Pt 5, Bachitar Natak (P:10),
ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ (ਪਾਤਿਸਾਹੀ 10),
बचित्र नाटक (पातिसाही 10)


200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates


Bani LangMeanings
ਪੰਜਾਬੀ ---
हिंदी ---
English ---
---

ਨਰਾਜ ਛੰਦ ॥

नराज छंद ॥

naraaj chha(n)dh ||


ਬਹੁਰ ਬਿਖਾਦ ਬਾਧਿਯੰ ॥

बहुर बिखाद बाधियं ॥

bahur bikhaadh baadhiya(n) ||

ਕਿਨੀ ਨ ਤਾਹਿ ਸਾਧਿਯੰ ॥

किनी न ताहि साधियं ॥

kinee na taeh saadhiya(n) ||

ਕਰੰਮ ਕਾਲ ਯੌਂ ਭਈ ॥

करंम काल यौं भई ॥

kara(n)m kaal yaua(n) bhiee ||

ਸੁ ਭੂਮਿ ਬੰਸ ਤੇ ਗਈ ॥੧॥

सु भूमि बंस ते गई ॥१॥

s bhoom ba(n)s te giee ||1||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਬਿਪ੍ਰ ਕਰਤ ਭਏ ਸੂਦ੍ਰ ਬ੍ਰਿਤਿ ਛਤ੍ਰੀ ਬੈਸਨ ਕਰਮ ॥

बिप्र करत भए सूद्र बृति छत्री बैसन करम ॥

bipr karat bhe soodhr birat chhatree baisan karam ||

ਬੈਸ ਕਰਤ ਭਏ ਛਤ੍ਰਿ ਬ੍ਰਿਤਿ ਸੂਦ੍ਰ ਸੁ ਦਿਜ ਕੋ ਧਰਮ ॥੨॥

बैस करत भए छतृ बृति सूद्र सु दिज को धरम ॥२॥

bais karat bhe chhatr birat soodhr su dhij ko dharam ||2||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਬੀਸ ਗਾਵ ਤਿਨ ਕੇ ਰਹਿ ਗਏ ॥

बीस गाव तिन के रहि गए ॥

bees gaav tin ke reh ge ||

ਜਿਨ ਮੋ ਕਰਤ ਕ੍ਰਿਸਾਨੀ ਭਏ ॥

जिन मो करत कृसानी भए ॥

jin mo karat kirasaanee bhe ||

ਬਹੁਤ ਕਾਲ ਇਹ ਭਾਂਤਿ ਬਿਤਾਯੋ ॥

बहुत काल इह भाँति बितायो ॥

bahut kaal ieh bhaa(n)t bitaayo ||

ਜਨਮ ਸਮੈ ਨਾਨਕ ਕੋ ਆਯੋ ॥੩॥

जनम समै नानक को आयो ॥३॥

janam samai naanak ko aayo ||3||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਤਿਨ ਬੇਦੀਅਨ ਕੀ ਕੁਲ ਬਿਖੈ ਪ੍ਰਗਟੇ ਨਾਨਕ ਰਾਇ ॥

तिन बेदीअन की कुल बिखै प्रगटे नानक राइ ॥

tin bedheean kee kul bikhai pragaTe naanak rai ||

ਸਭ ਸਿੱਖਨ ਕੋ ਸੁਖ ਦਏ ਜਹ ਤਹ ਭਏ ਸਹਾਇ ॥੪॥

सभ सिक्खन को सुख दए जह तह भए सहाइ ॥४॥

sabh si'khan ko sukh dhe jeh teh bhe sahai ||4||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਤਿਨ ਇਹ ਕਲ ਮੋ ਧਰਮੁ ਚਲਾਯੋ ॥

तिन इह कल मो धरमु चलायो ॥

tin ieh kal mo dharam chalaayo ||

ਸਭ ਸਾਧਨ ਕੋ ਰਾਹੁ ਬਤਾਯੋ ॥

सभ साधन को राहु बतायो ॥

sabh saadhan ko raahu bataayo ||

ਜੋ ਤਾਂ ਕੇ ਮਾਰਗ ਮਹਿ ਆਏ ॥

जो ताँ के मारग महि आए ॥

jo taa(n) ke maarag meh aae ||

ਤੇ ਕਬਹੂੰ ਨਹਿ ਪਾਪ ਸੰਤਾਏ ॥੫॥

ते कबहूँ नहि पाप संताए ॥५॥

te kabahoo(n) neh paap sa(n)taae ||5||


ਜੇ ਜੇ ਪੰਥ ਤਵਨ ਕੇ ਪਰੇ ॥

जे जे पंथ तवन के परे ॥

je je pa(n)th tavan ke pare ||

ਪਾਪ ਤਾਪ ਤਿਨ ਕੇ ਪ੍ਰਭ ਹਰੇ ॥

पाप ताप तिन के प्रभ हरे ॥

paap taap tin ke prabh hare ||

ਦੂਖ ਭੂਖ ਕਬਹੂੰ ਨ ਸੰਤਾਏ ॥

दूख भूख कबहूँ न संताए ॥

dhookh bhookh kabahoo(n) na sa(n)taae ||

ਜਾਲ ਕਾਲ ਕੇ ਬੀਚ ਨ ਆਏ ॥੬॥

जाल काल के बीच न आए ॥६॥

jaal kaal ke beech na aae ||6||


ਨਾਨਕ ਅੰਗਦ ਕੋ ਬਪੁ ਧਰਾ ॥

नानक अंगद को बपु धरा ॥

naanak a(n)gadh ko bap dharaa ||

ਧਰਮ ਪ੍ਰਚੁਰ ਇਹ ਜਗ ਮੋ ਕਰਾ ॥

धरम प्रचुर इह जग मो करा ॥

dharam prachur ieh jag mo karaa ||

ਅਮਰਦਾਸ ਪੁਨਿ ਨਾਮੁ ਕਹਾਯੋ ॥

अमरदास पुनि नामु कहायो ॥

amaradhaas pun naam kahaayo ||

ਜਨ ਦੀਪਕ ਤੇ ਦੀਪ ਜਗਾਯੋ ॥੭॥

जन दीपक ते दीप जगायो ॥७॥

jan dheepak te dheep jagaayo ||7||


ਜਬ ਬਰਦਾਨ ਸਮੈ ਵਹੁ ਆਵਾ ॥

जब बरदान समै वहु आवा ॥

jab baradhaan samai vahu aavaa ||

ਰਾਮਦਾਸ ਤਬ ਗੁਰੂ ਕਹਾਵਾ ॥

रामदास तब गुरू कहावा ॥

raamadhaas tab guroo kahaavaa ||

ਤਿਹ ਬਰਦਾਨ ਪੁਰਾਤਨ ਦੀਆ ॥

तिह बरदान पुरातन दीआ ॥

teh baradhaan puraatan dheeaa ||

ਅਮਰਦਾਸ ਸੁਰਪੁਰਿ ਮਗੁ ਲੀਆ ॥੮॥

अमरदास सुरपुरि मगु लीआ ॥८॥

amaradhaas surapur mag leeaa ||8||


ਸ੍ਰੀ ਨਾਨਕ ਅੰਗਦਿ ਕਰਿ ਮਾਨਾ ॥

स्री नानक अंगदि करि माना ॥

sree naanak a(n)gadh kar maanaa ||

ਅਮਰਦਾਸ ਅੰਗਦ ਪਹਿਚਾਨਾ ॥

अमरदास अंगद पहिचाना ॥

amaradhaas a(n)gadh pahichaanaa ||

ਅਮਰਦਾਸ ਰਾਮਦਾਸ ਕਹਾਯੋ ॥

अमरदास रामदास कहायो ॥

amaradhaas raamadhaas kahaayo ||

ਸਾਧਨਿ ਲਖਾ ਮੂੜ੍ਹ ਨਹਿ ਪਾਯੋ ॥੯॥

साधनि लखा मूड़्ह नहि पायो ॥९॥

saadhan lakhaa mooRh neh paayo ||9||


ਭਿੰਨ ਭਿੰਨ ਸਭਹੂੰ ਕਰ ਜਾਨਾ ॥

भिंन भिंन सभहूँ कर जाना ॥

bhi(n)n bhi(n)n sabhahoo(n) kar jaanaa ||

ਏਕ ਰੂਪ ਕਿਨਹੂੰ ਪਹਿਚਾਨਾ ॥

एक रूप किनहूँ पहिचाना ॥

ek roop kinahoo(n) pahichaanaa ||

ਜਿਨ ਜਾਨਾ ਤਿਨ ਹੀ ਸਿਧ ਪਾਈ ॥

जिन जाना तिन ही सिध पाई ॥

jin jaanaa tin hee sidh paiee ||

ਬਿਨ ਸਮਝੇ ਸਿਧ ਹਾਥਿ ਨ ਆਈ ॥੧੦॥

बिन समझे सिध हाथि न आई ॥१०॥

bin samajhe sidh haath na aaiee ||10||


ਰਾਮਦਾਸ ਹਰਿ ਸੋ ਮਿਲ ਗਏ ॥

रामदास हरि सो मिल गए ॥

raamadhaas har so mil ge ||

ਗੁਰਤਾ ਦੇਤ ਅਰਜਨਹਿ ਭਏ ॥

गुरता देत अरजनहि भए ॥

gurataa dhet arajaneh bhe ||

ਜਬ ਅਰਜਨ ਪ੍ਰਭੁ ਲੋਕ ਸਿਧਾਏ ॥

जब अरजन प्रभु लोक सिधाए ॥

jab arajan prabh lok sidhaae ||

ਹਰਿਗੋਬਿੰਦ ਤਿਹ ਠਾਂ ਠਹਿਰਾਏ ॥੧੧॥

हरिगोबिंद तिह ठाँ ठहिराए ॥११॥

harigobi(n)dh teh Thaa(n) Thahiraae ||11||


ਹਰਿਗੋਬਿੰਦ ਪ੍ਰਭ ਲੋਕ ਸਿਧਾਰੇ ॥

हरिगोबिंद प्रभ लोक सिधारे ॥

harigobi(n)dh prabh lok sidhaare ||

ਹਰੀਰਾਇ ਤਿਹ ਠਾਂ ਬੈਠਾਰੇ ॥

हरीराइ तिह ठाँ बैठारे ॥

hareerai teh Thaa(n) baiThaare ||

ਹਰੀਕ੍ਰਿਸਨ ਤਿਨ ਕੇ ਸੁਤ ਵਏ ॥

हरीकृसन तिन के सुत वए ॥

hareekirasan tin ke sut ve ||

ਤਿਨ ਤੇ ਤੇਗ ਬਹਾਦਰ ਭਏ ॥੧੨॥

तिन ते तेग बहादर भए ॥१२॥

tin te teg bahaadhar bhe ||12||


ਤਿਲਕ ਜੰਞੂ ਰਾਖਾ ਪ੍ਰਭ ਤਾ ਕਾ ॥

तिलक जंञू राखा प्रभ ता का ॥

tilak ja(n)n(j)oo raakhaa prabh taa kaa ||

ਕੀਨੋ ਬਡੋ ਕਲੂ ਮਹਿ ਸਾਕਾ ॥

कीनो बडो कलू महि साका ॥

keeno baddo kaloo meh saakaa ||

ਸਾਧਨ ਹੇਤਿ ਇਤੀ ਜਿਨਿ ਕਰੀ ॥

साधन हेति इती जिनि करी ॥

saadhan het itee jin karee ||

ਸੀਸੁ ਦੀਆ ਪਰੁ ਸੀ ਨ ਉਚਰੀ ॥੧੩॥

सीसु दीआ परु सी न उचरी ॥१३॥

sees dheeaa par see na ucharee ||13||


ਧਰਮ ਹੇਤ ਸਾਕਾ ਜਿਨਿ ਕੀਆ ॥

धरम हेत साका जिनि कीआ ॥

dharam het saakaa jin keeaa ||

ਸੀਸੁ ਦੀਆ ਪਰ ਸਿਰਰੁ ਨ ਦੀਆ ॥

सीसु दीआ पर सिररु न दीआ ॥

sees dheeaa par sirar na dheeaa ||

ਨਾਟਕ ਚੇਟਕ ਕੀਏ ਕੁਕਾਜਾ ॥

नाटक चेटक कीए कुकाजा ॥

naaTak cheTak ke'ee kukaajaa ||

ਪ੍ਰਭ ਲੋਗਨ ਕਹ ਆਵਤ ਲਾਜਾ ॥੧੪॥

प्रभ लोगन कह आवत लाजा ॥१४॥

prabh logan keh aavat laajaa ||14||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਠੀਕਰ ਫੋਰਿ ਦਿਲੀਸ ਸਿਰਿ ਪ੍ਰਭ ਪੁਰਿ ਕੀਯਾ ਪਯਾਨ ॥

ठीकर फोरि दिलीस सिरि प्रभ पुरि कीया पयान ॥

Theekar for dhilees sir prabh pur keeyaa payaan ||

ਤੇਗ ਬਹਾਦਰ ਸੀ ਕ੍ਰਿਆ ਕਰੀ ਨ ਕਿਨਹੂੰ ਆਨ ॥੧੫॥

तेग बहादर सी कृआ करी न किनहूँ आन ॥१५॥

teg bahaadhar see kriaa karee na kinahoo(n) aan ||15||


ਤੇਗ ਬਹਾਦਰ ਕੇ ਚਲਤ ਭਯੋ ਜਗਤ ਕੋ ਸੋਕ ॥

तेग बहादर के चलत भयो जगत को सोक ॥

teg bahaadhar ke chalat bhayo jagat ko sok ||

ਹੈ ਹੈ ਹੈ ਸਭ ਜਗ ਭਯੋ ਜੈ ਜੈ ਜੈ ਸੁਰ ਲੋਕ ॥੧੬॥

है है है सभ जग भयो जै जै जै सुर लोक ॥१६॥

hai hai hai sabh jag bhayo jai jai jai sur lok ||16||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ ਗ੍ਰੰਥੇ ਪਾਤਸ਼ਾਹੀ ਬਰਨਨੰ ਨਾਮ ਪੰਚਮੋ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤ ਮਸਤ ਸੁਭ ਮਸਤੁ ॥੫॥ਅਫਜੂ॥੨੧੫॥

इति स्री बचित्र नाटक ग्रंथे पातशाही बरननं नाम पंचमो धिआइ समापत मसत सुभ मसतु ॥५॥अफजू॥२१५॥

eit sree bachitr naaTak gra(n)the paatashaahee baranana(n) naam pa(n)chamo dhiaai samaapat masat subh masat ||5||afajoo||215||



200+ ਗੁਰਬਾਣੀ (ਪੰਜਾਬੀ) 200+ गुरबाणी (हिंदी) 200+ Gurbani (Eng) Sundar Gutka Sahib (Download PDF) Daily Updates