P-21 Rama Avatar Ramayana (Chaubis Avatar) (hindi punjabi english)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
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ੴ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕੀ ਫਤਹ ॥

ੴ वाहिगुरू जी की फतह ॥

ikOankaar vaahiguroo jee kee fateh ||


ਅਥ ਬੀਸਵਾ ਰਾਮ ਅਵਤਾਰ ਕਥਨੰ ॥

अथ बीसवा राम अवतार कथनं ॥

ath beesavaa raam avataar kathana(n) ||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਅਬ ਮੈ ਕਹੋ ਰਾਮ ਅਵਤਾਰਾ ॥

अब मै कहो राम अवतारा ॥

ab mai kaho raam avataaraa ||

ਜੈਸ ਜਗਤ ਮੋ ਕਰਾ ਪਸਾਰਾ ॥

जैस जगत मो करा पसारा ॥

jais jagat mo karaa pasaaraa ||

ਬਹੁਤੁ ਕਾਲ ਬੀਤਤ ਭਯੋ ਜਬੈ ॥

बहुतु काल बीतत भयो जबै ॥

bahut kaal beetat bhayo jabai ||

ਅਸੁਰਨ ਬੰਸ ਪ੍ਰਗਟ ਭਯੋ ਤਬੈ ॥੧॥

असुरन बंस प्रगट भयो तबै ॥१॥

asuran ba(n)s pragaT bhayo tabai ||1||


ਅਸੁਰ ਲਗੇ ਬਹੁ ਕਰੈ ਬਿਖਾਧਾ ॥

असुर लगे बहु करै बिखाधा ॥

asur lage bahu karai bikhaadhaa ||

ਕਿਨਹੂੰ ਨ ਤਿਨੈ ਤਨਕ ਮੈ ਸਾਧਾ ॥

किनहूँ न तिनै तनक मै साधा ॥

kinahoo(n) na tinai tanak mai saadhaa ||

ਸਕਲ ਦੇਵ ਇਕਠੇ ਤਬ ਭਏ ॥

सकल देव इकठे तब भए ॥

sakal dhev ikaThe tab bhe ||

ਛੀਰ ਸਮੁੰਦ੍ਰ ਜਹ ਥੋ ਤਿਹ ਗਏ ॥੨॥

छीर समुँद्र जह थो तिह गए ॥२॥

chheer samu(n)dhr jeh tho teh ge ||2||


ਬਹੁ ਚਿਰ ਬਸਤ ਭਏ ਤਿਹ ਠਾਮਾ ॥

बहु चिर बसत भए तिह ठामा ॥

bahu chir basat bhe teh Thaamaa ||

ਬਿਸਨ ਸਹਿਤ ਬ੍ਰਹਮਾ ਜਿਹ ਨਾਮਾ ॥

बिसन सहित ब्रहमा जिह नामा ॥

bisan sahit brahamaa jeh naamaa ||

ਬਾਰ ਬਾਰ ਹੀ ਦੁਖਤ ਪੁਕਾਰਤ ॥

बार बार ही दुखत पुकारत ॥

baar baar hee dhukhat pukaarat ||

ਕਾਨ ਪਰੀ ਕਲ ਕੇ ਧੁਨਿ ਆਰਤ ॥੩॥

कान परी कल के धुनि आरत ॥३॥

kaan paree kal ke dhun aarat ||3||


ਤੋਟਕ ਛੰਦ ॥

तोटक छंद ॥

toTak chha(n)dh ||


ਬਿਸਨਾਦਕ ਦੇਵ ਲੇਖ ਬਿਮਨੰ ॥

बिसनादक देव लेख बिमनं ॥

bisanaadhak dhev lekh bimana(n) ||

ਮ੍ਰਿਦ ਹਾਸ ਕਰੀ ਕਰ ਕਾਲ ਧੁਨੰ ॥

मृद हास करी कर काल धुनं ॥

miradh haas karee kar kaal dhuna(n) ||

ਅਵਤਾਰ ਧਰੋ ਰਘੁਨਾਥ ਹਰੰ ॥

अवतार धरो रघुनाथ हरं ॥

avataar dharo raghunaath hara(n) ||

ਚਿਰ ਰਾਜ ਕਰੋ ਸੁਖ ਸੋ ਅਵਧੰ ॥੪॥

चिर राज करो सुख सो अवधं ॥४॥

chir raaj karo sukh so avadha(n) ||4||


ਬਿਸਨੇਸ ਧੁਣੰ ਸੁਣ ਬ੍ਰਹਮ ਮੁਖੰ ॥

बिसनेस धुणं सुण ब्रहम मुखं ॥

bisanes dhuna(n) sun braham mukha(n) ||

ਅਬ ਸੁੱਧ ਚਲੀ ਰਘੁਬੰਸ ਕਥੰ ॥

अब सुद्ध चली रघुबंस कथं ॥

ab su'dh chalee raghuba(n)s katha(n) ||

ਜੁ ਪੈ ਛੋਰ ਕਥਾ ਕਵਿ ਯਾਹ ਰਢੈ ॥

जु पै छोर कथा कवि याह रढै ॥

j pai chhor kathaa kav yaeh raddai ||

ਇਨ ਬਾਤਨ ਕੋ ਇਕ ਗ੍ਰੰਥ ਬਢੈ ॥੫॥

इन बातन को इक ग्रंथ बढै ॥५॥

ein baatan ko ik gra(n)th baddai ||5||


ਤਿਹ ਤੇ ਕਹੀ ਥੋਰੀਐ ਬੀਨ ਕਥਾ ॥

तिह ते कही थोरीऐ बीन कथा ॥

teh te kahee thoreeaai been kathaa ||

ਬਲਿ ਤ੍ਵੈ ਉਪਜੀ ਬੁਧ ਮੱਧਿ ਜਥਾ ॥

बलि त्वै उपजी बुध मद्धि जथा ॥

bal tavai upajee budh ma'dh jathaa ||

ਜਹ ਭੂਲਿ ਭਈ ਹਮ ਤੇ ਲਹੀਯੋ ॥

जह भूलि भई हम ते लहीयो ॥

jeh bhool bhiee ham te laheeyo ||

ਸੁ ਕਬੋ ਤਹ ਅੱਛ੍ਰ ਬਨਾ ਕਹੀਯੋ ॥੬॥

सु कबो तह अच्छ्र बना कहीयो ॥६॥

s kabo teh a'chhr banaa kaheeyo ||6||


ਰਘੁ ਰਾਜ ਭਯੋ ਰਘੁ ਬੰਸ ਮਣੰ ॥

रघु राज भयो रघु बंस मणं ॥

ragh raaj bhayo ragh ba(n)s mana(n) ||

ਜਿਹ ਰਾਜ ਕਰਯੋ ਪੁਰ ਅਉਧ ਘਣੰ ॥

जिह राज करयो पुर अउध घणं ॥

jeh raaj karayo pur aaudh ghana(n) ||

ਸੋਊ ਕਾਲ ਜਿਣਯੋ ਨ੍ਰਿਪਰਾਜ ਜਬੰ ॥

सोऊ काल जिणयो नृपराज जबं ॥

souoo kaal jinayo niraparaaj jaba(n) ||

ਭੂਅ ਰਾਜ ਕਰਯੋ ਅਜ ਰਾਜ ਤਬੰ ॥੭॥

भूअ राज करयो अज राज तबं ॥७॥

bhooa raaj karayo aj raaj taba(n) ||7||


ਅਜ ਰਾਜ ਹਣਯੋ ਜਬ ਕਾਲ ਬਲੀ ॥

अज राज हणयो जब काल बली ॥

aj raaj hanayo jab kaal balee ||

ਸੁ ਨ੍ਰਿਪਤ ਕਥਾ ਦਸਰਥ ਚਲੀ ॥

सु नृपत कथा दसरथ चली ॥

s nirapat kathaa dhasarath chalee ||

ਚਿਰ ਰਾਜ ਕਰੋ ਸੁਖ ਸੋਂ ਅਵਧੰ ॥

चिर राज करो सुख सों अवधं ॥

chir raaj karo sukh so(n) avadha(n) ||

ਮ੍ਰਿਗ ਮਾਰ ਬਿਹਾਰ ਬਣੰ ਸੁ ਪ੍ਰਭੰ ॥੮॥

मृग मार बिहार बणं सु प्रभं ॥८॥

mirag maar bihaar bana(n) su prabha(n) ||8||


ਜਗ ਧਰਮ ਕਥਾ ਪ੍ਰਚੁਰੀ ਤਬ ਤੇ ॥

जग धरम कथा प्रचुरी तब ते ॥

jag dharam kathaa prachuree tab te ||

ਸੁਮਿਤ੍ਰੇਸ ਮਹੀਪ ਭਯੋ ਜਬ ਤੇ ॥

सुमित्रेस महीप भयो जब ते ॥

sumitres maheep bhayo jab te ||

ਦਿਨ ਰੈਣ ਬਨੈਸਨ ਬੀਚ ਫਿਰੈ ॥

दिन रैण बनैसन बीच फिरै ॥

dhin rain banaisan beech firai ||

ਮ੍ਰਿਗ ਰਾਜ ਕਰੀ ਮ੍ਰਿਗ ਨੇਤ ਹਰੈ ॥੯॥

मृग राज करी मृग नेत हरै ॥९॥

mirag raaj karee mirag net harai ||9||


ਇਹ ਭਾਤਿ ਕਥਾ ਉਹ ਠੌਰ ਭਈ ॥

इह भाति कथा उह ठौर भई ॥

eeh bhaat kathaa uh Thauar bhiee ||

