P-23 Rama Avatar Ramayana (Chaubis Avatar) (hindi punjabi english)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
---

ਕੀਰਤ ਸਾਲੀ ॥

कीरत साली ॥

keerat saalee ||

ਧਰਮੰ ਧਾਮੰ ॥

धरमं धामं ॥

dharama(n) dhaama(n) ||

ਰੂਪੰ ਰਾਮੰ ॥੧੪੪॥

रूपं रामं ॥१४४॥

roopa(n) raama(n) ||144||


ਧੀਰੰ ਧਰਤਾ ॥

धीरं धरता ॥

dheera(n) dharataa ||

ਬੀਰੰ ਹਰਤਾ ॥

बीरं हरता ॥

beera(n) harataa ||

ਜੁੱਧੰ ਜੇਤਾ ॥

जुद्धं जेता ॥

ju'dha(n) jetaa ||

ਸਸਤ੍ਰੰ ਨੇਤਾ ॥੧੪੫॥

ससत्रं नेता ॥१४५॥

sasatra(n) netaa ||145||


ਦੁਰਦੰ ਗਾਮੀ ॥

दुरदं गामी ॥

dhuradha(n) gaamee ||

ਧਰਮੰ ਧਾਮੀ ॥

धरमं धामी ॥

dharama(n) dhaamee ||

ਜੋਗੰ ਜ੍ਵਾਲੀ ॥

जोगं ज्वाली ॥

joga(n) javaiaalee ||

ਜੋਤੰ ਮਾਲੀ ॥੧੪੬॥

जोतं माली ॥१४६॥

jota(n) maalee ||146||


ਪਰਸੁਰਾਮ ਬਾਚ ॥

परसुराम बाच ॥

parasuraam baach ||

ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਤੂਣਿ ਕਸੇ ਕਟ ਚਾਪ ਧਰੇ ਕਰ ਕੋਪ ਕਹੀ ਦਿਜ ਰਾਮ ਅਹੋ ॥

तूणि कसे कट चाप धरे कर कोप कही दिज राम अहो ॥

toon kase kaT chaap dhare kar kop kahee dhij raam aho ||

ਗ੍ਰਹ ਤੋਰਿ ਸਰਾਸਨ ਸੰਕਰ ਕੋ ਸੀਅ ਜਾਤ ਹਰੇ ਤੁਮ ਕਉਨ ਕਹੋ ॥

ग्रह तोरि सरासन संकर को सीअ जात हरे तुम कउन कहो ॥

greh tor saraasan sa(n)kar ko seea jaat hare tum kaun kaho ||

ਬਿਨ ਸਾਚ ਕਹੇ ਨੇਹੀ ਪ੍ਰਾਨ ਬਚੇ ਜਿਨਿ ਕੰਠ ਕੁਠਾਰ ਕੀ ਧਾਰ ਸਹੋ ॥

बिन साच कहे नेही प्रान बचे जिनि कंठ कुठार की धार सहो ॥

bin saach kahe nehee praan bache jin ka(n)Th kuThaar kee dhaar saho ||

ਘਰ ਜਾਹੁ ਚਲੇ ਤਜ ਰਾਮ ਰਣੰ ਜਿਨਿ ਜੂਝਿ ਮਰੋ ਪਲ ਠਾਢ ਰਹੋ ॥੧੪੭॥

घर जाहु चले तज राम रणं जिनि जूझि मरो पल ठाढ रहो ॥१४७॥

ghar jaahu chale taj raam rana(n) jin joojh maro pal Thaadd raho ||147||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਜਾਨਤ ਹੋ ਅਵਿਲੋਕ ਮੁਝੈ ਹਠਿ ਏਕ ਬਲੀ ਨਹੀ ਠਾਢ ਰਹੈਂਗੇ ॥

जानत हो अविलोक मुझै हठि एक बली नही ठाढ रहैंगे ॥

jaanat ho avilok mujhai haTh ek balee nahee Thaadd rahai(n)ge ||

ਤਾਤਿ ਗਹਯੋ ਜਿਨ ਕੋ ਤ੍ਰਿਣ ਦਾਤਨ ਤੇਨ ਕਹਾ ਰਣ ਆਜ ਗਹੈਂਗੇ ॥

ताति गहयो जिन को तृण दातन तेन कहा रण आज गहैंगे ॥

taat gahayo jin ko tiran dhaatan ten kahaa ran aaj gahai(n)ge ||

ਬੰਬ ਬਜੇ ਰਣ ਖੰਡ ਗਡੇ ਗਹਿ ਹਾਥ ਹਥਿਆਰ ਕਹੂੰ ਉਮਹੈਂਗੇ ॥

बंब बजे रण खंड गडे गहि हाथ हथिआर कहूँ उमहैंगे ॥

ba(n)b baje ran kha(n)dd gadde geh haath hathiaar kahoo(n) umahai(n)ge ||

ਭੂਮ ਅਕਾਸ ਪਤਾਲ ਦੁਰੈਬੇ ਕਉ ਰਾਮ ਕਹੋ ਕਹਾ ਠਾਮ ਲਹੈਂਗੇ ॥੧੪੮॥

भूम अकास पताल दुरैबे कउ राम कहो कहा ठाम लहैंगे ॥१४८॥

bhoom akaas pataal dhuraibe kau raam kaho kahaa Thaam lahai(n)ge ||148||


ਕਬਿ ਬਾਚ ॥

कबि बाच ॥

kab baach ||

ਯੌ ਜਬ ਬੈਨ ਸੁਨੇ ਅਰਿ ਕੇ ਤਬ ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਬੀਰ ਬਲੀ ਬਲਕਾਨੇ ॥

यौ जब बैन सुने अरि के तब स्री रघुबीर बली बलकाने ॥

yau jab bain sune ar ke tab sree raghubeer balee balakaane ||

ਸਾਤ ਸਮੁੰਦ੍ਰਨ ਲੌ ਗਰਵੇ ਗਿਰ ਭੂਮਿ ਅਕਾਸ ਦੋਊ ਥਹਰਾਨੇ ॥

सात समुँद्रन लौ गरवे गिर भूमि अकास दोऊ थहराने ॥

saat samu(n)dhran lau garave gir bhoom akaas dhouoo thaharaane ||

ਜੱਛ ਭੁਜੰਗ ਦਿਸਾ ਬਿਦਿਸਾਨ ਕੇ ਦਾਨਵ ਦੇਵ ਦੁਹੂੰ ਡਰ ਮਾਨੇ ॥

जच्छ भुजंग दिसा बिदिसान के दानव देव दुहूँ डर माने ॥

ja'chh bhuja(n)g dhisaa bidhisaan ke dhaanav dhev dhuhoo(n) ddar maane ||

ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਨਾਥ ਕਮਾਨ ਲੇ ਹਾਥ ਕਹੋ ਰਿਸ ਕੈ ਕਿਹ ਪੈ ਸਰ ਤਾਨੇ ॥੧੪੯॥

स्री रघुनाथ कमान ले हाथ कहो रिस कै किह पै सर ताने ॥१४९॥

sree raghunaath kamaan le haath kaho ris kai keh pai sar taane ||149||


ਪਰਸੁ ਰਾਮ ਬਾਚ ਰਾਮ ਸੋ ॥

परसु राम बाच राम सो ॥

paras raam baach raam so ||

ਜੇਤਕ ਬੈਨ ਕਹੇ ਸੁ ਕਹੇ ਜੁ ਪੈ ਫੇਰਿ ਕਹੇ ਤੁ ਪੈ ਜੀਤ ਨ ਜੈਹੋ ॥

जेतक बैन कहे सु कहे जु पै फेरि कहे तु पै जीत न जैहो ॥

jetak bain kahe su kahe ju pai fer kahe ta pai jeet na jaiho ||

ਹਾਥਿ ਹਥਿਆਰ ਗਹੇ ਸੁ ਗਹੇ ਜੁ ਪੈ ਫੇਰਿ ਗਹੇ ਤੁ ਪੈ ਫੇਰਿ ਨ ਲੈਹੋ ॥

हाथि हथिआर गहे सु गहे जु पै फेरि गहे तु पै फेरि न लैहो ॥

haath hathiaar gahe su gahe ju pai fer gahe ta pai fer na laiho ||

ਰਾਮ ਰਿਸੈ ਰਣ ਮੈ ਰਘੁਬੀਰ ਕਹੋ ਭਜਿ ਕੈ ਕਤ ਪ੍ਰਾਨ ਬਚੈਹੋ ॥

राम रिसै रण मै रघुबीर कहो भजि कै कत प्रान बचैहो ॥

raam risai ran mai raghubeer kaho bhaj kai kat praan bachaiho ||

ਤੋਰ ਸਰਾਸਨ ਸੰਕਰ ਕੋ ਹਰਿ ਸੀਅ ਚਲੇ ਘਰਿ ਜਾਨ ਨ ਪੈਹੋ ॥੧੫੦॥

तोर सरासन संकर को हरि सीअ चले घरि जान न पैहो ॥१५०॥

tor saraasan sa(n)kar ko har seea chale ghar jaan na paiho ||150||


ਰਾਮ ਬਾਚ ਪਰਸੁਰਾਮ ਸੋ ॥

राम बाच परसुराम सो ॥

raam baach parasuraam so ||

ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਬੋਲ ਕਹੇ ਸੁ ਸਹੇ ਦਿਸ ਜੂ ਜੁ ਪੈ ਫੇਰਿ ਕਹੇ ਤੇ ਪੈ ਪ੍ਰਾਨ ਖ੍ਵੈਹੋ ॥

बोल कहे सु सहे दिस जू जु पै फेरि कहे ते पै प्रान ख्वैहो ॥

bol kahe su sahe dhis joo ju pai fer kahe te pai praan khavaiho ||

ਬੋਲਤ ਐਂਠ ਕਹਾ ਸਠ ਜਿਉ ਸਭ ਦਾਤ ਤੁਰਾਇ ਅਬੈ ਘਰਿ ਜੈਹੋ ॥

बोलत ऐंठ कहा सठ जिउ सभ दात तुराइ अबै घरि जैहो ॥

bolat aai(n)Th kahaa saTh jiau sabh dhaat turai abai ghar jaiho ||

ਧੀਰ ਤਬੈ ਲਹਿਹੈ ਤੁਮ ਕੱਉ ਜਦ ਭੀਰ ਪਰੀ ਇਕ ਤੀਰ ਚਲੈਹੋ ॥

धीर तबै लहिहै तुम कउ्उ जद भीर परी इक तीर चलैहो ॥

dheer tabai lahihai tum ka'au jadh bheer paree ik teer chalaiho ||

ਬਾਤ ਸੰਭਾਰ ਕਹੋ ਮੁਖਿ ਤੇ ਇਨ ਬਾਤਨ ਕੋ ਅਬ ਹੀ ਫਲਿ ਪੈਹੋ ॥੧੫੧॥

बात संभार कहो मुखि ते इन बातन को अब ही फलि पैहो ॥१५१॥

baat sa(n)bhaar kaho mukh te in baatan ko ab hee fal paiho ||151||


ਪਰਸੁ ਰਾਮ ਬਾਚ ॥

परसु राम बाच ॥

paras raam baach ||

ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਤਉ ਤੁਮ ਸਾਚ ਲਖੋ ਮਨ ਮੈ ਪ੍ਰਭ ਜਉ ਤੁਮ ਰਾਮ ਵਤਾਰ ਕਹਾਓ ॥

तउ तुम साच लखो मन मै प्रभ जउ तुम राम वतार कहाओ ॥

tau tum saach lakho man mai prabh jau tum raam vataar kahaao ||

ਰੁਦ੍ਰ ਕੁਵੰਡ ਬਿਹੰਡੀਯ ਜਿਉ ਕਰਿ ਤਿਉ ਅਪਨੋ ਬਲ ਮੋਹਿ ਦਿਖਾਓ ॥

रुद्र कुवंड बिहंडीय जिउ करि तिउ अपनो बल मोहि दिखाओ ॥

rudhr kuva(n)dd biha(n)ddeey jiau kar tiau apano bal moh dhikhaao ||

ਤਉ ਹੀ ਗਦਾ ਕਰ ਸਾਰੰਗ ਚਕ੍ਰ ਲਤਾ ਭ੍ਰਿਗਾ ਕੀ ਉਰ ਮੱਧ ਸੁਹਾਓ ॥

तउ ही गदा कर सारंग चक्र लता भृगा की उर मद्ध सुहाओ ॥

tau hee gadhaa kar saara(n)g chakr lataa bhiragaa kee ur ma'dh suhaao ||

ਮੇਰੋ ਉਤਾਰ ਕੁਵੰਡ ਮਹਾਬਲ ਮੋਹੂ ਕੱਉ ਆਜ ਚੜਾਇ ਦਿਖਾਓ ॥੧੫੨॥

मेरो उतार कुवंड महाबल मोहू कउ्उ आज चड़ाइ दिखाओ ॥१५२॥

mero utaar kuva(n)dd mahaabal mohoo ka'au aaj chaRai dhikhaao ||152||


ਕਬਿ ਬਾਚ ॥

कबि बाच ॥

kab baach ||

ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਬੀਰ ਸਿਰੋਮਨ ਸੂਰ ਕੁਵੰਡ ਲਯੋ ਕਰ ਮੈ ਹਸਿ ਕੈ ॥

स्री रघुबीर सिरोमन सूर कुवंड लयो कर मै हसि कै ॥

sree raghubeer siroman soor kuva(n)dd layo kar mai has kai ||

ਲੀਅ ਚਾਪ ਚਟਾਕ ਚੜਾਇ ਬਲੀ ਖਟ ਟੂਕ ਕਰਯੋ ਛਿਨ ਮੈ ਕਸਿ ਕੈ ॥

लीअ चाप चटाक चड़ाइ बली खट टूक करयो छिन मै कसि कै ॥

leea chaap chaTaak chaRai balee khaT Took karayo chhin mai kas kai ||

ਨਭ ਕੀ ਗਤਿ ਤਾਹਿ ਹਤੀ ਸਰ ਸੋ ਅਧ ਬੀਚ ਹੀ ਬਾਤ ਰਹੀ ਬਸਿ ਕੈ ॥

नभ की गति ताहि हती सर सो अध बीच ही बात रही बसि कै ॥

nabh kee gat taeh hatee sar so adh beech hee baat rahee bas kai ||

ਨ ਬਸਾਤ ਕਛੂ ਨਟ ਕੇ ਬਟ ਜਯੋਂ ਭਵ ਪਾਸ ਨਿਸੰਗਿ ਰਹੈ ਫਸਿ ਕੈ ॥੧੫੩॥

न बसात कछू नट के बट जयों भव पास निसंगि रहै फसि कै ॥१५३॥

n basaat kachhoo naT ke baT jayo(n) bhav paas nisa(n)g rahai fas kai ||153||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਜੁੱਧ ਜਯਤ ॥੨॥

इति स्री राम जुद्ध जयत ॥२॥

eit sree raam ju'dh jayat ||2||


ਅਥ ਅਉਧ ਪ੍ਰਵੇਸ ਕਥਨੰ ॥

अथ अउध प्रवेस कथनं ॥

ath aaudh praves kathana(n) ||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਭੇਟ ਭੁਜਾ ਭਰਿ ਅੰਕਿ ਭਲੇ ਭਰਿ ਨੈਨ ਦੋਊ ਨਿਰਖੇ ਰਘੁਰਾਈ ॥

भेट भुजा भरि अंकि भले भरि नैन दोऊ निरखे रघुराई ॥

bheT bhujaa bhar a(n)k bhale bhar nain dhouoo nirakhe raghuraiee ||

ਗੁੰਜਤ ਭ੍ਰਿੰਗ ਕਪੋਲਨ ਊਪਰ ਨਾਗ ਲਵੰਗ ਰਹੇ ਲਿਵ ਲਾਈ ॥

गुँजत भृंग कपोलन ऊपर नाग लवंग रहे लिव लाई ॥

gu(n)jat bhira(n)g kapolan uoopar naag lava(n)g rahe liv laiee ||

ਕੰਜ ਕੁਰੰਗ ਕਲਾ ਨਿਧ ਕੇਹਰਿ ਕੋਕਿਲ ਹੇਰ ਹੀਏ ਹਹਰਾਈ ॥

कंज कुरंग कला निध केहरि कोकिल हेर हीए हहराई ॥

ka(n)j kura(n)g kalaa nidh kehar kokil her he'ee haharaiee ||

ਬਾਲ ਲਖੈਂ ਛਬਿ ਖਾਟ ਪਰੈਂ ਨਹਿ ਬਾਟ ਚਲੈ ਨਿਰਖੇ ਅਧਿਕਾਈ ॥੧੫੪॥

बाल लखैं छबि खाट परैं नहि बाट चलै निरखे अधिकाई ॥१५४॥

baal lakhai(n) chhab khaaT parai(n) neh baaT chalai nirakhe adhikaiee ||154||


ਸੀਅ ਰਹੀ ਮੁਰਛਾਇ ਮਨੈ ਰਨਿ ਰਾਮ ਕਹਾ ਮਨ ਬਾਤ ਧਰੈਂਗੇ ॥

सीअ रही मुरछाइ मनै रनि राम कहा मन बात धरैंगे ॥

seea rahee murachhai manai ran raam kahaa man baat dharai(n)ge ||

ਤੋਰਿ ਸਰਾਸਨਿ ਸੰਕਰ ਕੋ ਜਿਮ ਮੋਹਿ ਬਰਿਓ ਤਿਮ ਅਉਰ ਬਰੈਂਗੇ ॥

तोरि सरासनि संकर को जिम मोहि बरिओ तिम अउर बरैंगे ॥

tor saraasan sa(n)kar ko jim moh bario tim aaur barai(n)ge ||

ਦੂਸਰ ਬਯਾਹ ਬਧੂ ਅਬ ਹੀ ਮਨ ਤੇ ਮੁਹਿ ਨਾਥ ਬਿਸਾਰ ਡਰੈਂਗੇ ॥

दूसर बयाह बधू अब ही मन ते मुहि नाथ बिसार डरैंगे ॥

dhoosar bayaeh badhoo ab hee man te muh naath bisaar ddarai(n)ge ||

ਦੇਖਤ ਹੌ ਨਿਜ ਭਾਗ ਭਲੇ ਬਿਧ ਆਜ ਕਹਾ ਇਹ ਠੌਰ ਕਰੈਂਗੇ ॥੧੫੫॥

देखत हौ निज भाग भले बिध आज कहा इह ठौर करैंगे ॥१५५॥

dhekhat hau nij bhaag bhale bidh aaj kahaa ieh Thauar karai(n)ge ||155||


ਤਉ ਹੀ ਲਉ ਰਾਮ ਜਿਤੇ ਦਿਜ ਕਉ ਅਪਨੇ ਦਲ ਆਇ ਬਜਾਇ ਬਧਾਈ ॥

तउ ही लउ राम जिते दिज कउ अपने दल आइ बजाइ बधाई ॥

tau hee lau raam jite dhij kau apane dhal aai bajai badhaiee ||

ਭੱਗੁਲ ਲੋਕ ਫਿਰੈ ਸਭ ਹੀ ਰਣ ਮੋ ਲਖਿ ਰਾਘਵ ਕੀ ਅਧਕਾਈ ॥

भग्गुल लोक फिरै सभ ही रण मो लखि राघव की अधकाई ॥

bha'gul lok firai sabh hee ran mo lakh raaghav kee adhakaiee ||

ਸੀਅ ਰਹੀ ਰਨ ਰਾਮ ਜਿਤੇ ਅਵਧੇਸਰ ਬਾਤ ਜਬੈ ਸੁਨਿ ਪਾਈ ॥

सीअ रही रन राम जिते अवधेसर बात जबै सुनि पाई ॥

seea rahee ran raam jite avadhesar baat jabai sun paiee ||

ਫੂਲਿ ਗ੍ਯੋ ਅਤਿ ਹੀ ਮਨ ਮੈ ਧਨ ਕੇ ਘਨ ਕੀ ਬਰਖਾ ਬਰਖਾਈ ॥੧੫੬॥

फूलि ग्यो अति ही मन मै धन के घन की बरखा बरखाई ॥१५६॥

fool gayo at hee man mai dhan ke ghan kee barakhaa barakhaiee ||156||


ਬੰਦਨਵਾਰ ਬਧੀ ਸਭ ਹੀ ਦਰ ਚੰਦਨ ਸੌ ਛਿਰਕੇ ਗ੍ਰਹ ਸਾਰੇ ॥

बंदनवार बधी सभ ही दर चंदन सौ छिरके ग्रह सारे ॥

ba(n)dhanavaar badhee sabh hee dhar cha(n)dhan sau chhirake greh saare ||

ਕੇਸਰ ਡਾਰਿ ਬਰਾਤਨ ਪੈ ਸਭ ਹੀ ਜਨ ਹੁਇ ਪੁਰਹੂਤ ਪਧਾਰੇ ॥

केसर डारि बरातन पै सभ ही जन हुइ पुरहूत पधारे ॥

kesar ddaar baraatan pai sabh hee jan hui purahoot padhaare ||

ਬਾਜਤ ਤਾਲ ਮੁਚੰਗ ਪਖਾਵਜ ਨਾਚਤ ਕੋਟਨਿ ਕੋਟਿ ਅਖਾਰੇ ॥

बाजत ताल मुचंग पखावज नाचत कोटनि कोटि अखारे ॥

baajat taal mucha(n)g pakhaavaj naachat koTan koT akhaare ||

ਆਨਿ ਮਿਲੇ ਸਭ ਹੀ ਅਗੂਆ ਸੁਤ ਕੱਉ ਪਿਤੁ ਲੈ ਪੁਰ ਅਉਧ ਸਿਧਾਰੇ ॥੧੫੭॥

आनि मिले सभ ही अगूआ सुत कउ्उ पितु लै पुर अउध सिधारे ॥१५७॥

aan mile sabh hee agooaa sut ka'au pit lai pur aaudh sidhaare ||157||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਸਭਹੂ ਮਿਲਿ ਗਿਲ ਕੀਯੋ ਉਛਾਹਾ ॥

सभहू मिलि गिल कीयो उछाहा ॥

sabhahoo mil gil keeyo uchhaahaa ||

ਪੂਤ ਤਿਹੂੰ ਕਉ ਰਚਯੋ ਬਿਯਾਹਾ ॥

पूत तिहूँ कउ रचयो बियाहा ॥

poot tihoo(n) kau rachayo biyaahaa ||

ਰਾਮ ਸੀਆ ਬਰ ਕੈ ਘਰਿ ਆਏ ॥

राम सीआ बर कै घरि आए ॥

raam seeaa bar kai ghar aae ||

ਦੇਸ ਬਿਦੇਸਨ ਹੋਤ ਬਧਾਏ ॥੧੫੮॥

देस बिदेसन होत बधाए ॥१५८॥

dhes bidhesan hot badhaae ||158||


ਜਹ ਤਹ ਹੋਤ ਉਛਾਹ ਅਪਾਰੂ ॥

जह तह होत उछाह अपारू ॥

jeh teh hot uchhaeh apaaroo ||

ਤਿਹੂੰ ਸੁਤਨ ਕੋ ਬਯਾਹ ਬਿਚਾਰੂ ॥

तिहूँ सुतन को बयाह बिचारू ॥

tihoo(n) sutan ko bayaeh bichaaroo ||

ਬਾਜਤ ਤਾਲ ਮ੍ਰਿਦੰਗ ਅਪਾਰੰ ॥

बाजत ताल मृदंग अपारं ॥

baajat taal miradha(n)g apaara(n) ||

ਨਾਚਤ ਕੋਟਨ ਕੋਟ ਅਖਾਰੰ ॥੧੫੯॥

नाचत कोटन कोट अखारं ॥१५९॥

naachat koTan koT akhaara(n) ||159||


ਬਨਿ ਬਨਿ ਬੀਰ ਪਖਰੀਆ ਚਲੇ ॥

बनि बनि बीर पखरीआ चले ॥

ban ban beer pakhareeaa chale ||

ਜੋਬਨਵੰਤ ਸਿਪਾਹੀ ਭਲੇ ॥

जोबनवंत सिपाही भले ॥

jobanava(n)t sipaahee bhale ||

ਭਏ ਜਾਇ ਇਸਥਤ ਨ੍ਰਿਪ ਦਰ ਪਰ ॥

भए जाइ इसथत नृप दर पर ॥

bhe jai isathat nirap dhar par ||

ਮਹਾਰਥੀ ਅਰੁ ਮਹਾ ਧਨੁਰਧਰ ॥੧੬੦॥

महारथी अरु महा धनुरधर ॥१६०॥

mahaarathee ar mahaa dhanuradhar ||160||


ਬਾਜਤ ਜੰਗ ਮੁਚੰਗ ਅਪਾਰੰ ॥

बाजत जंग मुचंग अपारं ॥

baajat ja(n)g mucha(n)g apaara(n) ||

ਢੋਲ ਮ੍ਰਿਦੰਗ ਸੁਰੰਗ ਸੁਧਾਰੰ ॥

ढोल मृदंग सुरंग सुधारं ॥

ddol miradha(n)g sura(n)g sudhaara(n) ||

ਗਾਵਤ ਗੀਤ ਚੰਚਲਾ ਨਾਰੀ ॥

गावत गीत चंचला नारी ॥

gaavat geet cha(n)chalaa naaree ||

ਨੈਨ ਨਚਾਇ ਬਜਾਵਤ ਤਾਰੀ ॥੧੬੧॥

नैन नचाइ बजावत तारी ॥१६१॥

nain nachai bajaavat taaree ||161||


ਭਿੱਛਕਨ ਹਵਸ ਨ ਧਨ ਕੀ ਰਹੀ ॥

भिच्छकन हवस न धन की रही ॥

bhi'chhakan havas na dhan kee rahee ||

ਦਾਨ ਸ੍ਵਰਨ ਸਰਤਾ ਹੁਇ ਬਹੀ ॥

दान स्वरन सरता हुइ बही ॥

dhaan savairan sarataa hui bahee ||

ਏਕ ਬਾਤ ਮਾਗਨ ਕੱਉ ਆਵੈ ॥

एक बात मागन कउ्उ आवै ॥

ek baat maagan ka'au aavai ||

ਬੀਸਕ ਬਾਤ ਘਰੈ ਲੈ ਜਾਵੈ ॥੧੬੨॥

बीसक बात घरै लै जावै ॥१६२॥

beesak baat gharai lai jaavai ||162||


ਬਨਿ ਬਨਿ ਚਲਤ ਭਏ ਰਘੁਨੰਦਨ ॥

बनि बनि चलत भए रघुनंदन ॥

ban ban chalat bhe raghuna(n)dhan ||

ਫੂਲੇ ਪੁਹਪ ਬਸੰਤ ਜਾਨੁ ਬਨ ॥

फूले पुहप बसंत जानु बन ॥

foole puhap basa(n)t jaan ban ||

ਸੋਭਤ ਕੇਸਰ ਅੰਗਿ ਡਰਾਯੋ ॥

सोभत केसर अंगि डरायो ॥

sobhat kesar a(n)g ddaraayo ||

ਆਨੰਦ ਹੀਏ ਉਛਰ ਜਨ ਆਯੋ ॥੧੬੩॥

आनंद हीए उछर जन आयो ॥१६३॥

aana(n)dh he'ee uchhar jan aayo ||163||


ਸਾਜਤ ਭਏ ਅਮਿਤ ਚਤੁਰੰਗਾ ॥

साजत भए अमित चतुरंगा ॥

saajat bhe amit chatura(n)gaa ||

ਉਮਡ ਚਲਤ ਜਿਹ ਬਿਧਿ ਕਰਿ ਗੰਗਾ ॥

उमड चलत जिह बिधि करि गंगा ॥

aumadd chalat jeh bidh kar ga(n)gaa ||

ਭਲ ਭਲ ਕੁਅਰ ਚੜੇ ਸਜ ਸੈਨਾ ॥

भल भल कुअर चड़े सज सैना ॥

bhal bhal kuar chaRe saj sainaa ||

ਕੋਟਕ ਚੜੇ ਸੂਰ ਜਨੁ ਗੈਨਾ ॥੧੬੪॥

कोटक चड़े सूर जनु गैना ॥१६४॥

koTak chaRe soor jan gainaa ||164||


ਭਰਥ ਸਹਿਤ ਸੋਭਤ ਸਭ ਭ੍ਰਾਤਾ ॥

भरथ सहित सोभत सभ भ्राता ॥

bharath sahit sobhat sabh bhraataa ||

ਕਹਿ ਨ ਪਰਤ ਮੁਖ ਤੇ ਕਛੁ ਬਾਤਾ ॥

कहि न परत मुख ते कछु बाता ॥

keh na parat mukh te kachh baataa ||

ਮਾਤਨ ਮਨ ਸੁੰਦਰ ਸੁਤ ਮੋਹੈਂ ॥

मातन मन सुँदर सुत मोहैं ॥

maatan man su(n)dhar sut mohai(n) ||

ਜਨੁ ਦਿਤ ਗ੍ਰਹ ਰਵਿ ਸਸ ਦੋਊ ਸੋਹੈਂ ॥੧੬੫॥

जनु दित ग्रह रवि सस दोऊ सोहैं ॥१६५॥

jan dhit greh rav sas dhouoo sohai(n) ||165||


ਇਹ ਬਿਧ ਕੈ ਸਜ ਸੁੱਧ ਬਰਾਤਾ ॥

इह बिध कै सज सुद्ध बराता ॥

eeh bidh kai saj su'dh baraataa ||

ਕਛੁ ਨ ਪਰਤ ਕਹਿ ਤਿਨ ਕੀ ਬਾਤਾ ॥

कछु न परत कहि तिन की बाता ॥

kachh na parat keh tin kee baataa ||

ਬਾਢਤ ਕਹਤ ਗ੍ਰੰਥ ਬਾਤਨ ਕਰ ॥

बाढत कहत ग्रंथ बातन कर ॥

baaddat kahat gra(n)th baatan kar ||

ਬਿਦਾ ਹੋਨ ਸਿਸ ਚਲੇ ਤਾਤ ਘਰ ॥੧੬੬॥

बिदा होन सिस चले तात घर ॥१६६॥

bidhaa hon sis chale taat ghar ||166||


ਆਇ ਪਿਤਾ ਕਹੁ ਕੀਨ ਪ੍ਰਨਾਮਾ ॥

आइ पिता कहु कीन प्रनामा ॥

aai pitaa kahu keen pranaamaa ||

ਜੋਰਿ ਪਾਨ ਠਾਢੇ ਬਨਿ ਧਾਮਾ ॥

जोरि पान ठाढे बनि धामा ॥

jor paan Thaadde ban dhaamaa ||

ਨਿਰਖਿ ਪੁਤ੍ਰ ਆਨੰਦ ਮਨ ਭਰੇ ॥

निरखि पुत्र आनंद मन भरे ॥

nirakh putr aana(n)dh man bhare ||

ਦਾਨ ਬਹੁਤ ਬਿੱਪਨ ਕਹ ਕਰੇ ॥੧੬੭॥

दान बहुत बिप्पन कह करे ॥१६७॥

dhaan bahut bi'pan keh kare ||167||


ਤਾਤ ਮਾਤ ਲੈ ਕੰਠਿ ਲਗਾਏ ॥

तात मात लै कंठि लगाए ॥

taat maat lai ka(n)Th lagaae ||

ਜਨ ਦੁਇ ਰਤਨ ਨਿਰਧਨੀ ਪਾਏ ॥

जन दुइ रतन निरधनी पाए ॥

jan dhui ratan niradhanee paae ||

ਬਿਦਾ ਮਾਗ ਜਬ ਗਏ ਰਾਮ ਘਰ ॥

बिदा माग जब गए राम घर ॥

bidhaa maag jab ge raam ghar ||

ਸੀਸ ਰਹੇ ਧਰਿ ਚਰਨ ਕਮਲ ਪਰ ॥੧੬੮॥

सीस रहे धरि चरन कमल पर ॥१६८॥

sees rahe dhar charan kamal par ||168||


ਕਬਿੱਤ ॥

कबित्त ॥

kabi't ||

ਰਾਮ ਬਿਦਾ ਕਰੇ ਸਿਰ ਚੂਮਯੋ ਪਾਨ ਪੀਠ ਧਰੇ ਆਨੰਦ ਸੋ ਭਰੇ ਲੈ ਤੰਬੋਰ ਆਗੇ ਧਰੇ ਹੈਂ ॥

राम बिदा करे सिर चूमयो पान पीठ धरे आनंद सो भरे लै तंबोर आगे धरे हैं ॥

raam bidhaa kare sir choomayo paan peeTh dhare aana(n)dh so bhare lai ta(n)bor aage dhare hai(n) ||

ਦੁੰਦਭੀ ਬਜਾਇ ਤੀਨੋ ਭਾਈ ਯੌ ਚਲਤ ਭਏ ਮਾਨੋ ਸੂਰ ਚੰਦ ਕੋਟਿ ਆਨ ਅਵਤਰੇ ਹੈਂ ॥

दुँदभी बजाइ तीनो भाई यौ चलत भए मानो सूर चंद कोटि आन अवतरे हैं ॥

dhu(n)dhabhee bajai teeno bhaiee yau chalat bhe maano soor cha(n)dh koT aan avatare hai(n) ||

ਕੇਸਰ ਸੋ ਭੀਜੇ ਪਟ ਸੋਭਾ ਦੇਤ ਐਸੀ ਭਾਤ ਮਾਨੋ ਰੂਪ ਰਾਗ ਕੇ ਸੁਹਾਗ ਭਾਗ ਭਰੇ ਹੈਂ ॥

केसर सो भीजे पट सोभा देत ऐसी भात मानो रूप राग के सुहाग भाग भरे हैं ॥

kesar so bheeje paT sobhaa dhet aaisee bhaat maano roop raag ke suhaag bhaag bhare hai(n) ||

ਰਾਜਾ ਅਵਧੇਸ ਕੇ ਕੁਮਾਰ ਐਸੇ ਸੋਭਾ ਦੇਤ ਕਾਮਜੂ ਨੇ ਕੋਟਿਕ ਕਲਿਯੋਰਾ ਕੈਧੌ ਕਰੇ ਹੈਂ ॥੧੬੯॥

राजा अवधेस के कुमार ऐसे सोभा देत कामजू ने कोटिक कलियोरा कैधौ करे हैं ॥१६९॥

raajaa avadhes ke kumaar aaise sobhaa dhet kaamajoo ne koTik kaliyoraa kaidhau kare hai(n) ||169||


ਕਬਿੱਤ ॥

कबित्त ॥

kabi't ||

ਅਉਧ ਤੇ ਨਿਸਰ ਚਲੇ ਲੀਨੇ ਸੰਗਿ ਸੂਰ ਭਲੇ ਰਨ ਤੇ ਨ ਟਲੇ ਪਲੇ ਸੋਭਾ ਹੂੰ ਕੇ ਧਾਮ ਕੇ ॥

अउध ते निसर चले लीने संगि सूर भले रन ते न टले पले सोभा हूँ के धाम के ॥

aaudh te nisar chale leene sa(n)g soor bhale ran te na Tale pale sobhaa hoo(n) ke dhaam ke ||

ਸੁੰਦਰ ਕੁਮਾਰ ਉਰ ਹਾਰ ਸੋਭਤ ਅਪਾਰ ਤੀਨੋ ਲੋਗ ਮੱਧ ਕੀ ਮੁਹੱਯਾ ਸਭ ਬਾਮ ਕੇ ॥

सुँदर कुमार उर हार सोभत अपार तीनो लोग मद्ध की मुहय्या सभ बाम के ॥

su(n)dhar kumaar ur haar sobhat apaar teeno log ma'dh kee muha'yaa sabh baam ke ||

ਦੁਰਜਨ ਦਲੱਯਾ ਤੀਨੋ ਲੋਕ ਕੇ ਜਿਤੱਯਾ ਤੀਨੋ ਰਾਮ ਜੂ ਕੇ ਭੱਯਾ ਹੈਂ ਚਹੱਯਾ ਹਰ ਨਾਮ ਕੇ ॥

दुरजन दलय्या तीनो लोक के जितय्या तीनो राम जू के भय्या हैं चहय्या हर नाम के ॥

dhurajan dhala'yaa teeno lok ke jita'yaa teeno raam joo ke bha'yaa hai(n) chaha'yaa har naam ke ||

ਬੁੱਧ ਕੇ ਉਦਾਰ ਹੈਂ ਸਿੰਗਾਰ ਅਵਤਾਰ ਦਾਨ ਸੀਲ ਕੇ ਪਹਾਰ ਕੈ ਕੁਮਾਰ ਬਨੇ ਕਾਮ ਕੇ ॥੧੭੦॥

बुद्ध के उदार हैं सिंगार अवतार दान सील के पहार कै कुमार बने काम के ॥१७०॥

bu'dh ke udhaar hai(n) si(n)gaar avataar dhaan seel ke pahaar kai kumaar bane kaam ke ||170||


ਅਸ੍ਵ ਬਰਨਨੰ ॥

अस्व बरननं ॥

asavai baranana(n) ||


ਕਬਿੱਤੁ ॥

कबित्तु ॥

kabi't ||

ਨਾਗਰਾ ਕੇ ਨੈਨ ਹੈਂ ਕਿ ਚਾਤਰਾ ਕੇ ਬੈਨ ਹੈਂ ਬਘੂਲਾ ਮਾਨੋ ਗੈਨ ਕੈਸੇ ਤੈਸੇ ਥਹਰਤ ਹੈਂ ॥

नागरा के नैन हैं कि चातरा के बैन हैं बघूला मानो गैन कैसे तैसे थहरत हैं ॥

naagaraa ke nain hai(n) k chaataraa ke bain hai(n) baghoolaa maano gain kaise taise thaharat hai(n) ||

ਨ੍ਰਿਤਕਾ ਕੇ ਪਾਉ ਹੈਂ ਕਿ ਜੂਪ ਕੈਸੇ ਦਾਉ ਹੈਂ ਕਿ ਛਲ ਕੋ ਦਿਖਾਉ ਕੋਊ ਤੈਸੇ ਬਿਹਰਤ ਹੈਂ ॥

नृतका के पाउ हैं कि जूप कैसे दाउ हैं कि छल को दिखाउ कोऊ तैसे बिहरत हैं ॥

niratakaa ke paau hai(n) k joop kaise dhaau hai(n) k chhal ko dhikhaau kouoo taise biharat hai(n) ||

ਹਾਕੇ ਬਾਜ ਬੀਰ ਹੈਂ ਤੁਫੰਗ ਕੈਸੇ ਤੀਰ ਹੈਂ ਕਿ ਅੰਜਨੀ ਕੇ ਧੀਰ ਹੈਂ ਕਿ ਧੁਜਾ ਸੇ ਫਹਰਤ ਹੈਂ ॥

हाके बाज बीर हैं तुफंग कैसे तीर हैं कि अंजनी के धीर हैं कि धुजा से फहरत हैं ॥

haake baaj beer hai(n) tufa(n)g kaise teer hai(n) k a(n)janee ke dheer hai(n) k dhujaa se faharat hai(n) ||

ਲਹਰੈਂ ਅਨੰਗ ਕੀ ਤਰੰਗ ਜੈਸੇ ਗੰਗ ਕੀ ਅਨੰਗ ਕੈਸੇ ਅੰਗ ਜਯੋਂ ਨ ਕਹੂੰ ਠਹਰਤ ਹੈਂ ॥੧੭੧॥

लहरैं अनंग की तरंग जैसे गंग की अनंग कैसे अंग जयों न कहूँ ठहरत हैं ॥१७१॥

laharai(n) ana(n)g kee tara(n)g jaise ga(n)g kee ana(n)g kaise a(n)g jayo(n) na kahoo(n) Thaharat hai(n) ||171||


ਨਿਸਾ ਨਿਸਨਾਥਿ ਜਾਨੈ ਦਿਨ ਦਿਨਪਤਿ ਮਾਨੈ ਭਿੱਛਕਨ ਦਾਤਾ ਕੈ ਪ੍ਰਮਾਨੇ ਮਹਾ ਦਾਨ ਹੈਂ ॥

निसा निसनाथि जानै दिन दिनपति मानै भिच्छकन दाता कै प्रमाने महा दान हैं ॥

nisaa nisanaath jaanai dhin dhinapat maanai bhi'chhakan dhaataa kai pramaane mahaa dhaan hai(n) ||

ਅਉਖਧੀ ਕੇ ਰੋਗਨ ਅਨੰਤ ਰੂਪ ਜੋਗਨ ਸਮੀਪ ਕੈ ਬਿਯੋਗਨ ਮਹੇਸ ਮਹਾ ਮਾਨ ਹੈਂ ॥

अउखधी के रोगन अनंत रूप जोगन समीप कै बियोगन महेस महा मान हैं ॥

aaukhadhee ke rogan ana(n)t roop jogan sameep kai biyogan mahes mahaa maan hai(n) ||

ਸੱਤ੍ਰੈ ਖੱਗ ਖਯਾਤਾ ਸਿਸ ਰੂਪਨ ਕੇ ਮਾਤਾ ਮਹਾ ਗਯਾਨੀ ਗਯਾਨ ਗਯਾਤਾ ਕੈ ਬਿਧਾਤਾ ਕੈ ਸਮਾਨ ਹੈਂ ॥

सत्त्रै खग्ग खयाता सिस रूपन के माता महा गयानी गयान गयाता कै बिधाता कै समान हैं ॥

sa'trai kha'g khayaataa sis roopan ke maataa mahaa gayaanee gayaan gayaataa kai bidhaataa kai samaan hai(n) ||

ਗਨਨ ਗਨੇਸ ਮਾਨੈ ਸੁਰਨ ਸੁਰੇਸ ਜਾਨੈ ਜੈਸੇ ਪੇਖੈ ਤੈਸੇ ਈ ਲਖੇ ਬਿਰਾਜਮਾਨ ਹੈਂ ॥੧੭੨॥

गनन गनेस मानै सुरन सुरेस जानै जैसे पेखै तैसे ई लखे बिराजमान हैं ॥१७२॥

ganan ganes maanai suran sures jaanai jaise pekhai taise iee lakhe biraajamaan hai(n) ||172||


ਸੁਧਾ ਸੌ ਸੁਧਾਰੇ ਰੂਪ ਸੋਭਤ ਉਜਿਯਾਰੇ ਕਿਧੌ ਸਾਚੇ ਬੀਚ ਢਾਰੇ ਮਹਾ ਸੋਭਾ ਕੈ ਸੁਧਾਰ ਕੈ ॥

सुधा सौ सुधारे रूप सोभत उजियारे किधौ साचे बीच ढारे महा सोभा कै सुधार कै ॥

sudhaa sau sudhaare roop sobhat ujiyaare kidhau saache beech ddaare mahaa sobhaa kai sudhaar kai ||

ਕਿਧੌ ਮਹਾ ਮੋਹਨੀ ਕੇ ਮੋਹਬੇ ਨਮਿੱਤ ਬੀਰ ਬਿਧਨਾ ਬਨਾਏ ਮਹਾ ਬਿਧ ਸੋ ਬਿਚਾਰ ਕੈ ॥

किधौ महा मोहनी के मोहबे नमित्त बीर बिधना बनाए महा बिध सो बिचार कै ॥

kidhau mahaa mohanee ke mohabe nami't beer bidhanaa banaae mahaa bidh so bichaar kai ||

ਕਿਧੌ ਦੇਵ ਦੈਤਨ ਬਿਬਾਦ ਛਾਡ ਬਡੇ ਚਿਰ ਮਥ ਕੈ ਸਮੁੰਦ੍ਰ ਛੀਰ ਲੀਨੇ ਹੈ ਨਿਕਾਰ ਕੈ ॥

किधौ देव दैतन बिबाद छाड बडे चिर मथ कै समुँद्र छीर लीने है निकार कै ॥

kidhau dhev dhaitan bibaadh chhaadd badde chir math kai samu(n)dhr chheer leene hai nikaar kai ||

ਕਿਧੌ ਬਿਸ੍ਵਨਾਥ ਜੂ ਬਨਾਏ ਨਿਜ ਪੇਖਬੇ ਕਉ ਅਉਰ ਨ ਸਕਤ ਐਸੀ ਸੂਰਤੈ ਸੁਧਾਰ ਕੈ ॥੧੭੩॥

किधौ बिस्वनाथ जू बनाए निज पेखबे कउ अउर न सकत ऐसी सूरतै सुधार कै ॥१७३॥

kidhau bisavainaath joo banaae nij pekhabe kau aaur na sakat aaisee sooratai sudhaar kai ||173||


ਸੀਮ ਤਜਿ ਆਪਨੀ ਬਿਰਾਨੇ ਦੇਸ ਲਾਘ ਲਾਘ ਰਾਜਾ ਮਿਥਲੇਸ ਕੇ ਪਹੂਚੇ ਦੇਸ ਆਨ ਕੈ ॥

सीम तजि आपनी बिराने देस लाघ लाघ राजा मिथलेस के पहूचे देस आन कै ॥

seem taj aapanee biraane dhes laagh laagh raajaa mithales ke pahooche dhes aan kai ||

ਤੁਰਹੀ ਅਨੰਤ ਬਾਜੈ ਦੁੰਦਭੀ ਅਪਾਰ ਗਾਜੈ ਭਾਤਿ ਭਾਤਿ ਬਾਜਨ ਬਜਾਏ ਜੋਰ ਜਾਨ ਕੈ ॥

तुरही अनंत बाजै दुँदभी अपार गाजै भाति भाति बाजन बजाए जोर जान कै ॥

turahee ana(n)t baajai dhu(n)dhabhee apaar gaajai bhaat bhaat baajan bajaae jor jaan kai ||

ਆਗੈ ਆਨਿ ਤੀਨੈ ਨ੍ਰਿਪ ਕੰਠ ਲਾਇ ਲੀਨੇ ਰੀਤ ਰੂੜ ਸਭੈ ਕੀਨੇ ਬੈਠੇ ਬੇਦ ਕੈ ਬਿਧਾਨ ਕੈ ॥

आगै आनि तीनै नृप कंठ लाइ लीने रीत रूड़ सभै कीने बैठे बेद कै बिधान कै ॥

aagai aan teenai nirap ka(n)Th lai leene reet rooR sabhai keene baiThe bedh kai bidhaan kai ||

ਬਰਿਖਯੋ ਧਨ ਕੀ ਧਾਰ ਪਾਇਯਤ ਨ ਪਾਰਾਵਾਰ ਭਿੱਛਕ ਭਏ ਨ੍ਰਿਪਾਰ ਐਸੇ ਪਾਇ ਦਾਨ ਕੈ ॥੧੭੪॥

बरिखयो धन की धार पाइयत न पारावार भिच्छक भए नृपार ऐसे पाइ दान कै ॥१७४॥

barikhayo dhan kee dhaar paiyat na paaraavaar bhi'chhak bhe nirapaar aaise pai dhaan kai ||174||


ਬਾਨੇ ਫਹਰਾਨੇ ਘਹਰਾਨੇ ਦੁੰਦਭ ਅਰਰਾਨੇ ਜਨਕ ਪੁਰੀ ਕੌ ਨੀਅਰਾਨੇ ਬੀਰ ਜਾਇ ਕੈ ॥

बाने फहराने घहराने दुँदभ अरराने जनक पुरी कौ नीअराने बीर जाइ कै ॥

baane faharaane ghaharaane dhu(n)dhabh araraane janak puree kau neearaane beer jai kai ||

ਕਹੂੰ ਚਉਰ ਢਾਰੈ ਕਹੂੰ ਚਾਰਣ ਉਚਾਰੈ ਕਹੂੰ ਭਾਟ ਜੁ ਪੁਕਾਰੈ ਛੰਦ ਸੁੰਦਰ ਬਨਾਇ ਕੈ ॥

कहूँ चउर ढारै कहूँ चारण उचारै कहूँ भाट जु पुकारै छंद सुँदर बनाइ कै ॥

kahoo(n) chaur ddaarai kahoo(n) chaaran uchaarai kahoo(n) bhaaT ju pukaarai chha(n)dh su(n)dhar banai kai ||

ਕਹੂੰ ਬੀਨ ਬਾਜੈ ਕੋਊ ਬਾਸੁਰੀ ਮ੍ਰਿਦੰਗ ਸਾਜੈ ਦੇਖੇ ਕਾਮ ਲਾਜੈ ਰਹੇ ਭਿੱਛਕ ਅਘਾਇ ਕੈ ॥

कहूँ बीन बाजै कोऊ बासुरी मृदंग साजै देखे काम लाजै रहे भिच्छक अघाइ कै ॥

kahoo(n) been baajai kouoo baasuree miradha(n)g saajai dhekhe kaam laajai rahe bhi'chhak aghai kai ||

ਰੰਕ ਤੇ ਸੁ ਰਾਜਾ ਭਏ ਆਸਿਖ ਅਸੇਖ ਦਏ ਮਾਗਤ ਨ ਭਏ ਫੇਰ ਐਸੋ ਦਾਨ ਪਾਇ ਕੈ ॥੧੭੫॥

रंक ते सु राजा भए आसिख असेख दए मागत न भए फेर ऐसो दान पाइ कै ॥१७५॥

ra(n)k te su raajaa bhe aasikh asekh dhe maagat na bhe fer aaiso dhaan pai kai ||175||


ਆਨ ਕੈ ਜਨਕ ਲੀਨੋ ਕੰਠ ਸੋ ਲਗਾਇ ਤਿਹੂੰ ਆਦਰ ਦੁਰੰਤ ਕੈ ਅਨੰਤ ਭਾਤਿ ਲਏ ਹੈਂ ॥

आन कै जनक लीनो कंठ सो लगाइ तिहूँ आदर दुरंत कै अनंत भाति लए हैं ॥

aan kai janak leeno ka(n)Th so lagai tihoo(n) aadhar dhura(n)t kai ana(n)t bhaat le hai(n) ||

ਬੇਦ ਕੇ ਬਿਧਾਨ ਕੈ ਕੈ ਬਯਾਸ ਤੇ ਬਧਾਈ ਬੇਦ ਏਕ ਏਕ ਬਿਪ੍ਰ ਕਉ ਬਿਸੇਖ ਸ੍ਵਰਨ ਦਏ ਹੈਂ ॥

बेद के बिधान कै कै बयास ते बधाई बेद एक एक बिप्र कउ बिसेख स्वरन दए हैं ॥

bedh ke bidhaan kai kai bayaas te badhaiee bedh ek ek bipr kau bisekh savairan dhe hai(n) ||

ਰਾਜਕੁਆਰ ਸਭੈ ਪਹਿਰਾਇ ਸਿਰਪਾਇਨ ਤੇ ਮੋਤੀਮਾਨ ਕਰਕੇ ਬਰਖ ਮੇਘ ਗਏ ਹੈਂ ॥

राजकुआर सभै पहिराइ सिरपाइन ते मोतीमान करके बरख मेघ गए हैं ॥

raajakuaar sabhai pahirai sirapain te moteemaan karake barakh megh ge hai(n) ||

ਦੰਤੀ ਸ੍ਵੇਤ ਦੀਨੇ ਕੇਤੇ ਸਿੰਧਲੀ ਤੁਰੇ ਨਵੀਨੇ ਰਾਜਾ ਕੇ ਕੁਮਾਰ ਤੀਨੋ ਬਯਾਹ ਕੈ ਪਠਏ ਹੈਂ ॥੧੭੬॥

दंती स्वेत दीने केते सिंधली तुरे नवीने राजा के कुमार तीनो बयाह कै पठए हैं ॥१७६॥

dha(n)tee savaiet dheene kete si(n)dhalee ture naveene raajaa ke kumaar teeno bayaeh kai paThe hai(n) ||176||


