Pt 2, Chandi Charitar Ukati Bilas,
ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ,
चंडी चरित्र उकति बिलास


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


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ਪੁਨਹਾ ॥

पुनहा ॥

punahaa ||

ਬਹੁਰਿ ਭਇਓ ਮਹਖਾਸੁਰ ਤਿਨ ਤੋ ਕਿਆ ਕੀਆ ॥

बहुरि भइओ महखासुर तिन तो किआ कीआ ॥

bahur bhio mahakhaasur tin to kiaa keeaa ||

ਭੁਜਾ ਜੋਰ ਕਰਿ ਜੁੱਧ ਜੀਤ ਸਭ ਜਗੁ ਲੀਆ ॥

भुजा जोर करि जुद्ध जीत सभ जगु लीआ ॥

bhujaa jor kar ju'dh jeet sabh jag leeaa ||

ਸੁਰ ਸਮੂਹ ਸੰਘਾਰੇ ਰਣਹਿ ਪਚਾਰ ਕੈ ॥

सुर समूह संघारे रणहि पचार कै ॥

sur samooh sa(n)ghaare raneh pachaar kai ||

ਟੂਕ ਟੂਕ ਕਰ ਡਾਰੇ ਆਯੁਧ ਧਾਰ ਕੈ ॥੧੩॥

टूक टूक कर डारे आयुध धार कै ॥१३॥

Took Took kar ddaare aayudh dhaar kai ||13||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਜੱੁਧ ਕਰਯੋ ਮਹਿਖਾਸੁਰ ਦਾਨਵ ਮਾਰਿ ਸਭੈ ਸੁਰ ਸੈਨ ਗਿਰਾਇਓ ॥

जु्ुध करयो महिखासुर दानव मारि सभै सुर सैन गिराइओ ॥

ja'udh karayo mahikhaasur dhaanav maar sabhai sur sain giraio ||

ਕੈ ਕੈ ਦੁ ਟੂਕ ਦਏ ਅਰ ਖੇਤ ਮਹਾਂ ਬਰ ਬੰਡ ਮਹਾ ਰਨ ਪਾਇਓ ॥

कै कै दु टूक दए अर खेत महाँ बर बंड महा रन पाइओ ॥

kai kai dh Took dhe ar khet mahaa(n) bar ba(n)dd mahaa ran paio ||

ਸ੍ਰਉਣਤ ਰੰਗ ਸਨਿਓ ਨਿਸਰਿਓ ਜਸੁ ਇਆ ਛਬਿ ਕੋ ਮਨ ਮੈ ਇਹ ਆਇਓ ॥

स्रउणत रंग सनिओ निसरिओ जसु इआ छबि को मन मै इह आइओ ॥

sraunat ra(n)g sanio nisario jas iaa chhab ko man mai ieh aaio ||

ਮਾਰਿ ਕੈ ਛਤ੍ਰਨਿ ਕੁੰਡ ਕੈ ਛੇਤ੍ਰ ਮੈ ਮਾਨਹੁ ਪੈਠਿ ਕੈ ਰਾਮ ਜੂ ਨ੍ਹਾਇਓ ॥੧੪॥

मारि कै छत्रनि कुँड कै छेत्र मै मानहु पैठि कै राम जू न्हाइओ ॥१४॥

maar kai chhatran ku(n)dd kai chhetr mai maanahu paiTh kai raam joo nhaio ||14||


ਸ੍ਵੈਯਾ॥ ਲੈ ਮਹਖਾਸੁਰ ਅਸਤ੍ਰ ਸੁ ਸਸਤ੍ਰ ਸਭੈ ਕਲਵਤ੍ਰ ਜਿਉ ਚੀਰ ਕੈ ਡਾਰੇ ॥

स्वैया॥ लै महखासुर असत्र सु ससत्र सभै कलवत्र जिउ चीर कै डारे ॥

savaiyaa|| lai mahakhaasur asatr su sasatr sabhai kalavatr jiau cheer kai ddaare ||

ਲੁੱਥ ਪੈ ਲੁੱਥ ਰਹੀ ਗੁੱਥ ਜੁੱਥ ਗਿਰੇ ਗਿਰ ਸੇ ਰਥ ਸੇਂਧਵ ਭਾਰੇ ॥

लुत्थ पै लुत्थ रही गुत्थ जुत्थ गिरे गिर से रथ सेंधव भारे ॥

lu'th pai lu'th rahee gu'th ju'th gire gir se rath se(n)dhav bhaare ||

ਗੂਦ ਸਨੇ ਸਿਤ ਲੋਹੂ ਮੈ ਲਾਲ ਕਰਾਲ ਪਰੇ ਰਨ ਮੈ ਗਜ ਕਾਰੇ ॥

गूद सने सित लोहू मै लाल कराल परे रन मै गज कारे ॥

goodh sane sit lohoo mai laal karaal pare ran mai gaj kaare ||

ਜਿਉ ਦਰਜੀ ਜਮ ਮ੍ਰਿਤ ਕੇ ਸੀਤ ਮੈ ਬਾਗੇ ਅਨੇਕ ਕਤਾ ਕਰਿ ਡਾਰੇ ॥੧੫॥

जिउ दरजी जम मृत के सीत मै बागे अनेक कता करि डारे ॥१५॥

jiau dharajee jam mirat ke seet mai baage anek kataa kar ddaare ||15||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥ ਲੈ ਸੁਰ ਸੰਗ ਸਬੈ ਸੁਰਪਾਲ ਸੁ ਕੋਪ ਕੇ ਸਤ੍ਰ ਕੀ ਸੈਨ ਪੈ ਧਾਏ ॥

स्वैया ॥ लै सुर संग सबै सुरपाल सु कोप के सत्र की सैन पै धाए ॥

savaiyaa || lai sur sa(n)g sabai surapaal su kop ke satr kee sain pai dhaae ||

ਦੈ ਮੁਖ ਢਾਰ ਲੀਏ ਕਰਵਾਰ ਹਕਾਰ ਪਚਾਰ ਪ੍ਰਹਾਰ ਲਗਾਏ ॥

दै मुख ढार लीए करवार हकार पचार प्रहार लगाए ॥

dhai mukh ddaar le'ee karavaar hakaar pachaar prahaar lagaae ||

ਸ੍ਰਉਨ ਮੈ ਦੇਤ ਸੁਰੰਗ ਭਏ ਕਵਿ ਨੇ ਮਨ ਭਾਉ ਇਹੈ ਛਬਿ ਪਾਏ ॥

स्रउन मै देत सुरंग भए कवि ने मन भाउ इहै छबि पाए ॥

sraun mai dhet sura(n)g bhe kav ne man bhaau ihai chhab paae ||

ਰਾਮ ਮਨੋ ਰਨ ਜੀਤ ਕੈ ਭਾਲਕ ਦੈ ਸਿਰਪਾਉ ਸਭੈ ਪਹਰਾਏ ॥੧੬॥

राम मनो रन जीत कै भालक दै सिरपाउ सभै पहराए ॥१६॥

raam mano ran jeet kai bhaalak dhai sirapaau sabhai paharaae ||16||


ਘਾਇਲ ਘੂਮਤ ਹੈ ਰਨ ਮੈ ਇਕ ਲੋਟਤ ਹੈ ਧਰਨੀ ਬਿਲਲਾਤੇ ॥

घाइल घूमत है रन मै इक लोटत है धरनी बिललाते ॥

ghail ghoomat hai ran mai ik loTat hai dharanee bilalaate ||

ਦਉਰਤ ਬੀਚ ਕਬੰਧ ਫਿਰੈ ਜਿਹ ਦੇਖਤ ਕਾਇਰ ਹੈਂ ਡਰਪਾਤੇ ॥

दउरत बीच कबंध फिरै जिह देखत काइर हैं डरपाते ॥

dhaurat beech kaba(n)dh firai jeh dhekhat kair hai(n) ddarapaate ||

ਇਯੋ ਮਹਿਖਾਸੁਰ ਜੁੱਧੁ ਕੀਯੋ ਤਬ ਜੰਬੁਕ ਗਿਰਝ ਭਏ ਰੰਗ ਰਾਤੇ ॥

इयो महिखासुर जुद्धु कीयो तब जंबुक गिरझ भए रंग राते ॥

eiyo mahikhaasur ju'dh keeyo tab ja(n)buk girajh bhe ra(n)g raate ||

ਸ੍ਰੌਨ ਪ੍ਰਵਾਹ ਮੈ ਪਾਇ ਪਸਾਰ ਕੇ ਸੋਏ ਹੈਂ ਸੂਰ ਮਨੋ ਮਦ ਮਾਤੇ ॥੧੭॥

स्रौन प्रवाह मै पाइ पसार के सोए हैं सूर मनो मद माते ॥१७॥

srauan pravaeh mai pai pasaar ke soe hai(n) soor mano madh maate ||17||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥ ਜੁੱਧ ਕੀਓ ਮਹਖਾਸੁਰ ਦਾਨਵ ਦੇਖਤ ਭਾਨ ਚਲੈ ਨਹੀਂ ਪੰਥਾ ॥

स्वैया ॥ जुद्ध कीओ महखासुर दानव देखत भान चलै नहीं पंथा ॥

savaiyaa || ju'dh keeo mahakhaasur dhaanav dhekhat bhaan chalai nahee(n) pa(n)thaa ||

ਸ੍ਰੌਨ ਸਮੂਹ ਚਲਿਓ ਲਖਿ ਕੈ ਚਤੁਰਾਨਨ ਭੂਲਿ ਗਏ ਸਭ ਗ੍ਰੰਥਾ ॥

स्रौन समूह चलिओ लखि कै चतुरानन भूलि गए सभ ग्रंथा ॥

srauan samooh chalio lakh kai chaturaanan bhool ge sabh gra(n)thaa ||

ਮਾਸ ਨਿਹਾਰ ਕੈ ਗ੍ਰਿਝ ਰੜੈਂ ਚਟਸਾਰ ਪੜੈਂ ਜਿਮੁ ਬਾਰਕ ਸੰਥਾ ॥

मास निहार कै गृझ रड़ैं चटसार पड़ैं जिमु बारक संथा ॥

maas nihaar kai girajh raRai(n) chaTasaar paRai(n) jim baarak sa(n)thaa ||

ਸਾਰਸੁਤੀ ਤਟ ਲੈ ਭਟ ਲੋਥ ਸ੍ਰਿੰਗਾਲ ਕਿ ਸਿੱਧ ਬਨਾਵਤ ਕੰਥਾ ॥੧੮॥

सारसुती तट लै भट लोथ सृंगाल कि सिद्ध बनावत कंथा ॥१८॥

saarasutee taT lai bhaT loth sira(n)gaal k si'dh banaavat ka(n)thaa ||18||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਅਗਨਤ ਮਾਰੇ ਗਨੈ ਕੋ ਭਜੈ ਜੁ ਸੁਰ ਕਰਿ ਤ੍ਰਾਸ ॥

अगनत मारे गनै को भजै जु सुर करि त्रास ॥

aganat maare ganai ko bhajai ju sur kar traas ||

ਧਾਰਿ ਧਿਆਨ ਮਨ ਸਿਵਾ ਕੋ ਤਕੀ ਪੁਰੀ ਕੈਲਾਸ ॥੧੯॥

धारि धिआन मन सिवा को तकी पुरी कैलास ॥१९॥

dhaar dhiaan man sivaa ko takee puree kailaas ||19||


ਦੇਵਨ ਕੇ ਧਨ ਧਾਮ ਸਭ ਦੈਤਨ ਲੀਓ ਛਿਨਾਇ ॥

देवन के धन धाम सभ दैतन लीओ छिनाइ ॥

dhevan ke dhan dhaam sabh dhaitan leeo chhinai ||

ਦਏ ਕਾਢ ਸੁਰ ਧਾਮ ਤੇ ਬਸੇ ਸਿਵ ਪੁਰੀ ਜਾਇ ॥੨੦॥

दए काढ सुर धाम ते बसे सिव पुरी जाइ ॥२०॥

dhe kaadd sur dhaam te base siv puree jai ||20||


ਕਿਤਕਿ ਦਿਵਸ ਬੀਤੇ ਤਹਾਂ ਨਾਵਨ ਨਿਕਸੀ ਦੇਵ ॥

कितकि दिवस बीते तहाँ नावन निकसी देव ॥

kitak dhivas beete tahaa(n) naavan nikasee dhev ||

ਬਿਧ ਪੂਰਬ ਸਭ ਦੇਵਤਨ ਕਰੀ ਦੇਵ ਕੀ ਸੇਵ ॥੨੧॥

बिध पूरब सभ देवतन करी देव की सेव ॥२१॥

bidh poorab sabh dhevatan karee dhev kee sev ||21||


ਰੇਖਤਾ ॥

रेखता ॥

rekhataa ||

ਕਰੀ ਹੈ ਹਕੀਕਤ ਮਲੂਮ ਖੁਦ ਦੇਵੀ ਸੇਤੀ ਲੀਆ ਮਹਖਾਸੁਰ ਹਮਾਰਾ ਛੀਨ ਧਾਮ ਹੈ ॥

करी है हकीकत मलूम खुद देवी सेती लीआ महखासुर हमारा छीन धाम है ॥

karee hai hakeekat maloom khudh dhevee setee leeaa mahakhaasur hamaaraa chheen dhaam hai ||

ਕੀਜੈ ਸੋਈ ਬਾਤ ਮਾਤ ਤੁਮ ਕਉ ਸੁਹਾਤ ਸਭ ਸੇਵਕ ਕਦੀਮ ਤਕ ਆਏ ਤੇਰੀ ਸਾਮ ਹੈ ॥

कीजै सोई बात मात तुम कउ सुहात सभ सेवक कदीम तक आए तेरी साम है ॥

keejai soiee baat maat tum kau suhaat sabh sevak kadheem tak aae teree saam hai ||

ਦੀਜੈ ਬਾਜ ਦੇਸ ਹਮੈ ਮੇਟੀਐ ਕਲੇਸ ਲੇਸ ਕੀਜੀਐ ਅਭੇਸ ਉਨੈ ਬਡੋ ਯਹ ਕਾਮ ਹੈ ॥

दीजै बाज देस हमै मेटीऐ कलेस लेस कीजीऐ अभेस उनै बडो यह काम है ॥

dheejai baaj dhes hamai meTeeaai kales les keejeeaai abhes unai baddo yeh kaam hai ||

ਕੂਕਰ ਕੋ ਮਾਰਤ ਨ ਕੋਊ ਨਾਮ ਲੈ ਕੈ ਤਾਹਿ ਮਾਰਤ ਹੈ ਤਾ ਕੋ ਲੈ ਕੈ ਖਾਵੰਦ ਕੋ ਨਾਮ ਹੈ ॥੨੨॥

कूकर को मारत न कोऊ नाम लै कै ताहि मारत है ता को लै कै खावंद को नाम है ॥२२॥

kookar ko maarat na kouoo naam lai kai taeh maarat hai taa ko lai kai khaava(n)dh ko naam hai ||22||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਸੁਨਤ ਬਚਨ ਏ ਚੰਡਕਾ ਮਨ ਮੈਂ ਉਠੀ ਰਿਸਾਇ ॥

सुनत बचन ए चंडका मन मैं उठी रिसाइ ॥

sunat bachan e cha(n)ddakaa man mai(n) uThee risai ||

ਸਭ ਦੈਤਨ ਕੋ ਛੈ ਕਰਉ ਬਸਉ ਸਿਵਪੁਰੀ ਜਾਇ ॥੨੩॥

सभ दैतन को छै करउ बसउ सिवपुरी जाइ ॥२३॥

sabh dhaitan ko chhai karau basau sivapuree jai ||23||


ਦੈਤਨ ਕੇ ਬਧ ਕੋ ਜਬੈ ਚੰਡੀ ਕੀਓ ਪ੍ਰਕਾਸ ॥

दैतन के बध को जबै चंडी कीओ प्रकास ॥

dhaitan ke badh ko jabai cha(n)ddee keeo prakaas ||

ਸਿੰਘ ਸੰਖ ਅਉ ਅਸਤ੍ਰ ਸਭ ਸਸਤ੍ਰ ਆਇਗੇ ਪਾਸ ॥੨੪॥

सिंघ संख अउ असत्र सभ ससत्र आइगे पास ॥२४॥

si(n)gh sa(n)kh aau asatr sabh sasatr aaige paas ||24||


ਦੈਤ ਸੰਘਾਰਨ ਕੇ ਨਮਿਤ ਕਾਲ ਜਨਮੁ ਇਹ ਲੀਨ ॥

दैत संघारन के नमित काल जनमु इह लीन ॥

dhait sa(n)ghaaran ke namit kaal janam ieh leen ||

ਸਿੰਘ ਚੰਡ ਬਾਹਨ ਭਇਓ ਸਤ੍ਰਨ ਕਉ ਦੁਖੁ ਦੀਨ ॥੨੫॥

सिंघ चंड बाहन भइओ सत्रन कउ दुखु दीन ॥२५॥

si(n)gh cha(n)dd baahan bhio satran kau dhukh dheen ||25||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਦਾਰੁਨ ਦੀਰਘੁ ਦਿਗਜ ਸੇ ਬਲਿ ਸਿੰਘਹਿ ਕੇ ਬਲ ਸਿੰਘ ਧਰੇ ਹੈ ॥

दारुन दीरघु दिगज से बलि सिंघहि के बल सिंघ धरे है ॥

dhaarun dheeragh dhigaj se bal si(n)gheh ke bal si(n)gh dhare hai ||

ਰੋਮ ਮਨੋ ਸਰ ਕਾਲਹਿ ਕੇ ਜਨ ਪਾਹਨ ਪੀਤ ਪੈ ਬ੍ਰਿਛ ਹਰੇ ਹੈ ॥

रोम मनो सर कालहि के जन पाहन पीत पै बृछ हरे है ॥

rom mano sar kaaleh ke jan paahan peet pai birachh hare hai ||

ਮੇਰ ਕੇ ਮਧਿ ਮਨੋ ਜਮਨਾ ਲਰਿ ਕੇਤਕੀ ਪੁੰਜ ਪੈ ਭ੍ਰਿੰਗ ਢਰੇ ਹੈ ॥

मेर के मधि मनो जमना लरि केतकी पुँज पै भृंग ढरे है ॥

mer ke madh mano jamanaa lar ketakee pu(n)j pai bhira(n)g ddare hai ||

ਮਾਨੋ ਮਹਾ ਪ੍ਰਿਥ ਲੈ ਕੇ ਕਮਾਨ ਸੁ ਭੂਧਰ ਭੂਮ ਤੇ ਨਿਆਰੇ ਕਰੇ ਹੈ ॥੨੬॥

मानो महा पृथ लै के कमान सु भूधर भूम ते निआरे करे है ॥२६॥

maano mahaa pirath lai ke kamaan su bhoodhar bhoom te niaare kare hai ||26||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਘੰਟਾ ਗਦਾ ਤ੍ਰਿਸੂਲ ਅਸਿ ਸੰਖ ਸਰਾਸਨ ਬਾਨ ॥

घंटा गदा तृसूल असि संख सरासन बान ॥

gha(n)Taa gadhaa tirasool as sa(n)kh saraasan baan ||

ਚਕ੍ਰ ਬਕ੍ਰ ਕਰ ਮੈ ਲੀਏ ਜਨੁ ਗ੍ਰੀਖਮ ਰਿਤੁ ਭਾਨੁ ॥੨੭॥

चक्र बक्र कर मै लीए जनु ग्रीखम रितु भानु ॥२७॥

chakr bakr kar mai le'ee jan greekham rit bhaan ||27||


ਚੰਡ ਕੋਪ ਕਰਿ ਚੰਡਿਕ ਾ ਏ ਆਯੁਧ ਕਰਿ ਲੀਨ ॥

चंड कोप करि चंडिक ा ए आयुध करि लीन ॥

cha(n)dd kop kar cha(n)ddik aa e aayudh kar leen ||

ਨਿਕਟਿ ਬਿਕਟਿ ਪੁਰ ਦੈਤ ਕੇ ਘੰਟਾ ਕੀ ਧੁਨਿ ਕੀਨ ॥੨੮॥

निकटि बिकटि पुर दैत के घंटा की धुनि कीन ॥२८॥

nikaT bikaT pur dhait ke gha(n)Taa kee dhun keen ||28||


ਸੁਨਿ ਘੰਟਾ ਕੇਹਰਿ ਸਬਦਿ ਅਸੁਰਨ ਅਸਿ ਰਨ ਲੀਨ ॥

सुनि घंटा केहरि सबदि असुरन असि रन लीन ॥

sun gha(n)Taa kehar sabadh asuran as ran leen ||

ਚੜੇ ਕੋਪ ਕੈ ਜੂਥ ਹੁਇ ਜਤਨ ਜੁਧ ਕੋ ਕੀਨ ॥੨੯॥

चड़े कोप कै जूथ हुइ जतन जुध को कीन ॥२९॥

chaRe kop kai jooth hui jatan judh ko keen ||29||


ਪੈਤਾਲੀਸ ਪਦਮ ਅਸੁਰ ਸਜ੍ਯੋ ਕਟਕ ਚਤੁਰੰਗਿ ॥

पैतालीस पदम असुर सज्यो कटक चतुरंगि ॥

paitaalees padham asur sajayo kaTak chatura(n)g ||

ਕਛੁ ਬਾਏ ਕਛੁ ਦਾਹਨੈ ਕਛੁ ਭਟ ਨ੍ਰਿਪ ਕੇ ਸੰਗਿ ॥੩੦॥

कछु बाए कछु दाहनै कछु भट नृप के संगि ॥३०॥

kachh baae kachh dhaahanai kachh bhaT nirap ke sa(n)g ||30||


ਭਏ ਇਕਠੇ ਦਲ ਪਦਮ ਦਸ ਪੰਦ੍ਰਹ ਅਰੁ ਬੀਸ ॥

भए इकठे दल पदम दस पंद्रह अरु बीस ॥

bhe ikaThe dhal padham dhas pa(n)dhreh ar bees ||

ਪੰਦ੍ਰਹ ਕੀਨੇ ਦਾਹਨੇ ਦਸ ਬਾਏ ਸੰਗਿ ਬੀਸ ॥੩੧॥

पंद्रह कीने दाहने दस बाए संगि बीस ॥३१॥

pa(n)dhreh keene dhaahane dhas baae sa(n)g bees ||31||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਦਉਰ ਸਬੈ ਇਕ ਬਾਰ ਹੀ ਦੈਤ ਸੁ ਆਏ ਹੈ ਚੰਡ ਕੇ ਸਾਮੁਹੇ ਕਾਰੇ ॥

दउर सबै इक बार ही दैत सु आए है चंड के सामुहे कारे ॥

dhaur sabai ik baar hee dhait su aae hai cha(n)dd ke saamuhe kaare ||

ਲੈ ਕਰਿ ਬਾਨ ਕਮਾਨਨ ਤਾਨਿ ਘਨੇ ਅਰੁ ਕੋਪ ਸੋ ਸਿੰਘ ਪ੍ਰਹਾਰੇ ॥

लै करि बान कमानन तानि घने अरु कोप सो सिंघ प्रहारे ॥

lai kar baan kamaanan taan ghane ar kop so si(n)gh prahaare ||

ਚੰਡ ਸੰਭਾਰਿ ਤਬੈ ਕਰਵਾਰ ਹਕਾਰ ਕੈ ਸਤ੍ਰ ਸਮੂਹ ਨਿਵਾਰੇ ॥

चंड संभारि तबै करवार हकार कै सत्र समूह निवारे ॥

cha(n)dd sa(n)bhaar tabai karavaar hakaar kai satr samooh nivaare ||

ਖਾਡਵ ਜਾਰਨ ਕੋ ਅਗਨੀ ਤਿਹ ਪਾਰਥ ਨੈ ਜਨੁ ਮੇਘ ਬਿਡਾਰੇ ॥੩੨॥

खाडव जारन को अगनी तिह पारथ नै जनु मेघ बिडारे ॥३२॥

khaaddav jaaran ko aganee teh paarath nai jan megh biddaare ||32||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਦੈਤ ਕੋਪ ਇਕ ਸਾਮੁਹੇ ਗਇਓ ਤੁਰੰਗਮ ਡਾਰਿ ॥

दैत कोप इक सामुहे गइओ तुरंगम डारि ॥

dhait kop ik saamuhe gio tura(n)gam ddaar ||

ਸਨਮੁਖ ਦੇਵੀ ਕੇ ਭਇਓ ਸਲਭ ਦੀਪ ਅਨੁਹਾਰ ॥੩੩॥

सनमुख देवी के भइओ सलभ दीप अनुहार ॥३३॥

sanamukh dhevee ke bhio salabh dheep anuhaar ||33||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਬੀਰ ਬਲੀ ਸਿਰਦਾਰ ਦੈਈਤ ਸੁ ਕ੍ਰੋਧ ਕੈ ਮਿਯਾਨ ਤੇ ਖਗੁ ਨਿਕਾਰਿਓ ॥

बीर बली सिरदार दैईत सु क्रोध कै मियान ते खगु निकारिओ ॥

beer balee siradhaar dhaieet su krodh kai miyaan te khag nikaario ||

ਏਕ ਦਇਓ ਤਨਿ ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਕੈ ਦੂਸਰ ਕੇਹਰਿ ਕੇ ਸਿਰ ਝਾਰਿਓ ॥

एक दइओ तनि चंड प्रचंड कै दूसर केहरि के सिर झारिओ ॥

ek dhio tan cha(n)dd pracha(n)dd kai dhoosar kehar ke sir jhaario ||

ਚੰਡ ਸੰਭਾਰਿ ਤਬੈ ਬਲੁ ਧਾਰਿ ਲਇਓ ਗਹਿ ਨਾਰਿ ਧਰਾ ਪਰ ਮਾਰਿਓ ॥

चंड संभारि तबै बलु धारि लइओ गहि नारि धरा पर मारिओ ॥

cha(n)dd sa(n)bhaar tabai bal dhaar lio geh naar dharaa par maario ||

ਜਿਉ ਧੁਬੀਆ ਸਰਤਾ ਤਟਿ ਜਾਇ ਕੇ ਲੈ ਪਟ ਕੋ ਪਟ ਸਾਥ ਪਛਾਰਿਓ ॥੩੪॥

जिउ धुबीआ सरता तटि जाइ के लै पट को पट साथ पछारिओ ॥३४॥

jiau dhubeeaa sarataa taT jai ke lai paT ko paT saath pachhaario ||34||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਦੇਵੀ ਮਾਰਿਓ ਦੈਤ ਇਉ ਲਰਿਓ ਜੁ ਸਨਮੁਖ ਆਇ ॥

देवी मारिओ दैत इउ लरिओ जु सनमुख आइ ॥

dhevee maario dhait iau lario ju sanamukh aai ||

ਪੁਨਿ ਸਤ੍ਰਨਿ ਕੀ ਸੈਨ ਮੈ ਧਸੀ ਸੁ ਸੰਖ ਬਜਾਇ ॥੩੫॥

पुनि सत्रनि की सैन मै धसी सु संख बजाइ ॥३५॥

pun satran kee sain mai dhasee su sa(n)kh bajai ||35||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਲੈ ਕਰਿ ਚੰਡਿ ਕੁਵੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਮਹਾ ਬਰਬੰਡ ਤਬੈ ਇਹ ਕੀਨੋ ॥

लै करि चंडि कुवंड प्रचंड महा बरबंड तबै इह कीनो ॥

lai kar cha(n)dd kuva(n)dd pracha(n)dd mahaa baraba(n)dd tabai ieh keeno ||

ਏਕ ਹੀ ਬਾਰ ਨਿਹਾਰਿ ਹਕਾਰਿ ਸੁਧਾਰਿ ਬਿਦਾਰ ਸਭੈ ਦਲ ਦੀਨੋ ॥

एक ही बार निहारि हकारि सुधारि बिदार सभै दल दीनो ॥

ek hee baar nihaar hakaar sudhaar bidhaar sabhai dhal dheeno ||

ਦੈਤ ਘਨੇ ਰਨ ਮਾਹਿ ਹਨੇ ਲਖਿ ਸ੍ਰੋਨ ਸਨੇ ਕਵਿ ਇਉ ਮਨੁ ਚੀਨੋ ॥

दैत घने रन माहि हने लखि स्रोन सने कवि इउ मनु चीनो ॥

dhait ghane ran maeh hane lakh sron sane kav iau man cheeno ||

ਜਿਉ ਖਗਰਾਜ ਬਡੋ ਅਹਿਰਾਜ ਸਮਾਜ ਕੇ ਕਾਟਿ ਕਤਾ ਕਰਿ ਲੀਨੋ ॥੩੬॥

जिउ खगराज बडो अहिराज समाज के काटि कता करि लीनो ॥३६॥

jiau khagaraaj baddo ahiraaj samaaj ke kaaT kataa kar leeno ||36||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਦੇਵੀ ਮਾਰੇ ਦੈਤ ਬਹੁ ਪ੍ਰਬਲ ਨਿਬਲ ਸੇ ਕੀਨ ॥

देवी मारे दैत बहु प्रबल निबल से कीन ॥

dhevee maare dhait bahu prabal nibal se keen ||

ਸਸਤ੍ਰ ਧਾਰਿ ਕਰਿ ਕਰਨ ਮੈ ਚਮੂੰ ਚਾਲ ਕਰਿ ਦੀਨ ॥੩੭॥

ससत्र धारि करि करन मै चमूँ चाल करि दीन ॥३७॥

sasatr dhaar kar karan mai chamoo(n) chaal kar dheen ||37||


ਭਜੀ ਚਮੂੰ ਮਹਖਾਸੁਰੀ ਤਕੀ ਸਰਨਿ ਨਿਜ ਈਸ ॥

भजी चमूँ महखासुरी तकी सरनि निज ईस ॥

bhajee chamoo(n) mahakhaasuree takee saran nij iees ||

ਧਾਇ ਜਾਇ ਤਿਨ ਇਉ ਕਹਿਓ ਹਨਿਓ ਪਦਮ ਭਟ ਬੀਸ ॥੩੮॥

धाइ जाइ तिन इउ कहिओ हनिओ पदम भट बीस ॥३८॥

dhai jai tin iau kahio hanio padham bhaT bees ||38||


ਸੁਨਿ ਮਹਖਾਸੁਰ ਮੂੜ ਮਤਿ ਮਨ ਮੈ ਉਠਿਓ ਰਿਸਾਇ ॥

सुनि महखासुर मूड़ मति मन मै उठिओ रिसाइ ॥

sun mahakhaasur mooR mat man mai uThio risai ||

ਆਗਿਆ ਦੀਨੀ ਸੈਨ ਕੋ ਘੇਰੋ ਦੇਵੀ ਜਾਇ ॥੩੯॥

आगिआ दीनी सैन को घेरो देवी जाइ ॥३९॥

aagiaa dheenee sain ko ghero dhevee jai ||39||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਬਾਤ ਸੁਨੀ ਪ੍ਰਭ ਕੀ ਸਭ ਸੈਨਹਿ ਸੂਰ ਮਿਲੇ ਇਕੁ ਮੰਤ੍ਰ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥

बात सुनी प्रभ की सभ सैनहि सूर मिले इकु मंत्र करिओ है ॥

baat sunee prabh kee sabh saineh soor mile ik ma(n)tr kario hai ||

ਜਾਇ ਪਰੇ ਚਹੂੰ ਓਰ ਤੇ ਧਾਇ ਕੈ ਠਾਟ ਇਹੈ ਮਨ ਮਧਿ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥

जाइ परे चहूँ ओर ते धाइ कै ठाट इहै मन मधि करिओ है ॥

jai pare chahoo(n) or te dhai kai ThaaT ihai man madh kario hai ||

ਮਾਰ ਹੀ ਮਾਰ ਪੁਕਾਰ ਪਰੇ ਅਸਿ ਲੈ ਕਰਿ ਮੈ ਦਲੁ ਇਉ ਬਿਹਰਿਓ ਹੈ ॥

मार ही मार पुकार परे असि लै करि मै दलु इउ बिहरिओ है ॥

maar hee maar pukaar pare as lai kar mai dhal iau bihario hai ||

ਘੇਰਿ ਲਈ ਚਹੂੰ ਓਰ ਤੇ ਚੰਡਿ ਸੁ ਚੰਦ ਮਨੋ ਪਰਵੇਖ ਪਰਿਓ ਹੈ ॥੪੦॥

घेरि लई चहूँ ओर ते चंडि सु चंद मनो परवेख परिओ है ॥४०॥

gher liee chahoo(n) or te cha(n)dd su cha(n)dh mano paravekh pario hai ||40||


ਦੇਖਿ ਚਮੂੰ ਮਹਖਾਸੁਰ ਕੀ ਕਰਿ ਚੰਡ ਕੁਵੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਧਰਿਓ ਹੈ ॥

देखि चमूँ महखासुर की करि चंड कुवंड प्रचंड धरिओ है ॥

dhekh chamoo(n) mahakhaasur kee kar cha(n)dd kuva(n)dd pracha(n)dd dhario hai ||

ਦਛਨ ਬਾਮ ਚਲਾਇ ਘਨੇ ਸਰ ਕੋਪ ਭਯਾਨਕ ਜੁਧੁ ਕਰਿਓ ਹੈ ॥

दछन बाम चलाइ घने सर कोप भयानक जुधु करिओ है ॥

dhachhan baam chalai ghane sar kop bhayaanak judh kario hai ||

ਭੰਜਨ ਭੇ ਅਰਿ ਕੇ ਤਨ ਤੇ ਛੁਟ ਸ੍ਰਉਨ ਸਮੂਹ ਧਰਾਨਿ ਪਰਿਓ ਹੈ ॥

भंजन भे अरि के तन ते छुट स्रउन समूह धरानि परिओ है ॥

bha(n)jan bhe ar ke tan te chhuT sraun samooh dharaan pario hai ||

ਆਠਵੋ ਸਿੰਧੁ ਪਚਾਯੋ ਹੁਤੋ ਮਨੋ ਯਾ ਰਨ ਮੈ ਬਿਧਿ ਨੇ ਉਗਰਿਓ ਹੈ ॥੪੧॥

आठवो सिंधु पचायो हुतो मनो या रन मै बिधि ने उगरिओ है ॥४१॥

aaThavo si(n)dh pachaayo huto mano yaa ran mai bidh ne ugario hai ||41||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਕੋਪ ਭਈ ਅਰਿ ਦਲ ਬਿਖੈ ਚੰਡੀ ਚਕ੍ਰ ਸੰਭਾਰਿ ॥

कोप भई अरि दल बिखै चंडी चक्र संभारि ॥

kop bhiee ar dhal bikhai cha(n)ddee chakr sa(n)bhaar ||

ਏਕ ਮਾਰਿ ਕੈ ਦ੍ਵੈ ਕੀਏ ਦ੍ਵੈ ਤੇ ਕੀਨੇ ਚਾਰ ॥੪੨॥

एक मारि कै द्वै कीए द्वै ते कीने चार ॥४२॥

ek maar kai dhavai ke'ee dhavai te keene chaar ||42||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਇਹ ਭਾਤਿ ਕੋ ਜੁਧੁ ਕਰਿਓ ਸੁਨਿ ਕੈ ਕਵਲਾਸ ਮੈ ਧਿਆਨ ਛੁਟਿਓ ਹਰਿ ਕਾ ॥

इह भाति को जुधु करिओ सुनि कै कवलास मै धिआन छुटिओ हरि का ॥

eeh bhaat ko judh kario sun kai kavalaas mai dhiaan chhuTio har kaa ||

ਪੁਨਿ ਚੰਡ ਸੰਭਾਰ ਉਭਾਰ ਗਦਾ ਧੁਨਿ ਸੰਖ ਬਜਾਇ ਕਰਿਓ ਖਰਕਾ ॥

पुनि चंड संभार उभार गदा धुनि संख बजाइ करिओ खरका ॥

pun cha(n)dd sa(n)bhaar ubhaar gadhaa dhun sa(n)kh bajai kario kharakaa ||

ਸਿਰ ਸਤ੍ਰਨਿ ਕੇ ਪਰ ਚਕ੍ਰ ਪਰਿਓ ਛੁਟਿ ਐਸੇ ਬਹਿਓ ਕਰਿ ਕੇ ਬਰ ਕਾ ॥

सिर सत्रनि के पर चक्र परिओ छुटि ऐसे बहिओ करि के बर का ॥

sir satran ke par chakr pario chhuT aaise bahio kar ke bar kaa ||

ਜਨੁ ਖੇਲ ਕੋ ਸਰਤਾ ਤਟਿ ਜਾਇ ਚਲਾਵਤ ਹੈ ਛਿਛਲੀ ਲਰਕਾ ॥੪੩॥

जनु खेल को सरता तटि जाइ चलावत है छिछली लरका ॥४३॥

jan khel ko sarataa taT jai chalaavat hai chhichhalee larakaa ||43||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਦੇਖ ਚਮੂੰ ਮਹਿਖਾਸੁਰੀ ਦੇਵੀ ਬਲਹਿ ਸੰਭਾਰਿ ॥

देख चमूँ महिखासुरी देवी बलहि संभारि ॥

dhekh chamoo(n) mahikhaasuree dhevee baleh sa(n)bhaar ||

ਕਛੁ ਸਿੰਘਹਿ ਕਛੁ ਚਕ੍ਰ ਸੋ ਡਾਰੇ ਸਭੈ ਸੰਘਾਰਿ ॥੪੪॥

कछु सिंघहि कछु चक्र सो डारे सभै संघारि ॥४४॥

kachh si(n)gheh kachh chakr so ddaare sabhai sa(n)ghaar ||44||


ਇਕ ਭਾਜੈ ਨ੍ਰਿਪ ਪੈ ਗਏ ਕਹਿਓ ਹਤੀ ਸਭ ਸੈਨ ॥

इक भाजै नृप पै गए कहिओ हती सभ सैन ॥

eik bhaajai nirap pai ge kahio hatee sabh sain ||

ਇਉ ਸੁਨਿ ਕੈ ਕੋਪਿਓ ਅਸੁਰ ਚੜਿ ਆਇਓ ਰਨ ਐਨ ॥੪੫॥

इउ सुनि कै कोपिओ असुर चड़ि आइओ रन ऐन ॥४५॥

eiau sun kai kopio asur chaR aaio ran aain ||45||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਜੂਝ ਪਰੀ ਸਭ ਸੈਨ ਲਖੀ ਜਬ ਤੌ ਮਹਖਾਸੁਰ ਖਗ ਸੰਭਾਰਿਓ ॥

जूझ परी सभ सैन लखी जब तौ महखासुर खग संभारिओ ॥

joojh paree sabh sain lakhee jab tau mahakhaasur khag sa(n)bhaario ||

ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਕੇ ਸਾਮੁਹਿ ਜਾਇ ਭਇਆਨਕ ਭਾਲਕ ਜਿਉ ਭਭਕਾਰਿਓ ॥

चंडि प्रचंड के सामुहि जाइ भइआनक भालक जिउ भभकारिओ ॥

cha(n)dd pracha(n)dd ke saamuh jai bhiaanak bhaalak jiau bhabhakaario ||

ਮੁਗਦਰੁ ਲੈ ਅਪਨੇ ਕਰਿ ਚੰਡਿ ਸੁ ਕੈ ਬਰਿ ਤਾ ਤਨ ਊਪਰਿ ਡਾਰਿਓ ॥

मुगदरु लै अपने करि चंडि सु कै बरि ता तन ऊपरि डारिओ ॥

mugadhar lai apane kar cha(n)dd su kai bar taa tan uoopar ddaario ||

ਜਿਉ ਹਨੂਮਾਨ ਉਖਾਰਿ ਪਹਾਰ ਕੋ ਰਾਵਨ ਕੇ ਉਰ ਭੀਤਰ ਮਾਰਿਓ ॥੪੬॥

जिउ हनूमान उखारि पहार को रावन के उर भीतर मारिओ ॥४६॥

jiau hanoomaan ukhaar pahaar ko raavan ke ur bheetar maario ||46||


ਫੇਰ ਸਰਾਸਨ ਕੋ ਗਹਿ ਕੈ ਕਰਿ ਬੀਰ ਹਨੇ ਤਿਨ ਪਾਨਿ ਨ ਮੰਗੇ ॥

फेर सरासन को गहि कै करि बीर हने तिन पानि न मंगे ॥

fer saraasan ko geh kai kar beer hane tin paan na ma(n)ge ||

ਘਾਇਲ ਘੂਮ ਪਰੇ ਰਨ ਮਾਹਿ ਕਰਾਹਤ ਹੈ ਗਿਰ ਸੇ ਗਜ ਲੰਗੇ ॥

घाइल घूम परे रन माहि कराहत है गिर से गज लंगे ॥

ghail ghoom pare ran maeh karaahat hai gir se gaj la(n)ge ||

ਸੂਰਨ ਕੇ ਤਨ ਕਉਚਨ ਸਾਥਿ ਪਰੇ ਧਰਿ ਭਾਉ ਉਠੇ ਤਹ ਚੰਗੇ ॥

सूरन के तन कउचन साथि परे धरि भाउ उठे तह चंगे ॥

sooran ke tan kauchan saath pare dhar bhaau uThe teh cha(n)ge ||

ਜਾਨੋ ਦਵਾ ਬਨ ਮਾਝ ਲਗੇ ਤਹ ਕੀਟਨ ਭਛ ਕੌ ਦਉਰੇ ਭੁਜੰਗੇ ॥੪੭॥

जानो दवा बन माझ लगे तह कीटन भछ कौ दउरे भुजंगे ॥४७॥

jaano dhavaa ban maajh lage teh keeTan bhachh kau dhaure bhuja(n)ge ||47||


ਕੋਪ ਭਰੀ ਰਨਿ ਚੰਡਿ ਪ੍ਰਚੰਡ ਸੁ ਪ੍ਰੇਰ ਕੇ ਸਿੰਘ ਧਸੀ ਰਨ ਮੈ ॥

कोप भरी रनि चंडि प्रचंड सु प्रेर के सिंघ धसी रन मै ॥

kop bharee ran cha(n)dd pracha(n)dd su prer ke si(n)gh dhasee ran mai ||

ਕਰਵਾਰ ਲੈ ਲਾਲ ਕੀਏ ਅਰਿ ਖੇਤਿ ਲਗੀ ਬੜਵਾਨਲ ਜਿਉ ਬਨ ਮੈ ॥

करवार लै लाल कीए अरि खेति लगी बड़वानल जिउ बन मै ॥

karavaar lai laal ke'ee ar khet lagee baRavaanal jiau ban mai ||

ਤਬ ਘੇਰਿ ਲਈ ਚਹੂੰ ਓਰ ਤੇ ਦੈਤਨ ਇਉ ਉਪਮਾ ਉਪਜੀ ਮਨ ਮੈ ॥

तब घेरि लई चहूँ ओर ते दैतन इउ उपमा उपजी मन मै ॥

tab gher liee chahoo(n) or te dhaitan iau upamaa upajee man mai ||

ਮਨੁ ਤੇ ਤਨੁ ਤੇਜੁ ਚਲਿਓ ਜਗ ਮਾਤ ਕੋ ਦਾਮਨਿ ਜਾਨ ਚਲੇ ਘਨ ਮੈ ॥੪੮॥

मनु ते तनु तेजु चलिओ जग मात को दामनि जान चले घन मै ॥४८॥

man te tan tej chalio jag maat ko dhaaman jaan chale ghan mai ||48||


ਫੂਟ ਗਈ ਧੁਜਨੀ ਸਗਰੀ ਅਸਿ ਚੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ਜਬੈ ਕਰਿ ਲੀਨੋ ॥

फूट गई धुजनी सगरी असि चंड प्रचंड जबै करि लीनो ॥

fooT giee dhujanee sagaree as cha(n)dd pracha(n)dd jabai kar leeno ||

ਦੈਤ ਮਰੈ ਨਹਿ ਬੇਖ ਕਰੈ ਬਹੁਤਉ ਬਰਬੰਡ ਮਹਾਬਲ ਕੀਨੋ ॥

दैत मरै नहि बेख करै बहुतउ बरबंड महाबल कीनो ॥

dhait marai neh bekh karai bahutau baraba(n)dd mahaabal keeno ||

ਚਕ੍ਰ ਚਲਾਇ ਦਇਓ ਕਰਿ ਤੇ ਸਿਰ ਸਤ੍ਰ ਕੋ ਮਾਰ ਜੁਦਾ ਕਰ ਦੀਨੋ ॥

चक्र चलाइ दइओ करि ते सिर सत्र को मार जुदा कर दीनो ॥

chakr chalai dhio kar te sir satr ko maar judhaa kar dheeno ||

ਸ੍ਰਉਨਤ ਧਾਰ ਚਲੀ ਨਭ ਕੋ ਜਨੁ ਸੂਰ ਕੋ ਰਾਮ ਜਲਾਜਲ ਦੀਨੋ ॥੪੯॥

स्रउनत धार चली नभ को जनु सूर को राम जलाजल दीनो ॥४९॥

sraunat dhaar chalee nabh ko jan soor ko raam jalaajal dheeno ||49||


ਸਬ ਸੂਰ ਸੰਘਾਰ ਦਏ ਤਿਹ ਖੇਤਿ ਮਹਾ ਬਰਬੰਡ ਪਰਾਕ੍ਰਮ ਕੈ ॥

सब सूर संघार दए तिह खेति महा बरबंड पराक्रम कै ॥

sab soor sa(n)ghaar dhe teh khet mahaa baraba(n)dd paraakram kai ||

ਤਹ ਸ੍ਰਉਨਤ ਸਿੰਧੁ ਭਇਓ ਧਰਨੀ ਪਰਿ ਪੁੰਜ ਗਿਰੇ ਅਸਿ ਕੈ ਧਮ ਕੈ ॥

तह स्रउनत सिंधु भइओ धरनी परि पुँज गिरे असि कै धम कै ॥

teh sraunat si(n)dh bhio dharanee par pu(n)j gire as kai dham kai ||

ਜਗ ਮਾਤ ਪ੍ਰਤਾਪ ਹਨੇ ਸੁਰ ਤਾਪ ਸੁ ਦਾਨਵ ਸੈਨ ਗਈ ਜਮ ਕੈ ॥

जग मात प्रताप हने सुर ताप सु दानव सैन गई जम कै ॥

jag maat prataap hane sur taap su dhaanav sain giee jam kai ||

ਬਹੁਰੋ ਅਰਿ ਸਿੰਧੁਰ ਕੇ ਦਲ ਪੈਠ ਕੈ ਦਾਮਿਨਿ ਜਿਉ ਦੁਰਗਾ ਦਮਕੈ ॥੫੦॥

बहुरो अरि सिंधुर के दल पैठ कै दामिनि जिउ दुरगा दमकै ॥५०॥

bahuro ar si(n)dhur ke dhal paiTh kai dhaamin jiau dhuragaa dhamakai ||50||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਜਬ ਮਹਖਾਸੁਰ ਮਾਰਿਓ ਸਬ ਦੈਤਨ ਕੋ ਰਾਜ ॥

जब महखासुर मारिओ सब दैतन को राज ॥

jab mahakhaasur maario sab dhaitan ko raaj ||

ਤਬ ਕਾਇਰ ਭਾਜੇ ਸਬੈ ਛਾਡਿਓ ਸਕਲ ਸਮਾਜ ॥੫੧॥

तब काइर भाजे सबै छाडिओ सकल समाज ॥५१॥

tab kair bhaaje sabai chhaaddio sakal samaaj ||51||


ਕਬਿਤੁ ॥

कबितु ॥

kabit ||

ਮਹਾਬੀਰ ਕਹਰੀ ਦੁਪਹਰੀ ਕੋ ਭਾਨੁ ਮਾਨੋ ਦੇਵਨ ਕੇ ਕਾਜ ਦੇਵੀ ਡਾਰਿਓ ਦੈਤ ਮਾਰਿ ਕੈ ॥

महाबीर कहरी दुपहरी को भानु मानो देवन के काज देवी डारिओ दैत मारि कै ॥

mahaabeer kaharee dhupaharee ko bhaan maano dhevan ke kaaj dhevee ddaario dhait maar kai ||

ਅਉਰ ਦਲੁ ਭਾਜਿਓ ਜੈਸੇ ਪਉਨ ਹੂੰ ਤੇ ਭਾਜੇ ਮੇਘ ਇੰਦ੍ਰ ਦੀਨੋ ਰਾਜ ਬਲੁ ਆਪਨੋ ਸੋ ਧਾਰਿ ਕੈ ॥

अउर दलु भाजिओ जैसे पउन हूँ ते भाजे मेघ इंद्र दीनो राज बलु आपनो सो धारि कै ॥

aaur dhal bhaajio jaise paun hoo(n) te bhaaje megh i(n)dhr dheeno raaj bal aapano so dhaar kai ||

ਦੇਸ ਦੇਸ ਕੇ ਨਰੇਸ ਡਾਰੈ ਹੈ ਸੁਰੇਸ ਪਾਇ ਕੀਨੋ ਅਭਖੇਕ ਸੁਰ ਮੰਡਲ ਬਿਚਾਰਿ ਕੈ ॥

देस देस के नरेस डारै है सुरेस पाइ कीनो अभखेक सुर मंडल बिचारि कै ॥

dhes dhes ke nares ddaarai hai sures pai keeno abhakhek sur ma(n)ddal bichaar kai ||

ਈਹਾ ਭਈ ਗੁਪਤਿ ਪ੍ਰਗਟਿ ਜਾਇ ਤਹਾ ਭਈ ਜਹਾ ਬੈਠੇ ਹਰਿ ਹਰਿਅੰਬਰਿ ਕੋ ਡਾਰਿ ਕੈ ॥੫੨॥

ईहा भई गुपति प्रगटि जाइ तहा भई जहा बैठे हरि हरिअंबरि को डारि कै ॥५२॥

e'eehaa bhiee gupat pragaT jai tahaa bhiee jahaa baiThe har haria(n)bar ko ddaar kai ||52||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਮਾਰਕੰਡੇ ਪੁਰਾਨੇ ਸ੍ਰੀ ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ ਮਹਖਾਸੁਰ ਬਧਹਿ ਨਾਮ ਦੁਤੀਆ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੨॥

इति स्री मारकंडे पुराने स्री चंडी चरित्र उकति बिलास महखासुर बधहि नाम दुतीआ धिआइ समापतम सतु सुभम सतु ॥२॥

eit sree maaraka(n)dde puraane sree cha(n)ddee charitr ukat bilaas mahakhaasur badheh naam dhuteeaa dhiaai samaapatam sat subham sat ||2||



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