ਅਬ ਰਾਮ ਜਯਾ ਪਰ ਬਾਤ ਗਈ ॥

अब राम जया पर बात गई ॥

ab raam jayaa par baat giee ||

ਕੁਹੜਾਮ ਜਹਾ ਸੁਨੀਐ ਸਹਰੰ ॥

कुहड़ाम जहा सुनीऐ सहरं ॥

kuhaRaam jahaa suneeaai sahara(n) ||

ਤਹ ਕੌਸਲ ਰਾਜ ਨ੍ਰਿਪੇਸ ਬਰੰ ॥੧੦॥

तह कौसल राज नृपेस बरं ॥१०॥

teh kauasal raaj nirapes bara(n) ||10||


ਉਪਜੀ ਤਹ ਧਾਮ ਸੁਤਾ ਕੁਸਲੰ ॥

उपजी तह धाम सुता कुसलं ॥

aupajee teh dhaam sutaa kusala(n) ||

ਜਿਹ ਜੀਤ ਲਈ ਸਸਿ ਅੰਗ ਕਲੰ ॥

जिह जीत लई ससि अंग कलं ॥

jeh jeet liee sas a(n)g kala(n) ||

ਜਬ ਹੀ ਸੁਧਿ ਪਾਇ ਸੁਯੰਬ੍ਰ ਕਰਿਓ ॥

जब ही सुधि पाइ सुयंब्र करिओ ॥

jab hee sudh pai suya(n)br kario ||

ਅਵਧੇਸ ਨਰੇਸਹਿ ਚੀਨ ਬਰਿਓ ॥੧੧॥

अवधेस नरेसहि चीन बरिओ ॥११॥

avadhes nareseh cheen bario ||11||


ਪੁਨਿ ਸੈਨ ਸਮਿੱਤ੍ਰ ਨਰੇਸ ਬਰੰ ॥

पुनि सैन समित्त्र नरेस बरं ॥

pun sain sami'tr nares bara(n) ||

ਜਿਹ ਜੁਧ ਲਯੋ ਮੱਦ੍ਰ ਦੇਸ ਹਰੰ ॥

जिह जुध लयो मद्द्र देस हरं ॥

jeh judh layo ma'dhr dhes hara(n) ||

ਸੁਮਿਤ੍ਰਾ ਤਿਹ ਧਾਮ ਭਈ ਦੁਹਿਤਾ ॥

सुमित्रा तिह धाम भई दुहिता ॥

sumitraa teh dhaam bhiee dhuhitaa ||

ਜਿਹ ਜੀਤ ਲਈ ਸਸ ਸੂਰ ਪ੍ਰਭਾ ॥੧੨॥

जिह जीत लई सस सूर प्रभा ॥१२॥

jeh jeet liee sas soor prabhaa ||12||


ਸੋਊ ਬਾਰਿ ਸਬੁੱਧ ਭਈ ਜਬ ਹੀ ॥

सोऊ बारि सबुद्ध भई जब ही ॥

souoo baar sabu'dh bhiee jab hee ||

ਅਵਧੇਸਹ ਚੀਨ ਬਰਿਓ ਤਬ ਹੀ ॥

अवधेसह चीन बरिओ तब ही ॥

avadheseh cheen bario tab hee ||

ਗਨ ਯਾਹ ਭਯੋ ਕਸਟੁਆਰ ਨ੍ਰਿਪੰ ॥

गन याह भयो कसटुआर नृपं ॥

gan yaeh bhayo kasaTuaar nirapa(n) ||

ਜਿਹ ਕੇਕਈ ਧਾਮ ਸੁ ਤਾਸੁ ਪ੍ਰਭੰ ॥੧੩॥

जिह केकई धाम सु तासु प्रभं ॥१३॥

jeh kekiee dhaam su taas prabha(n) ||13||


ਇਨ ਤੇ ਗ੍ਰਹ ਮੋ ਸੁਤ ਜਉਨ ਥੀਓ ॥

इन ते ग्रह मो सुत जउन थीओ ॥

ein te greh mo sut jaun theeo ||

ਤਬ ਬੈਠ ਨਰੇਸ ਬਿਚਾਰ ਕੀਓ ॥

तब बैठ नरेस बिचार कीओ ॥

tab baiTh nares bichaar keeo ||

ਤਬ ਕੇਕਈ ਨਾਰ ਬਿਚਾਰ ਕਰੀ ॥

तब केकई नार बिचार करी ॥

tab kekiee naar bichaar karee ||

ਜਿਹ ਤੇ ਸਸਿ ਸੂਰਜ ਸੋਭ ਧਰੀ ॥੧੪॥

जिह ते ससि सूरज सोभ धरी ॥१४॥

jeh te sas sooraj sobh dharee ||14||


ਤਿਹ ਬਯਾਹਤ ਮਾਗ ਲਏ ਦੁ ਬਰੰ ॥

तिह बयाहत माग लए दु बरं ॥

teh bayaahat maag le dh bara(n) ||

ਜਿਹ ਤੇ ਅਵਧੇਸ ਕੇ ਪ੍ਰਾਣ ਹਰੰ ॥

जिह ते अवधेस के प्राण हरं ॥

jeh te avadhes ke praan hara(n) ||

ਸਮਝੀ ਨ ਨਰੇਸਰ ਬਾਤ ਹੀਏ ॥

समझी न नरेसर बात हीए ॥

samajhee na naresar baat he'ee ||

ਤਬ ਹੀ ਤਹ ਕੋ ਬਰ ਦੋਇ ਦੀਏ ॥੧੫॥

तब ही तह को बर दोइ दीए ॥१५॥

tab hee teh ko bar dhoi dhe'ee ||15||


ਪੁਨ ਦੇਵ ਅਦੇਵਨ ਜੁੱਧ ਪਰੋ ॥

पुन देव अदेवन जुद्ध परो ॥

pun dhev adhevan ju'dh paro ||

ਜਹ ਜੁੱਧ ਘਣੋ ਨ੍ਰਿਪ ਆਪ ਕਰੋ ॥

जह जुद्ध घणो नृप आप करो ॥

jeh ju'dh ghano nirap aap karo ||

ਹਤ ਸਾਰਥੀ ਸਯੰਦਨ ਨਾਰ ਹਕਿਯੋ ॥

हत सारथी सयंदन नार हकियो ॥

hat saarathee saya(n)dhan naar hakiyo ||

ਯਹ ਕੌਤਕ ਦੇਖ ਨਰੇਸ ਚਕਿਯੋ ॥੧੬॥

यह कौतक देख नरेस चकियो ॥१६॥

yeh kauatak dhekh nares chakiyo ||16||


ਪੁਨ ਰੀਝ ਦਏ ਦੋਊ ਤੀਅ ਬਰੰ ॥

पुन रीझ दए दोऊ तीअ बरं ॥

pun reejh dhe dhouoo teea bara(n) ||

ਚਿਤ ਮੋ ਸੁ ਬਿਚਾਰ ਕਛੂ ਨ ਕਰੰ ॥

चित मो सु बिचार कछू न करं ॥

chit mo su bichaar kachhoo na kara(n) ||

ਕਹੀ ਨਾਟਕ ਮੱਧ ਚਰਿਤ੍ਰ ਕਥਾ ॥

कही नाटक मद्ध चरित्र कथा ॥

kahee naaTak ma'dh charitr kathaa ||

ਜਯ ਦੀਨ ਸੁਰੇਸ ਨਰੇਸ ਜਥਾ ॥੧੭॥

जय दीन सुरेस नरेस जथा ॥१७॥

jay dheen sures nares jathaa ||17||


ਅਰਿ ਜੀਤਿ ਅਨੇਕ ਅਨੇਕ ਬਿਧੰ ॥

अरि जीति अनेक अनेक बिधं ॥

ar jeet anek anek bidha(n) ||

ਸਭ ਕਾਜ ਨਰੇਸ੍ਵਰ ਕੀਨ ਸਿਧੰ ॥

सभ काज नरेस्वर कीन सिधं ॥

sabh kaaj naresavair keen sidha(n) ||

ਦਿਨ ਰੈਣ ਬਿਹਾਰਤ ਮੱਧਿ ਬਣੰ ॥

दिन रैण बिहारत मद्धि बणं ॥

dhin rain bihaarat ma'dh bana(n) ||

ਜਲ ਲੈਨ ਦਿਜਾਇ ਤਹਾ ਸ੍ਰਵਣੰ ॥੧੮॥

जल लैन दिजाइ तहा स्रवणं ॥१८॥

jal lain dhijai tahaa sravana(n) ||18||


ਪਿਤ ਮਾਤ ਤਜੇ ਦੋਊ ਅੰਧ ਭੂਯੰ ॥

पित मात तजे दोऊ अंध भूयं ॥

pit maat taje dhouoo a(n)dh bhooya(n) ||

ਗਹਿ ਪਾਤ੍ਰ ਚਲਿਯੋ ਜਲੁ ਲੈਨ ਸੁਯੰ ॥

गहि पात्र चलियो जलु लैन सुयं ॥

geh paatr chaliyo jal lain suya(n) ||

ਮੁਨਿ ਨੋ ਦਿਤ ਕਾਲ ਸਿਧਾਰ ਤਹਾ ॥

मुनि नो दित काल सिधार तहा ॥

mun no dhit kaal sidhaar tahaa ||

ਨ੍ਰਿਪ ਬੈਠ ਪਤਊਵਨ ਬਾਧ ਜਹਾ ॥੧੯॥

नृप बैठ पतऊवन बाध जहा ॥१९॥

nirap baiTh patuoovan baadh jahaa ||19||


ਭਭਕੰਤ ਘਟੰ ਅਤਿ ਨਾਦਿ ਹੁਅੰ ॥

भभकंत घटं अति नादि हुअं ॥

bhabhaka(n)t ghaTa(n) at naadh hua(n) ||

ਧੁਨਿ ਕਾਨ ਪਰੀ ਅਜ ਰਾਜ ਸੁਅੰ ॥

धुनि कान परी अज राज सुअं ॥

dhun kaan paree aj raaj sua(n) ||

ਗਹਿ ਪਾਣ ਸੁ ਬਾਣਹਿ ਤਾਨ ਧਨੰ ॥

गहि पाण सु बाणहि तान धनं ॥

geh paan su baaneh taan dhana(n) ||

ਮ੍ਰਿਗ ਜਾਣ ਦਿਜੰ ਸਰ ਸੁੱਧ ਹਨੰ ॥੨੦॥

मृग जाण दिजं सर सुद्ध हनं ॥२०॥

mirag jaan dhija(n) sar su'dh hana(n) ||20||


ਗਿਰ ਗਯੋ ਸੁ ਲਗੇ ਸਰ ਸੁੱਧ ਮੁਨੰ ॥

गिर गयो सु लगे सर सुद्ध मुनं ॥

gir gayo su lage sar su'dh muna(n) ||

ਨਿਸਰੀ ਮੁਖ ਤੇ ਹਹਕਾਰ ਧੁਨੰ ॥

निसरी मुख ते हहकार धुनं ॥

nisaree mukh te hahakaar dhuna(n) ||

ਮ੍ਰਿਗਨਾਤ ਕਹਾ ਨ੍ਰਿਪ ਜਾਇ ਲਹੈ ॥

मृगनात कहा नृप जाइ लहै ॥

miraganaat kahaa nirap jai lahai ||

ਦਿਜ ਦੇਖ ਦੋਊ ਕਰ ਦਾਤ ਗਹੈ ॥੨੧॥

दिज देख दोऊ कर दात गहै ॥२१॥

dhij dhekh dhouoo kar dhaat gahai ||21||


ਸਰਵਣ ਬਾਚਿ ॥

सरवण बाचि ॥

saravan baach ||

ਕਛੁ ਪ੍ਰਾਨ ਰਹੇ ਤਿਹ ਮੱਧ ਤਨੰ ॥

कछु प्रान रहे तिह मद्ध तनं ॥

kachh praan rahe teh ma'dh tana(n) ||

ਨਿਕਰੰਤ ਕਹਾ ਜੀਅ ਬਿੱਪ੍ਰ ਨ੍ਰਿਪੰ ॥

निकरंत कहा जीअ बिप्प्र नृपं ॥

nikara(n)t kahaa jeea bi'pr nirapa(n) ||

ਮੁਰ ਤਾਤ ਰੁ ਮਾਤ ਨ੍ਰਿਚੱਛ ਪਰੇ ॥

मुर तात रु मात नृचच्छ परे ॥

mur taat r maat niracha'chh pare ||

ਤਿਹ ਪਾਨ ਪਿਆਇ ਨ੍ਰਿਪਾਧ ਮਰੇ ॥੨੨॥

तिह पान पिआइ नृपाध मरे ॥२२॥

teh paan piaai nirapaadh mare ||22||


ਪਾਧੜੀ ਛੰਦ ॥

पाधड़ी छंद ॥

paadhaRee chha(n)dh ||


ਬਿਨ ਚੱਛ ਭੂਪ ਦੋਊ ਤਾਤ ਮਾਤ ॥

बिन चच्छ भूप दोऊ तात मात ॥

bin cha'chh bhoop dhouoo taat maat ||

ਤਿਨ ਦੇਹ ਪਾਨ ਤੁਹ ਕਹੌਂ ਬਾਤ ॥

तिन देह पान तुह कहौं बात ॥

tin dheh paan tuh kahaua(n) baat ||

ਮਮ ਕਥਾ ਨ ਤਿਨ ਕਹੀਯੋ ਪ੍ਰਬੀਨ ॥

मम कथा न तिन कहीयो प्रबीन ॥

mam kathaa na tin kaheeyo prabeen ||

ਸੁਨਿ ਮਰਯੋ ਪੁਤ੍ਰ ਤੇਊ ਹੋਹਿ ਛੀਨ ॥੨੩॥

सुनि मरयो पुत्र तेऊ होहि छीन ॥२३॥

sun marayo putr teuoo hoh chheen ||23||


ਇਹ ਭਾਤ ਜਬੈ ਦਿਜ ਕਹੈ ਬੈਨ ॥

इह भात जबै दिज कहै बैन ॥

eeh bhaat jabai dhij kahai bain ||

ਜਲ ਸੁਨਤ ਭੂਪ ਚੁਐ ਚਲੇ ਨੈਨ ॥

जल सुनत भूप चुऐ चले नैन ॥

jal sunat bhoop chuaai chale nain ||

ਧ੍ਰਿਗ ਮੋਹ ਜਿਨ ਸੁ ਕੀਨੋ ਕੁਕਰਮ ॥

धृग मोह जिन सु कीनो कुकरम ॥

dhirag moh jin su keeno kukaram ||

ਹਤਿ ਭਯੋ ਰਾਜ ਅਰੁ ਗਯੋ ਧਰਮ ॥੨੪॥

हति भयो राज अरु गयो धरम ॥२४॥

hat bhayo raaj ar gayo dharam ||24||


ਜਬ ਲਯੋ ਭੂਪ ਤਿਹ ਸਰ ਨਿਕਾਰ ॥

जब लयो भूप तिह सर निकार ॥

jab layo bhoop teh sar nikaar ||

ਤਬ ਤਜੇ ਪ੍ਰਾਣ ਮੁਨ ਬਰ ਉਦਾਰ ॥

तब तजे प्राण मुन बर उदार ॥

tab taje praan mun bar udhaar ||

ਪੁਨ ਭਯੋ ਰਾਵ ਮਨ ਮੈ ਉਦਾਸ ॥

पुन भयो राव मन मै उदास ॥

pun bhayo raav man mai udhaas ||

ਗ੍ਰਿਹ ਪਲਟ ਜਾਨ ਕੀ ਤਜੀ ਆਸ ॥੨੫॥

गृह पलट जान की तजी आस ॥२५॥

gireh palaT jaan kee tajee aas ||25||


ਜੀਅ ਠਟੀ ਕਿ ਧਾਰੋ ਜੋਗ ਭੇਸ ॥

जीअ ठटी कि धारो जोग भेस ॥

jeea ThaTee k dhaaro jog bhes ||

ਕਹੂੰ ਬਸੌ ਜਾਇ ਬਨਿ ਤਿਆਗਿ ਦੇਸ ॥

कहूँ बसौ जाइ बनि तिआगि देस ॥

kahoo(n) basau jai ban tiaag dhes ||

ਕਿਹ ਕਾਜ ਮੋਰ ਯਹ ਰਾਜ ਸਾਜ ॥

किह काज मोर यह राज साज ॥

keh kaaj mor yeh raaj saaj ||

ਦਿਜ ਮਾਰਿ ਕੀਯੋ ਜਿਨ ਅਸ ਕੁਕਾਜ ॥੨੬॥

दिज मारि कीयो जिन अस कुकाज ॥२६॥

dhij maar keeyo jin as kukaaj ||26||


ਇਹ ਭਾਤ ਕਹੀ ਪੁਨਿ ਨ੍ਰਿਪ ਪ੍ਰਬੀਨ ॥

इह भात कही पुनि नृप प्रबीन ॥

eeh bhaat kahee pun nirap prabeen ||

ਸਭ ਜਗਤਿ ਕਾਲ ਕਰਮੈ ਅਧੀਨ ॥

सभ जगति काल करमै अधीन ॥

sabh jagat kaal karamai adheen ||

ਅਬ ਕਰੋ ਕਛੂ ਐਸੋ ਉਪਾਇ ॥

अब करो कछू ऐसो उपाइ ॥

ab karo kachhoo aaiso upai ||

ਜਾ ਤੇ ਸੁ ਬਚੈ ਤਿਹ ਤਾਤ ਮਾਇ ॥੨੭॥

जा ते सु बचै तिह तात माइ ॥२७॥

jaa te su bachai teh taat mai ||27||


ਭਰਿ ਲਯੋ ਕੁੰਭ ਸਿਰ ਪੈ ਉਠਾਇ ॥

भरि लयो कुँभ सिर पै उठाइ ॥

bhar layo ku(n)bh sir pai uThai ||

ਤੱਹ ਗਯੋ ਜਹਾ ਦਿਜ ਤਾਤ ਮਾਇ ॥

तह्ह गयो जहा दिज तात माइ ॥

ta'h gayo jahaa dhij taat mai ||

ਜਬ ਗਯੋ ਨਿਕਟ ਤਿਨ ਕੇ ਸੁ ਧਾਰ ॥

जब गयो निकट तिन के सु धार ॥

jab gayo nikaT tin ke su dhaar ||

ਤਬ ਲਖੀ ਦੁਹੂੰ ਤਿਹ ਪਾਵ ਚਾਰ ॥੨੮॥

तब लखी दुहूँ तिह पाव चार ॥२८॥

tab lakhee dhuhoo(n) teh paav chaar ||28||


ਦਿਜ ਬਾਚ ਰਾਜਾ ਸੋਂ ॥

दिज बाच राजा सों ॥

dhij baach raajaa so(n) ||

ਪਾਧੜੀ ਛੰਦ ॥

पाधड़ी छंद ॥

paadhaRee chha(n)dh ||


ਕੱਹ ਕਹੋ ਪੁਤ੍ਰ ਲਾਗੀ ਅਵਾਰ ॥

कह्ह कहो पुत्र लागी अवार ॥

ka'h kaho putr laagee avaar ||

ਸੁਨਿ ਰਹਿਓ ਮੋਨ ਭੂਪਤ ਉਦਾਰ ॥

सुनि रहिओ मोन भूपत उदार ॥

sun rahio mon bhoopat udhaar ||

ਫਿਰਿ ਕਹਯੋ ਕਾਹਿ ਬੋਲਤ ਨ ਪੂਤ ॥

फिरि कहयो काहि बोलत न पूत ॥

fir kahayo kaeh bolat na poot ||

ਚੁਪ ਰਹੇ ਰਾਜ ਲਹਿ ਕੈ ਕਸੂਤ ॥੨੯॥

चुप रहे राज लहि कै कसूत ॥२९॥

chup rahe raaj leh kai kasoot ||29||


ਨ੍ਰਿਪ ਦੀਓ ਪਾਨ ਤਿਹ ਪਾਨ ਜਾਇ ॥

नृप दीओ पान तिह पान जाइ ॥

nirap dheeo paan teh paan jai ||

ਚਕਿ ਰਹੇ ਅੰਧ ਤਿਹ ਕਰ ਛੁਹਾਇ ॥

चकि रहे अंध तिह कर छुहाइ ॥

chak rahe a(n)dh teh kar chhuhai ||

ਕਰ ਕੋਪ ਕਹਿਯੋ ਤੂ ਆਹਿ ਕੋਇ ॥

कर कोप कहियो तू आहि कोइ ॥

kar kop kahiyo too aaeh koi ||

ਇਮ ਸੁਨਤ ਸਬਦ ਨ੍ਰਿਪ ਦਯੋ ਰੋਇ ॥੩੦॥

इम सुनत सबद नृप दयो रोइ ॥३०॥

eim sunat sabadh nirap dhayo roi ||30||


ਰਾਜਾ ਬਾਚ ਦਿਜ ਸੋਂ ॥

राजा बाच दिज सों ॥

raajaa baach dhij so(n) ||

ਪਾਧੜੀ ਛੰਦ ॥

पाधड़ी छंद ॥

paadhaRee chha(n)dh ||


ਹੱਉ ਪੁਤ੍ਰ ਘਾਤ ਤਵ ਬ੍ਰਹਮਣੇਸ ॥

हउ्उ पुत्र घात तव ब्रहमणेस ॥

ha'au putr ghaat tav brahamanes ||

ਜਿਹ ਹਨਿਯੋ ਸ੍ਰਵਣ ਤਵ ਸੁਤ ਸੁਦੇਸ ॥

जिह हनियो स्रवण तव सुत सुदेस ॥

jeh haniyo sravan tav sut sudhes ||

ਮੈ ਪਰਯੋ ਸਰਣ ਦਸਰਥ ਰਾਇ ॥

मै परयो सरण दसरथ राइ ॥

mai parayo saran dhasarath rai ||

ਚਾਹੋ ਸੁ ਕਰੋ ਮੋਹਿ ਬਿੱਪ ਆਇ ॥੩੧॥

चाहो सु करो मोहि बिप्प आइ ॥३१॥

chaaho su karo moh bi'p aai ||31||


ਰਾਖੈ ਤੁ ਰਾਖੁ ਮਾਰੈ ਤੁ ਮਾਰੁ ॥

राखै तु राखु मारै तु मारु ॥

raakhai ta raakh maarai ta maar ||

ਮੈ ਪਰੋ ਸਰਣ ਤੁਮਰੈ ਦੁਆਰਿ ॥

मै परो सरण तुमरै दुआरि ॥

mai paro saran tumarai dhuaar ||

ਤਬ ਕਹੀ ਕਿਨੋ ਦਸਰਥ ਰਾਇ ॥

तब कही किनो दसरथ राइ ॥

tab kahee kino dhasarath rai ||

ਬਹੁ ਕਾਸਟ ਅਗਨ ਦ੍ਵੈ ਦੇਇ ਮੰਗਾਇ ॥੩੨॥

बहु कासट अगन द्वै देइ मंगाइ ॥३२॥

bahu kaasaT agan dhavai dhei ma(n)gai ||32||


ਤਬ ਲੀਯੋ ਅਧਿਕ ਕਾਸਟ ਮੰਗਾਇ ॥

तब लीयो अधिक कासट मंगाइ ॥

tab leeyo adhik kaasaT ma(n)gai ||

ਚੜ ਬੈਠੇ ਤਹਾ ਸਲ੍ਰਹ੍ਰਹ ਕਉ ਬਨਾਇ ॥

चड़ बैठे तहा सल्रह्रह कउ बनाइ ॥

chaR baiThe tahaa salrahreh kau banai ||

ਚਹੂੰ ਓਰ ਦਈ ਜੁਆਲਾ ਜਗਾਇ ॥

चहूँ ओर दई जुआला जगाइ ॥

chahoo(n) or dhiee juaalaa jagai ||

ਦਿਜ ਜਾਨ ਗਈ ਪਾਵਕ ਸਿਰਾਇ ॥੩੩॥

दिज जान गई पावक सिराइ ॥३३॥

dhij jaan giee paavak sirai ||33||


ਤਬ ਜੋਗ ਅਗਨਿ ਤਨ ਤੇ ਉਪ੍ਰਾਜ ॥

तब जोग अगनि तन ते उप्राज ॥

tab jog agan tan te upraaj ||

ਦੁਹੂੰ ਮਰਨ ਜਰਨ ਕੋ ਸਜਿਯੋ ਸਾਜ ॥

दुहूँ मरन जरन को सजियो साज ॥

dhuhoo(n) maran jaran ko sajiyo saaj ||

ਤੇ ਭਸਮ ਭਏ ਤਿਹ ਬੀਚ ਆਪ ॥

ते भसम भए तिह बीच आप ॥

te bhasam bhe teh beech aap ||

ਤਿਹ ਕੋਪ ਦੁਹੂੰ ਨ੍ਰਿਪ ਦੀਯੋ ਸ੍ਰਾਪ ॥੩੪॥

तिह कोप दुहूँ नृप दीयो स्राप ॥३४॥

teh kop dhuhoo(n) nirap dheeyo sraap ||34||


ਦਿਜ ਬਾਚ ਰਾਜਾ ਸੋਂ ॥

दिज बाच राजा सों ॥

dhij baach raajaa so(n) ||

ਪਾਧੜੀ ਛੰਦ ॥

पाधड़ी छंद ॥

paadhaRee chha(n)dh ||


ਜਿਮ ਤਜੇ ਪ੍ਰਾਣ ਹਮ ਸੁਤਿ ਬਿਛੋਹਿ ॥

जिम तजे प्राण हम सुति बिछोहि ॥

jim taje praan ham sut bichhoh ||

ਤਿਮ ਲਗੋ ਸ੍ਰਾਪ ਸੁਨ ਭੂਪ ਤੋਹਿ ॥

तिम लगो स्राप सुन भूप तोहि ॥

tim lago sraap sun bhoop toh ||

ਇਮ ਭਾਖ ਜਰਯੋ ਦਿਜ ਸਹਿਤ ਨਾਰਿ ॥

इम भाख जरयो दिज सहित नारि ॥

eim bhaakh jarayo dhij sahit naar ||

ਤਜ ਦੇਹ ਕੀਯੋ ਸੁਰਪੁਰ ਬਿਹਾਰ ॥੩੫॥

तज देह कीयो सुरपुर बिहार ॥३५॥

taj dheh keeyo surapur bihaar ||35||


ਰਾਜਾ ਬਾਚ ॥

राजा बाच ॥

raajaa baach ||

ਪਾਧੜੀ ਛੰਦ ॥

पाधड़ी छंद ॥

paadhaRee chha(n)dh ||


ਤਬ ਚਹੀ ਭੂਪ ਹਉਾਂ ਜਰੋਂ ਆਜ ॥

तब चही भूप हउाँ जरों आज ॥

tab chahee bhoop hauaa(n) jaro(n) aaj ||

ਕੈ ਅਤਿਥਿ ਹੋਊਾਂ ਤਜ ਰਾਜ ਸਾਜ ॥

कै अतिथि होऊाँ तज राज साज ॥

kai atith houooaa(n) taj raaj saaj ||

ਕੈ ਗ੍ਰਹਿ ਜੈ ਕੈ ਕਰਹੋਂ ਉਚਾਰ ॥

कै ग्रहि जै कै करहों उचार ॥

kai greh jai kai karaho(n) uchaar ||

ਮੈ ਦਿਜ ਆਯੋ ਨਿਜ ਕਰ ਸੰਘਾਰ ॥੩੬॥

मै दिज आयो निज कर संघार ॥३६॥

mai dhij aayo nij kar sa(n)ghaar ||36||


ਦੇਵ ਬਾਨੀ ਬਾਚ ॥

देव बानी बाच ॥

dhev baanee baach ||

ਪਾਧੜੀ ਛੰਦ ॥

पाधड़ी छंद ॥

paadhaRee chha(n)dh ||


ਤਬ ਭਈ ਦੇਵ ਬਾਨੀ ਬਨਾਇ ॥

तब भई देव बानी बनाइ ॥

tab bhiee dhev baanee banai ||

ਜਿਨ ਕਰੋ ਦੁੱਖ ਦਸਰਥ ਰਾਇ ॥

जिन करो दुक्ख दसरथ राइ ॥

jin karo dhu'kh dhasarath rai ||

ਤਵ ਧਾਮ ਹੋਹਿਗੇ ਪੁਤ੍ਰ ਬਿਸਨ ॥

तव धाम होहिगे पुत्र बिसन ॥

tav dhaam hohige putr bisan ||

ਸਭ ਕਾਜ ਆਜ ਸਿਧ ਭਏ ਜਿਸਨ ॥੩੭॥

सभ काज आज सिध भए जिसन ॥३७॥

sabh kaaj aaj sidh bhe jisan ||37||


ਹ੍ਵੈ ਹੈ ਸੁ ਨਾਮ ਰਾਮਾਵਤਾਰ ॥

ह्वै है सु नाम रामावतार ॥

havai hai su naam raamaavataar ||

ਕਰ ਹੈ ਸੁ ਸਕਲ ਜਗ ਕੋ ਉਧਾਰ ॥

कर है सु सकल जग को उधार ॥

kar hai su sakal jag ko udhaar ||

ਕਰ ਹੈ ਸੁ ਤਨਕ ਮੈ ਦੁਸਟ ਨਾਸ ॥

कर है सु तनक मै दुसट नास ॥

kar hai su tanak mai dhusaT naas ||

ਇਹ ਭਾਤ ਕੀਰਤ ਕਰ ਹੈ ਪ੍ਰਕਾਸ ॥੩੮॥

इह भात कीरत कर है प्रकास ॥३८॥

eeh bhaat keerat kar hai prakaas ||38||


ਨਰਾਜ ਛੰਦ ॥

नराज छंद ॥

naraaj chha(n)dh ||


ਨਚਿੰਤ ਭੂਪ ਚਿੰਤ ਧਾਮ ਰਾਮ ਰਾਇ ਆਇ ਹੈਂ ॥

नचिंत भूप चिंत धाम राम राइ आइ हैं ॥

nachi(n)t bhoop chi(n)t dhaam raam rai aai hai(n) ||

ਦੁਰੰਤ ਦੁਸਟ ਜੀਤ ਕੈ ਸੁ ਜੈਤ ਪੱਤ੍ਰ ਪਾਇ ਹੈਂ ॥

दुरंत दुसट जीत कै सु जैत पत्त्र पाइ हैं ॥

dhura(n)t dhusaT jeet kai su jait pa'tr pai hai(n) ||

ਅਖਰਬ ਗਰਬ ਜੇ ਭਰੇ ਸੁ ਸਰਬ ਗਰਬ ਘਾਲ ਹੈਂ ॥

