P-16 Arihanta Dev Avatar (Chaubis Avatar) (hindi punjabi english)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
---

ਅਥ ਅਰਿਹੰਤ ਦੇਵ ਅਵਤਾਰ ਕਥਨੰ ॥

अथ अरिहंत देव अवतार कथनं ॥

ath ariha(n)t dhev avataar kathana(n) ||


ਸ੍ਰੀ ਭਗਉਤੀ ਜੀ ਸਹਾਇ ॥

स्री भगउती जी सहाइ ॥

sree bhagautee jee sahai ||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਜਬ ਜਬ ਦਾਨਵ ਕਰਤ ਪਾਸਾਰਾ ॥

जब जब दानव करत पासारा ॥

jab jab dhaanav karat paasaaraa ||

ਤਬ ਤਬ ਬਿਸਨੁ ਕਰਤ ਸੰਘਾਰਾ ॥

तब तब बिसनु करत संघारा ॥

tab tab bisan karat sa(n)ghaaraa ||

ਸਕਲ ਅਸੁਰ ਇਕਠੇ ਤਹਾ ਭਏ ॥

सकल असुर इकठे तहा भए ॥

sakal asur ikaThe tahaa bhe ||

ਸੁਰ ਅਰਿ ਗੁਰੁ ਮੰਦਰਿ ਚਲਿ ਗਏ ॥੧॥

सुर अरि गुरु मंदरि चलि गए ॥१॥

sur ar gur ma(n)dhar chal ge ||1||


ਸਬਹੂੰ ਮਿਲਿ ਅਸ ਕਰਿਯੋ ਬਿਚਾਰਾ ॥

सबहूँ मिलि अस करियो बिचारा ॥

sabahoo(n) mil as kariyo bichaaraa ||

ਦਈਤਨ ਕਰਤ ਘਾਤ ਅਸੁਰਾਰਾ ॥

दईतन करत घात असुरारा ॥

dhieetan karat ghaat asuraaraa ||

ਤਾ ਤੇ ਐਸ ਕਰੌ ਕਿਛੁ ਘਾਤਾ ॥

ता ते ऐस करौ किछु घाता ॥

taa te aais karau kichh ghaataa ||

ਜਾ ਤੇ ਬਨੇ ਹਮਾਰੀ ਬਾਤਾ ॥੨॥

जा ते बने हमारी बाता ॥२॥

jaa te bane hamaaree baataa ||2||


ਦਈਤ ਗੁਰੂ ਇਮ ਬਚਨ ਬਖਾਨਾ ॥

दईत गुरू इम बचन बखाना ॥

dhieet guroo im bachan bakhaanaa ||

ਤੁਮ ਦਾਨਵੋ ਨ ਭੇਦ ਪਛਾਨਾ ॥

तुम दानवो न भेद पछाना ॥

tum dhaanavo na bhedh pachhaanaa ||

ਵੇ ਮਿਲਿ ਜਗ ਕਰਤ ਬਹੁ ਭਾਤਾ ॥

वे मिलि जग करत बहु भाता ॥

ve mil jag karat bahu bhaataa ||

ਕੁਸਲ ਹੋਤ ਤਾ ਤੇ ਦਿਨ ਰਾਤਾ ॥੩॥

कुसल होत ता ते दिन राता ॥३॥

kusal hot taa te dhin raataa ||3||


ਤੁਮ ਹੂੰ ਕਰੋ ਜਗ ਆਰੰਭਨ ॥

तुम हूँ करो जग आरंभन ॥

tum hoo(n) karo jag aara(n)bhan ||

ਬਿਜੈ ਹੋਇ ਤੁਮਰੀ ਤਾ ਤੇ ਰਣ ॥

बिजै होइ तुमरी ता ते रण ॥

bijai hoi tumaree taa te ran ||

ਜਗ ਅਰੰਭ੍ਯ ਦਾਨਵਨ ਕਰਾ ॥

जग अरंभ्य दानवन करा ॥

jag ara(n)bhay dhaanavan karaa ||

ਬਚਨ ਸੁਨਤ ਸੁਰਪੁਰਿ ਥਰਹਰਾ ॥੪॥

बचन सुनत सुरपुरि थरहरा ॥४॥

bachan sunat surapur tharaharaa ||4||


ਬਿਸਨੁ ਬੋਲ ਕਰਿ ਕਰੋ ਬਿਚਾਰਾ ॥

बिसनु बोल करि करो बिचारा ॥

bisan bol kar karo bichaaraa ||

ਅਬ ਕਛੁ ਕਰੋ ਮੰਤ੍ਰ ਅਸੁਰਾਰਾ ॥

अब कछु करो मंत्र असुरारा ॥

ab kachh karo ma(n)tr asuraaraa ||

ਬਿਸਨੁ ਨਵੀਨ ਕਹਿਯੋ ਬਪੁ ਧਰਿਹੋ ॥

बिसनु नवीन कहियो बपु धरिहो ॥

bisan naveen kahiyo bap dhariho ||

ਜਗ ਬਿਘਨ ਅਸੁਰਨ ਕੋ ਕਰਿਹੋ ॥੫॥

जग बिघन असुरन को करिहो ॥५॥

jag bighan asuran ko kariho ||5||


ਬਿਸਨੁ ਅਧਿਕ ਕੀਨੋ ਇਸਨਾਨਾ ॥

बिसनु अधिक कीनो इसनाना ॥

bisan adhik keeno isanaanaa ||

ਦੀਨੇ ਅਮਿਤ ਦਿਜਨ ਕਹੁ ਦਾਨਾ ॥

दीने अमित दिजन कहु दाना ॥

dheene amit dhijan kahu dhaanaa ||

ਮਨ ਮੋ ਕਵਲਾ ਸ੍ਰਿਜੋ ਗ੍ਯਾਨਾ ॥

मन मो कवला सृजो ग्याना ॥

man mo kavalaa sirajo gayaanaa ||

ਕਾਲ ਪੁਰਖ ਕੋ ਧਰ੍ਯੋ ਧ੍ਯਾਨਾ ॥੬॥

काल पुरख को धर्यो ध्याना ॥६॥

kaal purakh ko dharayo dhayaanaa ||6||


ਕਾਲ ਪੁਰਖ ਤਬ ਭਏ ਦਇਆਲਾ ॥

काल पुरख तब भए दइआला ॥

kaal purakh tab bhe dhiaalaa ||

ਦਾਸ ਜਾਨ ਕਹ ਬਚਨ ਰਿਸਾਲਾ ॥

दास जान कह बचन रिसाला ॥

dhaas jaan keh bachan risaalaa ||

ਧਰੁ ਅਰਹੰਤ ਦੇਵ ਕੋ ਰੂਪਾ ॥

धरु अरहंत देव को रूपा ॥

dhar araha(n)t dhev ko roopaa ||

ਨਾਸ ਕਰੋ ਅਸੁਰਨ ਕੇ ਭੂਪਾ ॥੭॥

नास करो असुरन के भूपा ॥७॥

naas karo asuran ke bhoopaa ||7||


ਬਿਸਨੁ ਦੇਵ ਆਗਿਆ ਜਬ ਪਾਈ ॥

बिसनु देव आगिआ जब पाई ॥

bisan dhev aagiaa jab paiee ||

ਕਾਲ ਪੁਰਖ ਕੀ ਕਰੀ ਬਡਾਈ ॥

काल पुरख की करी बडाई ॥

kaal purakh kee karee baddaiee ||

ਭੂ ਅਰਹੰਤ ਦੇਵ ਬਨਿ ਆਯੋ ॥

भू अरहंत देव बनि आयो ॥

bhoo araha(n)t dhev ban aayo ||

ਆਨਿ ਅਉਰ ਹੀ ਪੰਥ ਚਲਾਯੋ ॥੮॥

आनि अउर ही पंथ चलायो ॥८॥

aan aaur hee pa(n)th chalaayo ||8||


ਜਬ ਅਸੁਰਨ ਕੋ ਭਯੋ ਗੁਰੁ ਆਈ ॥

जब असुरन को भयो गुरु आई ॥

jab asuran ko bhayo gur aaiee ||

ਬਹੁਤ ਭਾਤਿ ਨਿਜ ਮਤਹਿ ਚਲਾਈ ॥

बहुत भाति निज मतहि चलाई ॥

bahut bhaat nij mateh chalaiee ||

ਸ੍ਰਾਵਗ ਮਤ ਉਪਰਾਜਨ ਕੀਆ ॥

स्रावग मत उपराजन कीआ ॥

sraavag mat uparaajan keeaa ||

ਸੰਤ ਸਬੂਹਨ ਕੋ ਸੁਖ ਦੀਆ ॥੯॥

संत सबूहन को सुख दीआ ॥९॥

sa(n)t saboohan ko sukh dheeaa ||9||


ਸਬਹੂੰ ਹਾਥਿ ਮੋਚਨਾ ਦੀਏ ॥

सबहूँ हाथि मोचना दीए ॥

sabahoo(n) haath mochanaa dhe'ee ||

ਸਿਖਾ ਹੀਣ ਦਾਨਵ ਬਹੁ ਕੀਏ ॥

सिखा हीण दानव बहु कीए ॥

sikhaa heen dhaanav bahu ke'ee ||

ਸਿਖਾ ਹੀਣ ਕੋਈ ਮੰਤ੍ਰ ਨ ਫੁਰੈ ॥

सिखा हीण कोई मंत्र न फुरै ॥

sikhaa heen koiee ma(n)tr na furai ||

ਜੋ ਕੋਈ ਜਪੈ ਉਲਟ ਤਿਹ ਪਰੈ ॥੧੦॥

जो कोई जपै उलट तिह परै ॥१०॥

jo koiee japai ulaT teh parai ||10||


ਬਹੁਰਿ ਜਗ ਕੋ ਕਰਬ ਮਿਟਾਯੋ ॥

बहुरि जग को करब मिटायो ॥

bahur jag ko karab miTaayo ||

ਜੀਅ ਹਿੰਸਾ ਤੇ ਸਬਹੂੰ ਹਟਾਯੋ ॥

जीअ हिंसा ते सबहूँ हटायो ॥

jeea hi(n)saa te sabahoo(n) haTaayo ||

ਬਿਨੁ ਹਿੰਸਾ ਕੀਅ ਜਗ ਨ ਹੋਈ ॥

बिनु हिंसा कीअ जग न होई ॥

bin hi(n)saa keea jag na hoiee ||

ਤਾ ਤੇ ਜਗ ਕਰੇ ਨ ਕੋਈ ॥੧੧॥

ता ते जग करे न कोई ॥११॥

taa te jag kare na koiee ||11||


ਯਾ ਤੇ ਭਯੋ ਜਗਨ ਕੋ ਨਾਸਾ ॥

या ते भयो जगन को नासा ॥

yaa te bhayo jagan ko naasaa ||

ਜੋ ਜੀਯ ਹਨੈ ਹੋਇ ਉਪਹਾਸਾ ॥

जो जीय हनै होइ उपहासा ॥

jo jeey hanai hoi upahaasaa ||

ਜੀਅ ਮਰੇ ਬਿਨੁ ਜਗ ਨ ਹੋਈ ॥

जीअ मरे बिनु जग न होई ॥

jeea mare bin jag na hoiee ||

ਜਗ ਕਰੈ ਪਾਵੈ ਨਹੀ ਕੋਈ ॥੧੨॥

जग करै पावै नही कोई ॥१२॥

jag karai paavai nahee koiee ||12||


ਇਹ ਬਿਧਿ ਦੀਯੋ ਸਭਨ ਉਪਦੇਸਾ ॥

इह बिधि दीयो सभन उपदेसा ॥

eeh bidh dheeyo sabhan upadhesaa ||

ਜਗ ਸਕੈ ਕੋ ਕਰ ਨ ਨਰੇਸਾ ॥

जग सकै को कर न नरेसा ॥

jag sakai ko kar na naresaa ||

ਅਪੰਥ ਪੰਥ ਸਭ ਲੋਗਨ ਲਾਯਾ ॥

अपंथ पंथ सभ लोगन लाया ॥

apa(n)th pa(n)th sabh logan laayaa ||

ਧਰਮ ਕਰਮ ਕੋਊ ਕਰਨ ਨ ਪਾਯਾ ॥੧੩॥

धरम करम कोऊ करन न पाया ॥१३॥

dharam karam kouoo karan na paayaa ||13||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਅੰਨਿ ਅੰਨਿ ਤੇ ਹੋਤੁ ਜਿਯੋ ਘਾਸਿ ਘਾਸਿ ਤੇ ਹੋਇ ॥

अंनि अंनि ते होतु जियो घासि घासि ते होइ ॥

a(n)n a(n)n te hot jiyo ghaas ghaas te hoi ||

ਤੈਸੇ ਮਨੁਛ ਮਨੁਛ ਤੇ ਅਵਰੁ ਨ ਕਰਤਾ ਕੋਇ ॥੧੪॥

तैसे मनुछ मनुछ ते अवरु न करता कोइ ॥१४॥

taise manuchh manuchh te avar na karataa koi ||14||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਐਸ ਗਿਆਨ ਸਬਹੂਨ ਦ੍ਰਿੜਾਯੋ ॥

ऐस गिआन सबहून दृड़ायो ॥

aais giaan sabahoon dhiraRaayo ||

ਧਰਮ ਕਰਮ ਕੋਊ ਕਰਨ ਨ ਪਾਯੋ ॥

धरम करम कोऊ करन न पायो ॥

dharam karam kouoo karan na paayo ||

ਇਹ ਬ੍ਰਿਤ ਬੀਚ ਸਭੋ ਚਿਤ ਦੀਨਾ ॥

इह बृत बीच सभो चित दीना ॥

eeh birat beech sabho chit dheenaa ||

ਅਸੁਰ ਬੰਸ ਤਾ ਤੇ ਭਯੋ ਛੀਨਾ ॥੧੫॥

असुर बंस ता ते भयो छीना ॥१५॥

asur ba(n)s taa te bhayo chheenaa ||15||


ਨ੍ਰਹਾਵਨ ਦੈਤ ਨ ਪਾਵੈ ਕੋਈ ॥

न्रहावन दैत न पावै कोई ॥

nrahaavan dhait na paavai koiee ||

ਬਿਨੁ ਇਸਨਾਨ ਪਵਿਤ੍ਰ ਨ ਹੋਈ ॥

बिनु इसनान पवित्र न होई ॥

bin isanaan pavitr na hoiee ||

ਬਿਨੁ ਪਵਿਤ੍ਰ ਕੋਈ ਫੁਰੇ ਨ ਮੰਤ੍ਰਾ ॥

बिनु पवित्र कोई फुरे न मंत्रा ॥

bin pavitr koiee fure na ma(n)traa ||

ਨਿਫਲ ਭਏ ਤਾ ਤੇ ਸਭ ਜੰਤ੍ਰਾ ॥੧੬॥

निफल भए ता ते सभ जंत्रा ॥१६॥

nifal bhe taa te sabh ja(n)traa ||16||


ਦਸ ਸਹੰਸ੍ਰ ਬਰਖ ਕੀਅ ਰਾਜਾ ॥

दस सहंस्र बरख कीअ राजा ॥

dhas saha(n)sr barakh keea raajaa ||

ਸਭ ਜਗ ਮੋ ਮਤ ਐਸੁ ਪਰਾਜਾ ॥

सभ जग मो मत ऐसु पराजा ॥

sabh jag mo mat aais paraajaa ||

ਧਰਮ ਕਰਮ ਸਬ ਹੀ ਮਿਟਿ ਗਯੋ ॥

धरम करम सब ही मिटि गयो ॥

dharam karam sab hee miT gayo ||

ਤਾ ਤੇ ਛੀਨ ਅਸੁਰ ਕੁਲ ਭਯੋ ॥੧੭॥

ता ते छीन असुर कुल भयो ॥१७॥

taa te chheen asur kul bhayo ||17||


ਦੇਵ ਰਾਇ ਜੀਅ ਮੋ ਭਲੁ ਮਾਨਾ ॥

देव राइ जीअ मो भलु माना ॥

dhev rai jeea mo bhal maanaa ||

ਬਡਾ ਕਰਮੁ ਅਬ ਬਿਸਨੁ ਕਰਾਨਾ ॥

बडा करमु अब बिसनु कराना ॥

baddaa karam ab bisan karaanaa ||

ਆਨੰਦ ਬਢਾ ਸੋਕ ਮਿਟ ਗਯੋ ॥

आनंद बढा सोक मिट गयो ॥

aana(n)dh baddaa sok miT gayo ||

ਘਰਿ ਘਰਿ ਸਬਹੂੰ ਬਧਾਵਾ ਭਯੋ ॥੧੮॥

घरि घरि सबहूँ बधावा भयो ॥१८॥

ghar ghar sabahoo(n) badhaavaa bhayo ||18||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਬਿਸਨ ਐਸ ਉਪਦੇਸ ਦੈ ਸਬ ਹੂੰ ਧਰਮ ਛੁਟਾਇ ॥

बिसन ऐस उपदेस दै सब हूँ धरम छुटाइ ॥

bisan aais upadhes dhai sab hoo(n) dharam chhuTai ||

ਅਮਰਾਵਤਿ ਸੁਰ ਨਗਰ ਮੋ ਬਹੁਰਿ ਬਿਰਾਜਿਯੋ ਜਾਇ ॥੧੯॥

अमरावति सुर नगर मो बहुरि बिराजियो जाइ ॥१९॥

amaraavat sur nagar mo bahur biraajiyo jai ||19||


ਸ੍ਰਾਵਗੇਸ ਕੋ ਰੂਪ ਧਰਿ ਦੈਤ ਕੁਪੰਥ ਸਬ ਡਾਰਿ ॥

स्रावगेस को रूप धरि दैत कुपंथ सब डारि ॥

sraavages ko roop dhar dhait kupa(n)th sab ddaar ||

ਪੰਦ੍ਰਵੇਾਂ ਅਵਤਾਰ ਇਮ ਧਾਰਤ ਭਯੋ ਮੁਰਾਰਿ ॥੨੦॥

पंद्रवेाँ अवतार इम धारत भयो मुरारि ॥२०॥

pa(n)dhraveaa(n) avataar im dhaarat bhayo muraar ||20||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ ਗ੍ਰੰਥੇ ਅਰਹੰਤ ਪਦ੍ਰਸਵੋਂ ਅਵਤਾਰ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੧੫॥

इति स्री बचित्र नाटक ग्रंथे अरहंत पद्रसवों अवतार समापतम सतु सुभम सतु ॥१५॥

eit sree bachitr naaTak gra(n)the araha(n)t padhrasavo(n) avataar samaapatam sat subham sat ||15||



200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates