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200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
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ਅਥ ਰੁਦ੍ਰ ਅਵਤਾਰ ਬਰਨਨੰ ॥

अथ रुद्र अवतार बरननं ॥

ath rudhr avataar baranana(n) ||


ਸ੍ਰੀ ਭਗਉਤੀ ਜੀ ਸਹਾਇ ॥

स्री भगउती जी सहाइ ॥

sree bhagautee jee sahai ||


ਤੋਟਕ ਛੰਦ ॥

तोटक छंद ॥

toTak chha(n)dh ||


ਸਬ ਹੀ ਜਨ ਧਰਮ ਕੇ ਕਰਮ ਲਗੇ ॥

सब ही जन धरम के करम लगे ॥

sab hee jan dharam ke karam lage ||

ਤਜਿ ਜੋਗ ਕੀ ਰੀਤਿ ਕੀ ਪ੍ਰੀਤਿ ਭਗੇ ॥

तजि जोग की रीति की प्रीति भगे ॥

taj jog kee reet kee preet bhage ||

ਜਬ ਧਰਮ ਚਲੇ ਤਬ ਜੀਉ ਬਢੇ ॥

जब धरम चले तब जीउ बढे ॥

jab dharam chale tab jeeau badde ||

ਜਨੁ ਕੋਟਿ ਸਰੂਪ ਕੇ ਬ੍ਰਹਮੁ ਗਢੇ ॥੧॥

जनु कोटि सरूप के ब्रहमु गढे ॥१॥

jan koT saroop ke braham gadde ||1||


ਜਗ ਜੀਵਨ ਭਾਰ ਭਰੀ ਧਰਣੀ ॥

जग जीवन भार भरी धरणी ॥

jag jeevan bhaar bharee dharanee ||

ਦੁਖ ਆਕੁਲ ਜਾਤ ਨਹੀ ਬਰਣੀ ॥

दुख आकुल जात नही बरणी ॥

dhukh aakul jaat nahee baranee ||

ਧਰ ਰੂਪ ਗਊ ਦਧ ਸਿੰਧ ਗਈ ॥

धर रूप गऊ दध सिंध गई ॥

dhar roop guoo dhadh si(n)dh giee ||

ਜਗਨਾਇਕ ਪੈ ਦੁਖੁ ਰੋਤ ਭਈ ॥੨॥

जगनाइक पै दुखु रोत भई ॥२॥

jaganaik pai dhukh rot bhiee ||2||


ਹਸਿ ਕਾਲ ਪ੍ਰਸੰਨ ਭਏ ਤਬ ਹੀ ॥

हसि काल प्रसंन भए तब ही ॥

has kaal prasa(n)n bhe tab hee ||

ਦੁਖ ਸ੍ਰਉਨਨ ਭੂਮਿ ਸੁਨਿਯੋ ਜਬ ਹੀ ॥

दुख स्रउनन भूमि सुनियो जब ही ॥

dhukh sraunan bhoom suniyo jab hee ||

ਢਿਗ ਬਿਸਨੁ ਬੁਲਾਇ ਲਯੋ ਅਪਨੇ ॥

ढिग बिसनु बुलाइ लयो अपने ॥

ddig bisan bulai layo apane ||

ਇਹ ਭਾਤਿ ਕਹਿਯੋ ਤਿਹ ਕੋ ਸੁਪਨੇ ॥੩॥

इह भाति कहियो तिह को सुपने ॥३॥

eeh bhaat kahiyo teh ko supane ||3||


ਸੁ ਕਹਿਯੋ ਤੁਮ ਰੁਦ੍ਰ ਸਰੂਪ ਧਰੋ ॥

सु कहियो तुम रुद्र सरूप धरो ॥

s kahiyo tum rudhr saroop dharo ||

ਜਗ ਜੀਵਨ ਕੋ ਚਲਿ ਨਾਸ ਕਰੋ ॥

जग जीवन को चलि नास करो ॥

jag jeevan ko chal naas karo ||

ਤਬ ਹੀ ਤਿਹ ਰੁਦ੍ਰ ਸਰੂਪ ਧਰਿਯੋ ॥

तब ही तिह रुद्र सरूप धरियो ॥

tab hee teh rudhr saroop dhariyo ||

ਜਗ ਜੰਤ ਸੰਘਾਰ ਕੇ ਜੋਗ ਕਰਿਯੋ ॥੪॥

जग जंत संघार के जोग करियो ॥४॥

jag ja(n)t sa(n)ghaar ke jog kariyo ||4||


ਕਹਿ ਹੋਂ ਸਿਵ ਜੈਸਕ ਜੁਧ ਕੀਏ ॥

कहि हों सिव जैसक जुध कीए ॥

keh ho(n) siv jaisak judh ke'ee ||

ਸੁਖ ਸੰਤਨ ਕੋ ਜਿਹ ਭਾਤਿ ਦੀਏ ॥

सुख संतन को जिह भाति दीए ॥

sukh sa(n)tan ko jeh bhaat dhe'ee ||

ਗਨਿਯੋ ਜਿਹ ਭਾਤਿ ਬਰੀ ਗਿਰਜਾ ॥

गनियो जिह भाति बरी गिरजा ॥

ganiyo jeh bhaat baree girajaa ||

ਜਗਜੀਤ ਸੁਯੰਬਰ ਮੋ ਸੁ ਪ੍ਰਭਾ ॥੫॥

जगजीत सुयंबर मो सु प्रभा ॥५॥

jagajeet suya(n)bar mo su prabhaa ||5||


ਜਿਮ ਅੰਧਕ ਸੋ ਹਰਿ ਜੁਧੁ ਕਰਿਯੋ ॥

जिम अंधक सो हरि जुधु करियो ॥

jim a(n)dhak so har judh kariyo ||

ਜਿਹ ਭਾਤਿ ਮਨੋਜ ਕੋ ਮਾਨ ਹਰਿਯੋ ॥

जिह भाति मनोज को मान हरियो ॥

jeh bhaat manoj ko maan hariyo ||

ਦਲ ਦੈਤ ਦਲੇ ਕਰ ਕੋਪ ਜਿਮੰ ॥

दल दैत दले कर कोप जिमं ॥

dhal dhait dhale kar kop jima(n) ||

ਕਹਿਹੋ ਸਬ ਛੋਰਿ ਪ੍ਰਸੰਗ ਤਿਮੰ ॥੬॥

कहिहो सब छोरि प्रसंग तिमं ॥६॥

kahiho sab chhor prasa(n)g tima(n) ||6||


ਪਾਧਰੀ ਛੰਦ ॥

पाधरी छंद ॥

paadharee chha(n)dh ||


ਜਬ ਹੋਤ ਧਰਨ ਭਾਰਾਕਰਾਤ ॥

जब होत धरन भाराकरात ॥

jab hot dharan bhaaraakaraat ||

ਤਬ ਪਰਤ ਨਾਹਿ ਤਿਹ ਹ੍ਰਿਦੈ ਸਾਤਿ ॥

तब परत नाहि तिह हृदै साति ॥

tab parat naeh teh hiradhai saat ||

ਤਬ ਦਧ ਸਮੁੰਦ੍ਰਿ ਕਰਈ ਪੁਕਾਰ ॥

तब दध समुँदृ करई पुकार ॥

tab dhadh samu(n)dhr kariee pukaar ||

ਤਬ ਧਰਤ ਬਿਸਨ ਰੁਦ੍ਰਾਵਤਾਰ ॥੭॥

तब धरत बिसन रुद्रावतार ॥७॥

tab dharat bisan rudhraavataar ||7||


ਤਬ ਕਰਤ ਸਕਲ ਦਾਨਵ ਸੰਘਾਰ ॥

तब करत सकल दानव संघार ॥

tab karat sakal dhaanav sa(n)ghaar ||

ਕਰਿ ਦਨੁਜ ਪ੍ਰਲਵ ਸੰਤਨ ਉਧਾਰ ॥

करि दनुज प्रलव संतन उधार ॥

kar dhanuj pralav sa(n)tan udhaar ||

ਇਹ ਭਾਤਿ ਸਕਲ ਕਰਿ ਦੁਸਟ ਨਾਸ ॥

इह भाति सकल करि दुसट नास ॥

eeh bhaat sakal kar dhusaT naas ||

ਪੁਨਿ ਕਰਤਿ ਹ੍ਰਿਦੈ ਭਗਵਾਨ ਬਾਸ ॥੮॥

पुनि करति हृदै भगवान बास ॥८॥

pun karat hiradhai bhagavaan baas ||8||


ਤੋਟਕ ਛੰਦ ॥

तोटक छंद ॥

toTak chha(n)dh ||


ਤ੍ਰਿਪੁਰੈ ਇਕ ਦੈਤ ਬਢਿਯੋ ਤ੍ਰਿਪੁਰੰ ॥

तृपुरै इक दैत बढियो तृपुरं ॥

tirapurai ik dhait baddiyo tirapura(n) ||

ਜਿਹ ਤੇਜ ਤਪੈ ਰਵਿ ਜਿਉ ਤ੍ਰਿਪੁਰੰ ॥

जिह तेज तपै रवि जिउ तृपुरं ॥

jeh tej tapai rav jiau tirapura(n) ||

ਬਰਦਾਇ ਮਹਾਸੁਰ ਐਸ ਭਯੋ ॥

बरदाइ महासुर ऐस भयो ॥

baradhai mahaasur aais bhayo ||

ਜਿਨਿ ਲੋਕ ਚਤੁਰਦਸ ਜੀਤ ਲਯੋ ॥੯॥

जिनि लोक चतुरदस जीत लयो ॥९॥

jin lok chaturadhas jeet layo ||9||


ਜੋਊ ਏਕ ਹੀ ਬਾਣ ਹਣੇ ਤ੍ਰਿਪੁਰੰ ॥

जोऊ एक ही बाण हणे तृपुरं ॥

jouoo ek hee baan hane tirapura(n) ||

ਸੋਊ ਨਾਸ ਕਰੈ ਤਿਹ ਦੈਤ ਦੁਰੰ ॥

सोऊ नास करै तिह दैत दुरं ॥

souoo naas karai teh dhait dhura(n) ||

ਅਸ ਕੋ ਪ੍ਰਗਟਿਯੋ ਕਬਿ ਤਾਹਿ ਗਨੈ ॥

अस को प्रगटियो कबि ताहि गनै ॥

as ko pragaTiyo kab taeh ganai ||

ਇਕ ਬਾਣ ਹੀ ਸੋ ਪੁਰ ਤੀਨ ਹਨੈ ॥੧੦॥

इक बाण ही सो पुर तीन हनै ॥१०॥

eik baan hee so pur teen hanai ||10||


ਸਿਵ ਧਾਇ ਚਲਿਯੋ ਤਿਹ ਮਾਰਨ ਕੋ ॥

सिव धाइ चलियो तिह मारन को ॥

siv dhai chaliyo teh maaran ko ||

ਜਗ ਕੇ ਸਬ ਜੀਵ ਉਧਾਰਨ ਕੋ ॥

जग के सब जीव उधारन को ॥

jag ke sab jeev udhaaran ko ||

ਕਰਿ ਕੋਪਿ ਤਜਿਯੋ ਸਿਤ ਸੁਧ ਸਰੰ ॥

करि कोपि तजियो सित सुध सरं ॥

kar kop tajiyo sit sudh sara(n) ||

ਇਕ ਬਾਰ ਹੀ ਨਾਸ ਕੀਯੋ ਤ੍ਰਿਪੁਰੰ ॥੧੧॥

इक बार ही नास कीयो तृपुरं ॥११॥

eik baar hee naas keeyo tirapura(n) ||11||


ਲਖਿ ਕਉਤੁਕ ਸਾਧ ਸਬੈ ਹਰਖੇ ॥

लखि कउतुक साध सबै हरखे ॥

lakh kautuk saadh sabai harakhe ||

ਸੁਮਨੰ ਬਰਖਾ ਨਭ ਤੇ ਬਰਖੇ ॥

सुमनं बरखा नभ ते बरखे ॥

sumana(n) barakhaa nabh te barakhe ||

ਧੁਨਿ ਪੂਰ ਰਹੀ ਜਯ ਸਦ ਹੂਅੰ ॥

धुनि पूर रही जय सद हूअं ॥

dhun poor rahee jay sadh hooa(n) ||

ਗਿਰਿ ਹੇਮ ਹਲਾਚਲ ਕੰਪ ਭੂਅੰ ॥੧੨॥

गिरि हेम हलाचल कंप भूअं ॥१२॥

gir hem halaachal ka(n)p bhooa(n) ||12||


ਦਿਨ ਕੇਤਕ ਬੀਤ ਗਏ ਜਬ ਹੀ ॥

दिन केतक बीत गए जब ही ॥

dhin ketak beet ge jab hee ||

ਅਸੁਰੰਧਕ ਬੀਰ ਬੀਯੋ ਤਬ ਹੀ ॥

असुरंधक बीर बीयो तब ही ॥

asura(n)dhak beer beeyo tab hee ||

ਤਬ ਬੈਲਿ ਚੜਿਯੋ ਗਹਿ ਸੂਲ ਸਿਵੰ ॥

तब बैलि चड़ियो गहि सूल सिवं ॥

tab bail chaRiyo geh sool siva(n) ||

ਸੁਰ ਚਉਕਿ ਚਲੇ ਹਰਿ ਕੋਪ ਕਿਵੰ ॥੧੩॥

सुर चउकि चले हरि कोप किवं ॥१३॥

sur chauk chale har kop kiva(n) ||13||


ਗਣ ਗੰਧ੍ਰਬ ਜਛ ਸਬੈ ਉਰਗੰ ॥

गण गंध्रब जछ सबै उरगं ॥

gan ga(n)dhrab jachh sabai uraga(n) ||

ਬਰਦਾਨ ਦਯੋ ਸਿਵ ਕੋ ਦੁਰਗੰ ॥

बरदान दयो सिव को दुरगं ॥

baradhaan dhayo siv ko dhuraga(n) ||

ਹਨਿਹੋ ਨਿਰਖੰਤ ਮੁਰਾਰਿ ਸੁਰੰ ॥

हनिहो निरखंत मुरारि सुरं ॥

haniho nirakha(n)t muraar sura(n) ||

ਤ੍ਰਿਪੁਰਾਰਿ ਹਨਿਯੋ ਜਿਮ ਕੈ ਤ੍ਰਿਪੁਰੰ ॥੧੪॥

तृपुरारि हनियो जिम कै तृपुरं ॥१४॥

tirapuraar haniyo jim kai tirapura(n) ||14||


ਉਹ ਓਰਿ ਚੜੇ ਦਲ ਲੈ ਦੁਜਨੰ ॥

उह ओरि चड़े दल लै दुजनं ॥

auh or chaRe dhal lai dhujana(n) ||

ਇਹ ਓਰ ਰਿਸ੍ਰਯੋ ਗਹਿ ਸੂਲ ਸਿਵੰ ॥

इह ओर रिस्रयो गहि सूल सिवं ॥

eeh or risrayo geh sool siva(n) ||

ਰਣ ਰੰਗ ਰੰਗੇ ਰਣਧੀਰ ਰਣੰ ॥

रण रंग रंगे रणधीर रणं ॥

ran ra(n)g ra(n)ge ranadheer rana(n) ||

ਜਨ ਸੋਭਤ ਪਾਵਕ ਜੁਆਲ ਬਣੰ ॥੧੫॥

जन सोभत पावक जुआल बणं ॥१५॥

jan sobhat paavak juaal bana(n) ||15||


ਦਨੁ ਦੇਵ ਦੋਊ ਰਣ ਰੰਗ ਰਚੇ ॥

दनु देव दोऊ रण रंग रचे ॥

dhan dhev dhouoo ran ra(n)g rache ||

ਗਹਿ ਸਸਤ੍ਰ ਸਬੈ ਰਸ ਰੁਦ੍ਰ ਮਚੇ ॥

गहि ससत्र सबै रस रुद्र मचे ॥

geh sasatr sabai ras rudhr mache ||

ਸਰ ਛਾਡਤ ਬੀਰ ਦੋਊ ਹਰਖੈ ॥

सर छाडत बीर दोऊ हरखै ॥

sar chhaaddat beer dhouoo harakhai ||

ਜਨੁ ਅੰਤਿ ਪ੍ਰਲੈ ਘਨ ਸੈ ਬਰਖੈ ॥੧੬॥

जनु अंति प्रलै घन सै बरखै ॥१६॥

jan a(n)t pralai ghan sai barakhai ||16||


ਰੁਆਮਲ ਛੰਦ ॥

रुआमल छंद ॥

ruaamal chha(n)dh ||


ਘਾਇ ਖਾਇ ਭਜੇ ਸੁਰਾਰਦਨ ਕੋਪੁ ਓਪ ਮਿਟਾਇ ॥

घाइ खाइ भजे सुरारदन कोपु ओप मिटाइ ॥

ghai khai bhaje suraaradhan kop op miTai ||

ਅੰਧਿ ਕੰਧਿ ਫਿਰਿਯੋ ਤਬੈ ਜਯ ਦੁੰਦਭੀਨ ਬਜਾਇ ॥

अंधि कंधि फिरियो तबै जय दुँदभीन बजाइ ॥

a(n)dh ka(n)dh firiyo tabai jay dhu(n)dhabheen bajai ||

ਸੂਲ ਸੈਹਥਿ ਪਰਿਘ ਪਟਸਿ ਬਾਣ ਓਘ ਪ੍ਰਹਾਰ ॥

सूल सैहथि परिघ पटसि बाण ओघ प्रहार ॥

sool saihath parigh paTas baan ogh prahaar ||

ਪੇਲਿ ਪੇਲਿ ਗਿਰੇ ਸੁ ਬੀਰਨ ਖੇਲ ਜਾਨੁ ਧਮਾਰ ॥੧੭॥

पेलि पेलि गिरे सु बीरन खेल जानु धमार ॥१७॥

pel pel gire su beeran khel jaan dhamaar ||17||


ਸੇਲ ਰੇਲ ਭਈ ਤਹਾ ਅਰੁ ਤੇਗ ਤੀਰ ਪ੍ਰਹਾਰ ॥

सेल रेल भई तहा अरु तेग तीर प्रहार ॥

sel rel bhiee tahaa ar teg teer prahaar ||

ਗਾਹਿ ਗਾਹਿ ਫਿਰੇ ਫਵਜਨ ਬਾਹਿ ਬਾਹਿ ਹਥਿਯਾਰ ॥

गाहि गाहि फिरे फवजन बाहि बाहि हथियार ॥

gaeh gaeh fire favajan baeh baeh hathiyaar ||

ਅੰਗ ਭੰਗ ਪਰੇ ਕਹੂੰ ਸਰਬੰਗ ਸ੍ਰੋਨਤ ਪੂਰ ॥

अंग भंग परे कहूँ सरबंग स्रोनत पूर ॥

a(n)g bha(n)g pare kahoo(n) saraba(n)g sronat poor ||

ਏਕ ਏਕ ਬਰੀ ਅਨੇਕਨ ਹੇਰਿ ਹੇਰਿ ਸੁ ਹੂਰ ॥੧੮॥

एक एक बरी अनेकन हेरि हेरि सु हूर ॥१८॥

ek ek baree anekan her her su hoor ||18||


ਚਉਰ ਚੀਰ ਰਥੀ ਰਥੋਤਮ ਬਾਜ ਰਾਜ ਅਨੰਤ ॥

चउर चीर रथी रथोतम बाज राज अनंत ॥

chaur cheer rathee rathotam baaj raaj ana(n)t ||

ਸ੍ਰੋਣ ਕੀ ਸਰਤਾ ਉਠੀ ਸੁ ਬਿਅੰਤ ਰੂਪ ਦੁਰੰਤ ॥

स्रोण की सरता उठी सु बिअंत रूप दुरंत ॥

sron kee sarataa uThee su bia(n)t roop dhura(n)t ||

ਸਾਜ ਬਾਜ ਕਟੇ ਕਹੂੰ ਗਜ ਰਾਜ ਤਾਜ ਅਨੇਕ ॥

साज बाज कटे कहूँ गज राज ताज अनेक ॥

saaj baaj kaTe kahoo(n) gaj raaj taaj anek ||

ਉਸਟਿ ਪੁਸਟਿ ਗਿਰੇ ਕਹੂੰ ਰਿਪੁ ਬਾਚੀਯੰ ਨਹੀ ਏਕੁ ॥੧੯॥

उसटि पुसटि गिरे कहूँ रिपु बाचीयं नही एकु ॥१९॥

ausaT pusaT gire kahoo(n) rip baacheeya(n) nahee ek ||19||


ਛਾਡਿ ਛਾਡਿ ਚਲੇ ਤਹਾ ਨ੍ਰਿਪ ਸਾਜ ਬਾਜ ਅਨੰਤ ॥

छाडि छाडि चले तहा नृप साज बाज अनंत ॥

chhaadd chhaadd chale tahaa nirap saaj baaj ana(n)t ||

ਗਾਜ ਗਾਜ ਹਨੇ ਸਦਾ ਸਿਵ ਸੂਰਬੀਰ ਦੁਰੰਤ ॥

गाज गाज हने सदा सिव सूरबीर दुरंत ॥

gaaj gaaj hane sadhaa siv soorabeer dhura(n)t ||

ਭਾਜ ਭਾਜ ਚਲੇ ਹਠੀ ਹਥਿਆਰ ਹਾਥਿ ਬਿਸਾਰਿ ॥

भाज भाज चले हठी हथिआर हाथि बिसारि ॥

bhaaj bhaaj chale haThee hathiaar haath bisaar ||

ਬਾਣ ਪਾਣ ਕਮਾਣ ਛਾਡਿ ਸੁ ਚਰਮ ਬਰਮ ਬਿਸਾਰਿ ॥੨੦॥

बाण पाण कमाण छाडि सु चरम बरम बिसारि ॥२०॥

baan paan kamaan chhaadd su charam baram bisaar ||20||


ਨਰਾਜ ਛੰਦ ॥

नराज छंद ॥

naraaj chha(n)dh ||


ਜਿਤੇ ਕੁ ਸੂਰ ਧਾਈਯੰ ॥

जिते कु सूर धाईयं ॥

jite k soor dhaieeya(n) ||

ਤਿਤੇਕੁ ਰੁਦ੍ਰ ਘਾਈਯੰ ॥

तितेकु रुद्र घाईयं ॥

titek rudhr ghaieeya(n) ||

ਜਿਤੇ ਕੁ ਅਉਰ ਧਾਵਹੀ ॥

जिते कु अउर धावही ॥

jite k aaur dhaavahee ||

ਤਿਤਿਯੋ ਮਹੇਸ ਘਾਵਹੀ ॥੨੧॥

तितियो महेस घावही ॥२१॥

titiyo mahes ghaavahee ||21||


ਕਬੰਧ ਅੰਧ ਉਠਹੀ ॥

कबंध अंध उठही ॥

kaba(n)dh a(n)dh uThahee ||

ਬਸੇਖ ਬਾਣ ਬੁਠਹੀ ॥

बसेख बाण बुठही ॥

basekh baan buThahee ||

ਪਿਨਾਕ ਪਾਣਿ ਤੇ ਹਣੇ ॥

पिनाक पाणि ते हणे ॥

pinaak paan te hane ||

ਅਨੰਤ ਸੂਰਮਾ ਬਣੇ ॥੨੨॥

अनंत सूरमा बणे ॥२२॥

ana(n)t sooramaa bane ||22||


ਰਸਾਵਲ ਛੰਦ ॥

रसावल छंद ॥

rasaaval chha(n)dh ||


ਸਿਲਹ ਸੰਜਿ ਸਜੇ ॥

सिलह संजि सजे ॥

sileh sa(n)j saje ||

ਚਹੂੰ ਓਰਿ ਗਜੇ ॥

चहूँ ओरि गजे ॥

chahoo(n) or gaje ||

ਮਹਾ ਬੀਰ ਬੰਕੇ ॥

महा बीर बंके ॥

mahaa beer ba(n)ke ||

ਮਿਟੈ ਨਾਹਿ ਡੰਕੇ ॥੨੩॥

मिटै नाहि डंके ॥२३॥

miTai naeh dda(n)ke ||23||


ਬਜੇ ਘੋਰਿ ਬਾਜੰ ॥

बजे घोरि बाजं ॥

baje ghor baaja(n) ||

ਸਜੇ ਸੂਰ ਸਾਜੰ ॥

सजे सूर साजं ॥

saje soor saaja(n) ||

ਘਣੰ ਜੇਮ ਗਜੇ ॥

घणं जेम गजे ॥

ghana(n) jem gaje ||

ਮਹਿਖੁਆਸ ਸਜੇ ॥੨੪॥

महिखुआस सजे ॥२४॥

mahikhuaas saje ||24||


ਮਹਿਖੁਆਸ ਧਾਰੀ ॥

महिखुआस धारी ॥

mahikhuaas dhaaree ||

ਚਲੇ ਬਿਯੋਮਚਾਰੀ ॥

चले बियोमचारी ॥

chale biyomachaaree ||

ਸੁਭੰ ਸੂਰ ਹਰਖੇ ॥

सुभं सूर हरखे ॥

subha(n) soor harakhe ||

ਸਰੰ ਧਾਰ ਬਰਖੇ ॥੨੫॥

सरं धार बरखे ॥२५॥

sara(n) dhaar barakhe ||25||


ਧਰੇ ਬਾਣ ਪਾਣੰ ॥

धरे बाण पाणं ॥

dhare baan paana(n) ||

ਚੜੇ ਤੇਜ ਮਾਣੰ ॥

चड़े तेज माणं ॥

chaRe tej maana(n) ||

ਕਟਾ ਕਟਿ ਬਾਹੈ ॥

कटा कटि बाहै ॥

kaTaa kaT baahai ||

ਅਧੋ ਅੰਗ ਲਾਹੈ ॥੨੬॥

अधो अंग लाहै ॥२६॥

adho a(n)g laahai ||26||


ਰਿਸੇ ਰੋਸਿ ਰੁਦ੍ਰੰ ॥

रिसे रोसि रुद्रं ॥

rise ros rudhra(n) ||

ਚਲੈ ਭਾਜ ਛੁਦ੍ਰੰ ॥

चलै भाज छुद्रं ॥

chalai bhaaj chhudhra(n) ||

ਮਹਾ ਬੀਰ ਗਜੇ ॥

महा बीर गजे ॥

mahaa beer gaje ||

ਸਿਲਹ ਸੰਜਿ ਸਜੇ ॥੨੭॥

सिलह संजि सजे ॥२७॥

sileh sa(n)j saje ||27||


ਲਏ ਸਕਤਿ ਪਾਣੰ ॥

लए सकति पाणं ॥

le sakat paana(n) ||

ਚੜੇ ਤੇਜ ਮਾਣੰ ॥

चड़े तेज माणं ॥

chaRe tej maana(n) ||

ਗਣੰ ਗਾੜ ਗਾਜੇ ॥

गणं गाड़ गाजे ॥

gana(n) gaaR gaaje ||

ਰਣੰ ਰੁਦ੍ਰ ਰਾਜੇ ॥੨੮॥

रणं रुद्र राजे ॥२८॥

rana(n) rudhr raaje ||28||


ਭਭੰਕੰਤ ਘਾਯੰ ॥

भभंकंत घायं ॥

bhabha(n)ka(n)t ghaaya(n) ||

ਲਰੇ ਚਉਪ ਚਾਯੰ ॥

लरे चउप चायं ॥

lare chaup chaaya(n) ||

ਡਕੀ ਡਾਕਣੀਯੰ ॥

डकी डाकणीयं ॥

ddakee ddaakaneeya(n) ||

ਰੜੈ ਕਾਕਣੀਯੰ ॥੨੯॥

रड़ै काकणीयं ॥२९॥

raRai kaakaneeya(n) ||29||


ਭਯੰ ਰੋਸ ਰੁਦ੍ਰੰ ॥

भयं रोस रुद्रं ॥

bhaya(n) ros rudhra(n) ||

ਹਣੈ ਦੈਤ ਛੁਦ੍ਰੰ ॥

हणै दैत छुद्रं ॥

hanai dhait chhudhra(n) ||

ਕਟੇ ਅਧੁ ਅਧੰ ॥

कटे अधु अधं ॥

kaTe adh adha(n) ||

ਭਈ ਸੈਣ ਬਧੰ ॥੩੦॥

भई सैण बधं ॥३०॥

bhiee sain badha(n) ||30||


ਰਿਸਿਯੋ ਸੂਲ ਪਾਣੰ ॥

रिसियो सूल पाणं ॥

risiyo sool paana(n) ||

ਹਣੈ ਦੈਤ ਭਾਣੰ ॥

हणै दैत भाणं ॥

hanai dhait bhaana(n) ||

ਸਰੰ ਓਘ ਛੁਟੇ ॥

सरं ओघ छुटे ॥

sara(n) ogh chhuTe ||

ਘਣੰ ਜੇਮ ਟੁਟੇ ॥੩੧॥

घणं जेम टुटे ॥३१॥

ghana(n) jem TuTe ||31||


ਰਣੰ ਰੁਦ੍ਰ ਗਜੇ ॥

रणं रुद्र गजे ॥

rana(n) rudhr gaje ||

ਤਬੈ ਦੈਤ ਭਜੇ ॥

तबै दैत भजे ॥

tabai dhait bhaje ||

ਤਜੈ ਸਸਤ੍ਰ ਸਰਬੰ ॥

तजै ससत्र सरबं ॥

tajai sasatr saraba(n) ||

ਮਿਟਿਓ ਦੇਹ ਗਰਬੰ ॥੩੨॥

मिटिओ देह गरबं ॥३२॥

miTio dheh garaba(n) ||32||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਧਾਯੋ ਤਬੈ ਅੰਧਕ ਬਲਵਾਨਾ ॥

धायो तबै अंधक बलवाना ॥

dhaayo tabai a(n)dhak balavaanaa ||

ਸੰਗ ਲੈ ਸੈਨ ਦਾਨਵੀ ਨਾਨਾ ॥

संग लै सैन दानवी नाना ॥

sa(n)g lai sain dhaanavee naanaa ||

ਅਮਿਤ ਬਾਣ ਨੰਦੀ ਕਹੁ ਮਾਰੇ ॥

अमित बाण नंदी कहु मारे ॥

amit baan na(n)dhee kahu maare ||

ਬੇਧਿ ਅੰਗ ਕਹ ਪਾਰ ਪਧਾਰੇ ॥੩੩॥

बेधि अंग कह पार पधारे ॥३३॥

bedh a(n)g keh paar padhaare ||33||


ਜਬ ਹੀ ਬਾਣ ਲਗੇ ਬਾਹਣ ਤਨਿ ॥

जब ही बाण लगे बाहण तनि ॥

jab hee baan lage baahan tan ||

ਰੋਸ ਜਗਿਯੋ ਤਬ ਹੀ ਸਿਵ ਕੇ ਮਨਿ ॥

रोस जगियो तब ही सिव के मनि ॥

ros jagiyo tab hee siv ke man ||

ਅਧਿਕ ਰੋਸ ਕਰਿ ਬਿਸਖ ਚਲਾਏ ॥

अधिक रोस करि बिसख चलाए ॥

adhik ros kar bisakh chalaae ||

ਭੂਮਿ ਅਕਾਸਿ ਛਿਨਕ ਮਹਿ ਛਾਏ ॥੩੪॥

भूमि अकासि छिनक महि छाए ॥३४॥

bhoom akaas chhinak meh chhaae ||34||


ਬਾਣਾਵਲੀ ਰੁਦ੍ਰ ਜਬ ਸਾਜੀ ॥

बाणावली रुद्र जब साजी ॥

baanaavalee rudhr jab saajee ||

ਤਬ ਹੀ ਸੈਣ ਦਾਨਵੀ ਭਾਜੀ ॥

तब ही सैण दानवी भाजी ॥

tab hee sain dhaanavee bhaajee ||

ਤਬ ਅੰਧਕ ਸਿਵ ਸਾਮੁਹੁ ਧਾਯੋ ॥

तब अंधक सिव सामुहु धायो ॥

tab a(n)dhak siv saamuh dhaayo ||

ਦੁੰਦ ਜੁਧੁ ਰਣ ਮਧਿ ਮਚਾਯੋ ॥੩੫॥

दुँद जुधु रण मधि मचायो ॥३५॥

dhu(n)dh judh ran madh machaayo ||35||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਬੀਸ ਬਾਣ ਤਿਨ ਸਿਵਹਿ ਪ੍ਰਹਾਰੇ ਕੋਪ ਕਰਿ ॥

बीस बाण तिन सिवहि प्रहारे कोप करि ॥

bees baan tin siveh prahaare kop kar ||

ਲਗੇ ਰੁਦ੍ਰ ਕੇ ਗਾਤ ਗਏ ਓਹ ਘਾਨਿ ਕਰ ॥

लगे रुद्र के गात गए ओह घानि कर ॥

lage rudhr ke gaat ge oh ghaan kar ||

ਗਹਿ ਪਿਨਾਕ ਕਹ ਪਾਣਿ ਪਿਨਾਕੀ ਧਾਇਓ ॥

गहि पिनाक कह पाणि पिनाकी धाइओ ॥

geh pinaak keh paan pinaakee dhaio ||

ਹੋ ਤੁਮੁਲ ਜੁਧੁ ਦੁਹੂੰਅਨ ਰਣ ਮਧਿ ਮਚਾਇਓ ॥੩੬॥

हो तुमुल जुधु दुहूँअन रण मधि मचाइओ ॥३६॥

ho tumul judh dhuhoo(n)an ran madh machaio ||36||


ਤਾੜਿ ਸਤ੍ਰੁ ਕਹ ਬਹੁਰਿ ਪਿਨਾਕੀ ਕੋਪੁ ਹੁਐ ॥

ताड़ि सत्रु कह बहुरि पिनाकी कोपु हुऐ ॥

taaR satr keh bahur pinaakee kop huaai ||

ਹਣੈ ਦੁਸਟ ਕਹੁ ਬਾਣ ਨਿਖੰਗ ਤੇ ਕਾਢ ਦੁਐ ॥

हणै दुसट कहु बाण निखंग ते काढ दुऐ ॥

hanai dhusaT kahu baan nikha(n)g te kaadd dhuaai ||

ਗਿਰਿਯੋ ਭੂਮਿ ਭੀਤਰਿ ਸਿਰਿ ਸਤ੍ਰੁ ਪ੍ਰਹਾਰਿਯੋ ॥

गिरियो भूमि भीतरि सिरि सत्रु प्रहारियो ॥

giriyo bhoom bheetar sir satr prahaariyo ||

ਹੋ ਜਨਕੁ ਗਾਜ ਕਰਿ ਕੋਪ ਬੁਰਜ ਕਹੁ ਮਾਰਿਯੋ ॥੩੭॥

हो जनकु गाज करि कोप बुरज कहु मारियो ॥३७॥

ho janak gaaj kar kop buraj kahu maariyo ||37||


ਤੋਟਕ ਛੰਦ ॥

तोटक छंद ॥

toTak chha(n)dh ||


ਘਟਿ ਏਕ ਬਿਖੈ ਰਿਪੁ ਚੇਤ ਭਯੋ ॥

घटि एक बिखै रिपु चेत भयो ॥

ghaT ek bikhai rip chet bhayo ||

ਧਨੁ ਬਾਣ ਬਲੀ ਪੁਨਿ ਪਾਣਿ ਲਯੋ ॥

धनु बाण बली पुनि पाणि लयो ॥

dhan baan balee pun paan layo ||

ਕਰਿ ਕੋਪ ਕਵੰਡ ਕਰੇ ਕਰਖ੍ਰਯੰ ॥

करि कोप कवंड करे करख्रयं ॥

kar kop kava(n)dd kare karakhraya(n) ||

ਸਰ ਧਾਰ ਬਲੀ ਘਨ ਜਿਯੋ ਬਰਖ੍ਰਯੋ ॥੩੮॥

सर धार बली घन जियो बरख्रयो ॥३८॥

sar dhaar balee ghan jiyo barakhrayo ||38||


ਕਰਿ ਕੋਪ ਬਲੀ ਬਰਖ੍ਰਯੋ ਬਿਸਖੰ ॥

करि कोप बली बरख्रयो बिसखं ॥

kar kop balee barakhrayo bisakha(n) ||

ਇਹ ਓਰ ਲਗੈ ਨਿਸਰੇ ਦੁਸਰੰ ॥

इह ओर लगै निसरे दुसरं ॥

eeh or lagai nisare dhusara(n) ||

ਤਬ ਕੋਪ ਕਰੰ ਸਿਵ ਸੂਲ ਲੀਯੋ ॥

तब कोप करं सिव सूल लीयो ॥

tab kop kara(n) siv sool leeyo ||

ਅਰਿ ਕੋ ਸਿਰੁ ਕਾਟਿ ਦੁਖੰਡ ਕੀਯੋ ॥੩੯॥

अरि को सिरु काटि दुखंड कीयो ॥३९॥

ar ko sir kaaT dhukha(n)dd keeyo ||39||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕੇ ਪਿਨਾਕਿ ਪ੍ਰਬੰਧਹਿ ਅੰਧਕ ਬਧਹਿ ਰੁਦ੍ਰੋਸਤਤਿ ਧਯਾਇ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੧੦॥

इति स्री बचित्र नाटके पिनाकि प्रबंधहि अंधक बधहि रुद्रोसतति धयाइ समापतम सतु सुभम सतु ॥१०॥

eit sree bachitr naaTake pinaak praba(n)dheh a(n)dhak badheh rudhrosatat dhayai samaapatam sat subham sat ||10||


ਅਥ ਗਉਰ ਬਧਹ ਕਥਨੰ ॥

अथ गउर बधह कथनं ॥

ath gaur badheh kathana(n) ||


ਸ੍ਰੀ ਭਗਉਤੀ ਜੀ ਸਹਾਇ ॥

स्री भगउती जी सहाइ ॥

sree bhagautee jee sahai ||


ਤੋਟਕ ਛੰਦ ॥

तोटक छंद ॥

toTak chha(n)dh ||


ਸੁਰ ਰਾਜ ਪ੍ਰਸੰਨਿ ਭਏ ਤਬ ਹੀ ॥

सुर राज प्रसंनि भए तब ही ॥

sur raaj prasa(n)n bhe tab hee ||

ਅਰਿ ਅੰਧਕ ਨਾਸ ਸੁਨਿਯੋ ਜਬ ਹੀ ॥

अरि अंधक नास सुनियो जब ही ॥

ar a(n)dhak naas suniyo jab hee ||

ਇਮ ਕੈ ਦਿਨ ਕੇਤਕ ਬੀਤ ਗਏ ॥

इम कै दिन केतक बीत गए ॥

eim kai dhin ketak beet ge ||

ਸਿਵ ਧਾਮਿ ਸਤਕ੍ਰਿਤ ਜਾਤ ਭਏ ॥੧॥

सिव धामि सतकृत जात भए ॥१॥

siv dhaam satakirat jaat bhe ||1||


ਤਬ ਰੁਦ੍ਰ ਭਯਾਨਕ ਰੂਪ ਧਰਿਯੋ ॥

तब रुद्र भयानक रूप धरियो ॥

tab rudhr bhayaanak roop dhariyo ||

ਹਰਿ ਹੇਰਿ ਹਰੰ ਹਥਿਯਾਰ ਹਰਿਯੋ ॥

हरि हेरि हरं हथियार हरियो ॥

har her hara(n) hathiyaar hariyo ||

ਤਬ ਹੀ ਸਿਵ ਕੋਪ ਅਖੰਡ ਕੀਯੋ ॥

तब ही सिव कोप अखंड कीयो ॥

tab hee siv kop akha(n)dd keeyo ||

ਇਕ ਜਨਮ ਅੰਗਾਰ ਅਪਾਰ ਲੀਯੋ ॥੨॥

इक जनम अंगार अपार लीयो ॥२॥

eik janam a(n)gaar apaar leeyo ||2||


ਤਿਹ ਤੇਜ ਜਰੇ ਜਗ ਜੀਵ ਸਬੈ ॥

तिह तेज जरे जग जीव सबै ॥

teh tej jare jag jeev sabai ||

ਤਿਹ ਡਾਰ ਦਯੋ ਮਧਿ ਸਿੰਧੁ ਤਬੈ ॥

तिह डार दयो मधि सिंधु तबै ॥

teh ddaar dhayo madh si(n)dh tabai ||

ਸੋਊ ਡਾਰ ਦਯੋ ਸਿੰਧੁ ਮਹਿ ਨ ਗਯੋ ॥

सोऊ डार दयो सिंधु महि न गयो ॥

souoo ddaar dhayo si(n)dh meh na gayo ||

ਤਿਹ ਆਨਿ ਜਲੰਧਰ ਰੂਪ ਲਯੋ ॥੩॥

तिह आनि जलंधर रूप लयो ॥३॥

teh aan jala(n)dhar roop layo ||3||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਇਹ ਬਿਧਿ ਭਯੋ ਅਸੁਰ ਬਲਵਾਨਾ ॥

इह बिधि भयो असुर बलवाना ॥

eeh bidh bhayo asur balavaanaa ||

ਲਯੋ ਕੁਬੇਰ ਕੋ ਲੂਟ ਖਜਾਨਾ ॥

लयो कुबेर को लूट खजाना ॥

layo kuber ko looT khajaanaa ||

ਪਕਰ ਸਮਸ ਤੇ ਬ੍ਰਹਮੁ ਰੁਵਾਯੋ ॥

पकर समस ते ब्रहमु रुवायो ॥

pakar samas te braham ruvaayo ||

ਇੰਦ੍ਰ ਜੀਤਿ ਸਿਰ ਛਤ੍ਰ ਢੁਰਾਯੋ ॥੪॥

इंद्र जीति सिर छत्र ढुरायो ॥४॥

ei(n)dhr jeet sir chhatr dduraayo ||4||


ਜੀਤਿ ਦੇਵਤਾ ਪਾਇ ਲਗਾਏ ॥

जीति देवता पाइ लगाए ॥

jeet dhevataa pai lagaae ||

ਰੁਦ੍ਰ ਬਿਸਨੁ ਨਿਜ ਪੁਰੀ ਬਸਾਏ ॥

रुद्र बिसनु निज पुरी बसाए ॥

rudhr bisan nij puree basaae ||

ਚਉਦਹ ਰਤਨ ਆਨਿ ਰਾਖੇ ਗ੍ਰਿਹ ॥

चउदह रतन आनि राखे गृह ॥

chaudheh ratan aan raakhe gireh ||

ਜਹਾ ਤਹਾ ਬੈਠਾਏ ਨਵ ਗ੍ਰਹ ॥੫॥

जहा तहा बैठाए नव ग्रह ॥५॥

jahaa tahaa baiThaae nav greh ||5||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਜੀਤਿ ਬਸਾਏ ਨਿਜ ਪੁਰੀ ਅਸੁਰ ਸਕਲ ਅਸੁਰਾਰ ॥

