Chandi di Vaar (Vaar Bhagauti ki),
ਚੰਡੀ ਦੀ ਵਾਰ (ਵਾਰ ਭਗਉਤੀ ਕੀ),
चंडी दी वार (वार भगउती की)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
---

ਚੰਡੀ ਦੀ ਵਾਰ ॥

चंडी दी वार ॥

cha(n)ddee dhee vaar ||

ੴ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕੀ ਫਤਹ ॥

ੴ वाहिगुरू जी की फतह ॥

ikOankaar vaahiguroo jee kee fateh ||

ਸ੍ਰੀ ਭਗਉਤੀ ਜੀ ਸਹਾਇ ॥

स्री भगउती जी सहाइ ॥

sree bhagautee jee sahai ||

ਵਾਰ ਸ੍ਰੀ ਭਗਉਤੀ ਜੀ ਕੀ ॥

वार स्री भगउती जी की ॥

vaar sree bhagautee jee kee ||

ਪਾਤਿਸਾਹੀ ੧੦ ॥

पातिसाही १० ॥

paatisaahee 10 ||


ਪਉੜੀ ॥

पउड़ी ॥

pauRee ||

ਪ੍ਰਿਥਮ ਭਗੌਤੀ ਸਿਮਰਿ ਕੈ ਗੁਰ ਨਾਨਕ ਲਈਂ ਧਿਆਇ ॥

पृथम भगौती सिमरि कै गुर नानक लईं धिआइ ॥

piratham bhagauatee simar kai gur naanak liee(n) dhiaai ||

ਫਿਰ ਅੰਗਦ ਗੁਰ ਤੇ ਅਮਰਦਾਸੁ ਰਾਮਦਾਸੈ ਹੋਈਂ ਸਹਾਇ ॥

फिर अंगद गुर ते अमरदासु रामदासै होईं सहाइ ॥

fir a(n)gadh gur te amaradhaas raamadhaasai hoiee(n) sahai ||

ਅਰਜਨ ਹਰਿਗੋਬਿੰਦ ਨੋ ਸਿਮਰੌ ਸ੍ਰੀ ਹਰਿਰਾਇ ॥

अरजन हरिगोबिंद नो सिमरौ स्री हरिराइ ॥

arajan harigobi(n)dh no simarau sree harirai ||

ਸ੍ਰੀ ਹਰਿਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਧਿਆਈਐ ਜਿਸੁ ਡਿਠੇ ਸਭਿ ਦੁਖਿ ਜਾਇ ॥

स्री हरिकृशन धिआईऐ जिसु डिठे सभि दुखि जाइ ॥

sree harikirashan dhiaaieeaai jis ddiThe sabh dhukh jai ||

ਤੇਗ ਬਹਾਦਰ ਸਿਮਰਿਐ ਘਰਿ ਨਉ ਨਿਧਿ ਆਵੈ ਧਾਇ ॥

तेग बहादर सिमरिऐ घरि नउ निधि आवै धाइ ॥

teg bahaadhar simariaai ghar nau nidh aavai dhai ||

ਸਭ ਥਾਈਂ ਹੋਇ ਸਹਾਇ ॥੧॥

सभ थाईं होइ सहाइ ॥१॥

sabh thaiee(n) hoi sahai ||1||


ਖੰਡਾ ਪ੍ਰਿਥਮੈ ਸਾਜ ਕੈ ਜਿਨ ਸਭ ਸੈਸਾਰੁ ਉਪਾਇਆ ॥

खंडा पृथमै साज कै जिन सभ सैसारु उपाइआ ॥

kha(n)ddaa pirathamai saaj kai jin sabh saisaar upaiaa ||

ਬ੍ਰਹਮਾ ਬਿਸਨੁ ਮਹੇਸ ਸਾਜਿ ਕੁਦਰਤਿ ਦਾ ਖੇਲੁ ਰਚਾਇ ਬਣਾਇਆ ॥

ब्रहमा बिसनु महेस साजि कुदरति दा खेलु रचाइ बणाइआ ॥

brahamaa bisan mahes saaj kudharat dhaa khel rachai banaiaa ||

ਸਿੰਧੁ ਪਰਬਤ ਮੇਦਨੀ ਬਿਨੁ ਥੰਮ੍ਹਾ ਗਗਨਿ ਰਹਾਇਆ ॥

सिंधु परबत मेदनी बिनु थंम्हा गगनि रहाइआ ॥

si(n)dh parabat medhanee bin tha(n)mhaa gagan rahaiaa ||

ਸਿਰਜੇ ਦਾਨੋ ਦੇਵਤੇ ਤਿਨ ਅੰਦਰਿ ਬਾਦੁ ਰਚਾਇਆ ॥

सिरजे दानो देवते तिन अंदरि बादु रचाइआ ॥

siraje dhaano dhevate tin a(n)dhar baadh rachaiaa ||

ਤੈ ਹੀ ਦੁਰਗਾ ਸਾਜਿ ਕੈ ਦੈਤਾ ਦਾ ਨਾਸੁ ਕਰਾਇਆ ॥

तै ही दुरगा साजि कै दैता दा नासु कराइआ ॥

tai hee dhuragaa saaj kai dhaitaa dhaa naas karaiaa ||

ਤੈਥੋਂ ਹੀ ਬਲੁ ਰਾਮ ਲੈ ਨਾਲ ਬਾਣਾ ਦਹਸਿਰੁ ਘਾਇਆ ॥

तैथों ही बलु राम लै नाल बाणा दहसिरु घाइआ ॥

taitho(n) hee bal raam lai naal baanaa dhahasir ghaiaa ||

ਤੈਥੋਂ ਹੀ ਬਲੁ ਕ੍ਰਿਸਨ ਲੈ ਕੰਸੁ ਕੇਸੀ ਪਕੜਿ ਗਿਰਾਇਆ ॥

तैथों ही बलु कृसन लै कंसु केसी पकड़ि गिराइआ ॥

taitho(n) hee bal kirasan lai ka(n)s kesee pakaR giraiaa ||

ਬਡੇ ਬਡੇ ਮੁਨਿ ਦੇਵਤੇ ਕਈ ਜੁਗ ਤਿਨੀ ਤਨੁ ਤਾਇਆ ॥

बडे बडे मुनि देवते कई जुग तिनी तनु ताइआ ॥

badde badde mun dhevate kiee jug tinee tan taiaa ||

ਕਿਨੀ ਤੇਰਾ ਅੰਤੁ ਨ ਪਾਇਆ ॥੨॥

किनी तेरा अंतु न पाइआ ॥२॥

kinee teraa a(n)t na paiaa ||2||


ਸਾਧੂ ਸਤਜੁਗੁ ਬੀਤਿਆ ਅਧ ਸੀਲੀ ਤ੍ਰੇਤਾ ਆਇਆ ॥

साधू सतजुगु बीतिआ अध सीली त्रेता आइआ ॥

saadhoo satajug beetiaa adh seelee tretaa aaiaa ||

ਨੱਚੀ ਕਲ ਸਰੋਸਰੀ ਕਲ ਨਾਰਦ ਡਉਰੂ ਵਾਇਆ ॥

नच्ची कल सरोसरी कल नारद डउरू वाइआ ॥

na'chee kal sarosaree kal naaradh ddauroo vaiaa ||

ਅਭਿਮਾਨੁ ਉਤਾਰਨ ਦੇਵਤਿਆਂ ਮਹਿਖਾਸੁਰ ਸੁੰਭ ਉਪਾਇਆ ॥

अभिमानु उतारन देवतिआँ महिखासुर सुँभ उपाइआ ॥

abhimaan utaaran dhevatiaa(n) mahikhaasur su(n)bh upaiaa ||

ਜੀਤਿ ਲਏ ਤਿਨਿ ਦੇਵਤੇ ਤਿਹ ਲੋਕੀ ਰਾਜੁ ਕਮਾਇਆ ॥

जीति लए तिनि देवते तिह लोकी राजु कमाइआ ॥

jeet le tin dhevate teh lokee raaj kamaiaa ||

ਵੱਡਾ ਬੀਰ ਅਖਾਇ ਕੈ ਸਿਰ ਉਪਰ ਛਤ੍ਰ ਫਿਰਾਇਆ ॥

वड्डा बीर अखाइ कै सिर उपर छत्र फिराइआ ॥

va'ddaa beer akhai kai sir upar chhatr firaiaa ||

ਦਿੱਤਾ ਇੰਦੁ੍ਰ ਨਿਕਾਲ ਕੈ ਤਿਨ ਗਿਰਿ ਕੈਲਾਸੁ ਤਕਾਇਆ ॥

दित्ता इंदु्र निकाल कै तिन गिरि कैलासु तकाइआ ॥

dhi'taa i(n)dhur nikaal kai tin gir kailaas takaiaa ||

ਡਰਿ ਕੈ ਹੱਥੋ ਦਾਨਵੀ ਦਿਲ ਅੰਦਰਿ ਤ੍ਰਾਸੁ ਵਧਾਇਆ ॥

डरि कै हत्थो दानवी दिल अंदरि त्रासु वधाइआ ॥

ddar kai ha'tho dhaanavee dhil a(n)dhar traas vadhaiaa ||

ਪਾਸ ਦੁਰਗਾ ਦੇ ਇੰਦੁ੍ਰ ਆਇਆ ॥੩॥

पास दुरगा दे इंदु्र आइआ ॥३॥

paas dhuragaa dhe i(n)dhur aaiaa ||3||


ਇਕ ਦਿਹਾੜੇ ਨਾਵਣ ਆਈ ਦੁਰਗਸਾਹ ॥

इक दिहाड़े नावण आई दुरगसाह ॥

eik dhihaaRe naavan aaiee dhuragasaeh ||

ਇੰਦ੍ਰ ਬਿਰਥਾ ਸੁਣਾਈ ਅਪਣੇ ਹਾਲ ਦੀ ॥

इंद्र बिरथा सुणाई अपणे हाल दी ॥

ei(n)dhr birathaa sunaiee apane haal dhee ||

ਛੀਨ ਲਈ ਠਕੁਰਾਈ ਸਾਤੇ ਦਾਨਵੀ ॥

छीन लई ठकुराई साते दानवी ॥

chheen liee Thakuraiee saate dhaanavee ||

ਲੋਕੀ ਤਿਹੀ ਫਿਰਾਈ ਦੋਹੀ ਆਪਣੀ ॥

लोकी तिही फिराई दोही आपणी ॥

lokee tihee firaiee dhohee aapanee ||

ਬੈਠੇ ਵਾਇ ਵਧਾਈ ਤੇ ਅਮਰਾਵਤੀ ॥

बैठे वाइ वधाई ते अमरावती ॥

baiThe vai vadhaiee te amaraavatee ||

ਦਿੱਤੇ ਦੇਵ ਭਜਾਈ ਸਭਨਾ ਰਾਕਸਾਂ ॥

दित्ते देव भजाई सभना राकसाँ ॥

dhi'te dhev bhajaiee sabhanaa raakasaa(n) ||

ਕਿਨੈ ਨ ਜਿੱਤਾ ਜਾਈ ਮੱਹਖੇ ਦੈਤ ਨੂੰ ॥

किनै न जित्ता जाई मह्हखे दैत नूँ ॥

kinai na ji'taa jaiee ma'hakhe dhait noo(n) ||

ਤੇਰੀ ਸਾਮ ਤਕਾਈ ਦੇਵੀ ਦੁਰਗਸਾਹ ॥੪॥

तेरी साम तकाई देवी दुरगसाह ॥४॥

teree saam takaiee dhevee dhuragasaeh ||4||


ਦੁਰਗਾ ਬੈਣ ਸੁਣੰਦੀ ਹੱਸੀ ਹੜਹੜਾਇ ॥

दुरगा बैण सुणंदी हस्सी हड़हड़ाइ ॥

dhuragaa bain suna(n)dhee ha'see haRahaRai ||

ਓਹੀ ਸੀਹੁ ਮੰਗਾਇਆ ਰਾਖਸ ਭੱਖਣਾ ॥

ओही सीहु मंगाइआ राखस भक्खणा ॥

ohee seeh ma(n)gaiaa raakhas bha'khanaa ||

ਚਿੰਤਾ ਕਰਹੁ ਨ ਕਾਈ ਦੇਵਾ ਨੂੰ ਆਖਿਆ ॥

चिंता करहु न काई देवा नूँ आखिआ ॥

chi(n)taa karahu na kaiee dhevaa noo(n) aakhiaa ||

ਰੋਹ ਹੋਈ ਮਹਾ ਮਾਈ ਰਾਕਸਿ ਮਾਰਣੇ ॥੫॥

रोह होई महा माई राकसि मारणे ॥५॥

roh hoiee mahaa maiee raakas maarane ||5||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਰਾਕਸਿ ਆਏ ਰੋਹਲੇ ਖੇਤਿ ਭਿੜਨ ਕੇ ਚਾਇ ॥

