Pt 4, Chandi Charitar Ukati Bilas,
ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ,
चंडी चरित्र उकति बिलास


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ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਸੋਰੁ ਸੁਨਿਓ ਜਬ ਦੈਤਨ ਕੋ ਤਬ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਤਚੀ ਅਖੀਆਂ ॥

सोरु सुनिओ जब दैतन को तब चंडि प्रचंड तची अखीआँ ॥

sor sunio jab dhaitan ko tab cha(n)dd pracha(n)dd tachee akheeaa(n) ||

ਹਰ ਧਿਆਨ ਛੁਟਿਓ ਮੁਨਿ ਕੋ ਸੁਨਿ ਕੈ ਧੁਨਿ ਟੂਟਿ ਖਗੇਸ ਗਈ ਪਖੀਆਂ ॥

हर धिआन छुटिओ मुनि को सुनि कै धुनि टूटि खगेस गई पखीआँ ॥

har dhiaan chhuTio mun ko sun kai dhun TooT khages giee pakheeaa(n) ||

ਦ੍ਰਿਗ ਜੁਆਲ ਬਢੀ ਬੜਵਾਨਲ ਜਿਉ ਕਵਿ ਨੇ ਉਪਮਾ ਤਿਹ ਕੀ ਲਖੀਆਂ ॥

दृग जुआल बढी बड़वानल जिउ कवि ने उपमा तिह की लखीआँ ॥

dhirag juaal baddee baRavaanal jiau kav ne upamaa teh kee lakheeaa(n) ||

ਸਭੁ ਛਾਰ ਭਇਓ ਦਲੁ ਦਾਨਵ ਕੋ ਜਿਮੁ ਘੂਮਿ ਹਲਾਹਲ ਕੀ ਮਖੀਆਂ ॥੧੦੧॥

सभु छार भइओ दलु दानव को जिमु घूमि हलाहल की मखीआँ ॥१०१॥

sabh chhaar bhio dhal dhaanav ko jim ghoom halaahal kee makheeaa(n) ||101||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਅਉਰ ਸਕਲ ਸੈਨਾ ਜਰੀ ਬਚਿਓ ਸੁ ਏਕੈ ਪ੍ਰੇਤੁ ॥

अउर सकल सैना जरी बचिओ सु एकै प्रेतु ॥

aaur sakal sainaa jaree bachio su ekai pret ||

ਚੰਡਿ ਬਚਾਇਓ ਜਾਨਿ ਕੈ ਅਉਰਨ ਮਾਰਨ ਹੇਤੁ ॥੧੦੨॥

चंडि बचाइओ जानि कै अउरन मारन हेतु ॥१०२॥

cha(n)dd bachaio jaan kai aauran maaran het ||102||


ਭਾਜਿ ਨਿਸਾਚਰ ਮੰਦ ਮਤਿ ਕਹੀ ਸੁੰਭ ਪਹਿ ਜਾਇ ॥

भाजि निसाचर मंद मति कही सुँभ पहि जाइ ॥

bhaaj nisaachar ma(n)dh mat kahee su(n)bh peh jai ||

ਧੂਮ੍ਰ ਨੈਨ ਸੈਨਾ ਸਹਿਤ ਡਾਰਿਓ ਚੰਡਿ ਖਪਾਇ ॥੧੦੩॥

धूम्र नैन सैना सहित डारिओ चंडि खपाइ ॥१०३॥

dhoomr nain sainaa sahit ddaario cha(n)dd khapai ||103||


ਸਕਲ ਕਟੇ ਭਟ ਕਟਕ ਕੇ ਪਾਇਕ ਰਥ ਹੈ ਕੁੰਭ ॥

सकल कटे भट कटक के पाइक रथ है कुँभ ॥

sakal kaTe bhaT kaTak ke paik rath hai ku(n)bh ||

ਯੌ ਸੁਨਿ ਬਚਨ ਅਚਰਜ ਹ੍ਵੈ ਕੋਪ ਕੀਓ ਨ੍ਰਿਪ ਸੁੰਭ ॥੧੦੪॥

यौ सुनि बचन अचरज ह्वै कोप कीओ नृप सुँभ ॥१०४॥

yau sun bachan acharaj havai kop keeo nirap su(n)bh ||104||


ਚੰਡ ਮੁੰਡ ਦ੍ਵੈ ਦੈਤ ਤਬ ਲੀਨੇ ਸੁੰਭਿ ਹਕਾਰਿ ॥

चंड मुँड द्वै दैत तब लीने सुँभि हकारि ॥

cha(n)dd mu(n)dd dhavai dhait tab leene su(n)bh hakaar ||

ਚਲਿ ਆਏ ਨ੍ਰਿਪ ਸਭਾ ਮਹਿ ਕਰਿ ਲੀਨੇ ਅਸਿ ਢਾਰ ॥੧੦੫॥

चलि आए नृप सभा महि करि लीने असि ढार ॥१०५॥

chal aae nirap sabhaa meh kar leene as ddaar ||105||


ਅਭਬੰਦਨ ਦੋਨੋ ਕੀਓ ਬੈਠਾਏ ਨ੍ਰਿਪ ਤੀਰਿ ॥

अभबंदन दोनो कीओ बैठाए नृप तीरि ॥

abhaba(n)dhan dhono keeo baiThaae nirap teer ||

ਪਾਨ ਦਏ ਮੁਖ ਤੇ ਕਹਿਓ ਤੁਮ ਦੋਨੋ ਮਮ ਬੀਰ ॥੧੦੬॥

पान दए मुख ते कहिओ तुम दोनो मम बीर ॥१०६॥

paan dhe mukh te kahio tum dhono mam beer ||106||


ਨਿਜ ਕਟ ਕੋ ਫੈਂਟਾ ਦਇਓ ਅਰੁ ਜਮਧਰ ਕਰਵਾਰ ॥

निज कट को फैंटा दइओ अरु जमधर करवार ॥

nij kaT ko fai(n)Taa dhio ar jamadhar karavaar ||

ਲਿਆਵਹੁ ਚੰਡੀ ਬਾਧ ਕੈ ਨਾਤਰ ਡਾਰੋ ਮਾਰ ॥੧੦੭॥

लिआवहु चंडी बाध कै नातर डारो मार ॥१०७॥

liaavahu cha(n)ddee baadh kai naatar ddaaro maar ||107||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਕੋਪ ਚੜੇ ਰਨਿ ਚੰਡ ਅਉ ਮੁੰਡ ਸੁ ਲੈ ਚਤੁਰੰਗਨ ਸੈਨ ਭਲੀ ॥

कोप चड़े रनि चंड अउ मुँड सु लै चतुरंगन सैन भली ॥

kop chaRe ran cha(n)dd aau mu(n)dd su lai chatura(n)gan sain bhalee ||

ਤਬ ਸੇਸ ਕੇ ਸੀਸ ਧਰਾ ਲਰਜੀ ਜਨੁ ਮਧਿ ਤਰੰਗਨਿ ਨਾਵ ਹਲੀ ॥

तब सेस के सीस धरा लरजी जनु मधि तरंगनि नाव हली ॥

tab ses ke sees dharaa larajee jan madh tara(n)gan naav halee ||

ਖੁਰ ਬਾਜਨ ਧੂਰ ਉਡੀ ਨਭਿ ਕੋ ਕਵਿ ਕੇ ਮਨ ਤੇ ਉਪਮਾ ਨ ਟਲੀ ॥

खुर बाजन धूर उडी नभि को कवि के मन ते उपमा न टली ॥

khur baajan dhoor uddee nabh ko kav ke man te upamaa na Talee ||

ਭਵ ਭਾਰ ਅਪਾਰ ਨਿਵਾਰਨ ਕੋ ਧਰਨੀ ਮਨੋ ਬ੍ਰਹਮ ਕੇ ਲੋਕ ਚਲੀ ॥੧੦੮॥

भव भार अपार निवारन को धरनी मनो ब्रहम के लोक चली ॥१०८॥

bhav bhaar apaar nivaaran ko dharanee mano braham ke lok chalee ||108||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਚੰਡ ਮੁੰਡ ਦੈਤਨ ਦੁਹੂੰ ਸਬਨ ਪ੍ਰਬਲ ਦਲੁ ਲੀਨ ॥

चंड मुँड दैतन दुहूँ सबन प्रबल दलु लीन ॥

cha(n)dd mu(n)dd dhaitan dhuhoo(n) saban prabal dhal leen ||

ਨਿਕਟਿ ਜਾਇ ਗਿਰ ਘੇਰਿ ਕੈ ਮਹਾ ਕੁਲਾਹਲ ਕੀਨ ॥੧੦੯॥

निकटि जाइ गिर घेरि कै महा कुलाहल कीन ॥१०९॥

nikaT jai gir gher kai mahaa kulaahal keen ||109||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਜਬ ਕਾਨ ਸੁਨੀ ਧੁਨਿ ਦੈਤਨ ਕੀ ਤਬ ਕੋਪੁ ਕੀਓ ਗਿਰਜਾ ਮਨ ਮੈ ॥

जब कान सुनी धुनि दैतन की तब कोपु कीओ गिरजा मन मै ॥

jab kaan sunee dhun dhaitan kee tab kop keeo girajaa man mai ||

ਚੜਿ ਸਿੰਘ ਸੁ ਸੰਖ ਬਜਾਇ ਚਲੀ ਸਭਿ ਆਯੁਧ ਧਾਰ ਤਬੈ ਤਨ ਮੈ ॥

चड़ि सिंघ सु संख बजाइ चली सभि आयुध धार तबै तन मै ॥

chaR si(n)gh su sa(n)kh bajai chalee sabh aayudh dhaar tabai tan mai ||

ਗਿਰ ਤੇ ਉਤਰੀ ਦਲ ਬੈਰਨ ਕੈ ਪਰ ਯੌ ਉਪਮਾ ਉਪਜੀ ਮਨ ਮੈ ॥

गिर ते उतरी दल बैरन कै पर यौ उपमा उपजी मन मै ॥

gir te utaree dhal bairan kai par yau upamaa upajee man mai ||

ਨਭ ਤੇ ਬਹਰੀ ਲਖਿ ਛੂਟ ਪਰੀ ਜਨੁ ਕੂਕ ਕੁਲੰਗਨ ਕੇ ਗਨ ਮੈ ॥੧੧੦॥

नभ ते बहरी लखि छूट परी जनु कूक कुलंगन के गन मै ॥११०॥

nabh te baharee lakh chhooT paree jan kook kula(n)gan ke gan mai ||110||


ਚੰਡ ਕੁਵੰਡ ਤੇ ਬਾਨ ਛੁਟੇ ਇਕ ਤੇ ਦਸ ਸਉ ਤੇ ਸਹੰਸ ਤਹ ਬਾਢੇ ॥

चंड कुवंड ते बान छुटे इक ते दस सउ ते सहंस तह बाढे ॥

cha(n)dd kuva(n)dd te baan chhuTe ik te dhas sau te saha(n)s teh baadde ||

ਲਛਕੁ ਹੁਇ ਕਰਿ ਜਾਇ ਲਗੇ ਤਨ ਦੈਤਨ ਮਾਝ ਰਹੇ ਗਡਿ ਗਾਢੇ ॥

लछकु हुइ करि जाइ लगे तन दैतन माझ रहे गडि गाढे ॥

lachhak hui kar jai lage tan dhaitan maajh rahe gadd gaadde ||

ਕੋ ਕਵਿ ਤਾਹਿ ਸਰਾਹ ਕਰੈ ਅਤਿਸੈ ਉਪਮਾ ਜੁ ਭਈ ਬਿਨੁ ਕਾਢੇ ॥

को कवि ताहि सराह करै अतिसै उपमा जु भई बिनु काढे ॥

ko kav taeh saraeh karai atisai upamaa ju bhiee bin kaadde ||

ਫਾਗੁਨਿ ਪਉਨ ਕੇ ਗਉਨ ਭਏ ਜਨੁ ਪਾਤੁ ਬਿਹੀਨ ਰਹੇ ਤਰੁ ਠਾਢੇ ॥੧੧੧॥

फागुनि पउन के गउन भए जनु पातु बिहीन रहे तरु ठाढे ॥१११॥

faagun paun ke gaun bhe jan paat biheen rahe tar Thaadde ||111||


ਮੁੰਡ ਲਈ ਕਰਵਾਰ ਹਕਾਰ ਕੈ ਕੇਹਰਿ ਕੇ ਅੰਗ ਅੰਗ ਪ੍ਰਹਾਰੇ ॥

मुँड लई करवार हकार कै केहरि के अंग अंग प्रहारे ॥

mu(n)dd liee karavaar hakaar kai kehar ke a(n)g a(n)g prahaare ||

ਫਿਰ ਦਈ ਤਨ ਦਉਰ ਕੇ ਗਉਰਿ ਕੋ ਘਾਇਲ ਕੈ ਨਿਕਸੀ ਅੰਗ ਧਾਰੇ ॥

फिर दई तन दउर के गउरि को घाइल कै निकसी अंग धारे ॥

fir dhiee tan dhaur ke gaur ko ghail kai nikasee a(n)g dhaare ||

ਸ੍ਰਉਨ ਭਰੀ ਥਹਰੈ ਕਰਿ ਦੈਤ ਕੇ ਕੋ ਉਪਮਾ ਕਵਿ ਅਉਰ ਬਿਚਾਰੇ ॥

स्रउन भरी थहरै करि दैत के को उपमा कवि अउर बिचारे ॥

sraun bharee thaharai kar dhait ke ko upamaa kav aaur bichaare ||

ਪਾਨ ਗੁਮਾਨ ਸੋ ਖਾਇ ਅਘਾਇ ਮਨੋ ਜਮੁ ਆਪੁਨੀ ਜੀਭ ਨਿਹਾਰੇ ॥੧੧੨॥

पान गुमान सो खाइ अघाइ मनो जमु आपुनी जीभ निहारे ॥११२॥

paan gumaan so khai aghai mano jam aapunee jeebh nihaare ||112||


ਘਾਉ ਕੈ ਦੈਤ ਚਲਿਓ ਜਬ ਹੀ ਤਬ ਦੇਵੀ ਨਿਖੰਗ ਤੇ ਬਾਨ ਸੁ ਕਾਢੇ ॥

घाउ कै दैत चलिओ जब ही तब देवी निखंग ते बान सु काढे ॥

ghaau kai dhait chalio jab hee tab dhevee nikha(n)g te baan su kaadde ||

ਕਾਨ ਪ੍ਰਮਾਨ ਲਉ ਖੈਚ ਕਮਾਨ ਚਲਾਵਤ ਏਕ ਅਨੇਕ ਹੁਇ ਬਾਢੇ ॥

कान प्रमान लउ खैच कमान चलावत एक अनेक हुइ बाढे ॥

kaan pramaan lau khaich kamaan chalaavat ek anek hui baadde ||

ਮੁੰਡ ਲੈ ਢਾਲ ਦਈ ਮੁਖ ਓਟਿ ਧਸੇ ਤਿਹ ਮਧਿ ਰਹੇ ਗਡਿ ਗਾਢੇ ॥

मुँड लै ढाल दई मुख ओटि धसे तिह मधि रहे गडि गाढे ॥

mu(n)dd lai ddaal dhiee mukh oT dhase teh madh rahe gadd gaadde ||

ਮਾਨਹੁ ਕੂਰਮ ਪੀਠ ਪੈ ਨੀਠ ਭਏ ਸਹਸ ਫਨਿ ਕੇ ਫਨ ਠਾਢੇ ॥੧੧੩॥

मानहु कूरम पीठ पै नीठ भए सहस फनि के फन ठाढे ॥११३॥

maanahu kooram peeTh pai neeTh bhe sahas fan ke fan Thaadde ||113||


ਸਿੰਘਹਿ ਪ੍ਰੇਰ ਕੈ ਆਗੈ ਭਈ ਕਰਿ ਮੈ ਅਸਿ ਲੈ ਬਰ ਚੰਡ ਸੰਭਾਰਿਓ ॥

सिंघहि प्रेर कै आगै भई करि मै असि लै बर चंड संभारिओ ॥

si(n)gheh prer kai aagai bhiee kar mai as lai bar cha(n)dd sa(n)bhaario ||

ਮਾਰਿ ਕੇ ਧੂਰਿ ਕੀਏ ਚਕਚੂਰ ਗਿਰੇ ਅਰਿ ਪੂਰ ਮਹਾ ਰਨ ਪਾਰਿਓ ॥

मारि के धूरि कीए चकचूर गिरे अरि पूर महा रन पारिओ ॥

maar ke dhoor ke'ee chakachoor gire ar poor mahaa ran paario ||

ਫੇਰਿ ਕੇ ਘੇਰਿ ਲਇਓ ਰਨ ਮਾਹਿ ਸੁ ਮੁੰਡ ਕੋ ਮੁੰਡ ਜੁਦਾ ਕਰਿ ਮਾਰਿਓ ॥

फेरि के घेरि लइओ रन माहि सु मुँड को मुँड जुदा करि मारिओ ॥

fer ke gher lio ran maeh su mu(n)dd ko mu(n)dd judhaa kar maario ||

ਐਸੇ ਪਰਿਓ ਧਰਿ ਊਪਰ ਜਾਇ ਜਿਉ ਬੇਲਹਿ ਤੇ ਕਦੂਆ ਕਟਿ ਡਾਰਿਓ ॥੧੧੪॥

ऐसे परिओ धरि ऊपर जाइ जिउ बेलहि ते कदूआ कटि डारिओ ॥११४॥

aaise pario dhar uoopar jai jiau beleh te kadhooaa kaT ddaario ||114||


ਸਿੰਘ ਚੜੀ ਮੁਖ ਸੰਖ ਬਜਾਵਤ ਜਿਉ ਘਨ ਮੈ ਤੜਤਾ ਦੁਤਿ ਮੰਡੀ ॥

सिंघ चड़ी मुख संख बजावत जिउ घन मै तड़ता दुति मंडी ॥

si(n)gh chaRee mukh sa(n)kh bajaavat jiau ghan mai taRataa dhut ma(n)ddee ||

ਚਕ੍ਰ ਚਲਾਇ ਗਿਰਾਇ ਦਇਓ ਅਰਿ ਭਾਜਤ ਦੈਤ ਬਡੇ ਬਰਬੰਡੀ ॥

चक्र चलाइ गिराइ दइओ अरि भाजत दैत बडे बरबंडी ॥

chakr chalai girai dhio ar bhaajat dhait badde baraba(n)ddee ||

ਭੂਤ ਪਿਸਾਚਨਿ ਮਾਸ ਅਹਾਰ ਕਰੈ ਕਿਲਕਾਰ ਖਿਲਾਰ ਕੇ ਝੰਡੀ ॥

भूत पिसाचनि मास अहार करै किलकार खिलार के झंडी ॥

bhoot pisaachan maas ahaar karai kilakaar khilaar ke jha(n)ddee ||

ਮੁੰਡ ਕੋ ਮੁੰਡ ਉਤਾਰ ਦਇਓ ਅਬ ਚੰਡ ਕੋ ਹਾਥ ਲਗਾਵਤ ਚੰਡੀ ॥੧੧੫॥

मुँड को मुँड उतार दइओ अब चंड को हाथ लगावत चंडी ॥११५॥

mu(n)dd ko mu(n)dd utaar dhio ab cha(n)dd ko haath lagaavat cha(n)ddee ||115||


ਮੁੰਡ ਮਹਾ ਰਨ ਮਧਿ ਹਨਿਓ ਫਿਰ ਕੈ ਬਰ ਚੰਡਿ ਤਬੈ ਇਹ ਕੀਨੋ ॥

मुँड महा रन मधि हनिओ फिर कै बर चंडि तबै इह कीनो ॥

mu(n)dd mahaa ran madh hanio fir kai bar cha(n)dd tabai ieh keeno ||

ਮਾਰਿ ਬਿਦਾਰ ਦਈ ਸਭ ਸੈਣ ਸੁ ਚੰਡਿਕਾ ਚੰਡ ਸੋ ਆਹਵ ਕੀਨੋ ॥

मारि बिदार दई सभ सैण सु चंडिका चंड सो आहव कीनो ॥

maar bidhaar dhiee sabh sain su cha(n)ddikaa cha(n)dd so aahav keeno ||

ਲੈ ਬਰਛੀ ਕਰ ਮੈ ਅਰਿ ਕੋ ਸਿਰ ਕੈ ਬਰੁ ਮਾਰਿ ਜੁਦਾ ਕਰਿ ਦੀਨੋ ॥

लै बरछी कर मै अरि को सिर कै बरु मारि जुदा करि दीनो ॥

lai barachhee kar mai ar ko sir kai bar maar judhaa kar dheeno ||

ਲੈ ਕੇ ਮਹੇਸ ਤ੍ਰਿਸੂਲ ਗਨੇਸ ਕੋ ਰੁੰਡ ਕੀਓ ਜਨੁ ਮੁੰਡ ਬਿਹੀਨੋ ॥੧੧੬॥

लै के महेस तृसूल गनेस को रुँड कीओ जनु मुँड बिहीनो ॥११६॥

lai ke mahes tirasool ganes ko ru(n)dd keeo jan mu(n)dd biheeno ||116||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਮਾਰਕੰਡੇ ਪੁਰਾਨੇ ਸ੍ਰੀ ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਚੰਡਮੁੰਡ ਬਧਹਿ ਚਤ੍ਰਥ ਧਯਾਇ ॥੪॥

इति स्री मारकंडे पुराने स्री चंडी चरित्र चंडमुँड बधहि चत्रथ धयाइ ॥४॥

eit sree maaraka(n)dde puraane sree cha(n)ddee charitr cha(n)ddamu(n)dd badheh chatrath dhayai ||4||



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