Pt 6, Chandi Charitar Ukati Bilas,
ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ,
चंडी चरित्र उकति बिलास


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


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ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਤੁਛ ਬਚੇ ਭਜ ਕੈ ਰਨ ਤਿਆਗ ਕੈ ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਪੈ ਜਾਇ ਪੁਕਾਰੇ ॥

तुछ बचे भज कै रन तिआग कै सुँभ निसुँभ पै जाइ पुकारे ॥

tuchh bache bhaj kai ran tiaag kai su(n)bh nisu(n)bh pai jai pukaare ||

ਸ੍ਰਉਨਤ ਬੀਜ ਹਨਿਓ ਦੁਹ ਨੇ ਮਿਲਿ ਅਉਰ ਮਹਾ ਭਟ ਮਾਰ ਬਿਦਾਰੇ ॥

स्रउनत बीज हनिओ दुह ने मिलि अउर महा भट मार बिदारे ॥

sraunat beej hanio dhuh ne mil aaur mahaa bhaT maar bidhaare ||

ਇਉ ਸੁਨਿ ਕੈ ਉਨਿ ਕੇ ਮੁਖ ਤੇ ਤਬ ਬੋਲਿ ਉਠਿਓ ਕਰਿ ਖਗ ਸੰਭਾਰੇ ॥

इउ सुनि कै उनि के मुख ते तब बोलि उठिओ करि खग संभारे ॥

eiau sun kai un ke mukh te tab bol uThio kar khag sa(n)bhaare ||

ਇਉ ਹਨਿ ਹੋ ਬਰ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡਿ ਅਜਾ ਬਨ ਮੈ ਜਿਮ ਸਿੰਘ ਪਛਾਰੇ ॥੧੭੩॥

इउ हनि हो बर चंडि प्रचंडि अजा बन मै जिम सिंघ पछारे ॥१७३॥

eiau han ho bar cha(n)dd pracha(n)dd ajaa ban mai jim si(n)gh pachhaare ||173||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸਕਲ ਕਟਕ ਕੇ ਭਟਨ ਕੋ ਦਇਓ ਜੁਧ ਕੋ ਸਾਜ ॥

सकल कटक के भटन को दइओ जुध को साज ॥

sakal kaTak ke bhaTan ko dhio judh ko saaj ||

ਸਸਤ੍ਰ ਪਹਰ ਕੈ ਇਉ ਕਹਿਓ ਹਨਿਹੋ ਚੰਡਹਿ ਆਜ ॥੧੭੪॥

ससत्र पहर कै इउ कहिओ हनिहो चंडहि आज ॥१७४॥

sasatr pahar kai iau kahio haniho cha(n)ddeh aaj ||174||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਕੋਪ ਕੈ ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਚਢੇ ਧੁਨਿ ਦੁੰਦਭਿ ਕੀ ਦਸਹੂੰ ਦਿਸ ਧਾਈ ॥

कोप कै सुँभ निसुँभ चढे धुनि दुँदभि की दसहूँ दिस धाई ॥

kop kai su(n)bh nisu(n)bh chadde dhun dhu(n)dhabh kee dhasahoo(n) dhis dhaiee ||

ਪਾਇਕ ਅਗ੍ਰ ਭਏ ਮਧਿ ਬਾਜ ਰਥੀ ਰਥ ਸਾਜ ਕੈ ਪਾਤਿ ਬਨਾਈ ॥

पाइक अग्र भए मधि बाज रथी रथ साज कै पाति बनाई ॥

paik agr bhe madh baaj rathee rath saaj kai paat banaiee ||

ਮਾਤੇ ਮਤੰਗ ਕੇ ਪੁੰਜਨ ਊਪਰਿ ਸੁੰਦਰ ਤੁੰਗ ਧੁਜਾ ਫਹਰਾਈ ॥

माते मतंग के पुँजन ऊपरि सुँदर तुँग धुजा फहराई ॥

maate mata(n)g ke pu(n)jan uoopar su(n)dhar tu(n)g dhujaa faharaiee ||

ਸਕ੍ਰ ਸੋ ਜੁਧ ਕੇ ਹੇਤ ਮਨੋ ਧਰਿ ਛਾਡਿ ਸਪਛ ਉਡੇ ਗਿਰਰਾਈ ॥੧੭੫॥

सक्र सो जुध के हेत मनो धरि छाडि सपछ उडे गिरराई ॥१७५॥

sakr so judh ke het mano dhar chhaadd sapachh udde giraraiee ||175||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਬਨਾਇ ਦਲੁ ਘੇਰਿ ਲਇਓ ਗਿਰਰਾਜ ॥

सुँभ निसुँभ बनाइ दलु घेरि लइओ गिरराज ॥

su(n)bh nisu(n)bh banai dhal gher lio giraraaj ||

ਕਵਚ ਅੰਗ ਕਸਿ ਕੋਪ ਕਰਿ ਉਠੇ ਸਿੰਘ ਜਿਉ ਗਾਜ ॥੧੭੬॥

कवच अंग कसि कोप करि उठे सिंघ जिउ गाज ॥१७६॥

kavach a(n)g kas kop kar uThe si(n)gh jiau gaaj ||176||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਸੁ ਬੀਰ ਬਲੀ ਮਨਿ ਕੋਪ ਭਰੇ ਰਨ ਭੂਮਹਿ ਆਏ ॥

सुँभ निसुँभ सु बीर बली मनि कोप भरे रन भूमहि आए ॥

su(n)bh nisu(n)bh su beer balee man kop bhare ran bhoomeh aae ||

ਦੇਖਨ ਮੈ ਸੁਭ ਅੰਗ ਉਤੰਗ ਤੁਰਾ ਕਰਿ ਤੇਜ ਧਰਾ ਪਰ ਧਾਏ ॥

देखन मै सुभ अंग उतंग तुरा करि तेज धरा पर धाए ॥

dhekhan mai subh a(n)g uta(n)g turaa kar tej dharaa par dhaae ||

ਧੂਰ ਉਡੀ ਤਬ ਤਾ ਛਿਨ ਮੈ ਤਿਹ ਕੇ ਕਨਕਾ ਪਗ ਸੋ ਲਪਟਾਏ ॥

धूर उडी तब ता छिन मै तिह के कनका पग सो लपटाए ॥

dhoor uddee tab taa chhin mai teh ke kanakaa pag so lapaTaae ||

ਠਉਰ ਅਡੀਠ ਕੇ ਜੈ ਕਰਬੇ ਕਹਿ ਤੇਜਿ ਮਨੋ ਮਨ ਸੀਖਨ ਆਏ ॥੧੭੭॥

ठउर अडीठ के जै करबे कहि तेजि मनो मन सीखन आए ॥१७७॥

Thaur addeeTh ke jai karabe keh tej mano man seekhan aae ||177||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਚੰਡਿ ਕਾਲਿਕਾ ਸ੍ਰਵਨ ਮੈ ਤਨਿਕ ਭਨਕ ਸੁਨਿ ਲੀਨ ॥

