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200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
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ਅਥ ਪਰਸਰਾਮ ਅਵਤਾਰ ਕਥਨੰ ॥

अथ परसराम अवतार कथनं ॥

ath parasaraam avataar kathana(n) ||


ਸ੍ਰੀ ਭਗਉਤੀ ਜੀ ਸਹਾਇ ॥

स्री भगउती जी सहाइ ॥

sree bhagautee jee sahai ||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਪੁਨਿ ਕੇਤਿਕ ਦਿਨ ਭਏ ਬਿਤੀਤਾ ॥

पुनि केतिक दिन भए बितीता ॥

pun ketik dhin bhe biteetaa ||

ਛਤ੍ਰਨਿ ਸਕਲ ਧਰਾ ਕਹੁ ਜੀਤਾ ॥

छत्रनि सकल धरा कहु जीता ॥

chhatran sakal dharaa kahu jeetaa ||

ਅਧਿਕ ਜਗਤ ਮਹਿ ਊਚ ਜਨਾਯੋ ॥

अधिक जगत महि ऊच जनायो ॥

adhik jagat meh uooch janaayo ||

ਬਾਸਵ ਬਲਿ ਕਹੂੰ ਲੈਨ ਨ ਪਾਯੋ ॥੧॥

बासव बलि कहूँ लैन न पायो ॥१॥

baasav bal kahoo(n) lain na paayo ||1||


ਬਿਆਕੁਲ ਸਕਲ ਦੇਵਤਾ ਭਏ ॥

बिआकुल सकल देवता भए ॥

biaakul sakal dhevataa bhe ||

ਮਿਲਿ ਕਰਿ ਸਭੁ ਬਾਸਵ ਪੈ ਗਏ ॥

मिलि करि सभु बासव पै गए ॥

mil kar sabh baasav pai ge ||

ਛਤ੍ਰੀ ਰੂਪ ਧਰੇ ਸਭੁ ਅਸੁਰਨ ॥

छत्री रूप धरे सभु असुरन ॥

chhatree roop dhare sabh asuran ||

ਆਵਤ ਕਹਾ ਭੂਪ ਤੁਮਰੇ ਮਨਿ ॥੨॥

आवत कहा भूप तुमरे मनि ॥२॥

aavat kahaa bhoop tumare man ||2||


ਸਬ ਦੇਵਨ ਮਿਲਿ ਕਰਿਯੋ ਬਿਚਾਰਾ ॥

सब देवन मिलि करियो बिचारा ॥

sab dhevan mil kariyo bichaaraa ||

ਛੀਰਸਮੁਦ੍ਰ ਕਹੁ ਚਲੇ ਸੁਧਾਰਾ ॥

छीरसमुद्र कहु चले सुधारा ॥

chheerasamudhr kahu chale sudhaaraa ||

ਕਾਲ ਪੁਰਖੁ ਕੀ ਕਰੀ ਬਡਾਈ ॥

काल पुरखु की करी बडाई ॥

kaal purakh kee karee baddaiee ||

ਇਮ ਆਗਿਆ ਤਹ ਤੈ ਤਿਨਿ ਆਈ ॥੩॥

इम आगिआ तह तै तिनि आई ॥३॥

eim aagiaa teh tai tin aaiee ||3||


ਦਿਜ ਜਮਦਗਨਿ ਜਗਤ ਮੋ ਸੋਹਤ ॥

दिज जमदगनि जगत मो सोहत ॥

dhij jamadhagan jagat mo sohat ||

ਨਿਤ ਉਠਿ ਕਰਤ ਅਘਨ ਓਘਨ ਹਤ ॥

नित उठि करत अघन ओघन हत ॥

nit uTh karat aghan oghan hat ||

ਤਹ ਤੁਮ ਧਰੋ ਬਿਸਨ ਅਵਤਾਰਾ ॥

तह तुम धरो बिसन अवतारा ॥

teh tum dharo bisan avataaraa ||

ਹਨਹੁ ਸਕ੍ਰ ਕੇ ਸਤ੍ਰ ਸੁਧਾਰਾ ॥੪॥

हनहु सक्र के सत्र सुधारा ॥४॥

hanahu sakr ke satr sudhaaraa ||4||


ਭੁਜੰਗ ਪ੍ਰਯਾਤ ਛੰਦ ॥

भुजंग प्रयात छंद ॥

bhuja(n)g prayaat chha(n)dh ||


ਜਯੋ ਜਾਮਦਗਨੰ ਦਿਜੰ ਆਵਤਾਰੀ ॥

जयो जामदगनं दिजं आवतारी ॥

jayo jaamadhagana(n) dhija(n) aavataaree ||

ਭਯੋ ਰੇਣੁਕਾ ਤੇ ਕਵਾਚੀ ਕੁਠਾਰੀ ॥

भयो रेणुका ते कवाची कुठारी ॥

bhayo renukaa te kavaachee kuThaaree ||

ਧਰਿਯੋ ਛਤ੍ਰੀਯਾ ਪਾਤ ਕੋ ਕਾਲ ਰੂਪੰ ॥

धरियो छत्रीया पात को काल रूपं ॥

dhariyo chhatreeyaa paat ko kaal roopa(n) ||

ਹਨ੍ਯੋ ਜਾਇ ਜਉਨੈ ਸਹੰਸਾਸਤ੍ਰ ਭੂਪੰ ॥੫॥

हन्यो जाइ जउनै सहंसासत्र भूपं ॥५॥

hanayo jai jaunai saha(n)saasatr bhoopa(n) ||5||


ਕਹਾ ਗੰਮ ਏਤੀ ਕਥਾ ਸਰਬ ਭਾਖਉ ॥

कहा गंम एती कथा सरब भाखउ ॥

kahaa ga(n)m etee kathaa sarab bhaakhau ||

ਕਥਾ ਬ੍ਰਿਧ ਤੇ ਥੋਰੀਐ ਬਾਤ ਰਾਖਉ ॥

कथा बृध ते थोरीऐ बात राखउ ॥

kathaa biradh te thoreeaai baat raakhau ||

ਭਰੇ ਗਰਬ ਛਤ੍ਰੀ ਨਰੇਸੰ ਅਪਾਰੰ ॥

भरे गरब छत्री नरेसं अपारं ॥

bhare garab chhatree naresa(n) apaara(n) ||

ਤਿਨੈ ਨਾਸ ਕੋ ਪਾਣਿ ਧਾਰਿਯੋ ਕੁਠਾਰੰ ॥੬॥

तिनै नास को पाणि धारियो कुठारं ॥६॥

tinai naas ko paan dhaariyo kuThaara(n) ||6||


ਹੁਤੀ ਨੰਦਨੀ ਸਿੰਧ ਜਾ ਕੀ ਸੁਪੁਤ੍ਰੀ ॥

हुती नंदनी सिंध जा की सुपुत्री ॥

hutee na(n)dhanee si(n)dh jaa kee suputree ||

ਤਿਸੈ ਮਾਗ ਹਾਰਿਯੋ ਸਹੰਸਾਸਤ੍ਰ ਛਤ੍ਰੀ ॥

तिसै माग हारियो सहंसासत्र छत्री ॥

tisai maag haariyo saha(n)saasatr chhatree ||

ਲੀਯੋ ਛੀਨ ਗਾਯੰ ਹਤਿਯੋ ਰਾਮ ਤਾਤੰ ॥

लीयो छीन गायं हतियो राम तातं ॥

leeyo chheen gaaya(n) hatiyo raam taata(n) ||

ਤਿਸੀ ਬੈਰ ਕੀਨੇ ਸਬੈ ਭੂਪ ਪਾਤੰ ॥੭॥

तिसी बैर कीने सबै भूप पातं ॥७॥

tisee bair keene sabai bhoop paata(n) ||7||


ਗਈ ਬਾਲ ਤਾ ਤੇ ਲੀਯੋ ਸੋਧ ਤਾ ਕੋ ॥

गई बाल ता ते लीयो सोध ता को ॥

giee baal taa te leeyo sodh taa ko ||

ਹਨਿਯੋ ਤਾਤ ਮੇਰੋ ਕਹੋ ਨਾਮੁ ਵਾ ਕੋ ॥

हनियो तात मेरो कहो नामु वा को ॥

haniyo taat mero kaho naam vaa ko ||

ਸਹੰਸਾਸਤ੍ਰ ਭੂਪੰ ਸੁਣਿਯੋ ਸ੍ਰਉਣ ਨਾਮੰ ॥

सहंसासत्र भूपं सुणियो स्रउण नामं ॥

saha(n)saasatr bhoopa(n) suniyo sraun naama(n) ||

ਗਹੇ ਸਸਤ੍ਰ ਅਸਤ੍ਰੰ ਚਲਿਯੋ ਤਉਨ ਠਾਮੰ ॥੮॥

गहे ससत्र असत्रं चलियो तउन ठामं ॥८॥

gahe sasatr asatra(n) chaliyo taun Thaama(n) ||8||


ਕਹੋ ਰਾਜ ਮੇਰੋ ਹਨਿਯੋ ਤਾਤ ਕੈਸੇ ॥

कहो राज मेरो हनियो तात कैसे ॥

kaho raaj mero haniyo taat kaise ||

ਅਬੈ ਜੁਧ ਜੀਤੋ ਹਨੋ ਤੋਹਿ ਤੈਸੇ ॥

अबै जुध जीतो हनो तोहि तैसे ॥

abai judh jeeto hano toh taise ||

ਕਹਾ ਮੂੜ ਬੈਠੋ ਸੁ ਅਸਤ੍ਰੰ ਸੰਭਾਰੋ ॥

कहा मूड़ बैठो सु असत्रं संभारो ॥

kahaa mooR baiTho su asatra(n) sa(n)bhaaro ||

ਚਲੋ ਭਾਜ ਨਾ ਤੋ ਸਬੈ ਸਸਤ੍ਰ ਡਾਰੋ ॥੯॥

चलो भाज ना तो सबै ससत्र डारो ॥९॥

chalo bhaaj naa to sabai sasatr ddaaro ||9||


ਸੁਣੇ ਬੋਲ ਬੰਕੇ ਭਰਿਯੋ ਭੂਪ ਕੋਪੰ ॥

सुणे बोल बंके भरियो भूप कोपं ॥

sune bol ba(n)ke bhariyo bhoop kopa(n) ||

ਉਠਿਯੋ ਰਾਜ ਸਰਦੂਲ ਲੈ ਪਾਣਿ ਧੋਪੰ ॥

उठियो राज सरदूल लै पाणि धोपं ॥

auThiyo raaj saradhool lai paan dhopa(n) ||

ਹਠਿਯੋ ਖੇਤਿ ਖੂਨੀ ਦਿਜੰ ਖੇਤ੍ਰ ਹਾਯੋ ॥

हठियो खेति खूनी दिजं खेत्र हायो ॥

haThiyo khet khoonee dhija(n) khetr haayo ||

ਚਹੇ ਆਜ ਹੀ ਜੁਧ ਮੋ ਸੋ ਮਚਾਯੋ ॥੧੦॥

चहे आज ही जुध मो सो मचायो ॥१०॥

chahe aaj hee judh mo so machaayo ||10||


ਧਏ ਸੂਰ ਸਰਬੰ ਸੁਨੇ ਬੈਨ ਰਾਜੰ ॥

धए सूर सरबं सुने बैन राजं ॥

dhe soor saraba(n) sune bain raaja(n) ||

ਚੜਿਯੋ ਕ੍ਰੁਧ ਜੁਧੰ ਸ੍ਰਜੇ ਸਰਬ ਸਾਜੰ ॥

चड़ियो क्रुध जुधं स्रजे सरब साजं ॥

chaRiyo krudh judha(n) sraje sarab saaja(n) ||

ਗਦਾ ਸੈਹਥੀ ਸੂਲ ਸੇਲੰ ਸੰਭਾਰੀ ॥

गदा सैहथी सूल सेलं संभारी ॥

gadhaa saihathee sool sela(n) sa(n)bhaaree ||

ਚਲੇ ਜੁਧ ਕਾਜੰ ਬਡੇ ਛਤ੍ਰਧਾਰੀ ॥੧੧॥

चले जुध काजं बडे छत्रधारी ॥११॥