अखरब गरब जे भरे सु सरब गरब घाल हैं ॥

akharab garab je bhare su sarab garab ghaal hai(n) ||

ਫਿਰਾਇ ਛੱਤ੍ਰ ਸੀਸ ਪੈ ਛਤੀਸ ਛੋਣ ਪਾਲ ਹੈਂ ॥੩੯॥

फिराइ छत्त्र सीस पै छतीस छोण पाल हैं ॥३९॥

firai chha'tr sees pai chhatees chhon paal hai(n) ||39||


ਅਖੰਡ ਖੰਡ ਖੰਡ ਕੈ ਅਡੰਡ ਡੰਡ ਦੰਡ ਹੈਂ ॥

अखंड खंड खंड कै अडंड डंड दंड हैं ॥

akha(n)dd kha(n)dd kha(n)dd kai adda(n)dd dda(n)dd dha(n)dd hai(n) ||

ਅਜੀਤ ਜੀਤ ਜੀਤ ਕੈ ਬਿਸੇਖ ਰਾਜ ਮੰਡ ਹੈਂ ॥

अजीत जीत जीत कै बिसेख राज मंड हैं ॥

ajeet jeet jeet kai bisekh raaj ma(n)dd hai(n) ||

ਕਲੰਕ ਦੂਰ ਕੈ ਸਭੈ ਨਿਸੰਕ ਲੰਕ ਘਾਇ ਹੈਂ ॥

कलंक दूर कै सभै निसंक लंक घाइ हैं ॥

kala(n)k dhoor kai sabhai nisa(n)k la(n)k ghai hai(n) ||

ਸੁ ਜੀਤ ਬਾਹ ਬੀਸ ਗਰਬ ਈਸ ਕੋ ਮਿਟਾਇ ਹੈਂ ॥੪੦॥

सु जीत बाह बीस गरब ईस को मिटाइ हैं ॥४०॥

s jeet baeh bees garab iees ko miTai hai(n) ||40||


ਸਿਧਾਰ ਭੂਪ ਧਾਮ ਕੋ ਇਤੋ ਨ ਸੋਕ ਕੋ ਧਰੋ ॥

सिधार भूप धाम को इतो न सोक को धरो ॥

sidhaar bhoop dhaam ko ito na sok ko dharo ||

ਬੁਲਾਇ ਬਿੱਪ ਛੋਣ ਕੇ ਅਰੰਭ ਜੱਗ ਕੋ ਕਰੋ ॥

बुलाइ बिप्प छोण के अरंभ जग्ग को करो ॥

bulai bi'p chhon ke ara(n)bh ja'g ko karo ||

ਸੁਣੰਤ ਬੈਣ ਰਾਵ ਰਾਜਧਾਨੀਐ ਸਿਧਾਰੀਅੰ ॥

सुणंत बैण राव राजधानीऐ सिधारीअं ॥

suna(n)t bain raav raajadhaaneeaai sidhaareea(n) ||

ਬੁਲਾਇ ਕੈ ਬਸਿਸਟ ਰਾਜਸੂਇ ਕੋ ਸੁਧਾਰੀਅੰ ॥੪੧॥

बुलाइ कै बसिसट राजसूइ को सुधारीअं ॥४१॥

bulai kai basisaT raajasooi ko sudhaareea(n) ||41||


ਅਨੇਕ ਦੇਸ ਦੇਸ ਕੇ ਨਰੇਸ ਬੋਲ ਕੈ ਲਏ ॥

अनेक देस देस के नरेस बोल कै लए ॥

anek dhes dhes ke nares bol kai le ||

ਦਿਜੇਸ ਬੇਸ ਬੇਸ ਕੇ ਛਿਤੇਸ ਧਾਮ ਆ ਗਏ ॥

दिजेस बेस बेस के छितेस धाम आ गए ॥

dhijes bes bes ke chhites dhaam aa ge ||

ਅਨੇਕ ਭਾਤ ਮਾਨ ਕੈ ਦਿਵਾਨ ਬੋਲ ਕੈ ਲਏ ॥

अनेक भात मान कै दिवान बोल कै लए ॥

anek bhaat maan kai dhivaan bol kai le ||

ਸੁ ਜੱਗ ਰਾਜਸੂਇ ਕੋ ਅਰੰਭ ਤਾ ਦਿਨਾ ਭਏ ॥੪੨॥

सु जग्ग राजसूइ को अरंभ ता दिना भए ॥४२॥

s ja'g raajasooi ko ara(n)bh taa dhinaa bhe ||42||


ਸੁ ਪਾਦਿ ਅਰਘ ਆਸਨੰ ਅਨੇਕ ਧੂਪ ਦੀਪ ਕੈ ॥

सु पादि अरघ आसनं अनेक धूप दीप कै ॥

s paadh aragh aasana(n) anek dhoop dheep kai ||

ਪਖਾਰਿ ਪਾਇ ਬ੍ਰਹਮਣੰ ਪ੍ਰਦੱਛਣਾ ਬਿਸੇਖ ਦੈ ॥

पखारि पाइ ब्रहमणं प्रदच्छणा बिसेख दै ॥

pakhaar pai brahamana(n) pradha'chhanaa bisekh dhai ||

ਕਰੋਰ ਕੋਰ ਦੱਛਨਾ ਦਿਜੇਕ ਏਕ ਕਉ ਦਈ ॥

करोर कोर दच्छना दिजेक एक कउ दई ॥

karor kor dha'chhanaa dhijek ek kau dhiee ||

ਸੁ ਜੱਗ ਰਾਜਸੂਇ ਕੀ ਅਰੰਭ ਤਾ ਦਿਨਾ ਭਈ ॥੪੩॥

सु जग्ग राजसूइ की अरंभ ता दिना भई ॥४३॥

s ja'g raajasooi kee ara(n)bh taa dhinaa bhiee ||43||


ਨਟੇਸ ਦੇਸ ਦੇਸ ਕੇ ਅਨੇਕ ਗੀਤ ਗਾਵਹੀ ॥

नटेस देस देस के अनेक गीत गावही ॥

naTes dhes dhes ke anek geet gaavahee ||

ਅਨੰਤ ਦਾਨ ਮਾਨ ਲੈ ਬਿਸੇਖ ਸੋਭ ਪਾਵਹੀ ॥

अनंत दान मान लै बिसेख सोभ पावही ॥

ana(n)t dhaan maan lai bisekh sobh paavahee ||

ਪ੍ਰਸੰਨਿ ਲੋਗ ਜੇ ਭਏ ਸੁ ਜਾਤ ਕਉਨ ਤੇ ਕਹੇ ॥

प्रसंनि लोग जे भए सु जात कउन ते कहे ॥

prasa(n)n log je bhe su jaat kaun te kahe ||

ਬਿਮਾਨ ਆਸਮਾਨ ਕੇ ਪਛਾਨ ਮੋਨ ਹੁਐ ਰਹੇ ॥੪੪॥

बिमान आसमान के पछान मोन हुऐ रहे ॥४४॥

bimaan aasamaan ke pachhaan mon huaai rahe ||44||


ਹੁਤੀ ਜਿਤੀ ਅਪੱਛਰਾ ਚਲੀ ਸੁਵਰਗ ਛੋਰ ਕੈ ॥

हुती जिती अपच्छरा चली सुवरग छोर कै ॥

hutee jitee apa'chharaa chalee suvarag chhor kai ||

ਬਿਸੇਖ ਹਾਇ ਭਾਇ ਕੈ ਨਚੰਤ ਅੰਗ ਮੋਰ ਕੈ ॥

बिसेख हाइ भाइ कै नचंत अंग मोर कै ॥

bisekh hai bhai kai nacha(n)t a(n)g mor kai ||

ਬਿਅੰਤ ਭੂਪ ਰੀਝਹੀ ਅਨੰਤ ਦਾਨ ਪਾਵਹੀਂ ॥

बिअंत भूप रीझही अनंत दान पावहीं ॥

bia(n)t bhoop reejhahee ana(n)t dhaan paavahee(n) ||

ਬਿਲੋਕਿ ਅੱਛਰਾਨ ਕੋ ਅਪੱਛਰਾ ਲਜਾਵਹੀਂ ॥੪੫॥

बिलोकि अच्छरान को अपच्छरा लजावहीं ॥४५॥

bilok a'chharaan ko apa'chharaa lajaavahee(n) ||45||


ਅਨੰਤ ਦਾਨ ਮਾਨ ਦੈ ਬੁਲਾਇ ਸੂਰਮਾ ਲਏ ॥

अनंत दान मान दै बुलाइ सूरमा लए ॥

ana(n)t dhaan maan dhai bulai sooramaa le ||

ਦੁਰੰਤ ਸੈਨ ਸੰਗ ਦੈ ਦਸੋ ਦਿਸਾ ਪਠੈ ਦਏ ॥

दुरंत सैन संग दै दसो दिसा पठै दए ॥

dhura(n)t sain sa(n)g dhai dhaso dhisaa paThai dhe ||

ਨਰੇਸ ਦੇਸ ਦੇਸ ਕੇ ਨ੍ਰਿਪੇਸ ਪਾਇ ਪਾਰੀਅੰ ॥

नरेस देस देस के नृपेस पाइ पारीअं ॥

nares dhes dhes ke nirapes pai paareea(n) ||

ਮਹੇਸ ਜੀਤ ਕੈ ਸਭੈ ਸੁ ਛਤ੍ਰਪਤ੍ਰ ਢਾਰੀਅੰ ॥੪੬॥

महेस जीत कै सभै सु छत्रपत्र ढारीअं ॥४६॥

mahes jeet kai sabhai su chhatrapatr ddaareea(n) ||46||


ਰੂਆਮਲ ਛੰਦ ॥

रूआमल छंद ॥

rooaamal chha(n)dh ||


ਜੀਤ ਜੀਤ ਨ੍ਰਿਪੰ ਨਰੇਸੁਰ ਸੱਤ੍ਰ ਮਿੱਤ੍ਰ ਬੁਲਾਇ ॥

जीत जीत नृपं नरेसुर सत्त्र मित्त्र बुलाइ ॥

jeet jeet nirapa(n) naresur sa'tr mi'tr bulai ||

ਬਿਪ੍ਰ ਆਦਿ ਬਿਸਿਸਟ ਤੇ ਲੈ ਕੈ ਸਭੈ ਰਿਖਰਾਇ ॥

बिप्र आदि बिसिसट ते लै कै सभै रिखराइ ॥

bipr aadh bisisaT te lai kai sabhai rikharai ||

ਕ੍ਰੁੱਧ ਜੁੱਧ ਕਰੇ ਘਨੇ ਅਵਗਾਹਿ ਗਾਹਿ ਸੁਦੇਸ ॥

क्रुद्ध जुद्ध करे घने अवगाहि गाहि सुदेस ॥

kru'dh ju'dh kare ghane avagaeh gaeh sudhes ||

ਆਨ ਆਨ ਅਵਧੇਸ ਕੇ ਪਗ ਲਾਗੀਅੰ ਅਵਨੇਸ ॥੪੭॥

आन आन अवधेस के पग लागीअं अवनेस ॥४७॥

aan aan avadhes ke pag laageea(n) avanes ||47||


ਭਾਤਿ ਭਾਤਿਨ ਦੈ ਲਏ ਸਨਮਾਨ ਆਨ ਨ੍ਰਿਪਾਲ ॥

भाति भातिन दै लए सनमान आन नृपाल ॥

bhaat bhaatin dhai le sanamaan aan nirapaal ||

ਅਰਬ ਖਰਬਨ ਦਰਬ ਦੈ ਗਜ ਰਾਜ ਬਾਜ ਬਿਸਾਲ ॥

अरब खरबन दरब दै गज राज बाज बिसाल ॥

arab kharaban dharab dhai gaj raaj baaj bisaal ||

ਹੀਰ ਚੀਰਨ ਕੋ ਸਕੈ ਗਨ ਜਟਤ ਜੀਨ ਜਰਾਇ ॥

हीर चीरन को सकै गन जटत जीन जराइ ॥

heer cheeran ko sakai gan jaTat jeen jarai ||

ਭਾਉ ਭੂਖਨ ਕੋ ਕਹੈ ਬਿਧ ਤੇ ਨ ਜਾਤ ਬਤਾਇ ॥੪੮॥

भाउ भूखन को कहै बिध ते न जात बताइ ॥४८॥

bhaau bhookhan ko kahai bidh te na jaat batai ||48||


ਪਸਮ ਬਸਤ੍ਰ ਪਟੰਬਰਾਦਿਕ ਦੀਏ ਭੂਪਨ ਭੂਪ ॥

पसम बसत्र पटंबरादिक दीए भूपन भूप ॥

pasam basatr paTa(n)baraadhik dhe'ee bhoopan bhoop ||

ਰੂਪ ਅਰੂਪ ਸਰੂਪ ਸੋਭਿਤ ਕਉਨ ਇੰਦ੍ਰ ਕਰੂਪੁ ॥

रूप अरूप सरूप सोभित कउन इंद्र करूपु ॥

roop aroop saroop sobhit kaun i(n)dhr karoop ||

ਦੁਸਟ ਪੁਸਟ ਤ੍ਰਸੈ ਸਭੈ ਥਰਹਰਯੋ ਸੁਨਿ ਗਿਰਰਾਇ ॥

दुसट पुसट त्रसै सभै थरहरयो सुनि गिरराइ ॥

dhusaT pusaT trasai sabhai tharaharayo sun girarai ||

ਕਾਟਿ ਕਾਟਿਨ ਦੈ ਮੁਝੈ ਨ੍ਰਿਪ ਬਾਟਿ ਬਾਟਿ ਲੁਟਾਇ ॥੪੯॥

काटि काटिन दै मुझै नृप बाटि बाटि लुटाइ ॥४९॥

kaaT kaaTin dhai mujhai nirap baaT baaT luTai ||49||


ਬੇਦ ਧੁਨਿ ਕਰਿ ਕੈ ਸਭੈ ਦਿਜ ਕੀਅਸ ਜੱਗ ਅਰੰਭ ॥

बेद धुनि करि कै सभै दिज कीअस जग्ग अरंभ ॥

bedh dhun kar kai sabhai dhij keeas ja'g ara(n)bh ||

ਭਾਤਿ ਭਾਤਿ ਬੁਲਾਇ ਹੋਮਤ ਰਿੱਤ ਜਾਨ ਅਸੰਭ ॥

भाति भाति बुलाइ होमत रित्त जान असंभ ॥

bhaat bhaat bulai homat ri't jaan asa(n)bh ||

ਅਧਿਕ ਮੁਨਿਬਰ ਜਉ ਕੀਯੋ ਬਿਧ ਪੂਰਬ ਹੋਮ ਬਨਾਇ ॥

अधिक मुनिबर जउ कीयो बिध पूरब होम बनाइ ॥

adhik munibar jau keeyo bidh poorab hom banai ||

ਜਗ ਕੁੰਡਹੁ ਤੇ ਉਠੇ ਤਬ ਜਗ ਪੁਰਖ ਅਕੁਲਾਇ ॥੫੦॥

जग कुँडहु ते उठे तब जग पुरख अकुलाइ ॥५०॥

jag ku(n)ddahu te uThe tab jag purakh akulai ||50||


ਖੀਰ ਪਾਤ੍ਰ ਕਢਾਇ ਲੈ ਕਰਿ ਦੀਨ ਨ੍ਰਿਪ ਕੇ ਆਨ ॥

खीर पात्र कढाइ लै करि दीन नृप के आन ॥

kheer paatr kaddai lai kar dheen nirap ke aan ||

ਭੂਪ ਪਾਇ ਪ੍ਰਸੰਨਿ ਭਯੋ ਜਿਮੁ ਦਾਰਦੀ ਲੈ ਦਾਨ ॥

भूप पाइ प्रसंनि भयो जिमु दारदी लै दान ॥

bhoop pai prasa(n)n bhayo jim dhaaradhee lai dhaan ||

ਚਤ੍ਰ ਭਾਗ ਕਰਯੋ ਤਿਸੈ ਨਿਜ ਪਾਨ ਲੈ ਨ੍ਰਿਪਰਾਇ ॥

चत्र भाग करयो तिसै निज पान लै नृपराइ ॥

chatr bhaag karayo tisai nij paan lai niraparai ||

ਏਕ ਏਕ ਦਯੋ ਦੁਹੂ ਤ੍ਰੀਅ ਏਕ ਕੋ ਦੁਇ ਭਾਇ ॥੫੧॥

एक एक दयो दुहू त्रीअ एक को दुइ भाइ ॥५१॥

ek ek dhayo dhuhoo treea ek ko dhui bhai ||51||


ਗਰਭਵੰਤ ਭਈ ਤ੍ਰਿਯੋ ਤ੍ਰਿਯ ਛੀਰ ਕੋ ਕਰਿ ਪਾਨ ॥

गरभवंत भई तृयो तृय छीर को करि पान ॥

garabhava(n)t bhiee tirayo tiray chheer ko kar paan ||

ਤਾਹਿ ਰਾਖਤ ਭੀ ਭਲੋ ਦਸ ਦੋਇ ਮਾਸ ਪ੍ਰਮਾਨ ॥

ताहि राखत भी भलो दस दोइ मास प्रमान ॥

taeh raakhat bhee bhalo dhas dhoi maas pramaan ||

ਮਾਸ ਤ੍ਰਿਉਦਸਮੋ ਚਢਯੋ ਤਬ ਸੰਤਨ ਹੇਤ ਉਧਾਰ ॥

मास तृउदसमो चढयो तब संतन हेत उधार ॥

maas triaudhasamo chaddayo tab sa(n)tan het udhaar ||

ਰਾਵਣਾਰਿ ਪ੍ਰਗਟ ਭਏ ਜਗ ਆਨ ਰਾਮ ਅਵਤਾਰ ॥੫੨॥

रावणारि प्रगट भए जग आन राम अवतार ॥५२॥

raavanaar pragaT bhe jag aan raam avataar ||52||


ਭਰਥ ਲਛਮਨ ਸਤ੍ਰੁਘਨ ਪੁਨਿ ਭਏ ਤੀਨ ਕੁਮਾਰ ॥

भरथ लछमन सत्रुघन पुनि भए तीन कुमार ॥

bharath lachhaman satrughan pun bhe teen kumaar ||

ਭਾਤਿ ਭਾਤਿਨ ਬਾਜੀਯੰ ਨ੍ਰਿਪ ਰਾਜ ਬਾਜਨ ਦੁਆਰ ॥

भाति भातिन बाजीयं नृप राज बाजन दुआर ॥

bhaat bhaatin baajeeya(n) nirap raaj baajan dhuaar ||

ਪਾਇ ਲਾਗ ਬੁਲਾਇ ਬਿੱਪਨ ਦੀਨ ਦਾਨ ਦੁਰੰਤਿ ॥

पाइ लाग बुलाइ बिप्पन दीन दान दुरंति ॥

pai laag bulai bi'pan dheen dhaan dhura(n)t ||

ਸੱਤ੍ਰੁ ਨਾਸਤ ਹੋਹਿਗੇ ਸੁਖ ਪਾਇ ਹੈਂ ਸਭ ਸੰਤ ॥੫੩॥

सत्त्रु नासत होहिगे सुख पाइ हैं सभ संत ॥५३॥

sa'tr naasat hohige sukh pai hai(n) sabh sa(n)t ||53||


ਲਾਲ ਜਾਲ ਪ੍ਰਵੇਸਟ ਰਿਖਬਰ ਬਾਜ ਰਾਜ ਸਮਾਜ ॥

लाल जाल प्रवेसट रिखबर बाज राज समाज ॥

laal jaal pravesaT rikhabar baaj raaj samaaj ||

ਭਾਤਿ ਭਾਤਿਨ ਦੇਤ ਭਯੋ ਦਿਜ ਪਤਨ ਕੋ ਨ੍ਰਿਪਰਾਜ ॥

भाति भातिन देत भयो दिज पतन को नृपराज ॥

bhaat bhaatin dhet bhayo dhij patan ko niraparaaj ||

ਦੇਸ ਅਉਰ ਬਿਦੇਸ ਭੀਤਰ ਠਉਰ ਠਉਰ ਮਹੰਤ ॥

देस अउर बिदेस भीतर ठउर ठउर महंत ॥

dhes aaur bidhes bheetar Thaur Thaur maha(n)t ||

ਨਾਚ ਨਾਚ ਉਠੇ ਸਭੈ ਜਨੁ ਆਜ ਲਾਗ ਬਸੰਤ ॥੫੪॥

नाच नाच उठे सभै जनु आज लाग बसंत ॥५४॥

naach naach uThe sabhai jan aaj laag basa(n)t ||54||


ਕਿੰਕਣੀਨ ਕੇ ਜਾਲ ਭੂਖਤਿ ਬਾਜ ਅਉ ਗਜਰਾਜ ॥

किंकणीन के जाल भूखति बाज अउ गजराज ॥

ki(n)kaneen ke jaal bhookhat baaj aau gajaraaj ||

ਸਾਜ ਸਾਜ ਦਏ ਦਿਜੇਸਨ ਆਜ ਕਉਸਲ ਰਾਜ ॥

साज साज दए दिजेसन आज कउसल राज ॥

saaj saaj dhe dhijesan aaj kausal raaj ||

ਰੰਕ ਰਾਜ ਭਏ ਘਨੇ ਤਹ ਰੰਕ ਰਾਜਨ ਜੈਸ ॥

रंक राज भए घने तह रंक राजन जैस ॥

ra(n)k raaj bhe ghane teh ra(n)k raajan jais ||

ਰਾਮ ਜਨਮਤ ਭਯੋ ਉਤਸਵ ਅਉਧ ਪੁਰ ਮੈ ਐਸ ॥੫੫॥

राम जनमत भयो उतसव अउध पुर मै ऐस ॥५५॥

raam janamat bhayo utasav aaudh pur mai aais ||55||


ਦੁੰਦਭ ਅਉਰ ਮ੍ਰਿਦੰਗ ਤੂਰ ਤੁਰੰਗ ਤਾਨ ਅਨੇਕ ॥

दुँदभ अउर मृदंग तूर तुरंग तान अनेक ॥

dhu(n)dhabh aaur miradha(n)g toor tura(n)g taan anek ||

ਬੀਨ ਬੀਨ ਬਜੰਤ ਛੀਨ ਪ੍ਰਬੀਨ ਬੀਨ ਬਿਸੇਖ ॥

बीन बीन बजंत छीन प्रबीन बीन बिसेख ॥

been been baja(n)t chheen prabeen been bisekh ||

ਝਾਝ ਬਾਰ ਤਰੰਗ ਤੁਰਹੀ ਭੇਰਨਾਦਿ ਨਿਯਾਨ ॥

झाझ बार तरंग तुरही भेरनादि नियान ॥

jhaajh baar tara(n)g turahee bheranaadh niyaan ||

ਮੋਹਿ ਮੋਹਿ ਗਿਰੇ ਧਰਾ ਪਰ ਸਰਬ ਬਯੋਮ ਬਿਵਾਨ ॥੫੬॥

मोहि मोहि गिरे धरा पर सरब बयोम बिवान ॥५६॥

moh moh gire dharaa par sarab bayom bivaan ||56||


ਜੱਤ੍ਰ ਤੱਤ੍ਰ ਬਿਦੇਸ ਦੇਸਨ ਹੋਤ ਮੰਗਲਚਾਰ ॥

जत्त्र तत्त्र बिदेस देसन होत मंगलचार ॥

ja'tr ta'tr bidhes dhesan hot ma(n)galachaar ||

ਬੈਠਿ ਬੈਠਿ ਕਰੈ ਲਗੇ ਸਬ ਬਿਪ੍ਰ ਬੇਦ ਬਿਚਾਰ ॥

बैठि बैठि करै लगे सब बिप्र बेद बिचार ॥

baiTh baiTh karai lage sab bipr bedh bichaar ||

ਧੂਪ ਦੀਪ ਮਹੀਪ ਗ੍ਰੇਹ ਸਨੇਹ ਦੇਤ ਬਨਾਇ ॥

धूप दीप महीप ग्रेह सनेह देत बनाइ ॥

dhoop dheep maheep greh saneh dhet banai ||

ਫੂਲਿ ਫੂਲਿ ਫਿਰੈ ਸਭੈ ਗਣ ਦੇਵ ਦੇਵਨ ਰਾਇ ॥੫੭॥

फूलि फूलि फिरै सभै गण देव देवन राइ ॥५७॥

fool fool firai sabhai gan dhev dhevan rai ||57||


ਆਜ ਕਾਜ ਭਏ ਸਬੈ ਇਹ ਭਾਤਿ ਬੋਲਤ ਬੈਨ ॥

आज काज भए सबै इह भाति बोलत बैन ॥

aaj kaaj bhe sabai ieh bhaat bolat bain ||

ਭੂੰਮ ਭੂਰ ਉਠੀ ਜਯਤ ਧੁਨ ਬਾਜ ਬਾਜਤ ਗੈਨ ॥

भूँम भूर उठी जयत धुन बाज बाजत गैन ॥

bhoo(n)m bhoor uThee jayat dhun baaj baajat gain ||

ਐਨ ਐਨ ਧੁਜਾ ਬਧੀ ਸਭ ਬਾਟ ਬੰਦਨਵਾਰ ॥

ऐन ऐन धुजा बधी सभ बाट बंदनवार ॥

aain aain dhujaa badhee sabh baaT ba(n)dhanavaar ||

ਲੀਪ ਲੀਪ ਧਰੇ ਮੱਲਯਾਗਰ ਹਾਟ ਪਾਟ ਬਜਾਰ ॥੫੮॥

लीप लीप धरे मल्लयागर हाट पाट बजार ॥५८॥

leep leep dhare ma'layaagar haaT paaT bajaar ||58||


ਸਾਜਿ ਸਾਜਿ ਤੁਰੰਗ ਕੰਚਨ ਦੇਤ ਦੀਨਨ ਦਾਨ ॥

साजि साजि तुरंग कंचन देत दीनन दान ॥

saaj saaj tura(n)g ka(n)chan dhet dheenan dhaan ||

ਮਸਤ ਹਸਤਿ ਦਏ ਅਨੇਕਨ ਇੰਦ੍ਰ ਦੁਰਦ ਸਮਾਨ ॥

मसत हसति दए अनेकन इंद्र दुरद समान ॥

masat hasat dhe anekan i(n)dhr dhuradh samaan ||

ਕਿੰਕਣੀ ਕੇ ਜਾਲ ਭੂਖਤ ਦਏ ਸਯੰਦਨ ਸੁੱਧ ॥

किंकणी के जाल भूखत दए सयंदन सुद्ध ॥

ki(n)kanee ke jaal bhookhat dhe saya(n)dhan su'dh ||

ਗਾਇਨਨ ਕੇ ਪੁਰ ਮਨੋ ਇਹ ਭਾਤਿ ਆਵਤ ਬੁੱਧ ॥੫੯॥

गाइनन के पुर मनो इह भाति आवत बुद्ध ॥५९॥

gainan ke pur mano ieh bhaat aavat bu'dh ||59||


ਬਾਜ ਸਾਜ ਦਏ ਇਤੇ ਜਿਹ ਪਾਈਐ ਨਹੀ ਪਾਰ ॥

बाज साज दए इते जिह पाईऐ नही पार ॥

baaj saaj dhe ite jeh paieeaai nahee paar ||

ਦਯੋਸ ਦਯੋਸ ਬਢੈ ਲਗਯੋ ਰਨਧੀਰ ਰਾਮਵਤਾਰ ॥

दयोस दयोस बढै लगयो रनधीर रामवतार ॥

dhayos dhayos baddai lagayo ranadheer raamavataar ||

ਸਸਤ੍ਰ ਸਾਸਤ੍ਰਨ ਕੀ ਸਭੈ ਬਿਧ ਦੀਨ ਤਾਹਿ ਸੁਧਾਰ ॥

ससत्र सासत्रन की सभै बिध दीन ताहि सुधार ॥

sasatr saasatran kee sabhai bidh dheen taeh sudhaar ||

ਅਸਟ ਦਯੋਸਨ ਮੋ ਗਏ ਲੈ ਸਰਬ ਰਾਮਕੁਮਾਰ ॥੬੦॥

असट दयोसन मो गए लै सरब रामकुमार ॥६०॥

asaT dhayosan mo ge lai sarab raamakumaar ||60||


ਬਾਨ ਪਾਨ ਕਮਾਨ ਲੈ ਬਿਹਰੰਤ ਸਰਜੂ ਤੀਰ ॥

बान पान कमान लै बिहरंत सरजू तीर ॥

baan paan kamaan lai bihara(n)t sarajoo teer ||

ਪੀਤ ਪੀਤ ਪਿਛੋਰ ਕਾਰਨ ਧੀਰ ਚਾਰਹੁੰ ਬੀਰ ॥

पीत पीत पिछोर कारन धीर चारहुँ बीर ॥

peet peet pichhor kaaran dheer chaarahu(n) beer ||

ਬੇਖ ਬੇਖ ਨ੍ਰਿਪਾਨ ਕੇ ਬਿਹਰੰਤ ਬਾਲਕ ਸੰਗ ॥

बेख बेख नृपान के बिहरंत बालक संग ॥

bekh bekh nirapaan ke bihara(n)t baalak sa(n)g ||

ਭਾਤਿ ਭਾਤਨ ਕੇ ਧਰੇ ਤਨ ਚੀਰ ਰੰਗ ਤਰੰਗ ॥੬੧॥

भाति भातन के धरे तन चीर रंग तरंग ॥६१॥

bhaat bhaatan ke dhare tan cheer ra(n)g tara(n)g ||61||


ਐਸਿ ਬਾਤ ਭਈ ਇਤੈ ਉਹ ਓਰ ਬਿਸ੍ਵਾਮਿਤ੍ਰ ॥

ऐसि बात भई इतै उह ओर बिस्वामित्र ॥

aais baat bhiee itai uh or bisavaiaamitr ||

ਜੱਗ ਕੋ ਸੁ ਕਰਿਯੋ ਅਰੰਭਨ ਤੋਖਨਾਰਥ ਪਿਤ੍ਰ ॥

जग्ग को सु करियो अरंभन तोखनारथ पित्र ॥

ja'g ko su kariyo ara(n)bhan tokhanaarath pitr ||

ਹੋਮ ਕੀ ਲੈ ਬਾਸਨਾ ਉਠ ਧਾਤ ਦੈਤ ਦੁਰੰਤ ॥

होम की लै बासना उठ धात दैत दुरंत ॥

hom kee lai baasanaa uTh dhaat dhait dhura(n)t ||

ਲੂਟ ਖਾਤ ਸਬੈ ਸਮਗਰੀ ਮਾਰ ਕੂਟਿ ਮਹੰਤ ॥੬੨॥

लूट खात सबै समगरी मार कूटि महंत ॥६२॥

looT khaat sabai samagaree maar kooT maha(n)t ||62||


ਲੂਟ ਖਾਤਹ ਵਿਖਯ ਜੇ ਤਿਨ ਪੈ ਕਛੂ ਨ ਬਸਾਇ ॥

लूट खातह विखय जे तिन पै कछू न बसाइ ॥

looT khaateh vikhay je tin pai kachhoo na basai ||

ਤਾਕ ਅਉਧਹ ਆਇਯੋ ਤਬ ਰੋਸ ਕੈ ਮੁਨਿ ਰਾਇ ॥

ताक अउधह आइयो तब रोस कै मुनि राइ ॥

taak aaudheh aaiyo tab ros kai mun rai ||

ਆਇ ਭੂਪਤ ਕੱਉ ਕਹਾ ਸੁਤ ਦੇਹੁ ਮੋ ਕਉ ਰਾਮ ॥

आइ भूपत कउ्उ कहा सुत देहु मो कउ राम ॥

aai bhoopat ka'au kahaa sut dheh mo kau raam ||

ਨਾਤ੍ਰ ਤੋ ਕੱਉ ਭਸਮ ਕਰਿ ਹੱਉ ਆਜ ਹੀ ਇਹ ਠਾਮ ॥੬੩॥

नात्र तो कउ्उ भसम करि हउ्उ आज ही इह ठाम ॥६३॥

naatr to ka'au bhasam kar ha'au aaj hee ieh Thaam ||63||


ਕੋਪ ਦੇਖਿ ਮੁਨੀਸ ਕੱਉ ਨ੍ਰਿਪ ਪੂਤ ਤਾ ਸੰਗ ਦੀਨ ॥

कोप देखि मुनीस कउ्उ नृप पूत ता संग दीन ॥

kop dhekh munees ka'au nirap poot taa sa(n)g dheen ||

ਜੱਗ ਮੰਡਲ ਕੱਉ ਚਲਯੋ ਲੈ ਤਾਹਿ ਸੰਗਿ ਪ੍ਰਬੀਨ ॥

जग्ग मंडल कउ्उ चलयो लै ताहि संगि प्रबीन ॥

ja'g ma(n)ddal ka'au chalayo lai taeh sa(n)g prabeen ||

ਏਕ ਮਾਰਗ ਦੂਰ ਹੈ ਇਕ ਨੀਅਰ ਹੈ ਸੁਨਿ ਰਾਮ ॥

एक मारग दूर है इक नीअर है सुनि राम ॥

ek maarag dhoor hai ik neear hai sun raam ||

ਰਾਹ ਮਾਰਤ ਰਾਛਸੀ ਜਿਹ ਤਾਰਕਾ ਗਨਿ ਨਾਮ ॥੬੪॥

राह मारत राछसी जिह तारका गनि नाम ॥६४॥

raeh maarat raachhasee jeh taarakaa gan naam ||64||


ਜਉਨ ਮਾਰਗ ਤੀਰ ਹੈ ਤਿਹ ਰਾਹ ਚਾਲਹੁ ਆਜ ॥

जउन मारग तीर है तिह राह चालहु आज ॥

jaun maarag teer hai teh raeh chaalahu aaj ||

ਚਿੱਤ ਚਿੰਤ ਨ ਕੀਜੀਐ ਦਿਵ ਦੇਵ ਕੇ ਹੈਂ ਕਾਜ ॥

चित्त चिंत न कीजीऐ दिव देव के हैं काज ॥

chi't chi(n)t na keejeeaai dhiv dhev ke hai(n) kaaj ||

ਬਾਟਿ ਚਾਪੈ ਜਾਤ ਹੈਂ ਤਬ ਲਉ ਨਿਸਾਚਰ ਆਨ ॥

बाटि चापै जात हैं तब लउ निसाचर आन ॥

baaT chaapai jaat hai(n) tab lau nisaachar aan ||

ਜਾਹੁਗੇ ਕਤ ਰਾਮ ਕਹਿ ਮਗਿ ਰੋਕਿਯੋ ਤਜਿ ਕਾਨ ॥੬੫॥

जाहुगे कत राम कहि मगि रोकियो तजि कान ॥६५॥

jaahuge kat raam keh mag rokiyo taj kaan ||65||


ਦੇਖਿ ਰਾਮ ਨਿਸਾਚਰੀ ਗਹਿ ਲੀਨ ਬਾਨ ਕਮਾਨ ॥

देखि राम निसाचरी गहि लीन बान कमान ॥

dhekh raam nisaacharee geh leen baan kamaan ||

ਭਾਲ ਮਧ ਪ੍ਰਹਾਰਿਯੋ ਸੁਰ ਤਾਨਿ ਕਾਨ ਪ੍ਰਮਾਨ ॥

भाल मध प्रहारियो सुर तानि कान प्रमान ॥

bhaal madh prahaariyo sur taan kaan pramaan ||

ਬਾਨ ਲਾਗਤ ਹੀ ਗਿਰੀ ਬਿਸੰਭਾਰੁ ਦੇਹਿ ਬਿਸਾਲ ॥

बान लागत ही गिरी बिसंभारु देहि बिसाल ॥

baan laagat hee giree bisa(n)bhaar dheh bisaal ||

ਹਾਥਿ ਸ੍ਰੀ ਰਘੁਨਾਥ ਕੇ ਭਯੋ ਪਾਪਨੀ ਕੋ ਕਾਲ ॥੬੬॥

हाथि स्री रघुनाथ के भयो पापनी को काल ॥६६॥

haath sree raghunaath ke bhayo paapanee ko kaal ||66||


ਐਸ ਤਾਹਿ ਸੰਘਾਰ ਕੈ ਕਰ ਜੱਗ ਮੰਡਲ ਮੰਡ ॥

ऐस ताहि संघार कै कर जग्ग मंडल मंड ॥

aais taeh sa(n)ghaar kai kar ja'g ma(n)ddal ma(n)dd ||

ਆਇਗੇ ਤਬ ਲਉ ਨਿਸਾਚਰ ਦੀਹ ਦੇਇ ਪ੍ਰਚੰਡ ॥

आइगे तब लउ निसाचर दीह देइ प्रचंड ॥

aaige tab lau nisaachar dheeh dhei pracha(n)dd ||

ਭਾਜਿ ਭਾਜਿ ਚਲੇ ਸਭੈ ਰਿਖ ਠਾਢ ਭੇ ਹਠਿ ਰਾਮ ॥

भाजि भाजि चले सभै रिख ठाढ भे हठि राम ॥

bhaaj bhaaj chale sabhai rikh Thaadd bhe haTh raam ||

ਜੁੱਧ ਕ੍ਰੁੱਧ ਕਰਿਯੋ ਤਿਹੂੰ ਤਿਹ ਠਉਰ ਸੋਰਹ ਜਾਮ ॥੬੭॥

जुद्ध क्रुद्ध करियो तिहूँ तिह ठउर सोरह जाम ॥६७॥

ju'dh kru'dh kariyo tihoo(n) teh Thaur soreh jaam ||67||


ਮਾਰ ਮਾਰ ਪੁਕਾਰ ਦਾਨਵ ਸਸਤ੍ਰ ਅਸਤ੍ਰ ਸੰਭਾਰਿ ॥

मार मार पुकार दानव ससत्र असत्र संभारि ॥

maar maar pukaar dhaanav sasatr asatr sa(n)bhaar ||

ਬਾਨ ਪਾਨ ਕਮਾਨ ਕੱਉ ਧਰਿ ਤਬਰ ਤਿੱਛ ਕੁਠਾਰਿ ॥

बान पान कमान कउ्उ धरि तबर तिच्छ कुठारि ॥

baan paan kamaan ka'au dhar tabar ti'chh kuThaar ||

ਘੋਰਿ ਘੋਰਿ ਦਸੋ ਦਿਸਾ ਨਹਿ ਸੂਰਬੀਰ ਪ੍ਰਮਾਥ ॥

घोरि घोरि दसो दिसा नहि सूरबीर प्रमाथ ॥

ghor ghor dhaso dhisaa neh soorabeer pramaath ||

ਆਇ ਕੈ ਜੂਝੇ ਸਬੈ ਰਣ ਰਾਮ ਏਕਲ ਸਾਥ ॥੬੮॥

आइ कै जूझे सबै रण राम एकल साथ ॥६८॥

aai kai joojhe sabai ran raam ekal saath ||68||


ਰਸਾਵਲ ਛੰਦ ॥

रसावल छंद ॥

rasaaval chha(n)dh ||


ਰਣੰ ਪੇਖਿ ਰਾਮੰ ॥

रणं पेखि रामं ॥

rana(n) pekh raama(n) ||

ਧੁਜੰ ਧਰਮ ਧਾਮੰ ॥

धुजं धरम धामं ॥

dhuja(n) dharam dhaama(n) ||

ਚਹੂੰ ਓਰ ਢੂਕੇ ॥

चहूँ ओर ढूके ॥

chahoo(n) or ddooke ||

ਮੁਖੰ ਮਾਰ ਕੂਕੇ ॥੬੯॥

मुखं मार कूके ॥६९॥

mukha(n) maar kooke ||69||


ਬਜੇ ਘੋਰ ਬਾਜੇ ॥

बजे घोर बाजे ॥

baje ghor baaje ||

ਧੁਣੰ ਮੇਘ ਲਾਜੇ ॥

धुणं मेघ लाजे ॥

dhuna(n) megh laaje ||

ਝੰਡਾ ਗੱਡ ਗਾੜੇ ॥

झंडा गड्ड गाड़े ॥

jha(n)ddaa ga'dd gaaRe ||

ਮੰਡੇ ਬੈਰ ਬਾੜੇ ॥੭੦॥

मंडे बैर बाड़े ॥७०॥

ma(n)dde bair baaRe ||70||


ਕੜੱਕੇ ਕਮਾਣੰ ॥

कड़क्के कमाणं ॥

kaRa'ke kamaana(n) ||


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