Pt 5, Chandi Charitar Ukati Bilas,
ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ,
चंडी चरित्र उकति बिलास


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
---

ਸੋਰਠਾ ॥

सोरठा ॥

soraThaa ||

ਘਾਇਲ ਘੂਮਤ ਕੋਟਿ ਜਾਇ ਪੁਕਾਰੇ ਸੁੰਭ ਪੈ ॥

घाइल घूमत कोटि जाइ पुकारे सुँभ पै ॥

ghail ghoomat koT jai pukaare su(n)bh pai ||

ਮਾਰੇ ਦੇਵੀ ਘੋਟਿ ਸੁਭਟ ਕਟਕ ਕੇ ਬਿਕਟ ਅਤਿ ॥੧੧੭॥

मारे देवी घोटि सुभट कटक के बिकट अति ॥११७॥

maare dhevee ghoT subhaT kaTak ke bikaT at ||117||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਰਾਜ ਗਾਤ ਕੇ ਬਾਤਿ ਇਹ ਕਹੀ ਜੁ ਤਾਹੀ ਠਉਰ ॥

राज गात के बाति इह कही जु ताही ठउर ॥

raaj gaat ke baat ieh kahee ju taahee Thaur ||

ਮਰਿਹੋ ਜੀਅਤਿ ਨ ਛਾਡਿ ਹੋ ਕਹਿਓ ਸਤਿ ਨਹਿ ਅਉਰ ॥੧੧੮॥

मरिहो जीअति न छाडि हो कहिओ सति नहि अउर ॥११८॥

mariho jeeat na chhaadd ho kahio sat neh aaur ||118||


ਤੁੰਡ ਸੁੰਭ ਕੇ ਚੰਡਿਕਾ ਚਢਿ ਬੋਲੀ ਇਹ ਭਾਇ ॥

तुँड सुँभ के चंडिका चढि बोली इह भाइ ॥

tu(n)dd su(n)bh ke cha(n)ddikaa chadd bolee ieh bhai ||

ਮਾਨੋ ਆਪਨੀ ਮ੍ਰਿਤ ਕੋ ਲੀਨੋ ਅਸੁਰ ਬੁਲਾਇ ॥੧੧੯॥

मानो आपनी मृत को लीनो असुर बुलाइ ॥११९॥

maano aapanee mirat ko leeno asur bulai ||119||


ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਸੁ ਦੁਹੂੰ ਮਿਲ ਬੈਠਿ ਮੰਤ੍ਰ ਤਬ ਕੀਨ ॥

सुँभ निसुँभ सु दुहूँ मिल बैठि मंत्र तब कीन ॥

su(n)bh nisu(n)bh su dhuhoo(n) mil baiTh ma(n)tr tab keen ||

ਸੈਨਾ ਸਕਲ ਬੁਲਾਇ ਕੈ ਸੁਭਟ ਬੀਰ ਚੁਨ ਲੀਨ ॥੧੨੦॥

सैना सकल बुलाइ कै सुभट बीर चुन लीन ॥१२०॥

sainaa sakal bulai kai subhaT beer chun leen ||120||


ਰਕਤਬੀਜ ਕੋ ਭੇਜੀਏ ਮੰਤ੍ਰਨ ਕਹੀ ਬਿਚਾਰ ॥

रकतबीज को भेजीए मंत्रन कही बिचार ॥

rakatabeej ko bheje'ee ma(n)tran kahee bichaar ||

ਪਾਥਰ ਜਿਉ ਗਿਰਿ ਡਾਰ ਕੇ ਚੰਡਹਿ ਹਨੈ ਹਕਾਰਿ ॥੧੨੧॥

पाथर जिउ गिरि डार के चंडहि हनै हकारि ॥१२१॥

paathar jiau gir ddaar ke cha(n)ddeh hanai hakaar ||121||


ਸੋਰਠਾ ॥

सोरठा ॥

soraThaa ||

ਭੇਜੋ ਕੋਊ ਦੂਤ ਗ੍ਰਹ ਤੇ ਲਿਆਵੈ ਤਾਹਿ ਕੋ ॥

भेजो कोऊ दूत ग्रह ते लिआवै ताहि को ॥

bhejo kouoo dhoot greh te liaavai taeh ko ||

ਜੀਤਿਓ ਜਿਨਿ ਪੁਰਹੂਤ ਭੁਜਬਲਿ ਜਾ ਕੇ ਅਮਿਤ ਹੈ ॥੧੨੨॥

जीतिओ जिनि पुरहूत भुजबलि जा के अमित है ॥१२२॥

jeetio jin purahoot bhujabal jaa ke amit hai ||122||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸ੍ਰੋਣਤ ਬਿੰਦ ਪੈ ਦੈਤ ਇਕੁ ਗਇਓ ਕਰੀ ਅਰਦਾਸਿ ॥

स्रोणत बिंद पै दैत इकु गइओ करी अरदासि ॥

sronat bi(n)dh pai dhait ik gio karee aradhaas ||

ਰਾਜ ਬੁਲਾਵਤ ਸਭਾ ਮੈ ਬੇਗ ਚਲੋ ਤਿਹ ਪਾਸਿ ॥੧੨੩॥

राज बुलावत सभा मै बेग चलो तिह पासि ॥१२३॥

raaj bulaavat sabhaa mai beg chalo teh paas ||123||


ਰਕਤ ਬੀਜ ਨ੍ਰਿਪ ਸੁੰਭ ਕੋ ਕੀਨੋ ਆਨਿ ਪ੍ਰਨਾਮ ॥

रकत बीज नृप सुँभ को कीनो आनि प्रनाम ॥

rakat beej nirap su(n)bh ko keeno aan pranaam ||

ਅਸੁਰ ਸਭਾ ਮਧਿ ਭਾਉ ਕਰਿ ਕਹਿਓ ਕਰਹੁ ਮਮ ਕਾਮ ॥੧੨੪॥

असुर सभा मधि भाउ करि कहिओ करहु मम काम ॥१२४॥

asur sabhaa madh bhaau kar kahio karahu mam kaam ||124||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਸ੍ਰਉਣਤ ਬਿੰਦ ਕੋ ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਬੁਲਾਇ ਬੈਠਾਇ ਕੈ ਆਦਰੁ ਕੀਨੋ ॥

स्रउणत बिंद को सुँभ निसुँभ बुलाइ बैठाइ कै आदरु कीनो ॥

sraunat bi(n)dh ko su(n)bh nisu(n)bh bulai baiThai kai aadhar keeno ||

ਦੈ ਸਿਰਤਾਜ ਬਡੇ ਗਜਰਾਜ ਸੁ ਬਾਜ ਦਏ ਰਿਝਵਾਇ ਕੈ ਲੀਨੋ ॥

दै सिरताज बडे गजराज सु बाज दए रिझवाइ कै लीनो ॥

dhai sirataaj badde gajaraaj su baaj dhe rijhavai kai leeno ||

ਪਾਨ ਲੈ ਦੈਤ ਕਹੀ ਇਹ ਚੰਡ ਕੋ ਰੁੰਡ ਕਰੋ ਅਬ ਮੁੰਡ ਬਿਹੀਨੋ ॥

पान लै दैत कही इह चंड को रुँड करो अब मुँड बिहीनो ॥

paan lai dhait kahee ieh cha(n)dd ko ru(n)dd karo ab mu(n)dd biheeno ||

ਐਸੇ ਕਹਿਓ ਤਿਨ ਮਧਿ ਸਭਾ ਨ੍ਰਿਪ ਰੀਝ ਕੈ ਮੇਘ ਅਡੰਬਰ ਦੀਨੋ ॥੧੨੫॥

ऐसे कहिओ तिन मधि सभा नृप रीझ कै मेघ अडंबर दीनो ॥१२५॥

aaise kahio tin madh sabhaa nirap reejh kai megh adda(n)bar dheeno ||125||


ਸ੍ਰੋਣਤ ਬਿੰਦ ਕੋ ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਕਹਿਓ ਤੁਮ ਜਾਹੁ ਮਹਾ ਦਲੁ ਲੈ ਕੈ ॥

स्रोणत बिंद को सुँभ निसुँभ कहिओ तुम जाहु महा दलु लै कै ॥

sronat bi(n)dh ko su(n)bh nisu(n)bh kahio tum jaahu mahaa dhal lai kai ||

ਛਾਰ ਕਰੋ ਗਰੂਏ ਗਿਰ ਰਾਜਹਿ ਚੰਡਿ ਪਚਾਰਿ ਹਨੋ ਬਲੁ ਕੈ ਕੈ ॥

छार करो गरूए गिर राजहि चंडि पचारि हनो बलु कै कै ॥

chhaar karo garooe gir raajeh cha(n)dd pachaar hano bal kai kai ||

ਕਾਨਨ ਮੈ ਨ੍ਰਿਪ ਕੀ ਸੁਨੀ ਬਾਤ ਰਿਸਾਤ ਚਲਿਓ ਚੜਿ ਉਪਰ ਗੈ ਕੈ ॥

कानन मै नृप की सुनी बात रिसात चलिओ चड़ि उपर गै कै ॥

kaanan mai nirap kee sunee baat risaat chalio chaR upar gai kai ||

ਮਾਨੋ ਪ੍ਰਤਛ ਹੋਇ ਅੰਤਿਕ ਦੰਤਿ ਕੋ ਲੈ ਕੈ ਚਲਿਓ ਰਨਿ ਹੇਤ ਜੁ ਛੈ ਕੈ ॥੧੨੬॥

मानो प्रतछ होइ अंतिक दंति को लै कै चलिओ रनि हेत जु छै कै ॥१२६॥

maano pratachh hoi a(n)tik dha(n)t ko lai kai chalio ran het ju chhai kai ||126||


ਬੀਜ ਰਕਤ੍ਰ ਸੁ ਬੰਬ ਬਜਾਇ ਕੈ ਆਗੈ ਕੀਏ ਗਜ ਬਾਜ ਰਥਈਆ ॥

बीज रकत्र सु बंब बजाइ कै आगै कीए गज बाज रथईआ ॥

beej rakatr su ba(n)b bajai kai aagai ke'ee gaj baaj rathieeaa ||

ਏਕ ਤੇ ਏਕ ਮਹਾ ਬਲਿ ਦਾਨਵ ਮੇਰ ਕੋ ਪਾਇਨ ਸਾਥ ਮਥਈਆ ॥

एक ते एक महा बलि दानव मेर को पाइन साथ मथईआ ॥

ek te ek mahaa bal dhaanav mer ko pain saath mathieeaa ||

ਦੇਖਿ ਤਿਨੇ ਸੁਭ ਅੰਗ ਸੁ ਦੀਰਘ ਕਉਚ ਸਜੇ ਕਟਿ ਬਾਧਿ ਭਥਈਆ ॥

देखि तिने सुभ अंग सु दीरघ कउच सजे कटि बाधि भथईआ ॥

dhekh tine subh a(n)g su dheeragh kauch saje kaT baadh bhathieeaa ||

ਲੀਨੇ ਕਮਾਨਨ ਬਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਸਮਾਨ ਕੈ ਸਾਥ ਲਏ ਜੋ ਸਥਈਆ ॥੧੨੭॥

लीने कमानन बान कृपान समान कै साथ लए जो सथईआ ॥१२७॥

leene kamaanan baan kirapaan samaan kai saath le jo sathieeaa ||127||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਰਕਤ ਬੀਜ ਦਲ ਸਾਜ ਕੈ ਉਤਰੇ ਤਟਿ ਗਿਰਿ ਰਾਜ ॥

रकत बीज दल साज कै उतरे तटि गिरि राज ॥

rakat beej dhal saaj kai utare taT gir raaj ||

ਸ੍ਰਵਣਿ ਕੁਲਾਹਲ ਸੁਨਿ ਸਿਵਾ ਕਰਿਓ ਜੁਧ ਕੋ ਸਾਜ ॥੧੨੮॥

स्रवणि कुलाहल सुनि सिवा करिओ जुध को साज ॥१२८॥

sravan kulaahal sun sivaa kario judh ko saaj ||128||


ਸੋਰਠਾ ॥

सोरठा ॥

soraThaa ||

ਹੁਇ ਸਿੰਘਹਿ ਅਸਵਾਰ ਗਾਜ ਗਾਜ ਕੈ ਚੰਡਿਕਾ ॥

हुइ सिंघहि असवार गाज गाज कै चंडिका ॥

hui si(n)gheh asavaar gaaj gaaj kai cha(n)ddikaa ||

ਚਲੀ ਪ੍ਰਬਲ ਅਸਿ ਧਾਰਿ ਰਕਤਿ ਬੀਜ ਕੇ ਬਧ ਨਮਿਤ ॥੧੨੯॥

चली प्रबल असि धारि रकति बीज के बध नमित ॥१२९॥

chalee prabal as dhaar rakat beej ke badh namit ||129||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਆਵਤ ਦੇਖ ਕੇ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਕੋ ਸ੍ਰੋਣਤਬਿੰਦ ਮਹਾ ਹਰਖਿਓ ਹੈ ॥

आवत देख के चंडि प्रचंड को स्रोणतबिंद महा हरखिओ है ॥

aavat dhekh ke cha(n)dd pracha(n)dd ko sronatabi(n)dh mahaa harakhio hai ||

ਆਗੇ ਹ੍ਵੈ ਸਤ੍ਰੁ ਧਸੈ ਰਨ ਮਧਿ ਸੁ ਕ੍ਰੁਧ ਕੇ ਜੁਧਹਿ ਕੋ ਸਰਖਿਓ ਹੈ ॥

आगे ह्वै सत्रु धसै रन मधि सु क्रुध के जुधहि को सरखिओ है ॥

aage havai satr dhasai ran madh su krudh ke judheh ko sarakhio hai ||

ਲੈ ਉਮਡਿਓ ਦਲੁ ਬਾਦਲੁ ਸੋ ਕਵਿ ਨੈ ਜਸੁ ਇਆ ਛਬਿ ਕੋ ਪਰਖਿਓ ਹੈ ॥

लै उमडिओ दलु बादलु सो कवि नै जसु इआ छबि को परखिओ है ॥

lai umaddio dhal baadhal so kav nai jas iaa chhab ko parakhio hai ||

ਤੀਰ ਚਲੈ ਇਮ ਬੀਰਨ ਕੇ ਬਹੁ ਮੇਘ ਮਨੋ ਬਲੁ ਕੈ ਬਰਖਿਓ ਹੈ ॥੧੩੦॥

तीर चलै इम बीरन के बहु मेघ मनो बलु कै बरखिओ है ॥१३०॥

teer chalai im beeran ke bahu megh mano bal kai barakhio hai ||130||


ਬੀਰਨ ਕੇ ਕਰ ਤੇ ਛੁਟਿ ਤੀਰ ਸਰੀਰਨ ਚੀਰ ਕੇ ਪਾਰਿ ਪਰਾਨੇ ॥

बीरन के कर ते छुटि तीर सरीरन चीर के पारि पराने ॥

beeran ke kar te chhuT teer sareeran cheer ke paar paraane ||

ਤੋਰ ਸਰਾਸਨ ਫੋਰ ਕੈ ਕਉਚਨ ਮੀਨਨ ਕੇ ਰਿਪੁ ਜਿਉ ਥਹਰਾਨੇ ॥

तोर सरासन फोर कै कउचन मीनन के रिपु जिउ थहराने ॥

tor saraasan for kai kauchan meenan ke rip jiau thaharaane ||

ਘਾਉ ਲਗੇ ਤਨ ਚੰਡਿ ਅਨੇਕ ਸੁ ਸ੍ਰਉਣ ਚਲਿਓ ਬਹਿ ਕੈ ਸਰਤਾਨੇ ॥

घाउ लगे तन चंडि अनेक सु स्रउण चलिओ बहि कै सरताने ॥

ghaau lage tan cha(n)dd anek su sraun chalio beh kai sarataane ||

ਮਾਨਹੁ ਫਾਰਿ ਪਹਾਰ ਹੂੰ ਕੋ ਸੁਤ ਤਛਕ ਕੇ ਨਿਕਸੇ ਕਰ ਬਾਨੇ ॥੧੩੧॥

मानहु फारि पहार हूँ को सुत तछक के निकसे कर बाने ॥१३१॥

maanahu faar pahaar hoo(n) ko sut tachhak ke nikase kar baane ||131||


ਬੀਰਨ ਕੇ ਕਰ ਤੇ ਛੁਟਿ ਤੀਰ ਸੁ ਚੰਡਿਕਾ ਸਿੰਘਨ ਜਿਉ ਭਭਕਾਰੀ ॥

बीरन के कर ते छुटि तीर सु चंडिका सिंघन जिउ भभकारी ॥

beeran ke kar te chhuT teer su cha(n)ddikaa si(n)ghan jiau bhabhakaaree ||

ਲੈ ਕਰਿ ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਗਦਾ ਗਹਿ ਚਕ੍ਰ ਛੁਰੀ ਅਉ ਕਟਾਰੀ ॥

लै करि बान कमान कृपान गदा गहि चक्र छुरी अउ कटारी ॥

lai kar baan kamaan kirapaan gadhaa geh chakr chhuree aau kaTaaree ||

ਕਾਟ ਕੈ ਦਾਮਨ ਛੇਦ ਕੈ ਭੇਦ ਕੈ ਸਿੰਧੁਰ ਕੀ ਕਰੀ ਭਿੰਨ ਅੰਬਾਰੀ ॥

काट कै दामन छेद कै भेद कै सिंधुर की करी भिंन अंबारी ॥

kaaT kai dhaaman chhedh kai bhedh kai si(n)dhur kee karee bhi(n)n a(n)baaree ||

ਮਾਨਹੁ ਆਗ ਲਗਾਇ ਹਨੂ ਗੜ ਲੰਕ ਅਵਾਸ ਕੀ ਡਾਰੀ ਅਟਾਰੀ ॥੧੩੨॥

मानहु आग लगाइ हनू गड़ लंक अवास की डारी अटारी ॥१३२॥

maanahu aag lagai hanoo gaR la(n)k avaas kee ddaaree aTaaree ||132||


ਤੋਰ ਕੈ ਮੋਰ ਕੈ ਦੈਤਨ ਕੇ ਮੁਖ ਘੋਰ ਕੇ ਚੰਡਿ ਮਹਾ ਅਸਿ ਲੀਨੋ ॥

तोर कै मोर कै दैतन के मुख घोर के चंडि महा असि लीनो ॥

tor kai mor kai dhaitan ke mukh ghor ke cha(n)dd mahaa as leeno ||

ਜੋਰ ਕੈ ਕੋਰ ਕੈ ਠੋਰ ਕੈ ਬੀਰ ਸੁ ਰਾਛਸ ਕੋ ਹਤਿ ਕੈ ਤਿਹ ਦੀਨੋ ॥

जोर कै कोर कै ठोर कै बीर सु राछस को हति कै तिह दीनो ॥

jor kai kor kai Thor kai beer su raachhas ko hat kai teh dheeno ||

ਖੋਰ ਕੈ ਤੋਰ ਕੈ ਬੋਰ ਕੈ ਦਾਨਵ ਲੈ ਤਿਨ ਕੇ ਕਰੇ ਹਾਡ ਚਬੀਨੋ ॥

खोर कै तोर कै बोर कै दानव लै तिन के करे हाड चबीनो ॥

khor kai tor kai bor kai dhaanav lai tin ke kare haadd chabeeno ||

ਸ੍ਰਉਣ ਕੋ ਪਾਨ ਕਰਿਓ ਜਿਉ ਦਵਾ ਹਰਿ ਸਾਗਰ ਕੋ ਜਲ ਜਿਉ ਰਿਖਿ ਪੀਨੋ ॥੧੩੩॥

स्रउण को पान करिओ जिउ दवा हरि सागर को जल जिउ रिखि पीनो ॥१३३॥

sraun ko paan kario jiau dhavaa har saagar ko jal jiau rikh peeno ||133||


ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਕੁਵੰਡ ਕਰੰ ਗਹਿ ਜੁਧ ਕਰਿਓ ਨ ਗਨੇ ਭਟ ਆਨੇ ॥

चंडि प्रचंड कुवंड करं गहि जुध करिओ न गने भट आने ॥

cha(n)dd pracha(n)dd kuva(n)dd kara(n) geh judh kario na gane bhaT aane ||

ਮਾਰਿ ਦਈ ਸਭ ਦੈਤ ਚਮੂੰ ਤਿਹ ਸ੍ਰਉਣਤ ਜੰਬੁਕ ਗ੍ਰਿਝ ਅਘਾਨੇ ॥

मारि दई सभ दैत चमूँ तिह स्रउणत जंबुक गृझ अघाने ॥

maar dhiee sabh dhait chamoo(n) teh sraunat ja(n)buk girajh aghaane ||

ਭਾਲ ਭਇਆਨਕ ਦੇਖਿ ਭਵਾਨੀ ਕੋ ਦਾਨਵ ਇਉ ਰਨ ਛਾਡਿ ਪਰਾਨੇ ॥

भाल भइआनक देखि भवानी को दानव इउ रन छाडि पराने ॥

bhaal bhiaanak dhekh bhavaanee ko dhaanav iau ran chhaadd paraane ||

ਪਉਨ ਕੇ ਗਉਨ ਕੇ ਤੇਜ ਪ੍ਰਤਾਪ ਤੇ ਪੀਪਰ ਕੇ ਜਿਉ ਪਾਤ ਉਡਾਨੇ ॥੧੩੪॥

पउन के गउन के तेज प्रताप ते पीपर के जिउ पात उडाने ॥१३४॥

paun ke gaun ke tej prataap te peepar ke jiau paat uddaane ||134||


ਆਹਵ ਮੈ ਖਿਝ ਕੈ ਬਰ ਚੰਡ ਕਰੰ ਧਰ ਕੈ ਹਰਿ ਪੈ ਅਰਿ ਮਾਰੇ ॥

आहव मै खिझ कै बर चंड करं धर कै हरि पै अरि मारे ॥

aahav mai khijh kai bar cha(n)dd kara(n) dhar kai har pai ar maare ||

ਏਕਨ ਤੀਰਨ ਚਕ੍ਰ ਗਦਾ ਹਤਿ ਏਕਨ ਕੇ ਤਨ ਕੇਹਰਿ ਫਾਰੇ ॥

एकन तीरन चक्र गदा हति एकन के तन केहरि फारे ॥

ekan teeran chakr gadhaa hat ekan ke tan kehar faare ||

ਹੈ ਦਲ ਗੈ ਦਲ ਪੈਦਲ ਘਾਇ ਕੈ ਮਾਰ ਰਥੀ ਬਿਰਥੀ ਕਰ ਡਾਰੇ ॥

है दल गै दल पैदल घाइ कै मार रथी बिरथी कर डारे ॥

hai dhal gai dhal paidhal ghai kai maar rathee birathee kar ddaare ||

ਸਿੰਧੁਰ ਐਸੇ ਪਰੇ ਤਿਹ ਠਉਰ ਜਿਉ ਭੂਮ ਮੈ ਝੂਮਿ ਗਿਰੇ ਗਿਰ ਭਾਰੇ ॥੧੩੫॥

सिंधुर ऐसे परे तिह ठउर जिउ भूम मै झूमि गिरे गिर भारे ॥१३५॥

si(n)dhur aaise pare teh Thaur jiau bhoom mai jhoom gire gir bhaare ||135||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਰਕਤ ਬੀਜ ਕੀ ਚਮੂੰ ਸਭ ਭਾਗੀ ਕਰਿ ਤਿਹ ਤ੍ਰਾਸ ॥

रकत बीज की चमूँ सभ भागी करि तिह त्रास ॥

rakat beej kee chamoo(n) sabh bhaagee kar teh traas ||

ਕਹਿਓ ਦੈਤ ਪੁਨਿ ਘੇਰ ਕੈ ਕਰੋ ਚੰਡਿ ਕੋ ਨਾਸ ॥੧੩੬॥

कहिओ दैत पुनि घेर कै करो चंडि को नास ॥१३६॥

kahio dhait pun gher kai karo cha(n)dd ko naas ||136||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਕਾਨਨ ਮੈ ਸੁਨਿ ਕੈ ਇਹ ਬਾਤ ਸੁ ਬੀਰ ਫਿਰੇ ਕਰ ਮੈ ਅਸਿ ਲੈ ਲੈ ॥

कानन मै सुनि कै इह बात सु बीर फिरे कर मै असि लै लै ॥

kaanan mai sun kai ieh baat su beer fire kar mai as lai lai ||

ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਸੋ ਜੁਧੁ ਕਰਿਓ ਬਲਿ ਕੈ ਅਤ ਹੀ ਮਨ ਕ੍ਰੁਧਤ ਹ੍ਵੈ ਕੈ ॥

चंडि प्रचंड सो जुधु करिओ बलि कै अत ही मन क्रुधत ह्वै कै ॥

cha(n)dd pracha(n)dd so judh kario bal kai at hee man krudhat havai kai ||

ਘਾਉ ਲਗੈ ਤਿਨ ਕੇ ਤਨ ਮੈ ਇਮ ਸ੍ਰਉਣ ਗਿਰਿਓ ਧਰਨੀ ਪਰੁ ਚੁਐ ਕੈ ॥

घाउ लगै तिन के तन मै इम स्रउण गिरिओ धरनी परु चुऐ कै ॥

ghaau lagai tin ke tan mai im sraun girio dharanee par chuaai kai ||

ਆਗ ਲਗੇ ਜਿਮੁ ਕਾਨਨ ਮੈ ਤਨ ਤਿਉ ਰਹੀ ਬਾਨਨ ਕੀ ਧੁਨਿ ਹ੍ਵੈ ਕੈ ॥੧੩੭॥

आग लगे जिमु कानन मै तन तिउ रही बानन की धुनि ह्वै कै ॥१३७॥

aag lage jim kaanan mai tan tiau rahee baanan kee dhun havai kai ||137||


ਆਇਸ ਪਾਇ ਕੈ ਦਾਨਵ ਕੋ ਦਲ ਚੰਡਿ ਕੇ ਸਾਮੁਹੇ ਆਇ ਅਰਿਓ ਹੈ ॥

आइस पाइ कै दानव को दल चंडि के सामुहे आइ अरिओ है ॥

aais pai kai dhaanav ko dhal cha(n)dd ke saamuhe aai ario hai ||

ਢਾਰ ਅਉ ਸਾਗ ਕ੍ਰਿਪਾਨਨਿ ਲੈ ਕਰ ਮੈ ਬਰ ਬੀਰਨ ਜੁਧ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥

ढार अउ साग कृपाननि लै कर मै बर बीरन जुध करिओ है ॥

ddaar aau saag kirapaanan lai kar mai bar beeran judh kario hai ||

ਫੇਰ ਫਿਰੇ ਨਹਿ ਆਹਵ ਤੇ ਮਨ ਮਹਿ ਤਿਹ ਧੀਰਜ ਗਾਢੋ ਧਰਿਓ ਹੈ ॥

फेर फिरे नहि आहव ते मन महि तिह धीरज गाढो धरिओ है ॥

fer fire neh aahav te man meh teh dheeraj gaaddo dhario hai ||

ਰੋਕ ਲਈ ਚਹੂੰ ਓਰ ਤੇ ਚੰਡਿ ਸੁ ਭਾਨ ਮਨੋ ਪਰਬੇਖ ਪਰਿਓ ਹੈ ॥੧੩੮॥

रोक लई चहूँ ओर ते चंडि सु भान मनो परबेख परिओ है ॥१३८॥

rok liee chahoo(n) or te cha(n)dd su bhaan mano parabekh pario hai ||138||


ਕੋਪ ਕੈ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਕੁਵੰਡ ਮਹਾ ਬਲ ਕੈ ਬਲਵੰਡ ਸੰਭਾਰਿਓ ॥

कोप कै चंडि प्रचंड कुवंड महा बल कै बलवंड संभारिओ ॥

kop kai cha(n)dd pracha(n)dd kuva(n)dd mahaa bal kai balava(n)dd sa(n)bhaario ||

ਦਾਮਿਨਿ ਜਿਉ ਘਨ ਸੇ ਦਲ ਪੈਠਿ ਕੈ ਕੈ ਪੁਰਜੇ ਪੁਰਜੇ ਦਲੁ ਮਾਰਿਓ ॥

दामिनि जिउ घन से दल पैठि कै कै पुरजे पुरजे दलु मारिओ ॥

dhaamin jiau ghan se dhal paiTh kai kai puraje puraje dhal maario ||

ਬਾਨਨਿ ਸਾਥ ਬਿਦਾਰ ਦਏ ਅਰਿ ਤਾ ਛਬਿ ਕੋ ਕਵਿ ਭਾਉ ਬਿਚਾਰਿਓ ॥

बाननि साथ बिदार दए अरि ता छबि को कवि भाउ बिचारिओ ॥

baanan saath bidhaar dhe ar taa chhab ko kav bhaau bichaario ||

ਸੂਰਜ ਕੀ ਕਿਰਨੇ ਸਰਮਾਸਹਿ ਰੇਨ ਅਨੇਕ ਤਹਾ ਕਰਿ ਡਾਰਿਓ ॥੧੩੯॥

सूरज की किरने सरमासहि रेन अनेक तहा करि डारिओ ॥१३९॥

sooraj kee kirane saramaaseh ren anek tahaa kar ddaario ||139||


ਚੰਡਿ ਚਮੂੰ ਬਹੁ ਦੈਤਨ ਕੀ ਹਤਿ ਫੇਰਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਕੁਵੰਡ ਸੰਭਾਰਿਓ ॥

चंडि चमूँ बहु दैतन की हति फेरि प्रचंड कुवंड संभारिओ ॥

cha(n)dd chamoo(n) bahu dhaitan kee hat fer pracha(n)dd kuva(n)dd sa(n)bhaario ||

ਬਾਨਨ ਸੋ ਦਲ ਫੋਰ ਦਇਓ ਬਲ ਕੈ ਬਰ ਸਿੰਘ ਮਹਾ ਭਭਕਾਰਿਓ ॥

बानन सो दल फोर दइओ बल कै बर सिंघ महा भभकारिओ ॥

baanan so dhal for dhio bal kai bar si(n)gh mahaa bhabhakaario ||

ਮਾਰ ਦਏ ਸਿਰਦਾਰ ਬਡੇ ਧਰਿ ਸ੍ਰਉਣ ਬਹਾਇ ਬਡੋ ਰਨ ਪਾਰਿਓ ॥

मार दए सिरदार बडे धरि स्रउण बहाइ बडो रन पारिओ ॥

maar dhe siradhaar badde dhar sraun bahai baddo ran paario ||

ਏਕ ਕੇ ਸੀਸ ਦਇਓ ਧਨੁ ਯੌ ਜਨੁ ਕੋਪ ਕੈ ਗਾਜ ਨੇ ਮੰਡਪ ਮਾਰਿਓ ॥੧੪੦॥

एक के सीस दइओ धनु यौ जनु कोप कै गाज ने मंडप मारिओ ॥१४०॥

ek ke sees dhio dhan yau jan kop kai gaaj ne ma(n)ddap maario ||140||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਚੰਡਿ ਚਮੂੰ ਸਭ ਦੈਤ ਕੀ ਐਸੇ ਦਈ ਸੰਘਾਰਿ ॥

चंडि चमूँ सभ दैत की ऐसे दई संघारि ॥

cha(n)dd chamoo(n) sabh dhait kee aaise dhiee sa(n)ghaar ||

ਪਉਨ ਪੂਤ ਜਿਉ ਲੰਕ ਕੋ ਡਾਰਿਓ ਬਾਗ ਉਖਾਰਿ ॥੧੪੧॥

पउन पूत जिउ लंक को डारिओ बाग उखारि ॥१४१॥

paun poot jiau la(n)k ko ddaario baag ukhaar ||141||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਗਾਜ ਕੈ ਚੰਡਿ ਮਹਾਬਲਿ ਮੇਘ ਸੀ ਬੂੰਦਨ ਜਿਉ ਅਰਿ ਪੈ ਸਰ ਡਾਰੇ ॥

गाज कै चंडि महाबलि मेघ सी बूँदन जिउ अरि पै सर डारे ॥

gaaj kai cha(n)dd mahaabal megh see boo(n)dhan jiau ar pai sar ddaare ||

ਦਾਮਿਨਿ ਸੋ ਖਗ ਲੈ ਕਰਿ ਮੈ ਬਹੁ ਬੀਰ ਅਧੰ ਧਰ ਕੈ ਧਰਿ ਮਾਰੇ ॥

दामिनि सो खग लै करि मै बहु बीर अधं धर कै धरि मारे ॥

dhaamin so khag lai kar mai bahu beer adha(n) dhar kai dhar maare ||

ਘਾਇਲ ਘੂਮ ਪਰੇ ਤਿਹ ਇਉ ਉਪਮਾ ਮਨ ਮੈ ਕਵਿ ਯੌ ਅਨੁਸਾਰੇ ॥

घाइल घूम परे तिह इउ उपमा मन मै कवि यौ अनुसारे ॥

ghail ghoom pare teh iau upamaa man mai kav yau anusaare ||

ਸ੍ਰਉਨ ਪ੍ਰਵਾਹ ਮਨੋ ਸਰਤਾ ਤਿਹ ਮਧਿ ਧਸੀ ਕਰਿ ਲੋਥ ਕਰਾਰੇ ॥੧੪੨॥

स्रउन प्रवाह मनो सरता तिह मधि धसी करि लोथ करारे ॥१४२॥

sraun pravaeh mano sarataa teh madh dhasee kar loth karaare ||142||


ਐਸੇ ਪਰੇ ਧਰਨੀ ਪਰ ਬੀਰ ਸੁ ਕੈ ਕੈ ਦੁਖੰਡ ਜੁ ਚੰਡਿਹਿ ਡਾਰੇ ॥

ऐसे परे धरनी पर बीर सु कै कै दुखंड जु चंडिहि डारे ॥

aaise pare dharanee par beer su kai kai dhukha(n)dd ju cha(n)ddeh ddaare ||

ਲੋਥਨ ਉਪਰ ਲੋਥ ਗਿਰੀ ਬਹਿ ਸ੍ਰਉਣ ਚਲਿਓ ਜਨੁ ਕੋਟ ਪਨਾਰੇ ॥

लोथन उपर लोथ गिरी बहि स्रउण चलिओ जनु कोट पनारे ॥

lothan upar loth giree beh sraun chalio jan koT panaare ||

ਲੈ ਕਰਿ ਬਿਯਾਲ ਸੋ ਬਿਯਾਲ ਬਜਾਵਤ ਸੋ ਉਪਮਾ ਕਵਿ ਯੌ ਮਨਿ ਧਾਰੇ ॥

लै करि बियाल सो बियाल बजावत सो उपमा कवि यौ मनि धारे ॥

lai kar biyaal so biyaal bajaavat so upamaa kav yau man dhaare ||

ਮਾਨੋ ਮਹਾ ਪ੍ਰਲਏ ਬਹੇ ਪਉਨ ਸੋ ਆਪਸਿ ਮੈ ਭਿਰ ਹੈ ਗਿਰਿ ਭਾਰੇ ॥੧੪੩॥

मानो महा प्रलए बहे पउन सो आपसि मै भिर है गिरि भारे ॥१४३॥

maano mahaa prale bahe paun so aapas mai bhir hai gir bhaare ||143||


ਲੈ ਕਰ ਮੈ ਅਸਿ ਦਾਰੁਨ ਕਾਮ ਕਰੇ ਰਨ ਮੈ ਅਰਿ ਸੋ ਅਰਿਣੀ ਹੈ ॥

लै कर मै असि दारुन काम करे रन मै अरि सो अरिणी है ॥

lai kar mai as dhaarun kaam kare ran mai ar so arinee hai ||

ਸੂਰ ਹਨੇ ਬਲਿ ਕੈ ਬਲੁਵਾਨ ਸੁ ਸ੍ਰਉਨ ਚਲਿਓ ਬਹਿ ਬੈਤਰਨੀ ਹੈ ॥

सूर हने बलि कै बलुवान सु स्रउन चलिओ बहि बैतरनी है ॥

soor hane bal kai baluvaan su sraun chalio beh baitaranee hai ||

ਬਾਹ ਕਟੀ ਅਧ ਬੀਚ ਤੇ ਸੁੰਡ ਸੀ ਸੋ ਉਪਮਾ ਕਵਿ ਨੇ ਬਰਨੀ ਹੈ ॥

बाह कटी अध बीच ते सुँड सी सो उपमा कवि ने बरनी है ॥

baeh kaTee adh beech te su(n)dd see so upamaa kav ne baranee hai ||

ਆਪਸਿ ਮੈ ਲਰ ਕੈ ਸੁ ਮਨੋ ਗਿਰਿ ਤੇ ਗਿਰੀ ਸਰਪ ਕੀ ਦੁਇ ਘਰਨੀ ਹੈ ॥੧੪੪॥

आपसि मै लर कै सु मनो गिरि ते गिरी सरप की दुइ घरनी है ॥१४४॥

aapas mai lar kai su mano gir te giree sarap kee dhui gharanee hai ||144||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸਕਲ ਪ੍ਰਬਲ ਦਲ ਦੈਤ ਕੋ ਚੰਡੀ ਦਇਓ ਭਜਾਇ ॥

सकल प्रबल दल दैत को चंडी दइओ भजाइ ॥

sakal prabal dhal dhait ko cha(n)ddee dhio bhajai ||

ਪਾਪ ਤਾਪ ਹਰਿ ਜਾਪ ਤੇ ਜੈਸੇ ਜਾਤ ਪਰਾਇ ॥੧੪੫॥

पाप ताप हरि जाप ते जैसे जात पराइ ॥१४५॥

paap taap har jaap te jaise jaat parai ||145||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਭਾਨੁ ਤੇ ਜਿਉ ਤਮ ਪਉਨ ਤੇ ਜਿਉ ਘਨੁ ਮੋਰ ਤੇ ਜਿਉ ਫਨਿ ਤਿਉ ਸੁਕਚਾਨੇ ॥

भानु ते जिउ तम पउन ते जिउ घनु मोर ते जिउ फनि तिउ सुकचाने ॥

bhaan te jiau tam paun te jiau ghan mor te jiau fan tiau sukachaane ||

ਸੂਰ ਤੇ ਕਾਤੁਰੁ ਕੂਰ ਤੇ ਚਾਤੁਰੁ ਸਿੰਘ ਤੇ ਸਾਤੁਰ ਏਣਿ ਡਰਾਨੇ ॥

सूर ते कातुरु कूर ते चातुरु सिंघ ते सातुर एणि डराने ॥

soor te kaatur koor te chaatur si(n)gh te saatur en ddaraane ||

ਸੂਮ ਤੇ ਜਿਉ ਜਸੁ ਬਿਓਗ ਤੇ ਜਿਉ ਰਸੁ ਪੂਤ ਕਪੂਤ ਤੇ ਜਿਉ ਬੰਸੁ ਹਾਨੇ ॥

सूम ते जिउ जसु बिओग ते जिउ रसु पूत कपूत ते जिउ बंसु हाने ॥

soom te jiau jas biog te jiau ras poot kapoot te jiau ba(n)s haane ||

ਧਰਮ ਜਿਉ ਕ੍ਰੁਧ ਤੇ ਭਰਮ ਸੁਬੁਧ ਤੇ ਚੰਡ ਕੇ ਜੁਧ ਤੇ ਦੈਤ ਪਰਾਨੇ ॥੧੪੬॥

धरम जिउ क्रुध ते भरम सुबुध ते चंड के जुध ते दैत पराने ॥१४६॥

dharam jiau krudh te bharam subudh te cha(n)dd ke judh te dhait paraane ||146||


ਫੇਰ ਫਿਰੈ ਸਭ ਜੁਧ ਕੇ ਕਾਰਨ ਲੈ ਕਰਵਾਨ ਕ੍ਰੁਧ ਹੁਇ ਧਾਏ ॥

फेर फिरै सभ जुध के कारन लै करवान क्रुध हुइ धाए ॥

fer firai sabh judh ke kaaran lai karavaan krudh hui dhaae ||

ਏਕ ਲੈ ਬਾਨ ਕਮਾਨਨ ਤਾਨ ਕੈ ਤੂਰਨ ਤੇਜ ਤੁਰੰਗ ਤੁਰਾਏ ॥

एक लै बान कमानन तान कै तूरन तेज तुरंग तुराए ॥

ek lai baan kamaanan taan kai tooran tej tura(n)g turaae ||

ਧੂਰਿ ਉਡੀ ਖੁਰ ਪੂਰਨ ਤੇ ਪਥ ਊਰਧ ਹੁਇ ਰਵਿ ਮੰਡਲ ਛਾਏ ॥

धूरि उडी खुर पूरन ते पथ ऊरध हुइ रवि मंडल छाए ॥

dhoor uddee khur pooran te path uooradh hui rav ma(n)ddal chhaae ||

ਮਾਨਹੁ ਫੇਰ ਰਚੇ ਬਿਧਿ ਲੋਕ ਧਰਾ ਖਟ ਆਠ ਅਕਾਸ ਬਨਾਏ ॥੧੪੭॥

मानहु फेर रचे बिधि लोक धरा खट आठ अकास बनाए ॥१४७॥

maanahu fer rache bidh lok dharaa khaT aaTh akaas banaae ||147||


ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਕੁਵੰਡ ਲੈ ਬਾਨਨਿ ਦੈਤਨ ਕੇ ਤਨ ਤੂਲਿ ਜਿਉ ਤੂੰਬੇ ॥

चंड प्रचंड कुवंड लै बाननि दैतन के तन तूलि जिउ तूँबे ॥

cha(n)dd pracha(n)dd kuva(n)dd lai baanan dhaitan ke tan tool jiau too(n)be ||

ਮਾਰ ਗਇੰਦ ਦਏ ਕਰਵਾਰ ਲੈ ਦਾਨਵ ਮਾਨ ਗਇਓ ਉਡ ਪੂੰਬੇ ॥

मार गइंद दए करवार लै दानव मान गइओ उड पूँबे ॥

maar gi(n)dh dhe karavaar lai dhaanav maan gio udd poo(n)be ||

ਬੀਰਨ ਕੇ ਸਿਰ ਕੀ ਸਿਤ ਪਾਗ ਚਲੀ ਬਹਿ ਸ੍ਰੋਨਤ ਊਪਰ ਖੂੰਬੇ ॥

बीरन के सिर की सित पाग चली बहि स्रोनत ऊपर खूँबे ॥

beeran ke sir kee sit paag chalee beh sronat uoopar khoo(n)be ||

ਮਾਨਹੁ ਸਾਰਸੁਤੀ ਕੇ ਪ੍ਰਵਾਹ ਮੈ ਸੂਰਨ ਕੇ ਜਸ ਕੈ ਉਠੇ ਬੂੰਬੇ ॥੧੪੮॥

मानहु सारसुती के प्रवाह मै सूरन के जस कै उठे बूँबे ॥१४८॥

maanahu saarasutee ke pravaeh mai sooran ke jas kai uThe boo(n)be ||148||


ਦੇਤਨ ਸਾਥ ਗਦਾ ਗਹਿ ਹਾਥਿ ਸੁ ਕ੍ਰੁਧ ਹ੍ਵੈ ਜੁਧੁ ਨਿਸੰਗ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥

देतन साथ गदा गहि हाथि सु क्रुध ह्वै जुधु निसंग करिओ है ॥

dhetan saath gadhaa geh haath su krudh havai judh nisa(n)g kario hai ||

ਪਾਨਿ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਲਏ ਬਲਵਾਨ ਸੁ ਮਾਰ ਤਬੈ ਦਲ ਛਾਰ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥

पानि कृपान लए बलवान सु मार तबै दल छार करिओ है ॥

paan kirapaan le balavaan su maar tabai dhal chhaar kario hai ||

ਪਾਗ ਸਮੇਤ ਗਿਰਿਓ ਸਿਰ ਏਕ ਕੋ ਭਾਉ ਇਹੇ ਕਬਿ ਤਾ ਕੋ ਧਰਿਓ ਹੈ ॥

पाग समेत गिरिओ सिर एक को भाउ इहे कबि ता को धरिओ है ॥

paag samet girio sir ek ko bhaau ihe kab taa ko dhario hai ||

ਪੂਰਨਿ ਪੁੰਨ ਪਏ ਨਭ ਤੇ ਸੁ ਮਨੋ ਭੁਅ ਟੂਟ ਨਛਤ੍ਰ ਪਰਿਓ ਹੈ ॥੧੪੯॥

पूरनि पुँन पए नभ ते सु मनो भुअ टूट नछत्र परिओ है ॥१४९॥

pooran pu(n)n pe nabh te su mano bhua TooT nachhatr pario hai ||149||


ਬਾਰਿਦ ਬਾਰਨ ਜਿਉ ਨਿਰਵਾਰਿ ਮਹਾ ਬਲ ਧਾਰਿ ਤਬੇ ਇਹ ਕੀਆ ॥

बारिद बारन जिउ निरवारि महा बल धारि तबे इह कीआ ॥

baaridh baaran jiau niravaar mahaa bal dhaar tabe ieh keeaa ||

ਪਾਨਿ ਲੈ ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਕੋ ਤਾਨਿ ਸੰਘਾਰ ਸਨੇਹ ਤੇ ਸ੍ਰਉਨਤ ਪੀਆ ॥

पानि लै बान कमान को तानि संघार सनेह ते स्रउनत पीआ ॥

paan lai baan kamaan ko taan sa(n)ghaar saneh te sraunat peeaa ||

ਏਕ ਗਏ ਕੁਮਲਾਇ ਪਰਾਇ ਕੈ ਏਕਨ ਕੋ ਧਰਕਿਓ ਤਨਿ ਹੀਆ ॥

एक गए कुमलाइ पराइ कै एकन को धरकिओ तनि हीआ ॥

ek ge kumalai parai kai ekan ko dharakio tan heeaa ||

ਚੰਡ ਕੇ ਬਾਨ ਕਿਧੋ ਕਰ ਭਾਨਹਿ ਦੇਖਿ ਕੈ ਦੈਤ ਗਈ ਦੁਤਿ ਦੀਆ ॥੧੫੦॥

चंड के बान किधो कर भानहि देखि कै दैत गई दुति दीआ ॥१५०॥

cha(n)dd ke baan kidho kar bhaaneh dhekh kai dhait giee dhut dheeaa ||150||


ਲੈ ਕਰ ਮੈ ਅਸਿ ਕੋਪ ਭਈ ਅਤਿ ਧਾਰ ਮਹਾ ਬਲ ਕੋ ਰਨ ਪਾਰਿਓ ॥

लै कर मै असि कोप भई अति धार महा बल को रन पारिओ ॥

lai kar mai as kop bhiee at dhaar mahaa bal ko ran paario ||

ਦਉਰ ਕੈ ਠਉਰ ਹਤੇ ਬਹੁ ਦਾਨਵ ਏਕ ਗਇੰਦ੍ਰ ਬਡੋ ਰਨਿ ਮਾਰਿਓ ॥

दउर कै ठउर हते बहु दानव एक गइंद्र बडो रनि मारिओ ॥

dhaur kai Thaur hate bahu dhaanav ek gi(n)dhr baddo ran maario ||

ਕਉਤਕਿ ਤਾ ਛਬਿ ਕੋ ਰਨ ਪੇਖਿ ਤਬੈ ਕਬਿ ਇਉ ਮਨ ਮਧਿ ਬਿਚਾਰਿਓ ॥

कउतकि ता छबि को रन पेखि तबै कबि इउ मन मधि बिचारिओ ॥

kautak taa chhab ko ran pekh tabai kab iau man madh bichaario ||

ਸਾਗਰ ਬਾਧਨ ਕੇ ਸਮਏ ਨਲ ਮਾਨੋ ਪਹਾਰ ਉਖਾਰ ਕੇ ਡਾਰਿਓ ॥੧੫੧॥

सागर बाधन के समए नल मानो पहार उखार के डारिओ ॥१५१॥

saagar baadhan ke same nal maano pahaar ukhaar ke ddaario ||151||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਮਾਰ ਜਬੈ ਸੈਨਾ ਲਈ ਤਬੈ ਦੈਤ ਇਹ ਕੀਨ ॥

मार जबै सैना लई तबै दैत इह कीन ॥

maar jabai sainaa liee tabai dhait ieh keen ||

ਸਸਤ੍ਰ ਧਾਰ ਕਰਿ ਚੰਡਿ ਕੇ ਬਧਿਬੇ ਕੋ ਮਨ ਦੀਨ ॥੧੫੨॥

ससत्र धार करि चंडि के बधिबे को मन दीन ॥१५२॥

sasatr dhaar kar cha(n)dd ke badhibe ko man dheen ||152||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਬਾਹਨਿ ਸਿੰਘ ਭਇਆਨਕ ਰੂਪ ਲਖਿਓ ਸਭ ਦੈਤ ਮਹਾ ਡਰ ਪਾਇਓ ॥

बाहनि सिंघ भइआनक रूप लखिओ सभ दैत महा डर पाइओ ॥

baahan si(n)gh bhiaanak roop lakhio sabh dhait mahaa ddar paio ||

ਸੰਖ ਲੀਏ ਕਰਿ ਚਕ੍ਰ ਅਉ ਬਕ੍ਰ ਸਰਾਸਨ ਪਤ੍ਰ ਬਚਿਤ੍ਰ ਬਨਾਇਓ ॥

संख लीए करि चक्र अउ बक्र सरासन पत्र बचित्र बनाइओ ॥

sa(n)kh le'ee kar chakr aau bakr saraasan patr bachitr banaio ||

ਧਾਇ ਭੁਜਾ ਬਲ ਆਪਨ ਹ੍ਵੈ ਹਮ ਸੋ ਤਿਨ ਯੌ ਅਤਿ ਜੁਧੁ ਮਚਾਇਓ ॥

धाइ भुजा बल आपन ह्वै हम सो तिन यौ अति जुधु मचाइओ ॥

dhai bhujaa bal aapan havai ham so tin yau at judh machaio ||

ਕ੍ਰੋਧ ਕੈ ਸ੍ਰਉਣਤ ਬਿੰਦ ਕਹੈ ਰਨਿ ਇਆਹੀ ਤੇ ਚੰਡਿਕਾ ਨਾਮ ਕਹਾਇਓ ॥੧੫੩॥

क्रोध कै स्रउणत बिंद कहै रनि इआही ते चंडिका नाम कहाइओ ॥१५३॥

krodh kai sraunat bi(n)dh kahai ran iaahee te cha(n)ddikaa naam kahaio ||153||


ਮਾਰਿ ਲਇਓ ਦਲਿ ਅਉਰ ਭਜਿਓ ਤਬ ਕੋਪ ਕੇ ਆਪਨ ਹੀ ਸੁ ਭਿਰਿਓ ਹੈ ॥

मारि लइओ दलि अउर भजिओ तब कोप के आपन ही सु भिरिओ है ॥

maar lio dhal aaur bhajio tab kop ke aapan hee su bhirio hai ||

ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡਿ ਸੋ ਜੁਧੁ ਕਰਿਓ ਅਸਿ ਹਾਥਿ ਛੁਟਿਓ ਮਨ ਨਾਹਿ ਗਿਰਿਓ ਹੈ ॥

चंडि प्रचंडि सो जुधु करिओ असि हाथि छुटिओ मन नाहि गिरिओ है ॥

cha(n)dd pracha(n)dd so judh kario as haath chhuTio man naeh girio hai ||

ਲੈ ਕੇ ਕੁਵੰਡ ਕਰੰ ਬਲ ਧਾਰ ਕੈ ਸ੍ਰੋਨ ਸਮੂਹ ਮੈ ਐਸੇ ਤਰਿਓ ਹੈ ॥

लै के कुवंड करं बल धार कै स्रोन समूह मै ऐसे तरिओ है ॥

lai ke kuva(n)dd kara(n) bal dhaar kai sron samooh mai aaise tario hai ||

ਦੇਵ ਅਦੇਵ ਸਮੁੰਦ੍ਰ ਮਥਿਓ ਮਾਨੋ ਮੇਰ ਕੋ ਮਧਿ ਧਰਿਓ ਸੁ ਫਿਰਿਓ ਹੈ ॥੧੫੪॥

देव अदेव समुँद्र मथिओ मानो मेर को मधि धरिओ सु फिरिओ है ॥१५४॥

dhev adhev samu(n)dhr mathio maano mer ko madh dhario su firio hai ||154||


ਕ੍ਰੁਧ ਕੈ ਜੁਧ ਕੇ ਦੈਤ ਬਲੀ ਨਦ ਸ੍ਰੋਨ ਕੋ ਤੈਰ ਕੇ ਪਾਰ ਪਧਾਰਿਓ ॥

क्रुध कै जुध के दैत बली नद स्रोन को तैर के पार पधारिओ ॥

krudh kai judh ke dhait balee nadh sron ko tair ke paar padhaario ||

ਲੈ ਕਰਵਾਰ ਅਉ ਢਾਰ ਸੰਭਾਰ ਕੈ ਸਿੰਘ ਕੋ ਦਉਰ ਕੈ ਜਾਇ ਹਕਾਰਿਓ ॥

लै करवार अउ ढार संभार कै सिंघ को दउर कै जाइ हकारिओ ॥

lai karavaar aau ddaar sa(n)bhaar kai si(n)gh ko dhaur kai jai hakaario ||

ਆਵਤ ਪੇਖ ਕੈ ਚੰਡਿ ਕੁਵੰਡ ਤੇ ਬਾਨ ਲਗਿਓ ਤਨ ਮੂਰਛ ਪਾਰਿਓ ॥

आवत पेख कै चंडि कुवंड ते बान लगिओ तन मूरछ पारिओ ॥

aavat pekh kai cha(n)dd kuva(n)dd te baan lagio tan moorachh paario ||

ਰਾਮ ਕੇ ਭ੍ਰਾਤਨ ਜਿਉ ਹਨੂਮਾਨ ਕੋ ਸੈਲ ਸਮੇਤ ਧਰਾ ਪਰ ਡਾਰਿਓ ॥੧੫੫॥

राम के भ्रातन जिउ हनूमान को सैल समेत धरा पर डारिओ ॥१५५॥

raam ke bhraatan jiau hanoomaan ko sail samet dharaa par ddaario ||155||


ਫੇਰ ਉਠਿਓ ਕਰਿ ਲੈ ਕਰਵਾਰ ਕੋ ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਸਿਉ ਜੁਧ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥

फेर उठिओ करि लै करवार को चंड प्रचंड सिउ जुध करिओ है ॥

fer uThio kar lai karavaar ko cha(n)dd pracha(n)dd siau judh kario hai ||

ਘਾਇਲ ਕੈ ਤਨ ਕੇਹਰ ਤੇ ਬਹਿ ਸ੍ਰਉਨ ਸਮੂਹ ਧਰਾਨਿ ਪਰਿਓ ਹੈ ॥

घाइल कै तन केहर ते बहि स्रउन समूह धरानि परिओ है ॥

ghail kai tan kehar te beh sraun samooh dharaan pario hai ||

ਸੋ ਉਪਮਾ ਕਬਿ ਨੇ ਬਰਨੀ ਮਨ ਕੀ ਹਰਨੀ ਤਿਹ ਨਾਉ ਧਰਿਓ ਹੈ ॥

सो उपमा कबि ने बरनी मन की हरनी तिह नाउ धरिओ है ॥

so upamaa kab ne baranee man kee haranee teh naau dhario hai ||

ਗੇਰੂ ਨਗੰ ਪਰ ਕੈ ਬਰਖਾ ਧਰਨੀ ਪਰਿ ਮਾਨਹੁ ਰੰਗ ਢਰਿਓ ਹੈ ॥੧੫੬॥

गेरू नगं पर कै बरखा धरनी परि मानहु रंग ढरिओ है ॥१५६॥

geroo naga(n) par kai barakhaa dharanee par maanahu ra(n)g ddario hai ||156||


ਸ੍ਰੋਣਤ ਬਿੰਦੁ ਸੋ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਸੁ ਜੁਧ ਕਰਿਓ ਰਨ ਮਧ ਰੁਹੇਲੀ ॥

स्रोणत बिंदु सो चंडि प्रचंड सु जुध करिओ रन मध रुहेली ॥

sronat bi(n)dh so cha(n)dd pracha(n)dd su judh kario ran madh ruhelee ||

ਪੈ ਦਲ ਮੈ ਦਲ ਮੀਜ ਦਇਓ ਤਿਲ ਤੇ ਜਿਮੁ ਤੇਲ ਨਿਕਾਰਤ ਤੇਲੀ ॥

पै दल मै दल मीज दइओ तिल ते जिमु तेल निकारत तेली ॥

pai dhal mai dhal meej dhio til te jim tel nikaarat telee ||

ਸ੍ਰੋਉਣ ਪਰਿਓ ਧਰਨੀ ਪਰ ਚ੍ਵੈ ਰੰਗਰੇਜ ਕੀ ਰੇਨੀ ਜਿਉ ਫੂਟ ਕੈ ਫੈਲੀ ॥

स्रोउण परिओ धरनी पर च्वै रंगरेज की रेनी जिउ फूट कै फैली ॥

sroaun pario dharanee par chavai ra(n)garej kee renee jiau fooT kai failee ||

ਘਾਉ ਲਸੈ ਤਨ ਦੈਤ ਕੇ ਯੌ ਜਨੁ ਦੀਪਕ ਮਧਿ ਫਨੂਸ ਕੀ ਥੈਲੀ ॥੧੫੭॥

घाउ लसै तन दैत के यौ जनु दीपक मधि फनूस की थैली ॥१५७॥

ghaau lasai tan dhait ke yau jan dheepak madh fanoos kee thailee ||157||


ਸ੍ਰਉਣਤ ਬਿੰਦ ਕੋ ਸ੍ਰਉਣ ਪਰਿਓ ਧਰਿ ਸ੍ਰਉਨਤ ਬਿੰਦ ਅਨੇਕ ਭਏ ਹੈ ॥

स्रउणत बिंद को स्रउण परिओ धरि स्रउनत बिंद अनेक भए है ॥

sraunat bi(n)dh ko sraun pario dhar sraunat bi(n)dh anek bhe hai ||

ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਕੁਵੰਡਿ ਸੰਭਾਰਿ ਕੇ ਬਾਨਨ ਸਾਥਿ ਸੰਘਾਰ ਦਏ ਹੈ ॥

चंडि प्रचंड कुवंडि संभारि के बानन साथि संघार दए है ॥

cha(n)dd pracha(n)dd kuva(n)dd sa(n)bhaar ke baanan saath sa(n)ghaar dhe hai ||

ਸ੍ਰਉਨ ਸਮੂਹ ਸਮਾਇ ਗਏ ਬਹੁਰੋ ਸੁ ਭਏ ਹਤਿ ਫੇਰਿ ਲਏ ਹੈ ॥

स्रउन समूह समाइ गए बहुरो सु भए हति फेरि लए है ॥

sraun samooh samai ge bahuro su bhe hat fer le hai ||

ਬਾਰਿਦ ਧਾਰ ਪਰੈ ਧਰਨੀ ਮਾਨੋ ਬਿੰਬਰ ਹ੍ਵੈ ਮਿਟ ਕੈ ਜੁ ਗਏ ਹੈ ॥੧੫੮॥

बारिद धार परै धरनी मानो बिंबर ह्वै मिट कै जु गए है ॥१५८॥

baaridh dhaar parai dharanee maano bi(n)bar havai miT kai ju ge hai ||158||


ਜੇਤਕ ਸ੍ਰਉਨ ਕੀ ਬੂੰਦ ਗਿਰੈ ਰਨਿ ਤੇਤਕ ਸ੍ਰਉਨਤ ਬਿੰਦ ਹ੍ਵੈ ਆਈ ॥

जेतक स्रउन की बूँद गिरै रनि तेतक स्रउनत बिंद ह्वै आई ॥

jetak sraun kee boo(n)dh girai ran tetak sraunat bi(n)dh havai aaiee ||

ਮਾਰ ਹੀ ਮਾਰ ਪੁਕਾਰਿ ਹਕਾਰ ਕੈ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡਿ ਕੇ ਸਾਮੁਹਿ ਧਾਈ ॥

मार ही मार पुकारि हकार कै चंडि प्रचंडि के सामुहि धाई ॥

maar hee maar pukaar hakaar kai cha(n)dd pracha(n)dd ke saamuh dhaiee ||

ਪੇਖਿ ਕੈ ਕੌਤੁਕ ਤਾ ਛਿਨ ਮੈ ਕਵਿ ਨੇ ਮਨ ਮੈ ਉਪਮਾ ਠਹਰਾਈ ॥

पेखि कै कौतुक ता छिन मै कवि ने मन मै उपमा ठहराई ॥

pekh kai kauatuk taa chhin mai kav ne man mai upamaa Thaharaiee ||

ਮਾਨਹੁ ਸੀਸ ਮਹਲ ਕੇ ਬੀਚ ਸੁ ਮੂਰਤਿ ਏਕ ਅਨੇਕ ਕੀ ਝਾਈ ॥੧੫੯॥

मानहु सीस महल के बीच सु मूरति एक अनेक की झाई ॥१५९॥

maanahu sees mahal ke beech su moorat ek anek kee jhaiee ||159||


ਸ੍ਰਉਨਤ ਬਿੰਦ ਅਨੇਕ ਉਠੇ ਰਨਿ ਕ੍ਰੁਧ ਕੈ ਜੁਧ ਕੋ ਫੇਰ ਜੁਟੈ ਹੈ ॥

स्रउनत बिंद अनेक उठे रनि क्रुध कै जुध को फेर जुटै है ॥

sraunat bi(n)dh anek uThe ran krudh kai judh ko fer juTai hai ||

ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡਿ ਕਮਾਨ ਤੇ ਬਾਨ ਸੁ ਭਾਨੁ ਕੀ ਅੰਸ ਸਮਾਨ ਛੁਟੈ ਹੈ ॥

चंडि प्रचंडि कमान ते बान सु भानु की अंस समान छुटै है ॥

cha(n)dd pracha(n)dd kamaan te baan su bhaan kee a(n)s samaan chhuTai hai ||

ਮਾਰਿ ਬਿਦਾਰ ਦਏ ਸੁ ਭਏ ਫਿਰਿ ਲੈ ਮੁੰਗਰਾ ਜਿਮੁ ਧਾਨ ਕੁਟੈ ਹੈ ॥

मारि बिदार दए सु भए फिरि लै मुँगरा जिमु धान कुटै है ॥

maar bidhaar dhe su bhe fir lai mu(n)garaa jim dhaan kuTai hai ||

ਚੰਡ ਦਏ ਸਿਰ ਖੰਡ ਜੁਦੇ ਕਰਿ ਬਿਲਨ ਤੇ ਜਨ ਬਿਲ ਤੁਟੈ ਹੈ ॥੧੬੦॥

चंड दए सिर खंड जुदे करि बिलन ते जन बिल तुटै है ॥१६०॥

cha(n)dd dhe sir kha(n)dd judhe kar bilan te jan bil tuTai hai ||160||


ਸ੍ਰਉਨਤ ਬਿੰਦ ਅਨੇਕ ਭਏ ਅਸਿ ਲੈ ਕਰਿ ਚੰਡਿ ਸੁ ਐਸੇ ਉਠੇ ਹੈ ॥

स्रउनत बिंद अनेक भए असि लै करि चंडि सु ऐसे उठे है ॥

sraunat bi(n)dh anek bhe as lai kar cha(n)dd su aaise uThe hai ||

ਬੂੰਦਨ ਤੇ ਉਠਿ ਕੈ ਬਹੁ ਦਾਨਵ ਬਾਨਨ ਬਾਰਿਦ ਜਾਨੁ ਵੁਠੇ ਹੈ ॥

बूँदन ते उठि कै बहु दानव बानन बारिद जानु वुठे है ॥

boo(n)dhan te uTh kai bahu dhaanav baanan baaridh jaan vuThe hai ||

ਫੇਰਿ ਕੁਵੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡਿ ਸੰਭਾਰ ਕੈ ਬਾਨ ਪ੍ਰਹਾਰ ਸੰਘਾਰ ਸੁਟੇ ਹੈ ॥

फेरि कुवंडि प्रचंडि संभार कै बान प्रहार संघार सुटे है ॥

fer kuva(n)dd pracha(n)dd sa(n)bhaar kai baan prahaar sa(n)ghaar suTe hai ||

ਐਸੇ ਉਠੇ ਫਿਰਿ ਸ੍ਰਉਨ ਤੇ ਦੈਤ ਸੁ ਮਾਨਹੁ ਸੀਤ ਤੇ ਰੋਮ ਉਠੇ ਹੈ ॥੧੬੧॥

ऐसे उठे फिरि स्रउन ते दैत सु मानहु सीत ते रोम उठे है ॥१६१॥

aaise uThe fir sraun te dhait su maanahu seet te rom uThe hai ||161||


ਸ੍ਰਉਨਤ ਬਿੰਦ ਭਏ ਇਕਠੇ ਬਰ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਕੇ ਘੇਰਿ ਲਇਓ ਹੈ ॥

स्रउनत बिंद भए इकठे बर चंडि प्रचंड के घेरि लइओ है ॥

sraunat bi(n)dh bhe ikaThe bar cha(n)dd pracha(n)dd ke gher lio hai ||

ਚੰਡਿ ਅਉ ਸਿੰਘ ਦੁਹੂੰ ਮਿਲ ਕੈ ਸਬ ਦੈਤਨ ਕੋ ਦਲ ਮਾਰ ਦਇਓ ਹੈ ॥

चंडि अउ सिंघ दुहूँ मिल कै सब दैतन को दल मार दइओ है ॥

cha(n)dd aau si(n)gh dhuhoo(n) mil kai sab dhaitan ko dhal maar dhio hai ||

ਫੇਰਿ ਉਠੇ ਧੁਨਿ ਕੇ ਕਰਿ ਕੈ ਸੁਨਿ ਕੈ ਮੁਨਿ ਕੋ ਛੁਟਿ ਧਿਆਨੁ ਗਇਓ ਹੈ ॥

फेरि उठे धुनि के करि कै सुनि कै मुनि को छुटि धिआनु गइओ है ॥

fer uThe dhun ke kar kai sun kai mun ko chhuT dhiaan gio hai ||

ਭੂਲ ਗਏ ਸੁਰ ਕੇ ਅਸਵਾਨ ਗੁਮਾਨ ਨ ਸ੍ਰਉਨਤ ਬਿੰਦ ਗਇਓ ਹੈ ॥੧੬੨॥

भूल गए सुर के असवान गुमान न स्रउनत बिंद गइओ है ॥१६२॥

bhool ge sur ke asavaan gumaan na sraunat bi(n)dh gio hai ||162||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਰਕਤਬੀਜ ਸੋ ਚੰਡਿਕਾ ਇਉ ਕੀਨੋ ਬਰ ਜੁਧੁ ॥

रकतबीज सो चंडिका इउ कीनो बर जुधु ॥

rakatabeej so cha(n)ddikaa iau keeno bar judh ||

ਅਗਨਤ ਭਏ ਦਾਨਵ ਤਬੈ ਕਛੁ ਨ ਬਸਾਇਓ ਕ੍ਰੁਧ ॥੧੬੩॥

अगनत भए दानव तबै कछु न बसाइओ क्रुध ॥१६३॥

aganat bhe dhaanav tabai kachh na basaio krudh ||163||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਪੇਖਿ ਦਸੋ ਦਿਸ ਤੇ ਬਹੁ ਦਾਨਵ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਤਚੀ ਅਖੀਆ ॥

पेखि दसो दिस ते बहु दानव चंडि प्रचंड तची अखीआ ॥

pekh dhaso dhis te bahu dhaanav cha(n)dd pracha(n)dd tachee akheeaa ||

ਤਬ ਲੈ ਕੇ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਜੁ ਕਾਟ ਦਏ ਅਰਿ ਫੂਲ ਗੁਲਾਬ ਕੀ ਜਿਉ ਪਖੀਆ ॥

तब लै के कृपान जु काट दए अरि फूल गुलाब की जिउ पखीआ ॥

tab lai ke kirapaan ju kaaT dhe ar fool gulaab kee jiau pakheeaa ||

ਸ੍ਰਉਨ ਕੀ ਛੀਟ ਪਰੀ ਤਨ ਚੰਡਿ ਕੇ ਸੋ ਉਪਮਾ ਕਵਿ ਨੇ ਲਖੀਆ ॥

स्रउन की छीट परी तन चंडि के सो उपमा कवि ने लखीआ ॥

sraun kee chheeT paree tan cha(n)dd ke so upamaa kav ne lakheeaa ||

ਜਨੁ ਕੰਚਨ ਮੰਦਿਰ ਮੈ ਜਰੀਆ ਜਰਿ ਲਾਲ ਮਨੀ ਜੁ ਬਨਾ ਰਖੀਆ ॥੧੬੪॥

जनु कंचन मंदिर मै जरीआ जरि लाल मनी जु बना रखीआ ॥१६४॥

jan ka(n)chan ma(n)dhir mai jareeaa jar laal manee ju banaa rakheeaa ||164||


ਕ੍ਰੁਧ ਕੈ ਜੁਧ ਕਰਿਓ ਬਹੁ ਚੰਡਿ ਨੇ ਏਤੋ ਕਰਿਓ ਮਧੁ ਸੋ ਅਬਿਨਾਸੀ ॥

क्रुध कै जुध करिओ बहु चंडि ने एतो करिओ मधु सो अबिनासी ॥

krudh kai judh kario bahu cha(n)dd ne eto kario madh so abinaasee ||

ਦੈਤਨ ਕੇ ਬਧ ਕਾਰਨ ਕੋ ਨਿਜ ਭਾਲ ਤੇ ਜੁਆਲ ਕੀ ਲਾਟ ਨਿਕਾਸੀ ॥

दैतन के बध कारन को निज भाल ते जुआल की लाट निकासी ॥

dhaitan ke badh kaaran ko nij bhaal te juaal kee laaT nikaasee ||

ਕਾਲੀ ਪ੍ਰਤਛ ਭਈ ਤਿਹ ਤੇ ਰਨਿ ਫੈਲ ਰਹੀ ਭਯ ਭੀਰੁ ਪ੍ਰਭਾ ਸੀ ॥

काली प्रतछ भई तिह ते रनि फैल रही भय भीरु प्रभा सी ॥

kaalee pratachh bhiee teh te ran fail rahee bhay bheer prabhaa see ||

ਮਾਨਹੁ ਸ੍ਰਿੰਗ ਸੁਮੇਰ ਕੋ ਫੋਰਿ ਕੈ ਧਾਰ ਪਰੀ ਧਰਿ ਪੈ ਜਮੁਨਾ ਸੀ ॥੧੬੫॥

मानहु सृंग सुमेर को फोरि कै धार परी धरि पै जमुना सी ॥१६५॥

maanahu sira(n)g sumer ko for kai dhaar paree dhar pai jamunaa see ||165||


ਮੇਰੁ ਹਲਿਓ ਦਹਲਿਓ ਸੁਰਲੋਕੁ ਦਸੋ ਦਿਸ ਭੂਧਰ ਭਾਜਤ ਭਾਰੀ ॥

मेरु हलिओ दहलिओ सुरलोकु दसो दिस भूधर भाजत भारी ॥

mer halio dhahalio suralok dhaso dhis bhoodhar bhaajat bhaaree ||

ਚਾਲਿ ਪਰਿਓ ਤਿਹ ਚਉਦਹਿ ਲੋਕ ਮੈ ਬ੍ਰਹਮ ਭਇਓ ਮਨ ਮੈ ਭ੍ਰਮ ਭਾਰੀ ॥

चालि परिओ तिह चउदहि लोक मै ब्रहम भइओ मन मै भ्रम भारी ॥

chaal pario teh chaudheh lok mai braham bhio man mai bhram bhaaree ||

ਧਿਆਨ ਰਹਿਓ ਨ ਜਟੀ ਸੁ ਫਟੀ ਧਰਿ ਯੌ ਬਲਿ ਕੈ ਰਨ ਮੈ ਕਿਲਕਾਰੀ ॥

धिआन रहिओ न जटी सु फटी धरि यौ बलि कै रन मै किलकारी ॥

dhiaan rahio na jaTee su faTee dhar yau bal kai ran mai kilakaaree ||

ਦੈਤਨ ਕੇ ਬਧਿ ਕਾਰਨ ਕੋ ਕਰਿ ਕਾਲ ਸੀ ਕਾਲੀ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਸੰਭਾਰੀ ॥੧੬੬॥

दैतन के बधि कारन को करि काल सी काली कृपान संभारी ॥१६६॥

dhaitan ke badh kaaran ko kar kaal see kaalee kirapaan sa(n)bhaaree ||166||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਚੰਡੀ ਕਾਲੀ ਦੁਹੂੰ ਮਿਲਿ ਕੀਨੋ ਇਹੈ ਬਿਚਾਰ ॥

चंडी काली दुहूँ मिलि कीनो इहै बिचार ॥

cha(n)ddee kaalee dhuhoo(n) mil keeno ihai bichaar ||

ਹਉ ਹਨਿ ਹੋ ਤੂ ਸ੍ਰਉਨ ਪੀ ਅਰਿ ਦਲਿ ਡਾਰਹਿ ਮਾਰਿ ॥੧੬੭॥

हउ हनि हो तू स्रउन पी अरि दलि डारहि मारि ॥१६७॥

hau han ho too sraun pee ar dhal ddaareh maar ||167||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਕਾਲੀ ਅਉ ਕੇਹਰਿ ਸੰਗਿ ਲੈ ਚੰਡਿ ਸੁ ਘੇਰੇ ਸਬੈ ਬਨ ਜੈਸੇ ਦਵਾ ਪੈ ॥

काली अउ केहरि संगि लै चंडि सु घेरे सबै बन जैसे दवा पै ॥

kaalee aau kehar sa(n)g lai cha(n)dd su ghere sabai ban jaise dhavaa pai ||

ਚੰਡਿ ਕੇ ਬਾਨਨ ਤੇਜ ਪ੍ਰਭਾਵ ਤੇ ਦੈਤ ਜਰੈ ਜੈਸੇ ਈਟ ਅਵਾ ਪੈ ॥

चंडि के बानन तेज प्रभाव ते दैत जरै जैसे ईट अवा पै ॥

cha(n)dd ke baanan tej prabhaav te dhait jarai jaise ieeT avaa pai ||

ਕਾਲਿਕਾ ਸ੍ਰਉਨ ਪੀਓ ਤਿਨ ਕੋ ਕਵਿ ਨੇ ਮਨ ਮੈ ਲੀਯੋ ਭਾਉ ਭਵਾ ਪੈ ॥

कालिका स्रउन पीओ तिन को कवि ने मन मै लीयो भाउ भवा पै ॥

kaalikaa sraun peeo tin ko kav ne man mai leeyo bhaau bhavaa pai ||

ਮਾਨਹੁ ਸਿੰਧੁ ਕੇ ਨੀਰ ਸਬੈ ਮਿਲਿ ਧਾਇ ਕੈ ਜਾਇ ਪਰੋ ਹੈ ਤਵਾ ਪੈ ॥੧੬੮॥

मानहु सिंधु के नीर सबै मिलि धाइ कै जाइ परो है तवा पै ॥१६८॥

maanahu si(n)dh ke neer sabai mil dhai kai jai paro hai tavaa pai ||168||


ਚੰਡਿ ਹਨੇ ਅਰੁ ਕਾਲਿਕਾ ਕੋਪ ਕੈ ਸ੍ਰਉਨਤ ਬਿੰਦਨ ਸੋ ਇਹ ਕੀਨੋ ॥

चंडि हने अरु कालिका कोप कै स्रउनत बिंदन सो इह कीनो ॥

cha(n)dd hane ar kaalikaa kop kai sraunat bi(n)dhan so ieh keeno ||

ਖਗ ਸੰਭਾਰ ਹਕਾਰ ਤਬੈ ਕਿਲਕਾਰ ਬਿਦਾਰ ਸਭੈ ਦਲੁ ਦੀਨੋ ॥

खग संभार हकार तबै किलकार बिदार सभै दलु दीनो ॥

khag sa(n)bhaar hakaar tabai kilakaar bidhaar sabhai dhal dheeno ||

ਆਮਿਖ ਸ੍ਰੋਨ ਅਚਿਓ ਬਹੁ ਕਾਲਿਕਾ ਤਾ ਛਬਿ ਮੈ ਕਵਿ ਇਉ ਮਨਿ ਚੀਨੋ ॥

आमिख स्रोन अचिओ बहु कालिका ता छबि मै कवि इउ मनि चीनो ॥

aamikh sron achio bahu kaalikaa taa chhab mai kav iau man cheeno ||

ਮਾਨੋ ਛੁਧਾਤਰੁ ਹੁਇ ਕੈ ਮਨੁਛ ਸੁ ਸਾਲਨ ਲਾਸਹਿ ਸੋ ਬਹੁ ਪੀਨੋ ॥੧੬੯॥

मानो छुधातरु हुइ कै मनुछ सु सालन लासहि सो बहु पीनो ॥१६९॥

maano chhudhaatar hui kai manuchh su saalan laaseh so bahu peeno ||169||


ਜੁਧ ਰਕਤ੍ਰ ਬੀਜ ਕਰਿਯੋ ਧਰਨੀ ਪਰ ਸੋ ਸੁਰ ਦੇਖਤ ਸਾਰੇ ॥

जुध रकत्र बीज करियो धरनी पर सो सुर देखत सारे ॥

judh rakatr beej kariyo dharanee par so sur dhekhat saare ||

ਜੇਤਕ ਸ੍ਰੌਨ ਕੀ ਬੂੰਦ ਗਿਰੈ ਉਠਿ ਤੇਤਕ ਰੂਪ ਅਨੇਕਹਿ ਧਾਰੇ ॥

जेतक स्रौन की बूँद गिरै उठि तेतक रूप अनेकहि धारे ॥

jetak srauan kee boo(n)dh girai uTh tetak roop anekeh dhaare ||

ਜੁਗਨਿ ਆਨਿ ਫਿਰੀ ਚਹੂੰ ਓਰ ਤੇ ਸੀਸ ਜਟਾ ਕਰਿ ਖਪਰ ਭਾਰੇ ॥

जुगनि आनि फिरी चहूँ ओर ते सीस जटा करि खपर भारे ॥

jugan aan firee chahoo(n) or te sees jaTaa kar khapar bhaare ||

ਸ੍ਰੋਨਤ ਬੂੰਦ ਪਰੈ ਅਚਵੈ ਸਭ ਖਗ ਲੈ ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਸੰਘਾਰੇ ॥੧੭੦॥

स्रोनत बूँद परै अचवै सभ खग लै चंड प्रचंड संघारे ॥१७०॥

sronat boo(n)dh parai achavai sabh khag lai cha(n)dd pracha(n)dd sa(n)ghaare ||170||


ਕਾਲੀ ਅਉ ਚੰਡਿ ਕੁਵੰਡ ਸੰਭਾਰ ਕੈ ਦੈਤ ਸੋ ਜੁਧ ਨਿਸੰਗ ਸਜਿਓ ਹੈ ॥

काली अउ चंडि कुवंड संभार कै दैत सो जुध निसंग सजिओ है ॥

kaalee aau cha(n)dd kuva(n)dd sa(n)bhaar kai dhait so judh nisa(n)g sajio hai ||

ਮਾਰ ਮਹਾ ਰਨ ਮਧ ਭਈ ਪਹਰੇਕ ਲਉ ਸਾਰ ਸੋ ਸਾਰ ਬਜਿਓ ਹੈ ॥

मार महा रन मध भई पहरेक लउ सार सो सार बजिओ है ॥

maar mahaa ran madh bhiee paharek lau saar so saar bajio hai ||

ਸ੍ਰਉਨਤ ਬਿੰਦ ਗਿਰਿਓ ਧਰਨੀ ਪਰ ਇਉ ਅਸਿ ਸੋ ਅਰਿ ਸੀਸ ਭਜਿਓ ਹੈ ॥

स्रउनत बिंद गिरिओ धरनी पर इउ असि सो अरि सीस भजिओ है ॥

sraunat bi(n)dh girio dharanee par iau as so ar sees bhajio hai ||

ਮਾਨੋ ਅਤੀਤ ਕਰਿਯੋ ਚਿਤ ਕੇ ਧਨਵੰਤ ਸਭੈ ਨਿਜ ਮਾਲ ਤਜਿਓ ਹੈ ॥੧੭੧॥

मानो अतीत करियो चित के धनवंत सभै निज माल तजिओ है ॥१७१॥

maano ateet kariyo chit ke dhanava(n)t sabhai nij maal tajio hai ||171||


ਸੋਰਠਾ ॥

सोरठा ॥

soraThaa ||

ਚੰਡੀ ਦਇਓ ਬਿਦਾਰ ਸ੍ਰਉਨ ਪਾਨ ਕਾਲੀ ਕਰਿਓ ॥

चंडी दइओ बिदार स्रउन पान काली करिओ ॥

cha(n)ddee dhio bidhaar sraun paan kaalee kario ||

ਛਿਨ ਮੈ ਡਾਰਿਓ ਮਾਰ ਸ੍ਰਉਨਤ ਬਿੰਦ ਦਾਨਵ ਮਹਾ ॥੧੭੨॥

छिन मै डारिओ मार स्रउनत बिंद दानव महा ॥१७२॥

chhin mai ddaario maar sraunat bi(n)dh dhaanav mahaa ||172||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਮਾਰਕੰਡੇ ਪੁਰਾਨੇ ਸ੍ਰੀ ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ ਰਕਤ ਬੀਜ ਬਧਹਿ ਨਾਮ ਪੰਚਮੋ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੫॥

इति स्री मारकंडे पुराने स्री चंडी चरित्र उकति बिलास रकत बीज बधहि नाम पंचमो धिआइ समापतम सतु सुभम सतु ॥५॥

eit sree maaraka(n)dde puraane sree cha(n)ddee charitr ukat bilaas rakat beej badheh naam pa(n)chamo dhiaai samaapatam sat subham sat ||5||



200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates