Pt 7, Chandi Charitar Ukati Bilas,
ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ,
चंडी चरित्र उकति बिलास


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


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ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਜਬ ਨਿਸੁੰਭ ਰਨਿ ਮਾਰਿਓ ਦੇਵੀ ਇਹ ਪਰਕਾਰ ॥

जब निसुँभ रनि मारिओ देवी इह परकार ॥

jab nisu(n)bh ran maario dhevee ieh parakaar ||

ਭਾਜਿ ਦੈਤ ਇਕ ਸੁੰਭ ਪੈ ਗਇਓ ਤੁਰੰਗਮ ਡਾਰਿ ॥੨੦੩॥

भाजि दैत इक सुँभ पै गइओ तुरंगम डारि ॥२०३॥

bhaaj dhait ik su(n)bh pai gio tura(n)gam ddaar ||203||


ਆਨਿ ਸੁੰਭ ਪੈ ਤਿਨ ਕਹੀ ਸਕਲ ਜੁਧ ਕੀ ਬਾਤ ॥

आनि सुँभ पै तिन कही सकल जुध की बात ॥

aan su(n)bh pai tin kahee sakal judh kee baat ||

ਤਬ ਭਾਜੇ ਦਾਨਵ ਸਭੈ ਮਾਰਿ ਲਇਓ ਤੁਅ ਭ੍ਰਾਤ ॥੨੦੪॥

तब भाजे दानव सभै मारि लइओ तुअ भ्रात ॥२०४॥

tab bhaaje dhaanav sabhai maar lio tua bhraat ||204||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਹਨਿਓ ਸੁਨਿ ਕੈ ਬਰ ਬੀਰਨ ਕੇ ਚਿਤਿ ਛੋਭ ਸਮਾਇਓ ॥

सुँभ निसुँभ हनिओ सुनि कै बर बीरन के चिति छोभ समाइओ ॥

su(n)bh nisu(n)bh hanio sun kai bar beeran ke chit chhobh samaio ||

ਸਾਜਿ ਚੜਿਓ ਗਜ ਬਾਜ ਸਮਾਜ ਕੈ ਦਾਨਵ ਪੁੰਜ ਲੀਏ ਰਨ ਆਇਓ ॥

साजि चड़िओ गज बाज समाज कै दानव पुँज लीए रन आइओ ॥

saaj chaRio gaj baaj samaaj kai dhaanav pu(n)j le'ee ran aaio ||

ਭੂਮਿ ਭਇਆਨਕ ਲੋਥ ਪਰੀ ਲਖਿ ਸ੍ਰਉਨ ਸਮੂਹ ਮਹਾ ਬਿਸਮਾਇਓ ॥

भूमि भइआनक लोथ परी लखि स्रउन समूह महा बिसमाइओ ॥

bhoom bhiaanak loth paree lakh sraun samooh mahaa bisamaio ||

ਮਾਨਹੁ ਸਾਰਸੁਤੀ ਉਮਡੀ ਜਲੁ ਸਾਗਰ ਕੇ ਮਿਲਿਬੇ ਕਹੁ ਧਾਇਓ ॥੨੦੫॥

मानहु सारसुती उमडी जलु सागर के मिलिबे कहु धाइओ ॥२०५॥

maanahu saarasutee umaddee jal saagar ke milibe kahu dhaio ||205||


ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡਿ ਸੁ ਕੇਹਰਿ ਕਾਲਿਕਾ ਅਉ ਸਕਤੀ ਮਿਲਿ ਜੁਧ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥

चंड प्रचंडि सु केहरि कालिका अउ सकती मिलि जुध करिओ है ॥

cha(n)dd pracha(n)dd su kehar kaalikaa aau sakatee mil judh kario hai ||

ਦਾਨਵ ਸੈਨ ਹਤੀ ਇਨਹੂੰ ਸਭ ਇਉ ਕਹਿ ਕੈ ਮਨਿ ਕੋਪ ਭਰਿਓ ਹੈ ॥

दानव सैन हती इनहूँ सभ इउ कहि कै मनि कोप भरिओ है ॥

dhaanav sain hatee inahoo(n) sabh iau keh kai man kop bhario hai ||

ਬੰਧੁ ਕਬੰਧ ਪਰਿਓ ਅਵਲੋਕ ਕੈ ਸੋਕ ਕੈ ਪਾਇ ਨ ਆਗੈ ਧਰਿਓ ਹੈ ॥

बंधु कबंध परिओ अवलोक कै सोक कै पाइ न आगै धरिओ है ॥

ba(n)dh kaba(n)dh pario avalok kai sok kai pai na aagai dhario hai ||

ਧਾਇ ਸਕਿਓ ਨ ਭਇਓ ਭਇ ਭੀਤਹ ਚੀਤਹ ਮਾਨਹੁ ਲੰਗੁ ਪਰਿਓ ਹੈ ॥੨੦੬॥

धाइ सकिओ न भइओ भइ भीतह चीतह मानहु लंगु परिओ है ॥२०६॥

dhai sakio na bhio bhi bheeteh cheeteh maanahu la(n)g pario hai ||206||


ਫੇਰਿ ਕਹਿਓ ਦਲ ਕੋ ਜਬ ਸੁੰਭ ਸੁ ਮਾਨਿ ਚਲੇ ਤਬ ਦੈਤ ਘਨੇ ॥

फेरि कहिओ दल को जब सुँभ सु मानि चले तब दैत घने ॥

fer kahio dhal ko jab su(n)bh su maan chale tab dhait ghane ||

ਗਜਰਾਜ ਸੁ ਬਾਜਨ ਕੇ ਅਸਵਾਰ ਰਥੀ ਰਥੁ ਪਾਇਕ ਕਉਨ ਗਨੈ ॥

गजराज सु बाजन के असवार रथी रथु पाइक कउन गनै ॥

gajaraaj su baajan ke asavaar rathee rath paik kaun ganai ||

ਤਹਾ ਘੇਰ ਲਈ ਚਹੂੰ ਓਰ ਤੇ ਚੰਡਿ ਮਹਾ ਤਨ ਕੇ ਤਨ ਦੀਹ ਬਨੈ ॥

तहा घेर लई चहूँ ओर ते चंडि महा तन के तन दीह बनै ॥

tahaa gher liee chahoo(n) or te cha(n)dd mahaa tan ke tan dheeh banai ||

ਮਨੋ ਭਾਨੁ ਕੋ ਛਾਇ ਲਇਓ ਉਮਡੈ ਘਨ ਘੋਰ ਘਮੰਡ ਘਟਾਨਿ ਸਨੈ ॥੨੦੭॥

मनो भानु को छाइ लइओ उमडै घन घोर घमंड घटानि सनै ॥२०७॥

mano bhaan ko chhai lio umaddai ghan ghor ghama(n)dd ghaTaan sanai ||207||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਚਹੂੰ ਓਰਿ ਘੇਰੋ ਪਰਿਓ ਤਬੈ ਚੰਡ ਇਹ ਕੀਨ ॥

चहूँ ओरि घेरो परिओ तबै चंड इह कीन ॥

chahoo(n) or ghero pario tabai cha(n)dd ieh keen ||

ਕਾਲੀ ਸੋ ਹਸਿ ਤਿਨ ਕਹੀ ਨੈਨ ਸੈਨ ਕਰਿ ਦੀਨ ॥੨੦੮॥

काली सो हसि तिन कही नैन सैन करि दीन ॥२०८॥

kaalee so has tin kahee nain sain kar dheen ||208||


ਕਬਿਤੁ ॥

कबितु ॥

kabit ||

ਕੇਤੇ ਮਾਰਿ ਡਾਰੇ ਅਉ ਕੇਤਕ ਚਬਾਇ ਡਾਰੇ ਕੇਤਕ ਬਗਾਇ ਡਾਰੇ ਕਾਲੀ ਕੋਪ ਤਬ ਹੀ ॥

केते मारि डारे अउ केतक चबाइ डारे केतक बगाइ डारे काली कोप तब ही ॥

kete maar ddaare aau ketak chabai ddaare ketak bagai ddaare kaalee kop tab hee ||

ਬਾਜ ਗਜ ਭਾਰੇ ਤੇ ਤੋ ਨਖਨ ਸੋ ਫਾਰਿ ਡਾਰੇ ਐਸੇ ਰਨ ਭੈਕਰ ਨ ਭਇਓ ਆਗੈ ਕਬ ਹੀ ॥

बाज गज भारे ते तो नखन सो फारि डारे ऐसे रन भैकर न भइओ आगै कब ही ॥

baaj gaj bhaare te to nakhan so faar ddaare aaise ran bhaikar na bhio aagai kab hee ||

ਭਾਗੇ ਬਹੁ ਬੀਰ ਕਾਹੂੰ ਸੁਧ ਨ ਰਹੀ ਸਰੀਰ ਹਾਲ ਚਾਲ ਪਰੀ ਮਰੇ ਆਪਸ ਮੈ ਦਬ ਹੀ ॥

भागे बहु बीर काहूँ सुध न रही सरीर हाल चाल परी मरे आपस मै दब ही ॥

bhaage bahu beer kaahoo(n) sudh na rahee sareer haal chaal paree mare aapas mai dhab hee ||

ਪੇਖਿ ਸੁਰ ਰਾਇ ਮਨਿ ਹਰਖ ਬਢਾਇ ਸੁਰ ਪੁੰਜਨ ਬੁਲਾਇ ਕਰੈ ਜੈਜੈਕਾਰ ਸਬ ਹੀ ॥੨੦੯॥

पेखि सुर राइ मनि हरख बढाइ सुर पुँजन बुलाइ करै जैजैकार सब ही ॥२०९॥

pekh sur rai man harakh baddai sur pu(n)jan bulai karai jaijaikaar sab hee ||209||


ਕ੍ਰੋਧਮਾਨ ਭਇਓ ਕਹਿਓ ਰਾਜਾ ਸਭ ਦੈਤਨ ਕੋ ਐਸੋ ਜੁਧੁ ਕੀਨੋ ਕਾਲੀ ਡਾਰਿਯੋ ਬੀਰ ਮਾਰ ਕੈ ॥

क्रोधमान भइओ कहिओ राजा सभ दैतन को ऐसो जुधु कीनो काली डारियो बीर मार कै ॥

krodhamaan bhio kahio raajaa sabh dhaitan ko aaiso judh keeno kaalee ddaariyo beer maar kai ||

ਬਲ ਕੋ ਸੰਭਾਰਿ ਕਰਿ ਲੀਨੀ ਕਰਵਾਰ ਢਾਰ ਪੈਠੋ ਰਨ ਮਧਿ ਮਾਰੁ ਮਾਰੁ ਇਉ ਉਚਾਰ ਕੈ ॥

बल को संभारि करि लीनी करवार ढार पैठो रन मधि मारु मारु इउ उचार कै ॥

bal ko sa(n)bhaar kar leenee karavaar ddaar paiTho ran madh maar maar iau uchaar kai ||

ਸਾਥ ਭਏ ਸੁੰਭ ਕੇ ਸੁ ਮਹਾ ਬੀਰ ਧੀਰ ਜੋਧੇ ਲੀਨੇ ਹਥਿਆਰ ਆਪ ਆਪਨੇ ਸੰਭਾਰ ਕੈ ॥

साथ भए सुँभ के सु महा बीर धीर जोधे लीने हथिआर आप आपने संभार कै ॥

saath bhe su(n)bh ke su mahaa beer dheer jodhe leene hathiaar aap aapane sa(n)bhaar kai ||

ਐਸੇ ਚਲੇ ਦਾਨੋ ਰਵਿ ਮੰਡਲ ਛਪਾਨੋ ਮਾਨੋ ਸਲਭ ਉਡਾਨੋ ਪੁੰਜ ਪੰਖਨ ਸੁ ਧਾਰ ਕੈ ॥੨੧੦॥

ऐसे चले दानो रवि मंडल छपानो मानो सलभ उडानो पुँज पंखन सु धार कै ॥२१०॥

aaise chale dhaano rav ma(n)ddal chhapaano maano salabh uddaano pu(n)j pa(n)khan su dhaar kai ||210||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਦਾਨਵ ਸੈਨ ਲਖੈ ਬਲਵਾਨ ਸੁ ਬਾਹਨਿ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਭ੍ਰਮਾਨੋ ॥

दानव सैन लखै बलवान सु बाहनि चंडि प्रचंड भ्रमानो ॥

dhaanav sain lakhai balavaan su baahan cha(n)dd pracha(n)dd bhramaano ||

ਚਕ੍ਰ ਅਲਾਤ ਕੀ ਬਾਤ ਬਘੂਰਨ ਛਤ੍ਰ ਨਹੀ ਸਮ ਅਉ ਖਰਸਾਨੋ ॥

चक्र अलात की बात बघूरन छत्र नही सम अउ खरसानो ॥

chakr alaat kee baat baghooran chhatr nahee sam aau kharasaano ||

ਤਾਰਿਨ ਮਾਹਿ ਸੁ ਐਸੋ ਫਿਰਿਓ ਜਨ ਭਉਰ ਨਹੀ ਸਰਤਾਹਿ ਬਖਾਨੋ ॥

तारिन माहि सु ऐसो फिरिओ जन भउर नही सरताहि बखानो ॥

taarin maeh su aaiso firio jan bhaur nahee sarataeh bakhaano ||

ਅਉਰ ਨਹੀ ਉਪਮਾ ਉਪਜੈ ਸੁ ਦੁਹੂੰ ਰੁਖ ਕੇਹਰਿ ਕੇ ਮੁਖ ਮਾਨੋ ॥੨੧੧॥

अउर नही उपमा उपजै सु दुहूँ रुख केहरि के मुख मानो ॥२११॥

aaur nahee upamaa upajai su dhuhoo(n) rukh kehar ke mukh maano ||211||


ਜੁਧੁ ਮਹਾ ਅਸੁਰੰਗਨਿ ਸਾਥਿ ਭਇਓ ਤਬ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡਹਿ ਭਾਰੀ ॥

जुधु महा असुरंगनि साथि भइओ तब चंडि प्रचंडहि भारी ॥

judh mahaa asura(n)gan saath bhio tab cha(n)dd pracha(n)ddeh bhaaree ||

ਸੈਨ ਅਪਾਰ ਹਕਾਰਿ ਸੁਧਾਰਿ ਬਿਦਾਰਿ ਸੰਘਾਰਿ ਦਈ ਰਨਿ ਕਾਰੀ ॥

सैन अपार हकारि सुधारि बिदारि संघारि दई रनि कारी ॥

sain apaar hakaar sudhaar bidhaar sa(n)ghaar dhiee ran kaaree ||

ਖੇਤ ਭਇਓ ਤਹਾ ਚਾਰ ਸਉ ਕੋਸ ਲਉ ਸੋ ਉਪਮਾ ਕਵਿ ਦੇਖਿ ਬਿਚਾਰੀ ॥

खेत भइओ तहा चार सउ कोस लउ सो उपमा कवि देखि बिचारी ॥

khet bhio tahaa chaar sau kos lau so upamaa kav dhekh bichaaree ||

ਪੂਰਨ ਏਕ ਘਰੀ ਨ ਪਰੀ ਜਿ ਗਿਰੇ ਧਰਿ ਪੈ ਥਰ ਜਿਉ ਪਤਝਾਰੀ ॥੨੧੨॥

पूरन एक घरी न परी जि गिरे धरि पै थर जिउ पतझारी ॥२१२॥

pooran ek gharee na paree j gire dhar pai thar jiau patajhaaree ||212||


ਮਾਰਿ ਚਮੂੰ ਚਤੁਰੰਗ ਲਈ ਤਬ ਲੀਨੋ ਹੈ ਸੁੰਭ ਚਮੁੰਡ ਕੋ ਆਗਾ ॥

मारि चमूँ चतुरंग लई तब लीनो है सुँभ चमुँड को आगा ॥

maar chamoo(n) chatura(n)g liee tab leeno hai su(n)bh chamu(n)dd ko aagaa ||

ਚਾਲ ਪਰਿਓ ਅਵਨੀ ਸਿਗਰੀ ਹਰ ਜੂ ਹਰਿ ਆਸਨ ਤੇ ਉਠਿ ਭਾਗਾ ॥

चाल परिओ अवनी सिगरी हर जू हरि आसन ते उठि भागा ॥

chaal pario avanee sigaree har joo har aasan te uTh bhaagaa ||

ਸੂਖ ਗਇਓ ਤ੍ਰਸ ਕੈ ਹਰਿ ਹਾਰਿ ਸੁ ਸੰਕਤਿ ਅੰਕ ਮਹਾ ਭਇਓ ਜਾਗਾ ॥

सूख गइओ त्रस कै हरि हारि सु संकति अंक महा भइओ जागा ॥

sookh gio tras kai har haar su sa(n)kat a(n)k mahaa bhio jaagaa ||

ਲਾਗ ਰਹਿਓ ਲਪਟਾਇ ਗਰੇ ਮਧਿ ਮਾਨਹੁ ਮੁੰਡ ਕੀ ਮਾਲ ਕੋ ਤਾਗਾ ॥੨੧੩॥

लाग रहिओ लपटाइ गरे मधि मानहु मुँड की माल को तागा ॥२१३॥

laag rahio lapaTai gare madh maanahu mu(n)dd kee maal ko taagaa ||213||


ਚੰਡਿ ਕੇ ਸਾਮੁਹਿ ਆਇ ਕੈ ਸੁੰਭ ਕਹਿਓ ਮੁਖਿ ਸੋ ਇਹ ਮੈ ਸਭ ਜਾਨੀ ॥

चंडि के सामुहि आइ कै सुँभ कहिओ मुखि सो इह मै सभ जानी ॥

cha(n)dd ke saamuh aai kai su(n)bh kahio mukh so ieh mai sabh jaanee ||

ਕਾਲੀ ਸਮੇਤ ਸਭੈ ਸਕਤੀ ਮਿਲਿ ਦੀਨੋ ਖਪਾਇ ਸਭੈ ਦਲੁ ਬਾਨੀ ॥

काली समेत सभै सकती मिलि दीनो खपाइ सभै दलु बानी ॥

kaalee samet sabhai sakatee mil dheeno khapai sabhai dhal baanee ||

ਚੰਡਿ ਕਹਿਓ ਮੁਖ ਤੇ ਉਨ ਕੋ ਤੇਊ ਤਾ ਛਿਨ ਗਉਰ ਕੇ ਮਧਿ ਸਮਾਨੀ ॥

चंडि कहिओ मुख ते उन को तेऊ ता छिन गउर के मधि समानी ॥

cha(n)dd kahio mukh te un ko teuoo taa chhin gaur ke madh samaanee ||

ਜਿਉ ਸਰਤਾ ਕੇ ਪ੍ਰਵਾਹ ਕੇ ਬੀਚ ਮਿਲੇ ਬਰਖਾ ਬਹੁ ਬੂੰਦਨ ਪਾਨੀ ॥੨੧੪॥

जिउ सरता के प्रवाह के बीच मिले बरखा बहु बूँदन पानी ॥२१४॥

jiau sarataa ke pravaeh ke beech mile barakhaa bahu boo(n)dhan paanee ||214||


ਕੈ ਬਲਿ ਚੰਡਿ ਮਹਾ ਰਨ ਮਧਿ ਸੁ ਲੈ ਜਮਦਾੜ ਕੀ ਤਾ ਪਰਿ ਲਾਈ ॥

कै बलि चंडि महा रन मधि सु लै जमदाड़ की ता परि लाई ॥

kai bal cha(n)dd mahaa ran madh su lai jamadhaaR kee taa par laiee ||

ਬੈਠ ਗਈ ਅਰਿ ਕੇ ਉਰ ਮੈ ਤਿਹ ਸ੍ਰਉਨਤ ਜੁਗਨਿ ਪੂਰਿ ਅਘਾਈ ॥

बैठ गई अरि के उर मै तिह स्रउनत जुगनि पूरि अघाई ॥

baiTh giee ar ke ur mai teh sraunat jugan poor aghaiee ||

ਦੀਰਘ ਜੁਧ ਬਿਲੋਕ ਕੈ ਬੁਧਿ ਕਵੀਸ੍ਵਰ ਕੇ ਮਨ ਮੈ ਇਹ ਆਈ ॥

दीरघ जुध बिलोक कै बुधि कवीस्वर के मन मै इह आई ॥

dheeragh judh bilok kai budh kaveesavair ke man mai ieh aaiee ||

ਲੋਥ ਪੈ ਲੋਥ ਗਈ ਪਰ ਇਉ ਸੁ ਮਨੋ ਸੁਰ ਲੋਗ ਕੀ ਸੀਢੀ ਬਨਾਈ ॥੨੧੫॥

लोथ पै लोथ गई पर इउ सु मनो सुर लोग की सीढी बनाई ॥२१५॥

loth pai loth giee par iau su mano sur log kee seeddee banaiee ||215||


ਸੁੰਭ ਚਮੂੰ ਸੰਗ ਚੰਡਿਕਾ ਕ੍ਰੁਧ ਕੈ ਜੁਧ ਅਨੇਕਨਿ ਵਾਰਿ ਮਚਿਓ ਹੈ ॥

सुँभ चमूँ संग चंडिका क्रुध कै जुध अनेकनि वारि मचिओ है ॥

su(n)bh chamoo(n) sa(n)g cha(n)ddikaa krudh kai judh anekan vaar machio hai ||

ਜੰਬੁਕ ਜੁਗਨਿ ਗ੍ਰਿਝ ਮਜੂਰ ਰਕਤ੍ਰ ਕੀ ਕੀਚ ਮੈ ਈਸ ਨਚਿਓ ਹੈ ॥

जंबुक जुगनि गृझ मजूर रकत्र की कीच मै ईस नचिओ है ॥

ja(n)buk jugan girajh majoor rakatr kee keech mai iees nachio hai ||

ਲੁਥ ਪੈ ਲੁਥ ਸੁ ਭੀਤੈ ਭਈ ਸਿਤ ਗੂਦ ਅਉ ਮੇਦ ਲੈ ਤਾਹਿ ਗਚਿਓ ਹੈ ॥

लुथ पै लुथ सु भीतै भई सित गूद अउ मेद लै ताहि गचिओ है ॥

luth pai luth su bheetai bhiee sit goodh aau medh lai taeh gachio hai ||

ਭਉਨ ਰੰਗੀਨ ਬਨਾਇ ਮਨੋ ਕਰਿਮਾਵਿਸੁ ਚਿਤ੍ਰ ਬਚਿਤ੍ਰ ਰਚਿਓ ਹੈ ॥੨੧੬॥

भउन रंगीन बनाइ मनो करिमाविसु चित्र बचित्र रचिओ है ॥२१६॥

bhaun ra(n)geen banai mano karimaavis chitr bachitr rachio hai ||216||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਦੁੰਦ ਸੁ ਜੁਧ ਭਇਓ ਰਨ ਮੈ ਉਤ ਸੁੰਭ ਇਤੈ ਬਰ ਚੰਡਿ ਸੰਭਾਰੀ ॥

दुँद सु जुध भइओ रन मै उत सुँभ इतै बर चंडि संभारी ॥

dhu(n)dh su judh bhio ran mai ut su(n)bh itai bar cha(n)dd sa(n)bhaaree ||

ਘਾਇ ਅਨੇਕ ਭਏ ਦੁਹੂੰ ਕੈ ਤਨਿ ਪਉਰਖ ਗਯੋ ਸਭ ਦੈਤ ਕੋ ਹਾਰੀ ॥

घाइ अनेक भए दुहूँ कै तनि पउरख गयो सभ दैत को हारी ॥

ghai anek bhe dhuhoo(n) kai tan paurakh gayo sabh dhait ko haaree ||

ਹੀਨ ਭਈ ਬਲ ਤੇ ਭੁਜ ਕਾਪਤ ਸੋ ਉਪਮਾ ਕਵਿ ਐਸਿ ਬਿਚਾਰੀ ॥

हीन भई बल ते भुज कापत सो उपमा कवि ऐसि बिचारी ॥

heen bhiee bal te bhuj kaapat so upamaa kav aais bichaaree ||

ਮਾਨਹੁ ਗਾਰੜੂ ਕੇ ਬਲ ਤੇ ਲਈ ਪੰਚ ਮੁਖੀ ਜੁਗ ਸਾਪਨਿ ਕਾਰੀ ॥੨੧੭॥

मानहु गारड़ू के बल ते लई पंच मुखी जुग सापनि कारी ॥२१७॥

maanahu gaaraRoo ke bal te liee pa(n)ch mukhee jug saapan kaaree ||217||


ਕੋਪ ਭਈ ਬਰ ਚੰਡਿ ਮਹਾ ਬਹੁ ਜੁਧੁ ਕਰਿਓ ਰਨ ਮੈ ਬਲ ਧਾਰੀ ॥

कोप भई बर चंडि महा बहु जुधु करिओ रन मै बल धारी ॥

kop bhiee bar cha(n)dd mahaa bahu judh kario ran mai bal dhaaree ||

ਲੈ ਕੈ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਮਹਾ ਬਲਵਾਨ ਪਚਾਰ ਕੈ ਸੁੰਭ ਕੇ ਊਪਰ ਝਾਰੀ ॥

लै कै कृपान महा बलवान पचार कै सुँभ के ऊपर झारी ॥

lai kai kirapaan mahaa balavaan pachaar kai su(n)bh ke uoopar jhaaree ||

ਸਾਰ ਸੋ ਸਾਰ ਕੀ ਸਾਰ ਬਜੀ ਝਨਕਾਰ ਉਠੀ ਤਿਹ ਤੇ ਚਿਨਗਾਰੀ ॥

सार सो सार की सार बजी झनकार उठी तिह ते चिनगारी ॥

saar so saar kee saar bajee jhanakaar uThee teh te chinagaaree ||

ਮਾਨਹੁ ਭਾਦਵ ਮਾਸ ਕੀ ਰੈਨਿ ਲਸੈ ਪਟਬੀਜਨ ਕੀ ਚਮਕਾਰੀ ॥੨੧੮॥

मानहु भादव मास की रैनि लसै पटबीजन की चमकारी ॥२१८॥

maanahu bhaadhav maas kee rain lasai paTabeejan kee chamakaaree ||218||


ਘਾਇਨ ਤੇ ਬਹੁ ਸ੍ਰਉਨ ਪਰਿਓ ਬਲ ਛੀਨ ਭਇਓ ਨ੍ਰਿਪ ਸੁੰਭ ਕੋ ਕੈਸੇ ॥

घाइन ते बहु स्रउन परिओ बल छीन भइओ नृप सुँभ को कैसे ॥

ghain te bahu sraun pario bal chheen bhio nirap su(n)bh ko kaise ||

ਜੋਤਿ ਘਟੀ ਮੁਖ ਕੀ ਤਨ ਕੀ ਮਨੋ ਪੂਰਨ ਤੇ ਪਰਿਵਾ ਸਸਿ ਜੈਸੇ ॥

जोति घटी मुख की तन की मनो पूरन ते परिवा ससि जैसे ॥

jot ghaTee mukh kee tan kee mano pooran te parivaa sas jaise ||

ਚੰਡਿ ਲਇਓ ਕਰਿ ਸੁੰਭ ਉਠਾਇ ਕਹਿਓ ਕਵਿ ਨੇ ਮੁਖਿ ਤੇ ਜਸੁ ਐਸੇ ॥

चंडि लइओ करि सुँभ उठाइ कहिओ कवि ने मुखि ते जसु ऐसे ॥

cha(n)dd lio kar su(n)bh uThai kahio kav ne mukh te jas aaise ||

ਰਛਕ ਗੋਧਨ ਕੇ ਹਿਤ ਕਾਨ੍ਰਹ ਉਠਾਇ ਲਇਓ ਗਿਰਿ ਗੋਧਨੁ ਜੈਸੇ ॥੨੧੯॥

रछक गोधन के हित कान्रह उठाइ लइओ गिरि गोधनु जैसे ॥२१९॥

rachhak godhan ke hit kaanreh uThai lio gir godhan jaise ||219||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਕਰ ਤੇ ਗਿਰਿ ਧਰਨੀ ਪਰਿਓ ਧਰਿ ਤੇ ਗਇਓ ਅਕਾਸਿ ॥

कर ते गिरि धरनी परिओ धरि ते गइओ अकासि ॥

kar te gir dharanee pario dhar te gio akaas ||

ਸੁੰਭ ਸੰਘਾਰਨ ਕੇ ਨਮਿਤ ਗਈ ਚੰਡਿ ਤਿਹ ਪਾਸ ॥੨੨੦॥

सुँभ संघारन के नमित गई चंडि तिह पास ॥२२०॥

su(n)bh sa(n)ghaaran ke namit giee cha(n)dd teh paas ||220||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਬੀਚ ਤਬੈ ਨਭ ਮੰਡਲ ਚੰਡਿਕਾ ਜੁਧ ਕਰਿਓ ਜਿਮ ਆਗੇ ਨ ਹੋਊ ॥

बीच तबै नभ मंडल चंडिका जुध करिओ जिम आगे न होऊ ॥

beech tabai nabh ma(n)ddal cha(n)ddikaa judh kario jim aage na houoo ||

ਸੂਰਜ ਚੰਦੁ ਨਿਛਤ੍ਰ ਸਚੀਪਤਿ ਅਉਰ ਸਭੈ ਸੁਰ ਪੇਖਤ ਸੋਊ ॥

सूरज चंदु निछत्र सचीपति अउर सभै सुर पेखत सोऊ ॥

sooraj cha(n)dh nichhatr sacheepat aaur sabhai sur pekhat souoo ||

ਖੈਚ ਕੈ ਮੂੰਡ ਦਈ ਕਰਵਾਰ ਕੀ ਏਕ ਕੋ ਮਾਰਿ ਕੀਏ ਤਬ ਦੋਊ ॥

खैच कै मूँड दई करवार की एक को मारि कीए तब दोऊ ॥

khaich kai moo(n)dd dhiee karavaar kee ek ko maar ke'ee tab dhouoo ||

ਸੁੰਭ ਦੁ ਟੂਕ ਹ੍ਵੈ ਭੂਮਿ ਪਰਿਓ ਤਨ ਜਿਉ ਕਲਵਤ੍ਰ ਸੋ ਚੀਰਤ ਕੋਊ ॥੨੨੧॥

सुँभ दु टूक ह्वै भूमि परिओ तन जिउ कलवत्र सो चीरत कोऊ ॥२२१॥

su(n)bh dh Took havai bhoom pario tan jiau kalavatr so cheerat kouoo ||221||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸੁੰਭ ਮਾਰ ਕੈ ਚੰਡਿਕਾ ਉਠੀ ਸੁ ਸੰਖ ਬਜਾਇ ॥

सुँभ मार कै चंडिका उठी सु संख बजाइ ॥

su(n)bh maar kai cha(n)ddikaa uThee su sa(n)kh bajai ||

ਤਬ ਧੁਨਿ ਘੰਟਾ ਕੀ ਕਰੀ ਮਹਾ ਮੋਦ ਮਨਿ ਪਾਇ ॥੨੨੨॥

तब धुनि घंटा की करी महा मोद मनि पाइ ॥२२२॥

tab dhun gha(n)Taa kee karee mahaa modh man pai ||222||


ਦੈਤ ਰਾਜ ਛਿਨ ਮੈ ਹਨਿਓ ਦੇਵੀ ਇਹ ਪਰਕਾਰ ॥

दैत राज छिन मै हनिओ देवी इह परकार ॥

dhait raaj chhin mai hanio dhevee ieh parakaar ||

ਅਸਟ ਕਰਨ ਮਹਿ ਸਸਤ੍ਰ ਗਹਿ ਸੈਨਾ ਦਈ ਸੰਘਾਰ ॥੨੨੩॥

असट करन महि ससत्र गहि सैना दई संघार ॥२२३॥

asaT karan meh sasatr geh sainaa dhiee sa(n)ghaar ||223||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਚੰਡਿ ਕੇ ਕੋਪ ਨ ਓਪ ਰਹੀ ਰਨ ਮੈ ਅਸਿ ਧਾਰਿ ਭਈ ਸਮੁਹਾਈ ॥

चंडि के कोप न ओप रही रन मै असि धारि भई समुहाई ॥

cha(n)dd ke kop na op rahee ran mai as dhaar bhiee samuhaiee ||

ਮਾਰਿ ਬਿਦਾਰਿ ਸੰਘਾਰਿ ਦਏ ਤਬ ਭੂਪ ਬਿਨਾ ਕਰੈ ਕਉਨ ਲਰਾਈ ॥

मारि बिदारि संघारि दए तब भूप बिना करै कउन लराई ॥

maar bidhaar sa(n)ghaar dhe tab bhoop binaa karai kaun laraiee ||

ਕਾਪ ਉਠੇ ਅਰਿ ਤ੍ਰਾਸ ਹੀਏ ਧਰਿ ਛਾਡਿ ਦਈ ਸਭ ਪਉਰਖਤਾਈ ॥

काप उठे अरि त्रास हीए धरि छाडि दई सभ पउरखताई ॥

kaap uThe ar traas he'ee dhar chhaadd dhiee sabh paurakhataiee ||

ਦੈਤ ਚਲੈ ਤਜਿ ਖੇਤ ਇਉ ਜੈਸੇ ਬਡੇ ਗੁਨ ਲੋਭ ਤੇ ਜਾਤ ਪਰਾਹੀ ॥੨੨੪॥

दैत चलै तजि खेत इउ जैसे बडे गुन लोभ ते जात पराही ॥२२४॥

dhait chalai taj khet iau jaise badde gun lobh te jaat paraahee ||224||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਮਾਰਕੰਡੇ ਪੁਰਾਣੇ ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰੇ ਸੁੰਭ ਬਧਹਿ ਨਾਮ ਸਪਤਮੋ ਧਿਆਯ ਸੰਪੂਰਨੰ ॥੭॥

इति स्री मारकंडे पुराणे चंडी चरित्रे सुँभ बधहि नाम सपतमो धिआय संपूरनं ॥७॥

eit sree maaraka(n)dde puraane cha(n)ddee charitre su(n)bh badheh naam sapatamo dhiaay sa(n)poorana(n) ||7||



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