Pt 3, Chandi Charitar Ukati Bilas,
ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ,
चंडी चरित्र उकति बिलास


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
---

ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਲੋਪ ਚੰਡਕਾ ਹੋਇ ਗਈ ਸੁਰਪਤਿ ਕੌ ਦੇ ਰਾਜ ॥

लोप चंडका होइ गई सुरपति कौ दे राज ॥

lop cha(n)ddakaa hoi giee surapat kau dhe raaj ||

ਦਾਨਵ ਮਾਰਿ ਅਭੇਖ ਕਰਿ ਕੀਨੇ ਸੰਤਨ ਕਾਜ ॥੫੩॥

दानव मारि अभेख करि कीने संतन काज ॥५३॥

dhaanav maar abhekh kar keene sa(n)tan kaaj ||53||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਯਾ ਤੇ ਪ੍ਰਸੰਨ ਭਏ ਹੈ ਮਹਾ ਮੁਨ ਦੇਵਨ ਕੇ ਤਪ ਮੈ ਸੁਖ ਪਾਵੈ ॥

या ते प्रसंन भए है महा मुन देवन के तप मै सुख पावै ॥

yaa te prasa(n)n bhe hai mahaa mun dhevan ke tap mai sukh paavai ||

ਜਗ੍ਯ ਕਰੈ ਇਕ ਬੇਦ ਰਰੈ ਭਵ ਤਾਪ ਹਰੈ ਮਿਲਿ ਧਿਆਨਹਿ ਲਾਵੈ ॥

जग्य करै इक बेद ररै भव ताप हरै मिलि धिआनहि लावै ॥

jagay karai ik bedh rarai bhav taap harai mil dhiaaneh laavai ||

ਝਾਲਰ ਤਾਲ ਮ੍ਰਿਦੰਗ ਉਪੰਗ ਰਬਾਬ ਲੀਏ ਸੁਰ ਸਾਜ ਮਿਲਾਵੈ ॥

झालर ताल मृदंग उपंग रबाब लीए सुर साज मिलावै ॥

jhaalar taal miradha(n)g upa(n)g rabaab le'ee sur saaj milaavai ||

ਕਿੰਨਰ ਗੰਧ੍ਰਬ ਗਾਨ ਕਰੈ ਗਨਿ ਜਛ ਅਪਛਰ ਨਿਰਤ ਦਿਖਾਵੈ ॥੫੪॥

किंनर गंध्रब गान करै गनि जछ अपछर निरत दिखावै ॥५४॥

ki(n)nar ga(n)dhrab gaan karai gan jachh apachhar nirat dhikhaavai ||54||


ਸੰਖਨ ਕੀ ਧੁਨ ਘੰਟਨਿ ਕੀ ਕਰਿ ਫੂਲਨ ਕੀ ਬਰਖਾ ਬਰਖਾਵੈ ॥

संखन की धुन घंटनि की करि फूलन की बरखा बरखावै ॥

sa(n)khan kee dhun gha(n)Tan kee kar foolan kee barakhaa barakhaavai ||

ਆਰਤੀ ਕੋਟਿ ਕਰੈ ਸੁਰ ਸੁੰਦਰਿ ਪੇਖ ਪੁਰੰਦਰ ਕੇ ਬਲਿ ਜਾਵੈ ॥

आरती कोटि करै सुर सुँदरि पेख पुरंदर के बलि जावै ॥

aaratee koT karai sur su(n)dhar pekh pura(n)dhar ke bal jaavai ||

ਦਾਨਤ ਦਛਨ ਦੈ ਕੈ ਪ੍ਰਦਛਨ ਭਾਲ ਮੈ ਕੁੰਕਮ ਅਛਤ ਲਾਵੈ ॥

दानत दछन दै कै प्रदछन भाल मै कुँकम अछत लावै ॥

dhaanat dhachhan dhai kai pradhachhan bhaal mai ku(n)kam achhat laavai ||

ਹੋਤ ਕੁਲਾਹਲ ਦੇਵਪੁਰੀ ਮਿਲ ਦੇਵਨ ਕੇ ਕੁਲਿ ਮੰਗਲ ਗਾਵੈ ॥੫੫॥

होत कुलाहल देवपुरी मिल देवन के कुलि मंगल गावै ॥५५॥

hot kulaahal dhevapuree mil dhevan ke kul ma(n)gal gaavai ||55||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਐਸੇ ਚੰਡ ਪ੍ਰਤਾਪ ਤੇ ਦੇਵਨ ਬਢਿਓ ਪ੍ਰਤਾਪ ॥

ऐसे चंड प्रताप ते देवन बढिओ प्रताप ॥

aaise cha(n)dd prataap te dhevan baddio prataap ||

ਤੀਨ ਲੋਕ ਜੈ ਜੈ ਕਰੈ ਰਰੈ ਨਾਮੁ ਸਤਿ ਜਾਪ ॥੫੬॥

तीन लोक जै जै करै ररै नामु सति जाप ॥५६॥

teen lok jai jai karai rarai naam sat jaap ||56||


ਇਸੀ ਭਾਤਿ ਸੋ ਦੇਵਤਨ ਰਾਜ ਕੀਯੋ ਸੁਖ ਮਾਨਿ ॥

इसी भाति सो देवतन राज कीयो सुख मानि ॥

eisee bhaat so dhevatan raaj keeyo sukh maan ||

ਬਹੁਰ ਸੁੰਭ ਨੈਸੁੰਭ ਦੁਇ ਦੈਤ ਬਡੇ ਬਲਿਵਾਨ ॥੫੭॥

बहुर सुँभ नैसुँभ दुइ दैत बडे बलिवान ॥५७॥

bahur su(n)bh naisu(n)bh dhui dhait badde balivaan ||57||


ਇੰਦ੍ਰ ਲੋਕ ਕੇ ਰਾਜ ਹਿਤ ਚੜਿ ਧਾਏ ਨ੍ਰਿਪ ਸੁੰਭ ॥

इंद्र लोक के राज हित चड़ि धाए नृप सुँभ ॥

ei(n)dhr lok ke raaj hit chaR dhaae nirap su(n)bh ||

ਸੈਨਾ ਚਤੁਰੰਗਨਿ ਰਚੀ ਪਾਇਕ ਰਥ ਹੈ ਕੁੰਭ ॥੫੮॥

सैना चतुरंगनि रची पाइक रथ है कुँभ ॥५८॥

sainaa chatura(n)gan rachee paik rath hai ku(n)bh ||58||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਬਾਜਤ ਡੰਕ ਪੁਰੀ ਧੁਨ ਕਾਨਿ ਸੁ ਸੰਕਿ ਪੁਰੰਦਰ ਮੂੰਦਤ ਪਉਰੈ ॥

