Pt 4, Bachitar Natak (P:10),
ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ (ਪਾਤਿਸਾਹੀ 10),
बचित्र नाटक (पातिसाही 10)


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ਭੁਜੰਗ ਪ੍ਰਯਾਤ ਛੰਦ ॥

भुजंग प्रयात छंद ॥

bhuja(n)g prayaat chha(n)dh ||


ਜਿਨੈ ਬੇਦ ਪਠਿਓ ਸੁ ਬੇਦੀ ਕਹਾਏ ॥

जिनै बेद पठिओ सु बेदी कहाए ॥

jinai bedh paThio su bedhee kahaae ||

ਤਿਨੈ ਧਰਮ ਕੇ ਕਰਮ ਨੀਕੇ ਚਲਾਏ ॥

तिनै धरम के करम नीके चलाए ॥

tinai dharam ke karam neeke chalaae ||

ਪਠੇ ਕਾਗਦੰ ਮੱਦ੍ਰ ਰਾਜਾ ਸੁਧਾਰੰ ॥

पठे कागदं मद्द्र राजा सुधारं ॥

paThe kaagadha(n) ma'dhr raajaa sudhaara(n) ||

ਆਪੋ ਆਪ ਮੋ ਬੈਰ ਭਾਵੰ ਬਿਸਾਰੰ ॥੧॥

आपो आप मो बैर भावं बिसारं ॥१॥

aapo aap mo bair bhaava(n) bisaara(n) ||1||


ਨ੍ਰਿਪੰ ਮੁਕਲਿਅੰ ਦੂਤ ਸੋ ਕਾਸਿ ਆਯੰ ॥

नृपं मुकलिअं दूत सो कासि आयं ॥

nirapa(n) mukalia(n) dhoot so kaas aaya(n) ||

ਸਬੈ ਬੇਦਿਯੰ ਭੇਦ ਭਾਖੇ ਸੁਨਾਯੰ ॥

सबै बेदियं भेद भाखे सुनायं ॥

sabai bedhiya(n) bhedh bhaakhe sunaaya(n) ||

ਸਬੈ ਬੇਦ ਪਾਠੀ ਚਲੇ ਮੱਦ੍ਰ ਦੇਸੰ ॥

सबै बेद पाठी चले मद्द्र देसं ॥

sabai bedh paaThee chale ma'dhr dhesa(n) ||

ਪ੍ਰਣਾਮੰ ਕੀਯੋ ਆਨ ਕੈ ਕੈ ਨਰੇਸੰ ॥੨॥

प्रणामं कीयो आन कै कै नरेसं ॥२॥

pranaama(n) keeyo aan kai kai naresa(n) ||2||


ਧੁਨੰ ਬੇਦ ਕੀ ਭੂਪ ਤਾਂ ਤੇ ਕਰਾਈ ॥

धुनं बेद की भूप ताँ ते कराई ॥

dhuna(n) bedh kee bhoop taa(n) te karaiee ||

ਸਬੈ ਪਾਸ ਬੈਠੇ ਸਭਾ ਬੀਚ ਭਾਈ ॥

सबै पास बैठे सभा बीच भाई ॥

sabai paas baiThe sabhaa beech bhaiee ||

ਪੜ੍ਹੇ ਸਾਮ ਬੇਦੰ ਜੁਜਰ ਬੇਦ ਕੱਥੰ ॥

पड़्हे साम बेदं जुजर बेद कत्थं ॥

paRhe saam bedha(n) jujar bedh ka'tha(n) ||

ਰਿਗੰ ਬੇਦ ਪਠਿਯੰ ਕਰੇ ਭਾਵ ਹੱਥੰ ॥੩॥

रिगं बेद पठियं करे भाव हत्थं ॥३॥

riga(n) bedh paThiya(n) kare bhaav ha'tha(n) ||3||


ਰਸਾਵਲ ਛੰਦ ॥

रसावल छंद ॥

rasaaval chha(n)dh ||


ਅਥਰ ਬੇਦ ਪੱਠਿਯੰ ॥

अथर बेद पट्ठियं ॥

athar bedh pa'Thiya(n) ||

ਸੁਣੇ ਪਾਪ ਨੱਠਿਯੰ ॥

सुणे पाप नट्ठियं ॥

sune paap na'Thiya(n) ||

ਰਹਾ ਰੀਝ ਰਾਜਾ ॥

रहा रीझ राजा ॥

rahaa reejh raajaa ||

ਦੀਯਾ ਸਰਬ ਸਾਜਾ ॥੪॥

दीया सरब साजा ॥४॥

dheeyaa sarab saajaa ||4||


ਲਯੋ ਬਨਬਾਸੰ ॥

लयो बनबासं ॥

layo banabaasa(n) ||

ਮਹਾਂ ਪਾਪ ਨਾਸੰ ॥

महाँ पाप नासं ॥

mahaa(n) paap naasa(n) ||

ਰਿਖੰ ਭੇਸ ਕੀਯੰ ॥

रिखं भेस कीयं ॥

rikha(n) bhes keeya(n) ||

ਤਿਸੈ ਰਾਜ ਦੀਯੰ ॥੫॥

तिसै राज दीयं ॥५॥

tisai raaj dheeya(n) ||5||


ਰਹੇ ਹੋਰਿ ਲੋਗੰ ॥

रहे होरि लोगं ॥

rahe hor loga(n) ||

ਤਜੇ ਸਰਬ ਸੋਗੰ ॥

तजे सरब सोगं ॥

taje sarab soga(n) ||

ਧਨੰ ਧਾਮ ਤਿਆਗੇ ॥

धनं धाम तिआगे ॥

dhana(n) dhaam tiaage ||

ਪ੍ਰਭੰ ਪ੍ਰੇਮ ਪਾਗੇ ॥੬॥

प्रभं प्रेम पागे ॥६॥

prabha(n) prem paage ||6||


ਅੜਿਲ ॥

अड़िल ॥

aRil ||

ਬੇਦੀ ਭਏ ਪ੍ਰਸੰਨ ਰਾਜ ਕਹ ਪਾਇ ਕੈ ॥

बेदी भए प्रसंन राज कह पाइ कै ॥

bedhee bhe prasa(n)n raaj keh pai kai ||

ਦੇਤ ਭਯੋ ਬਰਦਾਨ ਹੀਐ ਹੁਲਸਾਇ ਕੈ ॥

देत भयो बरदान हीऐ हुलसाइ कै ॥

dhet bhayo baradhaan heeaai hulasai kai ||

ਜਬ ਨਾਨਕ ਕਲਿ ਮੈ ਹਮ ਆਨ ਕਹਾਇਹੈਂ ॥

जब नानक कलि मै हम आन कहाइहैं ॥

jab naanak kal mai ham aan kahaihai(n) ||

ਹੋ ਜਗਤ ਪੂਜ ਕਰਿ ਤੋਹਿ ਪਰਮ ਪਦ ਪਾਇਹੈਂ ॥੭॥

हो जगत पूज करि तोहि परम पद पाइहैं ॥७॥

ho jagat pooj kar toh param padh paihai(n) ||7||


ਦੋਹਰਾ ॥

दोहरा ॥

dhoharaa ||

ਲਵੀ ਰਾਜ ਦੇ ਬਨ ਗਏ ਬੇਦੀਅਨ ਕੀਨੋ ਰਾਜ ॥

लवी राज दे बन गए बेदीअन कीनो राज ॥

lavee raaj dhe ban ge bedheean keeno raaj ||

ਭਾਂਤਿ ਭਾਂਤਿ ਤਿਨਿ ਭੋਗੀਯੰ ਭੂਅ ਕਾ ਸਕਲ ਸਮਾਜ ॥੮॥

भाँति भाँति तिनि भोगीयं भूअ का सकल समाज ॥८॥

bhaa(n)t bhaa(n)t tin bhogeeya(n) bhooa kaa sakal samaaj ||8||


ਚੌਪਈ ॥

चौपई ॥

chauapiee ||

ਤ੍ਰਿਤੀਅ ਬੇਦ ਸੁਨਬੋ ਤੁਮ ਕੀਆ ॥

तृतीअ बेद सुनबो तुम कीआ ॥

tirateea bedh sunabo tum keeaa ||

ਚਤੁਰ ਬੇਦ ਸੁਨਿ ਭੂਅ ਕੋ ਦੀਆ ॥

चतुर बेद सुनि भूअ को दीआ ॥

chatur bedh sun bhooa ko dheeaa ||

ਤੀਨ ਜਨਮ ਹਮਹੂੰ ਜਬ ਧਰਿਹੈਂ ॥

तीन जनम हमहूँ जब धरिहैं ॥

teen janam hamahoo(n) jab dharihai(n) ||

ਚਉਥੇ ਜਨਮ ਗੁਰੂ ਤੁਹਿ ਕਰਿਹੈਂ ॥੯॥

चउथे जनम गुरू तुहि करिहैं ॥९॥

chauthe janam guroo tuh karihai(n) ||9||


ਉਤ ਰਾਜਾ ਕਾਨਨਹਿ ਸਿਧਾਯੋ ॥

उत राजा काननहि सिधायो ॥

aut raajaa kaananeh sidhaayo ||

ਇਤ ਇਨ ਰਾਜ ਕਰਤ ਸੁਖ ਪਾਯੋ ॥

इत इन राज करत सुख पायो ॥

eit in raaj karat sukh paayo ||

ਕਹਾ ਲਗੇ ਕਰਿ ਕਥਾ ਸੁਨਾਊਂ ॥

कहा लगे करि कथा सुनाऊं ॥

kahaa lage kar kathaa sunaauoo(n) ||

ਗ੍ਰੰਥ ਬਢਨ ਤੇ ਅਧਿਕ ਡਰਾਊਂ ॥੧੦॥

ग्रंथ बढन ते अधिक डराऊं ॥१०॥

gra(n)th baddan te adhik ddaraauoo(n) ||10||


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ ਗ੍ਰੰਥੇ ਬੇਦ ਪਾਠ ਭੇਟ ਰਾਜ ਚਤੁਰਥ ਧਿਆਇ ਸਮਾਪਤ ਮਸਤੁ ਸੁਭ ਮਸਤੁ ॥੪॥ਅਫਜੂ॥੧੯੯॥

इति स्री बचित्र नाटक ग्रंथे बेद पाठ भेट राज चतुरथ धिआइ समापत मसतु सुभ मसतु ॥४॥अफजू॥१९९॥

eit sree bachitr naaTak gra(n)the bedh paaTh bheT raaj chaturath dhiaai samaapat masat subh masat ||4||afajoo||199||



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