chale judh kaaja(n) badde chhatradhaaree ||11||


ਨਰਾਜ ਛੰਦ ॥

नराज छंद ॥

naraaj chha(n)dh ||


ਕ੍ਰਿਪਾਣ ਪਾਣ ਧਾਰਿ ਕੈ ॥

कृपाण पाण धारि कै ॥

kirapaan paan dhaar kai ||

ਚਲੇ ਬਲੀ ਪੁਕਾਰਿ ਕੈ ॥

चले बली पुकारि कै ॥

chale balee pukaar kai ||

ਸੁ ਮਾਰਿ ਮਾਰਿ ਭਾਖਹੀ ॥

सु मारि मारि भाखही ॥

s maar maar bhaakhahee ||

ਸਰੋਘ ਸ੍ਰੋਣ ਚਾਖਹੀ ॥੧੨॥

सरोघ स्रोण चाखही ॥१२॥

sarogh sron chaakhahee ||12||


ਸੰਜੋਇ ਸੈਹਥੀਨ ਲੈ ॥

संजोइ सैहथीन लै ॥

sa(n)joi saihatheen lai ||

ਚੜੇ ਸੁ ਬੀਰ ਰੋਸ ਕੈ ॥

चड़े सु बीर रोस कै ॥

chaRe su beer ros kai ||

ਚਟਾਕ ਚਾਬਕੰ ਉਠੇ ॥

चटाक चाबकं उठे ॥

chaTaak chaabaka(n) uThe ||

ਸਹੰਸ੍ਰ ਸਾਇਕੰ ਬੁਠੈ ॥੧੩॥

सहंस्र साइकं बुठै ॥१३॥

saha(n)sr saika(n) buThai ||13||


ਰਸਾਵਲ ਛੰਦ ॥

रसावल छंद ॥

rasaaval chha(n)dh ||


ਭਏ ਏਕ ਠਉਰੇ ॥

भए एक ठउरे ॥

bhe ek Thaure ||

ਸਬੈ ਸੂਰ ਦਉਰੇ ॥

सबै सूर दउरे ॥

sabai soor dhaure ||

ਲਯੋ ਘੇਰਿ ਰਾਮੰ ॥

लयो घेरि रामं ॥

layo gher raama(n) ||

ਘਟਾ ਸੂਰ ਸ੍ਯਾਮੰ ॥੧੪॥

घटा सूर स्यामं ॥१४॥

ghaTaa soor sayaama(n) ||14||


ਕਮਾਣੰ ਕੜੰਕੇ ॥

कमाणं कड़ंके ॥

kamaana(n) kaRa(n)ke ||

ਭਏ ਨਾਦ ਬੰਕੇ ॥

भए नाद बंके ॥

bhe naadh ba(n)ke ||

ਘਟਾ ਜਾਣਿ ਸਿਆਹੰ ॥

घटा जाणि सिआहं ॥

ghaTaa jaan siaaha(n) ||

ਚੜਿਓ ਤਿਉ ਸਿਪਾਹੰ ॥੧੫॥

चड़िओ तिउ सिपाहं ॥१५॥

chaRio tiau sipaaha(n) ||15||


ਭਏ ਨਾਦ ਬੰਕੇ ॥

भए नाद बंके ॥

bhe naadh ba(n)ke ||

ਸੁ ਸੇਲੰ ਧਮੰਕੇ ॥

सु सेलं धमंके ॥

s sela(n) dhama(n)ke ||

ਗਜਾ ਜੂਹ ਗਜੇ ॥

गजा जूह गजे ॥

gajaa jooh gaje ||

ਸੁਭੰ ਸੰਜ ਸਜੇ ॥੧੬॥

सुभं संज सजे ॥१६॥

subha(n) sa(n)j saje ||16||


ਚਹੂੰ ਓਰ ਢੂਕੇ ॥

चहूँ ओर ढूके ॥

chahoo(n) or ddooke ||

ਗਜੰ ਜੂਹ ਝੂਕੇ ॥

गजं जूह झूके ॥

gaja(n) jooh jhooke ||

ਸਰੰ ਬ੍ਰਯੂਹ ਛੂਟੇ ॥

सरं ब्रयूह छूटे ॥

sara(n) brayooh chhooTe ||

ਰਿਪੰ ਸੀਸ ਫੂਟੇ ॥੧੭॥

रिपं सीस फूटे ॥१७॥

ripa(n) sees fooTe ||17||


ਉਠੇ ਨਾਦ ਭਾਰੀ ॥

उठे नाद भारी ॥

auThe naadh bhaaree ||

ਰਿਸੇ ਛਤ੍ਰਧਾਰੀ ॥

रिसे छत्रधारी ॥

rise chhatradhaaree ||

ਘਿਰਿਯੋ ਰਾਮ ਸੈਨੰ ॥

घिरियो राम सैनं ॥

ghiriyo raam saina(n) ||

ਸਿਵੰ ਜੇਮ ਮੈਨੰ ॥੧੮॥

सिवं जेम मैनं ॥१८॥

siva(n) jem maina(n) ||18||


ਰਣੰ ਰੰਗ ਰਤੇ ॥

रणं रंग रते ॥

rana(n) ra(n)g rate ||

ਤ੍ਰਸੇ ਤੇਜ ਤਤੇ ॥

त्रसे तेज तते ॥

trase tej tate ||

ਉਠੀ ਸੈਣ ਧੂਰੰ ॥

उठी सैण धूरं ॥

auThee sain dhoora(n) ||

ਰਹਿਯੋ ਗੈਣ ਪੂਰੰ ॥੧੯॥

रहियो गैण पूरं ॥१९॥

rahiyo gain poora(n) ||19||


ਘਣੇ ਢੋਲ ਬਜੇ ॥

घणे ढोल बजे ॥

ghane ddol baje ||

ਮਹਾ ਬੀਰ ਗਜੇ ॥

महा बीर गजे ॥

mahaa beer gaje ||

ਮਨੋ ਸਿੰਘ ਛੁਟੇ ॥

मनो सिंघ छुटे ॥

mano si(n)gh chhuTe ||

ਹਿਮੰ ਬੀਰ ਜੁਟੇ ॥੨੦॥

हिमं बीर जुटे ॥२०॥

hima(n) beer juTe ||20||


ਕਰੈ ਮਾਰਿ ਮਾਰੰ ॥

करै मारि मारं ॥

karai maar maara(n) ||

ਬਕੈ ਬਿਕਰਾਰੰ ॥

बकै बिकरारं ॥

bakai bikaraara(n) ||

ਗਿਰੈ ਅੰਗ ਭੰਗੰ ॥

गिरै अंग भंगं ॥

girai a(n)g bha(n)ga(n) ||

ਦਵੰ ਜਾਨ ਦੰਗੰ ॥੨੧॥

दवं जान दंगं ॥२१॥

dhava(n) jaan dha(n)ga(n) ||21||


ਗਏ ਛੂਟ ਅਸਤ੍ਰੰ ॥

गए छूट असत्रं ॥

ge chhooT asatra(n) ||

ਭਜੈ ਹ੍ਵੈ ਨ੍ਰਿਅਸਤ੍ਰੰ ॥

भजै ह्वै नृअसत्रं ॥

bhajai havai nriasatra(n) ||

ਖਿਲੈ ਸਾਰ ਬਾਜੀ ॥

खिलै सार बाजी ॥

khilai saar baajee ||

ਤੁਰੇ ਤੁੰਦ ਤਾਜੀ ॥੨੨॥

तुरे तुँद ताजी ॥२२॥

ture tu(n)dh taajee ||22||


ਭੁਜਾ ਠੋਕਿ ਬੀਰੰ ॥

भुजा ठोकि बीरं ॥

bhujaa Thok beera(n) ||

ਕਰੇ ਘਾਇ ਤੀਰੰ ॥

करे घाइ तीरं ॥

kare ghai teera(n) ||

ਨੇਜੇ ਗਡ ਗਾਢੇ ॥

नेजे गड गाढे ॥

neje gadd gaadde ||

ਮਚੇ ਬੈਰ ਬਾਢੇ ॥੨੩॥

मचे बैर बाढे ॥२३॥

mache bair baadde ||23||


ਘਣੈ ਘਾਇ ਪੇਲੇ ॥

घणै घाइ पेले ॥

ghanai ghai pele ||

ਮਨੋ ਫਾਗ ਖੇਲੇ ॥

मनो फाग खेले ॥

mano faag khele ||

ਕਰੀ ਬਾਣ ਬਰਖਾ ॥

करी बाण बरखा ॥

karee baan barakhaa ||

ਭਏ ਜੀਤ ਕਰਖਾ ॥੨੪॥

भए जीत करखा ॥२४॥

bhe jeet karakhaa ||24||


ਗਿਰੇ ਅੰਤ ਘੂਮੰ ॥

गिरे अंत घूमं ॥

gire a(n)t ghooma(n) ||

ਮਨੋ ਬ੍ਰਿਛ ਝੂਮੰ ॥

मनो बृछ झूमं ॥

mano birachh jhooma(n) ||

ਟੂਟੇ ਸਸਤ੍ਰ ਅਸਤ੍ਰੰ ॥

टूटे ससत्र असत्रं ॥

TooTe sasatr asatra(n) ||

ਭਜੇ ਹੁਐ ਨਿਰ ਅਸਤ੍ਰੰ ॥੨੫॥

भजे हुऐ निर असत्रं ॥२५॥

bhaje huaai nir asatra(n) ||25||


ਜਿਤੇ ਸਤ੍ਰੁ ਆਏ ॥

जिते सत्रु आए ॥

jite satr aae ||

ਤਿਤੇ ਰਾਮ ਘਾਏ ॥

तिते राम घाए ॥

tite raam ghaae ||

ਚਲੇ ਭਾਜਿ ਸਰਬੰ ॥

चले भाजि सरबं ॥

chale bhaaj saraba(n) ||

ਭਯੋ ਦੂਰ ਗਰਬੰ ॥੨੬॥

भयो दूर गरबं ॥२६॥

bhayo dhoor garaba(n) ||26||


ਭੁਜੰਗ ਪ੍ਰਯਾਤ ਛੰਦ ॥

भुजंग प्रयात छंद ॥

bhuja(n)g prayaat chha(n)dh ||


ਮਹਾ ਸਸਤ੍ਰ ਧਾਰੇ ਚਲਿਯੋ ਆਪ ਭੂਪੰ ॥

महा ससत्र धारे चलियो आप भूपं ॥

mahaa sasatr dhaare chaliyo aap bhoopa(n) ||

ਲਏ ਸਰਬ ਸੈਨਾ ਕੀਏ ਆਪ ਰੂਪੰ ॥

लए सरब सैना कीए आप रूपं ॥

le sarab sainaa ke'ee aap roopa(n) ||

ਅਨੰਤ ਅਸਤ੍ਰ ਛੋਰੇ ਭਯੋ ਜੁਧੁ ਮਾਨੰ ॥

अनंत असत्र छोरे भयो जुधु मानं ॥

ana(n)t asatr chhore bhayo judh maana(n) ||

ਪ੍ਰਭਾ ਕਾਲ ਮਾਨੋ ਸਭੈ ਰਸਮਿ ਭਾਨੰ ॥੨੭॥

प्रभा काल मानो सभै रसमि भानं ॥२७॥

prabhaa kaal maano sabhai rasam bhaana(n) ||27||


ਭੁਜਾ ਠੋਕਿ ਭੂਪੰ ਕੀਯੋ ਜੁਧ ਐਸੇ ॥

भुजा ठोकि भूपं कीयो जुध ऐसे ॥

bhujaa Thok bhoopa(n) keeyo judh aaise ||

ਮਨੋ ਬੀਰ ਬ੍ਰਿਤਰਾਸੁਰੇ ਇੰਦ੍ਰ ਜੈਸੇ ॥

मनो बीर बृतरासुरे इंद्र जैसे ॥

mano beer birataraasure i(n)dhr jaise ||

ਸਬੈ ਕਾਟ ਰਾਮੰ ਕੀਯੋ ਬਾਹਿ ਹੀਨੰ ॥

सबै काट रामं कीयो बाहि हीनं ॥

sabai kaaT raama(n) keeyo baeh heena(n) ||

ਹਤੀ ਸਰਬ ਸੈਨਾ ਭਯੋ ਗਰਬ ਛੀਨੰ ॥੨੮॥

हती सरब सैना भयो गरब छीनं ॥२८॥

hatee sarab sainaa bhayo garab chheena(n) ||28||


ਗਹਿਯੋ ਰਾਮ ਪਾਣੰ ਕੁਠਾਰੰ ਕਰਾਲੰ ॥

गहियो राम पाणं कुठारं करालं ॥

gahiyo raam paana(n) kuThaara(n) karaala(n) ||

ਕਟੀ ਸੁੰਡ ਸੀ ਰਾਜਿ ਬਾਹੰ ਬਿਸਾਲੰ ॥

कटी सुँड सी राजि बाहं बिसालं ॥

kaTee su(n)dd see raaj baaha(n) bisaala(n) ||

ਭਏ ਅੰਗ ਭੰਗੰ ਕਰੰ ਕਾਲ ਹੀਣੰ ॥

भए अंग भंगं करं काल हीणं ॥

bhe a(n)g bha(n)ga(n) kara(n) kaal heena(n) ||

ਗਯੋ ਗਰਬ ਸਰਬੰ ਭਈ ਸੈਣ ਛੀਣੰ ॥੨੯॥

गयो गरब सरबं भई सैण छीणं ॥२९॥

gayo garab saraba(n) bhiee sain chheena(n) ||29||


ਰਹਿਯੋ ਅੰਤ ਖੇਤੰ ਅਚੇਤੰ ਨਰੇਸੰ ॥

रहियो अंत खेतं अचेतं नरेसं ॥

rahiyo a(n)t kheta(n) acheta(n) naresa(n) ||

ਬਚੇ ਬੀਰ ਜੇਤੇ ਗਏ ਭਾਜ ਦੇਸੰ ॥

बचे बीर जेते गए भाज देसं ॥

bache beer jete ge bhaaj dhesa(n) ||

ਲਈ ਛੀਨ ਛਉਨੀ ਕਰੈ ਛਤ੍ਰਿ ਘਾਤੰ ॥

लई छीन छउनी करै छतृ घातं ॥

liee chheen chhaunee karai chhatr ghaata(n) ||

ਚਿਰੰਕਾਲ ਪੂਜਾ ਕਰੀ ਲੋਕ ਮਾਤੰ ॥੩੦॥

चिरंकाल पूजा करी लोक मातं ॥३०॥

chira(n)kaal poojaa karee lok maata(n) ||30||


ਭੁਜੰਗ ਪ੍ਰਯਾਤ ਛੰਦ ॥

भुजंग प्रयात छंद ॥

bhuja(n)g prayaat chha(n)dh ||


ਲਈ ਛੀਨ ਛਉਨੀ ਕਰੈ ਬਿਪ ਭੂਪੰ ॥

लई छीन छउनी करै बिप भूपं ॥

liee chheen chhaunee karai bip bhoopa(n) ||

ਹਰੀ ਫੇਰਿ ਛਤ੍ਰਿਨ ਦਿਜੰ ਜੀਤਿ ਜੂਪੰ ॥

हरी फेरि छतृन दिजं जीति जूपं ॥

haree fer chhatiran dhija(n) jeet joopa(n) ||

ਦਿਜੰ ਆਰਤੰ ਤੀਰ ਰਾਮੰ ਪੁਕਾਰੰ ॥

दिजं आरतं तीर रामं पुकारं ॥

dhija(n) aarata(n) teer raama(n) pukaara(n) ||

ਚਲਿਯੋ ਰੋਸ ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਲੀਨੇ ਕੁਠਾਰੰ ॥੩੧॥

चलियो रोस स्री राम लीने कुठारं ॥३१॥

chaliyo ros sree raam leene kuThaara(n) ||31||


ਸੁਨ੍ਯੋ ਸਰਬ ਭੂਪੰ ਹਠੀ ਰਾਮ ਆਏ ॥

सुन्यो सरब भूपं हठी राम आए ॥

sunayo sarab bhoopa(n) haThee raam aae ||

ਸਭੰ ਜੁਧੁ ਕੋ ਸਸਤ੍ਰ ਅਸਤ੍ਰੰ ਬਨਾਏ ॥

सभं जुधु को ससत्र असत्रं बनाए ॥

sabha(n) judh ko sasatr asatra(n) banaae ||

ਚੜੇ ਚਉਪ ਕੈ ਕੈ ਕੀਏ ਜੁਧ ਐਸੇ ॥

चड़े चउप कै कै कीए जुध ऐसे ॥

chaRe chaup kai kai ke'ee judh aaise ||

ਮਨੋ ਰਾਮ ਸੋ ਰਾਵਣੰ ਲੰਕ ਜੈਸੇ ॥੩੨॥

मनो राम सो रावणं लंक जैसे ॥३२॥

mano raam so raavana(n) la(n)k jaise ||32||


ਲਗੇ ਸਸਤ੍ਰੰ ਅਸਤ੍ਰੰ ਲਖੇ ਰਾਮ ਅੰਗੰ ॥

लगे ससत्रं असत्रं लखे राम अंगं ॥

lage sasatra(n) asatra(n) lakhe raam a(n)ga(n) ||

ਗਹੇ ਬਾਣ ਪਾਣੰ ਕੀਏ ਸਤ੍ਰ ਭੰਗੰ ॥

गहे बाण पाणं कीए सत्र भंगं ॥

gahe baan paana(n) ke'ee satr bha(n)ga(n) ||

ਭੁਜਾ ਹੀਣ ਏਕੰ ਸਿਰੰ ਹੀਣ ਕੇਤੇ ॥

भुजा हीण एकं सिरं हीण केते ॥

bhujaa heen eka(n) sira(n) heen kete ||

ਸਬੈ ਮਾਰ ਡਾਰੇ ਗਏ ਬੀਰ ਜੇਤੇ ॥੩੩॥

सबै मार डारे गए बीर जेते ॥३३॥

sabai maar ddaare ge beer jete ||33||


ਕਰੀ ਛਤ੍ਰਹੀਣ ਛਿਤੰ ਕੀਸ ਬਾਰੰ ॥

करी छत्रहीण छितं कीस बारं ॥

karee chhatraheen chhita(n) kees baara(n) ||

ਹਣੇ ਐਸ ਹੀ ਭੂਪ ਸਰਬੰ ਸੁਧਾਰੰ ॥

हणे ऐस ही भूप सरबं सुधारं ॥

hane aais hee bhoop saraba(n) sudhaara(n) ||

ਕਥਾ ਸਰਬ ਜਉ ਛੋਰ ਤੇ ਲੈ ਸੁਨਾਉ ॥

कथा सरब जउ छोर ते लै सुनाउ ॥

kathaa sarab jau chhor te lai sunaau ||

ਹ੍ਰਿਦੈ ਗ੍ਰੰਥ ਕੇ ਬਾਢਬੇ ਤੇ ਡਰਾਉ ॥੩੪॥

हृदै ग्रंथ के बाढबे ते डराउ ॥३४॥

hiradhai gra(n)th ke baaddabe te ddaraau ||34||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਕਰਿ ਜਗ ਮੋ ਇਹ ਭਾਤਿ ਅਖਾਰਾ ॥

करि जग मो इह भाति अखारा ॥

kar jag mo ieh bhaat akhaaraa ||

ਨਵਮ ਵਤਾਰ ਬਿਸਨ ਇਮ ਧਾਰਾ ॥

नवम वतार बिसन इम धारा ॥

navam vataar bisan im dhaaraa ||

ਅਬ ਬਰਨੋ ਦਸਮੋ ਅਵਤਾਰਾ ॥

अब बरनो दसमो अवतारा ॥

ab barano dhasamo avataaraa ||

ਸੰਤ ਜਨਾ ਕਾ ਪ੍ਰਾਨ ਅਧਾਰਾ ॥੩੫॥

संत जना का प्रान अधारा ॥३५॥

sa(n)t janaa kaa praan adhaaraa ||35||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕੇ ਨਵਮੋ ਅਵਤਾਰ ਪਰਸਰਾਮ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੯॥

इति स्री बचित्र नाटके नवमो अवतार परसराम समापतम सतु सुभम सतु ॥९॥

eit sree bachitr naaTake navamo avataar parasaraam samaapatam sat subham sat ||9||



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