चंडि कालिका स्रवन मै तनिक भनक सुनि लीन ॥

cha(n)dd kaalikaa sravan mai tanik bhanak sun leen ||

ਉਤਰਿ ਸ੍ਰਿੰਗ ਗਿਰ ਰਾਜ ਤੇ ਮਹਾ ਕੁਲਾਹਲਿ ਕੀਨ ॥੧੭੮॥

उतरि सृंग गिर राज ते महा कुलाहलि कीन ॥१७८॥

autar sira(n)g gir raaj te mahaa kulaahal keen ||178||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਆਵਤ ਦੇਖਿ ਕੈ ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡਿ ਕੋ ਕੋਪ ਕਰਿਓ ਮਨ ਮੈ ਅਤਿ ਦਾਨੋ ॥

आवत देखि कै चंड प्रचंडि को कोप करिओ मन मै अति दानो ॥

aavat dhekh kai cha(n)dd pracha(n)dd ko kop kario man mai at dhaano ||

ਨਾਸ ਕਰੋ ਇਹ ਕੋ ਛਿਨ ਮੈ ਕਰਿ ਬਾਨ ਸੰਭਾਰ ਬਡੋ ਧਨੁ ਤਾਨੋ ॥

नास करो इह को छिन मै करि बान संभार बडो धनु तानो ॥

naas karo ieh ko chhin mai kar baan sa(n)bhaar baddo dhan taano ||

ਕਾਲੀ ਕੇ ਬਕ੍ਰ ਬਿਲੋਕਨ ਤੇ ਸੁ ਉਠਿਓ ਮਨ ਮੈ ਭ੍ਰਮ ਜਿਉ ਜਮ ਜਾਨੋ ॥

काली के बक्र बिलोकन ते सु उठिओ मन मै भ्रम जिउ जम जानो ॥

kaalee ke bakr bilokan te su uThio man mai bhram jiau jam jaano ||

ਬਾਨ ਸਮੂਹ ਚਲਾਇ ਦਏ ਕਿਲਕਾਰ ਉਠਿਓ ਜੁ ਪ੍ਰਲੈ ਘਨ ਮਾਨੋ ॥੧੭੯॥

बान समूह चलाइ दए किलकार उठिओ जु प्रलै घन मानो ॥१७९॥

baan samooh chalai dhe kilakaar uThio ju pralai ghan maano ||179||


ਬੈਰਨ ਕੇ ਘਨ ਸੇ ਦਲ ਪੈਠਿ ਲਇਓ ਕਰਿ ਮੈ ਧਨੁ ਸਾਇਕੁ ਐਸੇ ॥

बैरन के घन से दल पैठि लइओ करि मै धनु साइकु ऐसे ॥

bairan ke ghan se dhal paiTh lio kar mai dhan saik aaise ||

ਸਿਆਮ ਪਹਾਰ ਸੇ ਦੈਤ ਹਨੇ ਤਮ ਜੈਸੇ ਹਰੇ ਰਵਿ ਕੀ ਕਿਰਨੈ ਸੇ ॥

सिआम पहार से दैत हने तम जैसे हरे रवि की किरनै से ॥

siaam pahaar se dhait hane tam jaise hare rav kee kiranai se ||

ਭਾਜ ਗਈ ਧੁਜਨੀ ਡਰਿ ਕੈ ਕਬਿ ਕੋਊ ਕਹੈ ਤਿਹ ਕੀ ਛਬਿ ਕੈਸੇ ॥

भाज गई धुजनी डरि कै कबि कोऊ कहै तिह की छबि कैसे ॥

bhaaj giee dhujanee ddar kai kab kouoo kahai teh kee chhab kaise ||

ਭੀਮ ਕੋ ਸ੍ਰਉਨ ਭਰਿਓ ਮੁਖ ਦੇਖਿ ਕੈ ਛਾਡਿ ਚਲੇ ਰਨ ਕਉਰਉ ਜੈਸੇ ॥੧੮੦॥

भीम को स्रउन भरिओ मुख देखि कै छाडि चले रन कउरउ जैसे ॥१८०॥

bheem ko sraun bhario mukh dhekh kai chhaadd chale ran kaurau jaise ||180||


ਕਬਿਤੁ ॥

कबितु ॥

kabit ||

ਆਗਿਆ ਪਾਇ ਸੁੰਭ ਕੀ ਸੁ ਮਹਾਬੀਰ ਧੀਰ ਜੋਧੇ ਆਏ ਚੰਡਿ ਉਪਰ ਸੁ ਕ੍ਰੋਧ ਕੈ ਬਨੀ ਠਨੀ ॥

आगिआ पाइ सुँभ की सु महाबीर धीर जोधे आए चंडि उपर सु क्रोध कै बनी ठनी ॥

aagiaa pai su(n)bh kee su mahaabeer dheer jodhe aae cha(n)dd upar su krodh kai banee Thanee ||

ਚੰਡਿਕਾ ਲੈ ਬਾਨ ਅਉ ਕਮਾਨ ਕਾਲੀ ਕਿਰਪਾਨ ਛਿਨ ਮਧਿ ਕੈ ਕੈ ਬਲ ਸੁੰਭ ਕੀ ਹਨੀ ਅਨੀ ॥

चंडिका लै बान अउ कमान काली किरपान छिन मधि कै कै बल सुँभ की हनी अनी ॥

cha(n)ddikaa lai baan aau kamaan kaalee kirapaan chhin madh kai kai bal su(n)bh kee hanee anee ||

ਡਰਤ ਜਿ ਖੇਤ ਮਹਾ ਪ੍ਰੇਤ ਕੀਨੇ ਬਾਨਨ ਸੋ ਬਿਚਲ ਬਿਥਰ ਐਸੇ ਭਾਜਗੀ ਅਨੀ ਕਿਨੀ ॥

डरत जि खेत महा प्रेत कीने बानन सो बिचल बिथर ऐसे भाजगी अनी किनी ॥

ddarat j khet mahaa pret keene baanan so bichal bithar aaise bhaajagee anee kinee ||

ਜੈਸੇ ਬਾਰੂਥਲ ਮੈ ਸਬੂਹ ਬਹੇ ਪਉਨ ਹੂੰ ਕੇ ਧੂਰ ਉਡਿ ਚਲੇ ਹੁਇ ਕੇ ਕੋਟਿਕ ਕਨੀ ਕਨੀ ॥੧੮੧॥

जैसे बारूथल मै सबूह बहे पउन हूँ के धूर उडि चले हुइ के कोटिक कनी कनी ॥१८१॥

jaise baaroothal mai sabooh bahe paun hoo(n) ke dhoor udd chale hui ke koTik kanee kanee ||181||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਖਗ ਲੈ ਕਾਲੀ ਅਉ ਚੰਡੀ ਕੁਵੰਡਿ ਬਿਲੋਕ ਕੈ ਦਾਨਵ ਇਉ ਦਬਟੇ ਹੈ ॥

खग लै काली अउ चंडी कुवंडि बिलोक कै दानव इउ दबटे है ॥

khag lai kaalee aau cha(n)ddee kuva(n)dd bilok kai dhaanav iau dhabaTe hai ||

ਕੇਤਕ ਚਾਬ ਗਈ ਮੁਖਿ ਕਾਲਿਕਾ ਕੇਤਿਨ ਕੇ ਸਿਰ ਚੰਡਿ ਕਟੇ ਹੈ ॥

केतक चाब गई मुखि कालिका केतिन के सिर चंडि कटे है ॥

ketak chaab giee mukh kaalikaa ketin ke sir cha(n)dd kaTe hai ||

ਸ੍ਰਉਨਤ ਸਿੰਧੁ ਭਇਓ ਧਰ ਮੈ ਰਨ ਛਾਡ ਗਏ ਇਕ ਦੈਤ ਫਟੇ ਹੈ ॥

स्रउनत सिंधु भइओ धर मै रन छाड गए इक दैत फटे है ॥

sraunat si(n)dh bhio dhar mai ran chhaadd ge ik dhait faTe hai ||

ਸੁੰਭ ਪੈ ਜਾਇ ਕਹੀ ਤਿਨ ਇਉ ਬਹੁ ਬੀਰ ਮਹਾ ਤਿਹ ਠਉਰ ਲਟੇ ਹੈ ॥੧੮੨॥

सुँभ पै जाइ कही तिन इउ बहु बीर महा तिह ठउर लटे है ॥१८२॥

su(n)bh pai jai kahee tin iau bahu beer mahaa teh Thaur laTe hai ||182||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਦੇਖਿ ਭਇਆਨਕ ਜੁਧ ਕੋ ਕੀਨੋ ਬਿਸਨੁ ਬਿਚਾਰ ॥

देखि भइआनक जुध को कीनो बिसनु बिचार ॥

dhekh bhiaanak judh ko keeno bisan bichaar ||

ਸਕਤਿ ਸਹਾਇਤ ਕੇ ਨਮਿਤ ਭੇਜੀ ਰਨਹਿ ਮੰਝਾਰ ॥੧੮੩॥

सकति सहाइत के नमित भेजी रनहि मंझार ॥१८३॥

sakat sahait ke namit bhejee raneh ma(n)jhaar ||183||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਆਇਸ ਪਾਇ ਸਭੈ ਸਕਤੀ ਚਲਿ ਕੈ ਤਹਾ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਪੈ ਆਈ ॥

आइस पाइ सभै सकती चलि कै तहा चंडि प्रचंड पै आई ॥

aais pai sabhai sakatee chal kai tahaa cha(n)dd pracha(n)dd pai aaiee ||

ਦੇਵੀ ਕਹਿਓ ਤਿਨ ਕੋ ਕਰ ਆਦਰੁ ਆਈ ਭਲੇ ਜਨੁ ਬੋਲਿ ਪਠਾਈ ॥

देवी कहिओ तिन को कर आदरु आई भले जनु बोलि पठाई ॥

dhevee kahio tin ko kar aadhar aaiee bhale jan bol paThaiee ||

ਤਾ ਛਬਿ ਕੀ ਉਪਮਾ ਅਤਿ ਹੀ ਕਵਿ ਨੇ ਅਪਨੇ ਮਨ ਮੈ ਲਖਿ ਪਾਈ ॥

ता छबि की उपमा अति ही कवि ने अपने मन मै लखि पाई ॥

taa chhab kee upamaa at hee kav ne apane man mai lakh paiee ||

ਮਾਨਹੁ ਸਾਵਨ ਮਾਸ ਨਦੀ ਚਲਿ ਕੈ ਜਲ ਰਾਸਿ ਮੈ ਆਨਿ ਸਮਾਈ ॥੧੮੪॥

मानहु सावन मास नदी चलि कै जल रासि मै आनि समाई ॥१८४॥

maanahu saavan maas nadhee chal kai jal raas mai aan samaiee ||184||


ਦੇਖਿ ਮਹਾ ਦਲ ਦੇਵਨ ਕੋ ਬਰ ਬੀਰ ਸੁ ਸਾਮੁਹੇ ਜੁਧ ਕੋ ਧਾਏ ॥

देखि महा दल देवन को बर बीर सु सामुहे जुध को धाए ॥

dhekh mahaa dhal dhevan ko bar beer su saamuhe judh ko dhaae ||

ਬਾਨਨਿ ਸਾਥਿ ਹਨੇ ਬਲੁ ਕੈ ਰਨ ਮੈ ਬਹੁ ਆਵਤ ਬੀਰ ਗਿਰਾਏ ॥

बाननि साथि हने बलु कै रन मै बहु आवत बीर गिराए ॥

baanan saath hane bal kai ran mai bahu aavat beer giraae ||

ਦਾੜਨ ਸਾਥਿ ਚਬਾਇ ਗਈ ਕਲਿ ਅਉਰ ਗਹੈ ਚਹੂੰ ਓਰਿ ਬਗਾਏ ॥

दाड़न साथि चबाइ गई कलि अउर गहै चहूँ ओरि बगाए ॥

dhaaRan saath chabai giee kal aaur gahai chahoo(n) or bagaae ||

ਰਾਵਨ ਸੋ ਰਿਸ ਕੈ ਰਨ ਮੈ ਪਤਿ ਭਾਲਕ ਜਿਉ ਗਿਰਰਾਜ ਚਲਾਏ ॥੧੮੫॥

रावन सो रिस कै रन मै पति भालक जिउ गिरराज चलाए ॥१८५॥

raavan so ris kai ran mai pat bhaalak jiau giraraaj chalaae ||185||


ਫੇਰ ਲੈ ਪਾਨਿ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਸੰਭਾਰ ਕੈ ਦੈਤਨ ਸੋ ਬਹੁ ਜੁਧ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥

फेर लै पानि कृपान संभार कै दैतन सो बहु जुध करिओ है ॥

fer lai paan kirapaan sa(n)bhaar kai dhaitan so bahu judh kario hai ||

ਮਾਰ ਬਿਦਾਰ ਸੰਘਾਰ ਦਏ ਬਹੁ ਭੂਮਿ ਪਰੇ ਭਟ ਸ੍ਰਉਨ ਝਰਿਓ ਹੈ ॥

मार बिदार संघार दए बहु भूमि परे भट स्रउन झरिओ है ॥

maar bidhaar sa(n)ghaar dhe bahu bhoom pare bhaT sraun jhario hai ||

ਗੂਦ ਬਹਿਓ ਅਰਿ ਸੀਸਨ ਤੇ ਕਵਿ ਨੇ ਤਿਹ ਕੋ ਇਹ ਭਾਉ ਧਰਿਓ ਹੈ ॥

गूद बहिओ अरि सीसन ते कवि ने तिह को इह भाउ धरिओ है ॥

goodh bahio ar seesan te kav ne teh ko ieh bhaau dhario hai ||

ਮਾਨੋ ਪਹਾਰ ਕੇ ਸ੍ਰਿੰਗਹੁ ਤੇ ਧਰਨੀ ਪਰ ਆਨਿ ਤੁਸਾਰ ਪਰਿਓ ਹੈ ॥੧੮੬॥

मानो पहार के सृंगहु ते धरनी पर आनि तुसार परिओ है ॥१८६॥

maano pahaar ke sira(n)gahu te dharanee par aan tusaar pario hai ||186||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਭਾਗ ਗਈ ਧੁਜਨੀ ਸਭੈ ਰਹਿਓ ਨ ਕਛੂ ਉਪਾਉ ॥

भाग गई धुजनी सभै रहिओ न कछू उपाउ ॥

bhaag giee dhujanee sabhai rahio na kachhoo upaau ||

ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭਹਿ ਸੋ ਕਹਿਓ ਦਲ ਲੈ ਤੁਮ ਹੂੰ ਜਾਉ ॥੧੮੭॥

सुँभ निसुँभहि सो कहिओ दल लै तुम हूँ जाउ ॥१८७॥

su(n)bh nisu(n)bheh so kahio dhal lai tum hoo(n) jaau ||187||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਮਾਨ ਕੈ ਸੁੰਭ ਕੋ ਬੋਲ ਨਿਸੁੰਭੁ ਚਲਿਓ ਦਲ ਸਾਜਿ ਮਹਾ ਬਲਿ ਐਸੇ ॥

मान कै सुँभ को बोल निसुँभु चलिओ दल साजि महा बलि ऐसे ॥

maan kai su(n)bh ko bol nisu(n)bh chalio dhal saaj mahaa bal aaise ||

ਭਾਰਥ ਜਿਉ ਰਨ ਮੈ ਰਿਸਿ ਪਾਰਥਿ ਕ੍ਰੁਧ ਕੈ ਜੁਧ ਕਰਿਓ ਕਰਨੈ ਸੇ ॥

भारथ जिउ रन मै रिसि पारथि क्रुध कै जुध करिओ करनै से ॥

bhaarath jiau ran mai ris paarath krudh kai judh kario karanai se ||

ਚੰਡਿ ਕੇ ਬਾਨ ਲਗੇ ਬਹੁ ਦੈਤ ਕਉ ਫੋਰਿ ਕੈ ਪਾਰ ਭਏ ਤਨ ਕੈਸੇ ॥

चंडि के बान लगे बहु दैत कउ फोरि कै पार भए तन कैसे ॥

cha(n)dd ke baan lage bahu dhait kau for kai paar bhe tan kaise ||

ਸਾਵਨ ਮਾਸ ਕ੍ਰਿਸਾਨ ਕੇ ਖੇਤਿ ਉਗੇ ਮਨੋ ਧਾਨ ਕੇ ਅੰਕੁਰ ਜੈਸੇ ॥੧੮੮॥

सावन मास कृसान के खेति उगे मनो धान के अंकुर जैसे ॥१८८॥

saavan maas kirasaan ke khet uge mano dhaan ke a(n)kur jaise ||188||


ਬਾਨਨ ਸਾਥ ਗਿਰਾਇ ਦਏ ਬਹੁਰੋ ਅਸਿ ਲੈ ਕਰਿ ਇਉ ਰਨ ਕੀਨੋ ॥

बानन साथ गिराइ दए बहुरो असि लै करि इउ रन कीनो ॥

baanan saath girai dhe bahuro as lai kar iau ran keeno ||

ਮਾਰਿ ਬਿਦਾਰਿ ਦਈ ਧੁਜਨੀ ਸਭ ਦਾਨਵ ਕੋ ਬਲੁ ਹੁਇ ਗਇਓ ਛੀਨੋ ॥

मारि बिदारि दई धुजनी सभ दानव को बलु हुइ गइओ छीनो ॥

maar bidhaar dhiee dhujanee sabh dhaanav ko bal hui gio chheeno ||

ਸ੍ਰਉਨ ਸਮੂਹਿ ਪਰਿਓ ਤਿਹ ਠਉਰ ਤਹਾ ਕਵਿ ਨੇ ਜਸੁ ਇਉ ਮਨ ਚੀਨੋ ॥

स्रउन समूहि परिओ तिह ठउर तहा कवि ने जसु इउ मन चीनो ॥

sraun samooh pario teh Thaur tahaa kav ne jas iau man cheeno ||

ਸਾਤ ਹੂੰ ਸਾਗਰ ਕੋ ਰਚਿ ਕੈ ਬਿਧਿ ਆਠਵੋ ਸਿੰਧੁ ਕਰਿਓ ਹੈ ਨਵੀਨੋ ॥੧੮੯॥

सात हूँ सागर को रचि कै बिधि आठवो सिंधु करिओ है नवीनो ॥१८९॥

saat hoo(n) saagar ko rach kai bidh aaThavo si(n)dh kario hai naveeno ||189||


ਲੈ ਕਰ ਮੈ ਅਸਿ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਸੁ ਕ੍ਰੁਧ ਭਈ ਰਨ ਮਧ ਲਰੀ ਹੈ ॥

लै कर मै असि चंडि प्रचंड सु क्रुध भई रन मध लरी है ॥

lai kar mai as cha(n)dd pracha(n)dd su krudh bhiee ran madh laree hai ||

ਫੋਰ ਦਈ ਚਤੁਰੰਗ ਚਮੂੰ ਬਲੁ ਕੈ ਬਹੁ ਕਾਲਿਕਾ ਮਾਰਿ ਧਰੀ ਹੈ ॥

फोर दई चतुरंग चमूँ बलु कै बहु कालिका मारि धरी है ॥

for dhiee chatura(n)g chamoo(n) bal kai bahu kaalikaa maar dharee hai ||

ਰੂਪ ਦਿਖਾਇ ਭਇਆਨਕ ਇਉ ਅਸੁਰੰਪਤਿ ਭ੍ਰਾਤ ਕੀ ਕ੍ਰਾਤਿ ਹਰੀ ਹੈ ॥

रूप दिखाइ भइआनक इउ असुरंपति भ्रात की क्राति हरी है ॥

roop dhikhai bhiaanak iau asura(n)pat bhraat kee kraat haree hai ||

ਸ੍ਰਉਨ ਸੋ ਲਾਲ ਭਈ ਧਰਨੀ ਸੁ ਮਨੋ ਅੰਗ ਸੂਹੀ ਕੀ ਸਾਰੀ ਕਰੀ ਹੈ ॥੧੯੦॥

स्रउन सो लाल भई धरनी सु मनो अंग सूही की सारी करी है ॥१९०॥

sraun so laal bhiee dharanee su mano a(n)g soohee kee saaree karee hai ||190||


ਦੈਤ ਸੰਭਾਰਿ ਸਭੈ ਅਪਨੋ ਬਲਿ ਚੰਡਿ ਸੋ ਜੁਧ ਕੋ ਫੇਰਿ ਅਰੇ ਹੈ ॥

दैत संभारि सभै अपनो बलि चंडि सो जुध को फेरि अरे है ॥

dhait sa(n)bhaar sabhai apano bal cha(n)dd so judh ko fer are hai ||

ਆਯੁਧ ਧਾਰਿ ਲਰੈ ਰਨ ਇਉ ਜਨੁ ਦੀਪਕ ਮਧਿ ਪਤੰਗ ਪਰੇ ਹੈ ॥

आयुध धारि लरै रन इउ जनु दीपक मधि पतंग परे है ॥

aayudh dhaar larai ran iau jan dheepak madh pata(n)g pare hai ||

ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਕੁਵੰਡ ਸੰਭਾਰਿ ਸਭੈ ਰਨ ਮਧਿ ਦੁ ਟੂਕ ਕਰੇ ਹੈ ॥

चंड प्रचंड कुवंड संभारि सभै रन मधि दु टूक करे है ॥

cha(n)dd pracha(n)dd kuva(n)dd sa(n)bhaar sabhai ran madh dh Took kare hai ||

ਮਾਨੋ ਮਹਾ ਬਨ ਮੈ ਬਰ ਬ੍ਰਿਛਨ ਕਾਟਿ ਕੈ ਬਾਢੀ ਜੁਦੇ ਕੈ ਧਰੇ ਹੈ ॥੧੯੧॥

मानो महा बन मै बर बृछन काटि कै बाढी जुदे कै धरे है ॥१९१॥

maano mahaa ban mai bar birachhan kaaT kai baaddee judhe kai dhare hai ||191||


ਮਾਰ ਲਇਓ ਦਲੁ ਅਉਰ ਭਜਿਓ ਮਨ ਮੈ ਤਬ ਕੋਪ ਨਿਸੁੰਭ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥

मार लइओ दलु अउर भजिओ मन मै तब कोप निसुँभ करिओ है ॥

maar lio dhal aaur bhajio man mai tab kop nisu(n)bh kario hai ||

ਚੰਡਿ ਕੇ ਸਾਮੁਹੇ ਆਨਿ ਅਰਿਓ ਅਤਿ ਜੁਧੁ ਕਰਿਓ ਪਗੁ ਨਾਹਿ ਟਰਿਓ ਹੈ ॥

चंडि के सामुहे आनि अरिओ अति जुधु करिओ पगु नाहि टरिओ है ॥

cha(n)dd ke saamuhe aan ario at judh kario pag naeh Tario hai ||

ਚੰਡਿ ਕੇ ਬਾਨ ਲਗਿਓ ਮੁਖ ਦੈਤ ਕੇ ਸ੍ਰਉਨ ਸਮੂਹ ਧਰਾਨਿ ਪਰਿਓ ਹੈ ॥

चंडि के बान लगिओ मुख दैत के स्रउन समूह धरानि परिओ है ॥

cha(n)dd ke baan lagio mukh dhait ke sraun samooh dharaan pario hai ||

ਮਾਨਹੁ ਰਾਹੁ ਗ੍ਰਸਿਓ ਨਭਿ ਭਾਨੁ ਸੁ ਸ੍ਰਉਨਤ ਕੋ ਅਤਿ ਬਉਨ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥੧੯੨॥

मानहु राहु ग्रसिओ नभि भानु सु स्रउनत को अति बउन करिओ है ॥१९२॥

maanahu raahu grasio nabh bhaanu su sraunat ko at baun kario hai ||192||


ਸਾਗ ਸੰਭਾਰਿ ਕਰੰ ਬਲੁ ਧਾਰ ਕੈ ਚੰਡਿ ਦਈ ਰਿਪੁ ਭਾਲ ਮੈ ਐਸੇ ॥

साग संभारि करं बलु धार कै चंडि दई रिपु भाल मै ऐसे ॥

saag sa(n)bhaar kara(n) bal dhaar kai cha(n)dd dhiee rip bhaal mai aaise ||

ਜੋਰ ਕੈ ਫੋਰ ਗਈ ਸਿਰ ਤ੍ਰਾਨ ਕੋ ਪਾਰ ਭਈ ਪਟ ਫਾਰਿ ਅਨੈਸੇ ॥

जोर कै फोर गई सिर त्रान को पार भई पट फारि अनैसे ॥

jor kai for giee sir traan ko paar bhiee paT faar anaise ||

ਸ੍ਰਉਨ ਕੀ ਧਾਰ ਚਲੀ ਪਥ ਊਰਧ ਸੋ ਉਪਮਾ ਸੁ ਭਈ ਕਹੁ ਕੈਸੇ ॥

स्रउन की धार चली पथ ऊरध सो उपमा सु भई कहु कैसे ॥

sraun kee dhaar chalee path uooradh so upamaa su bhiee kahu kaise ||

ਮਾਨੋ ਮਹੇਸ ਕੇ ਤੀਸਰੇ ਨੈਨ ਕੀ ਜੋਤ ਉਦੋਤ ਭਈ ਖੁਲ ਤੈਸੇ ॥੧੯੩॥

मानो महेस के तीसरे नैन की जोत उदोत भई खुल तैसे ॥१९३॥

maano mahes ke teesare nain kee jot udhot bhiee khul taise ||193||


ਦੈਤ ਨਿਕਾਸ ਕੈ ਸਾਗ ਵਹੈ ਬਲਿ ਕੈ ਤਬ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਕੇ ਦੀਨੀ ॥

दैत निकास कै साग वहै बलि कै तब चंडि प्रचंड के दीनी ॥

dhait nikaas kai saag vahai bal kai tab cha(n)dd pracha(n)dd ke dheenee ||

ਜਾਇ ਲਗੀ ਤਿਹ ਕੇ ਮੁਖ ਮੈ ਬਹਿ ਸ੍ਰਉਨ ਪਰਿਓ ਅਤਿ ਹੀ ਛਬਿ ਕੀਨੀ ॥

जाइ लगी तिह के मुख मै बहि स्रउन परिओ अति ही छबि कीनी ॥

jai lagee teh ke mukh mai beh sraun pario at hee chhab keenee ||

ਇਉ ਉਪਮਾ ਉਪਜੀ ਮਨ ਮੈ ਕਬਿ ਨੇ ਇਹ ਭਾਤਿ ਸੋਈ ਕਹਿ ਦੀਨੀ ॥

इउ उपमा उपजी मन मै कबि ने इह भाति सोई कहि दीनी ॥

eiau upamaa upajee man mai kab ne ieh bhaat soiee keh dheenee ||

ਮਾਨਹੁ ਸਿੰਗਲ ਦੀਪ ਕੀ ਨਾਰਿ ਗਰੇ ਮੈ ਤੰਬੋਰ ਕੀ ਪੀਕ ਨਵੀਨੀ ॥੧੯੪॥

मानहु सिंगल दीप की नारि गरे मै तंबोर की पीक नवीनी ॥१९४॥

maanahu si(n)gal dheep kee naar gare mai ta(n)bor kee peek naveenee ||194||


ਜੁਧੁ ਨਿਸੁੰਭ ਕਰਿਓ ਅਤਿ ਹੀ ਜਸੁ ਇਆ ਛਬਿ ਕੋ ਕਬਿ ਕੋ ਬਰਨੈ ॥

जुधु निसुँभ करिओ अति ही जसु इआ छबि को कबि को बरनै ॥

judh nisu(n)bh kario at hee jas iaa chhab ko kab ko baranai ||

ਨਹਿ ਭੀਖਮ ਦ੍ਰੋਣਿ ਕ੍ਰਿਪਾ ਅਰੁ ਦ੍ਰੋਣਜ ਭੀਮ ਨ ਅਰਜਨ ਅਉ ਕਰਨੈ ॥

नहि भीखम द्रोणि कृपा अरु द्रोणज भीम न अरजन अउ करनै ॥

neh bheekham dhron kirapaa ar dhronaj bheem na arajan aau karanai ||

ਬਹੁ ਦਾਨਵ ਕੇ ਤਨ ਸ੍ਰਉਨ ਕੀ ਧਾਰ ਛੁਟੀ ਸੁ ਲਗੇ ਸਰ ਕੇ ਫਰਨੈ ॥

बहु दानव के तन स्रउन की धार छुटी सु लगे सर के फरनै ॥

bahu dhaanav ke tan sraun kee dhaar chhuTee su lage sar ke faranai ||

ਜਨੁ ਰਾਤਿ ਕੈ ਦੂਰਿ ਬਿਭਾਸ ਦਸੋ ਦਿਸ ਫੈਲਿ ਚਲੀ ਰਵਿ ਕੀ ਕਿਰਨੈ ॥੧੯੫॥

जनु राति कै दूरि बिभास दसो दिस फैलि चली रवि की किरनै ॥१९५॥

jan raat kai dhoor bibhaas dhaso dhis fail chalee rav kee kiranai ||195||


ਚੰਡਿ ਲੈ ਚਕ੍ਰ ਧਸੀ ਰਨ ਮੈ ਰਿਸਿ ਕ੍ਰੁਧ ਕੀਓ ਬਹੁ ਦਾਨਵ ਮਾਰੇ ॥

चंडि लै चक्र धसी रन मै रिसि क्रुध कीओ बहु दानव मारे ॥

cha(n)dd lai chakr dhasee ran mai ris krudh keeo bahu dhaanav maare ||

ਫੇਰਿ ਗਦਾ ਗਹਿ ਕੈ ਲਹਿ ਕੈ ਚਹਿ ਕੈ ਰਿਪੁ ਸੈਨ ਹਤੀ ਲਲਕਾਰੇ ॥

फेरि गदा गहि कै लहि कै चहि कै रिपु सैन हती ललकारे ॥

fer gadhaa geh kai leh kai cheh kai rip sain hatee lalakaare ||

ਲੈ ਕਰ ਖਗ ਅਦਗ ਮਹਾ ਸਿਰ ਦੈਤਨ ਕੇ ਬਹੁ ਭੂ ਪਰ ਝਾਰੇ ॥

लै कर खग अदग महा सिर दैतन के बहु भू पर झारे ॥

lai kar khag adhag mahaa sir dhaitan ke bahu bhoo par jhaare ||

ਰਾਮ ਕੇ ਜੁਧ ਸਮੇ ਹਨੂਮਾਨਿ ਜੁਆਨ ਮਨੋ ਗਰੂਏ ਗਿਰ ਡਾਰੇ ॥੧੯੬॥

राम के जुध समे हनूमानि जुआन मनो गरूए गिर डारे ॥१९६॥

raam ke judh same hanoomaan juaan mano garooe gir ddaare ||196||


ਦਾਨਵ ਏਕ ਬਡੋ ਬਲਵਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਲੈ ਪਾਨਿ ਹਕਾਰ ਕੈ ਧਾਇਓ ॥

दानव एक बडो बलवान कृपान लै पानि हकार कै धाइओ ॥

dhaanav ek baddo balavaan kirapaan lai paan hakaar kai dhaio ||

ਕਾਢੁ ਕੈ ਖਗ ਸੁ ਚੰਡਿਕਾ ਮਿਆਨ ਤੇ ਤਾ ਤਨ ਬੀਚ ਭਲੇ ਬਰਿ ਲਾਇਓ ॥

काढु कै खग सु चंडिका मिआन ते ता तन बीच भले बरि लाइओ ॥

kaadd kai khag su cha(n)ddikaa miaan te taa tan beech bhale bar laio ||

ਟੂਟ ਪਰਿਓ ਸਿਰ ਵਾ ਧਰਿ ਤੇ ਜਸੁ ਇਆ ਛਬਿ ਕੋ ਕਵਿ ਕੇ ਮਨਿ ਆਇਓ ॥

टूट परिओ सिर वा धरि ते जसु इआ छबि को कवि के मनि आइओ ॥

TooT pario sir vaa dhar te jas iaa chhab ko kav ke man aaio ||

ਊਚ ਧਰਾਧਰ ਊਪਰ ਤੇ ਗਿਰਿਓ ਕਾਕ ਕਰਾਲ ਭੁਜੰਗਮ ਖਾਇਓ ॥੧੯੭॥

ऊच धराधर ऊपर ते गिरिओ काक कराल भुजंगम खाइओ ॥१९७॥

uooch dharaadhar uoopar te girio kaak karaal bhuja(n)gam khaio ||197||


ਬੀਰ ਨਿਸੁੰਭ ਕੋ ਦੈਤ ਬਲੀ ਇਕ ਪ੍ਰੇਰਿ ਤੁਰੰਗ ਗਇਓ ਰਨਿ ਸਾਮੁਹਿ ॥

बीर निसुँभ को दैत बली इक प्रेरि तुरंग गइओ रनि सामुहि ॥

beer nisu(n)bh ko dhait balee ik prer tura(n)g gio ran saamuh ||

ਦੇਖਤ ਧੀਰਜ ਨਾਹਿ ਰਹੈ ਅਬਿ ਕੋ ਸਮਰਥ ਹੈ ਬਿਕ੍ਰਮ ਜਾ ਮਹਿ ॥

देखत धीरज नाहि रहै अबि को समरथ है बिक्रम जा महि ॥

dhekhat dheeraj naeh rahai ab ko samarath hai bikram jaa meh ||

ਚੰਡਿ ਲੈ ਪਾਨਿ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਹਨੇ ਅਰਿ ਫੇਰਿ ਦਈ ਸਿਰ ਦਾਨਵ ਤਾ ਮਹਿ ॥

चंडि लै पानि कृपान हने अरि फेरि दई सिर दानव ता महि ॥

cha(n)dd lai paan kirapaan hane ar fer dhiee sir dhaanav taa meh ||

ਮੁੰਡਹਿ ਤੁੰਡਹਿ ਰੁੰਡਹਿ ਚੀਰਿ ਪਲਾਨ ਕਿਕਾਨ ਧਸੀ ਬਸੁਧਾ ਮਹਿ ॥੧੯੮॥

मुँडहि तुँडहि रुँडहि चीरि पलान किकान धसी बसुधा महि ॥१९८॥

mu(n)ddeh tu(n)ddeh ru(n)ddeh cheer palaan kikaan dhasee basudhaa meh ||198||


ਇਉ ਜਬ ਦੈਤ ਹਤਿਓ ਬਰ ਚੰਡਿ ਸੁ ਅਉਰ ਚਲਿਓ ਰਨ ਮਧਿ ਪਚਾਰੇ ॥

इउ जब दैत हतिओ बर चंडि सु अउर चलिओ रन मधि पचारे ॥

eiau jab dhait hatio bar cha(n)dd su aaur chalio ran madh pachaare ||

ਕੇਹਰਿ ਕੇ ਸਮੁਹਾਇ ਰਿਸਾਇ ਕੈ ਧਾਇ ਕੈ ਘਾਇ ਦੁ ਤੀਨਕ ਝਾਰੇ ॥

केहरि के समुहाइ रिसाइ कै धाइ कै घाइ दु तीनक झारे ॥

kehar ke samuhai risai kai dhai kai ghai dh teenak jhaare ||

ਚੰਡਿ ਲਈ ਕਰਵਾਰ ਸੰਭਾਰ ਹਕਾਰ ਕੈ ਸੀਸ ਦਈ ਬਲੁ ਧਾਰੇ ॥

चंडि लई करवार संभार हकार कै सीस दई बलु धारे ॥

cha(n)dd liee karavaar sa(n)bhaar hakaar kai sees dhiee bal dhaare ||

ਜਾਇ ਪਰਿਓ ਸਿਰ ਦੂਰ ਪਰਾਇ ਜਿਉ ਟੂਟਤ ਅੰਬੁ ਬਯਾਰ ਕੇ ਮਾਰੇ ॥੧੯੯॥

जाइ परिओ सिर दूर पराइ जिउ टूटत अंबु बयार के मारे ॥१९९॥

jai pario sir dhoor parai jiau TooTat a(n)b bayaar ke maare ||199||


ਜਾਨਿ ਨਿਦਾਨ ਕੋ ਜੁਧੁ ਬਨਿਓ ਰਨਿ ਦੈਤ ਸਬੂਹ ਸਬੈ ਉਠਿ ਧਾਏ ॥

जानि निदान को जुधु बनिओ रनि दैत सबूह सबै उठि धाए ॥

jaan nidhaan ko judh banio ran dhait sabooh sabai uTh dhaae ||

ਸਾਰ ਸੋ ਸਾਰ ਕੀ ਮਾਰ ਮਚੀ ਤਬ ਕਾਇਰ ਛਾਡ ਕੈ ਖੇਤ ਪਰਾਏ ॥

सार सो सार की मार मची तब काइर छाड कै खेत पराए ॥

saar so saar kee maar machee tab kair chhaadd kai khet paraae ||

ਚੰਡਿ ਕੇ ਖਗ ਗਦਾ ਲਗਿ ਦਾਨਵ ਰੰਚਕ ਰੰਚਕ ਹੁਇ ਤਨ ਆਏ ॥

चंडि के खग गदा लगि दानव रंचक रंचक हुइ तन आए ॥

cha(n)dd ke khag gadhaa lag dhaanav ra(n)chak ra(n)chak hui tan aae ||

ਮੂੰਗਰ ਲਾਇ ਹਲਾਇ ਮਨੋ ਤਰੁ ਕਾਛੀ ਨੇ ਪੇਡ ਤੇ ਤੂਤ ਗਿਰਾਏ ॥੨੦੦॥

मूँगर लाइ हलाइ मनो तरु काछी ने पेड ते तूत गिराए ॥२००॥

moo(n)gar lai halai mano tar kaachhee ne pedd te toot giraae ||200||


ਪੇਖਿ ਚਮੂੰ ਬਹੁ ਦੈਤਨ ਕੀ ਪੁਨਿ ਚੰਡਿਕਾ ਆਪਨੇ ਸਸਤ੍ਰ ਸੰਭਾਰੇ ॥

पेखि चमूँ बहु दैतन की पुनि चंडिका आपने ससत्र संभारे ॥

pekh chamoo(n) bahu dhaitan kee pun cha(n)ddikaa aapane sasatr sa(n)bhaare ||

ਬੀਰਨ ਕੇ ਤਨ ਚੀਰਿ ਪਚੀਰ ਸੇ ਦੈਤ ਹਕਾਰ ਪਛਾਰਿ ਸੰਘਾਰੇ ॥

बीरन के तन चीरि पचीर से दैत हकार पछारि संघारे ॥

beeran ke tan cheer pacheer se dhait hakaar pachhaar sa(n)ghaare ||

ਘਾਉ ਲਗੇ ਤਿਨ ਕੋ ਰਨ ਭੂਮਿ ਮੈ ਟੂਟ ਪਰੇ ਧਰ ਤੇ ਸਿਰ ਨਿਆਰੇ ॥

घाउ लगे तिन को रन भूमि मै टूट परे धर ते सिर निआरे ॥

ghaau lage tin ko ran bhoom mai TooT pare dhar te sir niaare ||

ਜੁਧ ਸਮੈ ਸੁਤ ਭਾਨ ਮਨੋ ਸਸਿ ਕੇ ਸਭ ਟੂਕ ਜੁਦੇ ਕਰ ਡਾਰੇ ॥੨੦੧॥

जुध समै सुत भान मनो ससि के सभ टूक जुदे कर डारे ॥२०१॥

judh samai sut bhaan mano sas ke sabh Took judhe kar ddaare ||201||


ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਤਬੈ ਬਲ ਧਾਰਿ ਸੰਭਾਰਿ ਲਈ ਕਰਵਾਰ ਕਰੀ ਕਰਿ ॥

चंडि प्रचंड तबै बल धारि संभारि लई करवार करी करि ॥

cha(n)dd pracha(n)dd tabai bal dhaar sa(n)bhaar liee karavaar karee kar ||

ਕੋਪ ਦਈਅ ਨਿਸੁੰਭ ਕੇ ਸੀਸਿ ਬਹੀ ਇਹ ਭਾਤ ਰਹੀ ਤਰਵਾ ਤਰਿ ॥

कोप दईअ निसुँभ के सीसि बही इह भात रही तरवा तरि ॥

kop dhieea nisu(n)bh ke sees bahee ieh bhaat rahee taravaa tar ||

ਕਉਨ ਸਰਾਹਿ ਕਰੈ ਕਹਿ ਤਾ ਛਿਨ ਸੋ ਬਿਬ ਹੋਇ ਪਰੈ ਧਰਨੀ ਪਰ ॥

कउन सराहि करै कहि ता छिन सो बिब होइ परै धरनी पर ॥

kaun saraeh karai keh taa chhin so bib hoi parai dharanee par ||

ਮਾਨਹੁ ਸਾਰ ਕੀ ਤਾਰ ਲੈ ਹਾਥਿ ਚਲਾਈ ਹੈ ਸਾਬੁਨ ਕੋ ਸਬੁਨੀਗਰ ॥੨੦੨॥

मानहु सार की तार लै हाथि चलाई है साबुन को सबुनीगर ॥२०२॥

maanahu saar kee taar lai haath chalaiee hai saabun ko sabuneegar ||202||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਮਾਰਕੰਡੇ ਪੁਰਾਨੇ ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ ਨਿਸੁੰਭ ਬਧਹਿ ਖਸਟਮੋ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤਮ ॥੬॥

इति स्री मारकंडे पुराने चंडी चरित्र उकति बिलास निसुँभ बधहि खसटमो धिआइ समापतम ॥६॥

eit sree maaraka(n)dde puraane cha(n)ddee charitr ukat bilaas nisu(n)bh badheh khasaTamo dhiaai samaapatam ||6||



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