जीति बसाए निज पुरी असुर सकल असुरार ॥

jeet basaae nij puree asur sakal asuraar ||

ਪੂਜਾ ਕਰੀ ਮਹੇਸ ਕੀ ਗਿਰਿ ਕੈਲਾਸ ਮਧਾਰ ॥੬॥

पूजा करी महेस की गिरि कैलास मधार ॥६॥

poojaa karee mahes kee gir kailaas madhaar ||6||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਧ੍ਰਯਾਨ ਬਿਧਾਨ ਕਰੇ ਬਹੁ ਭਾਤਾ ॥

ध्रयान बिधान करे बहु भाता ॥

dhrayaan bidhaan kare bahu bhaataa ||

ਸੇਵਾ ਕਰੀ ਅਧਿਕ ਦਿਨ ਰਾਤਾ ॥

सेवा करी अधिक दिन राता ॥

sevaa karee adhik dhin raataa ||

ਐਸ ਭਾਤਿ ਤਿਹ ਕਾਲ ਬਿਤਾਯੋ ॥

ऐस भाति तिह काल बितायो ॥

aais bhaat teh kaal bitaayo ||

ਅਬ ਪ੍ਰਸੰਗਿ ਸਿਵ ਊਪਰ ਆਯੋ ॥੭॥

अब प्रसंगि सिव ऊपर आयो ॥७॥

ab prasa(n)g siv uoopar aayo ||7||


ਭੂਤਰਾਟ ਕੋ ਨਿਰਖਿ ਅਤੁਲ ਬਲ ॥

भूतराट को निरखि अतुल बल ॥

bhootaraaT ko nirakh atul bal ||

ਕਾਪਤ ਭਏ ਅਨਿਕ ਅਰਿ ਜਲ ਥਲ ॥

कापत भए अनिक अरि जल थल ॥

kaapat bhe anik ar jal thal ||

ਦਛ ਪ੍ਰਜਾਪਤਿ ਹੋਤ ਨ੍ਰਿਪਤ ਬਰ ॥

दछ प्रजापति होत नृपत बर ॥

dhachh prajaapat hot nirapat bar ||

ਦਸ ਸਹੰਸ੍ਰ ਦੁਹਿਤਾ ਤਾ ਕੇ ਘਰ ॥੮॥

दस सहंस्र दुहिता ता के घर ॥८॥

dhas saha(n)sr dhuhitaa taa ke ghar ||8||


ਤਿਨ ਇਕ ਬਾਰ ਸੁਯੰਬਰ ਕੀਯਾ ॥

तिन इक बार सुयंबर कीया ॥

tin ik baar suya(n)bar keeyaa ||

ਦਸ ਸਹੰਸ੍ਰ ਦੁਹਿਤਾਇਸ ਦੀਯਾ ॥

दस सहंस्र दुहिताइस दीया ॥

dhas saha(n)sr dhuhitais dheeyaa ||

ਜੋ ਬਰੁ ਰੁਚੇ ਬਰਹੁ ਅਬ ਸੋਈ ॥

जो बरु रुचे बरहु अब सोई ॥

jo bar ruche barahu ab soiee ||

ਊਚ ਨੀਚ ਰਾਜਾ ਹੋਇ ਕੋਈ ॥੯॥

ऊच नीच राजा होइ कोई ॥९॥

uooch neech raajaa hoi koiee ||9||


ਜੋ ਜੋ ਜਿਸੈ ਰੁਚਾ ਤਿਨਿ ਬਰਾ ॥

जो जो जिसै रुचा तिनि बरा ॥

jo jo jisai ruchaa tin baraa ||

ਸਬ ਪ੍ਰਸੰਗ ਨਹੀ ਜਾਤ ਉਚਰਾ ॥

सब प्रसंग नही जात उचरा ॥

sab prasa(n)g nahee jaat ucharaa ||

ਜੋ ਬਿਰਤਾਤ ਕਹਿ ਛੋਰਿ ਸੁਨਾਊ ॥

जो बिरतात कहि छोरि सुनाऊ ॥

jo birataat keh chhor sunaauoo ||

ਕਥਾ ਬ੍ਰਿਧਿ ਤੇ ਅਧਿਕ ਡਰਾਊ ॥੧੦॥

कथा बृधि ते अधिक डराऊ ॥१०॥

kathaa biradh te adhik ddaraauoo ||10||


ਚਾਰ ਸੁਤਾ ਕਸਪ ਕਹ ਦੀਨੀ ॥

चार सुता कसप कह दीनी ॥

chaar sutaa kasap keh dheenee ||

ਕੇਤਕ ਬ੍ਯਾਹ ਚੰਦ੍ਰਮਾ ਲੀਨੀ ॥

केतक ब्याह चंद्रमा लीनी ॥

ketak bayaeh cha(n)dhramaa leenee ||

ਕੇਤਕ ਗਈ ਅਉਰ ਦੇਸਨ ਮਹਿ ॥

केतक गई अउर देसन महि ॥

ketak giee aaur dhesan meh ||

ਬਰਿਯੋ ਗਉਰਜਾ ਏਕ ਰੁਦ੍ਰ ਕਹਿ ॥੧੧॥

बरियो गउरजा एक रुद्र कहि ॥११॥

bariyo gaurajaa ek rudhr keh ||11||


ਜਬ ਹੀ ਬ੍ਯਾਹ ਰੁਦ੍ਰ ਗ੍ਰਿਹਿ ਆਨੀ ॥

जब ही ब्याह रुद्र गृहि आनी ॥

jab hee bayaeh rudhr gireh aanee ||

ਚਲੀ ਜਗ ਕੀ ਬਹੁਰਿ ਕਹਾਨੀ ॥

चली जग की बहुरि कहानी ॥

chalee jag kee bahur kahaanee ||

ਸਬ ਦੁਹਿਤਾ ਤਿਹ ਬੋਲਿ ਪਠਾਈ ॥

सब दुहिता तिह बोलि पठाई ॥

sab dhuhitaa teh bol paThaiee ||

ਲੀਨੋ ਸੰਗਿ ਭਤਾਰਨ ਆਈ ॥੧੨॥

लीनो संगि भतारन आई ॥१२॥

leeno sa(n)g bhataaran aaiee ||12||


ਜੇ ਜੇ ਹੁਤੇ ਦੇਸ ਪਰਦੇਸਾ ॥

जे जे हुते देस परदेसा ॥

je je hute dhes paradhesaa ||

ਜਾਤ ਭਏ ਸਸੁਰਾਰਿ ਨਰੇਸਾ ॥

जात भए ससुरारि नरेसा ॥

jaat bhe sasuraar naresaa ||

ਨਿਰਖਿ ਰੁਦ੍ਰ ਕੋ ਅਉਰ ਪ੍ਰਕਾਰਾ ॥

निरखि रुद्र को अउर प्रकारा ॥

nirakh rudhr ko aaur prakaaraa ||

ਕਿਨਹੂੰ ਨ ਭੂਪਤਿ ਤਾਹਿ ਚਿਤਾਰਾ ॥੧੩॥

किनहूँ न भूपति ताहि चितारा ॥१३॥

kinahoo(n) na bhoopat taeh chitaaraa ||13||


ਨਹਨ ਗਉਰਜਾ ਦਛ ਬੁਲਾਈ ॥

नहन गउरजा दछ बुलाई ॥

nahan gaurajaa dhachh bulaiee ||

ਸੁਨਿ ਨਾਰਦ ਤੇ ਹ੍ਰਿਦੈ ਰਿਸਾਈ ॥

सुनि नारद ते हृदै रिसाई ॥

sun naaradh te hiradhai risaiee ||

ਬਿਨ ਬੋਲੇ ਪਿਤ ਕੇ ਗ੍ਰਿਹ ਗਈ ॥

बिन बोले पित के गृह गई ॥

bin bole pit ke gireh giee ||

ਅਨਿਕ ਪ੍ਰਕਾਰ ਤੇਜ ਤਨ ਤਈ ॥੧੪॥

अनिक प्रकार तेज तन तई ॥१४॥

anik prakaar tej tan tiee ||14||


ਜਗ ਕੁੰਡ ਮਹਿ ਪਰੀ ਉਛਰ ਕਰਿ ॥

जग कुँड महि परी उछर करि ॥

jag ku(n)dd meh paree uchhar kar ||

ਸਤ ਪ੍ਰਤਾਪਿ ਪਾਵਕ ਭਈ ਸੀਤਰਿ ॥

सत प्रतापि पावक भई सीतरि ॥

sat prataap paavak bhiee seetar ||

ਜੋਗ ਅਗਨਿ ਕਹੁ ਬਹੁਰਿ ਪ੍ਰਕਾਸਾ ॥

जोग अगनि कहु बहुरि प्रकासा ॥

jog agan kahu bahur prakaasaa ||

ਤਾ ਤਨ ਕੀਯੋ ਪ੍ਰਾਨ ਕੋ ਨਾਸਾ ॥੧੫॥

ता तन कीयो प्रान को नासा ॥१५॥

taa tan keeyo praan ko naasaa ||15||


ਆਇ ਨਾਰਦ ਇਮ ਸਿਵਹਿ ਜਤਾਈ ॥

आइ नारद इम सिवहि जताई ॥

aai naaradh im siveh jataiee ||

ਕਹਾ ਬੈਠਿ ਹੋ ਭਾਗ ਚੜਾਈ ॥

कहा बैठि हो भाग चड़ाई ॥

kahaa baiTh ho bhaag chaRaiee ||

ਛੂਟਿਯੋ ਧਿਆਨ ਕੋਪੁ ਜੀਯ ਜਾਗਾ ॥

छूटियो धिआन कोपु जीय जागा ॥

chhooTiyo dhiaan kop jeey jaagaa ||

ਗਹਿ ਤ੍ਰਿਸੂਲ ਤਹ ਕੋ ਉਠ ਭਾਗਾ ॥੧੬॥

गहि तृसूल तह को उठ भागा ॥१६॥

geh tirasool teh ko uTh bhaagaa ||16||


ਜਬ ਹੀ ਜਾਤ ਭਯੋ ਤਿਹ ਥਲੈ ॥

जब ही जात भयो तिह थलै ॥

jab hee jaat bhayo teh thalai ||

ਲਯੋ ਉਠਾਇ ਸੂਲ ਕਰਿ ਬਲੈ ॥

लयो उठाइ सूल करि बलै ॥

layo uThai sool kar balai ||

ਭਾਤਿ ਭਾਤਿ ਤਿਨ ਕਰੇ ਪ੍ਰਹਾਰਾ ॥

भाति भाति तिन करे प्रहारा ॥

bhaat bhaat tin kare prahaaraa ||

ਸਕਲ ਬਿਧੁੰਸ ਜਗ ਕਰ ਡਾਰਾ ॥੧੭॥

सकल बिधुँस जग कर डारा ॥१७॥

sakal bidhu(n)s jag kar ddaaraa ||17||


ਭਾਤਿ ਭਾਤਿ ਤਨ ਭੂਪ ਸੰਘਾਰੇ ॥

भाति भाति तन भूप संघारे ॥

bhaat bhaat tan bhoop sa(n)ghaare ||

ਇਕ ਇਕ ਤੇ ਕਰ ਦੁਇ ਦੁਇ ਡਾਰੇ ॥

इक इक ते कर दुइ दुइ डारे ॥

eik ik te kar dhui dhui ddaare ||

ਜਾ ਕਹੁ ਪਹੁੰਚਿ ਤ੍ਰਿਸੂਲ ਪ੍ਰਹਾਰਾ ॥

जा कहु पहुँचि तृसूल प्रहारा ॥

jaa kahu pahu(n)ch tirasool prahaaraa ||

ਤਾ ਕਹੁ ਮਾਰ ਠਉਰ ਹੀ ਡਾਰਾ ॥੧੮॥

ता कहु मार ठउर ही डारा ॥१८॥

taa kahu maar Thaur hee ddaaraa ||18||


ਜਗ ਕੁੰਡ ਨਿਰਖਤ ਭਯੋ ਜਬ ਹੀ ॥

जग कुँड निरखत भयो जब ही ॥

jag ku(n)dd nirakhat bhayo jab hee ||

ਜੂਟ ਜਟਾਨ ਉਖਾਰਸ ਤਬ ਹੀ ॥

जूट जटान उखारस तब ही ॥

jooT jaTaan ukhaaras tab hee ||

ਬੀਰਭਦ੍ਰ ਤਬ ਕੀਆ ਪ੍ਰਕਾਸਾ ॥

बीरभद्र तब कीआ प्रकासा ॥

beerabhadhr tab keeaa prakaasaa ||

ਉਪਜਤ ਕਰੋ ਨਰੇਸਨ ਨਾਸਾ ॥੧੯॥

उपजत करो नरेसन नासा ॥१९॥

aupajat karo naresan naasaa ||19||


ਕੇਤਕ ਕਰੇ ਖੰਡ ਨ੍ਰਿਪਤਿ ਬਰ ॥

केतक करे खंड नृपति बर ॥

ketak kare kha(n)dd nirapat bar ||

ਕੇਤਕ ਪਠੈ ਦਏ ਜਮ ਕੇ ਘਰਿ ॥

केतक पठै दए जम के घरि ॥

ketak paThai dhe jam ke ghar ||

ਕੇਤਕ ਗਿਰੇ ਧਰਣਿ ਬਿਕਰਾਰਾ ॥

केतक गिरे धरणि बिकरारा ॥

ketak gire dharan bikaraaraa ||

ਜਨੁ ਸਰਤਾ ਕੇ ਗਿਰੇ ਕਰਾਰਾ ॥੨੦॥

जनु सरता के गिरे करारा ॥२०॥

jan sarataa ke gire karaaraa ||20||


ਤਬ ਲਉ ਸਿਵਹ ਚੇਤਨਾ ਆਈ ॥

तब लउ सिवह चेतना आई ॥

tab lau siveh chetanaa aaiee ||

ਗਹਿ ਪਿਨਾਕ ਕਹੁ ਪਰੋ ਰਿਸਾਈ ॥

गहि पिनाक कहु परो रिसाई ॥

geh pinaak kahu paro risaiee ||

ਜਾ ਕੈ ਤਾਣਿ ਬਾਣ ਤਨ ਮਾਰਾ ॥

जा कै ताणि बाण तन मारा ॥

jaa kai taan baan tan maaraa ||

ਪ੍ਰਾਨ ਤਜੇ ਤਿਨ ਪਾਨਿ ਨੁਚਾਰਾ ॥੨੧॥

प्रान तजे तिन पानि नुचारा ॥२१॥

praan taje tin paan nuchaaraa ||21||


ਡਮਾ ਡਮ ਡਉਰੂ ਬਹੁ ਬਾਜੇ ॥

डमा डम डउरू बहु बाजे ॥

ddamaa ddam ddauroo bahu baaje ||

ਭੂਤ ਪ੍ਰੇਤ ਦਸਊ ਦਿਸਿ ਗਾਜੈ ॥

भूत प्रेत दसऊ दिसि गाजै ॥

bhoot pret dhasuoo dhis gaajai ||

ਝਿਮ ਝਿਮ ਕਰਤ ਅਸਿਨ ਕੀ ਧਾਰਾ ॥

झिम झिम करत असिन की धारा ॥

jhim jhim karat asin kee dhaaraa ||

ਨਾਚੇ ਰੁੰਡ ਮੁੰਡ ਬਿਕਰਾਰਾ ॥੨੨॥

नाचे रुँड मुँड बिकरारा ॥२२॥

naache ru(n)dd mu(n)dd bikaraaraa ||22||


ਬਜੇ ਢੋਲ ਸਨਾਇ ਨਗਾਰੇ ॥

बजे ढोल सनाइ नगारे ॥

baje ddol sanai nagaare ||

ਜੁਟੈ ਜੰਗ ਕੋ ਜੋਧ ਜੁਝਾਰੇ ॥

जुटै जंग को जोध जुझारे ॥

juTai ja(n)g ko jodh jujhaare ||

ਖਹਿ ਖਹਿ ਮਰੇ ਅਪਰ ਰਿਸ ਬਢੇ ॥

खहि खहि मरे अपर रिस बढे ॥

kheh kheh mare apar ris badde ||

ਬਹੁਰਿ ਨ ਦੇਖੀਯਤ ਤਾਜੀਅਨ ਚਢੇ ॥੨੩॥

बहुरि न देखीयत ताजीअन चढे ॥२३॥

bahur na dhekheeyat taajeean chadde ||23||


ਜਾ ਪਰ ਮੁਸਟ ਤ੍ਰਿਸੂਲ ਪ੍ਰਹਾਰਾ ॥

जा पर मुसट तृसूल प्रहारा ॥

jaa par musaT tirasool prahaaraa ||

ਤਾਕਹੁ ਠਉਰ ਮਾਰ ਹੀ ਡਾਰਾ ॥

ताकहु ठउर मार ही डारा ॥

taakahu Thaur maar hee ddaaraa ||

ਐਸੋ ਭਯੋ ਬੀਰ ਘਮਸਾਨਾ ॥

ऐसो भयो बीर घमसाना ॥

aaiso bhayo beer ghamasaanaa ||

ਭਕ ਭਕਾਇ ਤਹ ਜਗੇ ਮਸਾਨਾ ॥੨੪॥

भक भकाइ तह जगे मसाना ॥२४॥

bhak bhakai teh jage masaanaa ||24||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਤੀਰ ਤਬਰ ਬਰਛੀ ਬਿਛੂਅ ਬਰਸੇ ਬਿਸਖ ਅਨੇਕ ॥

तीर तबर बरछी बिछूअ बरसे बिसख अनेक ॥

teer tabar barachhee bichhooa barase bisakh anek ||

ਸਬ ਸੂਰਾ ਜੂਝਤ ਭਏ ਸਾਬਤ ਬਚਾ ਨ ਏਕ ॥੨੫॥

सब सूरा जूझत भए साबत बचा न एक ॥२५॥

sab sooraa joojhat bhe saabat bachaa na ek ||25||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਕਟਿ ਕਟਿ ਮਰੇ ਨਰੇਸ ਦੁਖੰਡਾ ॥

कटि कटि मरे नरेस दुखंडा ॥

kaT kaT mare nares dhukha(n)ddaa ||

ਬਾਇ ਹਨੇ ਗਿਰਿ ਗੇ ਜਨੁ ਝੰਡਾ ॥

बाइ हने गिरि गे जनु झंडा ॥

bai hane gir ge jan jha(n)ddaa ||

ਸੂਲ ਸੰਭਾਰਿ ਰੁਦ੍ਰ ਜਬ ਪਰਿਯੋ ॥

सूल संभारि रुद्र जब परियो ॥

sool sa(n)bhaar rudhr jab pariyo ||

ਚਿਤ੍ਰ ਬਚਿਤ੍ਰ ਅਯੋਧਨ ਕਰਿਯੋ ॥੨੬॥

चित्र बचित्र अयोधन करियो ॥२६॥

chitr bachitr ayodhan kariyo ||26||


ਭਾਜ ਭਾਜ ਤਬ ਚਲੇ ਨਰੇਸਾ ॥

भाज भाज तब चले नरेसा ॥

bhaaj bhaaj tab chale naresaa ||

ਜਗ ਬਿਸਾਰ ਸੰਭਾਰਿਯੋ ਦੇਸਾ ॥

जग बिसार संभारियो देसा ॥

jag bisaar sa(n)bhaariyo dhesaa ||

ਜਬ ਰਣ ਰੁਦ੍ਰ ਰੁਦ੍ਰ ਹੁਐ ਧਾਏ ॥

जब रण रुद्र रुद्र हुऐ धाए ॥

jab ran rudhr rudhr huaai dhaae ||

ਭਾਜਤ ਭੂਪ ਨ ਬਾਚਨ ਪਾਏ ॥੨੭॥

भाजत भूप न बाचन पाए ॥२७॥

bhaajat bhoop na baachan paae ||27||


ਤਬ ਸਬ ਭਰੇ ਤੇਜ ਤਨੁ ਰਾਜਾ ॥

तब सब भरे तेज तनु राजा ॥

tab sab bhare tej tan raajaa ||

ਬਾਜਨ ਲਗੇ ਅਨੰਤਨ ਬਾਜਾ ॥

बाजन लगे अनंतन बाजा ॥

baajan lage ana(n)tan baajaa ||

ਮਚਿਯੋ ਬਹੁਰਿ ਘੋਰਿ ਸੰਗ੍ਰਾਮਾ ॥

मचियो बहुरि घोरि संग्रामा ॥

machiyo bahur ghor sa(n)graamaa ||

ਜਮ ਕੋ ਭਰਾ ਛਿਨਕ ਮਹਿ ਧਾਮਾ ॥੨੮॥

जम को भरा छिनक महि धामा ॥२८॥

jam ko bharaa chhinak meh dhaamaa ||28||


ਭੂਪਤ ਫਿਰੇ ਜੁਧ ਕੇ ਕਾਰਨ ॥

भूपत फिरे जुध के कारन ॥

bhoopat fire judh ke kaaran ||

ਲੈ ਲੈ ਬਾਣਿ ਪਾਣਿ ਹਥੀਯਾਰਨ ॥

लै लै बाणि पाणि हथीयारन ॥

lai lai baan paan hatheeyaaran ||

ਧਾਇ ਧਾਇ ਅਰਿ ਕਰਤ ਪ੍ਰਹਾਰਾ ॥

धाइ धाइ अरि करत प्रहारा ॥

dhai dhai ar karat prahaaraa ||

ਜਨ ਕਰ ਚੋਟ ਪਰਤ ਘਰੀਯਾਰਾ ॥੨੯॥

जन कर चोट परत घरीयारा ॥२९॥

jan kar choT parat ghareeyaaraa ||29||


ਖੰਡ ਖੰਡ ਰਣਿ ਗਿਰੇ ਅਖੰਡਾ ॥

खंड खंड रणि गिरे अखंडा ॥

kha(n)dd kha(n)dd ran gire akha(n)ddaa ||

ਕਾਪਿਯੋ ਖੰਡ ਨਵੇ ਬ੍ਰਹਮੰਡਾ ॥

कापियो खंड नवे ब्रहमंडा ॥

kaapiyo kha(n)dd nave brahama(n)ddaa ||

ਛਾਡਿ ਛਾਡਿ ਅਸਿ ਗਿਰੇ ਨਰੇਸਾ ॥

छाडि छाडि असि गिरे नरेसा ॥

chhaadd chhaadd as gire naresaa ||

ਮਚਿਯੋ ਜੁਧੁ ਸੁਯੰਬਰ ਜੈਸਾ ॥੩੦॥

मचियो जुधु सुयंबर जैसा ॥३०॥

machiyo judh suya(n)bar jaisaa ||30||


ਨਰਾਜ ਛੰਦ ॥

नराज छंद ॥

naraaj chha(n)dh ||


ਅਰੁਝੇ ਕਿਕਾਣੀ ॥

अरुझे किकाणी ॥

arujhe kikaanee ||

ਧਰੇ ਸਸਤ੍ਰ ਪਾਣੀ ॥

धरे ससत्र पाणी ॥

dhare sasatr paanee ||

ਪਰੀ ਮਾਰ ਬਾਣੀ ॥

परी मार बाणी ॥

paree maar baanee ||

ਕੜਕੇ ਕਮਾਣੀ ॥੩੧॥

कड़के कमाणी ॥३१॥

kaRake kamaanee ||31||


ਝੜਕੇ ਕ੍ਰਿਪਾਣੀ ॥

झड़के कृपाणी ॥

jhaRake kirapaanee ||

ਧਰੇ ਧੂਲ ਧਾਣੀ ॥

धरे धूल धाणी ॥

dhare dhool dhaanee ||

ਚੜੇ ਬਾਨ ਸਾਣੀ ॥

चड़े बान साणी ॥

chaRe baan saanee ||

ਰਟੈ ਏਕ ਪਾਣੀ ॥੩੨॥

रटै एक पाणी ॥३२॥

raTai ek paanee ||32||


ਚਵੀ ਚਾਵਡਾਣੀ ॥

चवी चावडाणी ॥

chavee chaavaddaanee ||

ਜੁਟੇ ਹਾਣੁ ਹਾਣੀ ॥

जुटे हाणु हाणी ॥

juTe haan haanee ||

ਹਸੀ ਦੇਵ ਰਾਣੀ ॥

हसी देव राणी ॥

hasee dhev raanee ||

ਝਮਕੇ ਕ੍ਰਿਪਾਣੀ ॥੩੩॥

झमके कृपाणी ॥३३॥

jhamake kirapaanee ||33||


ਬ੍ਰਿਧ ਨਰਾਜ ਛੰਦ ॥

बृध नराज छंद ॥

biradh naraaj chha(n)dh ||


ਸੁ ਮਾਰੁ ਮਾਰ ਸੂਰਮਾ ਪੁਕਾਰ ਮਾਰ ਕੇ ਚਲੇ ॥

सु मारु मार सूरमा पुकार मार के चले ॥

s maar maar sooramaa pukaar maar ke chale ||

ਅਨੰਤ ਰੁਦ੍ਰ ਕੇ ਗਣੋ ਬਿਅੰਤ ਬੀਰਹਾ ਦਲੇ ॥

अनंत रुद्र के गणो बिअंत बीरहा दले ॥

ana(n)t rudhr ke gano bia(n)t beerahaa dhale ||

ਘਮੰਡ ਘੋਰ ਸਾਵਣੀ ਅਘੋਰ ਜਿਉ ਘਟਾ ਉਠੀ ॥

घमंड घोर सावणी अघोर जिउ घटा उठी ॥

ghama(n)dd ghor saavanee aghor jiau ghaTaa uThee ||

ਅਨੰਤ ਬੂੰਦ ਬਾਣ ਧਾਰ ਸੁਧ ਕ੍ਰੁਧ ਕੈ ਬੁਠੀ ॥੩੪॥

अनंत बूँद बाण धार सुध क्रुध कै बुठी ॥३४॥

ana(n)t boo(n)dh baan dhaar sudh krudh kai buThee ||34||


ਨਰਾਜ ਛੰਦ ॥

नराज छंद ॥

naraaj chha(n)dh ||


ਬਿਅੰਤ ਸੂਰ ਧਾਵਹੀ ॥

बिअंत सूर धावही ॥

bia(n)t soor dhaavahee ||

ਸੁ ਮਾਰੁ ਮਾਰੁ ਘਾਵਹੀ ॥

सु मारु मारु घावही ॥

s maar maar ghaavahee ||

ਅਘਾਇ ਘਾਇ ਉਠ ਹੀ ॥

अघाइ घाइ उठ ही ॥

aghai ghai uTh hee ||

ਅਨੇਕ ਬਾਣ ਬੁਠਹੀ ॥੩੫॥

अनेक बाण बुठही ॥३५॥

anek baan buThahee ||35||


ਅਨੰਤ ਅਸਤ੍ਰ ਸਜ ਕੈ ॥

अनंत असत्र सज कै ॥

ana(n)t asatr saj kai ||

ਚਲੈ ਸੁ ਬੀਰ ਗਜ ਕੈ ॥

चलै सु बीर गज कै ॥

chalai su beer gaj kai ||

ਨਿਰਭੈ ਹਥਿਯਾਰ ਝਾਰ ਹੀ ॥

निरभै हथियार झार ही ॥

nirabhai hathiyaar jhaar hee ||

ਸੁ ਮਾਰੁ ਮਾਰ ਉਚਾਰਹੀ ॥੩੬॥

सु मारु मार उचारही ॥३६॥

s maar maar uchaarahee ||36||


ਘਮੰਡ ਘੋਰ ਜਿਉ ਘਟਾ ॥

घमंड घोर जिउ घटा ॥

ghama(n)dd ghor jiau ghaTaa ||

ਚਲੇ ਬਨਾਹਿ ਤਿਉ ਥਟਾ ॥

चले बनाहि तिउ थटा ॥

chale banaeh tiau thaTaa ||

ਸੁ ਸਸਤ੍ਰ ਸੂਰ ਸੋਭਹੀ ॥

सु ससत्र सूर सोभही ॥

s sasatr soor sobhahee ||

ਸੁਤਾ ਸੁਰਾਨ ਲੋਭਹੀ ॥੩੭॥

सुता सुरान लोभही ॥३७॥

sutaa suraan lobhahee ||37||


ਸੁ ਬੀਰ ਬੀਨ ਕੈ ਬਰੈ ॥

सु बीर बीन कै बरै ॥

s beer been kai barai ||

ਸੁਰੇਸ ਲੋਗਿ ਬਿਚਰੈ ॥

सुरेस लोगि बिचरै ॥

sures log bicharai ||

ਸੁ ਤ੍ਰਾਸ ਭੂਪ ਜੇ ਭਜੇ ॥

सु त्रास भूप जे भजे ॥

s traas bhoop je bhaje ||

ਸੁ ਦੇਵ ਪੁਤ੍ਰਕਾ ਤਜੇ ॥੩੮॥

सु देव पुत्रका तजे ॥३८॥

s dhev putrakaa taje ||38||


ਬ੍ਰਿਧ ਨਰਾਜ ਛੰਦ ॥

बृध नराज छंद ॥

biradh naraaj chha(n)dh ||


ਸੁ ਸਸਤ੍ਰ ਅਸਤ੍ਰ ਸਜ ਕੈ ਪਰੇ ਹੁਕਾਰ ਕੈ ਹਠੀ ॥

सु ससत्र असत्र सज कै परे हुकार कै हठी ॥

s sasatr asatr saj kai pare hukaar kai haThee ||

ਬਿਲੋਕਿ ਰੁਦ੍ਰ ਰੁਦ੍ਰ ਕੋ ਬਨਾਇ ਸੈਣ ਏਕਠੀ ॥

बिलोकि रुद्र रुद्र को बनाइ सैण एकठी ॥

bilok rudhr rudhr ko banai sain ekaThee ||

ਅਨੰਤ ਘੋਰ ਸਾਵਣੀ ਦੁਰੰਤ ਜਿਯੋ ਉਠੀ ਘਟਾ ॥

अनंत घोर सावणी दुरंत जियो उठी घटा ॥

ana(n)t ghor saavanee dhura(n)t jiyo uThee ghaTaa ||

ਸੁ ਸੋਭ ਸੂਰਮਾ ਨਚੈ ਸੁ ਛੀਨਿ ਛਤ੍ਰ ਕੀ ਛਟਾ ॥੩੯॥

सु सोभ सूरमा नचै सु छीनि छत्र की छटा ॥३९॥

s sobh sooramaa nachai su chheen chhatr kee chhaTaa ||39||


ਕੰਪਾਇ ਖਗ ਪਾਣ ਮੋ ਤ੍ਰਪਾਇ ਤਾਜੀਯਨ ਤਹਾ ॥

कंपाइ खग पाण मो त्रपाइ ताजीयन तहा ॥

ka(n)pai khag paan mo trapai taajeeyan tahaa ||

ਜੁਆਨ ਆਨ ਕੇ ਪਰੇ ਸੁ ਰੁਦ੍ਰ ਠਾਢਿਬੋ ਜਹਾ ॥

जुआन आन के परे सु रुद्र ठाढिबो जहा ॥

juaan aan ke pare su rudhr Thaaddibo jahaa ||

ਬਿਅੰਤ ਬਾਣ ਸੈਹਥੀ ਪ੍ਰਹਾਰ ਆਨ ਕੇ ਕਰੈ ॥

बिअंत बाण सैहथी प्रहार आन के करै ॥

bia(n)t baan saihathee prahaar aan ke karai ||

ਧਕੇਲਿ ਰੇਲਿ ਲੈ ਚਲੈ ਪਛੇਲ ਪਾਵ ਨ ਟਰੈ ॥੪੦॥

धकेलि रेलि लै चलै पछेल पाव न टरै ॥४०॥

dhakel rel lai chalai pachhel paav na Tarai ||40||


ਸੜਕ ਸੂਲ ਸੈਹਥੀ ਤੜਕ ਤੇਗ ਤੀਰਯੰ ॥

सड़क सूल सैहथी तड़क तेग तीरयं ॥

saRak sool saihathee taRak teg teeraya(n) ||

ਬਬਕ ਬਾਘ ਜਿਯੋ ਬਲੀ ਭਭਕ ਘਾਇ ਬੀਰਯੰ ॥

बबक बाघ जियो बली भभक घाइ बीरयं ॥

babak baagh jiyo balee bhabhak ghai beeraya(n) ||

ਅਘਾਇ ਘਾਇ ਕੇ ਗਿਰੇ ਪਛੇਲ ਪਾਵ ਨ ਟਰੇ ॥

अघाइ घाइ के गिरे पछेल पाव न टरे ॥

aghai ghai ke gire pachhel paav na Tare ||

ਸੁ ਬੀਨ ਬੀਨ ਅਛਰੈ ਪ੍ਰਬੀਨ ਦੀਨ ਹੁਐ ਬਰੇ ॥੪੧॥

सु बीन बीन अछरै प्रबीन दीन हुऐ बरे ॥४१॥

s been been achharai prabeen dheen huaai bare ||41||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਇਹ ਬਿਧਿ ਜੂਝਿ ਗਿਰਿਯੋ ਸਭ ਸਾਥਾ ॥

इह बिधि जूझि गिरियो सभ साथा ॥

eeh bidh joojh giriyo sabh saathaa ||

ਰਹਿ ਗਯੋ ਦਛ ਅਕੇਲ ਅਨਾਥਾ ॥

रहि गयो दछ अकेल अनाथा ॥

reh gayo dhachh akel anaathaa ||

ਬਚੇ ਬੀਰ ਤੇ ਬਹੁਰਿ ਬੁਲਾਇਸੁ ॥

बचे बीर ते बहुरि बुलाइसु ॥

bache beer te bahur bulais ||

ਪਹਰਿ ਕਵਚ ਦੁੰਦਭੀ ਬਜਾਇਸੁ ॥੪੨॥

पहरि कवच दुँदभी बजाइसु ॥४२॥

pahar kavach dhu(n)dhabhee bajais ||42||


ਆਪਨ ਚਲਾ ਜੁਧ ਕਹੁ ਰਾਜਾ ॥

आपन चला जुध कहु राजा ॥

aapan chalaa judh kahu raajaa ||

ਜੋਰ ਕਰੋਰ ਅਯੋਧਨ ਸਾਜਾ ॥

जोर करोर अयोधन साजा ॥

jor karor ayodhan saajaa ||

ਛੂਟਤ ਬਾਣ ਕਮਾਣ ਅਪਾਰਾ ॥

छूटत बाण कमाण अपारा ॥

chhooTat baan kamaan apaaraa ||

ਜਨੁ ਦਿਨ ਤੇ ਹੁਐ ਗਯੋ ਅੰਧਾਰਾ ॥੪੩॥

जनु दिन ते हुऐ गयो अंधारा ॥४३॥

jan dhin te huaai gayo a(n)dhaaraa ||43||


ਭੂਤ ਪਰੇਤ ਮਸਾਣ ਹਕਾਰੇ ॥

भूत परेत मसाण हकारे ॥

bhoot paret masaan hakaare ||

ਦੁਹੂੰ ਓਰ ਡਉਰੂ ਡਮਕਾਰੇ ॥

दुहूँ ओर डउरू डमकारे ॥

dhuhoo(n) or ddauroo ddamakaare ||

ਮਹਾ ਘੋਰ ਮਚਿਯੋ ਸੰਗ੍ਰਾਮਾ ॥

महा घोर मचियो संग्रामा ॥

mahaa ghor machiyo sa(n)graamaa ||

ਜੈਸਕ ਲੰਕਿ ਰਾਵਣ ਅਰੁ ਰਾਮਾ ॥੪੪॥

जैसक लंकि रावण अरु रामा ॥४४॥

jaisak la(n)k raavan ar raamaa ||44||


ਭੁਜੰਗ ਪ੍ਰਯਾਤ ਛੰਦ ॥

भुजंग प्रयात छंद ॥

bhuja(n)g prayaat chha(n)dh ||


ਭਯੋ ਰੁਦ੍ਰ ਕੋਪੰ ਧਰਿਯੋ ਸੂਲ ਪਾਣੰ ॥

भयो रुद्र कोपं धरियो सूल पाणं ॥

bhayo rudhr kopa(n) dhariyo sool paana(n) ||

ਕਰੇ ਸੂਰਮਾ ਸਰਬ ਖਾਲੀ ਪਲਾਣੰ ॥

करे सूरमा सरब खाली पलाणं ॥

kare sooramaa sarab khaalee palaana(n) ||

ਉਤੇ ਏਕ ਦਛੰ ਇਤੈ ਰੁਦ੍ਰ ਏਕੰ ॥

उते एक दछं इतै रुद्र एकं ॥

aute ek dhachha(n) itai rudhr eka(n) ||

ਕਰਿਯੋ ਕੋਪ ਕੈ ਜੁਧ ਭਾਤੰ ਅਨੇਕੰ ॥੪੫॥

करियो कोप कै जुध भातं अनेकं ॥४५॥

kariyo kop kai judh bhaata(n) aneka(n) ||45||


ਗਿਰਿਯੋ ਜਾਨੁ ਕੂਟਸਥਲੀ ਬ੍ਰਿਛ ਮੂਲੰ ॥

गिरियो जानु कूटसथली बृछ मूलं ॥

giriyo jaan kooTasathalee birachh moola(n) ||

ਗਿਰਿਯੋ ਦਛ ਤੈਸੇ ਕਟਿਯੋ ਸੀਸ ਸੂਲੰ ॥

गिरियो दछ तैसे कटियो सीस सूलं ॥

giriyo dhachh taise kaTiyo sees soola(n) ||

ਪਰਿਯੋ ਰਾਜ ਰਾਜੰ ਭਯੋ ਦੇਹ ਘਾਤੰ ॥

परियो राज राजं भयो देह घातं ॥

pariyo raaj raaja(n) bhayo dheh ghaata(n) ||

ਹਨਿਯੋ ਜਾਨ ਬਜ੍ਰੰ ਭਯੋ ਪਬ ਪਾਤੰ ॥੪੬॥

हनियो जान बज्रं भयो पब पातं ॥४६॥

haniyo jaan bajra(n) bhayo pab paata(n) ||46||


ਗਯੋ ਗਰਬ ਸਰਬੰ ਭਜੋ ਸੂਰਬੀਰੰ ॥

गयो गरब सरबं भजो सूरबीरं ॥

gayo garab saraba(n) bhajo soorabeera(n) ||

ਚਲਿਯੋ ਭਾਜ ਅੰਤਹਪੁਰ ਹੁਐ ਅਧੀਰੰ ॥

चलियो भाज अंतहपुर हुऐ अधीरं ॥

chaliyo bhaaj a(n)tahapur huaai adheera(n) ||

ਗਰੇ ਡਾਰ ਅੰਚਰ ਪਰੈ ਰੁਦ੍ਰ ਪਾਯੋ ॥

गरे डार अंचर परै रुद्र पायो ॥

gare ddaar a(n)char parai rudhr paayo ||

ਅਹੋ ਰੁਦ੍ਰ ਕੀਜੈ ਕ੍ਰਿਪਾ ਕੈ ਸਹਾਯੰ ॥੪੭॥

अहो रुद्र कीजै कृपा कै सहायं ॥४७॥

aho rudhr keejai kirapaa kai sahaaya(n) ||47||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਹਮ ਤੁਮਰੋ ਹਰਿ ਓਜ ਨ ਜਾਨਾ ॥

हम तुमरो हरि ओज न जाना ॥

ham tumaro har oj na jaanaa ||

ਤੁਮ ਹੋ ਮਹਾ ਤਪੀ ਬਲਵਾਨਾ ॥

तुम हो महा तपी बलवाना ॥

tum ho mahaa tapee balavaanaa ||

ਸੁਨਤ ਬਚਨ ਭਏ ਰੁਦ੍ਰ ਕ੍ਰਿਪਾਲਾ ॥

सुनत बचन भए रुद्र कृपाला ॥

sunat bachan bhe rudhr kirapaalaa ||

ਅਜਾ ਸੀਸ ਨ੍ਰਿਪ ਜੋਰਿ ਉਤਾਲਾ ॥੪੮॥

अजा सीस नृप जोरि उताला ॥४८॥

ajaa sees nirap jor utaalaa ||48||


ਰੁਦ੍ਰ ਕਾਲ ਕੋ ਧਰਾ ਧਿਆਨਾ ॥

रुद्र काल को धरा धिआना ॥

rudhr kaal ko dharaa dhiaanaa ||

ਬਹੁਰਿ ਜੀਯਾਇ ਨਰੇਸ ਉਠਾਨਾ ॥

बहुरि जीयाइ नरेस उठाना ॥

bahur jeeyai nares uThaanaa ||

ਰਾਜ ਸੁਤਾ ਪਤਿ ਸਕਲ ਜੀਯਾਏ ॥

राज सुता पति सकल जीयाए ॥

raaj sutaa pat sakal jeeyaae ||

ਕਉਤਕ ਨਿਰਖਿ ਸੰਤ ਤ੍ਰਿਪਤਾਏ ॥੪੯॥

कउतक निरखि संत तृपताए ॥४९॥

kautak nirakh sa(n)t tirapataae ||49||


ਨਾਰਿ ਹੀਨ ਸਿਵ ਕਾਮ ਖਿਝਾਯੋ ॥

नारि हीन सिव काम खिझायो ॥

naar heen siv kaam khijhaayo ||

ਤਾ ਤੇ ਸੁੰਭ ਘਨੋ ਦੁਖੁ ਪਾਯੋ ॥

ता ते सुँभ घनो दुखु पायो ॥

taa te su(n)bh ghano dhukh paayo ||

ਅਧਿਕ ਕੋਪ ਕੈ ਕਾਮ ਜਰਾਯਸ ॥

अधिक कोप कै काम जरायस ॥

adhik kop kai kaam jaraayas ||

ਬਿਤਨ ਨਾਮ ਤਿਹ ਤਦਿਨ ਕਹਾਯਸ ॥੫੦॥

बितन नाम तिह तदिन कहायस ॥५०॥

bitan naam teh tadhin kahaayas ||50||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ ਗ੍ਰੰਥੇ ਰੁਦ੍ਰ ਪ੍ਰਬੰਧ ਦਛ ਬਧਹੀ ਰੁਦ੍ਰ ਮਹਾਤਮੇ ਗਉਰ ਬਧਹ ਗਿਆਰਵੋ ਅਵਤਾਰ ਸੰਪੂਰਣਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੧੧॥

इति स्री बचित्र नाटक ग्रंथे रुद्र प्रबंध दछ बधही रुद्र महातमे गउर बधह गिआरवो अवतार संपूरणम सतु सुभम सतु ॥११॥

eit sree bachitr naaTak gra(n)the rudhr praba(n)dh dhachh badhahee rudhr mahaatame gaur badheh giaaravo avataar sa(n)pooranam sat subham sat ||11||



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