Chandi Charitar Ukati Bilas,
ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ,
चंडी चरित्र उकति बिलास


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ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ॥

चंडी चरित्र ॥

cha(n)ddee charitr ||

ੴ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕੀ ਫਤਹ ॥

ੴ वाहिगुरू जी की फतह ॥

ikOankaar vaahiguroo jee kee fateh ||

ਸ੍ਰੀ ਭਗਉਤੀ ਜੀ ਸਹਾਇ ॥

स्री भगउती जी सहाइ ॥

sree bhagautee jee sahai ||

ਅਥ ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ ਲਿਖ੍ਯਤੇ ॥

अथ चंडी चरित्र उकति बिलास लिख्यते ॥

ath cha(n)ddee charitr ukat bilaas likhayate ||

ਪਾਤਿਸਾਹੀ ੧੦ ॥

पातिसाही १० ॥

paatisaahee 10 ||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਆਦਿ ਅਪਾਰ ਅਲੇਖ ਅਨੰਤ ਅਕਾਲ ਅਭੇਖ ਅਲੱਖ ਅਨਾਸਾ ॥

आदि अपार अलेख अनंत अकाल अभेख अलक्ख अनासा ॥

aadh apaar alekh ana(n)t akaal abhekh ala'kh anaasaa ||

ਕੈ ਸਿਵ ਸਕਤ ਦਏ ਸ੍ਰੁਤਿ ਚਾਰ ਰਜੋ ਤਮ ਸੱਤ ਤਿਹੂ ਪੁਰ ਬਾਸਾ ॥

कै सिव सकत दए स्रुति चार रजो तम सत्त तिहू पुर बासा ॥

kai siv sakat dhe srut chaar rajo tam sa't tihoo pur baasaa ||

ਦਿਉਸ ਨਿਸਾ ਸਸਿ ਸੂਰ ਕੈ ਦੀਪ ਸੁ ਸ੍ਰਿਸਟਿ ਰਚੀ ਪੰਚ ਤੱਤ ਪ੍ਰਕਾਸਾ ॥

दिउस निसा ससि सूर कै दीप सु सृसटि रची पंच तत्त प्रकासा ॥

dhiaus nisaa sas soor kai dheep su sirasaT rachee pa(n)ch ta't prakaasaa ||

ਬੈਰ ਬਢਾਇ ਲਰਾਇ ਸੁਰਾਸੁਰ ਆਪਹਿ ਦੇਖਤ ਬੈਠ ਤਮਾਸਾ ॥੧॥

बैर बढाइ लराइ सुरासुर आपहि देखत बैठ तमासा ॥१॥

bair baddai larai suraasur aapeh dhekhat baiTh tamaasaa ||1||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਕ੍ਰਿਪਾ ਸਿੰਧ ਤੁਮਰੀ ਕ੍ਰਿਪਾ ਜੋ ਕਛੁ ਮੋ ਪਰਿ ਹੋਇ ॥

कृपा सिंध तुमरी कृपा जो कछु मो परि होइ ॥

kirapaa si(n)dh tumaree kirapaa jo kachh mo par hoi ||

ਰਚੋ ਚੰਡਕਾ ਕੀ ਕਥਾ ਬਾਣੀ ਸੁਭ ਸਭ ਹੋਇ ॥੨॥

रचो चंडका की कथा बाणी सुभ सभ होइ ॥२॥

racho cha(n)ddakaa kee kathaa baanee subh sabh hoi ||2||


ਜੋਤ ਜਗਮਗੈ ਜਗਤਿ ਮੈ ਚੰਡ ਚਮੁੰਡ ਪ੍ਰਚੰਡ ॥

जोत जगमगै जगति मै चंड चमुँड प्रचंड ॥

jot jagamagai jagat mai cha(n)dd chamu(n)dd pracha(n)dd ||

ਭੁਜ ਦੰਡਨ ਦੰਡਨਿ ਅਸੁਰ ਮੰਡਨ ਭੁਇ ਨਵ ਖੰਡ ॥੩॥

भुज दंडन दंडनि असुर मंडन भुइ नव खंड ॥३॥

bhuj dha(n)ddan dha(n)ddan asur ma(n)ddan bhui nav kha(n)dd ||3||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਤਾਰਨ ਲੋਕ ਉਧਾਰਨ ਭੂਮਹਿ ਦੈਤ ਸੰਘਾਰਨ ਚੰਡ ਤੁਹੀ ਹੈ ॥

तारन लोक उधारन भूमहि दैत संघारन चंड तुही है ॥

taaran lok udhaaran bhoomeh dhait sa(n)ghaaran cha(n)dd tuhee hai ||

ਕਾਰਨ ਈਸ ਕਲਾ ਕਮਲਾ ਹਰਿ ਅਦ੍ਰਸੁਤਾ ਜਹ ਦੇਖੇ ਉਹੀ ਹੈ ॥

कारन ईस कला कमला हरि अद्रसुता जह देखे उही है ॥

kaaran iees kalaa kamalaa har adhrasutaa jeh dhekhe uhee hai ||

ਤਾਮਸਤਾ ਮਮਤਾ ਨਮਤਾ ਕਵਿਤਾ ਕਵਿ ਕੇ ਮਨ ਮੱਧਿ ਗੁਹੀ ਹੈ ॥

तामसता ममता नमता कविता कवि के मन मद्धि गुही है ॥

taamasataa mamataa namataa kavitaa kav ke man ma'dh guhee hai ||

ਕੀਨੋ ਹੈ ਕੰਚਨ ਲੋਹ ਜਗਤ੍ਰ ਮੈ ਪਾਰਸ ਮੂਰਤ ਜਾਇ ਛੁਹੀ ਹੈ ॥੪॥

कीनो है कंचन लोह जगत्र मै पारस मूरत जाइ छुही है ॥४॥

keeno hai ka(n)chan loh jagatr mai paaras moorat jai chhuhee hai ||4||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਪ੍ਰਮੁਦ ਕਰਨ ਸਭ ਭੈ ਹਰਨ ਨਾਮ ਚੰਡਕਾ ਜਾਸ ॥

प्रमुद करन सभ भै हरन नाम चंडका जास ॥

pramudh karan sabh bhai haran naam cha(n)ddakaa jaas ||

ਰਚੋ ਚਰਿਤ੍ਰ ਬਚਿਤ੍ਰ ਤੁਅ ਕਰੋ ਸਬੁੱਧਿ ਪ੍ਰਕਾਸ ॥੫॥

रचो चरित्र बचित्र तुअ करो सबुद्धि प्रकास ॥५॥

racho charitr bachitr tua karo sabu'dh prakaas ||5||


ਪੁਨਹਾ ॥

पुनहा ॥

punahaa ||

ਆਇਸ ਅਬ ਜੋ ਹੋਇ ਗ੍ਰੰਥ ਤਉ ਮੈ ਰਚੌ ॥

आइस अब जो होइ ग्रंथ तउ मै रचौ ॥

aais ab jo hoi gra(n)th tau mai rachau ||

ਰਤਨ ਪ੍ਰਮੁਦ ਕਰ ਬਚਨ ਚੀਨ ਤਾ ਮੈ ਗਚੌ ॥

रतन प्रमुद कर बचन चीन ता मै गचौ ॥

ratan pramudh kar bachan cheen taa mai gachau ||

ਭਾਖਾ ਸੁਭ ਸਭ ਕਰਹੋਂ ਧਰਿਹੋਂ ਕ੍ਰਿੱਤ ਮੈ ॥

भाखा सुभ सभ करहों धरिहों कृत्त मै ॥

bhaakhaa subh sabh karaho(n) dhariho(n) kira't mai ||

ਅਦਭੁਤ ਕਥਾ ਅਪਾਰ ਸਮਝ ਕਰਿ ਚਿੱਤ ਮੈ ॥੬॥

अदभुत कथा अपार समझ करि चित्त मै ॥६॥

adhabhut kathaa apaar samajh kar chi't mai ||6||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਤ੍ਰਾਸ ਕੁਟੰਬ ਕੇ ਹੁਇ ਕੈ ਉਦਾਸ ਅਵਾਸ ਕੋ ਤਿਆਗਿ ਬਸਿਓ ਬਨਰਾਈ ॥

त्रास कुटंब के हुइ कै उदास अवास को तिआगि बसिओ बनराई ॥

traas kuTa(n)b ke hui kai udhaas avaas ko tiaag basio banaraiee ||

ਨਾਮ ਸੁਰੱਥ ਮੁਨੀਸਰ ਬੇਖ ਸਮੇਤ ਸਮਾਦ ਸਮਾਧ ਲਗਾਈ ॥

नाम सुरत्थ मुनीसर बेख समेत समाद समाध लगाई ॥

naam sura'th muneesar bekh samet samaadh samaadh lagaiee ||

ਚੰਡ ਅਖੰਡ ਖੰਡੇ ਕਰ ਕੋਪ ਭਈ ਸੁਰ ਰੱਛਨ ਕੋ ਸਮੁਹਾਈ ॥

चंड अखंड खंडे कर कोप भई सुर रच्छन को समुहाई ॥

cha(n)dd akha(n)dd kha(n)dde kar kop bhiee sur ra'chhan ko samuhaiee ||

ਬੂਝਹੁ ਜਾਇ ਤਿਨੈ ਤੁਮ ਸਾਧ ਅਗਾਧਿ ਕਥਾ ਕਿਹ ਭਾਂਤਿ ਸੁਨਾਈ ॥੭॥

बूझहु जाइ तिनै तुम साध अगाधि कथा किह भाँति सुनाई ॥७॥

boojhahu jai tinai tum saadh agaadh kathaa keh bhaa(n)t sunaiee ||7||


ਤੋਟਕ ਛੰਦ ॥

तोटक छंद ॥

toTak chha(n)dh ||


ਮੁਨੀਸੁਰੋ ਵਾਚ ॥

मुनीसुरो वाच ॥

muneesuro vaach ||

ਹਰਿ ਸੋਇ ਰਹੈ ਸਜ ਸੈਨ ਤਹਾ ॥

हरि सोइ रहै सज सैन तहा ॥

har soi rahai saj sain tahaa ||

ਜਲ ਜਾਲ ਕਰਾਲ ਬਿਸਾਲ ਜਹਾ ॥

जल जाल कराल बिसाल जहा ॥

jal jaal karaal bisaal jahaa ||

ਭਯੋ ਨਾਭ ਸਰੋਜ ਤੇ ਬਿਸੁ ਕਰਤਾ ॥

भयो नाभ सरोज ते बिसु करता ॥

bhayo naabh saroj te bis karataa ||

ਸ੍ਰੁਤ ਮੈਲ ਤੇ ਦੈਤ ਰਚੇ ਜੁਗਤਾ ॥੮॥

स्रुत मैल ते दैत रचे जुगता ॥८॥

srut mail te dhait rache jugataa ||8||


ਮਧਿਕੈਟਭ ਨਾਮ ਧਰੇ ਤਿਨ ਕੇ ॥

मधिकैटभ नाम धरे तिन के ॥

madhikaiTabh naam dhare tin ke ||

ਅਤਿ ਦੀਰਘ ਦੇਹ ਭਏ ਜਿਨ ਕੇ ॥

अति दीरघ देह भए जिन के ॥

at dheeragh dheh bhe jin ke ||

ਤਿਨ ਦੇਖ ਲੁਕੇਸ ਡਰਿਓ ਹੀਅ ਮੈ ॥

तिन देख लुकेस डरिओ हीअ मै ॥

tin dhekh lukes ddario heea mai ||

ਜਗਮਾਤ ਕੋ ਧਿਆਨੁ ਧਰਯੋ ਜੀਅ ਮੈ ॥੯॥

जगमात को धिआनु धरयो जीअ मै ॥९॥

jagamaat ko dhiaan dharayo jeea mai ||9||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਛੁਟੀ ਚੰਡ ਜਾਗੇ ਬ੍ਰਹਮ ਕਰਿਓ ਜੁੱਧ ਕੋ ਸਾਜ ॥

छुटी चंड जागे ब्रहम करिओ जुद्ध को साज ॥

chhuTee cha(n)dd jaage braham kario ju'dh ko saaj ||

ਦੈਤ ਸਭੈ ਘਟਿ ਜਾਹਿ ਜਿਉ ਬਢੈ ਦੇਵਤਨ ਰਾਜ ॥੧੦॥

दैत सभै घटि जाहि जिउ बढै देवतन राज ॥१०॥

dhait sabhai ghaT jaeh jiau baddai dhevatan raaj ||10||


ਸ੍ਵੈਯਾ ॥

स्वैया ॥

savaiyaa ||

ਜੁੱਧ ਕਰਿਓ ਤਿਨ ਸੋਂ ਭਗਵੰਤ ਨ ਮਾਰ ਸਕੈ ਅਤਿ ਦੈਤ ਬਲੀ ਹੈ ॥

जुद्ध करिओ तिन सों भगवंत न मार सकै अति दैत बली है ॥

ju'dh kario tin so(n) bhagava(n)t na maar sakai at dhait balee hai ||

ਸਾਲ ਭਏ ਤਿਨ ਪੰਚ ਹਜਾਰ ਦੁਹੂੰ ਲਰਤੇ ਨਹਿ ਬਾਂਹ ਟਲੀ ਹੈ ॥

साल भए तिन पंच हजार दुहूँ लरते नहि बाँह टली है ॥

saal bhe tin pa(n)ch hajaar dhuhoo(n) larate neh baa(n)h Talee hai ||

ਦੈਤਨ ਰੀਝ ਕਹਿਓ ਬਰ ਮਾਂਗ ਕਹਿਓ ਹਰਿ ਸੀਸਨ ਦੇਹ ਭਲੀ ਹੈ ॥

दैतन रीझ कहिओ बर माँग कहिओ हरि सीसन देह भली है ॥

dhaitan reejh kahio bar maa(n)g kahio har seesan dheh bhalee hai ||

ਧਾਰਿ ਉਰੂ ਪਰਿ ਚਕ੍ਰ ਸੋਂ ਕਾਟ ਕੈ ਜੋਤਿ ਲੈ ਆਪਨੈ ਅੰਗ ਮਲੀ ਹੈ ॥੧੧॥

धारि उरू परि चक्र सों काट कै जोति लै आपनै अंग मली है ॥११॥

dhaar uroo par chakr so(n) kaaT kai jot lai aapanai a(n)g malee hai ||11||


ਸੋਰਠਾ ॥

सोरठा ॥

soraThaa ||

ਦੇਵਨ ਥਾਪਿਓ ਰਾਜ ਮਧੁਕੈਟਭ ਕੋ ਮਾਰਿ ਕੈ ॥

देवन थापिओ राज मधुकैटभ को मारि कै ॥

dhevan thaapio raaj madhukaiTabh ko maar kai ||

ਦੀਨੋ ਸਕਲ ਸਮਾਜ ਬੈਕੁੰਠ ਗਾਮੀ ਹਰਿ ਭਏ ॥੧੨॥

दीनो सकल समाज बैकुँठ गामी हरि भए ॥१२॥

dheeno sakal samaaj baiku(n)Th gaamee har bhe ||12||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਮਾਰਕੰਡੇ ਪੁਰਾਨੇ ਚੰਡੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਉਕਤਿ ਬਿਲਾਸ ਮਧਕੈਟਭ ਬਧਹਿ ਪ੍ਰਥਮ ਧਿਆਇ ॥੧॥

इति स्री मारकंडे पुराने चंडी चरित्र उकति बिलास मधकैटभ बधहि प्रथम धिआइ ॥१॥

eit sree maaraka(n)dde puraane cha(n)ddee charitr ukat bilaas madhakaiTabh badheh pratham dhiaai ||1||



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