राकसि आए रोहले खेति भिड़न के चाइ ॥

raakas aae rohale khet bhiRan ke chai ||

ਲਸ਼ਕਨਿ ਤੇਗਾਂ ਬਰਛੀਆਂ ਸੂਰਜੁ ਨਦਰਿ ਨ ਪਾਇ ॥੬॥

लशकनि तेगाँ बरछीआँ सूरजु नदरि न पाइ ॥६॥

lashakan tegaa(n) barachheeaa(n) sooraj nadhar na pai ||6||


ਪਉੜੀ ॥

पउड़ी ॥

pauRee ||

ਦੁਹਾਂ ਕੰਧਾਰਾ ਮੁਹਿ ਜੁੜੇ ਢੋਲ ਸੰਖ ਨਗਾਰੇ ਬਜੇ ॥

दुहाँ कंधारा मुहि जुड़े ढोल संख नगारे बजे ॥

dhuhaa(n) ka(n)dhaaraa muh juRe ddol sa(n)kh nagaare baje ||

ਰਾਕਸਿ ਆਏ ਰੋਹਲੇ ਤਰਵਾਰੀ ਬਖਤਰ ਸੱਜੇ ॥

राकसि आए रोहले तरवारी बखतर सज्जे ॥

raakas aae rohale taravaaree bakhatar sa'je ||

ਜੱੁਟੇ ਸਉਹੇ ਜੱੁਧ ਨੰੁ ਇਕ ਜਾਤ ਨ ਜਾਣਨ ਭੱਜੇ ॥

जु्ुटे सउहे जु्ुध नंु इक जात न जाणन भज्जे ॥

ja'uTe sauhe ja'udh na(n) ik jaat na jaanan bha'je ||

ਖੇਤ ਅੰਦਰਿ ਜੋਧੇ ਗੱਜੇ ॥੭॥

खेत अंदरि जोधे गज्जे ॥७॥

khet a(n)dhar jodhe ga'je ||7||


ਜੰਗ ਮੁਸਾਫਾ ਬੱਜਿਆ ਰਣਿ ਘੁਰੇ ਨਗਾਰੇ ਚਾਵਲੇ ॥

जंग मुसाफा बज्जिआ रणि घुरे नगारे चावले ॥

ja(n)g musaafaa ba'jiaa ran ghure nagaare chaavale ||

ਝੂਲਣ ਨੇਜੇ ਬੈਰਕਾ ਨੀਸਾਣ ਲਸਨਿ ਲਸਾਵਲੇ ॥

झूलण नेजे बैरका नीसाण लसनि लसावले ॥

jhoolan neje bairakaa neesaan lasan lasaavale ||

ਢੋਲ ਨਗਾਰੇ ਪਉਣ ਦੇ ਊਂਘਨ ਜਾਣੁ ਜਟਾਵਲੇ ॥

ढोल नगारे पउण दे ऊंघन जाणु जटावले ॥

ddol nagaare paun dhe uoo(n)ghan jaan jaTaavale ||

ਦੁਰਗਾ ਦਾਨੋ ਡਹੇ ਰਣ ਨਾਦ ਵੱਜਨ ਖੇਤੁ ਭੀਹਾਵਲੇ ॥

दुरगा दानो डहे रण नाद वज्जन खेतु भीहावले ॥

dhuragaa dhaano ddahe ran naadh va'jan khet bheehaavale ||

ਬੀਰ ਪਰੋਤੇ ਬਰਛੀੲਂੇ ਜਣ ਡਾਲ ਚਮੱੁਟੇ ਆਵਲੇ ॥

बीर परोते बरछीइंे जण डाल चमु्ुटे आवले ॥

beer parote barachhe'ee(n)e jan ddaal chama'uTe aavale ||

ਇਕ ਵੱਢੇ ਤੇਗੀ ਤੜਫੀਅਨ ਮਦ ਪੀਤੇ ਲੋਟਨਿ ਬਾਵਲੇ ॥

इक वड्ढे तेगी तड़फीअन मद पीते लोटनि बावले ॥

eik va'dde tegee taRafeean madh peete loTan baavale ||

ਇਕ ਚੁਣ ਚੁਣ ਝਾੜਉ ਕਢੀਅਨ ਰੇਤ ਵਿਚੋ ਸੁਇਨਾ ਡਾਵਲੇ ॥

इक चुण चुण झाड़उ कढीअन रेत विचो सुइना डावले ॥

eik chun chun jhaaRau kaddeean ret vicho suinaa ddaavale ||

ਗਦਾ ਤ੍ਰਿਸੂਲਾਂ ਬਰਛੀਆਂ ਤੀਰ ਵੱਗਨ ਖਰੇ ਉਤਾਵਲੇ ॥

गदा तृसूलाँ बरछीआँ तीर वग्गन खरे उतावले ॥

gadhaa tirasoolaa(n) barachheeaa(n) teer va'gan khare utaavale ||

ਜਣ ਡਸੇ ਭੁਜੰਗਮ ਸਾਵਲੇ॥ ਮਰ ਜਾਵਨਿ ਬੀਰ ਰੁਹਾਵਲੇ ॥੮॥

जण डसे भुजंगम सावले॥ मर जावनि बीर रुहावले ॥८॥

jan ddase bhuja(n)gam saavale|| mar jaavan beer ruhaavale ||8||


ਦੇਖਣ ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਨੰੂ ਰਣ ਘੁਰੇ ਨਗਾਰੇ ॥

देखण चंड प्रचंड नंू रण घुरे नगारे ॥

dhekhan cha(n)dd pracha(n)dd na(n)oo ran ghure nagaare ||

ਧਾਏ ਰਾਕਸਿ ਰੋਹਲੇ ਚਉਗਿਰਦੇ ਭਾਰੇ ॥

धाए राकसि रोहले चउगिरदे भारे ॥

dhaae raakas rohale chaugiradhe bhaare ||

ਹਥੀਂ ਤੇਗਾਂ ਪਕੜਿ ਕੈ ਰਣ ਭਿੜੇ ਕਰਾਰੇ ॥

हथीं तेगाँ पकड़ि कै रण भिड़े करारे ॥

hathee(n) tegaa(n) pakaR kai ran bhiRe karaare ||

ਕਦੇ ਨ ਨੱਠੈ ਜੱੁਧ ਤੇ ਜੋਧੇ ਜੁਝਾਰੇ ॥

कदे न नट्ठै जु्ुध ते जोधे जुझारे ॥

kadhe na na'Thai ja'udh te jodhe jujhaare ||

ਦਿਲ ਵਿਚ ਰੋਹ ਬਢਾਇ ਕੈ ਮਾਰਿ ਮਾਰਿ ਪੁਕਾਰੇ ॥

दिल विच रोह बढाइ कै मारि मारि पुकारे ॥

dhil vich roh baddai kai maar maar pukaare ||

ਮਾਰੇ ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਨੈ ਬੀਰ ਖੇਤ ਉਤਾਰੇ ॥

मारे चंड प्रचंड नै बीर खेत उतारे ॥

maare cha(n)dd pracha(n)dd nai beer khet utaare ||

ਮਾਰੇ ਜਾਪਨ ਬਿਜੁਲੀ ਸਿਰਭਾਰਿ ਮੁਨਾਰੇ ॥੯॥

मारे जापन बिजुली सिरभारि मुनारे ॥९॥

maare jaapan bijulee sirabhaar munaare ||9||


ਚੋਟ ਪਈ ਦਮਾਮੇ ਦਲਾਂ ਮੁਕਾਬਲਾ ॥

चोट पई दमामे दलाँ मुकाबला ॥

choT piee dhamaame dhalaa(n) mukaabalaa ||

ਦੇਵੀ ਦਸਤ ਨਚਾਈ ਸੀਹਣ ਸਾਰਦੀ ॥

देवी दसत नचाई सीहण सारदी ॥

dhevee dhasat nachaiee seehan saaradhee ||

ਪੇਟਿ ਮਲੰਦੇ ਲਾਈ ਮਹਖੇ ਦੈਤ ਨੰੂ ॥

पेटि मलंदे लाई महखे दैत नंू ॥

peT mala(n)dhe laiee mahakhe dhait na(n)oo ||

ਗੁਰਦੇ ਆਂਦਾ ਖਾਈ ਨਾਲੇ ਰੁਕੜੇ ॥

गुरदे आँदा खाई नाले रुकड़े ॥

gurdhe aa(n)dhaa khaiee naale rukaRe ||

ਜੇਹੀ ਦਿਲ ਵਿਚ ਆਈ ਕਹੀ ਸੁਣਾਇ ਕੈ ॥

जेही दिल विच आई कही सुणाइ कै ॥

jehee dhil vich aaiee kahee sunai kai ||

ਚੋਟੀ ਜਾਣ ਦਿਖਾਈ ਤਾਰੇ ਧੂਮਕੇਤ ॥੧੦॥

चोटी जाण दिखाई तारे धूमकेत ॥१०॥

choTee jaan dhikhaiee taare dhoomaket ||10||


ਚੋਟਾਂ ਪਵਨ ਨਗਾਰੇ ਅਣੀਆਂ ਜੱਟੀਆਂ ॥

चोटाँ पवन नगारे अणीआँ जट्टीआँ ॥

choTaa(n) pavan nagaare aneeaa(n) ja'Teeaa(n) ||

ਧੂਹ ਲਈਆਂ ਤਰਵਾਰੀ ਦੇਵਾਂ ਦਾਨਵੀ ॥

धूह लईआँ तरवारी देवाँ दानवी ॥

dhooh lieeaa(n) taravaaree dhevaa(n) dhaanavee ||

ਵਾਹਨ ਵਾਰੋ ਵਾਰੀ ਸੂਰੇ ਸੰਘਰੇ ॥

वाहन वारो वारी सूरे संघरे ॥

vaahan vaaro vaaree soore sa(n)ghare ||

ਵਗੈ ਰੱਤੁ ਝੁਲਾਰੀ ਜਿਉ ਗੇਰੂ ਬਾਬਤ੍ਰਾ ॥

वगै रत्तु झुलारी जिउ गेरू बाबत्रा ॥

vagai ra't jhulaaree jiau geroo baabatraa ||

ਦੇਖਨ ਬੈਠ ਅਟਾਰੀ ਨਾਰੀ ਰਾਕਸਾਂ ॥

देखन बैठ अटारी नारी राकसाँ ॥

dhekhan baiTh aTaaree naaree raakasaa(n) ||

ਪਾਈ ਧੂਮ ਸਵਾਰੀ ਦੁਰਗਾ ਦਾਨਵੀ ॥੧੧॥

पाई धूम सवारी दुरगा दानवी ॥११॥

paiee dhoom savaaree dhuragaa dhaanavee ||11||


ਲੱਖ ਨਗਾਰੇ ਵੱਜਨ ਆਮ੍ਹੋ ਸਾਮ੍ਹਣੇ ॥

लक्ख नगारे वज्जन आम्हो साम्हणे ॥

la'kh nagaare va'jan aamho saamhane ||

ਰਾਕਸ ਰਣੋ ਨ ਭੱਜਨ ਰੋਹੇ ਰੋਹਲੇ ॥

राकस रणो न भज्जन रोहे रोहले ॥

raakas rano na bha'jan rohe rohale ||

ਸੀਹਾਂ ਵਾਂਗੂ ਗੱਜਣ ਸੱਭੇ ਸੂਰਮੇ ॥

सीहाँ वाँगू गज्जण सब्भे सूरमे ॥

seehaa(n) vaa(n)goo ga'jan sa'bhe soorame ||

ਤਣਿ ਤਣਿ ਕੈਬਰ ਛੱਡਨ ਦੁਰਗਾ ਸਾਮਣੇ ॥੧੨॥

तणि तणि कैबर छड्डन दुरगा सामणे ॥१२॥

tan tan kaibar chha'ddan dhuragaa saamane ||12||


ਘੁਰੇ ਨਗਾਰੇ ਦੋਹਰੇ ਰਣ ਸੰਗਲੀਆਲੇ ॥

घुरे नगारे दोहरे रण संगलीआले ॥

ghure nagaare dhohare ran sa(n)galeeaale ||

ਧੂੜਿ ਲਪੇਟੇ ਧੂਹਰੇ ਸਿਰਦਾਰ ਜਟਾਲੇ ॥

धूड़ि लपेटे धूहरे सिरदार जटाले ॥

dhooR lapeTe dhoohare siradhaar jaTaale ||

ਉਖਲੀਆਂ ਨਾਸਾ ਜਿਨਾ ਮੁਹਿ ਜਾਪਨ ਆਲੇ ॥

उखलीआँ नासा जिना मुहि जापन आले ॥

aukhaleeaa(n) naasaa jinaa muh jaapan aale ||

ਧਾਏ ਦੇਵੀ ਸਾਹਮਣੇ ਬੀਰ ਮੱੁਛਲੀਆਲੇ ॥

धाए देवी साहमणे बीर मु्ुछलीआले ॥

dhaae dhevee saahamane beer ma'uchhaleeaale ||

ਸੁਰਪਤ ਜੇਹੇ ਲੜ ਹਟੇ ਬੀਰ ਟਲੇ ਨ ਟਾਲੇ ॥

सुरपत जेहे लड़ हटे बीर टले न टाले ॥

surapat jehe laR haTe beer Tale na Taale ||

ਗੱਜੇ ਦੁਰਗਾ ਘੇਰਿ ਕੈ ਜਣੁ ਘਣੀਅਰੁ ਕਾਲੇ ॥੧੩॥

गज्जे दुरगा घेरि कै जणु घणीअरु काले ॥१३॥

ga'je dhuragaa gher kai jan ghaneear kaale ||13||


ਚੋਟ ਪਈ ਖਰਚਾਮੀ ਦਲਾਂ ਮੁਕਾਬਲਾ ॥

चोट पई खरचामी दलाँ मुकाबला ॥

choT piee kharachaamee dhalaa(n) mukaabalaa ||

ਘੇਰ ਲਈ ਵਰਿਆਮੀ ਦੁਰਗਾ ਆਇ ਕੈ ॥

घेर लई वरिआमी दुरगा आइ कै ॥

gher liee variaamee dhuragaa aai kai ||

ਰਾਖਸ ਵਡੇ ਅਲਾਮੀ ਭੱਜ ਨ ਜਾਣਦੇ ॥

राखस वडे अलामी भज्ज न जाणदे ॥

raakhas vadde alaamee bha'j na jaanadhe ||

ਅੰਤ ਹੋਏ ਸੁਰਗਾਮੀ ਮਾਰੇ ਦੇਵਤਾ ॥੧੪॥

अंत होए सुरगामी मारे देवता ॥१४॥

a(n)t hoe suragaamee maare dhevataa ||14||


ਅਗਣਤ ਘੁਰੇ ਨਗਾਰੇ ਦਲਾਂ ਭਿੜੰਦਿਆਂ ॥

अगणत घुरे नगारे दलाँ भिड़ंदिआँ ॥

aganat ghure nagaare dhalaa(n) bhiRa(n)dhiaa(n) ||

ਪਾਏ ਮਹਖਲ ਭਾਰੇ ਦੇਵਾ ਦਾਨਵਾਂ ॥

पाए महखल भारे देवा दानवाँ ॥

paae mahakhal bhaare dhevaa dhaanavaa(n) ||

ਵਾਹਨ ਫੱਟ ਕਰਾਰੇ ਰਾਕਸਿ ਰੋਹਲੇ ॥

वाहन फट्ट करारे राकसि रोहले ॥

vaahan fa'T karaare raakas rohale ||

ਜਾਪਣ ਤੇਗੀ ਆਰੇ ਮਿਆਨੋ ਧੂਹੀਆਂ ॥

जापण तेगी आरे मिआनो धूहीआँ ॥

jaapan tegee aare miaano dhooheeaa(n) ||

ਜੋਧੇ ਵਡੇ ਮੁਨਾਰੇ ਜਾਪਨ ਖੇਤ ਵਿਚਿ ॥

जोधे वडे मुनारे जापन खेत विचि ॥

jodhe vadde munaare jaapan khet vich ||

ਦੇਵੀ ਆਪ ਸਵਾਰੇ ਪਬ ਜਵੇਹਣੇ ॥

देवी आप सवारे पब जवेहणे ॥

dhevee aap savaare pab javehane ||

ਕਦੇ ਨ ਆਖਨ ਹਾਰੇ ਧਾਵਨ ਸਾਹਮਣੇ ॥

कदे न आखन हारे धावन साहमणे ॥

kadhe na aakhan haare dhaavan saahamane ||

ਦੁਰਗਾ ਸਭ ਸੰਘਾਰੇ ਰਾਖਸਿ ਖੜਗ ਲੈ ॥੧੫॥

दुरगा सभ संघारे राखसि खड़ग लै ॥१५॥

dhuragaa sabh sa(n)ghaare raakhas khaRag lai ||15||


ਉਮਲ ਲੱਥੇ ਜੋਧੇ ਮਾਰੂ ਬੱਜਿਆ ॥

उमल लत्थे जोधे मारू बज्जिआ ॥

aumal la'the jodhe maaroo ba'jiaa ||

ਬੱਦਲ ਜਿਉ ਮਹਿਖਾਸੁਰ ਰਣ ਵਿਚਿ ਗੱਜਿਆ ॥

बद्दल जिउ महिखासुर रण विचि गज्जिआ ॥

ba'dhal jiau mahikhaasur ran vich ga'jiaa ||

ਇੰਦ੍ਰ ਜੇਹਾ ਜੋਧਾ ਮੈਥਉ ਭੱਜਿਆ ॥

इंद्र जेहा जोधा मैथउ भज्जिआ ॥

ei(n)dhr jehaa jodhaa maithau bha'jiaa ||

ਕਉਣ ਵਿਚਾਰੀ ਦੁਰਗਾ ਜਿਨ ਰਣੁ ਸਜਿਆ ॥੧੬॥

कउण विचारी दुरगा जिन रणु सजिआ ॥१६॥

kaun vichaaree dhuragaa jin ran sajiaa ||16||


ਵੱਜੇ ਢੋਲ ਨਗਾਰੇ ਦਲਾਂ ਮੁਕਾਬਲਾ ॥

वज्जे ढोल नगारे दलाँ मुकाबला ॥

va'je ddol nagaare dhalaa(n) mukaabalaa ||

ਤੀਰ ਫਿਰੈ ਰੈਬਾਰੇ ਆਮ੍ਹੋ ਸਾਮ੍ਹਣੇ ॥

तीर फिरै रैबारे आम्हो साम्हणे ॥

teer firai raibaare aamho saamhane ||

ਅਗਣਤ ਬੀਰ ਸੰਘਾਰੇ ਲਗਦੀ ਕੈਬਰੀ ॥

अगणत बीर संघारे लगदी कैबरी ॥

aganat beer sa(n)ghaare lagadhee kaibaree ||

ਡਿੱਗੇ ਜਾਣਿ ਮੁਨਾਰੇ ਮਾਰੈ ਬਿੱਜੁ ਦੇ ॥

डिग्गे जाणि मुनारे मारै बिज्जु दे ॥

ddi'ge jaan munaare maarai bi'j dhe ||

ਖੁੱਲੀ ਵਾਲੀ ਦੈਤ ਅਹਾੜੇ ਸਭੇ ਸੂਰਮੇ ॥

खुल्ली वाली दैत अहाड़े सभे सूरमे ॥

khu'lee vaalee dhait ahaaRe sabhe soorame ||

ਸੱੁਤੇ ਜਾਣਿ ਜਟਾਰੇ ਭੰਗਾ ਖਾਇ ਕੈ ॥੧੭॥

सु्ुते जाणि जटारे भंगा खाइ कै ॥१७॥

sa'ute jaan jaTaare bha(n)gaa khai kai ||17||


ਦੁਹਾਂ ਕੰਧਾਰਾਂ ਮੁਹਿ ਜੁੜੇ ਨਾਲਿ ਧਉਸਾ ਭਾਰੀ ॥

दुहाँ कंधाराँ मुहि जुड़े नालि धउसा भारी ॥

dhuhaa(n) ka(n)dhaaraa(n) muh juRe naal dhausaa bhaaree ||

ਕੜਕ ਉੱਠਿਆ ਫਉਜ ਤੇ ਵਡਾ ਅਹੰਕਾਰੀ ॥

कड़क उट्ठिआ फउज ते वडा अहंकारी ॥

kaRak u'Thiaa fauj te vaddaa aha(n)kaaree ||

ਲੈ ਕੈ ਚਲਿਆ ਸੂਰਮੇ ਨਾਲਿ ਵਡੇ ਹਜਾਰੀ ॥

लै कै चलिआ सूरमे नालि वडे हजारी ॥

lai kai chaliaa soorame naal vadde hajaaree ||

ਮਿਆਨੋ ਖੰਡਾ ਧੂਹਿਆ ਮਹਿਖਾਸੁਰ ਭਾਰੀ ॥

मिआनो खंडा धूहिआ महिखासुर भारी ॥

miaano kha(n)ddaa dhoohiaa mahikhaasur bhaaree ||

ਉੱਮਲ ਲੱਥੇ ਸੂਰਮੇ ਮਾਰ ਮਚੀ ਕਰਾਰੀ ॥

उम्मल लत्थे सूरमे मार मची करारी ॥

au'mal la'the soorame maar machee karaaree ||

ਜਾਪੇ ਚੱਲੇ ਰੱਤ ਦੇ ਸਲਲੇ ਜਟਧਾਰੀ ॥੧੮॥

जापे चल्ले रत्त दे सलले जटधारी ॥१८॥

jaape cha'le ra't dhe salale jaTadhaaree ||18||


ਸੱਟ ਪਈ ਜਮਧਾਣੀ ਦਲਾਂ ਮੁਕਾਬਲਾ ॥

सट्ट पई जमधाणी दलाँ मुकाबला ॥

sa'T piee jamadhaanee dhalaa(n) mukaabalaa ||

ਧੂਹਿ ਲਈ ਕ੍ਰਿਪਾਣੀ ਦੁਰਗਾ ਮਿਆਨ ਤੇ ॥

धूहि लई कृपाणी दुरगा मिआन ते ॥

dhooh liee kirapaanee dhuragaa miaan te ||

ਚੰਡੀ ਰਾਕਸਿ ਖਾਣੀ ਵਾਹੀ ਦੈਤ ਨੂੰ ॥

चंडी राकसि खाणी वाही दैत नूँ ॥

cha(n)ddee raakas khaanee vaahee dhait noo(n) ||

ਕੋਪਰ ਚੂਰ ਚਵਾਣੀ ਲੱਥੀ ਕਰਗ ਲੈ ॥

कोपर चूर चवाणी लत्थी करग लै ॥

kopar choor chavaanee la'thee karag lai ||

ਪਾਖਰ ਤੁਰਾ ਪਲਾਣੀ ਰੜਕੀ ਧਰਤ ਜਾਇ ॥

पाखर तुरा पलाणी रड़की धरत जाइ ॥

paakhar turaa palaanee raRakee dharat jai ||

ਲੈਦੀ ਅਘਾ ਸਿਧਾਣੀ ਸਿੰਗਾਂ ਧਉਲ ਦਿਆਂ ॥

लैदी अघा सिधाणी सिंगाँ धउल दिआँ ॥

laidhee aghaa sidhaanee si(n)gaa(n) dhaul dhiaa(n) ||

ਕੂਰਮ ਸਿਰ ਲਹਿਲਾਣੀ ਦੁਸਮਨ ਮਾਰਿ ਕੈ ॥

कूरम सिर लहिलाणी दुसमन मारि कै ॥

kooram sir lahilaanee dhusaman maar kai ||

ਵੱਢੇ ਗਨ ਤਿਖਾਣੀ ਮੂਏ ਖੇਤ ਵਿਚ ॥

वड्ढे गन तिखाणी मूए खेत विच ॥

va'dde gan tikhaanee mooe khet vich ||

ਰਣ ਵਿਚ ਘੱਤੀ ਘਾਣੀ ਲੋਹੂ ਮਿਝ ਦੀ ॥

रण विच घत्ती घाणी लोहू मिझ दी ॥

ran vich gha'tee ghaanee lohoo mijh dhee ||

ਚਾਰੇ ਜੁਗ ਕਹਾਣੀ ਚੱਲਗ ਤੇਗ ਦੀ ॥

चारे जुग कहाणी चल्लग तेग दी ॥

chaare jug kahaanee cha'lag teg dhee ||

ਬਿਧਣ ਖੇਤ ਵਿਹਾਣੀ ਮਹਖੇ ਦੈਤ ਨੂੰ ॥੧੯॥

बिधण खेत विहाणी महखे दैत नूँ ॥१९॥

bidhan khet vihaanee mahakhe dhait noo(n) ||19||


ਇਤੀ ਮਹਖਾਸੁਰ ਦੈਤ ਮਾਰੇ ਦੁਰਗਾ ਆਇਆ ॥

इती महखासुर दैत मारे दुरगा आइआ ॥

eitee mahakhaasur dhait maare dhuragaa aaiaa ||

ਚਉਦਹ ਲੋਕਾਂ ਰਾਣੀ ਸਿੰਘੁ ਨਚਾਇਆ ॥

चउदह लोकाँ राणी सिंघु नचाइआ ॥

chaudheh lokaa(n) raanee si(n)gh nachaiaa ||

ਮਾਰੇ ਬੀਰ ਜਟਾਣੀ ਦਲ ਵਿਚਿ ਅਗਲੇ ॥

मारे बीर जटाणी दल विचि अगले ॥

maare beer jaTaanee dhal vich agale ||

ਮੰਗਨ ਨਾਹੀ ਪਾਣੀ ਦਲੀ ਹੰਕਾਰ ਕੈ ॥

मंगन नाही पाणी दली हंकार कै ॥

ma(n)gan naahee paanee dhalee ha(n)kaar kai ||

ਜਣ ਕਰੀ ਸਮਾਇ ਪਠਾਣੀ ਸੁਣਿ ਕੈ ਰਾਗੁ ਨੂੰ ॥

जण करी समाइ पठाणी सुणि कै रागु नूँ ॥

jan karee samai paThaanee sun kai raag noo(n) ||

ਰੱਤੂ ਦੇ ਹੜਵਾਣੀ ਚਲੇ ਬੀਰ ਖੇਤ ॥

रत्तू दे हड़वाणी चले बीर खेत ॥

ra'too dhe haRavaanee chale beer khet ||

ਪੀਤਾ ਫੁੱਲ ਇਆਣੀ ਘੁਮਨ ਸੂਰਮੇ ॥੨੦॥

पीता फुल्ल इआणी घुमन सूरमे ॥२०॥

peetaa fu'l iaanee ghuman soorame ||20||


ਹੋਈ ਅਲੋਪ ਭਵਾਨੀ ਦੇਵਾਂ ਨੂੰ ਰਾਜੁ ਦੇ ॥

होई अलोप भवानी देवाँ नूँ राजु दे ॥

hoiee alop bhavaanee dhevaa(n) noo(n) raaj dhe ||

ਈਸਰ ਦੀ ਬਰਦਾਨੀ ਹੋਈ ਜਿੱਤੁ ਦਿਨ ॥

ईसर दी बरदानी होई जित्तु दिन ॥

e'eesar dhee baradhaanee hoiee ji't dhin ||

ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਗੁਮਾਨੀ ਜਨਮੇ ਸੂਰਮੇ ॥

सुँभ निसुँभ गुमानी जनमे सूरमे ॥

su(n)bh nisu(n)bh gumaanee janame soorame ||

ਇੰਦ੍ਰ ਦੀ ਰਜਧਾਨੀ ਤੱਕੀ ਜਿੱਤਣੀ ॥੨੧॥

इंद्र दी रजधानी तक्की जित्तणी ॥२१॥

ei(n)dhr dhee rajadhaanee ta'kee ji'tanee ||21||


ਇੰਦ੍ਰਪੁਰੀ ਤੇ ਧਾਵਣਾ ਵਡ ਜੋਧੀ ਮਤਾ ਪਕਾਇਆ ॥

इंद्रपुरी ते धावणा वड जोधी मता पकाइआ ॥

ei(n)dhrapuree te dhaavanaa vadd jodhee mataa pakaiaa ||

ਸੰਜ ਪਟੇਲਾ ਪਾਖਰਾ ਭੇੜ ਸੰਦਾ ਸਾਜੁ ਬਣਾਇਆ ॥

संज पटेला पाखरा भेड़ संदा साजु बणाइआ ॥

sa(n)j paTelaa paakharaa bheR sa(n)dhaa saaj banaiaa ||

ਜੰਮੇ ਕਟਕ ਅਛੂਹਣੀ ਅਸਮਾਨੁ ਗਰਦੀ ਛਾਇਆ ॥

जंमे कटक अछूहणी असमानु गरदी छाइआ ॥

ja(n)me kaTak achhoohanee asamaan garadhee chhaiaa ||

ਰੋਹ ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਸਿਧਾਇਆ ॥੨੨॥

रोह सुँभ निसुँभ सिधाइआ ॥२२॥

roh su(n)bh nisu(n)bh sidhaiaa ||22||


ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਅਲਾਇਆ ਵਡ ਜੋਧੀ ਸੰਘਰੁ ਵਾਏ ॥

सुँभ निसुँभ अलाइआ वड जोधी संघरु वाए ॥

su(n)bh nisu(n)bh alaiaa vadd jodhee sa(n)ghar vaae ||

ਰੋਹ ਦਿਖਾਲੀ ਦਿੱਤੀਆ ਵਰਿਆਮੀ ਤੁਰੇ ਨਚਾਏ ॥

रोह दिखाली दित्तीआ वरिआमी तुरे नचाए ॥

roh dhikhaalee dhi'teeaa variaamee ture nachaae ||

ਘੁਰੇ ਦਮਾਮੇ ਦੋਹਰੇ ਜਮ ਬਾਹਣ ਜਿਉ ਅਰੜਾਏ ॥

घुरे दमामे दोहरे जम बाहण जिउ अरड़ाए ॥

ghure dhamaame dhohare jam baahan jiau araRaae ||

ਦੇਉ ਦਾਨੋ ਲੁੱਝਣ ਆਏ ॥੨੩॥

देउ दानो लुज्झण आए ॥२३॥

dheau dhaano lu'jhan aae ||23||


ਦਾਨੋ ਦੇਉ ਅਨਾਗੀ ਸੰਘਰੁ ਰਚਿਆ ॥

दानो देउ अनागी संघरु रचिआ ॥

dhaano dheau anaagee sa(n)ghar rachiaa ||

ਫੱੁਲ ਖਿੜੇ ਜਣ ਬਾਗੀਂ ਬਾਣੇ ਜੋਧਿਆਂ ॥

फु्ुल खिड़े जण बागीं बाणे जोधिआँ ॥

fa'ul khiRe jan baagee(n) baane jodhiaa(n) ||

ਭੂਤਾਂ ਇੱਲਾਂ ਕਾਗੀਂ ਗੋਸਤ ਭਖਿਆ ॥

भूताँ इल्लाँ कागीं गोसत भखिआ ॥

bhootaa(n) i'laa(n) kaagee(n) gosat bhakhiaa ||

ਹੁੰਮੜ ਧੁੰਮੜ ਜਾਗੀ ਘੱਤੀ ਸੂਰਿਆਂ ॥੨੪॥

हुँमड़ धुँमड़ जागी घत्ती सूरिआँ ॥२४॥

hu(n)maR dhu(n)maR jaagee gha'tee sooriaa(n) ||24||


ਸੱਟ ਪਈ ਨਗਾਰੇ ਦਲਾਂ ਮੁਕਾਬਲਾ ॥

सट्ट पई नगारे दलाँ मुकाबला ॥

sa'T piee nagaare dhalaa(n) mukaabalaa ||

ਦਿਤੇ ਦੇਉ ਭਜਾਈ ਮਿਲਿ ਕੈ ਰਾਕਸੀਂ ॥

दिते देउ भजाई मिलि कै राकसीं ॥

dhite dheau bhajaiee mil kai raakasee(n) ||

ਲੋਕੀ ਤਿਹੀ ਫਿਰਾਈ ਦੋਹੀ ਆਪਣੀ ॥

लोकी तिही फिराई दोही आपणी ॥

lokee tihee firaiee dhohee aapanee ||

ਦੁਰਗਾ ਦੀ ਸਾਮ ਤਕਾਈ ਦੇਵਾਂ ਡਰਦਿਆਂ ॥

दुरगा दी साम तकाई देवाँ डरदिआँ ॥

dhuragaa dhee saam takaiee dhevaa(n) ddaradhiaa(n) ||

ਆਂਦੀ ਚੰਡਿ ਚੜਾਈ ਉਤੇ ਰਾਕਸਾਂ ॥੨੫॥

आँदी चंडि चड़ाई उते राकसाँ ॥२५॥

aa(n)dhee cha(n)dd chaRaiee ute raakasaa(n) ||25||


ਆਈ ਫੇਰ ਭਵਾਨੀ ਖਬਰੀ ਪਾਈਆਂ ॥

आई फेर भवानी खबरी पाईआँ ॥

aaiee fer bhavaanee khabaree paieeaa(n) ||

ਦੈਤ ਵਡੇ ਅਭਿਮਾਨੀ ਹੋਏ ਏਕਠੇ ॥

दैत वडे अभिमानी होए एकठे ॥

dhait vadde abhimaanee hoe ekaThe ||

ਲੋਚਨ ਧੂਮ ਗੁਮਾਨੀ ਰਾਇ ਬੁਲਾਇਆ ॥

लोचन धूम गुमानी राइ बुलाइआ ॥

lochan dhoom gumaanee rai bulaiaa ||

ਜਗ ਵਿਚ ਵਡਾ ਦਾਨੋ ਆਪ ਕਹਾਇਆ ॥

जग विच वडा दानो आप कहाइआ ॥

jag vich vaddaa dhaano aap kahaiaa ||

ਸੱਟ ਪਈ ਖਰਚਾਮੀ ਦੁਰਗਾ ਲਿਆਵਣੀ ॥੨੬॥

सट्ट पई खरचामी दुरगा लिआवणी ॥२६॥

sa'T piee kharachaamee dhuragaa liaavanee ||26||


ਕੜਕ ਉਠੀ ਰਣ ਚੰਡੀ ਫਉਜਾਂ ਦੇਖ ਕੈ ॥

कड़क उठी रण चंडी फउजाँ देख कै ॥

kaRak uThee ran cha(n)ddee faujaa(n) dhekh kai ||

ਧੂਹਿ ਮਿਆਨੋ ਖੰਡਾ ਹੋਈ ਸਾਹਮਣੇ ॥

धूहि मिआनो खंडा होई साहमणे ॥

dhooh miaano kha(n)ddaa hoiee saahamane ||

ਸਭੇ ਬੀਰ ਸੰਘਾਰੇ ਧੂਮਰਨੈਣ ਦੇ ॥

सभे बीर संघारे धूमरनैण दे ॥

sabhe beer sa(n)ghaare dhoomaranain dhe ||

ਜਣ ਲੈ ਕਟੇ ਆਰੇ ਦਰਖਤ ਬਾਢੀਆਂ ॥੨੭॥

जण लै कटे आरे दरखत बाढीआँ ॥२७॥

jan lai kaTe aare dharakhat baaddeeaa(n) ||27||


ਚੋਬੀਂ ਧਉਂਸ ਬਜਾਈ ਦਲਾਂ ਮੁਕਾਬਲਾ ॥

चोबीं धउंस बजाई दलाँ मुकाबला ॥

chobee(n) dhau(n)s bajaiee dhalaa(n) mukaabalaa ||

ਰੋਹ ਭਵਾਨੀ ਆਈ ਉਤੇ ਰਾਕਸਾਂ ॥

रोह भवानी आई उते राकसाँ ॥

roh bhavaanee aaiee ute raakasaa(n) ||

ਖੱਬੈ ਦਸਤ ਨਚਾਈ ਸੀਹਣ ਸਾਰ ਦੀ ॥

खब्बै दसत नचाई सीहण सार दी ॥

kha'bai dhasat nachaiee seehan saar dhee ||

ਬਹੁਤਿਆਂ ਦੇ ਤਨ ਲਾਈ ਕੀਤੀ ਰੰਗੁਲੀ ॥

बहुतिआँ दे तन लाई कीती रंगुली ॥

bahutiaa(n) dhe tan laiee keetee ra(n)gulee ||

ਭਾਈਆਂ ਮਾਰਨ ਭਾਈ ਦੁਰਗਾ ਜਾਣਿ ਕੈ ॥

भाईआँ मारन भाई दुरगा जाणि कै ॥

bhaieeaa(n) maaran bhaiee dhuragaa jaan kai ||

ਰੋਹ ਹੋਇ ਚਲਾਈ ਰਾਕਸਿ ਰਾਇ ਨੰੂ ॥

रोह होइ चलाई राकसि राइ नंू ॥

roh hoi chalaiee raakas rai na(n)oo ||

ਜਮ ਪੁਰ ਦੀਆ ਪਠਾਈ ਲੋਚਨ ਧੂਮ ਨੰੂ ॥

जम पुर दीआ पठाई लोचन धूम नंू ॥

jam pur dheeaa paThaiee lochan dhoom na(n)oo ||

ਜਾਪੇ ਦਿੱਤੀ ਸਾਈ ਮਾਰਣ ਸੁੰਭ ਦੀ ॥੨੮॥

जापे दित्ती साई मारण सुँभ दी ॥२८॥

jaape dhi'tee saiee maaran su(n)bh dhee ||28||


ਭੰਨੇ ਦੈਤ ਪੁਕਾਰੇ ਰਾਜੇ ਸੁੰਭ ਥੈ ॥

भंने दैत पुकारे राजे सुँभ थै ॥

bha(n)ne dhait pukaare raaje su(n)bh thai ||

ਲੋਚਨਧੂਮ ਸੰਘਾਰੇ ਸਣੇ ਸਿਪਾਹੀਆਂ ॥

लोचनधूम संघारे सणे सिपाहीआँ ॥

lochanadhoom sa(n)ghaare sane sipaaheeaa(n) ||

ਚੁਣਿ ਚੁਣਿ ਜੋਧੇ ਮਾਰੇ ਅੰਦਰ ਖੇਤ ਦੈ ॥

चुणि चुणि जोधे मारे अंदर खेत दै ॥

chun chun jodhe maare a(n)dhar khet dhai ||

ਜਾਪਨ ਅੰਬਰਿ ਤਾਰੇ ਡਿੱਗਨਿ ਸੂਰਮੇ ॥

जापन अंबरि तारे डिग्गनि सूरमे ॥

jaapan a(n)bar taare ddi'gan soorame ||

ਗਿਰੇ ਪਰਬਤ ਭਾਰੇ ਮਾਰੇ ਬਿੱਜੁ ਦੈ ॥

गिरे परबत भारे मारे बिज्जु दै ॥

gire parabat bhaare maare bi'j dhai ||

ਦੈਤਾਂ ਦੇ ਦਲ ਹਾਰੇ ਦਹਸਤ ਖਾਇ ਕੈ ॥

दैताँ दे दल हारे दहसत खाइ कै ॥

dhaitaa(n) dhe dhal haare dhahasat khai kai ||

ਬਚੇ ਸੁ ਮਾਰੇ ਮਾਰੇ ਰਹਦੇ ਰਾਇ ਥੈ ॥੨੯॥

बचे सु मारे मारे रहदे राइ थै ॥२९॥

bache su maare maare rahadhe rai thai ||29||


ਰੋਹ ਹੋਇ ਬੁਲਾਏ ਰਾਕਸਿ ਰਾਇ ਨੇ ॥

रोह होइ बुलाए राकसि राइ ने ॥

roh hoi bulaae raakas rai ne ||

ਬੈਠੇ ਮਤਾ ਪਕਾਏ ਦੁਰਗਾ ਲਿਆਵਣੀ ॥

बैठे मता पकाए दुरगा लिआवणी ॥

baiThe mataa pakaae dhuragaa liaavanee ||

ਚੰਡ ਅਰ ਮੁੰਡ ਪਠਾਏ ਬਹੁਤਾ ਕਟਕੁ ਦੈ ॥

चंड अर मुँड पठाए बहुता कटकु दै ॥

cha(n)dd ar mu(n)dd paThaae bahutaa kaTak dhai ||

ਜਾਪੇ ਛੱਪਰ ਛਾਏ ਬਣੀਆ ਕੇਜਮਾ ॥

जापे छप्पर छाए बणीआ केजमा ॥

jaape chha'par chhaae baneeaa kejamaa ||

ਜੇਤੇ ਰਾਇ ਬੁਲਾਇ ਚੱਲੇ ਜੁੱਧ ਨੋ ॥

जेते राइ बुलाइ चल्ले जुद्ध नो ॥

jete rai bulai cha'le ju'dh no ||

ਜਣ ਜਮ ਪੁਰ ਪਕੜ ਚਲਾਏ ਸਭੇ ਮਾਰਨੇ ॥੩੦॥

जण जम पुर पकड़ चलाए सभे मारने ॥३०॥

jan jam pur pakaR chalaae sabhe maarane ||30||


ਢੋਲ ਨਗਾਰੇ ਵਾਏ ਦਲਾਂ ਮੁਕਾਬਲਾ ॥

ढोल नगारे वाए दलाँ मुकाबला ॥

ddol nagaare vaae dhalaa(n) mukaabalaa ||

ਰੋਹ ਰੁਹੇਲੇ ਆਏ ਉਤੇ ਰਾਕਸਾਂ ॥

रोह रुहेले आए उते राकसाँ ॥

roh ruhele aae ute raakasaa(n) ||

ਸਭਨੀ ਤੁਰੇ ਨਚਾਏ ਬਰਛੇ ਪਕੜਿ ਕੈ ॥

सभनी तुरे नचाए बरछे पकड़ि कै ॥

sabhanee ture nachaae barachhe pakaR kai ||

ਬਹੁਤੇ ਮਾਰ ਗਿਰਾਏ ਅੰਦਰਿ ਖੇਤ ਦੈ ॥

बहुते मार गिराए अंदरि खेत दै ॥

bahute maar giraae a(n)dhar khet dhai ||

ਤੀਰੀ ਛਹਬਰ ਲਾਈ ਬੱੁਠੀ ਦੇਵਤਾ ॥੩੧॥

तीरी छहबर लाई बु्ुठी देवता ॥३१॥

teeree chhahabar laiee ba'uThee dhevataa ||31||


ਭੇਰੀ ਸੰਖ ਵਜਾਏ ਸੰਘਰਿ ਰੱਚਿਆ ॥

भेरी संख वजाए संघरि रच्चिआ ॥

bheree sa(n)kh vajaae sa(n)ghar ra'chiaa ||

ਤਣਿ ਤਣਿ ਤੀਰ ਚਲਾਏ ਦੁਰਗਾ ਧਨਖ ਲੈ ॥

तणि तणि तीर चलाए दुरगा धनख लै ॥

tan tan teer chalaae dhuragaa dhanakh lai ||

ਜਿਨੀ ਦਸਤ ਉਠਾਏ ਰਹੇ ਨ ਜੀਵਦੇ ॥

जिनी दसत उठाए रहे न जीवदे ॥

jinee dhasat uThaae rahe na jeevadhe ||

ਚੰਡ ਅਰ ਮੁੰਡ ਖਪਾਏ ਦੋਨੋ ਦੇਵਤਾ ॥੩੨॥

चंड अर मुँड खपाए दोनो देवता ॥३२॥

cha(n)dd ar mu(n)dd khapaae dhono dhevataa ||32||


ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਰਿਸਾਏ ਮਾਰੇ ਦੈਤ ਸੁਣ ॥

सुँभ निसुँभ रिसाए मारे दैत सुण ॥

su(n)bh nisu(n)bh risaae maare dhait sun ||

ਜੋਧੇ ਸਭ ਬੁਲਾਏ ਆਪਣੇ ਮਜਲਸੀ ॥

जोधे सभ बुलाए आपणे मजलसी ॥

jodhe sabh bulaae aapane majalasee ||

ਜਿਨੀ ਦੇਉ ਭਜਾਏ ਇੰਦ੍ਰ ਜੇਵਹੇ ॥

जिनी देउ भजाए इंद्र जेवहे ॥

jinee dheau bhajaae i(n)dhr jevahe ||

ਤੇਈ ਮਾਰ ਗਿਰਾਏ ਪਲ ਵਿਚ ਦੇਵਤਾ ॥

तेई मार गिराए पल विच देवता ॥

teiee maar giraae pal vich dhevataa ||

ਓਨੀ ਦਸਤੀ ਦਸਤ ਵਜਾਏ ਤਿਨਾ ਚਿਤ ਕਰਿ ॥

ओनी दसती दसत वजाए तिना चित करि ॥

onee dhasatee dhasat vajaae tinaa chit kar ||

ਫਿਰ ਸ੍ਰਣਵਤ ਬੀਜ ਚਲਾਏ ਬੀੜੇ ਰਾਇ ਦੇ ॥

फिर स्रणवत बीज चलाए बीड़े राइ दे ॥

fir sranavat beej chalaae beeRe rai dhe ||

ਸੰਜ ਪਟੋਲਾ ਪਾਏ ਚਿਲਕਤ ਟੋਪੀਆਂ ॥

संज पटोला पाए चिलकत टोपीआँ ॥

sa(n)j paTolaa paae chilakat Topeeaa(n) ||

ਲੁਝੱਣ ਨੋ ਅਰੜਾਏ ਰਾਕਸ ਰੋਹਲੇ ॥

लुझण्ण नो अरड़ाए राकस रोहले ॥

lujha'n no araRaae raakas rohale ||

ਕਦੇ ਨ ਕਿਨੇ ਹਟਾਏ ਜੱੁਧ ਮਚਾਇ ਕੈ ॥

कदे न किने हटाए जु्ुध मचाइ कै ॥

kadhe na kine haTaae ja'udh machai kai ||

ਮਿਲ ਤੇਈ ਦਾਨੋ ਆਏ ਹੁਣ ਸੰਘਰਿ ਦੇਖਣਾ ॥੩੩॥

मिल तेई दानो आए हुण संघरि देखणा ॥३३॥

mil teiee dhaano aae hun sa(n)ghar dhekhanaa ||33||


ਦੈਤੀ ਡੰਡ ਉਭਾਰੀ ਨੇੜੈ ਆਇ ਕੈ ॥

दैती डंड उभारी नेड़ै आइ कै ॥

dhaitee dda(n)dd ubhaaree neRai aai kai ||

ਸਿੰਘ ਕਰੀ ਅਸਵਾਰੀ ਦੁਰਗਾ ਸੋਰ ਸੁਣ ॥

सिंघ करी असवारी दुरगा सोर सुण ॥

si(n)gh karee asavaaree dhuragaa sor sun ||

ਖੱਬੇ ਦਸਤ ਉਭਾਰੀ ਗਦਾ ਫਿਰਾਇ ਕੈ ॥

खब्बे दसत उभारी गदा फिराइ कै ॥

kha'be dhasat ubhaaree gadhaa firai kai ||

ਸੈਨਾ ਸਭ ਸੰਘਾਰੀ ਸ੍ਰਣਵਤ ਬੀਜ ਦੀ ॥

सैना सभ संघारी स्रणवत बीज दी ॥

sainaa sabh sa(n)ghaaree sranavat beej dhee ||

ਜਣ ਮਦ ਖਾਇ ਮਦਾਰੀ ਘੂਮਨ ਸੂਰਮੇ ॥

जण मद खाइ मदारी घूमन सूरमे ॥

jan madh khai madhaaree ghooman soorame ||

ਅਗਣਤ ਪਾਉ ਪਸਾਰੀ ਰੁਲੇ ਅਹਾੜ ਵਿਚਿ ॥

अगणत पाउ पसारी रुले अहाड़ विचि ॥

aganat paau pasaaree rule ahaaR vich ||

ਜਾਪੇ ਖੇਡ ਖਿਡਾਰੀ ਸੁੱਤੇ ਫਾਗ ਨੰੂ ॥੩੪॥

जापे खेड खिडारी सुत्ते फाग नंू ॥३४॥

jaape khedd khiddaaree su'te faag na(n)oo ||34||


ਸ੍ਰਣਵਤ ਬੀਜ ਹਕਾਰੇ ਰਹਿੰਦੇ ਸੂਰਮੇ ॥

स्रणवत बीज हकारे रहिंदे सूरमे ॥

sranavat beej hakaare rahi(n)dhe soorame ||

ਜੋਧੇ ਜੇਡ ਮੁਨਾਰੇ ਦਿੱਸਣ ਖੇਤ ਵਿਚਿ ॥

जोधे जेड मुनारे दिस्सण खेत विचि ॥

jodhe jedd munaare dhi'san khet vich ||

ਸਭਨੀ ਦਸਤ ਉਭਾਰੇ ਤੇਗਾਂ ਧੂਹਿ ਕੈ ॥

सभनी दसत उभारे तेगाँ धूहि कै ॥

sabhanee dhasat ubhaare tegaa(n) dhooh kai ||

ਮਾਰੋ ਮਾਰ ਪੁਕਾਰੇ ਆਏ ਸਾਹਮਣੇ ॥

मारो मार पुकारे आए साहमणे ॥

maaro maar pukaare aae saahamane ||

ਸੰਜਾਤੇ ਠਣਿਕਾਰੇ ਤੇਗੀਂ ਉੱਭਰੇ ॥

संजाते ठणिकारे तेगीं उब्भरे ॥

sa(n)jaate Thanikaare tegee(n) u'bhare ||

ਘਾੜ ਘੜਨਿ ਠਠਿਆਰੇ ਜਾਣਿ ਬਣਾਇ ਕੈ ॥੩੫॥

घाड़ घड़नि ठठिआरे जाणि बणाइ कै ॥३५॥

ghaaR ghaRan ThaThiaare jaan banai kai ||35||


ਸੱਟ ਪਈ ਜਮਧਾਣੀ ਦਲਾਂ ਮੁਕਾਬਲਾ ॥

सट्ट पई जमधाणी दलाँ मुकाबला ॥

sa'T piee jamadhaanee dhalaa(n) mukaabalaa ||

ਘੂਮਰ ਬਰਗ ਸਤਾਣੀ ਦਲ ਵਿਚਿ ਘੱਤਿਓ ॥

घूमर बरग सताणी दल विचि घत्तिओ ॥

ghoomar barag sataanee dhal vich gha'tio ||

ਸਣੇ ਤੁਰਾ ਪਲਾਣੀ ਡਿੱਗਣ ਸੂਰਮੇ ॥

सणे तुरा पलाणी डिग्गण सूरमे ॥

sane turaa palaanee ddi'gan soorame ||

ਉਠਿ ਉਠਿ ਮੰਗਣਿ ਪਾਣੀ ਘਾਇਲ ਘੂਮਦੇ ॥

उठि उठि मंगणि पाणी घाइल घूमदे ॥

auTh uTh ma(n)gan paanee ghail ghoomadhe ||

ਏਵਡੁ ਮਾਰਿ ਵਿਹਾਣੀ ਉਪਰ ਰਾਕਸਾਂ ॥

एवडु मारि विहाणी उपर राकसाँ ॥

evadd maar vihaanee upar raakasaa(n) ||

ਬਿੱਜਲ ਜਿਉ ਝਰਲਾਣੀ ਉੱਠੀ ਦੇਵਤਾ ॥੩੬॥

बिज्जल जिउ झरलाणी उट्ठी देवता ॥३६॥

bi'jal jiau jharalaanee u'Thee dhevataa ||36||


ਚੋਬੀ ਧਉਸ ਉਭਾਰੀ ਦਲਾਂ ਮੁਕਾਬਲਾ ॥

चोबी धउस उभारी दलाँ मुकाबला ॥

chobee dhaus ubhaaree dhalaa(n) mukaabalaa ||

ਸਭੋ ਸੈਨਾ ਮਾਰੀ ਪਲ ਵਿਚਿ ਦਾਨਵੀ ॥

सभो सैना मारी पल विचि दानवी ॥

sabho sainaa maaree pal vich dhaanavee ||

ਦੁਰਗਾ ਦਾਨੋ ਮਾਰੇ ਰੋਹ ਬਢਾਇ ਕੈ ॥

दुरगा दानो मारे रोह बढाइ कै ॥

dhuragaa dhaano maare roh baddai kai ||

ਸਿਰ ਵਿਚ ਤੇਗ ਵਗਾਈ ਸ੍ਰਣਵਤ ਬੀਜ ਦੇ ॥੩੭॥

सिर विच तेग वगाई स्रणवत बीज दे ॥३७॥

sir vich teg vagaiee sranavat beej dhe ||37||


ਅਗਣਤ ਦਾਨੋ ਭਾਰੇ ਹੋਏ ਲੋਹੂਆ ॥

अगणत दानो भारे होए लोहूआ ॥

aganat dhaano bhaare hoe lohooaa ||

ਜੋਧੇ ਜੇਡ ਮੁਨਾਰੇ ਅੰਦਰਿ ਖੇਤ ਦੈ ॥

जोधे जेड मुनारे अंदरि खेत दै ॥

jodhe jedd munaare a(n)dhar khet dhai ||

ਦੁਰਗਾ ਨੋ ਲਲਕਾਰੇ ਆਏ ਸਾਹਮਣੇ ॥

दुरगा नो ललकारे आए साहमणे ॥

dhuragaa no lalakaare aae saahamane ||

ਦੁਰਗਾ ਸਭ ਸੰਘਾਰੇ ਰਾਕਸ ਆਂਵਦੇ ॥

दुरगा सभ संघारे राकस आँवदे ॥

dhuragaa sabh sa(n)ghaare raakas aa(n)vadhe ||

ਰਤੂ ਦੇ ਪਰਨਾਲੇ ਤਿਨ ਤੇ ਭੁਇ ਪਏ ॥

रतू दे परनाले तिन ते भुइ पए ॥

ratoo dhe paranaale tin te bhui pe ||

ਉੱਠੇ ਕਾਰਣਿਆਰੇ ਰਾਕਸ ਹੜਹੜਾਇ ॥੩੮॥

उट्ठे कारणिआरे राकस हड़हड़ाइ ॥३८॥

au'The kaaraniaare raakas haRahaRai ||38||


ਧਗਾ ਸੰਗਲੀਆਲੀ ਸੰਘਰ ਵਾਇਆ ॥

धगा संगलीआली संघर वाइआ ॥

dhagaa sa(n)galeeaalee sa(n)ghar vaiaa ||

ਬਰਛੀ ਬੁੰਬਲੀਆਲੀ ਸੂਰੇ ਸੰਘਰੇ ॥

बरछी बुँबलीआली सूरे संघरे ॥

barachhee bu(n)baleeaalee soore sa(n)ghare ||

ਭੇੜਿ ਮਚਿਆ ਬੀਰਾਲੀ ਦੁਰਗਾ ਦਾਨਵੀਂ ॥

भेड़ि मचिआ बीराली दुरगा दानवीं ॥

bheR machiaa beeraalee dhuragaa dhaanavee(n) ||

ਮਾਰ ਮਚੀ ਮੁਹਰਾਲੀ ਅੰਦਰਿ ਖੇਤ ਦੈ ॥

मार मची मुहराली अंदरि खेत दै ॥

maar machee muharaalee a(n)dhar khet dhai ||

ਜਣ ਨਟ ਲੱਥੇ ਛਾਲੀ ਢੋਲਿ ਬਜਾਇ ਕੈ ॥

जण नट लत्थे छाली ढोलि बजाइ कै ॥

jan naT la'the chhaalee ddol bajai kai ||

ਲੋਹੂ ਫਾਥੀ ਜਾਲੀ ਲੋਥੀ ਜਮਧੜੀ ॥

लोहू फाथी जाली लोथी जमधड़ी ॥

lohoo faathee jaalee lothee jamadhaRee ||

ਘਣ ਵਿਚਿ ਜਿਉ ਛੰਛਾਲੀ ਤੇਗਾਂ ਹੱਸੀਆਂ ॥

घण विचि जिउ छंछाली तेगाँ हस्सीआँ ॥

ghan vich jiau chha(n)chhaalee tegaa(n) ha'seeaa(n) ||

ਘੁੰਮਰਿਆਰ ਸਿਆਲੀ ਬਣੀਆਂ ਕੇਜਮਾਂ ॥੩੯॥

घुँमरिआर सिआली बणीआँ केजमाँ ॥३९॥

ghu(n)mariaar siaalee baneeaa(n) kejamaa(n) ||39||


ਧਗਾ ਸੂਲੀ ਬਜਾਈਆਂ ਦਲਾਂ ਮੁਕਾਬਲਾ ॥

धगा सूली बजाईआँ दलाँ मुकाबला ॥

dhagaa soolee bajaieeaa(n) dhalaa(n) mukaabalaa ||

ਧੂਹਿ ਮਿਆਨੋ ਲਈਆਂ ਜੁਆਨੀ ਸੂਰਮੀ ॥

धूहि मिआनो लईआँ जुआनी सूरमी ॥

dhooh miaano lieeaa(n) juaanee sooramee ||

ਸ੍ਰਣਵਤ ਬੀਜ ਬਧਾਈਆਂ ਅਗਣਤ ਸੂਰਤਾਂ ॥

स्रणवत बीज बधाईआँ अगणत सूरताँ ॥

sranavat beej badhaieeaa(n) aganat soorataa(n) ||

ਦੁਰਗਾ ਸਉਹੇਂ ਆਈਆਂ ਰੋਹ ਬਢਾਇ ਕੈ ॥

दुरगा सउहें आईआँ रोह बढाइ कै ॥

dhuragaa sauhe(n) aaieeaa(n) roh baddai kai ||

ਸਭਨੀ ਆਣ ਵਗਾਈਆਂ ਤੇਗਾਂ ਧੂਹਿ ਕੈ ॥

सभनी आण वगाईआँ तेगाँ धूहि कै ॥

sabhanee aan vagaieeaa(n) tegaa(n) dhooh kai ||

ਦੁਰਗਾ ਸਭ ਬਚਾਈਆਂ ਢਾਲ ਸੰਭਾਲ ਕੈ ॥

दुरगा सभ बचाईआँ ढाल संभाल कै ॥

dhuragaa sabh bachaieeaa(n) ddaal sa(n)bhaal kai ||

ਦੇਵੀ ਆਪ ਚਲਾਈਆਂ ਤਕਿ ਤਕਿ ਦਾਨਵੀ ॥

देवी आप चलाईआँ तकि तकि दानवी ॥

dhevee aap chalaieeaa(n) tak tak dhaanavee ||

ਲੋਹੂ ਨਾਲਿ ਡੁਬਾਈਆਂ ਤੇਗਾਂ ਨੰਗੀਆਂ ॥

लोहू नालि डुबाईआँ तेगाँ नंगीआँ ॥

lohoo naal ddubaieeaa(n) tegaa(n) na(n)geeaa(n) ||

ਸਾਰਸੁਤੀ ਜਨੁ ਨਾਈਆਂ ਮਿਲ ਕੈ ਦੇਵੀਆਂ ॥

सारसुती जनु नाईआँ मिल कै देवीआँ ॥

saarasutee jan naieeaa(n) mil kai dheveeaa(n) ||

ਸਭੇ ਮਾਰ ਗਿਰਾਈਆਂ ਅੰਦਰਿ ਖੇਤ ਦੈ ॥

सभे मार गिराईआँ अंदरि खेत दै ॥

sabhe maar giraieeaa(n) a(n)dhar khet dhai ||

ਤਿੱਦੂੰ ਫੇਰਿ ਸਵਾਈਆਂ ਹੋਈਆਂ ਸੂਰਤਾਂ ॥੪੦॥

तिद्दूँ फेरि सवाईआँ होईआँ सूरताँ ॥४०॥

ti'dhoo(n) fer savaieeaa(n) hoieeaa(n) soorataa(n) ||40||


ਸੂਰੀ ਸੰਘਰਿ ਰਚਿਆ ਢੋਲ ਸੰਖ ਨਗਾਰੇ ਵਾਇ ਕੈ ॥

सूरी संघरि रचिआ ढोल संख नगारे वाइ कै ॥

sooree sa(n)ghar rachiaa ddol sa(n)kh nagaare vai kai ||

ਚੰਡ ਚਿਤਾਰੀ ਕਾਲਕਾ ਮਨਿ ਬਾਹਲਾ ਰੋਸ ਬਢਾਇ ਕੈ ॥

चंड चितारी कालका मनि बाहला रोस बढाइ कै ॥

cha(n)dd chitaaree kaalakaa man baahalaa ros baddai kai ||

ਨਿਕਲੀ ਮੱਥਾ ਫੋੜਿ ਕੈ ਜਨ ਫਤੇ ਨੀਸਾਣ ਬਜਾਇ ਕੈ ॥

निकली मत्था फोड़ि कै जन फते नीसाण बजाइ कै ॥

nikalee ma'thaa foR kai jan fate neesaan bajai kai ||

ਜਾਗ ਸੁ ਜੰਮੀ ਜੁਧ ਨੋ ਜਰਵਾਣਾ ਜਣੁ ਮਰੜਾਇ ਕੈ ॥

जाग सु जंमी जुध नो जरवाणा जणु मरड़ाइ कै ॥

jaag su ja(n)mee judh no jaravaanaa jan maraRai kai ||

ਦਲ ਵਿਚਿ ਘੇਰਾ ਘੱਤਿਆ ਜਣ ਸੀਂਹ ਤੁਰਿਆ ਗਣਿਣਾਇ ਕੈ ॥

दल विचि घेरा घत्तिआ जण सींह तुरिआ गणिणाइ कै ॥

dhal vich gheraa gha'tiaa jan see(n)h turiaa ganinai kai ||

ਆਪ ਵਿਸੂਲਾ ਹੋਇਆ ਤਿਹੁ ਲੋਕਾਂ ਤੇ ਖੁਨਸਾਇ ਕੈ ॥

आप विसूला होइआ तिहु लोकाँ ते खुनसाइ कै ॥

aap visoolaa hoiaa tih lokaa(n) te khunasai kai ||

ਰੋਹ ਸਿਧਾਇਆਂ ਚਕ੍ਰ ਪਾਨ ਕਰ ਨਿੰਦਾ ਖੜਗ ਉਠਾਇ ਕੈ ॥

रोह सिधाइआँ चक्र पान कर निंदा खड़ग उठाइ कै ॥

roh sidhaiaa(n) chakr paan kar ni(n)dhaa khaRag uThai kai ||

ਅਗੈ ਰਾਕਸ ਬੈਠੇ ਰੋਹਲੇ ਤੀਰੀ ਤੇਗੀ ਛਹਬਰ ਲਾਇ ਕੈ ॥

अगै राकस बैठे रोहले तीरी तेगी छहबर लाइ कै ॥

agai raakas baiThe rohale teeree tegee chhahabar lai kai ||

ਪਕੜ ਪਛਾੜੇ ਰਾਕਸਾਂ ਦਲ ਦੈਤਾਂ ਅੰਦਰਿ ਜਾਇ ਕੈ ॥

पकड़ पछाड़े राकसाँ दल दैताँ अंदरि जाइ कै ॥

pakaR pachhaaRe raakasaa(n) dhal dhaitaa(n) a(n)dhar jai kai ||

ਬਹੁ ਕੇਸੀ ਪਕੜਿ ਪਛਾੜਿਅਨਿ ਤਿਨ ਅੰਦਰਿ ਧੂਮ ਰਚਾਇ ਕੈ ॥

बहु केसी पकड़ि पछाड़िअनि तिन अंदरि धूम रचाइ कै ॥

bahu kesee pakaR pachhaaRian tin a(n)dhar dhoom rachai kai ||

ਬਡੇ ਬਡੇ ਚੁਣ ਸੂਰਮੇ ਗਹਿ ਕੋਟੀ ਦਏ ਚਲਾਇ ਕੈ ॥

बडे बडे चुण सूरमे गहि कोटी दए चलाइ कै ॥

badde badde chun soorame geh koTee dhe chalai kai ||

ਰਣ ਕਾਲੀ ਗੁੱਸਾ ਖਾਇ ਕੈ ॥੪੧॥

रण काली गुस्सा खाइ कै ॥४१॥

ran kaalee gu'saa khai kai ||41||


ਦੁਹਾ ਕੰਧਾਰਾ ਮੁਿਹ ਜੁੜੇ ਅਣੀਆਰਾ ਚੋਈਆਂ ॥

दुहा कंधारा मुिह जुड़े अणीआरा चोईआँ ॥

dhuhaa ka(n)dhaaraa mueh juRe aneeaaraa choieeaa(n) ||

ਧੂਹਿ ਕਿਰਪਾਣਾਂ ਤਿੱਖੀਆ ਨਾਲ ਲੋਹੂ ਧੋਈਆਂ ॥

धूहि किरपाणाँ तिक्खीआ नाल लोहू धोईआँ ॥

dhooh kirapaanaa(n) ti'kheeaa naal lohoo dhoieeaa(n) ||

ਹੂਰਾਂ ਸ੍ਰਣਵਤ ਬੀਜ ਨੰੂ ਘਤਿ ਘੇਿਰ ਖਲੋਈਆਂ ॥

हूराँ स्रणवत बीज नंू घति घेिर खलोईआँ ॥

hooraa(n) sranavat beej na(n)oo ghat ghir khaloieeaa(n) ||

ਲਾੜਾ ਵੇਖਣਿ ਲਾੜੀਆਂ ਚਉਗਿਰਦੈ ਹੋਈਆਂ ॥੪੨॥

लाड़ा वेखणि लाड़ीआँ चउगिरदै होईआँ ॥४२॥

laaRaa vekhan laaReeaa(n) chaugiradhai hoieeaa(n) ||42||


ਚੋਬੀ ਧਉਸੀ ਪਾਈਆਂ ਦਲਾਂ ਮੁਕਾਬਲਾ ॥

चोबी धउसी पाईआँ दलाँ मुकाबला ॥

chobee dhausee paieeaa(n) dhalaa(n) mukaabalaa ||

ਦਸਤੀ ਧੂਹ ਨਚਾਈਆਂ ਤੇਗਾਂ ਤਿਖੀਆਂ ॥

दसती धूह नचाईआँ तेगाँ तिखीआँ ॥

dhasatee dhooh nachaieeaa(n) tegaa(n) tikheeaa(n) ||

ਸੂਰਿਆਂ ਦੇ ਤਨ ਲਾਈਆਂ ਗੋਸ਼ਤ ਗਿੱਧੀਆਂ ॥

सूरिआँ दे तन लाईआँ गोशत गिद्धीआँ ॥

sooriaa(n) dhe tan laieeaa(n) goshat gi'dheeaa(n) ||

ਬਿੱਧਣ ਰਾਤੀ ਆਈਆਂ ਮਰਦਾਂ ਘੋੜਿਆਂ ॥

बिद्धण राती आईआँ मरदाँ घोड़िआँ ॥

bi'dhan raatee aaieeaa(n) maradhaa(n) ghoRiaa(n) ||

ਜੋਗਣੀਆਂ ਮਿਲਿ ਧਾਈਆਂ ਲੋਹੂ ਭੱਖਣਾ ॥

जोगणीआँ मिलि धाईआँ लोहू भक्खणा ॥

joganeeaa(n) mil dhaieeaa(n) lohoo bha'khanaa ||

ਫਉਜਾਂ ਮਾਰਿ ਹਟਾਈਅਥ ਦੇਵਾਂ ਦਾਨਵਾਂ ॥

फउजाँ मारि हटाईअथ देवाँ दानवाँ ॥

faujaa(n) maar haTaieeath dhevaa(n) dhaanavaa(n) ||

ਭਜਦੀ ਕਥਾ ਸੁਣਾਈਆਂ ਰਾਜੇ ਸੁੰਭ ਥੈ ॥

भजदी कथा सुणाईआँ राजे सुँभ थै ॥

bhajadhee kathaa sunaieeaa(n) raaje su(n)bh thai ||

ਭੁਈਂ ਨ ਪਉਣੈ ਪਾਈਆਂ ਬੂੰਦਾ ਰਕਤ ਦੀਆਂ ॥

भुईं न पउणै पाईआँ बूँदा रकत दीआँ ॥

bhuiee(n) na paunai paieeaa(n) boo(n)dhaa rakat dheeaa(n) ||

ਕਾਲੀ ਖੇਤ ਖਪਾਈਆਂ ਸਭੈ ਸੂਰਤਾਂ ॥

काली खेत खपाईआँ सभै सूरताँ ॥

kaalee khet khapaieeaa(n) sabhai soorataa(n) ||

ਬਹੁਤੀ ਸਿਰੀ ਵਿਹਾਈਆਂ ਘੜੀਆਂ ਕਾਲ ਕੀਆ ॥

बहुती सिरी विहाईआँ घड़ीआँ काल कीआ ॥

bahutee siree vihaieeaa(n) ghaReeaa(n) kaal keeaa ||

ਜਾਣਿ ਨ ਜਾਏ ਮਾਈਆਂ ਜੂਝੇ ਸੂਰਮੇ ॥੪੩॥

जाणि न जाए माईआँ जूझे सूरमे ॥४३॥

jaan na jaae maieeaa(n) joojhe soorame ||43||


ਸੁੰਭ ਸੁਣੀ ਕਰਹਾਲੀ ਸ੍ਰਣਵਤ ਬੀਜ ਦੀ ॥

सुँभ सुणी करहाली स्रणवत बीज दी ॥

su(n)bh sunee karahaalee sranavat beej dhee ||

ਰਣ ਵਿਚਿ ਕਿਨੈ ਨ ਝਾਲੀ ਦੁਰਗਾ ਆਂਵਦੀ ॥

रण विचि किनै न झाली दुरगा आँवदी ॥

ran vich kinai na jhaalee dhuragaa aa(n)vadhee ||

ਬਹੁਤੇ ਬੀਰ ਜਟਾਲੀ ਉਠੇ ਆਖਿ ਕੈ ॥

बहुते बीर जटाली उठे आखि कै ॥

bahute beer jaTaalee uThe aakh kai ||

ਚੋਟਾ ਪਾਨ ਤਬਾਲੀ ਜਾਸਨ ਜੁੱਧ ਨੰੂ ॥

चोटा पान तबाली जासन जुद्ध नंू ॥

choTaa paan tabaalee jaasan ju'dh na(n)oo ||

ਥਰਿ ਥਰਿ ਪ੍ਰਿਥਮੀ ਚਾਲੀ ਦਲਾਂ ਚੜੰਦਿਆਂ ॥

थरि थरि पृथमी चाली दलाँ चड़ंदिआँ ॥

thar thar pirathamee chaalee dhalaa(n) chaRa(n)dhiaa(n) ||

ਨਾਉ ਜਿਵੇ ਹੈ ਹਾਲੀ ਸਹੁ ਦਰੀਆਉ ਵਿਚਿ ॥

नाउ जिवे है हाली सहु दरीआउ विचि ॥

naau jive hai haalee sahu dhareeaau vich ||

ਧੂੜਿ ਉਤਾਹਾਂ ਘਾਲੀ ਛੜੀ ਤੁਰੰਗਮਾਂ ॥

धूड़ि उताहाँ घाली छड़ी तुरंगमाँ ॥

dhooR utaahaa(n) ghaalee chhaRee tura(n)gamaa(n) ||

ਜਾਣਿ ਪੁਕਾਰੂ ਚਾਲੀ ਧਰਤੀ ਇੰਦ੍ਰ ਥੈ ॥੪੪॥

जाणि पुकारू चाली धरती इंद्र थै ॥४४॥

jaan pukaaroo chaalee dharatee i(n)dhr thai ||44||


ਆਹਰਿ ਮਿਲਿਆ ਆਹਰੀਆਂ ਸੈਣ ਸੂਰਿਆਂ ਸਾਜੀ ॥

आहरि मिलिआ आहरीआँ सैण सूरिआँ साजी ॥

aahar miliaa aahareeaa(n) sain sooriaa(n) saajee ||

ਚੱਲੇ ਸਉਹੇ ਦੁਰਗਸਾਹ ਜਣ ਕਾਬੈ ਹਾਜੀ ॥

चल्ले सउहे दुरगसाह जण काबै हाजी ॥

cha'le sauhe dhuragasaeh jan kaabai haajee ||

ਤੀਰੀ ਤੇਗੀ ਜਮਧੜੀ ਰਣਿ ਵੰਡੀ ਭਾਜੀ ॥

तीरी तेगी जमधड़ी रणि वंडी भाजी ॥

teeree tegee jamadhaRee ran va(n)ddee bhaajee ||

ਇਕ ਘਾਇਲ ਘੁਮਨਿ ਸੂਰਮੇ ਜਣੁ ਮਕਤਬ ਕਾਜੀ ॥

इक घाइल घुमनि सूरमे जणु मकतब काजी ॥

eik ghail ghuman soorame jan makatab kaajee ||

ਇਕ ਬੀਰ ਪਰੋਤੇ ਬਰਛੀਏ ਜਿਉ ਝੁਕ ਪਉਨ ਨਿਵਾਜੀ ॥

इक बीर परोते बरछीए जिउ झुक पउन निवाजी ॥

eik beer parote barachhe'ee jiau jhuk paun nivaajee ||

ਇਕ ਦੁਰਗਾ ਸਉਹੇ ਖੁਨਸ ਕੈ ਖੁਣਸਾਇਨ ਤਾਜੀ ॥

इक दुरगा सउहे खुनस कै खुणसाइन ताजी ॥

eik dhuragaa sauhe khunas kai khunasain taajee ||

ਇਕ ਧਾਵਨ ਦੁਰਗਾ ਸਾਮ੍ਹਣੇ ਜਿਉ ਭੁਖਿਆਏ ਪਾਜੀ ॥

इक धावन दुरगा साम्हणे जिउ भुखिआए पाजी ॥

eik dhaavan dhuragaa saamhane jiau bhukhiaae paajee ||

ਕਦੇ ਨ ਰੱਜੇ ਜੁਝ ਤੇ ਰਜਿ ਹੋਏ ਰਾਜੀ ॥੪੫॥

कदे न रज्जे जुझ ते रजि होए राजी ॥४५॥

kadhe na ra'je jujh te raj hoe raajee ||45||


ਬੱਜੇ ਸੰਗਲੀਆਲੇ ਸੰਘਰ ਡੋਹਰੇ ॥

बज्जे संगलीआले संघर डोहरे ॥

ba'je sa(n)galeeaale sa(n)ghar ddohare ||

ਡਹੇ ਜੁ ਖੇਤ ਜਟਾਲੇ ਹਾਠਾਂ ਜੋੜਿ ਕੈ ॥

डहे जु खेत जटाले हाठाँ जोड़ि कै ॥

ddahe ju khet jaTaale haaThaa(n) joR kai ||

ਨੇਜੇ ਬੰਬਲੀਆਲੇ ਦਿੱਸਨ ਓਰੜੇ ॥

नेजे बंबलीआले दिस्सन ओरड़े ॥

neje ba(n)baleeaale dhi'san oraRe ||

ਚੱਲੇ ਜਾਣ ਜਟਾਲੇ ਨਾਵਣ ਗੰਗ ਨੂੰ ॥੪੬॥

चल्ले जाण जटाले नावण गंग नूँ ॥४६॥

cha'le jaan jaTaale naavan ga(n)g noo(n) ||46||


ਦੁਰਗਾ ਅਤੈ ਦਾਨਵੀ ਸੂਲ ਹੋਈਆਂ ਕੰਗਾ ॥

दुरगा अतै दानवी सूल होईआँ कंगा ॥

dhuragaa atai dhaanavee sool hoieeaa(n) ka(n)gaa ||

ਵਾਛੜ ਘੱਤੀ ਸੂਰਿਆਂ ਵਿਚ ਖੇਤ ਖਤੰਗਾਂ ॥

वाछड़ घत्ती सूरिआँ विच खेत खतंगाँ ॥

vaachhaR gha'tee sooriaa(n) vich khet khata(n)gaa(n) ||

ਧੂਹਿ ਕ੍ਰਿਪਾਣਾ ਤਿੱਖੀਆਂ ਬਢ ਲਾਹਨਿ ਅੰਗਾਂ ॥

धूहि कृपाणा तिक्खीआँ बढ लाहनि अंगाँ ॥

dhooh kirapaanaa ti'kheeaa(n) badd laahan a(n)gaa(n) ||

ਪਹਲਾ ਦਲਾਂ ਮਿਲੰਦਿਆਂ ਭੇੜੁ ਪਾਇਆ ਨਿਹੰਗਾਂ ॥੪੭॥

पहला दलाँ मिलंदिआँ भेड़ु पाइआ निहंगाँ ॥४७॥

pahalaa dhalaa(n) mila(n)dhiaa(n) bheR paiaa niha(n)gaa(n) ||47||


ਓਰੜ ਫਉਜਾਂ ਆਈਆਂ ਬੀਰ ਚੜੇ ਕੰਧਾਰੀ ॥

ओरड़ फउजाँ आईआँ बीर चड़े कंधारी ॥

oraR faujaa(n) aaieeaa(n) beer chaRe ka(n)dhaaree ||

ਸੜਕ ਮਿਆਨੋ ਕਢੀਆਂ ਤਿੱਖੀਆ ਤਰਵਾਰੀ ॥

सड़क मिआनो कढीआँ तिक्खीआ तरवारी ॥

saRak miaano kaddeeaa(n) ti'kheeaa taravaaree ||

ਕੜਕ ਉਠੇ ਰਣ ਮੱਚਿਆ ਵੱਡੇ ਹੰਕਾਰੀ ॥

कड़क उठे रण मच्चिआ वड्डे हंकारी ॥

kaRak uThe ran ma'chiaa va'dde ha(n)kaaree ||

ਸਿਰ ਧੜ ਬਾਹਾਂ ਗਨ ਲੇ ਫੁਲ ਜੇਹੈ ਬਾੜੀ ॥

सिर धड़ बाहाँ गन ले फुल जेहै बाड़ी ॥

sir dhaR baahaa(n) gan le ful jehai baaRee ||

ਜਾਪੇ ਕਟੇ ਬਾਢੀਆਂ ਰੁਖ ਚੰਦਨਿ ਆਰੀ ॥੪੮॥

जापे कटे बाढीआँ रुख चंदनि आरी ॥४८॥

jaape kaTe baaddeeaa(n) rukh cha(n)dhan aaree ||48||


ਦੁਹਾ ਕੰਧਾਰਾ ਮੁਹਿ ਜੁੜੇ ਜਾ ਸੱਟ ਪਈ ਖਰਵਾਰ ਕਉ ॥

दुहा कंधारा मुहि जुड़े जा सट्ट पई खरवार कउ ॥

dhuhaa ka(n)dhaaraa muh juRe jaa sa'T piee kharavaar kau ||

ਤਕ ਤਕ ਕੈਬਰਿ ਦੁਰਗਸਾਹ ਤਕ ਮਾਰੇ ਭਲੇ ਜੁਝਾਰ ਕਉ ॥

तक तक कैबरि दुरगसाह तक मारे भले जुझार कउ ॥

tak tak kaibar dhuragasaeh tak maare bhale jujhaar kau ||

ਪੈਦਲ ਮਾਰੇ ਹਾਥੀਆਂ ਸੰਗਿ ਰਥ ਗਿਰੇ ਅਸਵਾਰ ਕਉ ॥

पैदल मारे हाथीआँ संगि रथ गिरे असवार कउ ॥

paidhal maare haatheeaa(n) sa(n)g rath gire asavaar kau ||

ਸੋਹਨ ਸੰਜਾ ਬਾਗੜਾ ਜਣੁ ਲੱਗੇ ਫੱੁਲ ਅਨਾਰ ਕਉ ॥

सोहन संजा बागड़ा जणु लग्गे फु्ुल अनार कउ ॥

sohan sa(n)jaa baagaRaa jan la'ge fa'ul anaar kau ||

ਗੱੁਸੇ ਆਈ ਕਾਲਕਾ ਹਥਿ ਸੱਜੇ ਲੈ ਤਲਵਾਰ ਕਉ ॥

गु्ुसे आई कालका हथि सज्जे लै तलवार कउ ॥

ga'use aaiee kaalakaa hath sa'je lai talavaar kau ||

ਏਦੂ ਪਾਰਉ ਓਤ ਪਾਰ ਹਰਨਾਕਸਿ ਕਈ ਹਜਾਰ ਕਉ ॥

एदू पारउ ओत पार हरनाकसि कई हजार कउ ॥

edhoo paarau ot paar haranaakas kiee hajaar kau ||

ਜਿਣ ਇੱਕਾ ਰਹੀ ਕੰਧਾਰ ਕਉ ॥

जिण इक्का रही कंधार कउ ॥

jin i'kaa rahee ka(n)dhaar kau ||

ਸਦ ਰਹਮਤ ਤੇਰੇ ਵਾਰ ਕਉ ॥੪੯॥

सद रहमत तेरे वार कउ ॥४९॥

sadh rahamat tere vaar kau ||49||


ਦੁਹਾ ਕੰਧਾਰਾ ਮੁਹਿ ਜੁੜੇ ਸੱਟ ਪਈ ਜਮਧਾਣ ਕਉ ॥

दुहा कंधारा मुहि जुड़े सट्ट पई जमधाण कउ ॥

dhuhaa ka(n)dhaaraa muh juRe sa'T piee jamadhaan kau ||

ਤਦ ਖਿੰਗ ਨਸੁੰਭ ਨਚਾਇਆ ਡਾਲਿ ਉਪਰਿ ਬਰਗਸਤਾਣ ਕਉ ॥

तद खिंग नसुँभ नचाइआ डालि उपरि बरगसताण कउ ॥

tadh khi(n)g nasu(n)bh nachaiaa ddaal upar baragasataan kau ||

ਫੜੀ ਬਿਲੰਦ ਮੰਗਾਇਉਸੁ ਫਰਮਾਇਸ ਕਰਿ ਮੁਲਤਾਨ ਕਉ ॥

फड़ी बिलंद मंगाइउसु फरमाइस करि मुलतान कउ ॥

faRee bila(n)dh ma(n)gaiaus faramais kar mulataan kau ||

ਗੱੁਸੇ ਆਈ ਸਾਹਮਣੇ ਰਣ ਅੰਦਰਿ ਘੱਤਣ ਘਾਣ ਕਉ ॥

गु्ुसे आई साहमणे रण अंदरि घत्तण घाण कउ ॥

ga'use aaiee saahamane ran a(n)dhar gha'tan ghaan kau ||

ਅਗੈ ਤੇਗ ਵਗਾਈ ਦੁਰਗਸਾਹ ਬਢ ਸੁੰਭਨ ਬਹੀ ਪਲਾਣ ਕਉ ॥

अगै तेग वगाई दुरगसाह बढ सुँभन बही पलाण कउ ॥

agai teg vagaiee dhuragasaeh badd su(n)bhan bahee palaan kau ||

ਰੜਕੀ ਜਾਇ ਕੈ ਧਰਤ ਕਉ ਬੱਢ ਪਾਖਰ ਬੱਢ ਕਿਕਾਣ ਕਉ ॥

रड़की जाइ कै धरत कउ बड्ढ पाखर बड्ढ किकाण कउ ॥

raRakee jai kai dharat kau ba'dd paakhar ba'dd kikaan kau ||

ਬੀਰ ਪਲਾਣੋ ਡਿੱਗਿਆ ਕਰਿ ਸਿਜਦਾ ਸੁੰਭ ਸੁਜਾਣ ਕਉ ॥

बीर पलाणो डिग्गिआ करि सिजदा सुँभ सुजाण कउ ॥

beer palaano ddi'giaa kar sijadhaa su(n)bh sujaan kau ||

ਸਾਬਾਸ ਸਲੋਣੇ ਖਾਨ ਕਉ ॥

साबास सलोणे खान कउ ॥

saabaas salone khaan kau ||

ਸਦ ਸਾਬਾਸ ਤੇਰੇ ਤਾਣ ਕਉ ॥

सद साबास तेरे ताण कउ ॥

sadh saabaas tere taan kau ||

ਤਾਰੀਫਾਂ ਪਾਨ ਚਬਾਨ ਕਉ ॥

तारीफाँ पान चबान कउ ॥

taareefaa(n) paan chabaan kau ||

ਸਦ ਰਹਮਤ ਕੈਫਾਂ ਖਾਣ ਕਉ ॥

सद रहमत कैफाँ खाण कउ ॥

sadh rahamat kaifaa(n) khaan kau ||

ਸਦ ਰਹਮਤ ਤੁਰੇ ਨਚਾਣ ਕਉ ॥੫੦॥

सद रहमत तुरे नचाण कउ ॥५०॥

sadh rahamat ture nachaan kau ||50||


ਦੁਰਗਾ ਅਤੈ ਦਾਨਵੀ ਗਹ ਸੰਘਰਿ ਕੱਥੇ ॥

दुरगा अतै दानवी गह संघरि कत्थे ॥

dhuragaa atai dhaanavee geh sa(n)ghar ka'the ||

ਓਰੜ ਉੱਠੇ ਸੂਰਮੇ ਆ ਡਾਹੇ ਮੱਥੇ ॥

ओरड़ उट्ठे सूरमे आ डाहे मत्थे ॥

oraR u'The soorame aa ddaahe ma'the ||

ਕੱਟ ਤੁਫੰਗੀ ਕੈਬਰੀ ਦਲ ਗਾਹਿ ਨਿੱਕਥੇ ॥

कट्ट तुफंगी कैबरी दल गाहि निक्कथे ॥

ka'T tufa(n)gee kaibaree dhal gaeh ni'kathe ||

ਦੇਖਣਿ ਜੰਗ ਫਰੇਸ਼ਤੇ ਅਸਮਾਨੋ ਲੱਥੇ ॥੫੧॥

देखणि जंग फरेशते असमानो लत्थे ॥५१॥

dhekhan ja(n)g fareshate asamaano la'the ||51||


ਦੁਹਾ ਕੰਧਾਰਾਂ ਮੁਹ ਜੁੜੇ ਦਲ ਘੁਰੇ ਨਗਾਰੇ ॥

दुहा कंधाराँ मुह जुड़े दल घुरे नगारे ॥

dhuhaa ka(n)dhaaraa(n) muh juRe dhal ghure nagaare ||

ਓਰੜ ਆਏ ਸੂਰਮੇ ਸਿਰਦਾਰ ਅਣਿਆਰੇ ॥

ओरड़ आए सूरमे सिरदार अणिआरे ॥

oraR aae soorame siradhaar aniaare ||

ਲੈ ਕੇ ਤੇਗਾਂ ਬਰਛੀਆਂ ਹਥਿਆਰ ਉਭਾਰੇ ॥

लै के तेगाँ बरछीआँ हथिआर उभारे ॥

lai ke tegaa(n) barachheeaa(n) hathiaar ubhaare ||

ਟੋਪ ਪਟੇਲਾ ਪਾਖਰਾਂ ਗਲਿ ਸੰਜ ਸਵਾਰੇ ॥

टोप पटेला पाखराँ गलि संज सवारे ॥

Top paTelaa paakharaa(n) gal sa(n)j savaare ||

ਲੈ ਕੇ ਬਰਛੀ ਦੁਰਗਸਾਹ ਬਹੁ ਦਾਨਵ ਮਾਰੇ ॥

लै के बरछी दुरगसाह बहु दानव मारे ॥

lai ke barachhee dhuragasaeh bahu dhaanav maare ||

ਚੜੇ ਰਥੀ ਗਜ ਘੋੜਿਈ ਮਾਰ ਭੁਇ ਤੇ ਡਾਰੇ ॥

चड़े रथी गज घोड़िई मार भुइ ते डारे ॥

chaRe rathee gaj ghoRiee maar bhui te ddaare ||

ਜਾਣ ਹਲਵਾਈ ਸੀਖ ਨਾਲ ਵਿੰਨ੍ਹ ਵੜੇ ਉਤਾਰੇ ॥੫੨॥

जाण हलवाई सीख नाल विंन्ह वड़े उतारे ॥५२॥

jaan halavaiee seekh naal vi(n)nh vaRe utaare ||52||


ਦੁਹਾਂ ਕੰਧਾਰਾਂ ਮੁਹਿ ਜੁੜੇ ਨਾਲ ਧਉਸਾ ਭਾਰੀ ॥

दुहाँ कंधाराँ मुहि जुड़े नाल धउसा भारी ॥

dhuhaa(n) ka(n)dhaaraa(n) muh juRe naal dhausaa bhaaree ||

ਲਈ ਭਗਉਤੀ ਦੁਰਗਸਾਹ ਵਰ ਜਾਗਨ ਭਾਰੀ ॥

लई भगउती दुरगसाह वर जागन भारी ॥

liee bhagautee dhuragasaeh var jaagan bhaaree ||

ਲਾਈ ਰਾਜੇ ਸੁੰਭ ਨੋ ਰਤੁ ਪੀਐ ਪਿਆਰੀ ॥

लाई राजे सुँभ नो रतु पीऐ पिआरी ॥

laiee raaje su(n)bh no rat peeaai piaaree ||

ਸੁੰਭ ਪਲਾਣੋ ਡਿੱਗਿਆ ਉਪਮਾ ਬੀਚਾਰੀ ॥

सुँभ पलाणो डिग्गिआ उपमा बीचारी ॥

su(n)bh palaano ddi'giaa upamaa beechaaree ||

ਡੁਬ ਰਤੁ ਨਾਲਹੁ ਨਿਕਲੀ ਬਰਛੀ ਦੁਧਾਰੀ ॥

डुब रतु नालहु निकली बरछी दुधारी ॥

ddub rat naalahu nikalee barachhee dhudhaaree ||

ਜਾਣ ਰਜਾਦੀ ਉਤਰੀ ਪੈਨ ਸੂਹੀ ਸਾਰੀ ॥੫੩॥

जाण रजादी उतरी पैन सूही सारी ॥५३॥

jaan rajaadhee utaree pain soohee saaree ||53||


ਦੁਰਗਾ ਅਤੈ ਦਾਨਵੀ ਭੇੜ ਪਇਆ ਸਬਾਹੀਂ ॥

दुरगा अतै दानवी भेड़ पइआ सबाहीं ॥

dhuragaa atai dhaanavee bheR piaa sabaahee(n) ||

ਸਸਤ੍ਰ ਪਜੂਤੇ ਦੁਰਗਸਾਹ ਗਹ ਸਭਨੀਂ ਬਾਹੀਂ ॥

ससत्र पजूते दुरगसाह गह सभनीं बाहीं ॥

sasatr pajoote dhuragasaeh geh sabhanee(n) baahee(n) ||

ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਸੰਘਾਰਿਆ ਵਥ ਜੇ ਹੈ ਸਾਹੀਂ ॥

सुँभ निसुँभ संघारिआ वथ जे है साहीं ॥

su(n)bh nisu(n)bh sa(n)ghaariaa vath je hai saahee(n) ||

ਫਉਜਾਂ ਰਾਕਸਿਆਰੀਆਂ ਵੇਖ ਰੋਵਨਿ ਧਾਹੀਂ ॥

फउजाँ राकसिआरीआँ वेख रोवनि धाहीं ॥

faujaa(n) raakasiaareeaa(n) vekh rovan dhaahee(n) ||

ਮੁਹਿ ਕੜੂਚੇ ਘਾਹ ਦੇ ਛੱਡ ਘੋੜੇ ਰਾਹੀਂ ॥

मुहि कड़ूचे घाह दे छड्ड घोड़े राहीं ॥

muh kaRooche ghaeh dhe chha'dd ghoRe raahee(n) ||

ਭਜਦੇ ਹੋਇ ਮਾਰੀਅਨ ਮੁੜ ਝਾਕਨ ਨਾਹੀਂ ॥੫੪॥

भजदे होइ मारीअन मुड़ झाकन नाहीं ॥५४॥

bhajadhe hoi maareean muR jhaakan naahee(n) ||54||


ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਪਠਾਇਆ ਜਮ ਦੇ ਧਾਮ ਨੋ ॥

सुँभ निसुँभ पठाइआ जम दे धाम नो ॥

su(n)bh nisu(n)bh paThaiaa jam dhe dhaam no ||

ਇੰਦ੍ਰ ਸੱਦ ਬੁਲਾਇਆ ਰਾਜ ਅਭਿਸ਼ੇਖਨੋ ॥

इंद्र सद्द बुलाइआ राज अभिशेखनो ॥

ei(n)dhr sa'dh bulaiaa raaj abhishekhano ||

ਸਿਰ ਪਰ ਛਤ੍ਰ ਫਿਰਾਇਆ ਰਾਜੇ ਇੰਦ੍ਰ ਦੈ ॥

सिर पर छत्र फिराइआ राजे इंद्र दै ॥

sir par chhatr firaiaa raaje i(n)dhr dhai ||

ਚਉਦਹ ਲੋਕਾਂ ਛਾਇਆ ਜਸੁ ਜਗਮਾਤ ਦਾ ॥

चउदह लोकाँ छाइआ जसु जगमात दा ॥

chaudheh lokaa(n) chhaiaa jas jagamaat dhaa ||

ਦੁਰਗਾ ਪਾਠ ਬਣਾਇਆ ਸਭੇ ਪਉੜੀਆਂ ॥

दुरगा पाठ बणाइआ सभे पउड़ीआँ ॥

dhuragaa paaTh banaiaa sabhe pauReeaa(n) ||

ਫੇਰ ਨ ਜੂਨੀ ਆਇਆ ਜਿਨ ਇਹ ਗਾਇਆ ॥੫੫॥

फेर न जूनी आइआ जिन इह गाइआ ॥५५॥

fer na joonee aaiaa jin ieh gaiaa ||55||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਦੁਰਗਾ ਕੀ ਵਾਰ ਸਮਾਪਤੰ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥

इति स्री दुरगा की वार समापतं सतु सुभम सतु ॥

eit sree dhuragaa kee vaar samaapata(n) sat subham sat ||


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates