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200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


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ਅਥ ਚੰਦ੍ਰ ਅਵਤਾਰ ਕਥਨੰ ॥

अथ चंद्र अवतार कथनं ॥

ath cha(n)dhr avataar kathana(n) ||


ਸ੍ਰੀ ਭਗਉਤੀ ਜੀ ਸਹਾਇ ॥

स्री भगउती जी सहाइ ॥

sree bhagautee jee sahai ||


ਦੋਧਕ ਛੰਦ ॥

दोधक छंद ॥

dhodhak chha(n)dh ||


ਫੇਰਿ ਗਨੋ ਨਿਸਰਾਜ ਬਿਚਾਰਾ ॥

फेरि गनो निसराज बिचारा ॥

fer gano nisaraaj bichaaraa ||

ਜੈਸ ਧਰਯੋ ਅਵਤਾਰ ਮੁਰਾਰਾ ॥

जैस धरयो अवतार मुरारा ॥

jais dharayo avataar muraaraa ||

ਬਾਤ ਪੁਰਾਤਨ ਭਾਖ ਸੁਨਾਊਾਂ ॥

बात पुरातन भाख सुनाऊाँ ॥

baat puraatan bhaakh sunaauooaa(n) ||

ਜਾ ਤੇ ਕਬ ਕੁਲ ਸਰਬ ਰਿਝਾਊਾਂ ॥੧॥

जा ते कब कुल सरब रिझाऊाँ ॥१॥

jaa te kab kul sarab rijhaauooaa(n) ||1||


ਦੋਧਕ ॥

दोधक ॥

dhodhak ||

ਨੈਕ ਕ੍ਰਿਸਾ ਕਹੁ ਠਉਰ ਨ ਹੋਈ ॥

नैक कृसा कहु ठउर न होई ॥

naik kirasaa kahu Thaur na hoiee ||

ਭੂਖਨ ਲੋਗ ਮਰੈ ਸਭ ਕੋਈ ॥

भूखन लोग मरै सभ कोई ॥

bhookhan log marai sabh koiee ||

ਅੰਧਿ ਨਿਸਾ ਦਿਨ ਭਾਨੁ ਜਰਾਵੈ ॥

अंधि निसा दिन भानु जरावै ॥

a(n)dh nisaa dhin bhaan jaraavai ||

ਤਾ ਤੇ ਕ੍ਰਿਸ ਕਹੂੰ ਹੋਨ ਨ ਪਾਵੈ ॥੨॥

ता ते कृस कहूँ होन न पावै ॥२॥

taa te kiras kahoo(n) hon na paavai ||2||


ਲੋਗ ਸਭੈ ਇਹ ਤੇ ਅਕੁਲਾਨੇ ॥

लोग सभै इह ते अकुलाने ॥

log sabhai ieh te akulaane ||

ਭਾਜਿ ਚਲੇ ਜਿਮ ਪਾਤ ਪੁਰਾਨੇ ॥

भाजि चले जिम पात पुराने ॥

bhaaj chale jim paat puraane ||

ਭਾਤ ਹੀ ਭਾਤ ਕਰੇ ਹਰਿ ਸੇਵਾ ॥

भात ही भात करे हरि सेवा ॥

bhaat hee bhaat kare har sevaa ||

ਤਾ ਤੇ ਪ੍ਰਸੰਨ ਭਏ ਗੁਰਦੇਵਾ ॥੩॥

ता ते प्रसंन भए गुरदेवा ॥३॥

taa te prasa(n)n bhe gurdhevaa ||3||


ਨਾਰਿ ਨ ਸੇਵ ਕਰੈਂ ਨਿਜ ਨਾਥੰ ॥

नारि न सेव करैं निज नाथं ॥

naar na sev karai(n) nij naatha(n) ||

ਲੀਨੇ ਹੀ ਰੋਸੁ ਫਿਰੈਂ ਜੀਅ ਸਾਥੰ ॥

लीने ही रोसु फिरैं जीअ साथं ॥

leene hee ros firai(n) jeea saatha(n) ||

ਕਾਮਨਿ ਕਾਮੁ ਕਹੂੰ ਨ ਸੰਤਾਵੈ ॥

कामनि कामु कहूँ न संतावै ॥

kaaman kaam kahoo(n) na sa(n)taavai ||

ਕਾਮ ਬਿਨਾ ਕੋਊ ਕਾਮੁ ਨ ਭਾਵੈ ॥੪॥

काम बिना कोऊ कामु न भावै ॥४॥

kaam binaa kouoo kaam na bhaavai ||4||


ਤੋਮਰ ਛੰਦ ॥

तोमर छंद ॥

tomar chha(n)dh ||


ਪੂਜੇ ਨ ਕੋ ਤ੍ਰੀਯਾ ਨਾਥ ॥

पूजे न को त्रीया नाथ ॥

pooje na ko treeyaa naath ||

ਐਂਠੀ ਫਿਰੈ ਜੀਅ ਸਾਥ ॥

ऐंठी फिरै जीअ साथ ॥

aai(n)Thee firai jeea saath ||

ਦੁਖੁ ਵੈ ਨ ਤਿਨ ਕਹੁ ਕਾਮ ॥

दुखु वै न तिन कहु काम ॥

dhukh vai na tin kahu kaam ||

ਤਾ ਤੇ ਨ ਬਿਨਵਤ ਬਾਮ ॥੫॥

ता ते न बिनवत बाम ॥५॥

taa te na binavat baam ||5||


ਕਰ ਹੈ ਨ ਪਤਿ ਕੀ ਸੇਵ ॥

कर है न पति की सेव ॥

kar hai na pat kee sev ||

ਪੂਜੈ ਨ ਗੁਰ ਗੁਰਦੇਵ ॥

पूजै न गुर गुरदेव ॥

poojai na gur gurdhev ||

ਧਰ ਹੈਂ ਨ ਹਰਿ ਕੋ ਧਯਾਨ ॥

धर हैं न हरि को धयान ॥

dhar hai(n) na har ko dhayaan ||

ਕਰਿ ਹੈਂ ਨ ਨਿਤ ਇਸਨਾਨ ॥੬॥

करि हैं न नित इसनान ॥६॥

kar hai(n) na nit isanaan ||6||


ਤਬ ਕਾਲ ਪੁਰਖ ਬੁਲਾਇ ॥

तब काल पुरख बुलाइ ॥

tab kaal purakh bulai ||

ਬਿਸਨੈ ਕਹਯੋ ਸਮਝਾਇ ॥

बिसनै कहयो समझाइ ॥

bisanai kahayo samajhai ||

ਸਸਿ ਕੋ ਧਰਿਹੁ ਅਵਤਾਰ ॥

ससि को धरिहु अवतार ॥

sas ko dharih avataar ||

ਨਹੀ ਆਨ ਬਾਤ ਬਿਚਾਰ ॥੭॥

नही आन बात बिचार ॥७॥

nahee aan baat bichaar ||7||


ਤਬ ਬਿਸਨ ਸੀਸ ਨਿਵਾਇ ॥

तब बिसन सीस निवाइ ॥

tab bisan sees nivai ||

ਕਰਿ ਜੋਰਿ ਕਹੀ ਬਨਾਇ ॥

करि जोरि कही बनाइ ॥

kar jor kahee banai ||

ਧਰਿਹੋਂ ਦਿਨਾਤ ਵਤਾਰ ॥

धरिहों दिनात वतार ॥

dhariho(n) dhinaat vataar ||

ਜਿਤ ਹੋਇ ਜਗਤ ਕੁਮਾਰ ॥੮॥

जित होइ जगत कुमार ॥८॥

jit hoi jagat kumaar ||8||


ਤਬ ਮਹਾ ਤੇਜ ਮੁਰਾਰ ॥

तब महा तेज मुरार ॥

tab mahaa tej muraar ||

ਧਰਿਯੋ ਸੁ ਚੰਦ੍ਰ ਅਵਤਾਰ ॥

धरियो सु चंद्र अवतार ॥

dhariyo su cha(n)dhr avataar ||

ਤਨ ਕੈ ਮਦਨ ਕੋ ਬਾਨ ॥

तन कै मदन को बान ॥

tan kai madhan ko baan ||

ਮਾਰਿਯੋ ਤ੍ਰੀਯਨ ਕਹ ਤਾਨ ॥੯॥

मारियो त्रीयन कह तान ॥९॥

maariyo treeyan keh taan ||9||


ਤਾ ਤੇ ਭਈ ਤ੍ਰੀਯ ਦੀਨ ॥

ता ते भई त्रीय दीन ॥

taa te bhiee treey dheen ||

ਸਭ ਗਰਬ ਹੁਐ ਗਯੋ ਛੀਨ ॥

सभ गरब हुऐ गयो छीन ॥

sabh garab huaai gayo chheen ||

ਲਾਗੀ ਕਰਨ ਪਤਿ ਸੇਵ ॥

लागी करन पति सेव ॥

laagee karan pat sev ||

ਯਾ ਤੇ ਪ੍ਰਸੰਨਿ ਭਏ ਦੇਵ ॥੧੦॥

या ते प्रसंनि भए देव ॥१०॥

yaa te prasa(n)n bhe dhev ||10||


ਬਹੁ ਕ੍ਰਿਸਾ ਲਾਗੀ ਹੋਨ ॥

बहु कृसा लागी होन ॥

bahu kirasaa laagee hon ||

ਲਖ ਚੰਦ੍ਰਮਾ ਕੀ ਜੌਨ ॥

लख चंद्रमा की जौन ॥

lakh cha(n)dhramaa kee jauan ||

ਸਭ ਭਏ ਸਿਧ ਬਿਚਾਰ ॥

सभ भए सिध बिचार ॥

sabh bhe sidh bichaar ||

ਇਮ ਭਯੋ ਚੰਦ੍ਰ ਅਵਤਾਰ ॥੧੧॥

इम भयो चंद्र अवतार ॥११॥

eim bhayo cha(n)dhr avataar ||11||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਇਮ ਹਰਿ ਧਰਾ ਚੰਦ੍ਰ ਅਵਤਾਰਾ ॥

इम हरि धरा चंद्र अवतारा ॥

eim har dharaa cha(n)dhr avataaraa ||

ਬਢਿਯੋ ਗਰਬ ਲਹਿ ਰੂਪ ਅਪਾਰਾ ॥

बढियो गरब लहि रूप अपारा ॥

baddiyo garab leh roop apaaraa ||

ਆਨ ਕਿਸੂ ਕਹੁ ਚਿਤ ਨ ਲਿਆਯੋ ॥

आन किसू कहु चित न लिआयो ॥

aan kisoo kahu chit na liaayo ||

ਤਾ ਤੇ ਤਾਹਿ ਕਲੰਕ ਲਗਾਯੋ ॥੧੨॥

ता ते ताहि कलंक लगायो ॥१२॥

taa te taeh kala(n)k lagaayo ||12||


ਭਜਤ ਭਯੋ ਅੰਬਰ ਕੀ ਦਾਰਾ ॥

भजत भयो अंबर की दारा ॥

bhajat bhayo a(n)bar kee dhaaraa ||

ਤਾ ਤੇ ਕੀਯ ਮੁਨ ਰੋਸ ਅਪਾਰਾ ॥

ता ते कीय मुन रोस अपारा ॥

taa te keey mun ros apaaraa ||

ਕਿਸਨਾਰਜੁਨ ਮ੍ਰਿਗ ਚਰਮ ਚਲਾਯੋ ॥

किसनारजुन मृग चरम चलायो ॥

kisanaarajun mirag charam chalaayo ||

ਤਿਹ ਕਰਿ ਤਾਹਿ ਕਲੰਕ ਲਗਾਯੋ ॥੧੩॥

तिह करि ताहि कलंक लगायो ॥१३॥

teh kar taeh kala(n)k lagaayo ||13||


ਸ੍ਰਾਪ ਲਗਯੋ ਤਾ ਕੋ ਮੁਨਿ ਸੰਦਾ ॥

स्राप लगयो ता को मुनि संदा ॥

sraap lagayo taa ko mun sa(n)dhaa ||

ਘਟਤ ਬਢਤ ਤਾ ਦਿਨ ਤੇ ਚੰਦਾ ॥

घटत बढत ता दिन ते चंदा ॥

ghaTat baddat taa dhin te cha(n)dhaa ||

ਲਜਿਤ ਅਧਿਕ ਹਿਰਦੇ ਮੋ ਭਯੋ ॥

लजित अधिक हिरदे मो भयो ॥

lajit adhik hiradhe mo bhayo ||

ਗਰਬ ਅਖਰਬ ਦੂਰ ਹੁਐ ਗਯੋ ॥੧੪॥

गरब अखरब दूर हुऐ गयो ॥१४॥

garab akharab dhoor huaai gayo ||14||


ਤਪਸਾ ਕਰੀ ਬਹੁਰੁ ਤਿਹ ਕਾਲਾ ॥

तपसा करी बहुरु तिह काला ॥

tapasaa karee bahur teh kaalaa ||

ਕਾਲ ਪੁਰਖ ਪੁਨ ਭਯੋ ਦਿਆਲਾ ॥

काल पुरख पुन भयो दिआला ॥

kaal purakh pun bhayo dhiaalaa ||

ਛਈ ਰੋਗ ਤਿਹ ਸਕਲ ਬਿਨਾਸਾ ॥

छई रोग तिह सकल बिनासा ॥

chhiee rog teh sakal binaasaa ||

ਭਯੋ ਸੂਰ ਤੇ ਊਚ ਨਿਵਾਸਾ ॥੧੫॥

भयो सूर ते ऊच निवासा ॥१५॥

bhayo soor te uooch nivaasaa ||15||


ਇਤਿ ਚੰਦ੍ਰ ਅਵਤਾਰ ਉਨੀਸਵੋਂ ॥੧੯॥ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥

इति चंद्र अवतार उनीसवों ॥१९॥ सुभम सतु ॥

eit cha(n)dhr avataar uneesavo(n) ||19|| subham sat ||



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