Pt 2, Chandi Charitar (Bachitar Natak),
ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ (ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ),
चंडी चरित्र (बचित्र नाटक)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


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ਅਥ ਧੂਮਨੈਨ ਜੁਧ ਕਥਨ ॥

अथ धूमनैन जुध कथन ॥

ath dhoomanain judh kathan ||


ਕੁਲਕ ਛੰਦ ॥

कुलक छंद ॥

kulak chha(n)dh ||


ਦੇਵ ਸੁ ਤਬ ਗਾਜੀਯ ॥

देव सु तब गाजीय ॥

dhev su tab gaajeey ||

ਅਨਹਦ ਬਾਜੀਯ ॥

अनहद बाजीय ॥

anahadh baajeey ||

ਭਈ ਬਧਾਈ ॥

भई बधाई ॥

bhiee badhaiee ||

ਸਭ ਸੁਖਦਾਈ ॥੧॥੩੯॥

सभ सुखदाई ॥१॥३९॥

sabh sukhadhaiee ||1||39||


ਦੁੰਦਭ ਬਾਜੇ ॥

दुँदभ बाजे ॥

dhu(n)dhabh baaje ||

ਸਭ ਸੁਰ ਗਾਜੇ ॥

सभ सुर गाजे ॥

sabh sur gaaje ||

ਕਰਤ ਬਡਾਈ ॥

करत बडाई ॥

karat baddaiee ||

ਸੁਮਨ ਬ੍ਰਖਾਈ ॥੨॥੪੦॥

सुमन ब्रखाई ॥२॥४०॥

suman brakhaiee ||2||40||


ਕੀਨੀ ਬਹੁ ਅਰਚਾ ॥

कीनी बहु अरचा ॥

keenee bahu arachaa ||

ਜਸ ਧੁਨਿ ਚਰਚਾ ॥

जस धुनि चरचा ॥

jas dhun charachaa ||

ਪਾਇਨ ਲਾਗੇ ॥

पाइन लागे ॥

pain laage ||

ਸਭ ਦੁਖ ਭਾਗੇ ॥੩॥੪੧॥

सभ दुख भागे ॥३॥४१॥

sabh dhukh bhaage ||3||41||


ਗਾਏ ਜੈ ਕਰਖਾ ॥

गाए जै करखा ॥

gaae jai karakhaa ||

ਪੁਹਪਨਿ ਬਰਖਾ ॥

पुहपनि बरखा ॥

puhapan barakhaa ||

ਸੀਸ ਨਿਵਾਏ ॥

सीस निवाए ॥

sees nivaae ||

ਸਭ ਸੁਖ ਪਾਏ ॥੪॥੪੨॥

सभ सुख पाए ॥४॥४२॥

sabh sukh paae ||4||42||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਲੋਪ ਚੰਡਿਕਾ ਜੂ ਭਈ ਦੈ ਦੇਵਨ ਕੋ ਰਾਜੁ ॥

लोप चंडिका जू भई दै देवन को राजु ॥

lop cha(n)ddikaa joo bhiee dhai dhevan ko raaj ||

ਬਹੁਰ ਸੁੰਭ ਨੈਸੁੰਭ ਦੁਐ ਦੈਤ ਬੜੇ ਸਿਰਤਾਜ ॥੫॥੪੩॥

बहुर सुँभ नैसुँभ दुऐ दैत बड़े सिरताज ॥५॥४३॥

bahur su(n)bh naisu(n)bh dhuaai dhait baRe sirataaj ||5||43||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਚੜੇ ਲੈ ਕੈ ਦਲ ॥

सुँभ निसुँभ चड़े लै कै दल ॥

su(n)bh nisu(n)bh chaRe lai kai dhal ||

ਅਰਿ ਅਨੇਕ ਜੀਤੇ ਜਿਨ ਜਲਿ ਥਲਿ ॥

अरि अनेक जीते जिन जलि थलि ॥

ar anek jeete jin jal thal ||

ਦੇਵ ਰਾਜ ਕੋ ਰਾਜ ਛਿਨਾਵਾ ॥

देव राज को राज छिनावा ॥

dhev raaj ko raaj chhinaavaa ||

ਸੇਸਿ ਮੁਕਟ ਮਨਿ ਭੇਟ ਪਠਾਵਾ ॥੬॥੪੪॥

सेसि मुकट मनि भेट पठावा ॥६॥४४॥

ses mukaT man bheT paThaavaa ||6||44||


ਛੀਨ ਲਯੋ ਅਲਕੇਸ ਭੰਡਾਰਾ ॥

छीन लयो अलकेस भंडारा ॥

chheen layo alakes bha(n)ddaaraa ||

ਦੇਸ ਦੇਸ ਕੇ ਜੀਤਿ ਨ੍ਰਿਪਾਰਾ ॥

देस देस के जीति नृपारा ॥

dhes dhes ke jeet nirapaaraa ||

ਜਹਾ ਤਹਾ ਕਰ ਦੈਤ ਪਠਾਏ ॥

जहा तहा कर दैत पठाए ॥

jahaa tahaa kar dhait paThaae ||

ਦੇਸ ਬਿਦੇਸ ਜੀਤੇ ਫਿਰ ਆਏ ॥੭॥੪੫॥

देस बिदेस जीते फिर आए ॥७॥४५॥

dhes bidhes jeete fir aae ||7||45||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਦੇਵ ਸਬੈ ਤ੍ਰਾਸਤਿ ਭਏ ਮਨ ਮੋ ਕੀਯੋ ਬਿਚਾਰ ॥

देव सबै त्रासति भए मन मो कीयो बिचार ॥

dhev sabai traasat bhe man mo keeyo bichaar ||

ਸਰਨ ਭਵਾਨੀ ਕੀ ਸਬੈ ਭਾਜਿ ਪਰੇ ਨਿਰਧਾਰ ॥੮॥੪੬॥

सरन भवानी की सबै भाजि परे निरधार ॥८॥४६॥

saran bhavaanee kee sabai bhaaj pare niradhaar ||8||46||


ਨਰਾਜ ਛੰਦ ॥

नराज छंद ॥

naraaj chha(n)dh ||


ਸੁ ਤ੍ਰਾਸ ਦੇਵ ਭਾਜੀਅੰ ॥

सु त्रास देव भाजीअं ॥

s traas dhev bhaajeea(n) ||

ਬਸੇਖ ਲਾਜ ਲਾਜੀਅੰ ॥

बसेख लाज लाजीअं ॥

basekh laaj laajeea(n) ||

ਬਿਸਿਖ ਕਾਰਮੰ ਕਸੇ ॥

बिसिख कारमं कसे ॥

bisikh kaarama(n) kase ||

ਸੁ ਦੇਵਿ ਲੋਕ ਮੋ ਬਸੇ ॥੯॥੪੭॥

सु देवि लोक मो बसे ॥९॥४७॥

s dhev lok mo base ||9||47||


ਤਬੈ ਪ੍ਰਕੋਪ ਦੇਬਿ ਹੁਐ ॥

तबै प्रकोप देबि हुऐ ॥

tabai prakop dheb huaai ||

ਚਲੀ ਸੁ ਸਸਤ੍ਰ ਅਸਤ੍ਰ ਲੈ ॥

चली सु ससत्र असत्र लै ॥

chalee su sasatr asatr lai ||

ਸੁ ਮੁਦ ਪਾਨਿ ਪਾਨ ਕੈ ॥

सु मुद पानि पान कै ॥

s mudh paan paan kai ||

ਗਜੀ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਪਾਨਿ ਲੈ ॥੧੦॥੪੮॥

गजी कृपान पानि लै ॥१०॥४८॥

gajee kirapaan paan lai ||10||48||


ਰਸਾਵਲ ਛੰਦ ॥

रसावल छंद ॥

rasaaval chha(n)dh ||


ਸੁਨੀ ਦੇਵ ਬਾਨੀ ॥

सुनी देव बानी ॥

sunee dhev baanee ||

ਚੜੀ ਸਿੰਘ ਰਾਨੀ ॥

चड़ी सिंघ रानी ॥

chaRee si(n)gh raanee ||

ਸੁਭੰ ਸਸਤ੍ਰ ਧਾਰੇ ॥

सुभं ससत्र धारे ॥

subha(n) sasatr dhaare ||

ਸਭੇ ਪਾਪ ਟਾਰੇ ॥੧੧॥੪੯॥

सभे पाप टारे ॥११॥४९॥

sabhe paap Taare ||11||49||


ਕਰੋ ਨਦ ਨਾਦੰ ॥

करो नद नादं ॥

karo nadh naadha(n) ||

ਮਹਾ ਮਦ ਮਾਦੰ ॥

महा मद मादं ॥

mahaa madh maadha(n) ||

ਭਯੋ ਸੰਖ ਸੋਰੰ ॥

भयो संख सोरं ॥

bhayo sa(n)kh sora(n) ||

ਸੁਣਿਯੋ ਚਾਰ ਓਰੰ ॥੧੨॥੫੦॥

सुणियो चार ओरं ॥१२॥५०॥

suniyo chaar ora(n) ||12||50||


ਉਤੇ ਦੈਤ ਧਾਏ ॥

उते दैत धाए ॥

aute dhait dhaae ||

ਬਡੀ ਸੈਨ ਲਿਆਏ ॥

बडी सैन लिआए ॥

baddee sain liaae ||

ਮੁਖੰ ਰਕਤ ਨੈਣੰ ॥

मुखं रकत नैणं ॥

mukha(n) rakat naina(n) ||

ਬਕੇ ਬੰਕ ਬੈਣੰ ॥੧੩॥੫੧॥

बके बंक बैणं ॥१३॥५१॥

bake ba(n)k baina(n) ||13||51||


ਚਵੰ ਚਾਰ ਢੂਕੇ ॥

चवं चार ढूके ॥

chava(n) chaar ddooke ||

ਮੁਖੰ ਮਾਰੁ ਕੂਕੇ ॥

मुखं मारु कूके ॥

mukha(n) maar kooke ||

ਲਏ ਬਾਣ ਪਾਣੰ ॥

लए बाण पाणं ॥

le baan paana(n) ||

ਸੁ ਕਾਤੀ ਕ੍ਰਿਪਾਣੰ ॥੧੪॥੫੨॥

सु काती कृपाणं ॥१४॥५२॥

s kaatee kirapaana(n) ||14||52||


ਮੰਡੇ ਮਧ ਜੰਗੰ ॥

मंडे मध जंगं ॥

ma(n)dde madh ja(n)ga(n) ||

ਪ੍ਰਹਾਰੰ ਖਤੰਗੰ ॥

प्रहारं खतंगं ॥

prahaara(n) khata(n)ga(n) ||

ਕਰਉਤੀ ਕਟਾਰੰ ॥

करउती कटारं ॥

karautee kaTaara(n) ||

ਉਠੀ ਸਸਤ੍ਰ ਝਾਰੰ ॥੧੫॥੫੩॥

उठी ससत्र झारं ॥१५॥५३॥

auThee sasatr jhaara(n) ||15||53||


ਮਹਾ ਬੀਰ ਢਾਏ ॥

महा बीर ढाए ॥

mahaa beer ddaae ||

ਸਰੋਘੰ ਚਲਾਏ ॥

सरोघं चलाए ॥

sarogha(n) chalaae ||

ਕਰੈ ਬਾਰਿ ਬੈਰੀ ॥

करै बारि बैरी ॥

karai baar bairee ||

ਫਿਰੇ ਜ੍ਯੋ ਗੰਗੈਰੀ ॥੧੬॥੫੪॥

फिरे ज्यो गंगैरी ॥१६॥५४॥

fire jayo ga(n)gairee ||16||54||


ਭੁਜੰਗ ਪ੍ਰਯਾਤ ਛੰਦ ॥

भुजंग प्रयात छंद ॥

bhuja(n)g prayaat chha(n)dh ||


ਉਧਿਤ ਸਟਾਯੰ ਉਤੈ ਸਿੰਘ ਧਾਯੋ ॥

उधित सटायं उतै सिंघ धायो ॥

audhit saTaaya(n) utai si(n)gh dhaayo ||

ਇਤੇ ਸੰਖ ਲੈ ਹਾਥਿ ਦੇਵੀ ਬਜਾਯੋ ॥

इते संख लै हाथि देवी बजायो ॥

eite sa(n)kh lai haath dhevee bajaayo ||

ਪੁਰੀ ਚਉਦਹੂੰਯੰ ਰਹਿਯੋ ਨਾਦ ਪੂਰੰ ॥

पुरी चउदहूँयं रहियो नाद पूरं ॥

puree chaudhahoo(n)ya(n) rahiyo naadh poora(n) ||

ਚਮਕਿਯੋ ਮੁਖੰ ਜੁਧ ਕੇ ਮਧਿ ਨੂਰੰ ॥੧੭॥੫੫॥

चमकियो मुखं जुध के मधि नूरं ॥१७॥५५॥

chamakiyo mukha(n) judh ke madh noora(n) ||17||55||


ਤਬੈ ਧੂਮ੍ਰ ਨੈਣੰ ਮਚਿਯੋ ਸਸਤ੍ਰ ਧਾਰੀ ॥

तबै धूम्र नैणं मचियो ससत्र धारी ॥

tabai dhoomr naina(n) machiyo sasatr dhaaree ||

ਲਏ ਸੰਗ ਜੋਧਾ ਬਡੇ ਬੀਰ ਭਾਰੀ ॥

लए संग जोधा बडे बीर भारी ॥

le sa(n)g jodhaa badde beer bhaaree ||

ਲਯੋ ਬੇੜਿ ਪਬੰ ਕੀਯੋ ਨਾਦ ਉੱਚੰ ॥

लयो बेड़ि पबं कीयो नाद उच्चं ॥

layo beR paba(n) keeyo naadh u'cha(n) ||

ਸੁਣੇ ਗਰਭਣੀਆਨਿ ਕੇ ਗਰਭ ਮੁਚੰ ॥੧੮॥੫੬॥

सुणे गरभणीआनि के गरभ मुचं ॥१८॥५६॥

sune garabhaneeaan ke garabh mucha(n) ||18||56||


ਸੁਣਿਯੋ ਨਾਦ ਸ੍ਰਵਣੰ ਕੀਯੋ ਦੇਵਿ ਕੋਪੰ ॥

सुणियो नाद स्रवणं कीयो देवि कोपं ॥

suniyo naadh sravana(n) keeyo dhev kopa(n) ||

ਸਜੇ ਚਰਮ ਬਰਮੰ ਧਰੇ ਸੀਸਿ ਟੋਪੰ ॥

सजे चरम बरमं धरे सीसि टोपं ॥

saje charam barama(n) dhare sees Topa(n) ||

ਭਈ ਸਿੰਘ ਸੁਆਰੰ ਕੀਯੋ ਨਾਦ ਉੱਚੰ ॥

भई सिंघ सुआरं कीयो नाद उच्चं ॥

bhiee si(n)gh suaara(n) keeyo naadh u'cha(n) ||

ਸੁਨੇ ਦੀਹ ਦਾਨਵਾਨ ਕੇ ਮਾਨ ਮੁਚੰ ॥੧੯॥੫੭॥

सुने दीह दानवान के मान मुचं ॥१९॥५७॥

sune dheeh dhaanavaan ke maan mucha(n) ||19||57||


ਮਹਾ ਕੋਪਿ ਦੇਵੀ ਧਸੀ ਸੈਨ ਮਧੰ ॥

महा कोपि देवी धसी सैन मधं ॥

mahaa kop dhevee dhasee sain madha(n) ||

ਕਰੇ ਬੀਰ ਬੰਕੇ ਤਹਾ ਅਧੁ ਅਧੰ ॥

करे बीर बंके तहा अधु अधं ॥

kare beer ba(n)ke tahaa adh adha(n) ||

ਜਿਸੈ ਧਾਇ ਕੈ ਸੂਲ ਸੈਥੀ ਪ੍ਰਹਾਰਿਯੋ ॥

जिसै धाइ कै सूल सैथी प्रहारियो ॥

jisai dhai kai sool saithee prahaariyo ||

ਤਿਨੇ ਫੇਰਿ ਪਾਣੰ ਨ ਬਾਣੰ ਸੰਭਾਰਿਯੋ ॥੨੦॥੫੮॥

तिने फेरि पाणं न बाणं संभारियो ॥२०॥५८॥

tine fer paana(n) na baana(n) sa(n)bhaariyo ||20||58||


ਰਸਾਵਲ ਛੰਦ ॥

रसावल छंद ॥

rasaaval chha(n)dh ||


ਜਿਸੈ ਬਾਣ ਮਾਰ੍ਯੋ ॥

जिसै बाण मार्यो ॥

jisai baan maarayo ||

ਤਿਸੈ ਮਾਰਿ ਡਾਰ੍ਯੋ ॥

तिसै मारि डार्यो ॥

tisai maar ddaarayo ||

ਜਿਤੈ ਸਿੰਘ ਧਾਯੋ ॥

जितै सिंघ धायो ॥

jitai si(n)gh dhaayo ||

ਤਿਤੈ ਸੈਨ ਘਾਯੋ ॥੨੧॥੫੯॥

तितै सैन घायो ॥२१॥५९॥

titai sain ghaayo ||21||59||


ਜਿਤੈ ਘਾਇ ਡਾਲੇ ॥

जितै घाइ डाले ॥

jitai ghai ddaale ||

ਤਿਤੈ ਘਾਰਿ ਘਾਲੇ ॥

तितै घारि घाले ॥

titai ghaar ghaale ||

ਸਮੁਹਿ ਸਤ੍ਰੁ ਆਯੋ ॥

समुहि सत्रु आयो ॥

samuh satr aayo ||

ਸੁ ਜਾਨੇ ਨ ਪਾਯੋ ॥੨੨॥੬੦॥

सु जाने न पायो ॥२२॥६०॥

s jaane na paayo ||22||60||


ਜਿਤੇ ਜੁਝ ਰੁਝੇ ॥

जिते जुझ रुझे ॥

jite jujh rujhe ||

ਤਿਤੇ ਅੰਤ ਜੁਝੇ ॥

तिते अंत जुझे ॥

tite a(n)t jujhe ||

ਜਿਨੈ ਸਸਤ੍ਰ ਘਾਲੇ ॥

जिनै ससत्र घाले ॥

jinai sasatr ghaale ||

ਤਿਤੇ ਮਾਰ ਡਾਲੇ ॥੨੩॥੬੧॥

तिते मार डाले ॥२३॥६१॥

tite maar ddaale ||23||61||


ਤਬੈ ਮਾਤ ਕਾਲੀ ॥

तबै मात काली ॥

tabai maat kaalee ||

ਤਪੀ ਤੇਜ ਜੁਵਾਲੀ ॥

तपी तेज जुवाली ॥

tapee tej juvaalee ||

ਜਿਸੈ ਘਾਵ ਡਾਰਿਯੋ ॥

जिसै घाव डारियो ॥

jisai ghaav ddaariyo ||

ਸੁ ਸੁਰਗੰ ਸਿਧਾਰਿਯੋ ॥੨੪॥੬੨॥

सु सुरगं सिधारियो ॥२४॥६२॥

s suraga(n) sidhaariyo ||24||62||


ਘਰੀ ਅਧ ਮਧੰ ॥

घरी अध मधं ॥

gharee adh madha(n) ||

ਹਨਿਯੋ ਸੈਨ ਸੁਧੰ ॥

हनियो सैन सुधं ॥

haniyo sain sudha(n) ||

ਹਨਿਯੋ ਧੂਮ੍ਰ ਨੈਣੰ ॥

हनियो धूम्र नैणं ॥

haniyo dhoomr naina(n) ||

ਸੁਨਿਯੋ ਦੇਵ ਗੈਣੰ ॥੨੫॥੬੩॥

सुनियो देव गैणं ॥२५॥६३॥

suniyo dhev gaina(n) ||25||63||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਭਜੀ ਬਿਰੂਥਨਿ ਦਾਨਵੀ ਗਈ ਭੂਪ ਕੇ ਪਾਸ ॥

भजी बिरूथनि दानवी गई भूप के पास ॥

bhajee biroothan dhaanavee giee bhoop ke paas ||

ਧੂਮ੍ਰਨੈਣ ਕਾਲੀ ਹਨਿਯੋ ਭਜੀਯੋ ਸੈਨ ਨਿਰਾਸ ॥੨੬॥੬੪॥

धूम्रनैण काली हनियो भजीयो सैन निरास ॥२६॥६४॥

dhoomranain kaalee haniyo bhajeeyo sain niraas ||26||64||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕੇ ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਧੂਮ੍ਰਨੈਨ ਬਧਤ ਦੁਤੀਆ ਧਿਆਇ ਸੰਪੂਰਨਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੨॥

इति स्री बचित्र नाटके चंडी चरित्र धूम्रनैन बधत दुतीआ धिआइ संपूरनम सतु सुभम सतु ॥२॥

eit sree bachitr naaTake cha(n)ddee charitr dhoomranain badhat dhuteeaa dhiaai sa(n)pooranam sat subham sat ||2||



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