai charanaamirat ||287||


ਚੱਛ ਬਿਹੀਨ ਸੁੱਪਛ ਜਿਮੰ ਕਰ ॥

चच्छ बिहीन सुप्पछ जिमं कर ॥

cha'chh biheen su'pachh jima(n) kar ||

ਤਿਉ ਪ੍ਰਭ ਤੀਰ ਗਿਰਯੋ ਪਗ ਭਰਥਰ ॥

तिउ प्रभ तीर गिरयो पग भरथर ॥

tiau prabh teer girayo pag bharathar ||

ਅੰਕ ਰਹੇ ਗਹ ਰਾਮ ਤਿਸੈ ਤਬ ॥

अंक रहे गह राम तिसै तब ॥

a(n)k rahe geh raam tisai tab ||

ਰੋਇ ਮਿਲੇ ਲਛਨਾਦਿ ਭੱਯਾ ਸਭ ॥੨੮੮॥

रोइ मिले लछनादि भय्या सभ ॥२८८॥

roi mile lachhanaadh bha'yaa sabh ||288||


ਪਾਨਿ ਪੀਆਇ ਜਗਾਇ ਸੁ ਬੀਰਹ ॥

पानि पीआइ जगाइ सु बीरह ॥

paan peeaai jagai su beereh ||

ਫੇਰਿ ਕਹਯੋ ਹਸ ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਬੀਰਹ ॥

फेरि कहयो हस स्री रघुबीरह ॥

fer kahayo has sree raghubeereh ||

ਤ੍ਰਿਯੋਦਸ ਬਰਖ ਗਏ ਫਿਰਿ ਐਹੈ ॥

तृयोदस बरख गए फिरि ऐहै ॥

tirayodhas barakh ge fir aaihai ||

ਜਾਹੁ ਹਮੈ ਕਛੁ ਕਾਜ ਕਿਵੈਹੈ ॥੨੮੯॥

जाहु हमै कछु काज किवैहै ॥२८९॥

jaahu hamai kachh kaaj kivaihai ||289||


ਚੀਨ ਗਏ ਚਤੁਰਾ ਚਿਤ ਮੋ ਸਭ ॥

चीन गए चतुरा चित मो सभ ॥

cheen ge chaturaa chit mo sabh ||

ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਬੀਰ ਕਹੀ ਅਸ ਕੈ ਜਬ ॥

स्री रघुबीर कही अस कै जब ॥

sree raghubeer kahee as kai jab ||

ਮਾਤ ਸਮੋਧ ਸੁ ਪਾਵਰਿ ਲੀਨੀ ॥

मात समोध सु पावरि लीनी ॥

maat samodh su paavar leenee ||

ਅਉਰ ਬਸੇ ਪੁਰ ਅਉਧ ਨ ਚੀਨੀ ॥੨੯੦॥

अउर बसे पुर अउध न चीनी ॥२९०॥

aaur base pur aaudh na cheenee ||290||


ਸੀਸ ਜਟਾਨ ਕੋ ਜੂਟ ਧਰੇ ਬਰ ॥

सीस जटान को जूट धरे बर ॥

sees jaTaan ko jooT dhare bar ||

ਰਾਜ ਸਮਾਜ ਦੀਯੋ ਪਊਵਾ ਪਰ ॥

राज समाज दीयो पऊवा पर ॥

raaj samaaj dheeyo puoovaa par ||

ਰਾਜ ਕਰੇ ਦਿਨੁ ਹੋਤ ਉਜਿਆਰੈ ॥

राज करे दिनु होत उजिआरै ॥

raaj kare dhin hot ujiaarai ||

ਰੈਨਿ ਭਏ ਰਘੁਰਾਜ ਸੰਭਾਰੈ ॥੨੯੧॥

रैनि भए रघुराज संभारै ॥२९१॥

rain bhe raghuraaj sa(n)bhaarai ||291||


ਜੱਜਰ ਭਯੋ ਝੁਰ ਝੰਝਰ ਜਿਉ ਤਨ ॥

जज्जर भयो झुर झंझर जिउ तन ॥

ja'jar bhayo jhur jha(n)jhar jiau tan ||

ਰਾਖਤ ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਰਾਜ ਬਿਖੈ ਮਨ ॥

राखत स्री रघुराज बिखै मन ॥

raakhat sree raghuraaj bikhai man ||

ਬੈਰਿਨ ਕੇ ਰਨ ਬਿੰਦ ਨਿਕੰਦਤ ॥

बैरिन के रन बिंद निकंदत ॥

bairin ke ran bi(n)dh nika(n)dhat ||

ਭਾਖਤ ਕੰਠਿ ਅਭੂਖਨ ਛੰਦਤ ॥੨੯੨॥

भाखत कंठि अभूखन छंदत ॥२९२॥

bhaakhat ka(n)Th abhookhan chha(n)dhat ||292||


ਝੂਲਾ ਛੰਦ ॥

झूला छंद ॥

jhoolaa chha(n)dh ||


ਇਤੈ ਰਾਮ ਰਾਜੰ ॥

इतै राम राजं ॥

eitai raam raaja(n) ||

ਕਰੈ ਦੇਵ ਕਾਜੰ ॥

करै देव काजं ॥

karai dhev kaaja(n) ||

ਧਰੋ ਬਾਨ ਪਾਨੰ ॥

धरो बान पानं ॥

dharo baan paana(n) ||

ਭਰੈ ਬੀਰ ਮਾਨੰ ॥੨੯੩॥

भरै बीर मानं ॥२९३॥

bharai beer maana(n) ||293||


ਜਹਾ ਸਾਲ ਭਾਰੇ ॥

जहा साल भारे ॥

jahaa saal bhaare ||

ਦ੍ਰੁਮੰ ਤਾਲ ਨਯਾਰੇ ॥

द्रुमं ताल नयारे ॥

dhruma(n) taal nayaare ||

ਛੁਏ ਸੁਰਗ ਲੋਕੰ ॥

छुए सुरग लोकं ॥

chhue surag loka(n) ||

ਹਰੈ ਜਾਤ ਸੋਕੰ ॥੨੯੪॥

हरै जात सोकं ॥२९४॥

harai jaat soka(n) ||294||


ਤਹਾ ਰਾਮ ਪੈਠੇ ॥

तहा राम पैठे ॥

tahaa raam paiThe ||

ਮਹਾਬੀਰ ਐਠੇ ॥

महाबीर ऐठे ॥

mahaabeer aaiThe ||

ਲੀਏ ਸੰਗਿ ਸੀਤਾ ॥

लीए संगि सीता ॥

le'ee sa(n)g seetaa ||

ਮਹਾ ਸੁਭ੍ਰ ਗੀਤਾ ॥੨੯੫॥

महा सुभ्र गीता ॥२९५॥

mahaa subhr geetaa ||295||


ਬਿਧੁੰ ਬਾਕ ਬੈਣੀ ॥

बिधुँ बाक बैणी ॥

bidhu(n) baak bainee ||

ਮ੍ਰਿਗੀ ਰਾਜ ਨੈਣੀ ॥

मृगी राज नैणी ॥

miragee raaj nainee ||

ਕਟੰ ਛੀਨ ਦੇ ਸੀ ॥

कटं छीन दे सी ॥

kaTa(n) chheen dhe see ||

ਪਰੀ ਪਦਮਨੀ ਸੀ ॥੨੯੬॥

परी पदमनी सी ॥२९६॥

paree padhamanee see ||296||


ਝੂਲਨਾ ਛੰਦ ॥

झूलना छंद ॥

jhoolanaa chha(n)dh ||


ਚੜੈ ਪਾਨ ਬਾਨੀ ਧਰੇ ਸਾਨ ਮਾਨੋ ਚਛਾ ਬਾਨ ਸੋਹੈ ਦੋਊ ਰਾਮ ਰਾਨੀ ॥

चड़ै पान बानी धरे सान मानो चछा बान सोहै दोऊ राम रानी ॥

chaRai paan baanee dhare saan maano chachhaa baan sohai dhouoo raam raanee ||

ਫਿਰੈ ਖਿਆਲ ਸੋ ਏਕ ਹਵਾਲ ਸੇਤੀ ਛੁਟੇ ਇੰਦ੍ਰ ਸੇਤੀ ਮਨੋ ਇੰਦ੍ਰ ਧਾਨੀ ॥

फिरै खिआल सो एक हवाल सेती छुटे इंद्र सेती मनो इंद्र धानी ॥

firai khiaal so ek havaal setee chhuTe i(n)dhr setee mano i(n)dhr dhaanee ||

ਮਨੋ ਨਾਗ ਬਾਕੇ ਲਜੀ ਆਬ ਫਾਕੈ ਰੰਗੇ ਰੰਗ ਸੁਹਾਬ ਸੌ ਰਾਮ ਬਾਰੇ ॥

मनो नाग बाके लजी आब फाकै रंगे रंग सुहाब सौ राम बारे ॥

mano naag baake lajee aab faakai ra(n)ge ra(n)g suhaab sau raam baare ||

ਮ੍ਰਿਗਾ ਦੇਖਿ ਮੋਹੇ ਲਖੇ ਮੀਨ ਰੋਹੇ ਜਿਨੈ ਨੈਕ ਚੀਨੇ ਤਿਨੋ ਪ੍ਰਾਨ ਵਾਰੇ ॥੨੯੭॥

मृगा देखि मोहे लखे मीन रोहे जिनै नैक चीने तिनो प्रान वारे ॥२९७॥

miragaa dhekh mohe lakhe meen rohe jinai naik cheene tino praan vaare ||297||


ਸੁਨੇ ਕੂਕ ਕੇ ਕੋਕਲਾ ਕੋਪ ਕੀਨੇ ਮੁਖੰ ਦੇਖ ਕੈ ਚੰਦ ਦਾਰੇਰ ਖਾਈ ॥

सुने कूक के कोकला कोप कीने मुखं देख कै चंद दारेर खाई ॥

sune kook ke kokalaa kop keene mukha(n) dhekh kai cha(n)dh dhaarer khaiee ||

ਲਖੇ ਨੈਨ ਬਾਕੇ ਮਨੈ ਮੀਨ ਮੋਹੈ ਲਖੇ ਜਾਤ ਕੇ ਸੂਰ ਕੀ ਜੋਤਿ ਛਾਈ ॥

लखे नैन बाके मनै मीन मोहै लखे जात के सूर की जोति छाई ॥

lakhe nain baake manai meen mohai lakhe jaat ke soor kee jot chhaiee ||

ਮਨੋ ਫੂਲ ਫੂਲੇ ਲਗੇ ਨੈਨ ਝੂਲੇ ਲਖੇ ਲੋਗ ਭੂਲੇ ਬਨੇ ਜੋਰ ਐਸੇ ॥

मनो फूल फूले लगे नैन झूले लखे लोग भूले बने जोर ऐसे ॥

mano fool foole lage nain jhoole lakhe log bhoole bane jor aaise ||

ਲਖੇ ਨੈਨ ਥਾਰੇ ਬਿਧੇ ਰਾਮ ਪਿਆਰੇ ਰੰਗੇ ਰੰਗ ਸਾਰਾਬ ਸੁਹਾਬ ਜੈਸੇ ॥੨੯੮॥

लखे नैन थारे बिधे राम पिआरे रंगे रंग साराब सुहाब जैसे ॥२९८॥

lakhe nain thaare bidhe raam piaare ra(n)ge ra(n)g saaraab suhaab jaise ||298||


ਰੰਗੇ ਰੰਗ ਰਾਤੇ ਮਯੰ ਮੱਤ ਮਾਤੇ ਮਕਬੂਲਿ ਗੁੱਲਾਬ ਕੇ ਫੂਲ ਸੋਹੈਂ ॥

रंगे रंग राते मयं मत्त माते मकबूलि गुल्लाब के फूल सोहैं ॥

ra(n)ge ra(n)g raate maya(n) ma't maate makabool gu'laab ke fool sohai(n) ||

ਨਰਗਸ ਨੇ ਦੇਖ ਕੈ ਨਾਕ ਐਂਠਾ ਮ੍ਰਿਗੀਰਾਜ ਕੇ ਦੇਖਤੈਂ ਮਾਨ ਮੋਹੈਂ ॥

नरगस ने देख कै नाक ऐंठा मृगीराज के देखतैं मान मोहैं ॥

naragas ne dhekh kai naak aai(n)Thaa mirageeraaj ke dhekhatai(n) maan mohai(n) ||

ਸਬੋ ਰੋਜ ਸਰਾਬ ਨੇ ਸੋਰ ਲਾਇਆ ਪ੍ਰਜਾ ਆਮ ਜਾਹਾਨ ਕੇ ਪੇਖ ਵਾਰੇ ॥

सबो रोज सराब ने सोर लाइआ प्रजा आम जाहान के पेख वारे ॥

sabo roj saraab ne sor laiaa prajaa aam jaahaan ke pekh vaare ||

ਭਵਾ ਤਾਨ ਕਮਾਨ ਕੀ ਭਾਤ ਪਿਆਰੀਨਿ ਕਮਾਨ ਹੀ ਨੈਨ ਕੇ ਬਾਨ ਮਾਰੇ ॥੨੯੯॥

भवा तान कमान की भात पिआरीनि कमान ही नैन के बान मारे ॥२९९॥

bhavaa taan kamaan kee bhaat piaareen kamaan hee nain ke baan maare ||299||


ਕਬਿੱਤ ॥

कबित्त ॥

kabi't ||

ਊਚੇ ਦ੍ਰੁਮ ਸਾਲ ਜਹਾ ਲਾਬੇ ਬਟ ਤਾਲ ਤਹਾ ਐਸੀ ਠਉਰ ਤਪ ਕੱਉ ਪਧਾਰੈ ਐਸੋ ਕਉਨ ਹੈ ॥

ऊचे द्रुम साल जहा लाबे बट ताल तहा ऐसी ठउर तप कउ्उ पधारै ऐसो कउन है ॥

uooche dhrum saal jahaa laabe baT taal tahaa aaisee Thaur tap ka'au padhaarai aaiso kaun hai ||

ਜਾ ਕੀ ਛਬ ਦੇਖ ਦੁਤ ਖਾਡਵ ਕੀ ਫੀਕੀ ਲਾਗੈ ਆਭਾ ਤਕੀ ਨੰਦਨ ਬਿਲੋਕ ਭਜੇ ਮੌਨ ਹੈ ॥

जा की छब देख दुत खाडव की फीकी लागै आभा तकी नंदन बिलोक भजे मौन है ॥

jaa kee chhab dhekh dhut khaaddav kee feekee laagai aabhaa takee na(n)dhan bilok bhaje mauan hai ||

ਤਾਰਨ ਕੀ ਕਹਾ ਨੈਕ ਨਭ ਨ ਨਿਹਰਾਯੋ ਜਾਇ ਸੂਰਜ ਕੀ ਜੋਤ ਤਹਾ ਚੰਦ੍ਰਕੀ ਨ ਜਉਨ ਹੈ ॥

तारन की कहा नैक नभ न निहरायो जाइ सूरज की जोत तहा चंद्रकी न जउन है ॥

taaran kee kahaa naik nabh na niharaayo jai sooraj kee jot tahaa cha(n)dhrakee na jaun hai ||

ਦੇਵ ਨ ਨਿਹਾਰਯੋ ਕੋਊ ਦੈਤ ਨ ਬਿਹਾਰਯੋ ਤਹਾ ਪੰਛੀ ਕੀ ਨ ਗੰਮ ਜਹਾ ਚੀਟੀ ਕੋ ਨ ਗਉਨ ਹੈ ॥੩੦੦॥

देव न निहारयो कोऊ दैत न बिहारयो तहा पंछी की न गंम जहा चीटी को न गउन है ॥३००॥

dhev na nihaarayo kouoo dhait na bihaarayo tahaa pa(n)chhee kee na ga(n)m jahaa cheeTee ko na gaun hai ||300||


ਅਪੂਰਬ ਛੰਦ ॥

अपूरब छंद ॥

apoorab chha(n)dh ||


ਲਖੀਏ ਅਲੱਖ ॥

लखीए अलक्ख ॥

lakhe'ee ala'kh ||

ਤਕੀਏ ਸੁਭੱਛ ॥

तकीए सुभच्छ ॥

take'ee subha'chh ||

ਧਾਯੋ ਬਿਰਾਧ ॥

धायो बिराध ॥

dhaayo biraadh ||

ਬੰਕੜਯੋ ਬਿਬਾਦ ॥੩੦੧॥

बंकड़यो बिबाद ॥३०१॥

ba(n)kaRayo bibaadh ||301||


ਲਖੀਅੰ ਅਵੱਧ ॥

लखीअं अवद्ध ॥

lakheea(n) ava'dh ||

ਸੰਬਹਯੋ ਸਨੱਧ ॥

संबहयो सनद्ध ॥

sa(n)bahayo sana'dh ||

ਸੰਮਲੇ ਹਥਿਆਰ ॥

संमले हथिआर ॥

sa(n)male hathiaar ||

ਉਰੜੇ ਲੁਝਾਰ ॥੩੦੨॥

उरड़े लुझार ॥३०२॥

auraRe lujhaar ||302||


ਚਿਕੜੀ ਚਾਵੰਡ ॥

चिकड़ी चावंड ॥

chikaRee chaava(n)dd ||

ਸੰਮੁਹੇ ਸਾਵੰਤ ॥

संमुहे सावंत ॥

sa(n)muhe saava(n)t ||

ਸੱਜੀਏ ਸੁੱਬਾਹ ॥

सज्जीए सुब्बाह ॥

sa'je'ee su'baeh ||

ਅੱਛਰੋ ਉਛਾਹ ॥੩੦੩॥

अच्छरो उछाह ॥३०३॥

a'chharo uchhaeh ||303||


ਪੱਖਰੇ ਪਵੰਗ ॥

पक्खरे पवंग ॥

pa'khare pava(n)g ||

ਮੋਹਲੇ ਮਤੰਗ ॥

मोहले मतंग ॥

mohale mata(n)g ||

ਚਾਵਡੀ ਚਿੰਕਾਰ ॥

चावडी चिंकार ॥

chaavaddee chi(n)kaar ||

ਉਝਰੇ ਲੁਝਾਰ ॥੩੦੪॥

उझरे लुझार ॥३०४॥

aujhare lujhaar ||304||


ਸਿੰਧਰੇ ਸੰਧੂਰ ॥

सिंधरे संधूर ॥

si(n)dhare sa(n)dhoor ||

ਬੱਜਏ ਤੰਦੂਰ ॥

बज्जए तंदूर ॥

ba'je ta(n)dhoor ||

ਸੱਜੀਏ ਸੁੱਬਾਹ ॥

सज्जीए सुब्बाह ॥

sa'je'ee su'baeh ||

ਅੱਛਰੋ ਉਛਾਹ ॥੩੦੫॥

अच्छरो उछाह ॥३०५॥

a'chharo uchhaeh ||305||


ਬਿੱਝੁੜੇ ਉਝਾੜ ॥

बिज्झुड़े उझाड़ ॥

bi'jhuRe ujhaaR ||

ਸੰਮਲੇ ਸੁਮਾਰ ॥

संमले सुमार ॥

sa(n)male sumaar ||

ਹਾਹਲੇ ਹੰਕਾਰ ॥

हाहले हंकार ॥

haahale ha(n)kaar ||

ਅੰਕੜੇ ਅੰਗਾਰ ॥੩੦੬॥

अंकड़े अंगार ॥३०६॥

a(n)kaRe a(n)gaar ||306||


ਸੰਮਲੇ ਲੁੱਝਾਰ ॥

संमले लुज्झार ॥

sa(n)male lu'jhaar ||

ਛੁੱਟਕੇ ਬਿਸਿਯਾਰ ॥

छुट्टके बिसियार ॥

chhu'Take bisiyaar ||

ਹਾਹਲੇਹੰ ਬੀਰ ॥

हाहलेहं बीर ॥

haahaleha(n) beer ||

ਸੰਘਰੇ ਸੁ ਬੀਰ ॥੩੦੭॥

संघरे सु बीर ॥३०७॥

sa(n)ghare su beer ||307||


ਅਨੂਪ ਨਰਾਜ ਛੰਦ ॥

अनूप नराज छंद ॥

anoop naraaj chha(n)dh ||


ਗਜੰ ਗਜੇ ਹਯੰ ਹਲੇ ਹਲਾ ਹਲੀ ਹਲੋ ਹਲੰ ॥

गजं गजे हयं हले हला हली हलो हलं ॥

gaja(n) gaje haya(n) hale halaa halee halo hala(n) ||

ਬਬੱਜ ਸਿੰਧਰੇ ਸੁਰੰ ਛੁਟੰਤ ਬਾਣ ਕੇਵਲੰ ॥

बबज्ज सिंधरे सुरं छुटंत बाण केवलं ॥

baba'j si(n)dhare sura(n) chhuTa(n)t baan kevala(n) ||

ਪਪੱਕ ਪੱਖਰੇ ਤੁਰੇ ਭਭੱਖ ਘਾਇ ਨਿਰਮਲੰ ॥

पपक्क पक्खरे तुरे भभक्ख घाइ निरमलं ॥

papa'k pa'khare ture bhabha'kh ghai niramala(n) ||

ਪਲੁੱਥ ਲੁੱਥ ਬਿੱਥਰੀ ਅਮੱਥ ਜੁੱਥ ਉੱਥਲੰ ॥੩੦੮॥

पलुत्थ लुत्थ बित्थरी अमत्थ जुत्थ उत्थलं ॥३०८॥

palu'th lu'th bi'tharee ama'th ju'th u'thala(n) ||308||


ਅਜੁੱਥ ਲੁੱਥ ਬਿੱਥਰੀ ਮਿਲੰਤ ਹੱਥ ਬੱਖਯੰ ॥

अजुत्थ लुत्थ बित्थरी मिलंत हत्थ बक्खयं ॥

aju'th lu'th bi'tharee mila(n)t ha'th ba'khaya(n) ||

ਅਘੁੱਮ ਘਾਇ ਘੁੱਮ ਏ ਬਬੱਕ ਬੀਰ ਦੁੱਧਰੰ ॥

अघुम्म घाइ घुम्म ए बबक्क बीर दुद्धरं ॥

aghu'm ghai ghu'm e baba'k beer dhu'dhara(n) ||

ਕਿਲੰ ਕਰੰਤ ਖੱਪਰੀ ਪਿਪੰਤ ਸ੍ਰੋਣ ਪਾਣਯੰ ॥

किलं करंत खप्परी पिपंत स्रोण पाणयं ॥

kila(n) kara(n)t kha'paree pipa(n)t sron paanaya(n) ||

ਹਹੱਕ ਭੈਰਵੰ ਸ੍ਰੁਤੰ ਉਠੰਤ ਜੁੱਧ ਜ੍ਵਾਲਯੰ ॥੩੦੯॥

हहक्क भैरवं स्रुतं उठंत जुद्ध ज्वालयं ॥३०९॥

haha'k bhairava(n) sruta(n) uTha(n)t ju'dh javaiaalaya(n) ||309||


ਫਿਕੰਤ ਫਿੰਕਤੀ ਫਿਰੰ ਰੜੰਤ ਗਿੱਧ ਬ੍ਰਿੱਧਣੰ ॥

फिकंत फिंकती फिरं रड़ंत गिद्ध बृद्धणं ॥

fika(n)t fi(n)katee fira(n) raRa(n)t gi'dh bira'dhana(n) ||

ਡਹੱਕ ਡਾਮਰੀ ਉਠੰ ਬਕਾਰ ਬੀਰ ਬੈਤਲੰ ॥

डहक्क डामरी उठं बकार बीर बैतलं ॥

ddaha'k ddaamaree uTha(n) bakaar beer baitala(n) ||

ਖਹੱਤ ਖੱਗ ਖੱਤ੍ਰੀਯੰ ਖਿਮੰਤ ਧਾਰ ਉੱਜਲੰ ॥

खहत्त खग्ग खत्त्रीयं खिमंत धार उज्जलं ॥

khaha't kha'g kha'treeya(n) khima(n)t dhaar u'jala(n) ||

ਘਣੰਕ ਜਾਣ ਸਾਵਲੰ ਲਸੰਤ ਬੇਗ ਬਿੱਜੁਲੰ ॥੩੧੦॥

घणंक जाण सावलं लसंत बेग बिज्जुलं ॥३१०॥

ghana(n)k jaan saavala(n) lasa(n)t beg bi'jula(n) ||310||


ਪਿਪੰਤ ਸ੍ਰੋਣ ਖੱਪਰੀ ਭਖੰਤ ਮਾਸ ਚਾਵਡੰ ॥

पिपंत स्रोण खप्परी भखंत मास चावडं ॥

pipa(n)t sron kha'paree bhakha(n)t maas chaavadda(n) ||

ਹਕਾਰ ਵੀਰ ਸੰਭਿੜੈ ਲੁਝਾਰ ਧਾਰ ਦੁੱਧਰੰ ॥

हकार वीर संभिड़ै लुझार धार दुद्धरं ॥

hakaar veer sa(n)bhiRai lujhaar dhaar dhu'dhara(n) ||

ਪੁਕਾਰ ਮਾਰ ਕੈ ਪਰੇ ਸਹੰਤ ਅੰਗ ਭਾਰਯੰ ॥

पुकार मार कै परे सहंत अंग भारयं ॥

pukaar maar kai pare saha(n)t a(n)g bhaaraya(n) ||

ਬਿਹਾਰ ਦੇਵ ਮੰਡਲੰ ਕਟੰਤ ਖੱਗ ਧਾਰਯੰ ॥੩੧੧॥

बिहार देव मंडलं कटंत खग्ग धारयं ॥३११॥

bihaar dhev ma(n)ddala(n) kaTa(n)t kha'g dhaaraya(n) ||311||


ਪ੍ਰਚਾਰ ਵਾਰ ਪੈਜ ਕੈ ਖੁਮਾਰਿ ਘਾਇ ਘੂਮਹੀ ॥

प्रचार वार पैज कै खुमारि घाइ घूमही ॥

prachaar vaar paij kai khumaar ghai ghoomahee ||

ਤਪੀ ਮਨੋ ਅਧੋ ਮੁਖੰ ਸੁ ਧੂਮ ਆਗ ਧੂਮ ਹੀ ॥

तपी मनो अधो मुखं सु धूम आग धूम ही ॥

tapee mano adho mukha(n) su dhoom aag dhoom hee ||

ਤੁਟੰਤ ਅੰਗ ਭੰਗਯੰ ਬਹੰਤ ਅਸਤ੍ਰ ਧਾਰਯੰ ॥

तुटंत अंग भंगयं बहंत असत्र धारयं ॥

tuTa(n)t a(n)g bha(n)gaya(n) baha(n)t asatr dhaaraya(n) ||

ਉਠੰਤ ਛਿੱਛ ਇੱਛਯੰ ਪਿਪੰਤ ਮਾਸ ਹਾਰਯੰ ॥੩੧੨॥

उठंत छिच्छ इच्छयं पिपंत मास हारयं ॥३१२॥

auTha(n)t chhi'chh i'chhaya(n) pipa(n)t maas haaraya(n) ||312||


ਅਘੋਰ ਘਾਇ ਅੱਘਏ ਕਟੇ ਪਰੇ ਸੁ ਪ੍ਰਾਸਨੰ ॥

अघोर घाइ अग्घए कटे परे सु प्रासनं ॥

aghor ghai a'ghe kaTe pare su praasana(n) ||

ਘੁਮੰਤ ਜਾਣ ਰਾਵਲੰ ਲਗੇ ਸੁ ਸਿੱਧ ਆਸਣੰ ॥

घुमंत जाण रावलं लगे सु सिद्ध आसणं ॥

ghuma(n)t jaan raavala(n) lage su si'dh aasana(n) ||

ਪਰੰਤ ਅੰਗ ਭੰਗ ਹੁਇ ਬਕੰਤ ਮਾਰ ਮਾਰਯੰ ॥

परंत अंग भंग हुइ बकंत मार मारयं ॥

para(n)t a(n)g bha(n)g hui baka(n)t maar maaraya(n) ||

ਬਦੰਤ ਜਾਣ ਬੰਦੀਯੰ ਸੁਕ੍ਰਿਤ ਕ੍ਰਿਤ ਅਪਾਰਯੰ ॥੩੧੩॥

बदंत जाण बंदीयं सुकृत कृत अपारयं ॥३१३॥

badha(n)t jaan ba(n)dheeya(n) sukirat kirat apaaraya(n) ||313||


ਬਜੰਤ ਤਾਲ ਤੰਬੂਰੰ ਬਿਸੇਖ ਬੀਨ ਬੇਣਯੰ ॥

बजंत ताल तंबूरं बिसेख बीन बेणयं ॥

baja(n)t taal ta(n)boora(n) bisekh been benaya(n) ||

ਮ੍ਰਿਦੰਗ ਝਾਲਨਾ ਫਿਰੰ ਸਨਾਇ ਭੇਰ ਭੈ ਕਰੰ ॥

मृदंग झालना फिरं सनाइ भेर भै करं ॥

miradha(n)g jhaalanaa fira(n) sanai bher bhai kara(n) ||

ਉਠੰਤ ਨਾਦਿ ਨਿਰਮਲੰ ਤੁਟੰਤ ਤਾਲ ਤੱਥਿਯੰ ॥

उठंत नादि निरमलं तुटंत ताल तत्थियं ॥

auTha(n)t naadh niramala(n) tuTa(n)t taal ta'thiya(n) ||

ਬਦੰਤ ਕਿੱਤ ਬੰਦੀਅੰ ਕਬਿੰਦ੍ਰ ਕਾਬਯ ਕੱਥਿਯੰ ॥੩੧੪॥

बदंत कित्त बंदीअं कबिंद्र काबय कत्थियं ॥३१४॥

badha(n)t ki't ba(n)dheea(n) kabi(n)dhr kaabay ka'thiya(n) ||314||


ਢਲੰਤ ਢਾਲ ਮਾਲਯੰ ਖਹੰਤ ਖੱਗ ਖੇਤਯੰ ॥

ढलंत ढाल मालयं खहंत खग्ग खेतयं ॥

ddala(n)t ddaal maalaya(n) khaha(n)t kha'g khetaya(n) ||

ਚਲੰਤ ਬਾਣ ਤੀਛਣੰ ਅਨੰਤ ਅੰਤ ਕੰਕਯੰ ॥

चलंत बाण तीछणं अनंत अंत कंकयं ॥

chala(n)t baan teechhana(n) ana(n)t a(n)t ka(n)kaya(n) ||

ਸਿਮੱਟਿ ਸਾਗ ਸੁੰਕੜੰ ਸਟੱਕ ਸੂਲ ਸੇਲਯੰ ॥

सिमट्टि साग सुँकड़ं सटक्क सूल सेलयं ॥

sima'T saag su(n)kaRa(n) saTa'k sool selaya(n) ||

ਰੁਲੰਤ ਰੁੰਡ ਮੁੰਡਯੰ ਝਲੰਤ ਝਾਲ ਅੱਝਲੰ ॥੩੧੫॥

रुलंत रुँड मुँडयं झलंत झाल अज्झलं ॥३१५॥

rula(n)t ru(n)dd mu(n)ddaya(n) jhala(n)t jhaal a'jhala(n) ||315||


ਬਚਿੱਤ੍ਰ ਚਿੱਤ੍ਰਤੰ ਸਰੰ ਬਹੰਤ ਦਾਰੁਣੰ ਰਣੰ ॥

बचित्त्र चित्त्रतं सरं बहंत दारुणं रणं ॥

bachi'tr chi'trata(n) sara(n) baha(n)t dhaaruna(n) rana(n) ||

ਢਲੰਤ ਢਾਲ ਅੱਢਲੰ ਢੁਲੰਤ ਚਾਰੁ ਚਾਮਰੰ ॥

ढलंत ढाल अड्ढलं ढुलंत चारु चामरं ॥

ddala(n)t ddaal a'ddala(n) ddula(n)t chaar chaamara(n) ||

ਦਲੰਤ ਨਿਰਦਲੋ ਦਲੰ ਪਪਾਤ ਭੂਤਲੰ ਦਿਤੰ ॥

दलंत निरदलो दलं पपात भूतलं दितं ॥

dhala(n)t niradhalo dhala(n) papaat bhootala(n) dhita(n) ||

ਉਠੰਤ ਗੱਦਿ ਸੱਦਯੰ ਨਿਨੱਦਿ ਨੱਦਿ ਦੁੱਭਰੰ ॥੩੧੬॥

उठंत गद्दि सद्दयं निनद्दि नद्दि दुब्भरं ॥३१६॥

auTha(n)t ga'dh sa'dhaya(n) nina'dh na'dh dhu'bhara(n) ||316||


ਭਰੰਤ ਪੱਤ੍ਰ ਚਉਸਠੀ ਕਿਲੰਕ ਖੇਚਰੀ ਕਰੰ ॥

भरंत पत्त्र चउसठी किलंक खेचरी करं ॥

bhara(n)t pa'tr chausaThee kila(n)k khecharee kara(n) ||

ਫਿਰੰਤ ਹੂਰ ਪੂਰਯੰ ਬਰੰਤ ਦੁੱਧਰੰ ਨਰੰ ॥

फिरंत हूर पूरयं बरंत दुद्धरं नरं ॥

fira(n)t hoor pooraya(n) bara(n)t dhu'dhara(n) nara(n) ||

ਸਨੱਧ ਬੱਧ ਗੋਧਯੰ ਸੁ ਸੋਭ ਅੰਗੁਲੰ ਤ੍ਰਿਣੰ ॥

सनद्ध बद्ध गोधयं सु सोभ अंगुलं तृणं ॥

sana'dh ba'dh godhaya(n) su sobh a(n)gula(n) tirana(n) ||

ਡਕੰਤ ਡਾਕਣੀ ਭ੍ਰਮੰ ਭਖੰਤ ਆਮਿਖੰ ਰਣੰ ॥੩੧੭॥

डकंत डाकणी भ्रमं भखंत आमिखं रणं ॥३१७॥

ddaka(n)t ddaakanee bhrama(n) bhakha(n)t aamikha(n) rana(n) ||317||


ਕਿਲੰਕ ਦੇਵੀਯੰ ਕਰੰਡ ਹੱਕ ਡਾਮਰੂ ਸੁਰੰ ॥

किलंक देवीयं करंड हक्क डामरू सुरं ॥

kila(n)k dheveeya(n) kara(n)dd ha'k ddaamaroo sura(n) ||

ਕੜੱਕ ਕੱਤੀਯੰ ਉਠੰ ਪਰੰਤ ਧੂਰ ਪੱਖਰੰ ॥

कड़क्क कत्तीयं उठं परंत धूर पक्खरं ॥

kaRa'k ka'teeya(n) uTha(n) para(n)t dhoor pa'khara(n) ||

ਬਬੱਜਿ ਸਿੰਧਰੇ ਸੁਰੰ ਨ੍ਰਿਘਾਤ ਸੂਲ ਸੈਹਥੀਯੰ ॥

बबज्जि सिंधरे सुरं नृघात सूल सैहथीयं ॥

baba'j si(n)dhare sura(n) niraghaat sool saihatheeya(n) ||

ਭਭੱਜਿ ਕਾਤਰੋ ਰਣੰ ਨਿਲੱਜ ਭੱਜ ਭੂ ਭਰੰ ॥੩੧੮॥

भभज्जि कातरो रणं निलज्ज भज्ज भू भरं ॥३१८॥

bhabha'j kaataro rana(n) nila'j bha'j bhoo bhara(n) ||318||


ਸੁ ਸਸਤ੍ਰ ਅਸਤ੍ਰ ਸੰਨਿਧੰ ਜੁਝੰਤ ਜੋਧਣੋ ਜੁੱਧੰ ॥

सु ससत्र असत्र संनिधं जुझंत जोधणो जुद्धं ॥

s sasatr asatr sa(n)nidha(n) jujha(n)t jodhano ju'dha(n) ||

ਅਰੁੱਝ ਪੰਕ ਲੱਜਣੰ ਕਰੰਤ ਦ੍ਰੋਹ ਕੇਵਲੰ ॥

अरुज्झ पंक लज्जणं करंत द्रोह केवलं ॥

aru'jh pa(n)k la'jana(n) kara(n)t dhroh kevala(n) ||

ਪਰੰਤ ਅੰਗ ਭੰਗ ਹੁਐ ਉਠੰਤ ਮਾਸ ਕਰਦਮੰ ॥

परंत अंग भंग हुऐ उठंत मास करदमं ॥

para(n)t a(n)g bha(n)g huaai uTha(n)t maas karadhama(n) ||

ਖਿਲੰਤ ਜਾਣੁ ਕਦਵੰ ਸੁ ਮੱਝ ਕਾਨ੍ਰਹ ਗੋਪਿਕੰ ॥੩੧੯॥

खिलंत जाणु कदवं सु मज्झ कान्रह गोपिकं ॥३१९॥

khila(n)t jaan kadhava(n) su ma'jh kaanreh gopika(n) ||319||


ਡਹੱਕ ਡਉਰ ਡਾਕਣੰ ਝਲੰਤ ਝਾਲ ਰੋਸੁਰੰ ॥

डहक्क डउर डाकणं झलंत झाल रोसुरं ॥

ddaha'k ddaur ddaakana(n) jhala(n)t jhaal rosura(n) ||

ਨਿਨੱਦ ਨਾਦ ਨਾਫਿਰੰ ਬਜੰਤ ਭੇਰਿ ਭੀਖਣੰ ॥

निनद्द नाद नाफिरं बजंत भेरि भीखणं ॥

nina'dh naadh naafira(n) baja(n)t bher bheekhana(n) ||

ਘੁਰੰਤ ਘੋਰ ਦੁੰਦਭੀ ਕਰੰਤ ਕਾਨਰੇ ਸੁਰੰ ॥

घुरंत घोर दुँदभी करंत कानरे सुरं ॥

ghura(n)t ghor dhu(n)dhabhee kara(n)t kaanare sura(n) ||

ਕਰੰਤ ਝਾਝਰੋ ਝੜੰ ਬਜੰਤ ਬਾਸੁਰੀ ਬਰੰ ॥੩੨੦॥

करंत झाझरो झड़ं बजंत बासुरी बरं ॥३२०॥

kara(n)t jhaajharo jhaRa(n) baja(n)t baasuree bara(n) ||320||


ਨਚੰਤ ਬਾਜ ਤੀਛਣੰ ਚਲੰਤ ਚਾਚਰੀ ਕ੍ਰਿਤੰ ॥

नचंत बाज तीछणं चलंत चाचरी कृतं ॥

nacha(n)t baaj teechhana(n) chala(n)t chaacharee kirata(n) ||

ਲਿਖੰਤ ਲੀਕ ਉਰਬੀਅੰ ਸੁਭੰਤ ਕੁੰਡਲੀ ਕਰੰ ॥

लिखंत लीक उरबीअं सुभंत कुँडली करं ॥

likha(n)t leek urabeea(n) subha(n)t ku(n)ddalee kara(n) ||

ਉਡੰਤ ਧੂਰ ਭੂਰਿਯੰ ਖੁਰੀਨ ਨਿਰਦਲੀ ਨਭੰ ॥

उडंत धूर भूरियं खुरीन निरदली नभं ॥

audda(n)t dhoor bhooriya(n) khureen niradhalee nabha(n) ||

ਪਰੰਤ ਭੂਰ ਭਉਰਣੰ ਸੁ ਭਉਰ ਠਉਰ ਜਿਉ ਜਲੰ ॥੩੨੧॥

परंत भूर भउरणं सु भउर ठउर जिउ जलं ॥३२१॥

para(n)t bhoor bhaurana(n) su bhaur Thaur jiau jala(n) ||321||


ਭਜੰਤ ਧੀਰ ਬੀਰਣੰ ਚਲੰਤ ਮਾਨ ਪ੍ਰਾਨ ਲੈ ॥

भजंत धीर बीरणं चलंत मान प्रान लै ॥

bhaja(n)t dheer beerana(n) chala(n)t maan praan lai ||

ਦਲੰਤ ਪੰਤ ਦੰਤੀਯੰ ਭਜੰਤ ਹਾਰ ਮਾਨ ਕੈ ॥

दलंत पंत दंतीयं भजंत हार मान कै ॥

dhala(n)t pa(n)t dha(n)teeya(n) bhaja(n)t haar maan kai ||

ਮਿਲੰਤ ਦਾਤ ਘਾਸ ਲੈ ਰਰੱਛ ਸਬਦ ਉਚਰੰ ॥

मिलंत दात घास लै ररच्छ सबद उचरं ॥

mila(n)t dhaat ghaas lai rara'chh sabadh uchara(n) ||

ਬਿਰਾਧ ਦਾਨਵੰ ਜੁਝਯੋ ਸੁ ਹੱਥਿ ਰਾਮ ਨਿਰਮਲੰ ॥੩੨੨॥

बिराध दानवं जुझयो सु हत्थि राम निरमलं ॥३२२॥

biraadh dhaanava(n) jujhayo su ha'th raam niramala(n) ||322||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕੇ ਰਾਮਵਤਾਰ ਕਥਾ ਬਿਰਾਧ ਦਾਨਵ ਬਧਹ ॥

इति स्री बचित्र नाटके रामवतार कथा बिराध दानव बधह ॥

eit sree bachitr naaTake raamavataar kathaa biraadh dhaanav badheh ||


ਅਥ ਬਨ ਮੋ ਪ੍ਰਵੇਸ ਕਥਨੰ ॥

अथ बन मो प्रवेस कथनं ॥

ath ban mo praves kathana(n) ||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਇਹ ਬਿਧਿ ਮਾਰ ਬਿਰਾਧ ਕਉ ਬਨ ਮੇ ਧਸੇ ਨਿਸੰਗ ॥

इह बिधि मार बिराध कउ बन मे धसे निसंग ॥

eeh bidh maar biraadh kau ban me dhase nisa(n)g ||

ਸੁ ਕਬਿ ਸਯਾਮ ਇਹ ਬਿਧਿ ਕਹਿਯੋ ਰਘੁਬਰ ਜੁੱਧ ਪ੍ਰਸੰਗ ॥੩੨੩॥

सु कबि सयाम इह बिधि कहियो रघुबर जुद्ध प्रसंग ॥३२३॥

s kab sayaam ieh bidh kahiyo raghubar ju'dh prasa(n)g ||323||


ਸੁਖਦਾ ਛੰਦ ॥

सुखदा छंद ॥

sukhadhaa chha(n)dh ||


ਰਿਖ ਅਗਸਤ ਧਾਮ ॥

रिख अगसत धाम ॥

rikh agasat dhaam ||

ਗਏ ਰਾਜ ਰਾਮ ॥

गए राज राम ॥

ge raaj raam ||

ਧੁਜ ਧਰਮ ਧਾਮ ॥

धुज धरम धाम ॥

dhuj dharam dhaam ||

ਸੀਆ ਸਹਿਤ ਬਾਮ ॥੩੨੪॥

सीआ सहित बाम ॥३२४॥

seeaa sahit baam ||324||


ਲਖਿ ਰਾਮ ਬੀਰ ॥

लखि राम बीर ॥

lakh raam beer ||

ਰਿਖ ਦੀਨ ਤੀਰ ॥

रिख दीन तीर ॥

rikh dheen teer ||

ਰਿਪ ਸਰਬ ਚੀਰ ॥

रिप सरब चीर ॥

rip sarab cheer ||

ਹਰਿ ਸਰਬ ਪੀਰ ॥੩੨੫॥

हरि सरब पीर ॥३२५॥

har sarab peer ||325||


ਰਿਖਿ ਬਿਦਾ ਕੀਨ ॥

रिखि बिदा कीन ॥

rikh bidhaa keen ||

ਆਸਿਖਾ ਦੀਨ ॥

आसिखा दीन ॥

aasikhaa dheen ||

ਦੁਤ ਰਾਮ ਚੀਨ ॥

दुत राम चीन ॥

dhut raam cheen ||

ਮੁਨਿ ਮਨ ਪ੍ਰਬੀਨ ॥੩੨੬॥

मुनि मन प्रबीन ॥३२६॥

mun man prabeen ||326||


ਪ੍ਰਭ ਭ੍ਰਾਤ ਸੰਗਿ ॥

प्रभ भ्रात संगि ॥

prabh bhraat sa(n)g ||

ਸੀਅ ਸੰਗ ਸੁਰੰਗ ॥

सीअ संग सुरंग ॥

seea sa(n)g sura(n)g ||

ਤਜਿ ਚਿੰਤ ਅੰਗ ॥

तजि चिंत अंग ॥

taj chi(n)t a(n)g ||

ਧਸ ਬਨ ਨਿਸੰਗ ॥੩੨੭॥

धस बन निसंग ॥३२७॥

dhas ban nisa(n)g ||327||


ਧਰਿ ਬਾਨ ਪਾਨ ॥

धरि बान पान ॥

dhar baan paan ||

ਕਟਿ ਕਸਿ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ॥

कटि कसि कृपान ॥

kaT kas kirapaan ||

ਭੁਜ ਬਰ ਅਜਾਨ ॥

भुज बर अजान ॥

bhuj bar ajaan ||

ਚਲ ਤੀਰਥ ਨਾਨ ॥੩੨੮॥

चल तीरथ नान ॥३२८॥

chal teerath naan ||328||


ਗੋਦਾਵਰਿ ਤੀਰ ॥

गोदावरि तीर ॥

godhaavar teer ||

ਗਏ ਸਹਿਤ ਬੀਰ ॥

गए सहित बीर ॥

ge sahit beer ||

ਤਜ ਰਾਮ ਚੀਰ ॥

तज राम चीर ॥

taj raam cheer ||

ਕੀਅ ਸੁਚ ਸਰੀਰ ॥੩੨੯॥

कीअ सुच सरीर ॥३२९॥

keea such sareer ||329||


ਲਖਿ ਰਾਮ ਰੂਪ ॥

लखि राम रूप ॥

lakh raam roop ||

ਅਤਿਭੁਤ ਅਨੂਪ ॥

अतिभुत अनूप ॥

atibhut anoop ||

ਜਹ ਹੁਤੀ ਸੂਪ ॥

जह हुती सूप ॥

jeh hutee soop ||

ਤਹ ਗਏ ਭੂਪ ॥੩੩੦॥

तह गए भूप ॥३३०॥

teh ge bhoop ||330||


ਕਹੀ ਤਾਹਿ ਧਾਤਿ ॥

कही ताहि धाति ॥

kahee taeh dhaat ||

ਸੁਨਿ ਸੂਪ ਬਾਤਿ ॥

सुनि सूप बाति ॥

sun soop baat ||

ਦੁਐ ਅਤਿਥ ਨਾਤ ॥

दुऐ अतिथ नात ॥

dhuaai atith naat ||

ਲਹਿ ਅਨੂਪ ਗਾਤ ॥੩੩੧॥

लहि अनूप गात ॥३३१॥

leh anoop gaat ||331||


ਸੁੰਦਰੀ ਛੰਦ ॥

सुँदरी छंद ॥

su(n)dharee chha(n)dh ||


ਸੂਪਨਖਾ ਇਹ ਭਾਤਿ ਸੁਨੀ ਜਬ ॥

सूपनखा इह भाति सुनी जब ॥

soopanakhaa ieh bhaat sunee jab ||

ਧਾਇ ਚਲੀ ਅਬਿਲੰਬ ਤ੍ਰਿਯਾ ਤਬ ॥

धाइ चली अबिलंब तृया तब ॥

dhai chalee abila(n)b tirayaa tab ||

ਕਾਮ ਸਰੂਪ ਕਲੇਵਰ ਜਾਨੈ ॥

काम सरूप कलेवर जानै ॥

kaam saroop kalevar jaanai ||

ਰੂਪ ਅਨੂਪ ਤਿਹੂੰ ਪੁਰ ਮਾਨੈ ॥੩੩੨॥

रूप अनूप तिहूँ पुर मानै ॥३३२॥

roop anoop tihoo(n) pur maanai ||332||


ਧਾਇ ਕਹਯੋ ਰਘੁਰਾਇ ਭਏ ਤਿੱਹ ॥

धाइ कहयो रघुराइ भए तिह्ह ॥

dhai kahayo raghurai bhe ti'h ||

ਜੈਸ ਨ੍ਰਿਲਾਜ ਕਹੈ ਨ ਕੋਊ ਕਿੱਹ ॥

जैस नृलाज कहै न कोऊ किह्ह ॥

jais niralaaj kahai na kouoo ki'h ||

ਹਉ ਅਟਕੀ ਤੁਮਰੀ ਛਬਿ ਕੇ ਬਰ ॥

हउ अटकी तुमरी छबि के बर ॥

hau aTakee tumaree chhab ke bar ||

ਰੰਗ ਰੰਗੀ ਰੰਗਏ ਦ੍ਰਿਗ ਦੂਪਰ ॥੩੩੩॥

रंग रंगी रंगए दृग दूपर ॥३३३॥

ra(n)g ra(n)gee ra(n)ge dhirag dhoopar ||333||


ਰਾਮ ਬਾਚ ॥

राम बाच ॥

raam baach ||

ਸੁੰਦਰੀ ਛੰਦ ॥

सुँदरी छंद ॥

su(n)dharee chha(n)dh ||


ਜਾਹ ਤਹਾ ਜਹ ਭ੍ਰਾਤਿ ਹਮਾਰੇ ॥

जाह तहा जह भ्राति हमारे ॥

jaeh tahaa jeh bhraat hamaare ||

ਵੈ ਰਿਝਹੈ ਲਖ ਨੈਨ ਤਿਹਾਰੇ ॥

वै रिझहै लख नैन तिहारे ॥

vai rijhahai lakh nain tihaare ||

ਸੰਗ ਸੀਆ ਅਵਿਲੋਕ ਕ੍ਰਿਸੋਦਰ ॥

संग सीआ अविलोक कृसोदर ॥

sa(n)g seeaa avilok kirasodhar ||

ਕੈਸੇ ਕੈ ਰਾਖ ਸਕੋ ਤੁਮ ਕੱਉ ਘਰਿ ॥੩੩੪॥

कैसे कै राख सको तुम कउ्उ घरि ॥३३४॥

kaise kai raakh sako tum ka'au ghar ||334||


ਮਾਤ ਪਿਤਾ ਕਹ ਮੋਹ ਤਜਯੋ ਮਨ ॥

मात पिता कह मोह तजयो मन ॥

maat pitaa keh moh tajayo man ||

ਸੰਗ ਫਿਰੀ ਹਮਰੇ ਬਨ ਹੀ ਬਨ ॥

संग फिरी हमरे बन ही बन ॥

sa(n)g firee hamare ban hee ban ||

ਤਾਹਿ ਤਜੌ ਕਸ ਕੈ ਸੁਨਿ ਸੁੰਦਰ ॥

ताहि तजौ कस कै सुनि सुँदर ॥

taeh tajau kas kai sun su(n)dhar ||

ਜਾਹੁ ਤਹਾ ਜਹਾ ਭ੍ਰਾਤ ਕ੍ਰਿਸੋਦਰਿ ॥੩੩੫॥

जाहु तहा जहा भ्रात कृसोदरि ॥३३५॥

jaahu tahaa jahaa bhraat kirasodhar ||335||


ਜਾਤ ਭਈ ਸੁਨ ਬੈਨ ਤ੍ਰਿਯਾ ਤਹ ॥

जात भई सुन बैन तृया तह ॥

jaat bhiee sun bain tirayaa teh ||

ਬੈਠ ਹੁਤੇ ਰਣਧੀਰ ਜਤੀ ਜਹ ॥

बैठ हुते रणधीर जती जह ॥

baiTh hute ranadheer jatee jeh ||

ਸੋ ਨ ਬਰੈ ਅਤਿ ਰੋਸ ਭਰੀ ਤਬ ॥

सो न बरै अति रोस भरी तब ॥

so na barai at ros bharee tab ||

ਨਾਕ ਕਟਾਇ ਗਈ ਗ੍ਰਿਹ ਕੋ ਸਭ ॥੩੩੬॥

नाक कटाइ गई गृह को सभ ॥३३६॥

naak kaTai giee gireh ko sabh ||336||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕੇ ਰਾਮ ਅਵਤਾਰ ਕਥਾ ਸੂਪਨਖਾ ਕੋ ਨਾਕ ਕਾਟਬੋ ਧਯਾਇ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੫॥

इति स्री बचित्र नाटके राम अवतार कथा सूपनखा को नाक काटबो धयाइ समापतम सतु सुभम सतु ॥५॥

eit sree bachitr naaTake raam avataar kathaa soopanakhaa ko naak kaaTabo dhayai samaapatam sat subham sat ||5||


ਅਥ ਖਰਦੂਖਨ ਦਈਤ ਜੁੱਧ ਕਥਨੰ ॥

अथ खरदूखन दईत जुद्ध कथनं ॥

ath kharadhookhan dhieet ju'dh kathana(n) ||


ਸੁੰਦਰੀ ਛੰਦ ॥

सुँदरी छंद ॥

su(n)dharee chha(n)dh ||


ਰਾਵਨ ਤੀਰ ਰੁਰੋਤ ਭਈ ਜਬ ॥

रावन तीर रुरोत भई जब ॥

raavan teer rurot bhiee jab ||

ਰੋਸ ਭਰੇ ਦਨੁ ਬੰਸ ਬਲੀ ਸਭ ॥

रोस भरे दनु बंस बली सभ ॥

ros bhare dhan ba(n)s balee sabh ||

ਲੰਕਸ ਧੀਰ ਬਜੀਰ ਬੁਲਾਏ ॥

लंकस धीर बजीर बुलाए ॥

la(n)kas dheer bajeer bulaae ||

ਦੂਖਨ ਔ ਖਰ ਦਈਤ ਪਠਾਏ ॥੩੩੭॥

दूखन औ खर दईत पठाए ॥३३७॥

dhookhan aau khar dhieet paThaae ||337||


ਸਾਜ ਸਨਾਹ ਸੁਬਾਹ ਦੁਰੰ ਗਤ ॥

साज सनाह सुबाह दुरं गत ॥

saaj sanaeh subaeh dhura(n) gat ||

ਬਾਜਤ ਬਾਜ ਚਲੇ ਗਜ ਗੱਜਤ ॥

बाजत बाज चले गज गज्जत ॥

baajat baaj chale gaj ga'jat ||

ਮਾਰ ਹੀ ਮਾਰ ਦਸੋ ਦਿਸ ਕੂਕੇ ॥

मार ही मार दसो दिस कूके ॥

maar hee maar dhaso dhis kooke ||

ਸਾਵਨ ਕੀ ਘਟ ਜਯੋਂ ਘੁਰ ਢੂਕੇ ॥੩੩੮॥

सावन की घट जयों घुर ढूके ॥३३८॥

saavan kee ghaT jayo(n) ghur ddooke ||338||


ਗੱਜਤ ਹੈ ਰਣਬੀਰ ਮਹਾ ਮਨ ॥

गज्जत है रणबीर महा मन ॥

ga'jat hai ranabeer mahaa man ||

ਤੱਜਤ ਹੈਂ ਨਹੀ ਭੂਮਿ ਅਯੋਧਨ ॥

तज्जत हैं नही भूमि अयोधन ॥

ta'jat hai(n) nahee bhoom ayodhan ||

ਛਾਜਤ ਹੈ ਚਖ ਸ੍ਰੋਣਤ ਸੋ ਸਰ ॥

छाजत है चख स्रोणत सो सर ॥

chhaajat hai chakh sronat so sar ||

ਨਾਦਿ ਕਰੈਂ ਕਿਲਕਾਰ ਭਯੰਕਰ ॥੩੩੯॥

नादि करैं किलकार भयंकर ॥३३९॥

naadh karai(n) kilakaar bhaya(n)kar ||339||


ਤਾਰਕਾ ਛੰਦ ॥

तारका छंद ॥

taarakaa chha(n)dh ||


ਰਨਿ ਰਾਜ ਕੁਮਾਰ ਬਿਰੱਚਹਿਗੇ ॥

रनि राज कुमार बिरच्चहिगे ॥

ran raaj kumaar bira'chahige ||

ਸਰ ਸੇਲ ਸਰਾਸਨ ਨੱਚਹਿਗੇ ॥

सर सेल सरासन नच्चहिगे ॥

sar sel saraasan na'chahige ||

ਸੁ ਬਿਰੁੱਧ ਅਵੱਧਿ ਸੁ ਗਾਜਹਿਗੇ ॥

सु बिरुद्ध अवद्धि सु गाजहिगे ॥

s biru'dh ava'dh su gaajahige ||

ਰਣ ਰੰਗਹਿ ਰਾਮ ਬਿਰਾਜਹਿਗੇ ॥੩੪੦॥

रण रंगहि राम बिराजहिगे ॥३४०॥

ran ra(n)geh raam biraajahige ||340||


ਸਰ ਓਘ ਪ੍ਰਓਘ ਪ੍ਰਹਾਰੈਗੇ ॥

सर ओघ प्रओघ प्रहारैगे ॥

sar ogh progh prahaaraige ||

ਰਣਿ ਰੰਗ ਅਭੀਤ ਬਿਹਾਰੈਗੇ ॥

रणि रंग अभीत बिहारैगे ॥

ran ra(n)g abheet bihaaraige ||

ਸਰ ਸੂਲ ਸਨਾਹਰਿ ਛੁੱਟਹਿਗੇ ॥

सर सूल सनाहरि छुट्टहिगे ॥

sar sool sanaahar chhu'Tahige ||

ਦਿਤ ਪੁੱਤ੍ਰ ਪਰਾ ਪਰ ਲੁੱਟਹਿਗੇ ॥੩੪੧॥

दित पुत्त्र परा पर लुट्टहिगे ॥३४१॥

dhit pu'tr paraa par lu'Tahige ||341||


ਸਰ ਸੰਕ ਅਸੰਕਤ ਬਾਹਹਿਗੇ ॥

सर संक असंकत बाहहिगे ॥

sar sa(n)k asa(n)kat baahahige ||

ਬਿਨੁ ਭੀਤ ਭਯਾ ਦਲ ਦਾਹਹਿਗੇ ॥

बिनु भीत भया दल दाहहिगे ॥

bin bheet bhayaa dhal dhaahahige ||

ਛਿਤਿ ਲੁੱਥ ਬਿਲੁੱਥ ਬਿਥਾਰਹਿਗੇ ॥

छिति लुत्थ बिलुत्थ बिथारहिगे ॥

chhit lu'th bilu'th bithaarahige ||

ਤਰੁ ਸਣੈ ਸਮੂਲ ਉਪਾਰਹਿਗੇ ॥੩੪੨॥

तरु सणै समूल उपारहिगे ॥३४२॥

tar sanai samool upaarahige ||342||


ਨਵ ਨਾਦ ਨਫੀਰਨ ਬਾਜਤ ਭੇ ॥

नव नाद नफीरन बाजत भे ॥

nav naadh nafeeran baajat bhe ||

ਗਲ ਗੱਜਿ ਹਠੀ ਰਣ ਰੰਗ ਫਿਰੇ ॥

गल गज्जि हठी रण रंग फिरे ॥

gal ga'j haThee ran ra(n)g fire ||

ਲਗਿ ਬਾਨ ਸਨਾਹ ਦੁਸਾਰ ਕਢੇ ॥

लगि बान सनाह दुसार कढे ॥

lag baan sanaeh dhusaar kadde ||

ਸੂਅ ਤੱਛਕ ਕੇ ਜਨੁ ਰੂਪ ਮਢੇ ॥੩੪੩॥

सूअ तच्छक के जनु रूप मढे ॥३४३॥

sooa ta'chhak ke jan roop madde ||343||


ਬਿਨੁ ਸੰਕ ਸਨਾਹਰਿ ਝਾਰਤ ਹੈ ॥

बिनु संक सनाहरि झारत है ॥

bin sa(n)k sanaahar jhaarat hai ||

ਰਣਬੀਰ ਨਵੀਰ ਪ੍ਰਚਾਰਤ ਹੈ ॥

रणबीर नवीर प्रचारत है ॥

ranabeer naveer prachaarat hai ||

ਸਰ ਸੁੱਧ ਸਿਲਾ ਸਿਤ ਛੋਰਤ ਹੈ ॥

सर सुद्ध सिला सित छोरत है ॥

sar su'dh silaa sit chhorat hai ||

ਜੀਅ ਰੋਸ ਹਲਾਹਲ ਘੋਰਤ ਹੈ ॥੩੪੪॥

जीअ रोस हलाहल घोरत है ॥३४४॥

jeea ros halaahal ghorat hai ||344||


ਰਨ ਧੀਰ ਅਯੋਧਨੁ ਲੁੱਝਤ ਹੈਂ ॥

रन धीर अयोधनु लुज्झत हैं ॥

ran dheer ayodhan lu'jhat hai(n) ||

ਰਦ ਪੀਸ ਭਲੋ ਕਰ ਜੁੱਝਤ ਹੈਂ ॥

रद पीस भलो कर जुज्झत हैं ॥

radh pees bhalo kar ju'jhat hai(n) ||

ਰਣ ਦੇਵ ਅਦੇਵ ਨਿਹਾਰਤ ਹੈਂ ॥

रण देव अदेव निहारत हैं ॥

ran dhev adhev nihaarat hai(n) ||

ਜਯ ਸੱਦ ਨਿਨੱਦਿ ਪੁਕਾਰਤ ਹੈਂ ॥੩੪੫॥

जय सद्द निनद्दि पुकारत हैं ॥३४५॥

jay sa'dh nina'dh pukaarat hai(n) ||345||


ਗਣ ਗਿੱਧਣ ਬ੍ਰਿੱਧ ਰੜੰਤ ਨਭੰ ॥

गण गिद्धण बृद्ध रड़ंत नभं ॥

gan gi'dhan bira'dh raRa(n)t nabha(n) ||

ਕਿਲਕੰਤ ਸੁ ਡਾਕਣ ਉੱਚ ਸੁਰੰ ॥

किलकंत सु डाकण उच्च सुरं ॥

kilaka(n)t su ddaakan u'ch sura(n) ||

ਭ੍ਰਮ ਛਾਡ ਭਕਾਰਤ ਭੂਤ ਭੂਅੰ ॥

भ्रम छाड भकारत भूत भूअं ॥

bhram chhaadd bhakaarat bhoot bhooa(n) ||

ਰਣ ਰੰਗ ਬਿਹਾਰਤ ਭ੍ਰਾਤ ਦੂਅੰ ॥੩੪੬॥

रण रंग बिहारत भ्रात दूअं ॥३४६॥

ran ra(n)g bihaarat bhraat dhooa(n) ||346||


ਖਰਦੂਖਣ ਮਾਰ ਬਿਹਾਇ ਦਏ ॥

खरदूखण मार बिहाइ दए ॥

kharadhookhan maar bihai dhe ||

ਜਯ ਸੱਦ ਨਿਨੱਦ ਬਿਹੱਦ ਭਏ ॥

जय सद्द निनद्द बिहद्द भए ॥

jay sa'dh nina'dh biha'dh bhe ||

ਸੁਰ ਫੂਲਨ ਕੀ ਬਰਖਾ ਬਰਖੇ ॥

सुर फूलन की बरखा बरखे ॥

sur foolan kee barakhaa barakhe ||

ਰਣ ਧੀਰ ਅਧੀਰ ਦੋਊ ਪਰਖੇ ॥੩੪੭॥

रण धीर अधीर दोऊ परखे ॥३४७॥

ran dheer adheer dhouoo parakhe ||347||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕੇ ਰਾਮ ਅਵਤਾਰ ਕਥਾ ਖਰ ਦੂਖਣ ਦਈਤ ਬਧਹ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ॥੬॥

इति स्री बचित्र नाटके राम अवतार कथा खर दूखण दईत बधह धिआइ समापतम सतु ॥६॥

eit sree bachitr naaTake raam avataar kathaa khar dhookhan dhieet badheh dhiaai samaapatam sat ||6||


ਅਥ ਸੀਤਾ ਹਰਨ ਕਥਨੰ ॥

अथ सीता हरन कथनं ॥

ath seetaa haran kathana(n) ||


ਮਨੋਹਰ ਛੰਦ ॥

मनोहर छंद ॥

manohar chha(n)dh ||


ਰਾਵਣ ਨੀਚ ਮਰੀਚ ਹੂੰ ਕੇ ਗ੍ਰਿਹ ਬੀਚ ਗਏ ਬੱਧ ਬੀਰ ਸੁਨੈਹੈ ॥

रावण नीच मरीच हूँ के गृह बीच गए बद्ध बीर सुनैहै ॥

raavan neech mareech hoo(n) ke gireh beech ge ba'dh beer sunaihai ||

ਬੀਸਹੂੰ ਬਾਹਿ ਹਥਿਆਰ ਗਹੇ ਰਿਸ ਮਾਰ ਮਨੈ ਦਸ ਸੀਸ ਧੁਨੈ ਹੈ ॥

बीसहूँ बाहि हथिआर गहे रिस मार मनै दस सीस धुनै है ॥

beesahoo(n) baeh hathiaar gahe ris maar manai dhas sees dhunai hai ||

ਨਾਕ ਕਟਯੋ ਜਿਨ ਸੂਪਨਖਾ ਕਹਤਉ ਤਿਹ ਕੋ ਦੁਖ ਦੋਖ ਲਗੈ ਹੈ ॥

नाक कटयो जिन सूपनखा कहतउ तिह को दुख दोख लगै है ॥

naak kaTayo jin soopanakhaa kahatau teh ko dhukh dhokh lagai hai ||

ਰਾਵਲ ਕੋ ਬਨੁ ਕੈ ਪਲ ਮੋ ਛਲ ਕੈ ਤਿਹ ਕੀ ਘਰਨੀ ਧਰਿ ਲਯੈ ਹੈ ॥੩੪੮॥

रावल को बनु कै पल मो छल कै तिह की घरनी धरि लयै है ॥३४८॥

raaval ko ban kai pal mo chhal kai teh kee gharanee dhar layai hai ||348||


ਮਰੀਚ ਬਾਚ ॥

मरीच बाच ॥

mareech baach ||

ਮਨੋਹਰ ਛੰਦ ॥

मनोहर छंद ॥

manohar chha(n)dh ||


ਨਾਥ ਅਨਾਥ ਸਨਾਥ ਕੀਯੋ ਕਰਿ ਕੈ ਅਤਿ ਮੋਰ ਕ੍ਰਿਪਾ ਕਹ ਆਏ ॥

नाथ अनाथ सनाथ कीयो करि कै अति मोर कृपा कह आए ॥

naath anaath sanaath keeyo kar kai at mor kirapaa keh aae ||

ਭਉਨ ਭੰਡਾਰ ਅਟੀ ਬਿਕਟੀ ਪ੍ਰਭ ਆਜ ਸਭੈ ਘਰ ਬਾਰ ਸੁਹਾਏ ॥

भउन भंडार अटी बिकटी प्रभ आज सभै घर बार सुहाए ॥

bhaun bha(n)ddaar aTee bikaTee prabh aaj sabhai ghar baar suhaae ||

ਦ੍ਵੈ ਕਰਿ ਜੋਰ ਕਰਉ ਬਿਨਤੀ ਸੁਨਿ ਕੈ ਨ੍ਰਿਪਨਾਥ ਬੁਰੋ ਮਤ ਮਾਨੋ ॥

द्वै करि जोर करउ बिनती सुनि कै नृपनाथ बुरो मत मानो ॥

dhavai kar jor karau binatee sun kai nirapanaath buro mat maano ||

ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਬੀਰ ਸਹੀ ਅਵਤਾਰ ਤਿਨੈ ਤੁਮ ਮਾਨਸ ਕੈ ਨ ਪਛਾਨੋ ॥੨੪੯॥

स्री रघुबीर सही अवतार तिनै तुम मानस कै न पछानो ॥२४९॥

sree raghubeer sahee avataar tinai tum maanas kai na pachhaano ||249||


ਰੋਸ ਭਰਯੋ ਸਭ ਅੰਗ ਜਰਯੋ ਮੁਖ ਰੱਤ ਕਰਯੋ ਜੁਗ ਨੈਨ ਤਚਾਏ ॥

रोस भरयो सभ अंग जरयो मुख रत्त करयो जुग नैन तचाए ॥

ros bharayo sabh a(n)g jarayo mukh ra't karayo jug nain tachaae ||

ਤੈ ਨ ਲਗੈ ਹਮਰੇ ਸਠ ਬੋਲਨ ਮਾਨਸ ਦੁਐ ਅਵਤਾਰ ਗਨਾਏ ॥

तै न लगै हमरे सठ बोलन मानस दुऐ अवतार गनाए ॥

tai na lagai hamare saTh bolan maanas dhuaai avataar ganaae ||

ਮਾਤ ਕੀ ਏਕ ਹੀ ਬਾਤ ਕਹੇ ਤਜਿ ਤਾਤ ਘ੍ਰਿਣਾ ਬਨਬਾਸ ਨਿਕਾਰੇ ॥

मात की एक ही बात कहे तजि तात घृणा बनबास निकारे ॥

maat kee ek hee baat kahe taj taat ghiranaa banabaas nikaare ||

ਤੇ ਦੋਊ ਦੀਨ ਅਧੀਨ ਜੁਗੀਯਾ ਕਸ ਕੈ ਭਿਰਹੈਂ ਸੰਗ ਆਨ ਹਮਾਰੇ ॥੩੫੦॥

ते दोऊ दीन अधीन जुगीया कस कै भिरहैं संग आन हमारे ॥३५०॥

te dhouoo dheen adheen jugeeyaa kas kai bhirahai(n) sa(n)g aan hamaare ||350||


ਜਉ ਨਹੀ ਜਾਤ ਤਹਾ ਕਹ ਤੈ ਸਠਿ ਤੋਰ ਜਟਾਨ ਕੋ ਜੂਟ ਪਟੈ ਹੌ ॥

जउ नही जात तहा कह तै सठि तोर जटान को जूट पटै हौ ॥

jau nahee jaat tahaa keh tai saTh tor jaTaan ko jooT paTai hau ||

ਕੰਚਨ ਕੋਟ ਕੇ ਊਪਰ ਤੇ ਡਰ ਤੋਹਿ ਨਦੀਸਰ ਬੀਚ ਡੁਬੈ ਹੌ ॥

कंचन कोट के ऊपर ते डर तोहि नदीसर बीच डुबै हौ ॥

ka(n)chan koT ke uoopar te ddar toh nadheesar beech ddubai hau ||

ਚਿੱਤ ਚਿਰਾਤ ਬਸਾਤ ਕਛੂ ਨ ਰਿਸਾਤ ਚਲਯੋ ਮੁਨ ਘਾਤ ਪਛਾਨੀ ॥

चित्त चिरात बसात कछू न रिसात चलयो मुन घात पछानी ॥

chi't chiraat basaat kachhoo na risaat chalayo mun ghaat pachhaanee ||

ਰਾਵਨ ਨੀਚ ਕੀ ਮੀਚ ਅਧੋਗਤ ਰਾਘਵ ਪਾਨ ਪੁਰੀ ਸੁਰਿ ਮਾਨੀ ॥੩੫੧॥

रावन नीच की मीच अधोगत राघव पान पुरी सुरि मानी ॥३५१॥

raavan neech kee meech adhogat raaghav paan puree sur maanee ||351||


ਕੰਚਨ ਕੋ ਹਰਨਾ ਬਨ ਕੇ ਰਘੁਬੀਰ ਬਲੀ ਜਹ ਥੋ ਤਹ ਆਯੋ ॥

कंचन को हरना बन के रघुबीर बली जह थो तह आयो ॥

ka(n)chan ko haranaa ban ke raghubeer balee jeh tho teh aayo ||

ਰਾਵਨ ਹ੍ਵੈ ਉਤ ਕੇ ਜੁਗੀਆ ਸੀਅ ਲੈਨ ਚਲਯੋ ਜਨੁ ਮੀਚ ਚਲਾਯੋ ॥

रावन ह्वै उत के जुगीआ सीअ लैन चलयो जनु मीच चलायो ॥

raavan havai ut ke jugeeaa seea lain chalayo jan meech chalaayo ||

ਸੀਅ ਬਿਲੋਕ ਕੁਰੰਕ ਪ੍ਰਭਾ ਕਹ ਮੋਹਿ ਰਹੀ ਪ੍ਰਭ ਤੀਰ ਉਚਾਰੀ ॥

सीअ बिलोक कुरंक प्रभा कह मोहि रही प्रभ तीर उचारी ॥

seea bilok kura(n)k prabhaa keh moh rahee prabh teer uchaaree ||

ਆਨ ਦਿਜੈ ਹਮ ਕੱਉ ਮ੍ਰਿਗ ਵਾਸੁਨ ਸ੍ਰੀ ਅਵਧੇਸ ਮੁਕੰਦ ਮੁਰਾਰੀ ॥੩੫੨॥

आन दिजै हम कउ्उ मृग वासुन स्री अवधेस मुकंद मुरारी ॥३५२॥

aan dhijai ham ka'au mirag vaasun sree avadhes muka(n)dh muraaree ||352||


ਰਾਮ ਬਾਚ ॥

राम बाच ॥

raam baach ||

ਸੀਅ ਮ੍ਰਿਗਾ ਕਹੂੰ ਕੰਚਨ ਕੋ ਨਹਿ ਕਾਨ ਸੁਨਯੋ ਬਿਧਿ ਨੈ ਨ ਬਨਾਯੋ ॥

सीअ मृगा कहूँ कंचन को नहि कान सुनयो बिधि नै न बनायो ॥

seea miragaa kahoo(n) ka(n)chan ko neh kaan sunayo bidh nai na banaayo ||

ਬੀਸ ਬਿਸਵੇ ਛਲ ਦਾਨਵ ਕੋ ਬਨ ਮੈ ਜਿਹ ਆਨ ਤੁਮੈ ਡਹਕਾਯੋ ॥

बीस बिसवे छल दानव को बन मै जिह आन तुमै डहकायो ॥

bees bisave chhal dhaanav ko ban mai jeh aan tumai ddahakaayo ||

ਪਿਆਰੀ ਕੋ ਆਇਸ ਮੇਟ ਸਕੈ ਨ ਬਿਲੋਕ ਸੀਆ ਕਹੁ ਆਤੁਰ ਭਾਰੀ ॥

पिआरी को आइस मेट सकै न बिलोक सीआ कहु आतुर भारी ॥

piaaree ko aais meT sakai na bilok seeaa kahu aatur bhaaree ||

ਬਾਧ ਨਿਖੰਗ ਚਲੇ ਕਟਿ ਸੌ ਕਹਿ ਭ੍ਰਾਤ ਈਹਾ ਕਰਿਜੈ ਰਖਵਾਰੀ ॥੩੫੩॥

बाध निखंग चले कटि सौ कहि भ्रात ईहा करिजै रखवारी ॥३५३॥

baadh nikha(n)g chale kaT sau keh bhraat ieehaa karijai rakhavaaree ||353||


ਓਟ ਥਕਯੋ ਕਰਿ ਕੋਟਿ ਨਿਸਾਚਰ ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਬੀਰ ਨਿਦਾਨ ਸੰਘਾਰਯੋ ॥

ओट थकयो करि कोटि निसाचर स्री रघुबीर निदान संघारयो ॥

oT thakayo kar koT nisaachar sree raghubeer nidhaan sa(n)ghaarayo ||

ਹੇ ਲਹੁ ਬੀਰ ਉਬਾਰ ਲੈ ਮੋਕਹ ਯੌ ਕਹਿ ਕੈ ਪੁਨਿ ਰਾਮ ਪੁਕਾਰਯੋ ॥

हे लहु बीर उबार लै मोकह यौ कहि कै पुनि राम पुकारयो ॥

he lahu beer ubaar lai mokeh yau keh kai pun raam pukaarayo ||

ਜਾਨਕੀ ਬੋਲ ਕੁਬੋਲ ਸੁਨਯੋ ਤਬ ਹੀ ਤਿਹ ਓਰ ਸੁਮਿੱਤ੍ਰ ਪਠਾਯੋ ॥

जानकी बोल कुबोल सुनयो तब ही तिह ओर सुमित्त्र पठायो ॥

jaanakee bol kubol sunayo tab hee teh or sumi'tr paThaayo ||

ਰੇਖ ਕਮਾਨ ਕੀ ਕਾਢ ਮਹਾਬਲ ਜਾਤ ਭਏ ਇਤ ਰਾਵਨ ਆਯੋ ॥੩੫੪॥

रेख कमान की काढ महाबल जात भए इत रावन आयो ॥३५४॥

rekh kamaan kee kaadd mahaabal jaat bhe it raavan aayo ||354||


ਭੇਖ ਅਲੇਖ ਉਚਾਰ ਕੈ ਰਾਵਣ ਜਾਤ ਭਏ ਸੀਅ ਕੇ ਢਿਗ ਯੌ ॥

भेख अलेख उचार कै रावण जात भए सीअ के ढिग यौ ॥

bhekh alekh uchaar kai raavan jaat bhe seea ke ddig yau ||

ਅਵਿਲੋਕ ਧਨੀ ਧਨਵਾਨ ਬਡੋ ਤਿਹ ਜਾਇ ਮਿਲੈ ਮਗ ਮੋ ਠਗ ਜਯੋ ॥

अविलोक धनी धनवान बडो तिह जाइ मिलै मग मो ठग जयो ॥

avilok dhanee dhanavaan baddo teh jai milai mag mo Thag jayo ||

ਕਛੁ ਦੇਹੁ ਭਿਛਾ ਮ੍ਰਿਗ ਨੈਨ ਹਮੈ ਇਹ ਰੇਖ ਮਿਟਾਇ ਹਮੈ ਅਬ ਹੀ ॥

कछु देहु भिछा मृग नैन हमै इह रेख मिटाइ हमै अब ही ॥

kachh dheh bhichhaa mirag nain hamai ieh rekh miTai hamai ab hee ||

ਬਿਨੁ ਰੇਖ ਭਈ ਅਵਿਲੋਕ ਲਈ ਹਰਿ ਸੀਅ ਉਡਯੋ ਨਭਿ ਕਉ ਤਬ ਹੀ ॥੩੫੫॥

बिनु रेख भई अविलोक लई हरि सीअ उडयो नभि कउ तब ही ॥३५५॥

bin rekh bhiee avilok liee har seea uddayo nabh kau tab hee ||355||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ ਰਾਮ ਵਤਾਰ ਕਥਾ ਸੀਤਾ ਹਰਨ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤਮ ॥

इति स्री बचित्र नाटक राम वतार कथा सीता हरन धिआइ समापतम ॥

eit sree bachitr naaTak raam vataar kathaa seetaa haran dhiaai samaapatam ||


ਅਥ ਸੀਤਾ ਖੋਜਬੋ ਕਥਨੰ ॥

अथ सीता खोजबो कथनं ॥

ath seetaa khojabo kathana(n) ||


ਤੋਟਕ ਛੰਦ ॥

तोटक छंद ॥

toTak chha(n)dh ||



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