रामकली सदु (बाबा सुंदर जी), Ramkali Sadd (Baba Sundar ji) Path in Hindi Gurbani online


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रामकली सदु
ੴ सतिगुर प्रसादि ॥

जगि दाता सोइ भगति वछलु तिहु लोइ जीउ ॥ गुर सबदि समावए अवरु न जाणै कोइ जीउ ॥ अवरो न जाणहि सबदि गुर कै एकु नामु धिआवहे ॥ परसादि नानक गुरू अंगद परम पदवी पावहे ॥ आइआ हकारा चलणवारा हरि राम नामि समाइआ ॥ जगि अमरु अटलु अतोलु ठाकुरु भगति ते हरि पाइआ ॥१॥

हरि भाणा गुर भाइआ गुरु जावै हरि प्रभ पासि जीउ ॥ सतिगुरु करे हरि पहि बेनती मेरी पैज रखहु अरदासि जीउ ॥ पैज राखहु हरि जनह केरी हरि देहु नामु निरंजनो ॥ अंति चलदिआ होइ बेली जमदूत कालु निखंजनो ॥ सतिगुरू की बेनती पाई हरि प्रभि सुणी अरदासि जीउ ॥ हरि धारि किरपा सतिगुरु मिलाइआ धनु धनु कहै साबासि जीउ ॥२॥

मेरे सिख सुणहु पुत भाईहो मेरै हरि भाणा आउ मै पासि जीउ ॥ हरि भाणा गुर भाइआ मेरा हरि प्रभु करे साबासि जीउ ॥ भगतु सतिगुरु पुरखु सोई जिसु हरि प्रभ भाणा भावए ॥ आनंद अनहद वजहि वाजे हरि आपि गलि मेलावए ॥ तुसी पुत भाई परवारु मेरा मनि वेखहु करि निरजासि जीउ ॥ धुरि लिखिआ परवाणा फिरै नाही गुरु जाइ हरि प्रभ पासि जीउ ॥३॥

सतिगुरि भाणै आपणै बहि परवारु सदाइआ ॥ मत मै पिछै कोई रोवसी सो मै मूलि न भाइआ ॥ मितु पैझै मितु बिगसै जिसु मित की पैज भावए ॥ तुसी वीचारि देखहु पुत भाई हरि सतिगुरू पैनावए ॥ सतिगुरू परतखि होदै बहि राजु आपि टिकाइआ ॥ सभि सिख बंधप पुत भाई रामदास पैरी पाइआ ॥४॥

अंते सतिगुरु बोलिआ मै पिछै कीरतनु करिअहु निरबाणु जीउ ॥ केसो गोपाल पंडित सदिअहु हरि हरि कथा पड़हि पुराणु जीउ ॥ हरि कथा पड़ीऐ हरि नामु सुणीऐ बेबाणु हरि रंगु गुर भावए ॥ पिंडु पतलि किरिआ दीवा फुल हरि सरि पावए ॥ हरि भाइआ सतिगुरु बोलिआ हरि मिलिआ पुरखु सुजाणु जीउ ॥ रामदास सोढी तिलकु दीआ गुर सबदु सचु नीसाणु जीउ ॥५॥

सतिगुरु पुरखु जि बोलिआ गुरसिखा मंनि लई रजाइ जीउ ॥ मोहरी पुतु सनमुखु होइआ रामदासै पैरी पाइ जीउ ॥ सभ पवै पैरी सतिगुरू केरी जिथै गुरू आपु रखिआ ॥ कोई करि बखीली निवै नाही फिरि सतिगुरू आणि निवाइआ ॥ हरि गुरहि भाणा दीई वडिआई धुरि लिखिआ लेखु रजाइ जीउ ॥ कहै सुंदरु सुणहु संतहु सभु जगतु पैरी पाइ जीउ ॥६॥१॥


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