बाजत डंक पुरी धुन कानि सु संकि पुरंदर मूँदत पउरै ॥

baajat dda(n)k puree dhun kaan su sa(n)k pura(n)dhar moo(n)dhat paurai ||

ਸੂਰ ਮੈ ਨਾਹਿ ਰਹੀ ਦੁਤਿ ਦੇਖਿ ਕੇ ਜੁਧ ਕੋ ਦੈਤ ਭਏ ਇਕ ਠਉਰੈ ॥

सूर मै नाहि रही दुति देखि के जुध को दैत भए इक ठउरै ॥

soor mai naeh rahee dhut dhekh ke judh ko dhait bhe ik Thaurai ||

ਕਾਪ ਸਮੁੰਦ੍ਰ ਉਠੇ ਸਿਗਰੇ ਬਹੁ ਭਾਰ ਭਈ ਧਰਨੀ ਗਤਿ ਅਉਰੈ ॥

काप समुँद्र उठे सिगरे बहु भार भई धरनी गति अउरै ॥

kaap samu(n)dhr uThe sigare bahu bhaar bhiee dharanee gat aaurai ||

ਮੇਰੁ ਹਲਿਓ ਦਹਲਿਓ ਸੁਰ ਲੋਕ ਜਬੈ ਦਲ ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਕੇ ਦਉਰੈ ॥੫੯॥

मेरु हलिओ दहलिओ सुर लोक जबै दल सुँभ निसुँभ के दउरै ॥५९॥

mer halio dhahalio sur lok jabai dhal su(n)bh nisu(n)bh ke dhaurai ||59||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਦੇਵ ਸਭੈ ਮਿਲਿ ਕੇ ਤਬੈ ਗਏ ਸਕ੍ਰ ਪਹਿ ਧਾਇ ॥

देव सभै मिलि के तबै गए सक्र पहि धाइ ॥

dhev sabhai mil ke tabai ge sakr peh dhai ||

ਕਹਿਓ ਦੈਤ ਆਏ ਪ੍ਰਬਲ ਕੀਜੈ ਕਹਾ ਉਪਾਇ ॥੬੦॥

कहिओ दैत आए प्रबल कीजै कहा उपाइ ॥६०॥

kahio dhait aae prabal keejai kahaa upai ||60||


ਸੁਨਿ ਕੋਪਿਓ ਸੁਰਪਾਲ ਤਬ ਕੀਨੋ ਜੁਧ ਉਪਾਇ ॥

सुनि कोपिओ सुरपाल तब कीनो जुध उपाइ ॥

sun kopio surapaal tab keeno judh upai ||

ਸੇਖ ਦੇਵ ਗਨ ਜੇ ਹੁਤੇ ਤੇ ਸਭ ਲੀਏ ਬੁਲਾਇ ॥੬੧॥

सेख देव गन जे हुते ते सभ लीए बुलाइ ॥६१॥

sekh dhev gan je hute te sabh le'ee bulai ||61||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਭੂਮਿ ਕੋ ਭਾਰ ਉਤਾਰਨ ਕੋ ਜਗਦੀਸ ਬਿਚਾਰ ਕੈ ਜੁਧੁ ਠਟਾ ॥

भूमि को भार उतारन को जगदीस बिचार कै जुधु ठटा ॥

bhoom ko bhaar utaaran ko jagadhees bichaar kai judh ThaTaa ||

ਗਰਜੈ ਮਦਮਤ ਕਰੀ ਬਦਰਾ ਬਗ ਪੰਤਿ ਲਸੈ ਜਨ ਦੰਤ ਗਟਾ ॥

गरजै मदमत करी बदरा बग पंति लसै जन दंत गटा ॥

garajai madhamat karee badharaa bag pa(n)t lasai jan dha(n)t gaTaa ||

ਪਹਰੈ ਤਨਤ੍ਰਾਨ ਫਿਰੈ ਤਹ ਬੀਰ ਲੀਏ ਬਰਛੀ ਕਰਿ ਬਿਜੁ ਛਟਾ ॥

पहरै तनत्रान फिरै तह बीर लीए बरछी करि बिजु छटा ॥

paharai tanatraan firai teh beer le'ee barachhee kar bij chhaTaa ||

ਦਲ ਦੈਤਨ ਕੋ ਅਰਿ ਦੇਵਨ ਪੈ ਉਮਡਿਓ ਮਾਨੋ ਘੋਰ ਘਮੰਡ ਘਟਾ ॥੬੨॥

दल दैतन को अरि देवन पै उमडिओ मानो घोर घमंड घटा ॥६२॥

dhal dhaitan ko ar dhevan pai umaddio maano ghor ghama(n)dd ghaTaa ||62||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸਗਲ ਦੈਤ ਇਕਠੇ ਭਏ ਕਰਿਯੋ ਜੁਧ ਕੋ ਸਾਜ ॥

सगल दैत इकठे भए करियो जुध को साज ॥

sagal dhait ikaThe bhe kariyo judh ko saaj ||

ਅਮਰਪੁਰੀ ਮਹਿ ਜਾਇ ਕੈ ਘੇਰਿ ਲੀਓ ਸੁਰ ਰਾਜ ॥੬੩॥

अमरपुरी महि जाइ कै घेरि लीओ सुर राज ॥६३॥

amarapuree meh jai kai gher leeo sur raaj ||63||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਖੋਲਿ ਕੈ ਦੁਆਰਾ ਕਿਵਾਰ ਸਭੈ ਨਿਕਸੀ ਅਸੁਰਾਰਿ ਕੀ ਸੈਨ ਚਲੀ ॥

खोलि कै दुआरा किवार सभै निकसी असुरारि की सैन चली ॥

khol kai dhuaaraa kivaar sabhai nikasee asuraar kee sain chalee ||

ਰਨ ਮੈ ਤਬ ਆਨਿ ਇਕਤ੍ਰ ਭਏ ਲਖਿ ਸਤ੍ਰੁ ਕੀ ਪਤ੍ਰਿ ਜਿਉ ਸੈਨ ਹਲੀ ॥

रन मै तब आनि इकत्र भए लखि सत्रु की पतृ जिउ सैन हली ॥

ran mai tab aan ikatr bhe lakh satr kee patr jiau sain halee ||

ਦ੍ਰੁਮ ਦੀਰਘ ਜਿਉ ਗਜ ਬਾਜ ਹਲੇ ਰਥ ਪਾਇਕ ਜਿਉ ਫਲ ਫੂਲ ਕਲੀ ॥

द्रुम दीरघ जिउ गज बाज हले रथ पाइक जिउ फल फूल कली ॥

dhrum dheeragh jiau gaj baaj hale rath paik jiau fal fool kalee ||

ਦਲ ਸੁੰਭ ਕੋ ਮੇਘ ਬਿਡਾਰਨ ਕੋ ਨਿਕਸਿਉ ਮਘਵਾ ਮਾਨੋ ਪਉਨ ਬਲੀ ॥੬੪॥

दल सुँभ को मेघ बिडारन को निकसिउ मघवा मानो पउन बली ॥६४॥

dhal su(n)bh ko megh biddaaran ko nikasiau maghavaa maano paun balee ||64||


ਇਹ ਕੋਪ ਪੁਰੰਦਰ ਦੇਵ ਚੜੇ ਉਤ ਜੁਧ ਕੋ ਸੁੰਭ ਚੜੇ ਰਨ ਮੈ ॥

इह कोप पुरंदर देव चड़े उत जुध को सुँभ चड़े रन मै ॥

eeh kop pura(n)dhar dhev chaRe ut judh ko su(n)bh chaRe ran mai ||

ਕਰ ਬਾਨ ਕਮਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਗਦਾ ਪਹਿਰੇ ਤਨ ਤ੍ਰਾਨ ਤਬੈ ਤਨ ਮੈ ॥

कर बान कमान कृपान गदा पहिरे तन त्रान तबै तन मै ॥

kar baan kamaan kirapaan gadhaa pahire tan traan tabai tan mai ||

ਤਬ ਮਾਰ ਮਚੀ ਦੁਹੂੰ ਓਰਨ ਤੇ ਨ ਰਹਿਓ ਭ੍ਰਮ ਸੂਰਨ ਕੇ ਮਨ ਮੈ ॥

तब मार मची दुहूँ ओरन ते न रहिओ भ्रम सूरन के मन मै ॥

tab maar machee dhuhoo(n) oran te na rahio bhram sooran ke man mai ||

ਬਹੁ ਜੰਬੁਕ ਗ੍ਰਿਝ ਚਲੈ ਸੁਨਿ ਕੈ ਅਤਿ ਮੋਦ ਬਢਿਓ ਸਿਵ ਕੇ ਗਨ ਮੈ ॥੬੫॥

बहु जंबुक गृझ चलै सुनि कै अति मोद बढिओ सिव के गन मै ॥६५॥

bahu ja(n)buk girajh chalai sun kai at modh baddio siv ke gan mai ||65||


ਰਾਜ ਪੁਰੰਦਰ ਕੋਪ ਕੀਓ ਇਤਿ ਜੁਧ ਕੋ ਦੈਤ ਜੁਰੇ ਉਤ ਕੈਸੇ ॥

राज पुरंदर कोप कीओ इति जुध को दैत जुरे उत कैसे ॥

raaj pura(n)dhar kop keeo it judh ko dhait jure ut kaise ||

ਸਿਆਮ ਘਟਾ ਘੁਮਰੀ ਘਨਘੋਰ ਕੈ ਘੇਰਿ ਲੀਓ ਹਰਿ ਕੋ ਰਵਿ ਤੈਸੇ ॥

सिआम घटा घुमरी घनघोर कै घेरि लीओ हरि को रवि तैसे ॥

siaam ghaTaa ghumaree ghanaghor kai gher leeo har ko rav taise ||

ਸਕ੍ਰ ਕਮਾਨ ਕੇ ਬਾਨ ਲਗੇ ਸਰ ਫੋਕ ਲਸੈ ਅਰਿ ਕੇ ਉਰਿ ਐਸੇ ॥

सक्र कमान के बान लगे सर फोक लसै अरि के उरि ऐसे ॥

sakr kamaan ke baan lage sar fok lasai ar ke ur aaise ||

ਮਾਨੋ ਪਹਾਰ ਕਰਾਰ ਮੈ ਚੋਂਚ ਪਸਾਰਿ ਰਹੇ ਸਿਸੁ ਸਾਰਕ ਜੈਸੇ ॥੬੬॥

मानो पहार करार मै चोंच पसारि रहे सिसु सारक जैसे ॥६६॥

maano pahaar karaar mai cho(n)ch pasaar rahe sis saarak jaise ||66||


ਬਾਨ ਲਗੇ ਲਖ ਸੁੰਭ ਦਈਤ ਧਸੇ ਰਨ ਲੈ ਕਰਵਾਰਨ ਕੋ ॥

बान लगे लख सुँभ दईत धसे रन लै करवारन को ॥

baan lage lakh su(n)bh dhieet dhase ran lai karavaaran ko ||

ਰੰਗਭੂਮਿ ਮੈ ਸਤ੍ਰੁ ਗਿਰਾਇ ਦਏ ਬਹੁ ਸ੍ਰਉਨ ਬਹਿਓ ਅਸੁਰਾਨ ਕੋ ॥

रंगभूमि मै सत्रु गिराइ दए बहु स्रउन बहिओ असुरान को ॥

ra(n)gabhoom mai satr girai dhe bahu sraun bahio asuraan ko ||

ਪ੍ਰਗਟੇ ਗਨ ਜੰਬੁਕ ਗ੍ਰਿਝ ਪਿਸਾਚ ਸੁ ਯੌ ਰਨ ਭਾਤਿ ਪੁਕਾਰਨ ਕੋ ॥

प्रगटे गन जंबुक गृझ पिसाच सु यौ रन भाति पुकारन को ॥

pragaTe gan ja(n)buk girajh pisaach su yau ran bhaat pukaaran ko ||

ਸੁ ਮਨੋ ਭਟ ਸਾਰਸੁਤੀ ਤਟਿ ਨਾਤ ਹੈ ਪੂਰਬ ਪਾਪ ਉਤਾਰਨ ਕੋ ॥੬੭॥

सु मनो भट सारसुती तटि नात है पूरब पाप उतारन को ॥६७॥

s mano bhaT saarasutee taT naat hai poorab paap utaaran ko ||67||


ਜੁਧ ਨਿਸੁੰਭ ਭਇਆਨ ਰਚਿਓ ਅਸ ਆਗੇ ਨ ਦਾਨਵ ਕਾਹੂ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥

जुध निसुँभ भइआन रचिओ अस आगे न दानव काहू करिओ है ॥

judh nisu(n)bh bhiaan rachio as aage na dhaanav kaahoo kario hai ||

ਲੋਥਨ ਊਪਰਿ ਲੋਥ ਪਰੀ ਤਹ ਗੀਧ ਸ੍ਰਿੰਗਾਲਨਿ ਮਾਸੁ ਚਰਿਓ ਹੈ ॥

लोथन ऊपरि लोथ परी तह गीध सृंगालनि मासु चरिओ है ॥

lothan uoopar loth paree teh geedh sira(n)gaalan maas chario hai ||

ਗੂਦ ਬਹੈ ਸਿਰ ਕੇਸਨ ਤੇ ਸਿਤ ਪੁੰਜ ਪ੍ਰਵਾਹ ਧਰਾਨਿ ਪਰਿਓ ਹੈ ॥

गूद बहै सिर केसन ते सित पुँज प्रवाह धरानि परिओ है ॥

goodh bahai sir kesan te sit pu(n)j pravaeh dharaan pario hai ||

ਮਾਨਹੁ ਜਟਾਧਰ ਕੀ ਜਟ ਤੇ ਜਨੁ ਰੋਸ ਕੈ ਗੰਗ ਕੋ ਨੀਰ ਢਰਿਓ ਹੈ ॥੬੮॥

मानहु जटाधर की जट ते जनु रोस कै गंग को नीर ढरिओ है ॥६८॥

maanahu jaTaadhar kee jaT te jan ros kai ga(n)g ko neer ddario hai ||68||


ਬਾਰ ਸਿਵਾਰ ਭਏ ਤਿਹ ਠਉਰ ਸੁ ਫੇਨ ਜਿਉ ਛਤ੍ਰ ਫਿਰੇ ਤਰਤਾ ॥

बार सिवार भए तिह ठउर सु फेन जिउ छत्र फिरे तरता ॥

baar sivaar bhe teh Thaur su fen jiau chhatr fire tarataa ||

ਕਰ ਅੰਗੁਲਕਾ ਸਫਰੀ ਤਲਫੈ ਭੁਜ ਕਾਟਿ ਭੁਜੰਗ ਕਰੇ ਕਰਤਾ ॥

कर अंगुलका सफरी तलफै भुज काटि भुजंग करे करता ॥

kar a(n)gulakaa safaree talafai bhuj kaaT bhuja(n)g kare karataa ||

ਹਯ ਨਕ੍ਰ ਧੁਜਾ ਦ੍ਰੁਮ ਸ੍ਰਉਣਤ ਨੀਰ ਮੈ ਚਕ੍ਰ ਜਿਉ ਚਕ੍ਰ ਫਿਰੈ ਗਰਤਾ ॥

हय नक्र धुजा द्रुम स्रउणत नीर मै चक्र जिउ चक्र फिरै गरता ॥

hay nakr dhujaa dhrum sraunat neer mai chakr jiau chakr firai garataa ||

ਤਬ ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਦੁਹੂੰ ਮਿਲਿ ਦਾਨਵ ਮਾਰ ਕਰੀ ਰਨ ਮੈ ਸਰਤਾ ॥੬੯॥

तब सुँभ निसुँभ दुहूँ मिलि दानव मार करी रन मै सरता ॥६९॥

tab su(n)bh nisu(n)bh dhuhoo(n) mil dhaanav maar karee ran mai sarataa ||69||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸੁਰ ਹਾਰੈ ਜੀਤੈ ਅਸੁਰ ਲੀਨੋ ਸਕਲ ਸਮਾਜ ॥

सुर हारै जीतै असुर लीनो सकल समाज ॥

sur haarai jeetai asur leeno sakal samaaj ||

ਦੀਨੋ ਇੰਦ੍ਰ ਭਜਾਇ ਕੈ ਮਹਾ ਪ੍ਰਬਲ ਦਲ ਸਾਜਿ ॥੭੦॥

दीनो इंद्र भजाइ कै महा प्रबल दल साजि ॥७०॥

dheeno i(n)dhr bhajai kai mahaa prabal dhal saaj ||70||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਛੀਨ ਭੰਡਾਰ ਲਇਓ ਹੈ ਕੁਬੇਰ ਤੇ ਸੇਸ ਹੂੰ ਤੇ ਮਨਿ ਮਾਲ ਛੁਡਾਈ ॥

छीन भंडार लइओ है कुबेर ते सेस हूँ ते मनि माल छुडाई ॥

chheen bha(n)ddaar lio hai kuber te ses hoo(n) te man maal chhuddaiee ||

ਜੀਤ ਲੁਕੇਸ ਦਿਨੇਸ ਨਿਸੇਸ ਗਨੇਸ ਜਲੇਸ ਦੀਓ ਹੈ ਭਜਾਈ ॥

जीत लुकेस दिनेस निसेस गनेस जलेस दीओ है भजाई ॥

jeet lukes dhines nises ganes jales dheeo hai bhajaiee ||

ਲੋਕ ਕੀਏ ਤਿਨ ਤੀਨਹੁ ਆਪਨੇ ਦੈਤ ਪਠੇ ਤਹ ਦੈ ਠਕੁਰਾਈ ॥

लोक कीए तिन तीनहु आपने दैत पठे तह दै ठकुराई ॥

lok ke'ee tin teenahu aapane dhait paThe teh dhai Thakuraiee ||

ਜਾਇ ਬਸੇ ਸੁਰ ਧਾਮ ਤੇਊ ਤਿਨ ਸੁੰਭ ਨਿਸੁੰਭ ਕੀ ਫੇਰੀ ਦੁਹਾਈ ॥੭੧॥

जाइ बसे सुर धाम तेऊ तिन सुँभ निसुँभ की फेरी दुहाई ॥७१॥

jai base sur dhaam teuoo tin su(n)bh nisu(n)bh kee feree dhuhaiee ||71||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਖੇਤ ਜੀਤ ਦੈਤਨ ਲੀਓ ਗਏ ਦੇਵਤੇ ਭਾਜ ॥

खेत जीत दैतन लीओ गए देवते भाज ॥

khet jeet dhaitan leeo ge dhevate bhaaj ||

ਇਹੈ ਬਿਚਾਰਿਓ ਮਨ ਬਿਖੈ ਲੇਹੁ ਸਿਵਾ ਤੇ ਰਾਜ ॥੭੨॥

इहै बिचारिओ मन बिखै लेहु सिवा ते राज ॥७२॥

eihai bichaario man bikhai leh sivaa te raaj ||72||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਦੇਵ ਸੁਰੇਸ ਦਿਨੇਸ ਨਿਸੇਸ ਮਹੇਸ ਪੁਰੀ ਮਹਿ ਜਾਇ ਬਸੇ ਹੈ ॥

देव सुरेस दिनेस निसेस महेस पुरी महि जाइ बसे है ॥

dhev sures dhines nises mahes puree meh jai base hai ||

ਭੇਸ ਬੁਰੇ ਤਹਾ ਜਾਇ ਦੁਰੇ ਸਿਰ ਕੇਸ ਜੁਰੇ ਰਨ ਤੇ ਜੁ ਤ੍ਰਸੇ ਹੈ ॥

भेस बुरे तहा जाइ दुरे सिर केस जुरे रन ते जु त्रसे है ॥

bhes bure tahaa jai dhure sir kes jure ran te ju trase hai ||

ਹਾਲ ਬਿਹਾਲ ਮਹਾ ਬਿਕਰਾਲ ਸੰਭਾਲ ਨਹੀ ਜਨੁ ਕਾਲ ਗ੍ਰਸੇ ਹੈ ॥

हाल बिहाल महा बिकराल संभाल नही जनु काल ग्रसे है ॥

haal bihaal mahaa bikaraal sa(n)bhaal nahee jan kaal grase hai ||

ਬਾਰ ਹੀ ਬਾਰ ਪੁਕਾਰ ਕਰੀ ਅਤਿ ਆਰਤਵੰਤ ਦਰੀਨਿ ਧਸੇ ਹੈ ॥੭੩॥

बार ही बार पुकार करी अति आरतवंत दरीनि धसे है ॥७३॥

baar hee baar pukaar karee at aaratava(n)t dhareen dhase hai ||73||


ਕਾਨ ਸੁਨੀ ਧੁਨਿ ਦੇਵਨ ਕੀ ਸਭ ਦਾਨਵ ਮਾਰਨ ਕੋ ਪ੍ਰਨ ਕੀਨੋ ॥

कान सुनी धुनि देवन की सभ दानव मारन को प्रन कीनो ॥

kaan sunee dhun dhevan kee sabh dhaanav maaran ko pran keeno ||

ਹੁਇ ਕੈ ਪ੍ਰਤਛ ਮਹਾ ਬਰ ਚੰਡਿ ਸੁ ਕ੍ਰੁਧ ਹ੍ਵੈ ਜੁਧ ਬਿਖੈ ਮਨ ਦੀਨੋ ॥

हुइ कै प्रतछ महा बर चंडि सु क्रुध ह्वै जुध बिखै मन दीनो ॥

hui kai pratachh mahaa bar cha(n)dd su krudh havai judh bikhai man dheeno ||

ਭਾਲ ਕੋ ਫੋਰ ਕੈ ਕਾਲੀ ਭਈ ਲਖਿ ਤਾ ਛਬਿ ਕੋ ਕਬਿ ਕੋ ਮਨ ਭੀਨੋ ॥

भाल को फोर कै काली भई लखि ता छबि को कबि को मन भीनो ॥

bhaal ko for kai kaalee bhiee lakh taa chhab ko kab ko man bheeno ||

ਦੈਤ ਸਮੂਹਿ ਬਿਨਾਸਨ ਕੋ ਜਮ ਰਾਜ ਤੇ ਮ੍ਰਿਤ ਮਨੋ ਭਵ ਲੀਨੋ ॥੭੪॥

दैत समूहि बिनासन को जम राज ते मृत मनो भव लीनो ॥७४॥

dhait samooh binaasan ko jam raaj te mirat mano bhav leeno ||74||


ਪਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਧਰੇ ਬਲਵਾਨ ਸੁ ਕੋਪ ਕੈ ਬਿਜੁਲ ਜਿਉ ਗਰਜੀ ਹੈ ॥

पान कृपान धरे बलवान सु कोप कै बिजुल जिउ गरजी है ॥

paan kirapaan dhare balavaan su kop kai bijul jiau garajee hai ||

ਮੇਰੁ ਸਮੇਤ ਹਲੇ ਗਰੂਏ ਗਿਰ ਸੇਸ ਕੇ ਸੀਸ ਧਰਾ ਲਰਜੀ ਹੈ ॥

मेरु समेत हले गरूए गिर सेस के सीस धरा लरजी है ॥

mer samet hale garooe gir ses ke sees dharaa larajee hai ||

ਬ੍ਰਹਮ ਧਨੇਸ ਦਿਨੇਸ ਡਰਿਓ ਸੁਨ ਕੈ ਹਰਿ ਕੀ ਛਤੀਆ ਤਰਜੀ ਹੈ ॥

ब्रहम धनेस दिनेस डरिओ सुन कै हरि की छतीआ तरजी है ॥

braham dhanes dhines ddario sun kai har kee chhateeaa tarajee hai ||

ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਅਖੰਡ ਲੀਏ ਕਰਿ ਕਾਲਿਕਾ ਕਾਲ ਹੀ ਜਿਉ ਅਰਜੀ ਹੈ ॥੭੫॥

चंड प्रचंड अखंड लीए करि कालिका काल ही जिउ अरजी है ॥७५॥

cha(n)dd pracha(n)dd akha(n)dd le'ee kar kaalikaa kaal hee jiau arajee hai ||75||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਨਿਰਖ ਚੰਡਕਾ ਤਾਸ ਕੋ ਤਬੈ ਬਚਨ ਇਹ ਕੀਨ ॥

निरख चंडका तास को तबै बचन इह कीन ॥

nirakh cha(n)ddakaa taas ko tabai bachan ieh keen ||

ਹੇ ਪੁਤ੍ਰੀ ਤੂੰ ਕਾਲਿਕਾ ਹੋਹੁ ਜੁ ਮੁਝ ਮੈ ਲੀਨ ॥੭੬॥

हे पुत्री तूँ कालिका होहु जु मुझ मै लीन ॥७६॥

he putree too(n) kaalikaa hohu ju mujh mai leen ||76||


ਸੁਨਤ ਬਚਨ ਯਹ ਚੰਡਿ ਕੋ ਤਾ ਮਹਿ ਗਈ ਸਮਾਇ ॥

सुनत बचन यह चंडि को ता महि गई समाइ ॥

sunat bachan yeh cha(n)dd ko taa meh giee samai ||

ਜਿਉ ਗੰਗਾ ਕੀ ਧਾਰ ਮੈ ਜਮੁਨਾ ਪੈਠੀ ਧਾਇ ॥੭੭॥

जिउ गंगा की धार मै जमुना पैठी धाइ ॥७७॥

jiau ga(n)gaa kee dhaar mai jamunaa paiThee dhai ||77||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਬੈਠ ਤਬੈ ਗਿਰਿਜਾ ਅਰੁ ਦੇਵਨ ਬੁਧਿ ਇਹੈ ਮਨ ਮਧਿ ਬਿਚਾਰੀ ॥

बैठ तबै गिरिजा अरु देवन बुधि इहै मन मधि बिचारी ॥

baiTh tabai girijaa ar dhevan budh ihai man madh bichaaree ||

ਜੁਧ ਕੀਏ ਬਿਨੁ ਫੇਰ ਫਿਰੈ ਨਹਿ ਭੂਮਿ ਸਭੈ ਅਪਨੀ ਅਵਧਾਰੀ ॥

जुध कीए बिनु फेर फिरै नहि भूमि सभै अपनी अवधारी ॥

judh ke'ee bin fer firai neh bhoom sabhai apanee avadhaaree ||

ਇੰਦ੍ਰ ਕਹਿਓ ਅਬ ਢੀਲ ਬਨੇ ਨਹਿ ਮਾਤ ਸੁਨੋ ਯਹ ਬਾਤ ਹਮਾਰੀ ॥

इंद्र कहिओ अब ढील बने नहि मात सुनो यह बात हमारी ॥

ei(n)dhr kahio ab ddeel bane neh maat suno yeh baat hamaaree ||

ਦੈਤਨ ਕੇ ਬਧ ਕਾਜ ਚਲੀ ਰਣਿ ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਭੁਜੰਗਨਿ ਕਾਰੀ ॥੭੮॥

दैतन के बध काज चली रणि चंड प्रचंड भुजंगनि कारी ॥७८॥

dhaitan ke badh kaaj chalee ran cha(n)dd pracha(n)dd bhuja(n)gan kaaree ||78||


ਕੰਚਨ ਸੇ ਤਨ ਖੰਜਨ ਸੇ ਦ੍ਰਿਗ ਕੰਜਨ ਕੀ ਸੁਖਮਾ ਸਕੁਚੀ ਹੈ ॥

कंचन से तन खंजन से दृग कंजन की सुखमा सकुची है ॥

ka(n)chan se tan kha(n)jan se dhirag ka(n)jan kee sukhamaa sakuchee hai ||

ਲੈ ਕਰਤਾਰ ਸੁਧਾ ਕਰ ਮੈ ਮਧ ਮੂਰਤਿ ਸੀ ਅੰਗ ਅੰਗ ਰਚੀ ਹੈ ॥

लै करतार सुधा कर मै मध मूरति सी अंग अंग रची है ॥

lai karataar sudhaa kar mai madh moorat see a(n)g a(n)g rachee hai ||

ਆਨਨ ਕੀ ਸਰ ਕੋ ਸਸਿ ਨਾਹਿਨ ਅਉਰ ਕਛੂ ਉਪਮਾ ਨ ਬਚੀ ਹੈ ॥

आनन की सर को ससि नाहिन अउर कछू उपमा न बची है ॥

aanan kee sar ko sas naahin aaur kachhoo upamaa na bachee hai ||

ਸ੍ਰਿੰਗ ਸੁਮੇਰ ਕੇ ਚੰਡਿ ਬਿਰਾਜਤ ਮਾਨੋ ਸਿੰਘਾਸਨ ਬੈਠੀ ਸਚੀ ਹੈ ॥੭੯॥

सृंग सुमेर के चंडि बिराजत मानो सिंघासन बैठी सची है ॥७९॥

sira(n)g sumer ke cha(n)dd biraajat maano si(n)ghaasan baiThee sachee hai ||79||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਐਸੇ ਸ੍ਰਿੰਗ ਸੁਮੇਰ ਕੇ ਸੋਭਤ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ॥

ऐसे सृंग सुमेर के सोभत चंडि प्रचंड ॥

aaise sira(n)g sumer ke sobhat cha(n)dd pracha(n)dd ||

ਚੰਦ੍ਰਹਾਸ ਕਰਿ ਬਰ ਧਰੇ ਜਨ ਜਮ ਲੀਨੇ ਦੰਡ ॥੮੦॥

चंद्रहास करि बर धरे जन जम लीने दंड ॥८०॥

cha(n)dhrahaas kar bar dhare jan jam leene dha(n)dd ||80||


ਕਿਸੀ ਕਾਜ ਕੋ ਦੈਤ ਇਕ ਆਇਓ ਹੈ ਤਿਹ ਠਾਇ ॥

किसी काज को दैत इक आइओ है तिह ठाइ ॥

kisee kaaj ko dhait ik aaio hai teh Thai ||

ਨਿਰਖ ਰੂਪ ਬਰੁ ਚੰਡਿ ਕੋ ਗਿਰਿਓ ਮੂਰਛਾ ਖਾਹਿ ॥੮੧॥

निरख रूप बरु चंडि को गिरिओ मूरछा खाहि ॥८१॥

nirakh roop bar cha(n)dd ko girio moorachhaa khaeh ||81||


ਉਠਿ ਸੰਭਾਰਿ ਕਰ ਜੋਰ ਕੈ ਕਹੀ ਚੰਡ ਸੋ ਬਾਤ ॥

उठि संभारि कर जोर कै कही चंड सो बात ॥

auTh sa(n)bhaar kar jor kai kahee cha(n)dd so baat ||

ਨ੍ਰਿਪਤਿ ਸੁੰਭ ਕੋ ਭਾਤ ਹੌ ਕਹ੍ਯੋ ਬਚਨ ਸੁਕਚਾਤ ॥੮੨॥

नृपति सुँभ को भात हौ कह्यो बचन सुकचात ॥८२॥

nirapat su(n)bh ko bhaat hau kahayo bachan sukachaat ||82||


ਤੀਨ ਲੋਕ ਜਿਨਿ ਬਸਿ ਕੀਏ ਅਤਿ ਬਲ ਭੁਜਾ ਅਖੰਡ ॥

तीन लोक जिनि बसि कीए अति बल भुजा अखंड ॥

teen lok jin bas ke'ee at bal bhujaa akha(n)dd ||

ਐਸੋ ਭੂਪਤਿ ਸੁੰਭ ਹੈ ਤਾਹਿ ਬਰੇ ਬਰਿ ਚੰਡ ॥੮੩॥

ऐसो भूपति सुँभ है ताहि बरे बरि चंड ॥८३॥

aaiso bhoopat su(n)bh hai taeh bare bar cha(n)dd ||83||


ਸੁਨਿ ਰਾਕਸ ਕੀ ਬਾਤ ਕੋ ਦੇਵੀ ਉੱਤਰ ਦੀਨ ॥

सुनि राकस की बात को देवी उत्तर दीन ॥

sun raakas kee baat ko dhevee u'tar dheen ||

ਜੁਧ ਕਰੈ ਬਿਨੁ ਨਹਿ ਬਰੋ ਸੁਨਹੁ ਦੈਤ ਮਤਹੀਨ ॥੮੪॥

जुध करै बिनु नहि बरो सुनहु दैत मतहीन ॥८४॥

judh karai bin neh baro sunahu dhait mataheen ||84||


ਇਹ ਸੁਨਿ ਦਾਨਵ ਚਪਲ ਗਤਿ ਗਇਓ ਸੁੰਭ ਕੇ ਪਾਸ ॥

इह सुनि दानव चपल गति गइओ सुँभ के पास ॥

eeh sun dhaanav chapal gat gio su(n)bh ke paas ||

ਪਰਿ ਪਾਇਨ ਕਰ ਜੋਰ ਕੈ ਕਰੀ ਏਕ ਅਰਦਾਸ ॥੮੫॥

परि पाइन कर जोर कै करी एक अरदास ॥८५॥

par pain kar jor kai karee ek aradhaas ||85||


ਅਉਰ ਰਤਨ ਨ੍ਰਿਪ ਧਾਮ ਤੁਅ ਤ੍ਰੀਆ ਰਤਨ ਤੇ ਹੀਨ ॥

अउर रतन नृप धाम तुअ त्रीआ रतन ते हीन ॥

aaur ratan nirap dhaam tua treeaa ratan te heen ||

ਬਧੂ ਏਕ ਬਨ ਮੈ ਬਸੈ ਤਿਹ ਤੁਮ ਬਰੋ ਪ੍ਰਬੀਨ ॥੮੬॥

बधू एक बन मै बसै तिह तुम बरो प्रबीन ॥८६॥

badhoo ek ban mai basai teh tum baro prabeen ||86||


ਸੋਰਠਾ ॥

सोरठा ॥

soraThaa ||

ਸੁਨੀ ਮਨੋਹਰਿ ਬਾਤ ਨ੍ਰਿਪ ਬੂਝਿਓ ਪੁਨਿ ਤਾਹਿ ਕੋ ॥

सुनी मनोहरि बात नृप बूझिओ पुनि ताहि को ॥

sunee manohar baat nirap boojhio pun taeh ko ||

ਮੋ ਸੋ ਕਹਿਯੈ ਭ੍ਰਾਤ ਬਰਨਨ ਤਾਹਿ ਸਰੀਰ ਕੋ ॥੮੭॥

मो सो कहियै भ्रात बरनन ताहि सरीर को ॥८७॥

mo so kahiyai bhraat baranan taeh sareer ko ||87||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਹਰਿ ਸੋ ਮੁਖ ਹੈ ਹਰਿਤੀ ਦੁਖ ਹੈ ਅਲਿਕੈ ਹਰ ਹਾਰ ਪ੍ਰਭਾ ਹਰਿਨੀ ਹੈ ॥

हरि सो मुख है हरिती दुख है अलिकै हर हार प्रभा हरिनी है ॥

har so mukh hai haritee dhukh hai alikai har haar prabhaa harinee hai ||

ਲੋਚਨ ਹੈ ਹਰਿ ਸੇ ਸਰਸੇ ਹਰਿ ਸੇ ਭਰੁਟੇ ਹਰਿ ਸੀ ਬਰੁਨੀ ਹੈ ॥

लोचन है हरि से सरसे हरि से भरुटे हरि सी बरुनी है ॥

lochan hai har se sarase har se bharuTe har see barunee hai ||

ਕੇਹਰਿ ਸੋ ਕਰਿਹਾ ਚਲਬੋ ਹਰਿ ਪੈ ਹਰਿ ਕੀ ਹਰਿਨੀ ਤਰਨੀ ਹੈ ॥

केहरि सो करिहा चलबो हरि पै हरि की हरिनी तरनी है ॥

kehar so karihaa chalabo har pai har kee harinee taranee hai ||

ਹੈ ਕਰ ਮੈ ਹਰਿ ਪੈ ਹਰਿ ਸੋ ਹਰਿ ਰੂਪ ਕੀਏ ਹਰ ਕੀ ਧਰਨੀ ਹੈ ॥੮੮॥

है कर मै हरि पै हरि सो हरि रूप कीए हर की धरनी है ॥८८॥

hai kar mai har pai har so har roop ke'ee har kee dharanee hai ||88||


ਕਬਿਤੁ ॥

कबितु ॥

kabit ||

ਮੀਨ ਮੁਰਝਾਨੇ ਕੰਜ ਖੰਜਨ ਖਿਸਾਨੇ ਅਲਿ ਫਿਰਤ ਦਿਵਾਨੇ ਬਨਿ ਡੋਲੈ ਜਿਤ ਤਿਤ ਹੀ ॥

मीन मुरझाने कंज खंजन खिसाने अलि फिरत दिवाने बनि डोलै जित तित ही ॥

meen murajhaane ka(n)j kha(n)jan khisaane al firat dhivaane ban ddolai jit tit hee ||

ਕੀਰ ਅਉ ਕਪੋਤ ਬਿੰਬ ਕੋਕਿਲਾ ਕਲਾਪੀ ਬਨਿ ਲੂਟੇ ਫੂਟੇ ਫਿਰੈ ਮਨਿ ਚੈਨ ਹੂੰ ਨ ਕਿਤ ਹੀ ॥

कीर अउ कपोत बिंब कोकिला कलापी बनि लूटे फूटे फिरै मनि चैन हूँ न कित ही ॥

keer aau kapot bi(n)b kokilaa kalaapee ban looTe fooTe firai man chain hoo(n) na kit hee ||

ਦਾਰਿਮ ਦਰਕ ਗਇਓ ਪੇਖਿ ਦਸਨਨਿ ਪਾਤਿ ਰੂਪ ਹੀ ਕੀ ਕ੍ਰਾਤਿ ਜਗਿ ਫੈਲ ਰਹੀ ਸਿਤ ਹੀ ॥

दारिम दरक गइओ पेखि दसननि पाति रूप ही की क्राति जगि फैल रही सित ही ॥

dhaarim dharak gio pekh dhasanan paat roop hee kee kraat jag fail rahee sit hee ||

ਐਸੀ ਗੁਨ ਸਾਗਰ ਉਜਾਗਰ ਸੁ ਨਾਗਰਿ ਹੈ ਲੀਨੋ ਮਨ ਮੇਰੋ ਹਰਿ ਨੈਨ ਕੋਰਿ ਚਿਤ ਹੀ ॥੮੯॥

ऐसी गुन सागर उजागर सु नागरि है लीनो मन मेरो हरि नैन कोरि चित ही ॥८९॥

aaisee gun saagar ujaagar su naagar hai leeno man mero har nain kor chit hee ||89||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਬਾਤ ਦੈਤ ਕੀ ਸੁੰਭ ਸੁਨਿ ਬੋਲਿਓ ਕਛੁ ਮੁਸਕਾਤ ॥

बात दैत की सुँभ सुनि बोलिओ कछु मुसकात ॥

baat dhait kee su(n)bh sun bolio kachh musakaat ||

ਚਤੁਰ ਦੂਤ ਕੋਊ ਭੇਜੀਏ ਲਖਿ ਆਵੈ ਤਿਹ ਘਾਤ ॥੯੦॥

चतुर दूत कोऊ भेजीए लखि आवै तिह घात ॥९०॥

chatur dhoot kouoo bheje'ee lakh aavai teh ghaat ||90||


ਬਹੁਰਿ ਕਹੀ ਉਨ ਦੈਤ ਅਬ ਕੀਜੈ ਏਕ ਬਿਚਾਰ ॥

बहुरि कही उन दैत अब कीजै एक बिचार ॥

bahur kahee un dhait ab keejai ek bichaar ||

ਜੋ ਲਾਇਕ ਭਟ ਸੈਨ ਮੈ ਭੇਜਹੁ ਦੈ ਅਧਿਕਾਰ ॥੯੧॥

जो लाइक भट सैन मै भेजहु दै अधिकार ॥९१॥

jo laik bhaT sain mai bhejahu dhai adhikaar ||91||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਬੈਠੋ ਹੁਤੋ ਨ੍ਰਿਪ ਮਧਿ ਸਭਾ ਉਠਿ ਕੈ ਕਰਿ ਜੋਰਿ ਕਹਿਓ ਮਮ ਜਾਊ ॥

बैठो हुतो नृप मधि सभा उठि कै करि जोरि कहिओ मम जाऊ ॥

baiTho huto nirap madh sabhaa uTh kai kar jor kahio mam jaauoo ||

ਬਾਤਨ ਤੇ ਰਿਝਵਾਇ ਮਿਲਾਇ ਹੋ ਨਾਤੁਰਿ ਕੇਸਨ ਤੇ ਗਹਿ ਲਿਆਊ ॥

बातन ते रिझवाइ मिलाइ हो नातुरि केसन ते गहि लिआऊ ॥

baatan te rijhavai milai ho naatur kesan te geh liaauoo ||

ਕ੍ਰੁਧ੍ਰ ਕਰੇ ਤਬ ਜੁਧੁ ਕਰੇ ਰਣਿ ਸ੍ਰਉਣਤ ਕੀ ਸਰਤਾਨ ਬਹਾਊ ॥

क्रुध्र करे तब जुधु करे रणि स्रउणत की सरतान बहाऊ ॥

krudhr kare tab judh kare ran sraunat kee sarataan bahaauoo ||

ਲੋਚਨ ਧੂਮ ਕਹੈ ਬਲ ਆਪਨੋ ਸ੍ਵਾਸਨ ਸਾਥ ਪਹਾਰ ਉਡਾਊ ॥੯੨॥

लोचन धूम कहै बल आपनो स्वासन साथ पहार उडाऊ ॥९२॥

lochan dhoom kahai bal aapano savaiaasan saath pahaar uddaauoo ||92||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਉਠੇ ਬੀਰ ਕੋ ਦੇਖ ਕੈ ਸੁੰਭ ਕਹੀ ਤੁਮ ਜਾਹੁ ॥

उठे बीर को देख कै सुँभ कही तुम जाहु ॥

auThe beer ko dhekh kai su(n)bh kahee tum jaahu ||

ਰੀਝੈ ਆਵੈ ਆਨੀਓ ਖੀਝੇ ਜੁਧ ਕਰਾਹੁ ॥੯੩॥

रीझै आवै आनीओ खीझे जुध कराहु ॥९३॥

reejhai aavai aaneeo kheejhe judh karaahu ||93||


ਤਹਾ ਧੂਮ੍ਰ ਲੋਚਨ ਚਲੇ ਚਤੁਰੰਗਨ ਦਲੁ ਸਾਜਿ ॥

तहा धूम्र लोचन चले चतुरंगन दलु साजि ॥

tahaa dhoomr lochan chale chatura(n)gan dhal saaj ||

ਗਿਰ ਘੇਰਿਓ ਘਨ ਘਟਾ ਜਿਉ ਗਰਜ ਗਰਜ ਗਜਰਾਜ ॥੯੪॥

गिर घेरिओ घन घटा जिउ गरज गरज गजराज ॥९४॥

gir gherio ghan ghaTaa jiau garaj garaj gajaraaj ||94||


ਧੂਮ੍ਰ ਨੈਨ ਗਿਰ ਰਾਜ ਤਟਿ ਊਚੇ ਕਹੀ ਪੁਕਾਰਿ ॥

धूम्र नैन गिर राज तटि ऊचे कही पुकारि ॥

dhoomr nain gir raaj taT uooche kahee pukaar ||

ਕੈ ਬਰੁ ਸੁੰਭ ਨ੍ਰਿਪਾਲ ਕੋ ਕੈ ਲਰ ਚੰਡਿ ਸੰਭਾਰਿ ॥੯੫॥

कै बरु सुँभ नृपाल को कै लर चंडि संभारि ॥९५॥

kai bar su(n)bh nirapaal ko kai lar cha(n)dd sa(n)bhaar ||95||


ਰਿਪੁ ਕੇ ਬਚਨ ਸੁੰਨਤ ਹੀ ਸਿੰਘ ਭਈ ਅਸਵਾਰ ॥

रिपु के बचन सुँनत ही सिंघ भई असवार ॥

rip ke bachan su(n)nat hee si(n)gh bhiee asavaar ||

ਗਿਰ ਤੇ ਉਤਰੀ ਬੇਗ ਦੈ ਕਰਿ ਆਯੁਧ ਸਭ ਧਾਰਿ ॥੯੬॥

गिर ते उतरी बेग दै करि आयुध सभ धारि ॥९६॥

gir te utaree beg dhai kar aayudh sabh dhaar ||96||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਕੋਪ ਕੈ ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਚੜੀ ਇਤ ਕ੍ਰੁਧੁ ਕੈ ਧੂਮ੍ਰ ਚੜੈ ਉਤ ਸੈਨੀ ॥

कोप कै चंड प्रचंड चड़ी इत क्रुधु कै धूम्र चड़ै उत सैनी ॥

kop kai cha(n)dd pracha(n)dd chaRee it krudh kai dhoomr chaRai ut sainee ||

ਬਾਨ ਕ੍ਰਿਪਾਨਨ ਮਾਰ ਮਚੀ ਤਬ ਦੇਵੀ ਲਈ ਬਰਛੀ ਕਰਿ ਪੈਨੀ ॥

बान कृपानन मार मची तब देवी लई बरछी करि पैनी ॥

baan kirapaanan maar machee tab dhevee liee barachhee kar painee ||

ਦਉਰ ਦਈ ਅਰਿ ਕੇ ਮੁਖਿ ਮੈ ਕਟਿ ਓਠ ਦਏ ਜਿਮੁ ਲੋਹ ਕੌ ਛੈਨੀ ॥

दउर दई अरि के मुखि मै कटि ओठ दए जिमु लोह कौ छैनी ॥

dhaur dhiee ar ke mukh mai kaT oTh dhe jim loh kau chhainee ||

ਦਾਤ ਗੰਗਾ ਜਮੁਨਾ ਤਨ ਸਿਆਮ ਸੋ ਲੋਹੂ ਬਹਿਓ ਤਿਨ ਮਾਹਿ ਤ੍ਰਿਬੈਨੀ ॥੯੭॥

दात गंगा जमुना तन सिआम सो लोहू बहिओ तिन माहि तृबैनी ॥९७॥

dhaat ga(n)gaa jamunaa tan siaam so lohoo bahio tin maeh tirabainee ||97||


ਘਾਉ ਲਗੈ ਰਿਸ ਕੈ ਦ੍ਰਿਗ ਧੂਮ੍ਰ ਸੁ ਕੈ ਬਲਿ ਆਪਨੋ ਖਗੁ ਸੰਭਾਰਿਓ ॥

घाउ लगै रिस कै दृग धूम्र सु कै बलि आपनो खगु संभारिओ ॥

ghaau lagai ris kai dhirag dhoomr su kai bal aapano khag sa(n)bhaario ||

ਬੀਸ ਪਚੀਸਕੁ ਵਾਰ ਕਰੇ ਤਿਨ ਕੇਹਰਿ ਕੋ ਪਗੁ ਨੈਕੁ ਨ ਹਾਰਿਓ ॥

बीस पचीसकु वार करे तिन केहरि को पगु नैकु न हारिओ ॥

bees pacheesak vaar kare tin kehar ko pag naik na haario ||

ਧਾਇ ਗਦਾ ਗਹਿ ਫੋਰਿ ਕੈ ਫਉਜ ਕੋ ਘਾਉ ਸਿਵਾ ਸਿਰਿ ਦੈਤ ਕੇ ਮਾਰਿਓ ॥

धाइ गदा गहि फोरि कै फउज को घाउ सिवा सिरि दैत के मारिओ ॥

dhai gadhaa geh for kai fauj ko ghaau sivaa sir dhait ke maario ||

ਸ੍ਰਿੰਗ ਧਰਾਧਰ ਊਪਰ ਕੋ ਜਨੁ ਕੋਪ ਪੁਰੰਦ੍ਰ ਨੈ ਬਜ੍ਰ ਪ੍ਰਹਾਰਿਓ ॥੯੮॥

सृंग धराधर ऊपर को जनु कोप पुरंद्र नै बज्र प्रहारिओ ॥९८॥

sira(n)g dharaadhar uoopar ko jan kop pura(n)dhr nai bajr prahaario ||98||


ਲੋਚਨ ਧੂਮ ਉਠੈ ਕਿਲਕਾਰ ਲਏ ਸੰਗ ਦੈਤਨ ਕੇ ਕੁਰਮਾ ॥

लोचन धूम उठै किलकार लए संग दैतन के कुरमा ॥

lochan dhoom uThai kilakaar le sa(n)g dhaitan ke kuramaa ||

ਗਹਿ ਪਾਨਿ ਕ੍ਰਿਪਾਨ ਅਚਾਨਕ ਤਾਨਿ ਲਗਾਈ ਹੈ ਕੇਹਰਿ ਕੇ ਉਰ ਮਾ ॥

गहि पानि कृपान अचानक तानि लगाई है केहरि के उर मा ॥

geh paan kirapaan achaanak taan lagaiee hai kehar ke ur maa ||

ਹਰਿ ਚੰਡਿ ਲਇਓ ਬਰਿ ਕੈ ਕਰ ਤੇ ਅਰੁ ਮੂੰਡ ਕਟਿਓ ਅਸੁਰੰ ਪੁਰ ਮਾ ॥

हरि चंडि लइओ बरि कै कर ते अरु मूँड कटिओ असुरं पुर मा ॥

har cha(n)dd lio bar kai kar te ar moo(n)dd kaTio asura(n) pur maa ||

ਮਾਨੋ ਆਂਧੀ ਬਹੇ ਧਰਨੀ ਪਰ ਛੂਟੀ ਖਜੂਰ ਤੇ ਟੂਟ ਪਰਿਓ ਖੁਰਮਾ ॥੯੯॥

मानो आँधी बहे धरनी पर छूटी खजूर ते टूट परिओ खुरमा ॥९९॥

maano aa(n)dhee bahe dharanee par chhooTee khajoor te TooT pario khuramaa ||99||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਧੂਮ੍ਰ ਨੈਨ ਜਬ ਮਾਰਿਓ ਦੇਵੀ ਇਹ ਪਰਕਾਰ ॥

धूम्र नैन जब मारिओ देवी इह परकार ॥

dhoomr nain jab maario dhevee ieh parakaar ||

ਅਸੁਰ ਸੈਨ ਬਿਨੁ ਚੈਨ ਹੁਇ ਕੀਨੋ ਹਾਹਾਕਾਰ ॥੧੦੦॥

असुर सैन बिनु चैन हुइ कीनो हाहाकार ॥१००॥

asur sain bin chain hui keeno haahaakaar ||100||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਮਾਰਕੰਡੇ ਪੁਰਾਣੇ ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ ਧੂਮ੍ਰ ਨੈਨ ਬਧਹਿ ਨਾਮ ਤ੍ਰਿਤੀਆ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੩॥

इति स्री मारकंडे पुराणे चंडी चरित्र उकति बिलास धूम्र नैन बधहि नाम तृतीआ धिआइ समापतम सतु सुभम सतु ॥३॥

eit sree maaraka(n)dde puraane cha(n)ddee charitr ukat bilaas dhoomr nain badheh naam tirateeaa dhiaai samaapatam sat subham sat ||3||



200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates