राग बिलावलु मंगल - बाणी शब्द, Raag Bilaval Mangal - Bani Quotes Shabad Path in Hindi Gurbani online


100+ गुरबाणी पाठ (हिंदी) सुन्दर गुटका साहिब (Download PDF) Daily Updates


(गुरू रामदास जी -- SGGS 844) छंत बिलावलु महला ४ मंगल
ੴ सतिगुर प्रसादि ॥
मेरा हरि प्रभु सेजै आइआ मनु सुखि समाणा राम ॥ गुरि तुठै हरि प्रभु पाइआ रंगि रलीआ माणा राम ॥ वडभागीआ सोहागणी हरि मसतकि माणा राम ॥ हरि प्रभु हरि सोहागु है नानक मनि भाणा राम ॥१॥

निमाणिआ हरि माणु है हरि प्रभु हरि आपै राम ॥ गुरमुखि आपु गवाइआ नित हरि हरि जापै राम ॥ मेरे हरि प्रभ भावै सो करै हरि रंगि हरि रापै राम ॥ जनु नानकु सहजि मिलाइआ हरि रसि हरि ध्रापै राम ॥२॥

माणस जनमि हरि पाईऐ हरि रावण वेरा राम ॥ गुरमुखि मिलु सोहागणी रंगु होइ घणेरा राम ॥ जिन माणस जनमि न पाइआ तिन्ह भागु मंदेरा राम ॥ हरि हरि हरि हरि राखु प्रभ नानकु जनु तेरा राम ॥३॥

गुरि हरि प्रभु अगमु द्रिड़ाइआ मनु तनु रंगि भीना राम ॥ भगति वछलु हरि नामु है गुरमुखि हरि लीना राम ॥ बिनु हरि नाम न जीवदे जिउ जल बिनु मीना राम ॥ सफल जनमु हरि पाइआ नानक प्रभि कीना राम ॥४॥१॥३॥

(गुरू अर्जन देव जी -- SGGS 847) बिलावलु महला ५ छंत मंगल
ੴ सतिगुर प्रसादि ॥
सलोकु ॥
सुंदर सांति दइआल प्रभ सरब सुखा निधि पीउ ॥ सुख सागर प्रभ भेटिऐ नानक सुखी होत इहु जीउ ॥१॥

(गुरू अर्जन देव जी -- SGGS 848) छंत ॥
सुख सागर प्रभु पाईऐ जब होवै भागो राम ॥ माननि मानु वञाईऐ हरि चरणी लागो राम ॥ छोडि सिआनप चातुरी दुरमति बुधि तिआगो राम ॥ नानक पउ सरणाई राम राइ थिरु होइ सुहागो राम ॥१॥

सो प्रभु तजि कत लागीऐ जिसु बिनु मरि जाईऐ राम ॥ लाज न आवै अगिआन मती दुरजन बिरमाईऐ राम ॥ पतित पावन प्रभु तिआगि करे कहु कत ठहराईऐ राम ॥ नानक भगति भाउ करि दइआल की जीवन पदु पाईऐ राम ॥२॥

स्री गोपालु न उचरहि बलि गईए दुहचारणि रसना राम ॥ प्रभु भगति वछलु नह सेवही काइआ काक ग्रसना राम ॥ भ्रमि मोही दूख न जाणही कोटि जोनी बसना राम ॥ नानक बिनु हरि अवरु जि चाहना बिसटा क्रिम भसमा राम ॥३॥

लाइ बिरहु भगवंत संगे होइ मिलु बैरागनि राम ॥ चंदन चीर सुगंध रसा हउमै बिखु तिआगनि राम ॥ ईत ऊत नह डोलीऐ हरि सेवा जागनि राम ॥ नानक जिनि प्रभु पाइआ आपणा सा अटल सुहागनि राम ॥४॥१॥४॥


100+ गुरबाणी पाठ (हिंदी) सुन्दर गुटका साहिब (Download PDF) Daily Updates