Pt 3, Chandi Charitar (Bachitar Natak),
ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ (ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ),
चंडी चरित्र (बचित्र नाटक)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
---

ਅਥ ਚੰਡ ਮੁੰਡ ਜੁਧ ਕਥਨੰ ॥

अथ चंड मुँड जुध कथनं ॥

ath cha(n)dd mu(n)dd judh kathana(n) ||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਇਹ ਬਿਧ ਦੈਤ ਸੰਘਾਰ ਕਰ ਧਵਲਾ ਚਲੀ ਅਵਾਸ ॥

इह बिध दैत संघार कर धवला चली अवास ॥

eeh bidh dhait sa(n)ghaar kar dhavalaa chalee avaas ||

ਜੋ ਯਹ ਕਥਾ ਪੜੈ ਸੁਨੈ ਰਿਧਿ ਸਿਧਿ ਗ੍ਰਿਹਿ ਤਾਸ ॥੧॥੬੫॥

जो यह कथा पड़ै सुनै रिधि सिधि गृहि तास ॥१॥६५॥

jo yeh kathaa paRai sunai ridh sidh gireh taas ||1||65||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਧੂਮ੍ਰਨੈਣ ਜਬ ਸੁਣੇ ਸੰਘਾਰੇ ॥

धूम्रनैण जब सुणे संघारे ॥

dhoomranain jab sune sa(n)ghaare ||

ਚੰਡ ਮੁੰਡ ਤਬ ਭੂਪਿ ਹਕਾਰੇ ॥

चंड मुँड तब भूपि हकारे ॥

cha(n)dd mu(n)dd tab bhoop hakaare ||

ਬਹੁ ਬਿਧਿ ਕਰ ਪਠਏ ਸਨਮਾਨਾ ॥

बहु बिधि कर पठए सनमाना ॥

bahu bidh kar paThe sanamaanaa ||

ਹੈ ਗੈ ਪਤਿ ਦੀਏ ਰਥ ਨਾਨਾ ॥੨॥੬੬॥

है गै पति दीए रथ नाना ॥२॥६६॥

hai gai pat dhe'ee rath naanaa ||2||66||


ਪ੍ਰਿਥਮ ਨਿਰਖਿ ਦੇਬੀਅਹਿ ਜੇ ਆਏ ॥

पृथम निरखि देबीअहि जे आए ॥

piratham nirakh dhebe'eeh je aae ||

ਤੇ ਧਵਲਾ ਗਿਰਿ ਓਰਿ ਪਠਾਏ ॥

ते धवला गिरि ओरि पठाए ॥

te dhavalaa gir or paThaae ||

ਤਿਨ ਕੀ ਤਨਿਕ ਭਨਕ ਸੁਨਿ ਪਾਈ ॥

तिन की तनिक भनक सुनि पाई ॥

tin kee tanik bhanak sun paiee ||

ਨਿਸਿਰੀ ਸਸਤ੍ਰ ਅਸਤ੍ਰ ਲੈ ਮਾਈ ॥੩॥੬੭॥

निसिरी ससत्र असत्र लै माई ॥३॥६७॥

nisiree sasatr asatr lai maiee ||3||67||


ਰੂਆਲ ਛੰਦ ॥

रूआल छंद ॥

rooaal chha(n)dh ||


ਸਾਜਿ ਸਾਜਿ ਚਲੇ ਤਹਾ ਰਣਿ ਰਾਛਸੇਾਂਦ੍ਰ ਅਨੇਕ ॥

साजि साजि चले तहा रणि राछसेाँद्र अनेक ॥

saaj saaj chale tahaa ran raachhaseaa(n)dhr anek ||

ਅਰਧ ਮੁੰਡਿਤ ਮੁੰਡਿਤੇਕ ਜਟਾ ਧਰੇ ਸੁ ਅਰੇਕ ॥

अरध मुँडित मुँडितेक जटा धरे सु अरेक ॥

aradh mu(n)ddit mu(n)dditek jaTaa dhare su arek ||

ਕੋਪਿ ਓਪੰ ਦੈ ਸਬੈ ਕਰਿ ਸਸਤ੍ਰ ਅਸਤ੍ਰ ਨਚਾਇ ॥

कोपि ओपं दै सबै करि ससत्र असत्र नचाइ ॥

kop opa(n) dhai sabai kar sasatr asatr nachai ||

ਧਾਇ ਧਾਇ ਕਰੈ ਪ੍ਰਹਾਰਨ ਤਿਛ ਤੇਗ ਕੰਪਾਇ ॥੪॥੬੮॥

धाइ धाइ करै प्रहारन तिछ तेग कंपाइ ॥४॥६८॥

dhai dhai karai prahaaran tichh teg ka(n)pai ||4||68||


ਸਸਤ੍ਰ ਅਸਤ੍ਰ ਲਗੇ ਜਿਤੇ ਸਬ ਫੂਲ ਮਾਲ ਹੁਐ ਗਏ ॥

ससत्र असत्र लगे जिते सब फूल माल हुऐ गए ॥

sasatr asatr lage jite sab fool maal huaai ge ||

ਕੋਪ ਓਪ ਬਿਲੋਕਿ ਅਤਿਭੁਤ ਦਾਨਵੰ ਬਿਸਮੈ ਭਏ ॥

कोप ओप बिलोकि अतिभुत दानवं बिसमै भए ॥

kop op bilok atibhut dhaanava(n) bisamai bhe ||

ਦਉਰ ਦਉਰ ਅਨੇਕ ਆਯੁਧ ਫੇਰਿ ਫੇਰਿ ਪ੍ਰਹਾਰਹੀ ॥

दउर दउर अनेक आयुध फेरि फेरि प्रहारही ॥

dhaur dhaur anek aayudh fer fer prahaarahee ||

ਜੂਝਿ ਜੂਝਿ ਗਿਰੈ ਅਰੇਕ ਸੁ ਮਾਰ ਮਾਰ ਪੁਕਾਰਹੀ ॥੫॥੬੯॥

जूझि जूझि गिरै अरेक सु मार मार पुकारही ॥५॥६९॥

joojh joojh girai arek su maar maar pukaarahee ||5||69||


ਰੇਲਿ ਰੇਲਿ ਚਲੇ ਹਏਾਂਦ੍ਰਨ ਪੇਲਿ ਪੇਲਿ ਗਜੇਾਂਦ੍ਰ ॥

रेलि रेलि चले हएाँद्रन पेलि पेलि गजेाँद्र ॥

rel rel chale heaa(n)dhran pel pel gajeaa(n)dhr ||

ਝੇਲਿ ਝੇਲਿ ਅਨੰਤ ਆਯੁਧ ਹੇਲਿ ਹੇਲਿ ਰਿਪੇਾਂਦ੍ਰ ॥

झेलि झेलि अनंत आयुध हेलि हेलि रिपेाँद्र ॥

jhel jhel ana(n)t aayudh hel hel ripeaa(n)dhr ||

ਗਾਹਿ ਗਾਹਿ ਫਿਰੇ ਫਵਜਨ ਬਾਹਿ ਬਾਹਿ ਖਤੰਗ ॥

गाहि गाहि फिरे फवजन बाहि बाहि खतंग ॥

gaeh gaeh fire favajan baeh baeh khata(n)g ||

ਅੰਗ ਭੰਗ ਗਿਰੇ ਕਹੂੰ ਰਣਿ ਰੰਗ ਸੂਰ ਉਤੰਗ ॥੬॥੭੦॥

अंग भंग गिरे कहूँ रणि रंग सूर उतंग ॥६॥७०॥

a(n)g bha(n)g gire kahoo(n) ran ra(n)g soor uta(n)g ||6||70||


ਝਾਰਿ ਝਾਰਿ ਫਿਰੇ ਸਰੋਤਮ ਡਾਰਿ ਝਾਰਿ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ॥