ਦੋਧਕ ਛੰਦ ॥

दोधक छंद ॥

dhodhak chha(n)dh ||


ਬਿਯਾਹ ਸੁਤਾ ਨ੍ਰਿਪ ਕੀ ਨ੍ਰਿਪਬਾਲੰ ॥

बियाह सुता नृप की नृपबालं ॥

biyaeh sutaa nirap kee nirapabaala(n) ||

ਮਾਗ ਬਿਦਾ ਮੁਖਿ ਲੀਨ ਉਤਾਲੰ ॥

माग बिदा मुखि लीन उतालं ॥

maag bidhaa mukh leen utaala(n) ||

ਸਾਜਨ ਬਾਜ ਚਲੇ ਗਜ ਸੰਜੁਤ ॥

साजन बाज चले गज संजुत ॥

saajan baaj chale gaj sa(n)jut ||

ਏਸਨਏਸ ਨਰੇਸਨ ਕੇ ਜੁਤ ॥੧੭੭॥

एसनएस नरेसन के जुत ॥१७७॥

esanes naresan ke jut ||177||


ਦਾਜ ਸੁਮਾਰ ਸਕੈ ਕਰ ਕਉਨੈ ॥

दाज सुमार सकै कर कउनै ॥

dhaaj sumaar sakai kar kaunai ||

ਬੀਨ ਸਕੈ ਬਿਧਨਾ ਨਹੀ ਤਉਨੈ ॥

बीन सकै बिधना नही तउनै ॥

been sakai bidhanaa nahee taunai ||

ਬੇਸਨ ਬੇਸਨ ਬਾਜ ਮਹਾ ਮਤ ॥

बेसन बेसन बाज महा मत ॥

besan besan baaj mahaa mat ||

ਭੇਸਨ ਭੇਸ ਚਲੇ ਗਜ ਗੱਜਤ ॥੧੭੮॥

भेसन भेस चले गज गज्जत ॥१७८॥

bhesan bhes chale gaj ga'jat ||178||


ਬਾਜਤ ਨਾਦ ਨਫੀਰਨ ਕੇ ਗਨ ॥

बाजत नाद नफीरन के गन ॥

baajat naadh nafeeran ke gan ||

ਗਾਜਤ ਸੂਰ ਪ੍ਰਮਾਥ ਮਹਾ ਮਨ ॥

गाजत सूर प्रमाथ महा मन ॥

gaajat soor pramaath mahaa man ||

ਅਉਧ ਪੁਰੀ ਨੀਅਰਾਨ ਰਹੀ ਜਬ ॥

अउध पुरी नीअरान रही जब ॥

aaudh puree neearaan rahee jab ||

ਪ੍ਰਾਪਤ ਭਏ ਰਘੁਨੰਦ ਤਹੀ ਤਬ ॥੧੭੯॥

प्रापत भए रघुनंद तही तब ॥१७९॥

praapat bhe raghuna(n)dh tahee tab ||179||


ਮਾਤਨ ਵਾਰਿ ਪੀਯੋ ਜਲ ਪਾਨੰ ॥

मातन वारि पीयो जल पानं ॥

maatan vaar peeyo jal paana(n) ||

ਦੇਖ ਨਰੇਸ ਰਹੇ ਛਬਿ ਮਾਨੰ ॥

देख नरेस रहे छबि मानं ॥

dhekh nares rahe chhab maana(n) ||

ਭੂਪ ਬਿਲੋਕਤ ਲਾਇ ਲਏ ਉਰ ॥

भूप बिलोकत लाइ लए उर ॥

bhoop bilokat lai le ur ||

ਨਾਚਤ ਗਾਵਤ ਗੀਤ ਭਏ ਪੁਰਿ ॥੧੮੦॥

नाचत गावत गीत भए पुरि ॥१८०॥

naachat gaavat geet bhe pur ||180||


ਭੂਪਜ ਬਯਾਹ ਜਬੈ ਗ੍ਰਹ ਆਏ ॥

भूपज बयाह जबै ग्रह आए ॥

bhoopaj bayaeh jabai greh aae ||

ਬਾਜਤ ਭਾਤਿ ਅਨੇਕ ਬਧਾਏ ॥

बाजत भाति अनेक बधाए ॥

baajat bhaat anek badhaae ||

ਤਾਤ ਬਸਿਸਟ ਸੁਮਿਤ੍ਰ ਬੁਲਾਏ ॥

तात बसिसट सुमित्र बुलाए ॥

taat basisaT sumitr bulaae ||

ਅਉਰ ਅਨੇਕ ਤਹਾ ਰਿਖਿ ਆਏ ॥੧੮੧॥

अउर अनेक तहा रिखि आए ॥१८१॥

aaur anek tahaa rikh aae ||181||


ਘੋਰ ਉਠੀ ਘਹਰਾਇ ਘਟਾ ਤਬ ॥

घोर उठी घहराइ घटा तब ॥

ghor uThee ghaharai ghaTaa tab ||

ਚਾਰੋ ਦਿਸ ਦਿਗ ਦਾਹ ਲਖਿਯੋ ਸਭ ॥

चारो दिस दिग दाह लखियो सभ ॥

chaaro dhis dhig dhaeh lakhiyo sabh ||

ਮੰਤ੍ਰੀ ਮਿਤ੍ਰ ਸਭੈ ਅਕੁਲਾਨੇ ॥

मंत्री मित्र सभै अकुलाने ॥

ma(n)tree mitr sabhai akulaane ||

ਭੂਪਤਿ ਸੋ ਇਹ ਭਾਤ ਬਖਾਨੇ ॥੧੮੨॥

भूपति सो इह भात बखाने ॥१८२॥

bhoopat so ieh bhaat bakhaane ||182||


ਹੋਤ ਉਤਪਾਤ ਬਡੇ ਸੁਣ ਰਾਜਨ ॥

होत उतपात बडे सुण राजन ॥

hot utapaat badde sun raajan ||

ਮੰਤ੍ਰ ਕਰੋ ਰਿਖ ਜੋਰ ਸਮਾਜਨ ॥

मंत्र करो रिख जोर समाजन ॥

ma(n)tr karo rikh jor samaajan ||

ਬੋਲਹੁ ਬਿੱਪ ਬਿਲੰਬ ਨ ਕੀਜੈ ॥

बोलहु बिप्प बिलंब न कीजै ॥

bolahu bi'p bila(n)b na keejai ||

ਹੈ ਕ੍ਰਿਤ ਜੱਗ ਅਰੰਭਨ ਕੀਜੈ ॥੧੮੩॥

है कृत जग्ग अरंभन कीजै ॥१८३॥

hai kirat ja'g ara(n)bhan keejai ||183||


ਆਇਸ ਰਾਜ ਦਯੋ ਤਤਕਾਲਹ ॥

आइस राज दयो ततकालह ॥

aais raaj dhayo tatakaaleh ||

ਮੰਤ੍ਰ ਸੁ ਮਿੱਤ੍ਰਹ ਬੁੱਧ ਬਿਸਾਲਹ ॥

मंत्र सु मित्त्रह बुद्ध बिसालह ॥

ma(n)tr su mi'treh bu'dh bisaaleh ||

ਹੈ ਕ੍ਰਿਤ ਜੱਗ ਅਰੰਭਨ ਕੀਜੈ ॥

है कृत जग्ग अरंभन कीजै ॥

hai kirat ja'g ara(n)bhan keejai ||

ਆਇਸ ਬੇਗ ਨਰੇਸ ਕਰੀਜੈ ॥੧੮੪॥

आइस बेग नरेस करीजै ॥१८४॥

aais beg nares kareejai ||184||


ਬੋਲਿ ਬਡੇ ਰਿਖ ਲੀਨ ਮਹਾ ਦਿਜ ॥

बोलि बडे रिख लीन महा दिज ॥

bol badde rikh leen mahaa dhij ||

ਹੈ ਤਿਨ ਬੋਲ ਲਯੋ ਜੁਤ ਰਿਤਜ ॥

है तिन बोल लयो जुत रितज ॥

hai tin bol layo jut ritaj ||

ਪਾਵਕ ਕੁੰਡ ਖੁਦਿਯੋ ਤਿਹ ਅਉਸਰ ॥

पावक कुँड खुदियो तिह अउसर ॥

paavak ku(n)dd khudhiyo teh aausar ||

ਗਾਡਿਯ ਖੰਭ ਤਹਾ ਧਰਮੰ ਧਰ ॥੧੮੫॥

गाडिय खंभ तहा धरमं धर ॥१८५॥

gaaddiy kha(n)bh tahaa dharama(n) dhar ||185||


ਛੋਰਿ ਲਯੋ ਹਯਸਾਰਹ ਤੇ ਹਯ ॥

छोरि लयो हयसारह ते हय ॥

chhor layo hayasaareh te hay ||

ਅਸਿਤ ਕਰਨ ਪ੍ਰਭਾਸਤ ਕੇਕਯ ॥

असित करन प्रभासत केकय ॥

asit karan prabhaasat kekay ||

ਦੇਸਨ ਦੇਸ ਨਰੇਸ ਦਏ ਸੰਗਿ ॥

देसन देस नरेस दए संगि ॥

dhesan dhes nares dhe sa(n)g ||

ਸੁੰਦਰ ਸੂਰ ਸੁਰੰਗ ਸੁਭੈ ਅੰਗ ॥੧੮੬॥

सुँदर सूर सुरंग सुभै अंग ॥१८६॥

su(n)dhar soor sura(n)g subhai a(n)g ||186||


ਸਮਾਨਕਾ ਛੰਦ ॥

समानका छंद ॥

samaanakaa chha(n)dh ||


ਨਰੇਸ ਸੰਗਿ ਕੈ ਦਏ ॥

नरेस संगि कै दए ॥

nares sa(n)g kai dhe ||

ਪ੍ਰਬੀਨ ਬੀਨ ਕੈ ਲਏ ॥

प्रबीन बीन कै लए ॥

prabeen been kai le ||

ਸਨੱਧਬੱਧ ਹੁਇ ਚਲੇ ॥

सनद्धबद्ध हुइ चले ॥

sana'dhaba'dh hui chale ||

ਸੁ ਬੀਰ ਬੀਰ ਹਾ ਭਲੇ ॥੧੮੭॥

सु बीर बीर हा भले ॥१८७॥

s beer beer haa bhale ||187||


ਬਿਦੇਸ ਦੇਸ ਗਾਹ ਕੈ ॥

बिदेस देस गाह कै ॥

bidhes dhes gaeh kai ||

ਅਦਾਹ ਠਉਰ ਦਾਹ ਕੈ ॥

अदाह ठउर दाह कै ॥

adhaeh Thaur dhaeh kai ||

ਫਿਰਾਇ ਬਾਜ ਰਾਜ ਕੱਉ ॥

फिराइ बाज राज कउ्उ ॥

firai baaj raaj ka'au ||

ਸੁਧਾਰ ਰਾਜ ਕਾਜ ਕੱਉ ॥੧੮੮॥

सुधार राज काज कउ्उ ॥१८८॥

sudhaar raaj kaaj ka'au ||188||


ਨਰੇਸ ਪਾਇ ਲਾਗੀਯੰ ॥

नरेस पाइ लागीयं ॥

nares pai laageeya(n) ||

ਦੁਰੰਤ ਦੋਖ ਭਾਗੀਯੰ ॥

दुरंत दोख भागीयं ॥

dhura(n)t dhokh bhaageeya(n) ||

ਸੁ ਪੂਰ ਜੱਗ ਕੋ ਕਰਯੋ ॥

सु पूर जग्ग को करयो ॥

s poor ja'g ko karayo ||

ਨਰੇਸ ਤ੍ਰਾਸ ਕਉ ਹਰਿਯੋ ॥੧੮੯॥

नरेस त्रास कउ हरियो ॥१८९॥

nares traas kau hariyo ||189||


ਅਨੰਤ ਦਾਨ ਪਾਇ ਕੈ ॥

अनंत दान पाइ कै ॥

ana(n)t dhaan pai kai ||

ਚਲੇ ਦਿਜੰ ਅਘਾਇ ਕੈ ॥

चले दिजं अघाइ कै ॥

chale dhija(n) aghai kai ||

ਦੁਰੰਤ ਆਸਿਖੈਂ ਰੜੈਂ ॥

दुरंत आसिखैं रड़ैं ॥

dhura(n)t aasikhai(n) raRai(n) ||

ਰਿਚਾ ਸੁ ਬੇਦ ਕੀ ਪੜੈਂ ॥੧੯੦॥

रिचा सु बेद की पड़ैं ॥१९०॥

richaa su bedh kee paRai(n) ||190||


ਨਰੇਸ ਦੇਸ ਦੇਸ ਕੇ ॥

नरेस देस देस के ॥

nares dhes dhes ke ||

ਸੁਭੰਤ ਬੇਸ ਬੇਸ ਕੇ ॥

सुभंत बेस बेस के ॥

subha(n)t bes bes ke ||

ਬਿਸੇਖ ਸੂਰ ਸੋਭਹੀਂ ॥

बिसेख सूर सोभहीं ॥

bisekh soor sobhahee(n) ||

ਸੁਸੀਲ ਨਾਰਿ ਲੋਭਹੀਂ ॥੧੯੧॥

सुसील नारि लोभहीं ॥१९१॥

suseel naar lobhahee(n) ||191||


ਬਜੰਤ੍ਰ ਕੋਟ ਬਾਜਹੀਂ ॥

बजंत्र कोट बाजहीं ॥

baja(n)tr koT baajahee(n) ||

ਸਨਾਇ ਭੇਰ ਸਾਜਹੀਂ ॥

सनाइ भेर साजहीं ॥

sanai bher saajahee(n) ||

ਬਨਾਇ ਦੇਵਤਾ ਧਰੈਂ ॥

बनाइ देवता धरैं ॥

banai dhevataa dharai(n) ||

ਸਮਾਨ ਜਾਇ ਪਾ ਪਰੈਂ ॥੧੯੨॥

समान जाइ पा परैं ॥१९२॥

samaan jai paa parai(n) ||192||


ਕਰੈ ਡੰਡਉਤ ਪਾ ਪਰੈਂ ॥

करै डंडउत पा परैं ॥

karai dda(n)ddaut paa parai(n) ||

ਬਿਸੇਖ ਭਾਵਨਾ ਧਰੈਂ ॥

बिसेख भावना धरैं ॥

bisekh bhaavanaa dharai(n) ||

ਸੁ ਮੰਤ੍ਰ ਜੰਤ੍ਰ ਜਾਪੀਐ ॥

सु मंत्र जंत्र जापीऐ ॥

s ma(n)tr ja(n)tr jaapeeaai ||

ਦੁਰੰਤ ਥਾਪ ਥਾਪੀਐ ॥੧੯੩॥

दुरंत थाप थापीऐ ॥१९३॥

dhura(n)t thaap thaapeeaai ||193||


ਨਚਾਤ ਚਾਰੁ ਮੰਗਨਾ ॥

नचात चारु मंगना ॥

nachaat chaar ma(n)ganaa ||

ਸੁ ਜਾਨ ਦੇਵ ਅੰਗਨਾ ॥

सु जान देव अंगना ॥

s jaan dhev a(n)ganaa ||

ਕਮੀ ਨ ਕਉਨ ਕਾਜ ਕੀ ॥

कमी न कउन काज की ॥

kamee na kaun kaaj kee ||

ਪ੍ਰਭਾਵ ਰਾਮਰਾਜ ਕੀ ॥੧੯੪॥

प्रभाव रामराज की ॥१९४॥

prabhaav raamaraaj kee ||194||


ਸਾਰਸੁਤੀ ਛੰਦ ॥

सारसुती छंद ॥

saarasutee chha(n)dh ||


ਦੇਸ ਦੇਸਨ ਕੀ ਕ੍ਰਿਆ ਸਿਖਵੰਤ ਹੈਂ ਦਿਜ ਏਕ ॥

देस देसन की कृआ सिखवंत हैं दिज एक ॥

dhes dhesan kee kriaa sikhava(n)t hai(n) dhij ek ||

ਬਾਨ ਅਉਰ ਕਮਾਨ ਕੀ ਬਿਧ ਦੇਤ ਆਨਿ ਅਨੇਕ ॥

बान अउर कमान की बिध देत आनि अनेक ॥

baan aaur kamaan kee bidh dhet aan anek ||

ਭਾਤ ਭਾਤਨ ਸੋਂ ਪੜਾਵਤ ਬਾਰ ਨਾਰਿ ਸਿੰਗਾਰ ॥

भात भातन सों पड़ावत बार नारि सिंगार ॥

bhaat bhaatan so(n) paRaavat baar naar si(n)gaar ||

ਕੋਕ ਕਾਬਯ ਪੜੈ ਕਹੂੰ ਬਯਾਕਰਨ ਬੇਦ ਬਿਚਾਰ ॥੧੯੫॥

कोक काबय पड़ै कहूँ बयाकरन बेद बिचार ॥१९५॥

kok kaabay paRai kahoo(n) bayaakaran bedh bichaar ||195||


ਰਾਮ ਪਰਮ ਪਵਿਤ੍ਰ ਹੈ ਰਘੁਬੰਸ ਕੇ ਅਵਤਾਰ ॥

राम परम पवित्र है रघुबंस के अवतार ॥

raam param pavitr hai raghuba(n)s ke avataar ||

ਦੁਸਟ ਦੈਤਨ ਕੇ ਸੰਘਾਰਕ ਸੰਤ ਪ੍ਰਾਨ ਅਧਾਰ ॥

दुसट दैतन के संघारक संत प्रान अधार ॥

dhusaT dhaitan ke sa(n)ghaarak sa(n)t praan adhaar ||

ਦੇਸਿ ਦੇਸਿ ਨਰੇਸ ਜੀਤ ਅਸੇਸ ਕੀਨ ਗੁਲਾਮ ॥

देसि देसि नरेस जीत असेस कीन गुलाम ॥

dhes dhes nares jeet ases keen gulaam ||

ਜੱਤ੍ਰ ਤੱਤ੍ਰ ਧੁਜਾ ਬਧੀ ਜੈ ਪੱਤ੍ਰ ਕੀ ਸਭ ਧਾਮ ॥੧੯੬॥

जत्त्र तत्त्र धुजा बधी जै पत्त्र की सभ धाम ॥१९६॥

ja'tr ta'tr dhujaa badhee jai pa'tr kee sabh dhaam ||196||


ਬਾਟਿ ਤੀਨ ਦਿਸਾ ਤਿਹੂੰ ਸੁਤ ਰਾਜਧਾਨੀ ਰਾਮ ॥

बाटि तीन दिसा तिहूँ सुत राजधानी राम ॥

baaT teen dhisaa tihoo(n) sut raajadhaanee raam ||

ਬੋਲ ਰਾਜ ਬਿਸਿਸਟ ਕੀਨ ਬਿਚਾਰ ਕੇਤਕ ਜਾਮ ॥

बोल राज बिसिसट कीन बिचार केतक जाम ॥

bol raaj bisisaT keen bichaar ketak jaam ||

ਸਾਜ ਰਾਘਵ ਰਾਜ ਕੇ ਘਟ ਪੂਰਿ ਰਾਖਸਿ ਏਕ ॥

साज राघव राज के घट पूरि राखसि एक ॥

saaj raaghav raaj ke ghaT poor raakhas ek ||

ਆਂਬ੍ਰ ਮਉਲਨ ਦੀਸੁ ਉਦਕੰ ਅਉਰ ਪੁਹਪ ਅਨੇਕ ॥੧੯੭॥

आँब्र मउलन दीसु उदकं अउर पुहप अनेक ॥१९७॥

aa(n)br maulan dhees udhaka(n) aaur puhap anek ||197||


ਥਾਰ ਚਾਰ ਅਪਾਰ ਕੁੰਕਮ ਚੰਦਨਾਦਿ ਅਨੰਤ ॥

थार चार अपार कुँकम चंदनादि अनंत ॥

thaar chaar apaar ku(n)kam cha(n)dhanaadh ana(n)t ||

ਰਾਜ ਸਾਜ ਧਰੇ ਸਭੈ ਤਹ ਆਨ ਆਨ ਦੁਰੰਤ ॥

राज साज धरे सभै तह आन आन दुरंत ॥

raaj saaj dhare sabhai teh aan aan dhura(n)t ||

ਮੰਥਰਾ ਇਕ ਗਾਧ੍ਰਬੀ ਬ੍ਰਹਮਾ ਪਠੀ ਤਿਹ ਕਾਲ ॥

मंथरा इक गाध्रबी ब्रहमा पठी तिह काल ॥

ma(n)tharaa ik gaadhrabee brahamaa paThee teh kaal ||

ਬਾਜ ਸਾਜ ਸਣੈ ਚੜੀ ਸਭ ਸੁਭ੍ਰ ਧਉਲ ਉਤਾਲ ॥੧੯੮॥

बाज साज सणै चड़ी सभ सुभ्र धउल उताल ॥१९८॥

baaj saaj sanai chaRee sabh subhr dhaul utaal ||198||


ਬੇਣ ਬੀਣ ਮ੍ਰਦੰਗ ਬਾਦ ਸੁਣੇ ਰਹੀ ਚਕ ਬਾਲ ॥

बेण बीण म्रदंग बाद सुणे रही चक बाल ॥

ben been mradha(n)g baadh sune rahee chak baal ||

ਰਾਮਰਾਜ ਉਠੀ ਜਯਤ ਧੁਨਿ ਭੂਮਿ ਭੂਰ ਬਿਸਾਲ ॥

रामराज उठी जयत धुनि भूमि भूर बिसाल ॥

raamaraaj uThee jayat dhun bhoom bhoor bisaal ||

ਜਾਤ ਹੀ ਸੰਗਿ ਕੇਕਈ ਇਹ ਭਾਤਿ ਬੋਲੀ ਬਾਤਿ ॥

जात ही संगि केकई इह भाति बोली बाति ॥

jaat hee sa(n)g kekiee ieh bhaat bolee baat ||

ਹਾਥ ਬਾਤ ਛੁਟੀ ਚਲੀ ਬਰ ਮਾਗ ਹੈਂ ਕਿਹ ਰਾਤਿ ॥੧੯੯॥

हाथ बात छुटी चली बर माग हैं किह राति ॥१९९॥

haath baat chhuTee chalee bar maag hai(n) keh raat ||199||


ਕੇਕਈ ਇਮ ਜਉ ਸੁਨੀ ਭਈ ਦੁੱਖਤਾ ਸਰਬੰਗ ॥

केकई इम जउ सुनी भई दुक्खता सरबंग ॥

kekiee im jau sunee bhiee dhu'khataa saraba(n)g ||

ਝੂਮ ਭੂਮ ਗਿਰੀ ਮ੍ਰਿਗੀ ਜਿਮ ਲਾਗ ਬਣ ਸੁਰੰਗ ॥

झूम भूम गिरी मृगी जिम लाग बण सुरंग ॥

jhoom bhoom giree miragee jim laag ban sura(n)g ||

ਜਾਤ ਹੀ ਅਵਧੇਸ ਕੱਉ ਇਹ ਭਾਤਿ ਬੋਲੀ ਬੈਨ ॥

जात ही अवधेस कउ्उ इह भाति बोली बैन ॥

jaat hee avadhes ka'au ieh bhaat bolee bain ||

ਦੀਜੀਏ ਬਰ ਭੂਪ ਮੋ ਕਉ ਜੋ ਕਹੇ ਦੁਇ ਦੈਨ ॥੨੦੦॥

दीजीए बर भूप मो कउ जो कहे दुइ दैन ॥२००॥

dheeje'ee bar bhoop mo kau jo kahe dhui dhain ||200||


ਰਾਮ ਕੋ ਬਨ ਦੀਜੀਐ ਮਮ ਪੂਤ ਕਉ ਨਿਜ ਰਾਜ ॥

राम को बन दीजीऐ मम पूत कउ निज राज ॥

raam ko ban dheejeeaai mam poot kau nij raaj ||

ਰਾਜ ਸਾਜ ਸੁ ਸੰਪਦਾ ਦੋਊ ਚਉਰ ਛੱਤ੍ਰ ਸਮਾਜ ॥

राज साज सु संपदा दोऊ चउर छत्त्र समाज ॥

raaj saaj su sa(n)padhaa dhouoo chaur chha'tr samaaj ||

ਦੇਸ ਅਉਰਿ ਬਿਦੇਸ ਕੀ ਠਕੁਰਾਇ ਦੈ ਸਭ ਮੋਹਿ ॥

देस अउरि बिदेस की ठकुराइ दै सभ मोहि ॥

dhes aaur bidhes kee Thakurai dhai sabh moh ||

ਸੱਤ ਸੀਲ ਸਤੀ ਜਤ ਬ੍ਰਤ ਤਉ ਪਛਾਨੋ ਤੋਹਿ ॥੨੦੧॥

सत्त सील सती जत ब्रत तउ पछानो तोहि ॥२०१॥

sa't seel satee jat brat tau pachhaano toh ||201||


ਪਾਪਨੀ ਬਨ ਰਾਮ ਕੋ ਪੈ ਹੈਂ ਕਹਾ ਜਸ ਕਾਢ ॥

पापनी बन राम को पै हैं कहा जस काढ ॥

paapanee ban raam ko pai hai(n) kahaa jas kaadd ||

ਭਸਮ ਆਨਨ ਤੇ ਗਈ ਕਹਿ ਕੈ ਸਕੇ ਅਸਿ ਬਾਢ ॥

भसम आनन ते गई कहि कै सके असि बाढ ॥

bhasam aanan te giee keh kai sake as baadd ||

ਕੋਪ ਭੂਪ ਕੁਅੰਡ ਲੈ ਤੁਹਿ ਕਾਟੀਐ ਇਹ ਕਾਲ ॥

कोप भूप कुअंड लै तुहि काटीऐ इह काल ॥

kop bhoop kua(n)dd lai tuh kaaTeeaai ieh kaal ||

ਨਾਸ ਤੋਰਨ ਕੀਜੀਐ ਤਕ ਛਾਡੀਐ ਤੁਹਿ ਬਾਲ ॥੨੦੨॥

नास तोरन कीजीऐ तक छाडीऐ तुहि बाल ॥२०२॥

naas toran keejeeaai tak chhaaddeeaai tuh baal ||202||


ਨਗ ਸਰੂਪੀ ਛੰਦ ॥

नग सरूपी छंद ॥

nag saroopee chha(n)dh ||


ਨਰ ਦੇਵ ਦੇਵ ਰਾਮ ਹੈ ॥

नर देव देव राम है ॥

nar dhev dhev raam hai ||

ਅਭੇਵ ਧਰਮ ਧਾਮ ਹੈ ॥

अभेव धरम धाम है ॥

abhev dharam dhaam hai ||

ਅਬੁੱਧ ਨਾਰਿ ਤੈ ਮਨੈ ॥

अबुद्ध नारि तै मनै ॥

abu'dh naar tai manai ||

ਬਿਸੁੱਧ ਬਾਤ ਕੋ ਭਨੈ ॥੨੦੩॥

बिसुद्ध बात को भनै ॥२०३॥

bisu'dh baat ko bhanai ||203||


ਅਗਾਧਿ ਦੇਵ ਅਨੰਤ ਹੈ ॥

अगाधि देव अनंत है ॥

agaadh dhev ana(n)t hai ||

ਅਭੂਤ ਸੋਭਵੰਤ ਹੈ ॥

अभूत सोभवंत है ॥

abhoot sobhava(n)t hai ||

ਕ੍ਰਿਪਾਲ ਕਰਮ ਕਾਰਣੰ ॥

कृपाल करम कारणं ॥

kirapaal karam kaarana(n) ||

ਬਿਹਾਲ ਦਿਆਲ ਤਾਰਣੰ ॥੨੦੪॥

बिहाल दिआल तारणं ॥२०४॥

bihaal dhiaal taarana(n) ||204||


ਅਨੇਕ ਸੰਤ ਤਾਰਣੰ ॥

अनेक संत तारणं ॥

anek sa(n)t taarana(n) ||

ਅਦੇਵ ਦੇਵ ਕਾਰਣੰ ॥

अदेव देव कारणं ॥

adhev dhev kaarana(n) ||

ਸੁਰੇਸ ਭਾਇ ਰੂਪਣੰ ॥

सुरेस भाइ रूपणं ॥

sures bhai roopana(n) ||

ਸਮਿੱਧ੍ਰ ਸਿੱਧ ਕੂਪਣੰ ॥੨੦੫॥

समिद्ध्र सिद्ध कूपणं ॥२०५॥

sami'dhr si'dh koopana(n) ||205||


ਬਰੰ ਨਰੇਸ ਦੀਜੀਐ ॥

बरं नरेस दीजीऐ ॥

bara(n) nares dheejeeaai ||

ਕਹੇ ਸੁ ਪੂਰ ਕੀਜੀਐ ॥

कहे सु पूर कीजीऐ ॥

kahe su poor keejeeaai ||

ਨ ਸੰਕ ਰਾਜ ਧਾਰੀਐ ॥

न संक राज धारीऐ ॥

n sa(n)k raaj dhaareeaai ||

ਨ ਬੋਲ ਬੋਲ ਹਾਰੀਐ ॥੨੦੬॥

न बोल बोल हारीऐ ॥२०६॥

n bol bol haareeaai ||206||


ਨਗ ਸਰੂਪੀ ਅੱਧਾ ਛੰਦ ॥

नग सरूपी अद्धा छंद ॥

nag saroopee a'dhaa chha(n)dh ||


ਨ ਲਾਜੀਐ ॥

न लाजीऐ ॥

n laajeeaai ||

ਨ ਭਾਜੀਐ ॥

न भाजीऐ ॥

n bhaajeeaai ||

ਰਘੁਏਸ ਕੋ ॥

रघुएस को ॥

raghues ko ||

ਬਨੇਸ ਕੋ ॥੨੦੭॥

बनेस को ॥२०७॥

banes ko ||207||


ਬਿਦਾ ਕਰੋ ॥

बिदा करो ॥

bidhaa karo ||

ਧਰਾ ਹਰੋ ॥

धरा हरो ॥

dharaa haro ||

ਨ ਭਾਜੀਐ ॥

न भाजीऐ ॥

n bhaajeeaai ||

ਬਿਰਾਜੀਐ ॥੨੦੮॥

बिराजीऐ ॥२०८॥

biraajeeaai ||208||


ਬਸਿਸਟ ਕੋ ॥

बसिसट को ॥

basisaT ko ||

ਦਿਜਿਸਟ ਕੋ ॥

दिजिसट को ॥

dhijisaT ko ||

ਬੁਲਾਈਐ ॥

बुलाईऐ ॥

bulaieeaai ||

ਪਠਾਈਐ ॥੨੦੯॥

पठाईऐ ॥२०९॥

paThaieeaai ||209||


ਨਰੇਸ ਜੀ ॥

नरेस जी ॥

nares jee ||

ਉਸੇਸ ਲੀ ॥

उसेस ली ॥

auses lee ||

ਘੁਮੇ ਘਿਰੇ ॥

घुमे घिरे ॥

ghume ghire ||

ਧਰਾ ਗਿਰੇ ॥੨੧੦॥

धरा गिरे ॥२१०॥

dharaa gire ||210||


ਸੁਚੇਤ ਭੇ ॥

सुचेत भे ॥

suchet bhe ||

ਅਚੇਤ ਤੇ ॥

अचेत ते ॥

achet te ||

ਉਸਾਸ ਲੈ ॥

उसास लै ॥

ausaas lai ||

ਉਦਾਸ ਹ੍ਵੈ ॥੨੧੧॥

उदास ह्वै ॥२११॥

audhaas havai ||211||


ਉਗਾਧ ਛੰਦ ॥

उगाध छंद ॥

augaadh chha(n)dh ||


ਸਬਾਰ ਨੈਣੰ ॥

सबार नैणं ॥

sabaar naina(n) ||

ਉਦਾਸ ਬੈਣੰ ॥

उदास बैणं ॥

audhaas baina(n) ||

ਕਹਿਯੋ ਕੁਨਾਰੀ ॥

कहियो कुनारी ॥

kahiyo kunaaree ||

ਕੁਬ੍ਰਿੱਤ ਕਾਰੀ ॥੨੧੨॥

कुबृत्त कारी ॥२१२॥

kubira't kaaree ||212||



200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates