P-24 Rama Avatar Ramayana (Chaubis Avatar) (hindi punjabi english)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
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ਕਲੰਕ ਰੂਪਾ ॥

कलंक रूपा ॥

kala(n)k roopaa ||

ਕੁਵਿਰਤ ਕੂਪਾ ॥

कुविरत कूपा ॥

kuvirat koopaa ||

ਨਿਲੱਜ ਨੈਣੀ ॥

निलज्ज नैणी ॥

nila'j nainee ||

ਕੁਬਾਕ ਬੈਣੀ ॥੨੧੩॥

कुबाक बैणी ॥२१३॥

kubaak bainee ||213||


ਕਲੰਕ ਕਰਣੀ ॥

कलंक करणी ॥

kala(n)k karanee ||

ਸਮ੍ਰਿੱਧ ਹਰਣੀ ॥

समृद्ध हरणी ॥

samira'dh haranee ||

ਅਕ੍ਰਿੱਤ ਕਰਮਾ ॥

अकृत्त करमा ॥

akira't karamaa ||

ਨਿਲੱਜ ਧਰਮਾ ॥੨੧੪॥

निलज्ज धरमा ॥२१४॥

nila'j dharamaa ||214||


ਅਲੱਜ ਧਾਮੰ ॥

अलज्ज धामं ॥

ala'j dhaama(n) ||

ਨਿਲੱਜ ਬਾਮੰ ॥

निलज्ज बामं ॥

nila'j baama(n) ||

ਅਸੋਭ ਕਰਣੀ ॥

असोभ करणी ॥

asobh karanee ||

ਸਸੋਭ ਹਰਣੀ ॥੨੧੫॥

ससोभ हरणी ॥२१५॥

sasobh haranee ||215||


ਨਿਲੱਜ ਨਾਰੀ ॥

निलज्ज नारी ॥

nila'j naaree ||

ਕੁਕਰਮ ਕਾਰੀ ॥

कुकरम कारी ॥

kukaram kaaree ||

ਅਧਰਮ ਰੂਪਾ ॥

अधरम रूपा ॥

adharam roopaa ||

ਅਕੱਜ ਕੂਪਾ ॥੨੧੬॥

अकज्ज कूपा ॥२१६॥

aka'j koopaa ||216||


ਪਹਪਿਟਆਰੀ ॥

पहपिटआरी ॥

pahapiTaaree ||

ਕੁਕਰਮ ਕਾਰੀ ॥

कुकरम कारी ॥

kukaram kaaree ||

ਮਰੈ ਨ ਮਰਣੀ ॥

मरै न मरणी ॥

marai na maranee ||

ਅਕਾਜ ਕਰਣੀ ॥੨੧੭॥

अकाज करणी ॥२१७॥

akaaj karanee ||217||


ਕੇਕਈ ਬਾਚ ॥

केकई बाच ॥

kekiee baach ||

ਨਰੇਸ ਮਾਨੋ ॥

नरेस मानो ॥

nares maano ||

ਕਹਯੋ ਪਛਾਨੋ ॥

कहयो पछानो ॥

kahayo pachhaano ||

ਬਦਯੋ ਸੁ ਦੇਹੂ ॥

बदयो सु देहू ॥

badhayo su dhehoo ||

ਬਰੰ ਦੁ ਮੋਹੂ ॥੨੧੮॥

बरं दु मोहू ॥२१८॥

bara(n) dh mohoo ||218||


ਚਿਤਾਰ ਲੀਜੈ ॥

चितार लीजै ॥

chitaar leejai ||

ਕਹਯੋ ਸੁ ਦੀਜੈ ॥

कहयो सु दीजै ॥

kahayo su dheejai ||

ਨ ਧਰਮ ਹਾਰੋ ॥

न धरम हारो ॥

n dharam haaro ||

ਨ ਭਰਮ ਟਾਰੋ ॥੨੧੯॥

न भरम टारो ॥२१९॥

n bharam Taaro ||219||


ਬੁਲੈ ਬਸਿਸਟੈ ॥

बुलै बसिसटै ॥

bulai basisaTai ||

ਅਪੂਰਬ ਇਸਟੈ ॥

अपूरब इसटै ॥

apoorab isaTai ||

ਕਹੀ ਸੀਏਸੈ ॥

कही सीएसै ॥

kahee se'eesai ||

ਨਿਕਾਰ ਦੇਸੈ ॥੨੨੦॥

निकार देसै ॥२२०॥

nikaar dhesai ||220||


ਬਿਲਮ ਨ ਕੀਜੈ ॥

बिलम न कीजै ॥

bilam na keejai ||

ਸੁ ਮਾਨ ਲੀਜੈ ॥

सु मान लीजै ॥

s maan leejai ||

ਰਿਖੇਸ ਰਾਮੰ ॥

रिखेस रामं ॥

rikhes raama(n) ||

ਨਿਕਾਰ ਧਾਮੰ ॥੨੨੧॥

निकार धामं ॥२२१॥

nikaar dhaama(n) ||221||


ਰਹੇ ਨ ਇਆਨੀ ॥

रहे न इआनी ॥

rahe na iaanee ||

ਭਈ ਦਿਵਾਨੀ ॥

भई दिवानी ॥

bhiee dhivaanee ||

ਚੁਪੈ ਨ ਬਉਰੀ ॥

चुपै न बउरी ॥

chupai na bauree ||

ਬਕੈਤ ਡਉਰੀ ॥੨੨੨॥

बकैत डउरी ॥२२२॥

bakait ddauree ||222||


ਧ੍ਰਿਗੰਸ ਰੂਪਾ ॥

धृगंस रूपा ॥

dhiraga(n)s roopaa ||

ਨਿਖੇਧ ਕੂਪਾ ॥

निखेध कूपा ॥

nikhedh koopaa ||

ਦ੍ਰੁਬਾਕ ਬੈਣੀ ॥

द्रुबाक बैणी ॥

dhrubaak bainee ||

ਨਰੇਸ ਛੈਣੀ ॥੨੨੩॥

नरेस छैणी ॥२२३॥

nares chhainee ||223||


ਨਿਕਾਰ ਰਾਮੰ ॥

निकार रामं ॥

nikaar raama(n) ||

ਅਧਾਰ ਧਾਮੰ ॥

अधार धामं ॥

adhaar dhaama(n) ||

ਹਤਯੋ ਨਿਜੇਸੰ ॥

हतयो निजेसं ॥

hatayo nijesa(n) ||

ਕੁਕਰਮ ਭੇਸੰ ॥੨੨੪॥

कुकरम भेसं ॥२२४॥

kukaram bhesa(n) ||224||


ਉਗਾਥਾ ਛੰਦ ॥

उगाथा छंद ॥

augaathaa chha(n)dh ||


ਅਜਿੱਤ ਜਿੱਤੇ ਅਬਾਹ ਬਾਹੇ ॥

अजित्त जित्ते अबाह बाहे ॥

aji't ji'te abaeh baahe ||

ਅਖੰਡ ਖੰਡੇ ਅਦਾਹ ਦਾਹੇ ॥

अखंड खंडे अदाह दाहे ॥

akha(n)dd kha(n)dde adhaeh dhaahe ||

ਅਭੰਡ ਭੰਡੇ ਅਡੰਗ ਡੰਗੇ ॥

अभंड भंडे अडंग डंगे ॥

abha(n)dd bha(n)dde adda(n)g dda(n)ge ||

ਅਮੁੰਨ ਮੁੰਨੇ ਅਭੰਗ ਭੰਗੇ ॥੨੨੫॥

अमुँन मुँने अभंग भंगे ॥२२५॥

amu(n)n mu(n)ne abha(n)g bha(n)ge ||225||


ਅਕਰਮ ਕਰਮੰ ਅਲੱਖ ਲੱਖੇ ॥

अकरम करमं अलक्ख लक्खे ॥

akaram karama(n) ala'kh la'khe ||

ਅਡੰਡ ਡੰਡੇ ਅਭੱਖ ਭੱਖੇ ॥

अडंड डंडे अभक्ख भक्खे ॥

adda(n)dd dda(n)dde abha'kh bha'khe ||

ਅਥਾਹ ਥਾਹੇ ਅਦਾਹ ਦਾਹੇ ॥

अथाह थाहे अदाह दाहे ॥

athaeh thaahe adhaeh dhaahe ||

ਅਭੰਗ ਭੰਗੇ ਅਬਾਹ ਬਾਹੇ ॥੨੨੬॥

अभंग भंगे अबाह बाहे ॥२२६॥

abha(n)g bha(n)ge abaeh baahe ||226||


ਅਭਿੱਜ ਭਿੱਜੇ ਅਜਾਲ ਜਾਲੇ ॥

अभिज्ज भिज्जे अजाल जाले ॥

abhi'j bhi'je ajaal jaale ||

ਅਖਾਪ ਖਾਪੇ ਅਚਾਲ ਚਾਲੇ ॥

अखाप खापे अचाल चाले ॥

akhaap khaape achaal chaale ||

ਅਭਿੰਨ ਭਿੰਨੇ ਅਡੰਡ ਡਾਡੇ ॥

अभिंन भिंने अडंड डाडे ॥

abhi(n)n bhi(n)ne adda(n)dd ddaadde ||

ਅਕਿੱਤ ਕਿੱਤੇ ਅਮੁੰਡ ਮਾਡੇ ॥੨੨੭॥

अकित्त कित्ते अमुँड माडे ॥२२७॥

aki't ki'te amu(n)dd maadde ||227||


ਅਛਿੱਦ ਛਿੱਦੇ ਅਦੱਗ ਦਾਗੇ ॥

अछिद्द छिद्दे अदग्ग दागे ॥

achhi'dh chhi'dhe adha'g dhaage ||

ਅਚੋਰ ਚੋਰੇ ਅਠੱਗ ਠਾਗੇ ॥

अचोर चोरे अठग्ग ठागे ॥

achor chore aTha'g Thaage ||

ਅਭਿੱਦ ਭਿੱਦੇ ਅਫੋੜ ਫੋੜੇ ॥

अभिद्द भिद्दे अफोड़ फोड़े ॥

abhi'dh bhi'dhe afoR foRe ||

ਅਕੱਜ ਕੱਜੇ ਅਜੋੜ ਜੋੜੇ ॥੨੨੮॥

अकज्ज कज्जे अजोड़ जोड़े ॥२२८॥

aka'j ka'je ajoR joRe ||228||


ਅਦੱਗ ਦੱਗੇ ਅਮੋੜ ਮੋੜੇ ॥

अदग्ग दग्गे अमोड़ मोड़े ॥

adha'g dha'ge amoR moRe ||

ਅਖਿੱਚ ਖਿੱਚੇ ਅਜੋੜ ਜੋੜੇ ॥

अखिच्च खिच्चे अजोड़ जोड़े ॥

akhi'ch khi'che ajoR joRe ||

ਅਕੱਢ ਕੱਢੇ ਅਸਾਧ ਸਾਧੇ ॥

अकड्ढ कड्ढे असाध साधे ॥

aka'dd ka'dde asaadh saadhe ||

ਅਫੱਟ ਫੱਟੇ ਅਫਾਧ ਫਾਧੇ ॥੨੨੯॥

अफट्ट फट्टे अफाध फाधे ॥२२९॥

afa'T fa'Te afaadh faadhe ||229||


ਅਧੰਧ ਧੰਧੇ ਅਕੱਜ ਕੱਜੇ ॥

अधंध धंधे अकज्ज कज्जे ॥

adha(n)dh dha(n)dhe aka'j ka'je ||

ਅਭਿੰਨ ਭਿੰਨੇ ਅਭੱਜ ਭੱਜੇ ॥

अभिंन भिंने अभज्ज भज्जे ॥

abhi(n)n bhi(n)ne abha'j bha'je ||

ਅਛੇੜ ਛੇੜੇ ਅਲੱਧ ਲੱਧੇ ॥

अछेड़ छेड़े अलद्ध लद्धे ॥

achheR chheRe ala'dh la'dhe ||

ਅਜਿੱਤ ਜਿੱਤੇ ਅਬੱਧ ਬੱਧੇ ॥੨੩੦॥

अजित्त जित्ते अबद्ध बद्धे ॥२३०॥

aji't ji'te aba'dh ba'dhe ||230||


ਅਚੀਰ ਚੀਰ ਅਤੋੜ ਤਾੜੇ ॥

अचीर चीर अतोड़ ताड़े ॥

acheer cheer atoR taaRe ||

ਅਠੱਟ ਠੱਟੇ ਅਪਾੜ ਪਾੜੇ ॥

अठट्ट ठट्टे अपाड़ पाड़े ॥

aTha'T Tha'Te apaaR paaRe ||

ਅਧੱਕ ਧੱਕੇ ਅਪੰਗ ਪੰਗੇ ॥

अधक्क धक्के अपंग पंगे ॥

adha'k dha'ke apa(n)g pa(n)ge ||

ਅਜੁੱਧ ਜੁੱਧੇ ਅਜੰਗ ਜੰਗੇ ॥੨੩੧॥

अजुद्ध जुद्धे अजंग जंगे ॥२३१॥

aju'dh ju'dhe aja(n)g ja(n)ge ||231||


ਅਕੁੱਟ ਕੁੱਟੇ ਅਘੁੱਟ ਘਾਏ ॥

अकुट्ट कुट्टे अघुट्ट घाए ॥

aku'T ku'Te aghu'T ghaae ||

ਅਚੂਰ ਚੂਰੇ ਅਦਾਵ ਦਾਏ ॥

अचूर चूरे अदाव दाए ॥

achoor choore adhaav dhaae ||

ਅਭੀਰ ਭੀਰੇ ਅਭੰਗ ਭੰਗੇ ॥

अभीर भीरे अभंग भंगे ॥

abheer bheere abha(n)g bha(n)ge ||

ਅਟੁੱਕ ਟੁੱਕੇ ਅਕੰਗ ਕੰਗੇ ॥੨੩੨॥

अटुक्क टुक्के अकंग कंगे ॥२३२॥

aTu'k Tu'ke aka(n)g ka(n)ge ||232||


ਅਖਿੱਦ ਖੇਦੇ ਅਢਾਹ ਢਾਹੇ ॥

अखिद्द खेदे अढाह ढाहे ॥

akhi'dh khedhe addaeh ddaahe ||

ਅਗੰਜ ਗੰਜੇ ਅਬਾਹ ਬਾਹੇ ॥

अगंज गंजे अबाह बाहे ॥

aga(n)j ga(n)je abaeh baahe ||

ਅਮੁੰਨ ਮੁੰਨੇ ਅਹੇਹ ਹੇਹੇ ॥

अमुँन मुँने अहेह हेहे ॥

amu(n)n mu(n)ne aheh hehe ||

ਵਿਰਚੰਨ ਨਾਰੀ ਤ ਸੁੱਖ ਕੇਹੇ ॥੨੩੩॥

विरचंन नारी त सुक्ख केहे ॥२३३॥

viracha(n)n naaree ta su'kh kehe ||233||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਇਹ ਬਿਧਿ ਕੇਕਈ ਹਠ ਗਹਯੋ ਬਰ ਮਾਗਨ ਨ੍ਰਿਪ ਤੀਰ ॥

इह बिधि केकई हठ गहयो बर मागन नृप तीर ॥

eeh bidh kekiee haTh gahayo bar maagan nirap teer ||

ਅਤਿ ਆਤਰ ਕਿਆ ਕਹਿ ਸਕੈ ਬਿਧਯੋ ਕਾਮ ਕੇ ਤੀਰ ॥੨੩੪॥

अति आतर किआ कहि सकै बिधयो काम के तीर ॥२३४॥

at aatar kiaa keh sakai bidhayo kaam ke teer ||234||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਬਹੁ ਬਿਧਿ ਪਰ ਪਾਇਨ ਰਹੇ ਮੋਰੇ ਬਚਨ ਅਨੇਕ ॥

बहु बिधि पर पाइन रहे मोरे बचन अनेक ॥

bahu bidh par pain rahe more bachan anek ||

ਗਹਿਅਉ ਹਠਿ ਅਬਲਾ ਰਹੀ ਮਾਨਯੋ ਬਚਨ ਨ ਏਕ ॥੨੩੫॥

गहिअउ हठि अबला रही मानयो बचन न एक ॥२३५॥

gahiaau haTh abalaa rahee maanayo bachan na ek ||235||


ਬਰ ਦਯੋ ਮੈ ਛੋਰੇ ਨਹੀ ਤੈਂ ਕਰਿ ਕੋਟਿ ਉਪਾਇ ॥

बर दयो मै छोरे नही तैं करि कोटि उपाइ ॥

bar dhayo mai chhore nahee tai(n) kar koT upai ||

ਘਰ ਮੋ ਸੁਤ ਕਉ ਦੀਜੀਐ ਬਨਬਾਸੈ ਰਘੁਰਾਇ ॥੨੩੬॥

घर मो सुत कउ दीजीऐ बनबासै रघुराइ ॥२३६॥

ghar mo sut kau dheejeeaai banabaasai raghurai ||236||


ਭੂਪ ਧਰਨਿ ਬਿਨ ਬੁੱਧਿ ਗਿਰਯੋ ਸੁਨਤ ਬਚਨ ਤ੍ਰਿਯ ਕਾਨ ॥

भूप धरनि बिन बुद्धि गिरयो सुनत बचन तृय कान ॥

bhoop dharan bin bu'dh girayo sunat bachan tiray kaan ||

ਜਿਮ ਮ੍ਰਿਗੇਸ ਬਨ ਕੇ ਬਿਖੈ ਬਧਯੋ ਬਧ ਕਰਿ ਬਾਨ ॥੨੩੭॥

जिम मृगेस बन के बिखै बधयो बध करि बान ॥२३७॥

jim mirages ban ke bikhai badhayo badh kar baan ||237||


ਤਰਫਰਾਤ ਪ੍ਰਿਥਵੀ ਪਰਯੋ ਸੁਨਿ ਬਨ ਰਾਮ ਉਚਾਰ ॥

तरफरात पृथवी परयो सुनि बन राम उचार ॥

tarafaraat pirathavee parayo sun ban raam uchaar ||

ਪਲਕ ਪ੍ਰਾਨ ਤਯਾਗੇ ਤਜਤ ਮੱਧਿ ਸਫਰਿ ਸਰ ਬਾਰ ॥੨੩੮॥

पलक प्रान तयागे तजत मद्धि सफरि सर बार ॥२३८॥

palak praan tayaage tajat ma'dh safar sar baar ||238||


ਰਾਮ ਨਾਮ ਸ੍ਰਵਨਨ ਸੁਣਯੋ ਉਠਿ ਥਿਰ ਭਯੋ ਸੁਚੇਤ ॥

राम नाम स्रवनन सुणयो उठि थिर भयो सुचेत ॥

raam naam sravanan sunayo uTh thir bhayo suchet ||

ਜਨੁ ਰਣ ਸੁਭਟ ਗਿਰਯੋ ਉਠਯੋ ਗਹਿ ਅਸ ਨਿਡਰ ਸੁਚੇਤ ॥੨੩੯॥

जनु रण सुभट गिरयो उठयो गहि अस निडर सुचेत ॥२३९॥

jan ran subhaT girayo uThayo geh as niddar suchet ||239||


ਪ੍ਰਾਨ ਪਤਨ ਨ੍ਰਿਪ ਬਰ ਸਹੋ ਧਰਮ ਨ ਛੋਰਾ ਜਾਇ ॥

प्रान पतन नृप बर सहो धरम न छोरा जाइ ॥

praan patan nirap bar saho dharam na chhoraa jai ||

ਦੈਨ ਕਹੇ ਜੋ ਬਰ ਹੁਤੇ ਤਨ ਜੁਤ ਦਏ ਉਠਾਇ ॥੨੪੦॥

दैन कहे जो बर हुते तन जुत दए उठाइ ॥२४०॥

dhain kahe jo bar hute tan jut dhe uThai ||240||


ਕੇਕਈ ਬਾਚ ਨ੍ਰਿਪੋ ਬਾਚ ॥

केकई बाच नृपो बाच ॥

kekiee baach nirapo baach ||

ਬਸਿਸਟ ਸੋਂ ॥

बसिसट सों ॥

basisaT so(n) ||

ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਰਾਮ ਪਯਾਨੋ ਬਨ ਕਰੈ ਭਰਥ ਕਰੈ ਠਕੁਰਾਇ ॥

राम पयानो बन करै भरथ करै ठकुराइ ॥

raam payaano ban karai bharath karai Thakurai ||

ਬਰਖ ਚਤਰ ਦਸ ਕੇ ਬਿਤੇ ਫਿਰਿ ਰਾਜਾ ਰਘੁਰਾਇ ॥੨੪੧॥

बरख चतर दस के बिते फिरि राजा रघुराइ ॥२४१॥

barakh chatar dhas ke bite fir raajaa raghurai ||241||


ਕਹੀ ਬਸਿਸਟ ਸੁਧਾਰ ਕਰਿ ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਬਰ ਸੋ ਜਾਇ ॥

कही बसिसट सुधार करि स्री रघुबर सो जाइ ॥

kahee basisaT sudhaar kar sree raghubar so jai ||

ਬਰਖ ਚਤੁਰਦਸ ਭਰਥ ਨ੍ਰਿਪ ਪੁਨਿ ਨ੍ਰਿਪ ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਰਾਇ ॥੨੪੨॥

बरख चतुरदस भरथ नृप पुनि नृप स्री रघुराइ ॥२४२॥

barakh chaturadhas bharath nirap pun nirap sree raghurai ||242||


ਸੁਨਿ ਬਸਿਸਟ ਕੋ ਬਚ ਸ੍ਰਵਣ ਰਘੁਪਤਿ ਫਿਰੇ ਸਸੋਗ ॥

सुनि बसिसट को बच स्रवण रघुपति फिरे ससोग ॥

sun basisaT ko bach sravan raghupat fire sasog ||

ਉਤ ਦਸਰਥ ਤਨ ਕੋ ਤਜਯੋ ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਬੀਰ ਬਿਯੋਗ ॥੨੪੩॥

उत दसरथ तन को तजयो स्री रघुबीर बियोग ॥२४३॥

aut dhasarath tan ko tajayo sree raghubeer biyog ||243||


ਸੋਰਠਾ ॥

सोरठा ॥

soraThaa ||

ਗ੍ਰਹਿ ਆਵਤ ਰਘੁਰਾਇ ਸਭੁ ਧਨ ਦੀਯੋ ਲੁਟਾਇ ਕੈ ॥

ग्रहि आवत रघुराइ सभु धन दीयो लुटाइ कै ॥

greh aavat raghurai sabh dhan dheeyo luTai kai ||

ਕਟਿ ਤਰਕਸੀ ਸੁਹਾਇ ਬੋਲਤ ਭੇ ਸੀਅ ਸੋ ਬਚਨ ॥੨੪੪॥

कटि तरकसी सुहाइ बोलत भे सीअ सो बचन ॥२४४॥

kaT tarakasee suhai bolat bhe seea so bachan ||244||


ਸੁਨਿ ਸੀਅ ਸੁਜਸ ਸੁਜਾਨ ਰਹੌ ਕੌਸੱਲਿਆ ਤੀਰ ਤੁਮ ॥

सुनि सीअ सुजस सुजान रहौ कौसल्लिआ तीर तुम ॥

sun seea sujas sujaan rahau kauasa'liaa teer tum ||

ਰਾਜ ਕਰਉ ਫਿਰਿ ਆਨ ਤੋਹਿ ਸਹਿਤ ਬਨਬਾਸ ਬਸਿ ॥੨੪੫॥

राज करउ फिरि आन तोहि सहित बनबास बसि ॥२४५॥

raaj karau fir aan toh sahit banabaas bas ||245||


ਸੀਤਾ ਬਾਚ ਰਾਮ ਸੋਂ ॥

सीता बाच राम सों ॥

seetaa baach raam so(n) ||

ਸੋਰਠਾ ॥

सोरठा ॥

soraThaa ||

ਮੈ ਨ ਤਜੋ ਪੀਅ ਸੰਗਿ ਕੈਸੋਈ ਦੁਖ ਜੀਅ ਪੈ ਪਰੋ ॥

मै न तजो पीअ संगि कैसोई दुख जीअ पै परो ॥

mai na tajo peea sa(n)g kaisoiee dhukh jeea pai paro ||

ਤਨਕ ਨ ਮੋਰਉ ਅੰਗਿ ਅੰਗਿ ਤੇ ਹੋਇ ਅਨੰਗ ਕਿਨ ॥੨੪੬॥

तनक न मोरउ अंगि अंगि ते होइ अनंग किन ॥२४६॥

tanak na morau a(n)g a(n)g te hoi ana(n)g kin ||246||


ਰਾਮ ਬਾਚ ਸੀਤਾ ਪ੍ਰਤਿ ॥

राम बाच सीता प्रति ॥

raam baach seetaa prat ||

ਮਨੋਹਰ ਛੰਦ ॥

मनोहर छंद ॥

manohar chha(n)dh ||


ਜਉ ਨ ਰਹਉ ਸਸੁਰਾਰ ਕ੍ਰਿਸੋਦਰ ਜਾਹਿ ਪਿਤਾ ਗ੍ਰਿਹ ਤੋਹਿ ਪਠੈ ਦਿਉ ॥

जउ न रहउ ससुरार कृसोदर जाहि पिता गृह तोहि पठै दिउ ॥

jau na rahau sasuraar kirasodhar jaeh pitaa gireh toh paThai dhiau ||

ਨੈਕ ਸੇ ਭਾਨਨ ਤੇ ਹਮ ਕੱਉ ਜੋਈ ਠਾਟ ਕਹੋ ਸੋਈ ਗਾਠ ਗਿਠੈ ਦਿਉ ॥

नैक से भानन ते हम कउ्उ जोई ठाट कहो सोई गाठ गिठै दिउ ॥

naik se bhaanan te ham ka'au joiee ThaaT kaho soiee gaaTh giThai dhiau ||

ਜੇ ਕਿਛੁ ਚਾਹ ਕਰੋ ਧਨ ਕੀ ਟੁਕ ਮੋਹ ਕਹੋ ਸਭ ਤੋਹਿ ਉਠੈ ਦਿਉ ॥

जे किछु चाह करो धन की टुक मोह कहो सभ तोहि उठै दिउ ॥

je kichh chaeh karo dhan kee Tuk moh kaho sabh toh uThai dhiau ||

ਕੇਤਕ ਅਉਧ ਕੋ ਰਾਜ ਸਲੋਚਨ ਰੰਕ ਕੋ ਲੰਕ ਨਿਸੰਕ ਲੁਟੈ ਦਿਉ ॥੨੪੭॥

केतक अउध को राज सलोचन रंक को लंक निसंक लुटै दिउ ॥२४७॥

ketak aaudh ko raaj salochan ra(n)k ko la(n)k nisa(n)k luTai dhiau ||247||


ਘੋਰ ਸੀਆ ਬਨ ਤੂੰ ਸੁ ਕੁਮਾਰ ਕਹੋ ਹਮ ਸੋਂ ਕਸ ਤੈ ਨਿਬਹੈ ਹੈ ॥

घोर सीआ बन तूँ सु कुमार कहो हम सों कस तै निबहै है ॥

ghor seeaa ban too(n) su kumaar kaho ham so(n) kas tai nibahai hai ||

ਗੁੰਜਤ ਸਿੰਘ ਡਕਾਰਤ ਕੋਲ ਭਯਾਨਕ ਭੀਲ ਲਖੈ ਭ੍ਰਮ ਐਹੈ ॥

गुँजत सिंघ डकारत कोल भयानक भील लखै भ्रम ऐहै ॥

gu(n)jat si(n)gh ddakaarat kol bhayaanak bheel lakhai bhram aaihai ||

ਸੁੰਕਤ ਸਾਪ ਬਕਾਰਤ ਬਾਘ ਭਕਾਰਤ ਭੂਤ ਮਹਾ ਦੁਖ ਪੈਹੈ ॥

सुँकत साप बकारत बाघ भकारत भूत महा दुख पैहै ॥

su(n)kat saap bakaarat baagh bhakaarat bhoot mahaa dhukh paihai ||

ਤੂੰ ਸੁ ਕੁਮਾਰ ਰਚੀ ਕਰਤਾਰ ਬਿਚਾਰ ਚਲੇ ਤੁਹਿ ਕਿਉਾਂ ਬਨਿ ਐਹੈ ॥੨੪੮॥

तूँ सु कुमार रची करतार बिचार चले तुहि किउाँ बनि ऐहै ॥२४८॥

too(n) su kumaar rachee karataar bichaar chale tuh kiauaa(n) ban aaihai ||248||


ਸੀਤਾ ਵਾਚ ਰਾਮ ਸੋਂ ॥

सीता वाच राम सों ॥

seetaa vaach raam so(n) ||

ਮਨੋਹਰ ਛੰਦ ॥

मनोहर छंद ॥

manohar chha(n)dh ||


ਸੂਲ ਸਹੋਂ ਤਨ ਸੂਕ ਰਹੋਂ ਪਰ ਸੀ ਨ ਕਹੋਂ ਸਿਰ ਸੂਲ ਸਹੋਂਗੀ ॥

सूल सहों तन सूक रहों पर सी न कहों सिर सूल सहोंगी ॥

sool saho(n) tan sook raho(n) par see na kaho(n) sir sool saho(n)gee ||

ਬਾਘ ਬੁਕਾਰ ਫਨੀਨ ਫੁਕਾਰ ਸੁ ਸੀਸ ਗਿਰੋ ਪਰ ਸੀ ਨ ਕਹੋਂਗੀ ॥

बाघ बुकार फनीन फुकार सु सीस गिरो पर सी न कहोंगी ॥

baagh bukaar faneen fukaar su sees giro par see na kaho(n)gee ||

ਬਾਸ ਕਹਾ ਬਨਬਾਸ ਭਲੋ ਨਹੀ ਪਾਸ ਤਜੋ ਪੀਯ ਪਾਇ ਗਹੋਂਗੀ ॥

बास कहा बनबास भलो नही पास तजो पीय पाइ गहोंगी ॥

baas kahaa banabaas bhalo nahee paas tajo peey pai gaho(n)gee ||

ਹਾਸ ਕਹਾ ਇਹ ਉਦਾਸ ਸਮੈ ਗ੍ਰਿਹ ਆਸ ਰਹੋ ਪਰ ਮੈ ਨ ਰਹੋਂਗੀ ॥੨੪੯॥

हास कहा इह उदास समै गृह आस रहो पर मै न रहोंगी ॥२४९॥

haas kahaa ieh udhaas samai gireh aas raho par mai na raho(n)gee ||249||


ਰਾਮ ਬਾਚ ਸੀਤਾ ਪ੍ਰਤਿ ॥

राम बाच सीता प्रति ॥

raam baach seetaa prat ||

ਰਾਸ ਕਹੋ ਤੁਹਿ ਬਾਸ ਕਰੋ ਗ੍ਰਿਹ ਸਾਸੁ ਕੀ ਸੇਵ ਭਲੀ ਬਿਧਿ ਕੀਜੈ ॥

रास कहो तुहि बास करो गृह सासु की सेव भली बिधि कीजै ॥

raas kaho tuh baas karo gireh saas kee sev bhalee bidh keejai ||

ਕਾਲ ਹੀ ਬਾਸ ਬਨੈ ਮ੍ਰਿਗ ਲੋਚਨਿ ਰਾਜ ਕਰੋਂ ਤੁਮ ਸੋ ਸੁਨ ਲੀਜੈ ॥

काल ही बास बनै मृग लोचनि राज करों तुम सो सुन लीजै ॥

kaal hee baas banai mirag lochan raaj karo(n) tum so sun leejai ||

ਜੌ ਨ ਲਗੈ ਜੀਯ ਅਉਧ ਸੁਭਾਨਨਿ ਜਾਹਿ ਪਿਤਾ ਗ੍ਰਿਹ ਸਾਚ ਭਨੀਜੈ ॥

जौ न लगै जीय अउध सुभाननि जाहि पिता गृह साच भनीजै ॥

jau na lagai jeey aaudh subhaanan jaeh pitaa gireh saach bhaneejai ||

ਤਾਤ ਕੀ ਬਾਤ ਗਡੀ ਜੀਯ ਜਾਤ ਸਿਧਾਤ ਬਨੈ ਮੁਹਿ ਆਇਸ ਦੀਜੈ ॥੨੫੦॥

तात की बात गडी जीय जात सिधात बनै मुहि आइस दीजै ॥२५०॥

taat kee baat gaddee jeey jaat sidhaat banai muh aais dheejai ||250||


ਲਛਮਣ ਬਾਚ ॥

लछमण बाच ॥

lachhaman baach ||

ਬਾਤ ਇਤੈ ਇਹੁ ਭਾਤ ਭਈ ਸੁਨਿ ਆਇਗੇ ਭ੍ਰਾਤ ਸਰਾਸਨ ਲੀਨੇ ॥

बात इतै इहु भात भई सुनि आइगे भ्रात सरासन लीने ॥

baat itai ih bhaat bhiee sun aaige bhraat saraasan leene ||

ਕਉਨ ਕੁਪੂਤ ਭਯੋ ਕੁਲ ਮੈ ਜਿਨ ਰਾਮਹਿ ਬਾਸ ਬਨੈ ਕਹੁ ਦੀਨੇ ॥

कउन कुपूत भयो कुल मै जिन रामहि बास बनै कहु दीने ॥

kaun kupoot bhayo kul mai jin raameh baas banai kahu dheene ||

ਕਾਮ ਕੇ ਬਾਨ ਬਧਿਯੋ ਬਸ ਕਾਮਨਿ ਕੂਰ ਕੁਚਾਲ ਮਹਾ ਮਤਿ ਹੀਨੇ ॥

काम के बान बधियो बस कामनि कूर कुचाल महा मति हीने ॥

kaam ke baan badhiyo bas kaaman koor kuchaal mahaa mat heene ||

ਰਾਡ ਕੁਭਾਡ ਕੇ ਹਾਥ ਬਿਕਿਯੋ ਕਪਿ ਨਾਚਤ ਨਾਚ ਛਰੀ ਜਿਮ ਚੀਨੇ ॥੨੫੧॥

राड कुभाड के हाथ बिकियो कपि नाचत नाच छरी जिम चीने ॥२५१॥

raadd kubhaadd ke haath bikiyo kap naachat naach chharee jim cheene ||251||


ਕਾਮ ਕੋ ਡੰਡ ਲੀਏ ਕਰ ਕੇਕਈ ਬਾਨਰ ਜਿਉ ਨ੍ਰਿਪ ਨਾਚ ਨਚਾਵੈ ॥

काम को डंड लीए कर केकई बानर जिउ नृप नाच नचावै ॥

kaam ko dda(n)dd le'ee kar kekiee baanar jiau nirap naach nachaavai ||

ਐਠਨ ਐਠ ਅਮੈਠ ਲੀਏ ਢਿਗ ਬੈਠ ਸੂਆ ਜਿਮ ਪਾਠ ਪੜਾਵੈ ॥

ऐठन ऐठ अमैठ लीए ढिग बैठ सूआ जिम पाठ पड़ावै ॥

aaiThan aaiTh amaiTh le'ee ddig baiTh sooaa jim paaTh paRaavai ||

ਸਉਤਨ ਸੀਸ ਹ੍ਵੈ ਈਸਕ ਈਸ ਪ੍ਰਿਥੀਸ ਜਿਉ ਚਾਮ ਕੇ ਦਾਮ ਚਲਾਵੈ ॥

सउतन सीस ह्वै ईसक ईस पृथीस जिउ चाम के दाम चलावै ॥

sautan sees havai ieesak iees pirathees jiau chaam ke dhaam chalaavai ||

ਕੂਰ ਕੁਜਾਤ ਕੁਪੰਥ ਦੁਰਾਨਨ ਲੋਗ ਗਏ ਪਰਲੋਕ ਗਵਾਵੈ ॥੨੫੨॥

कूर कुजात कुपंथ दुरानन लोग गए परलोक गवावै ॥२५२॥

koor kujaat kupa(n)th dhuraanan log ge paralok gavaavai ||252||


ਲੋਗ ਕੁਟੇਵ ਲਗੇ ਉਨ ਕੀ ਪ੍ਰਭ ਪਾਵ ਤਜੇ ਮੁਹਿ ਕਯੋ ਬਨ ਐਹੈ ॥

लोग कुटेव लगे उन की प्रभ पाव तजे मुहि कयो बन ऐहै ॥

log kuTev lage un kee prabh paav taje muh kayo ban aaihai ||

ਜਉ ਹਟ ਬੈਠ ਰਹੋ ਘਰਿ ਮੋ ਜਸ ਕਯੋ ਚਲਿਹੈ ਰਘੁਬੰਸ ਲਜੈਹੈ ॥

जउ हट बैठ रहो घरि मो जस कयो चलिहै रघुबंस लजैहै ॥

jau haT baiTh raho ghar mo jas kayo chalihai raghuba(n)s lajaihai ||

ਕਾਲ ਹੀ ਕਾਲ ਉਚਾਰਤ ਕਾਲ ਗਯੋ ਇਹ ਕਾਲ ਸਭੋ ਛਲ ਜੈਹੈ ॥

काल ही काल उचारत काल गयो इह काल सभो छल जैहै ॥

kaal hee kaal uchaarat kaal gayo ieh kaal sabho chhal jaihai ||

ਧਾਮ ਰਹੋ ਨਹੀ ਸਾਚ ਕਹੋਂ ਇਹ ਘਾਤ ਗਈ ਫਿਰ ਹਾਥਿ ਨ ਐਹੈ ॥੨੫੩॥

धाम रहो नही साच कहों इह घात गई फिर हाथि न ऐहै ॥२५३॥

dhaam raho nahee saach kaho(n) ieh ghaat giee fir haath na aaihai ||253||


ਚਾਪ ਧਰੈ ਕਰ ਚਾਰ ਕੁ ਤੀਰ ਤੁਨੀਰ ਕਸੇ ਦੋਊ ਬੀਰ ਸੁਹਾਏ ॥

चाप धरै कर चार कु तीर तुनीर कसे दोऊ बीर सुहाए ॥

chaap dharai kar chaar k teer tuneer kase dhouoo beer suhaae ||

ਆਵਧ ਰਾਜ ਤ੍ਰੀਯਾ ਜਿਹ ਸੋਭਤ ਹੋਨ ਬਿਦਾ ਤਿਹ ਤੀਰ ਸਿਧਾਏ ॥

आवध राज त्रीया जिह सोभत होन बिदा तिह तीर सिधाए ॥

aavadh raaj treeyaa jeh sobhat hon bidhaa teh teer sidhaae ||

ਪਾਇ ਪਰੇ ਭਰ ਨੈਨ ਰਹੇ ਭਰ ਮਾਤ ਭਲੀ ਬਿਧ ਕੰਠ ਲਗਾਏ ॥

पाइ परे भर नैन रहे भर मात भली बिध कंठ लगाए ॥

pai pare bhar nain rahe bhar maat bhalee bidh ka(n)Th lagaae ||

ਬੋਲੇ ਤੇ ਪੂਤ ਨ ਆਵਤ ਧਾਮਿ ਬੁਲਾਇ ਲਿਉ ਆਪਨ ਤੇ ਕਿਮੁ ਆਏ ॥੨੫੪॥

बोले ते पूत न आवत धामि बुलाइ लिउ आपन ते किमु आए ॥२५४॥

bole te poot na aavat dhaam bulai liau aapan te kim aae ||254||


ਰਾਮ ਬਾਚ ਮਾਤਾ ਪ੍ਰਤਿ ॥

राम बाच माता प्रति ॥

raam baach maataa prat ||

ਤਾਤ ਦਯੋ ਬਨਬਾਸ ਹਮੈ ਤੁਮ ਦੇਹ ਰਜਾਇ ਅਬੈ ਤਹ ਜਾਊ ॥

तात दयो बनबास हमै तुम देह रजाइ अबै तह जाऊ ॥

taat dhayo banabaas hamai tum dheh rajai abai teh jaauoo ||

ਕੰਟਕ ਕਾਨ ਬੇਹੜ ਗਾਹਿ ਤ੍ਰਿਯੋਦਸ ਬਰਖ ਬਿਤੇ ਫਿਰ ਆਊ ॥

कंटक कान बेहड़ गाहि तृयोदस बरख बिते फिर आऊ ॥

ka(n)Tak kaan behaR gaeh tirayodhas barakh bite fir aauoo ||

ਜੀਤ ਰਹੇ ਤੁ ਮਿਲੋ ਫਿਰਿ ਮਾਤ ਮਰੇ ਗਏ ਭੂਲਿ ਪਰੀ ਬਖਸਾਊ ॥

जीत रहे तु मिलो फिरि मात मरे गए भूलि परी बखसाऊ ॥

jeet rahe ta milo fir maat mare ge bhool paree bakhasaauoo ||

ਭੂਪਹ ਕੈ ਅਰਿਣੀ ਬਰ ਤੇ ਬਸ ਕੇ ਬਲ ਮੋ ਫਿਰਿ ਰਾਜ ਕਮਾਊ ॥੨੫੫॥

भूपह कै अरिणी बर ते बस के बल मो फिरि राज कमाऊ ॥२५५॥

bhoopeh kai arinee bar te bas ke bal mo fir raaj kamaauoo ||255||


ਮਾਤਾ ਬਾਚ ਰਾਮ ਸੋਂ ॥

माता बाच राम सों ॥

maataa baach raam so(n) ||

ਮਨੋਹਰ ਛੰਦ ॥

मनोहर छंद ॥

manohar chha(n)dh ||


ਮਾਤ ਸੁਨੀ ਇਹ ਬਾਤ ਜਬੈ ਤਬ ਰੋਵਤ ਹੀ ਸੁਤ ਕੇ ਉਰ ਲਾਗੀ ॥

मात सुनी इह बात जबै तब रोवत ही सुत के उर लागी ॥

maat sunee ieh baat jabai tab rovat hee sut ke ur laagee ||

ਹਾ ਰਘੁਬੀਰ ਸਿਰੋਮਣ ਰਾਮ ਚਲੇ ਬਨ ਕਉ ਮੁਹਿ ਕੱਉ ਕਤ ਤਿਆਗੀ ॥

हा रघुबीर सिरोमण राम चले बन कउ मुहि कउ्उ कत तिआगी ॥

haa raghubeer siroman raam chale ban kau muh ka'au kat tiaagee ||

ਨੀਰ ਬਿਨਾ ਜਿਮ ਮੀਨ ਦਸਾ ਤਿਮ ਭੂਖ ਪਿਆਸ ਗਈ ਸਭ ਭਾਗੀ ॥

नीर बिना जिम मीन दसा तिम भूख पिआस गई सभ भागी ॥

neer binaa jim meen dhasaa tim bhookh piaas giee sabh bhaagee ||

ਝੂਮ ਝਰਾਕ ਝਰੀ ਝਟ ਬਾਲ ਬਿਸਾਲ ਦਵਾ ਉਨ ਕੀ ਉਰ ਲਾਗੀ ॥੨੫੬॥

झूम झराक झरी झट बाल बिसाल दवा उन की उर लागी ॥२५६॥

jhoom jharaak jharee jhaT baal bisaal dhavaa un kee ur laagee ||256||


ਜੀਵਤ ਪੂਤ ਤਵਾਨਨ ਪੇਖ ਸੀਆ ਤੁਮਰੀ ਦੁਤ ਦੇਖ ਅਘਾਤੀ ॥

जीवत पूत तवानन पेख सीआ तुमरी दुत देख अघाती ॥

jeevat poot tavaanan pekh seeaa tumaree dhut dhekh aghaatee ||

ਚੀਨ ਸੁਮਿਤ੍ਰਜ ਕੀ ਛਬ ਕੋ ਸਭ ਸੋਕ ਬਿਸਾਰ ਹੀਏ ਹਰਖਾਤੀ ॥

चीन सुमित्रज की छब को सभ सोक बिसार हीए हरखाती ॥

cheen sumitraj kee chhab ko sabh sok bisaar he'ee harakhaatee ||

ਕੇਕਈ ਆਦਿਕ ਸਉਤਨ ਕੱਉ ਲਖਿ ਭਉਹ ਚੜਾਇ ਸਦਾ ਗਰਬਾਤੀ ॥

केकई आदिक सउतन कउ्उ लखि भउह चड़ाइ सदा गरबाती ॥

kekiee aadhik sautan ka'au lakh bhauh chaRai sadhaa garabaatee ||

ਤਾਕਹੁ ਤਾਤ ਅਨਾਥ ਜਿਉ ਆਜ ਚਲੇ ਬਨ ਕੋ ਤਜਿ ਕੈ ਬਿਲਲਾਤੀ ॥੨੫੭॥

ताकहु तात अनाथ जिउ आज चले बन को तजि कै बिललाती ॥२५७॥

taakahu taat anaath jiau aaj chale ban ko taj kai bilalaatee ||257||


ਹੋਰ ਰਹੇ ਜਨ ਕੋਰ ਕਈ ਮਿਲਿ ਜੋਰ ਰਹੇ ਕਰ ਏਕ ਨ ਮਾਨੀ ॥

होर रहे जन कोर कई मिलि जोर रहे कर एक न मानी ॥

hor rahe jan kor kiee mil jor rahe kar ek na maanee ||

ਲੱਛਨ ਮਾਤ ਕੇ ਧਾਮ ਬਿਦਾ ਕਹੁ ਜਾਤ ਭਏ ਜੀਅ ਮੋ ਇਹ ਠਾਨੀ ॥

लच्छन मात के धाम बिदा कहु जात भए जीअ मो इह ठानी ॥

la'chhan maat ke dhaam bidhaa kahu jaat bhe jeea mo ieh Thaanee ||

ਸੋ ਸੁਨਿ ਬਾਤ ਪਪਾਤ ਧਰਾ ਪਰ ਘਾਤ ਭਲੀ ਇਹ ਬਾਤ ਬਖਾਨੀ ॥

सो सुनि बात पपात धरा पर घात भली इह बात बखानी ॥

so sun baat papaat dharaa par ghaat bhalee ieh baat bakhaanee ||

ਜਾਨੁਕ ਸੇਲ ਸੁਮਾਰ ਲਗੇ ਛਿਤ ਸੋਵਤ ਸੂਰ ਵਡੇ ਅਭਿਮਾਨੀ ॥੨੫੮॥

जानुक सेल सुमार लगे छित सोवत सूर वडे अभिमानी ॥२५८॥

jaanuk sel sumaar lage chhit sovat soor vadde abhimaanee ||258||


ਕਉਨ ਕੁਜਾਤ ਕੁਕਾਜ ਕੀਯੋ ਜਿਨ ਰਾਘਵ ਕੋ ਇਹ ਭਾਤ ਬਖਾਨਯੋ ॥

कउन कुजात कुकाज कीयो जिन राघव को इह भात बखानयो ॥

kaun kujaat kukaaj keeyo jin raaghav ko ieh bhaat bakhaanayo ||

ਲੋਕ ਅਲੋਕ ਗਵਾਇ ਦੁਰਾਨਨ ਭੂਪ ਸੰਘਾਰ ਤਹਾ ਸੁਖ ਮਾਨਯੋ ॥

लोक अलोक गवाइ दुरानन भूप संघार तहा सुख मानयो ॥

lok alok gavai dhuraanan bhoop sa(n)ghaar tahaa sukh maanayo ||

ਭਰਮ ਗਯੋ ਉਡ ਕਰਮ ਕਰਯੋ ਘਟ ਧਰਮ ਕੋ ਤਿਆਗਿ ਅਧਰਮ ਪ੍ਰਮਾਨਯੋ ॥

भरम गयो उड करम करयो घट धरम को तिआगि अधरम प्रमानयो ॥

bharam gayo udd karam karayo ghaT dharam ko tiaag adharam pramaanayo ||

ਨਾਕ ਕਟੀ ਨਿਰਲਾਜ ਨਿਸਾਚਰ ਨਾਹ ਨਿਪਾਤਤ ਨੇਹੁ ਨ ਮਾਨਯੋ ॥੨੫੯॥

नाक कटी निरलाज निसाचर नाह निपातत नेहु न मानयो ॥२५९॥

naak kaTee niralaaj nisaachar naeh nipaatat neh na maanayo ||259||


ਸੁਮਿਤ੍ਰਾ ਬਾਚ ॥

सुमित्रा बाच ॥

sumitraa baach ||

ਦਾਸ ਕੋ ਭਾਵ ਧਰੇ ਰਹੀਯੋ ਸੁਤ ਮਾਤ ਸਰੂਪ ਸੀਆ ਪਹਿਚਾਨੋ ॥

दास को भाव धरे रहीयो सुत मात सरूप सीआ पहिचानो ॥

dhaas ko bhaav dhare raheeyo sut maat saroop seeaa pahichaano ||

ਤਾਤ ਕੀ ਤੁੱਲਿ ਸੀਆਪਤਿ ਕੱਉ ਕਰਿ ਕੈ ਇਹ ਬਾਤ ਸਹੀ ਕਰਿ ਮਾਨੋ ॥

तात की तुल्लि सीआपति कउ्उ करि कै इह बात सही करि मानो ॥

taat kee tu'l seeaapat ka'au kar kai ieh baat sahee kar maano ||

ਜੇਤਕ ਕਾਨਨ ਕੇ ਦੁਖ ਹੈ ਸਭ ਸੋ ਸੁਖ ਕੈ ਤਨ ਪੈ ਅਨਮਾਨੋ ॥

जेतक कानन के दुख है सभ सो सुख कै तन पै अनमानो ॥

jetak kaanan ke dhukh hai sabh so sukh kai tan pai anamaano ||

ਰਾਮ ਕੇ ਪਾਇ ਗਹੇ ਰਹੀਯੋ ਬਨ ਕੈ ਘਰ ਕੋ ਘਰ ਕੈ ਬਨੁ ਜਾਨੋ ॥੨੬੦॥

राम के पाइ गहे रहीयो बन कै घर को घर कै बनु जानो ॥२६०॥

raam ke pai gahe raheeyo ban kai ghar ko ghar kai ban jaano ||260||


ਰਾਜੀਵ ਲੋਚਨ ਰਾਮ ਕੁਮਾਰ ਚਲੇ ਬਨ ਕੱਉ ਸੰਗਿ ਭ੍ਰਾਤਿ ਸੁਹਾਯੋ ॥

राजीव लोचन राम कुमार चले बन कउ्उ संगि भ्राति सुहायो ॥

raajeev lochan raam kumaar chale ban ka'au sa(n)g bhraat suhaayo ||

ਦੇਵ ਅਦੇਵ ਨਿਛੱਤ੍ਰ ਸਚੀਪਤ ਚੱਉਕੇ ਚਕੇ ਮਨ ਮੋਦ ਬਢਾਯੋ ॥

देव अदेव निछत्त्र सचीपत चउ्उके चके मन मोद बढायो ॥

dhev adhev nichha'tr sacheepat cha'auke chake man modh baddaayo ||

ਆਨਨ ਬਿੰਬ ਪਰਯੋ ਬਸੁਧਾ ਪਰ ਫੈਲਿ ਰਹਿਯੋ ਫਿਰਿ ਹਾਥਿ ਨ ਆਯੋ ॥

आनन बिंब परयो बसुधा पर फैलि रहियो फिरि हाथि न आयो ॥

aanan bi(n)b parayo basudhaa par fail rahiyo fir haath na aayo ||

ਬੀਚ ਅਕਾਸ ਨਿਵਾਸ ਕੀਯੋ ਤਿਨ ਤਾਹੀ ਤੇ ਨਾਮ ਮਯੰਕ ਕਹਾਯੋ ॥੨੬੧॥

बीच अकास निवास कीयो तिन ताही ते नाम मयंक कहायो ॥२६१॥

beech akaas nivaas keeyo tin taahee te naam maya(n)k kahaayo ||261||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਪਿਤ ਆਗਿਆ ਤੇ ਬਨ ਚਲੇ ਤਜਿ ਗ੍ਰਹਿ ਰਾਮ ਕੁਮਾਰ ॥

पित आगिआ ते बन चले तजि ग्रहि राम कुमार ॥

pit aagiaa te ban chale taj greh raam kumaar ||

ਸੰਗ ਸੀਆ ਮ੍ਰਿਗ ਲੋਚਨੀ ਜਾ ਕੀ ਪ੍ਰਭਾ ਅਪਾਰ ॥੨੬੨॥

संग सीआ मृग लोचनी जा की प्रभा अपार ॥२६२॥

sa(n)g seeaa mirag lochanee jaa kee prabhaa apaar ||262||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਬਨਬਾਸ ਦੀਬੋ ॥

इति स्री राम बनबास दीबो ॥

eit sree raam banabaas dheebo ||

ਅਥ ਬਨਬਾਸ ਕਥਨੰ ॥

अथ बनबास कथनं ॥

ath banabaas kathana(n) ||


ਸੀਤਾ ਅਨੁਮਾਨ ਬਾਚ ॥

सीता अनुमान बाच ॥

seetaa anumaan baach ||

ਬਿਜੈ ਛੰਦ ॥

बिजै छंद ॥

bijai chha(n)dh ||


ਚੰਦ ਕੀ ਅੰਸ ਚਕੋਰਨ ਕੈ ਕਰਿ ਮੋਰਨ ਬਿੱਦੁਲਤਾ ਅਨਮਾਨੀ ॥

चंद की अंस चकोरन कै करि मोरन बिद्दुलता अनमानी ॥

cha(n)dh kee a(n)s chakoran kai kar moran bi'dhulataa anamaanee ||

ਮੱਤ ਗਇੰਦਨ ਇੰਦ੍ਰ ਬਧੂ ਭੁਨਸਾਰ ਛਟਾ ਰਵਿ ਕੀ ਜੀਅ ਜਾਨੀ ॥

मत्त गइंदन इंद्र बधू भुनसार छटा रवि की जीअ जानी ॥

ma't gi(n)dhan i(n)dhr badhoo bhunasaar chhaTaa rav kee jeea jaanee ||

ਦੇਵਨ ਦੋਖਨ ਕੀ ਹਰਤਾ ਅਰ ਦੇਵਨ ਕਾਲ ਕ੍ਰਿਯਾ ਕਰ ਮਾਨੀ ॥

देवन दोखन की हरता अर देवन काल कृया कर मानी ॥

dhevan dhokhan kee harataa ar dhevan kaal kirayaa kar maanee ||

ਦੇਸਨ ਸਿੰਧ ਦਿਸੇਸਨ ਬ੍ਰਿੰਧ ਜੋਗੇਸਨ ਗੰਗ ਕੈ ਰੰਗ ਪਛਾਨੀ ॥੨੬੩॥

देसन सिंध दिसेसन बृंध जोगेसन गंग कै रंग पछानी ॥२६३॥

dhesan si(n)dh dhisesan bira(n)dh jogesan ga(n)g kai ra(n)g pachhaanee ||263||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਉਤ ਰਘੁਬਰ ਬਨ ਕੋ ਚਲੇ ਸੀਅ ਸਹਿਤ ਤਜਿ ਗ੍ਰੇਹ ॥

उत रघुबर बन को चले सीअ सहित तजि ग्रेह ॥

aut raghubar ban ko chale seea sahit taj greh ||

ਇਤੈ ਦਸਾ ਜਿਹ ਬਿਧਿ ਭਈ ਸਕਲ ਸਾਧ ਸੁਨਿ ਲੇਹ ॥੨੬੪॥

इतै दसा जिह बिधि भई सकल साध सुनि लेह ॥२६४॥

eitai dhasaa jeh bidh bhiee sakal saadh sun leh ||264||


ਮਾਤਾ ਬਾਚ ॥

माता बाच ॥

maataa baach ||

ਕਬਿੱਤ ॥

कबित्त ॥

kabi't ||

ਸਭੈ ਸੁਖ ਲੈ ਕੇ ਗਏ ਗਾੜੋ ਦੁਖ ਦੇਤ ਭਏ ਰਾਜਾ ਦਸਰਥ ਜੂ ਕੱਉ ਕੈ ਕੈ ਆਜ ਪਾਤ ਹੋ ॥

सभै सुख लै के गए गाड़ो दुख देत भए राजा दसरथ जू कउ्उ कै कै आज पात हो ॥

sabhai sukh lai ke ge gaaRo dhukh dhet bhe raajaa dhasarath joo ka'au kai kai aaj paat ho ||

ਅਜ ਹੂੰ ਨ ਛੀਜੈ ਬਾਤ ਮਾਨ ਲੀਜੈ ਰਾਜ ਕੀਜੈ ਕਹੋ ਕਾਜ ਕਉਨ ਕੌ ਹਮਾਰੇ ਸ੍ਰੋਣ ਨਾਤ ਹੋ ॥

अज हूँ न छीजै बात मान लीजै राज कीजै कहो काज कउन कौ हमारे स्रोण नात हो ॥

aj hoo(n) na chheejai baat maan leejai raaj keejai kaho kaaj kaun kau hamaare sron naat ho ||

ਰਾਜਸੀ ਕੇ ਧਾਰੌ ਸਾਜ ਸਾਧਨ ਕੈ ਕੀਜੈ ਕਾਜ ਕਹੋ ਰਘੁਰਾਜ ਆਜ ਕਾਹੇ ਕੱਉ ਸਿਧਾਤ ਹੋ ॥

राजसी के धारौ साज साधन कै कीजै काज कहो रघुराज आज काहे कउ्उ सिधात हो ॥

raajasee ke dhaarau saaj saadhan kai keejai kaaj kaho raghuraaj aaj kaahe ka'au sidhaat ho ||

ਤਾਪਸੀ ਕੇ ਭੇਸ ਕੀਨੇ ਜਾਨਕੀ ਕੌ ਸੰਗ ਲੀਨੇ ਮੇਰੇ ਬਨਬਾਸੀ ਮੋ ਉਦਾਸੀ ਦੀਏ ਜਾਤ ਹੋ ॥੨੬੫॥

तापसी के भेस कीने जानकी कौ संग लीने मेरे बनबासी मो उदासी दीए जात हो ॥२६५॥

taapasee ke bhes keene jaanakee kau sa(n)g leene mere banabaasee mo udhaasee dhe'ee jaat ho ||265||


ਕਾਰੇ ਕਾਰੇ ਕਰਿ ਬੇਸ ਰਾਜਾ ਜੂ ਕੌ ਛੋਰਿ ਦੇਸ ਤਾਪਸੀ ਕੋ ਕੈ ਭੇਸ ਸਾਥਿ ਹੀ ਸਿਧਾਰਿ ਹੌ ॥

कारे कारे करि बेस राजा जू कौ छोरि देस तापसी को कै भेस साथि ही सिधारि हौ ॥

kaare kaare kar bes raajaa joo kau chhor dhes taapasee ko kai bhes saath hee sidhaar hau ||

ਕੁਲ ਹੂੰ ਕੀ ਕਾਨ ਛੋਰੋਂ ਰਾਜਸੀ ਕੇ ਸਾਜ ਤੋਰੋਂ ਸੰਗਿ ਤੇ ਨ ਮੋਰੋਂ ਮੁਖ ਐਸੋ ਕੈ ਬਿਚਾਰਿ ਹੌ ॥

कुल हूँ की कान छोरों राजसी के साज तोरों संगि ते न मोरों मुख ऐसो कै बिचारि हौ ॥

kul hoo(n) kee kaan chhoro(n) raajasee ke saaj toro(n) sa(n)g te na moro(n) mukh aaiso kai bichaar hau ||

ਮੁੰਦ੍ਰਾ ਕਾਨ ਧਾਰੌ ਸਾਰੇ ਮੁਖ ਪੈ ਬਿਭੂਤਿ ਡਾਰੌਂ ਹਠਿ ਕੋ ਨ ਹਾਰੌਂ ਪੂਤ ਰਾਜ ਸਾਜ ਜਾਰਿ ਹੌਂ ॥

मुँद्रा कान धारौ सारे मुख पै बिभूति डारौं हठि को न हारौं पूत राज साज जारि हौं ॥

mu(n)dhraa kaan dhaarau saare mukh pai bibhoot ddaaraua(n) haTh ko na haaraua(n) poot raaj saaj jaar haua(n) ||

ਜੁਗੀਆ ਕੋ ਕੀਨੋ ਬੇਸ ਕਉਸਲ ਕੇ ਛੋਰ ਦੇਸ ਰਾਜਾ ਰਾਮਚੰਦ ਜੂ ਕੇ ਸੰਗਿ ਹੀ ਸਿਧਾਰਿ ਹੌਂ ॥੨੬੬॥

जुगीआ को कीनो बेस कउसल के छोर देस राजा रामचंद जू के संगि ही सिधारि हौं ॥२६६॥

jugeeaa ko keeno bes kausal ke chhor dhes raajaa raamacha(n)dh joo ke sa(n)g hee sidhaar haua(n) ||266||


ਅਪੂਰਬ ਛੰਦ ॥

अपूरब छंद ॥

apoorab chha(n)dh ||


ਕਾਨਨੇ ਗੇ ਰਾਮ ॥

कानने गे राम ॥

kaanane ge raam ||

ਧਰਮ ਕਰਮੰ ਧਾਮ ॥

धरम करमं धाम ॥

dharam karama(n) dhaam ||

ਲੱਛਨੈ ਲੈ ਸੰਗਿ ॥

लच्छनै लै संगि ॥

la'chhanai lai sa(n)g ||

ਜਾਨਕੀ ਸੁਭੰਗਿ ॥੨੬੭॥

जानकी सुभंगि ॥२६७॥

jaanakee subha(n)g ||267||


ਤਾਤ ਤਿਆਗੇ ਪ੍ਰਾਨ ॥

तात तिआगे प्रान ॥

taat tiaage praan ||

ਉੱਤਰੇ ਬਯੋਮਾਨ ॥

उत्तरे बयोमान ॥

au'tare bayomaan ||

ਬਿੱਚਰੇ ਬਿਚਾਰ ॥

बिच्चरे बिचार ॥

bi'chare bichaar ||

ਮੰਤ੍ਰੀਯੰ ਅਪਾਰ ॥੨੬੮॥

मंत्रीयं अपार ॥२६८॥

ma(n)treeya(n) apaar ||268||


ਬੈਠਯੋ ਬਸਿਸਟਿ ॥

बैठयो बसिसटि ॥

baiThayo basisaT ||

ਸਰਬ ਬਿੱਪ ਇਸਟ ॥

सरब बिप्प इसट ॥

sarab bi'p isaT ||

ਮੁਕੱਲਿਯੋ ਕਾਗਦ ॥

मुकल्लियो कागद ॥

muka'liyo kaagadh ||

ਪੱਠਏ ਮਾਗਧ ॥੨੬੯॥

पट्ठए मागध ॥२६९॥

pa'The maagadh ||269||


ਸੰਕੜੇਸਾ ਵੰਤ ॥

संकड़ेसा वंत ॥

sa(n)kaResaa va(n)t ||

ਮੱਤਏ ਮੱਤੰਤ ॥

मत्तए मत्तंत ॥

ma'te ma'ta(n)t ||

ਮੁੱਕਲੇ ਕੇ ਦੂਤ ॥

मुक्कले के दूत ॥

mu'kale ke dhoot ||

ਪਉਨ ਕੇ ਸੇ ਪੂਤ ॥੨੭੦॥

पउन के से पूत ॥२७०॥

paun ke se poot ||270||


ਅਸਟਨ ਦਯੰਲਾਖ ॥

असटन दयंलाख ॥

asaTan dhaya(n)laakh ||

ਦੂਤ ਗੇ ਚਰਬਾਖ ॥

दूत गे चरबाख ॥

dhoot ge charabaakh ||

ਭਰਤ ਆਗੇ ਜਹਾ ॥

भरत आगे जहा ॥

bharat aage jahaa ||

ਜਾਤ ਭੇ ਤੇ ਤਹਾ ॥੨੭੧॥

जात भे ते तहा ॥२७१॥

jaat bhe te tahaa ||271||


ਉਚਰੇ ਸੰਦੇਸ ॥

उचरे संदेस ॥

auchare sa(n)dhes ||

ਊਰਧ ਗੇ ਅਉਧੇਸ ॥

ऊरध गे अउधेस ॥

uooradh ge aaudhes ||

ਪੱਤ੍ਰ ਬਾਚੇ ਭਲੇ ॥

पत्त्र बाचे भले ॥

pa'tr baache bhale ||

ਲਾਗ ਸੰਗੰ ਚਲੇ ॥੨੭੨॥

लाग संगं चले ॥२७२॥

laag sa(n)ga(n) chale ||272||


ਕੋਪ ਜੀਯੰ ਜਗਯੋ ॥

कोप जीयं जगयो ॥

kop jeeya(n) jagayo ||

ਧਰਮ ਭਰਮੰ ਭਗਯੋ ॥

धरम भरमं भगयो ॥

dharam bharama(n) bhagayo ||

ਕਾਸਮੀਰੰ ਤਜਯੋ ॥

कासमीरं तजयो ॥

kaasameera(n) tajayo ||

ਰਾਮ ਰਾਮੰ ਭਜਯੋ ॥੨੭੩॥

राम रामं भजयो ॥२७३॥

raam raama(n) bhajayo ||273||


ਪੁੱਜਏ ਅਵੱਧ ॥

पुज्जए अवद्ध ॥

pu'je ava'dh ||

ਸੂਰਮਾ ਸਨੱਧ ॥

सूरमा सनद्ध ॥

sooramaa sana'dh ||

ਹੇਰਿਓ ਅਉਧੇਸ ॥

हेरिओ अउधेस ॥

herio aaudhes ||

ਮ੍ਰਿਤਕੰ ਕੇ ਭੇਸ ॥੨੭੪॥

मृतकं के भेस ॥२७४॥

mritaka(n) ke bhes ||274||


ਭਰਥ ਬਾਚ ਕੇਕਈ ਸੋਂ ॥

भरथ बाच केकई सों ॥

bharath baach kekiee so(n) ||

ਲਖਯੋ ਕਸੂਤ ॥

लखयो कसूत ॥

lakhayo kasoot ||

ਬੁੱਲਯੋ ਸਪੂਤ ॥

बुल्लयो सपूत ॥

bu'layo sapoot ||

ਧ੍ਰਿਗ ਮਈਯਾ ਤੋਹਿ ॥

धृग मईया तोहि ॥

dhirag mieeyaa toh ||

ਲਜਿ ਲਾਈਯਾ ਮੋਹਿ ॥੨੭੫॥

लजि लाईया मोहि ॥२७५॥

laj laieeyaa moh ||275||


ਕਾ ਕਰਯੋ ਕੁਕਾਜ ॥

का करयो कुकाज ॥

kaa karayo kukaaj ||

ਕਯੋ ਜੀਐ ਨਿਲਾਜ ॥

कयो जीऐ निलाज ॥

kayo jeeaai nilaaj ||

ਮੋਹਿ ਜੈਬੇ ਤਹੀ ॥

मोहि जैबे तही ॥

moh jaibe tahee ||

ਰਾਮ ਹੈ ਗੇ ਜਹੀ ॥੨੭੬॥

राम है गे जही ॥२७६॥

raam hai ge jahee ||276||


ਕੁਸਮ ਬਚਿਤ੍ਰ ਛੰਦ ॥

कुसम बचित्र छंद ॥

kusam bachitr chha(n)dh ||


ਤਿਨ ਬਨਬਾਸੀ ਰਘੁਬਰ ਜਾਨੈ ॥

तिन बनबासी रघुबर जानै ॥

tin banabaasee raghubar jaanai ||

ਦੁਖ ਸੁਖ ਸਮ ਕਰ ਸੁਖ ਦੁਖ ਮਾਨੈ ॥

दुख सुख सम कर सुख दुख मानै ॥

dhukh sukh sam kar sukh dhukh maanai ||

ਬਲਕਲ ਧਰ ਕਰ ਅਬ ਬਨ ਜੈਹੈਂ ॥

बलकल धर कर अब बन जैहैं ॥

balakal dhar kar ab ban jaihai(n) ||

ਰਘੁਪਤ ਸੰਗ ਹਮ ਬਨ ਫਲ ਖੈਹੈਂ ॥੨੭੭॥

रघुपत संग हम बन फल खैहैं ॥२७७॥

raghupat sa(n)g ham ban fal khaihai(n) ||277||


ਇਮ ਕਹਾ ਬਚਨਾ ਘਰ ਬਰ ਛੋਰੇ ॥

इम कहा बचना घर बर छोरे ॥

eim kahaa bachanaa ghar bar chhore ||

ਬਲਕਲ ਧਰਿ ਤਨ ਭੂਖਨ ਤੋਰੇ ॥

बलकल धरि तन भूखन तोरे ॥

balakal dhar tan bhookhan tore ||

ਅਵਧਿਸ ਜਾਰੇ ਅਵਧਹਿ ਛਾਡਯੋ ॥

अवधिस जारे अवधहि छाडयो ॥

avadhis jaare avadheh chhaaddayo ||

ਰਘੁਪਤਿ ਪਗ ਤਰ ਕਰ ਘਰ ਮਾਡਿਯੋ ॥੨੭੮॥

रघुपति पग तर कर घर माडियो ॥२७८॥

raghupat pag tar kar ghar maaddiyo ||278||


ਲਖਿ ਜਲ ਥਲ ਕਹ ਤਜਿ ਕੁਲ ਧਾਏ ॥

लखि जल थल कह तजि कुल धाए ॥

lakh jal thal keh taj kul dhaae ||

ਮਨੁ ਮਨ ਸੰਗਿ ਲੈ ਤਿਹ ਠਾ ਆਏ ॥

मनु मन संगि लै तिह ठा आए ॥

man man sa(n)g lai teh Thaa aae ||

ਲਖਿ ਬਲ ਰਾਮੰ ਖਲ ਦਲ ਭੀਰੰ ॥

लखि बल रामं खल दल भीरं ॥

lakh bal raama(n) khal dhal bheera(n) ||

ਗਹਿ ਧਨ ਪਾਣੰ ਸਿਤ ਧਰ ਤੀਰੰ ॥੨੭੯॥

गहि धन पाणं सित धर तीरं ॥२७९॥

geh dhan paana(n) sit dhar teera(n) ||279||


ਗਹਿ ਧਨੁ ਰਾਮੰ ਸਰ ਬਰ ਪੂਰੰ ॥

गहि धनु रामं सर बर पूरं ॥

geh dhan raama(n) sar bar poora(n) ||

ਅਰਬਰ ਥਹਰੇ ਖਲ ਦਲ ਸੂਰੰ ॥

अरबर थहरे खल दल सूरं ॥

arabar thahare khal dhal soora(n) ||

ਨਰ ਬਰ ਹਰਖੇ ਘਰ ਘਰ ਅਮਰੰ ॥

नर बर हरखे घर घर अमरं ॥

nar bar harakhe ghar ghar amara(n) ||

ਅਮਰਰਿ ਧਰਕੇ ਲਹਿ ਕਰਿ ਸਮਰੰ ॥੨੮੦॥

अमररि धरके लहि करि समरं ॥२८०॥

amarar dharake leh kar samara(n) ||280||


ਤਬ ਚਿਤ ਅਪਨੇ ਭਰਥਰ ਜਾਨੀ ॥

तब चित अपने भरथर जानी ॥

tab chit apane bharathar jaanee ||

ਰਨ ਰੰਗ ਰਾਤੇ ਰਘੁਬਰ ਮਾਨੀ ॥

रन रंग राते रघुबर मानी ॥

ran ra(n)g raate raghubar maanee ||

ਦਲ ਬਲ ਤਜਿ ਕਰਿ ਇਕਲੇ ਨਿਸਰੇ ॥

दल बल तजि करि इकले निसरे ॥

dhal bal taj kar ikale nisare ||

ਰਘੁਬਰ ਨਿਰਖੇ ਸਭ ਦੁਖ ਬਿਸਰੇ ॥੨੮੧॥

रघुबर निरखे सभ दुख बिसरे ॥२८१॥

raghubar nirakhe sabh dhukh bisare ||281||


ਦ੍ਰਿਗ ਜਬ ਨਿਰਖੇ ਭਟ ਮਣ ਰਾਮੰ ॥

दृग जब निरखे भट मण रामं ॥

dhirag jab nirakhe bhaT man raama(n) ||

ਸਿਰ ਧਰ ਟੇਕਯੰ ਤਜ ਕਰ ਕਾਮੰ ॥

सिर धर टेकयं तज कर कामं ॥

sir dhar Tekaya(n) taj kar kaama(n) ||

ਇਮ ਗਤਿ ਲਖਿ ਕਰ ਰਘੁਪਤਿ ਜਾਨੀ ॥

इम गति लखि कर रघुपति जानी ॥

eim gat lakh kar raghupat jaanee ||

ਭਰਥਰ ਆਏ ਤਜਿ ਰਜਧਾਨੀ ॥੨੮੨॥

भरथर आए तजि रजधानी ॥२८२॥

bharathar aae taj rajadhaanee ||282||


ਰਿਪਹਾ ਨਿਰਖੇ ਭਰਥਰ ਜਾਨੇ ॥

रिपहा निरखे भरथर जाने ॥

ripahaa nirakhe bharathar jaane ||

ਅਵਧਿਸ ਮੂਏ ਤਿਨ ਮਾਨ ਮਾਨੇ ॥

अवधिस मूए तिन मान माने ॥

avadhis mooe tin maan maane ||

ਰਘੁਬਰ ਲਛਮਨ ਪਰਹਰ ਬਾਨੰ ॥

रघुबर लछमन परहर बानं ॥

raghubar lachhaman parahar baana(n) ||

ਗਿਰ ਤਰ ਆਏ ਤਜ ਅਭਿਮਾਨੰ ॥੨੮੩॥

गिर तर आए तज अभिमानं ॥२८३॥

gir tar aae taj abhimaana(n) ||283||


ਦਲ ਬਲ ਤਜਿ ਕਰਿ ਮਿਲਿ ਗਲ ਰੋਏ ॥

दल बल तजि करि मिलि गल रोए ॥

dhal bal taj kar mil gal roe ||

ਦੁਖ ਕਸਿ ਬਿਧਿ ਦੀਆ ਸੁਖ ਸਭ ਖੋਏ ॥

दुख कसि बिधि दीआ सुख सभ खोए ॥

dhukh kas bidh dheeaa sukh sabh khoe ||

ਅਬ ਘਰ ਚਲੀਏ ਰਘੁਬਰ ਮੇਰੇ ॥

अब घर चलीए रघुबर मेरे ॥

ab ghar chale'ee raghubar mere ||

ਤਜਿ ਹਠਿ ਲਾਗੇ ਸਭ ਪਗ ਤੇਰੇ ॥੨੮੪॥

तजि हठि लागे सभ पग तेरे ॥२८४॥

taj haTh laage sabh pag tere ||284||


ਰਾਮ ਬਾਚ ਭਰਥ ਸੋਂ ॥

राम बाच भरथ सों ॥

raam baach bharath so(n) ||

ਕੰਠ ਅਭੂਖਨ ਛੰਦ ॥

कंठ अभूखन छंद ॥

ka(n)Th abhookhan chha(n)dh ||


ਭਰਥ ਕੁਮਾਰ ਨ ਅਉਹਠ ਕੀਜੈ ॥

भरथ कुमार न अउहठ कीजै ॥

bharath kumaar na aauhaTh keejai ||

ਜਾਹ ਘਰੈ ਨ ਹਮੈ ਦੁਖ ਦੀਜੈ ॥

जाह घरै न हमै दुख दीजै ॥

jaeh gharai na hamai dhukh dheejai ||

ਰਾਜ ਕਹਯੋ ਜੁ ਹਮੈ ਹਮ ਮਾਨੀ ॥

राज कहयो जु हमै हम मानी ॥

raaj kahayo ju hamai ham maanee ||

ਤ੍ਰਿਯੋਦਸ ਬਰਖ ਬਸੈ ਬਨ ਧਾਨੀ ॥੨੮੫॥

तृयोदस बरख बसै बन धानी ॥२८५॥

tirayodhas barakh basai ban dhaanee ||285||


ਤ੍ਰਿਯੋਦਸ ਬਰਖ ਬਿਤੈ ਫਿਰਿ ਐਹੈਂ ॥

तृयोदस बरख बितै फिरि ऐहैं ॥

tirayodhas barakh bitai fir aaihai(n) ||

ਰਾਜ ਸੰਘਾਸਨ ਛੱਤ੍ਰ ਸੁਹੈਹੈਂ ॥

राज संघासन छत्त्र सुहैहैं ॥

raaj sa(n)ghaasan chha'tr suhaihai(n) ||

ਜਾਹੁ ਘਰੈ ਸਿਖ ਮਾਨ ਹਮਾਰੀ ॥

जाहु घरै सिख मान हमारी ॥

jaahu gharai sikh maan hamaaree ||

ਰੋਵਤ ਤੋਰਿ ਉਤੈ ਮਹਤਾਰੀ ॥੨੮੬॥

रोवत तोरि उतै महतारी ॥२८६॥

rovat tor utai mahataaree ||286||


ਭਰਥ ਬਾਚ ਰਾਮ ਪ੍ਰਤਿ ॥

भरथ बाच राम प्रति ॥

bharath baach raam prat ||


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