झारि झारि फिरे सरोतम डारि झारि कृपान ॥

jhaar jhaar fire sarotam ddaar jhaar kirapaan ||

ਸੈਲ ਸੇ ਰਣਿ ਪੁੰਜ ਕੁੰਜਰ ਸੂਰ ਸੀਸ ਬਖਾਨ ॥

सैल से रणि पुँज कुँजर सूर सीस बखान ॥

sail se ran pu(n)j ku(n)jar soor sees bakhaan ||

ਬਕ੍ਰ ਨਕ੍ਰ ਭੁਜਾ ਸੁ ਸੋਭਿਤ ਚਕ੍ਰ ਸੇ ਰਥ ਚਕ੍ਰ ॥

बक्र नक्र भुजा सु सोभित चक्र से रथ चक्र ॥

bakr nakr bhujaa su sobhit chakr se rath chakr ||

ਕੇਸ ਪਾਸਿ ਸਿਬਾਲ ਸੋਹਤ ਅਸਥ ਚੂਰ ਸਰਕ੍ਰ ॥੭॥੭੧॥

केस पासि सिबाल सोहत असथ चूर सरक्र ॥७॥७१॥

kes paas sibaal sohat asath choor sarakr ||7||71||


ਸਜਿ ਸਜਿ ਚਲੇ ਹਥਿਆਰਨ ਗਜਿ ਗਜਿ ਗਜੇਾਂਦ੍ਰ ॥

सजि सजि चले हथिआरन गजि गजि गजेाँद्र ॥

saj saj chale hathiaaran gaj gaj gajeaa(n)dhr ||

ਬਜਿ ਬਜਿ ਸਬਜ ਬਾਜਨ ਭਜਿ ਭਜਿ ਹਏਾਂਦ੍ਰ ॥

बजि बजि सबज बाजन भजि भजि हएाँद्र ॥

baj baj sabaj baajan bhaj bhaj heaa(n)dhr ||

ਮਾਰ ਮਾਰ ਪੁਕਾਰ ਕੈ ਹਥੀਆਰ ਹਾਥਿ ਸੰਭਾਰ ॥

मार मार पुकार कै हथीआर हाथि संभार ॥

maar maar pukaar kai hatheeaar haath sa(n)bhaar ||

ਧਾਇ ਧਾਇ ਪਰੇ ਨਿਸਾਚ ਬਾਇ ਸੰਖ ਅਪਾਰ ॥੮॥੭੨॥

धाइ धाइ परे निसाच बाइ संख अपार ॥८॥७२॥

dhai dhai pare nisaach bai sa(n)kh apaar ||8||72||


ਸੰਖ ਗੋਯਮੰ ਗਜੀਯੰ ਅਰੁ ਸਜੀਯੰ ਰਿਪੁਰਾਜ ॥

संख गोयमं गजीयं अरु सजीयं रिपुराज ॥

sa(n)kh goyama(n) gajeeya(n) ar sajeeya(n) ripuraaj ||

ਭਾਜਿ ਭਾਜਿ ਚਲੇ ਕਿਤੇ ਤਜਿ ਲਾਜ ਬੀਰ ਨਿਲਾਜ ॥

भाजि भाजि चले किते तजि लाज बीर निलाज ॥

bhaaj bhaaj chale kite taj laaj beer nilaaj ||

ਭੀਮ ਭੇਰੀ ਭੁੰਕੀਅੰ ਅਰੁ ਧੁੰਕੀਅੰ ਸੁ ਨਿਸਾਣ ॥

भीम भेरी भुँकीअं अरु धुँकीअं सु निसाण ॥

bheem bheree bhu(n)keea(n) ar dhu(n)keea(n) su nisaan ||

ਗਾਹਿ ਗਾਹਿ ਫਿਰੇ ਫਵਜਨ ਬਾਹਿ ਬਾਹਿ ਗਦਾਣ ॥੯॥੭੩॥

गाहि गाहि फिरे फवजन बाहि बाहि गदाण ॥९॥७३॥

gaeh gaeh fire favajan baeh baeh gadhaan ||9||73||


ਬੀਰ ਕੰਗਨੇ ਬੰਧਹੀ ਅਰੁ ਅਛਰੈ ਸਿਰ ਤੇਲੁ ॥

बीर कंगने बंधही अरु अछरै सिर तेलु ॥

beer ka(n)gane ba(n)dhahee ar achharai sir tel ||

ਬੀਰ ਬੀਨਿ ਬਰੇ ਬਰੰਗਨ ਡਾਰਿ ਡਾਰਿ ਫੁਲੇਲ ॥

बीर बीनि बरे बरंगन डारि डारि फुलेल ॥

beer been bare bara(n)gan ddaar ddaar fulel ||

ਘਾਲਿ ਘਾਲਿ ਬਿਵਾਨ ਲੇਗੀ ਫੇਰਿ ਫੇਰਿ ਸੁ ਬੀਰ ॥

घालि घालि बिवान लेगी फेरि फेरि सु बीर ॥

ghaal ghaal bivaan legee fer fer su beer ||

ਕੂਦਿ ਕੂਦਿ ਪਰੇ ਤਹਾ ਤੇ ਝਾਗਿ ਝਾਗਿ ਸੁ ਤੀਰ ॥੧੦॥੭੪॥

कूदि कूदि परे तहा ते झागि झागि सु तीर ॥१०॥७४॥

koodh koodh pare tahaa te jhaag jhaag su teer ||10||74||


ਹਾਕਿ ਹਾਕਿ ਲਰੇ ਤਹਾ ਰਣਿ ਰੀਝਿ ਰੀਝਿ ਭਟੇਾਂਦ੍ਰ ॥

हाकि हाकि लरे तहा रणि रीझि रीझि भटेाँद्र ॥

haak haak lare tahaa ran reejh reejh bhaTeaa(n)dhr ||

ਜੀਤਿ ਜੀਤਿ ਲਯੋ ਜਿਨੈ ਕਈ ਬਾਰ ਇੰਦ੍ਰ ਉਪੇਾਂਦ੍ਰ ॥

जीति जीति लयो जिनै कई बार इंद्र उपेाँद्र ॥

jeet jeet layo jinai kiee baar i(n)dhr upeaa(n)dhr ||

ਕਾਟਿ ਕਾਟਿ ਦਏ ਕਪਾਲੀ ਬਾਟਿ ਬਾਟਿ ਦਿਸਾਨ ॥

काटि काटि दए कपाली बाटि बाटि दिसान ॥

kaaT kaaT dhe kapaalee baaT baaT dhisaan ||

ਡਾਟਿ ਡਾਟਿ ਕਰਿ ਦਲੰ ਸੁਰ ਪਗੁ ਪਬ ਪਿਸਾਨ ॥੧੧॥੭੫॥

डाटि डाटि करि दलं सुर पगु पब पिसान ॥११॥७५॥

ddaaT ddaaT kar dhala(n) sur pag pab pisaan ||11||75||


ਧਾਇ ਧਾਇ ਸੰਘਾਰੀਅੰ ਰਿਪੁ ਰਾਜ ਬਾਜ ਅਨੰਤ ॥

धाइ धाइ संघारीअं रिपु राज बाज अनंत ॥

dhai dhai sa(n)ghaareea(n) rip raaj baaj ana(n)t ||

ਸ੍ਰੋਣ ਕੀ ਸਰਤਾ ਉਠੀ ਰਣ ਮਧਿ ਰੂਪ ਦੁਰੰਤ ॥

स्रोण की सरता उठी रण मधि रूप दुरंत ॥

sron kee sarataa uThee ran madh roop dhura(n)t ||

ਬਾਣ ਅਉਰ ਕਮਾਣ ਸੈਹਥੀ ਸੂਲ ਤਿਛੁ ਕੁਠਾਰ ॥

बाण अउर कमाण सैहथी सूल तिछु कुठार ॥

baan aaur kamaan saihathee sool tichh kuThaar ||

ਚੰਡ ਮੁੰਡ ਹਣੇ ਦੋਊ ਕਰਿ ਕੋਪ ਕਾਲਿ ਕ੍ਰਵਾਰ ॥੧੨॥੭੬॥

चंड मुँड हणे दोऊ करि कोप कालि क्रवार ॥१२॥७६॥

cha(n)dd mu(n)dd hane dhouoo kar kop kaal kravaar ||12||76||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਚੰਡ ਮੁੰਡ ਮਾਰੇ ਦੋਊ ਕਾਲੀ ਕੋਪਿ ਕ੍ਰਵਾਰਿ ॥

चंड मुँड मारे दोऊ काली कोपि क्रवारि ॥

cha(n)dd mu(n)dd maare dhouoo kaalee kop kravaar ||

ਅਉਰ ਜਿਤੀ ਸੈਨਾ ਹੁਤੀ ਛਿਨ ਮੋ ਦਈ ਸੰਘਾਰ ॥੧੩॥੭੭॥

अउर जिती सैना हुती छिन मो दई संघार ॥१३॥७७॥

aaur jitee sainaa hutee chhin mo dhiee sa(n)ghaar ||13||77||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕੇ ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰੇ ਚੰਡ ਮੁੰਡ ਬਧਹ ਤ੍ਰਿਤਯੋ ਧਿਆਇ ਸੰਪੂਰਨਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤ ॥੩॥

इति स्री बचित्र नाटके चंडी चरित्रे चंड मुँड बधह तृतयो धिआइ संपूरनम सतु सुभम सत ॥३॥

eit sree bachitr naaTake cha(n)ddee charitre cha(n)dd mu(n)dd badheh tiratayo dhiaai sa(n)pooranam sat subham sat ||3||



200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates